Media24Media.com: वृक्ष सम्पदा योजना

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सीएम भूपेश बघेल ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का किया शुभारंभ

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रायपुर। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजनावाणिज्यिक वृक्षारोपण करने वाले हितग्राहियों के लिए आर्थिक दृष्टि से, पर्यावरण, सॉइल हेल्थ की दृष्टि से महत्वपूर्ण योजना साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि बस्तर और सरगुजा के लोगों ने जहां प्रदेश में सर्वाधिक वन हैं, वृक्षारोपण की इस योजना में गहरी रूचि दिखाई है। मैदानी इलाके के दुर्ग और रायपुर संभाग में हितग्राहियों ने कम रूचि दिखाई है। जबकि यहां वृक्षों की ज्यादा जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुर्ग और रायपुर संभाग में इस योजना को व्यापक प्रचार-प्रसार कर योजना से होने वाले लाभों की जानकारी लोगों को दी जाए, ताकि इस क्षेत्र में भी वृक्षारोपण को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगल और यहां की जैव विविधता छत्तीसगढ़ की पहचान है। हमारी कला, संस्कृति, परम्पराएं, दर्शन, चिंतन, आध्यात्म, इतिहास सब कुछ हमारे जंगलों से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ के वन पूरे देश की धरोहर है। इन वनों से पूरे देश का पर्यावरण जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि हमारे जंगल बचे रहे, हमारा पर्यावरण बचा रहे, जंगल से जुड़ी हमारी गौरवशाली संस्कृति बची रहे और खूब फले-फूले इस दिशा में बीते चार वर्षों के दौरान हमारी सरकार ने लगातार काम किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि यह योजना देश में एक अनूठी योजना है, जिसमें वाणिज्यिक प्रजातियों का वृक्षारोपण कर निजी व्यक्ति, संस्था अथवा कम्पनियों के माध्यम से अधिकाधिक लाभ कमा सकते हैं। यह केवल वृक्षारोपण की योजना न होकर देश के जलवायु परिवर्तन की दिशा में भी हमारी सहभागिता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना में सभी वर्ग के इच्छुक किसानों की पड़त भूमि में वाणिज्यिक वृक्षारोपण होगा। योजना के तहत 33 जिलों के 23 हजार 600 किसानों द्वारा 36 हजार 230 एकड़ में वृक्षारोपण किया जाएगा। योजना से किसानों को सालाना प्रति एकड़ 15 से 50 हजार रूपए तक की आय होगी। इसके अलावा कार्बन क्रेडिट के माध्यम से भी किसानों को अतिरिक्त आय होगी।

वन एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वन संपदा की दृष्टि से बहुत समृद्ध राज्य है। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के माध्यम से अगले 5 वर्षों में 1 लाख 80 हजार एकड़ में वृक्षारोपण किया जाएगा। यह योजना हितग्राहियों की आय में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण योजना है। योजना में 5 एकड़ में वाणिज्यिक वृक्षारोपण करने वाले हितग्राहियों को शतप्रतिशत अनुदान तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि पर वृक्षारोपण करने वाले हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का लाभ किसान, इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय, अर्ध शासकीय एवं शासन के स्वायत्त संस्थाएं, निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, पंचायत तथा भूमि अनुबंध धारक उठा सकते हैं। छत्तीसगढ़ में योजना के तहत इस वर्ष 12 प्रकार की प्रजाति के वृक्ष का रोपण किया जाएगा। इनमें क्लोनल यूकलिप्टस, रूटशूट टीक, टिश्यू कल्चर, चंदन, मेलिया दुबिया, सामान्य बांस, टिश्यू कल्चर बम्बू, रक्त चंदन, आंवला, खमार, शीशम तथा महानीम आदि के पौधे रोपे जाएंगे।

मोबाईल एप का लोकार्पण

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक वन संसाधन अधिकार जारी करने की प्रक्रिया को ट्रेक करने हेतु मोबाइल एप का लोकार्पण भी किया। इस मोबाइल एप के उपयोग से सामुदायिक वन संसाधन अधिकार प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया सरलीकृत होगी। सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के आवेदन से लेकर अधिकार प्राप्ति तक 12 स्तर की प्रक्रिया है तथा 18 प्रपत्रों में जानकारी भरी जाती है। मोबाइल एप के माध्यम से अधिकार प्राप्त करने की प्रक्रिया का मॉनिटरिंग भी की जा सकती है।

नेशनल टांजिट परमिट सिस्टम लॉन्च

मुख्यमंत्री बघेल ने वन विभाग द्वारा वनोपज के परिवहन हेतु तैयार कराए गए नेशनल ट्रांजिट परिमिट सिस्टम को लॉन्च किया। इस सुविधा के अंतर्गत आवेदक ट्रांजिट परमिट के लिए ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं तथा वन विभाग ऑनलाईन ट्रांजिट परमिट जारी करेगा। अंतरराज्यीय सीमा में नये टी.पी. की आवश्यकता नहीं होगी। मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल एवं जम्मू कश्मीर के बाद छत्तीसगढ़ एनटीपीएस योजना को लागू करने वाला चौथा राज्य बन गया है।

सकरी नदी पुनर्जीवन कार्यक्रम का शुभारंभ

मुख्यमंत्री कार्यक्रम में कवर्धा जिले के सकरी नदी को संरक्षित करने तथा नदी का बहाव अपने पूर्ण क्षमता पर लाने के उद्देश्य से वृक्षारोपण के माध्यम से सकरी नदी पुनर्जीवन कार्यक्रम की शुरूआत की। जिसके तहत वन एवं राजस्व भूमि में नदी तट वृक्षारोपण कार्य, निजी भूमि में मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना के अंतर्गत वृक्षारोपण, वन क्षेत्रों में नरवा योजना के अंतर्गत कैम्पा मद से जल एवं मृदा संरक्षण कार्य तथा राजस्व क्षेत्र में मनरेगा अंतर्गत रोपण एवं संरचानाओं का निर्माण किया जाएगा।

इस एकीकृत परियोजना से कर्वधा जिले में किसानों को घरेलू उपयोग तथा कृषि के लिए सिंचाई हेतु पर्याप्त पानी उपलब्ध होगी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अपर प्रबंध संचालक अनिल राय सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, फाउंडेशन फार इकोलॉजिक सिक्यूरटी स्टेट लीडर सुश्री नमिता मिश्रा और सीनियर प्रोग्राम मैनेजर डॉ. मंजीत बल भी उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना के हितग्राहियों से की चर्चा

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रायपुर। कांकेर वन मंडल के तुएगहन गांव के राजूराम उसेंडी ने मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए बताया कि आज उनकी एक एकड़ भूमि में टिशु कल्चर सागौन के 250 पौधों का रोपण किया गया है। मुख्यमंत्री के पूछने पर उन्होंने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि 12 वर्ष में सागौन के वृक्ष तैयार होंगे और उन्हें 24 से 26 लाख रुपए की आमदनी होगी। उसेंडी ने बताया कि पहले वे अपनी 1 एकड़ जमीन में धान लगाते थे, जिसमें 3 से 4 क्विंटल धान का उत्पादन होता था। सिंचाई के बारे में उन्होंने बताया कि उनके खेत में बोर भी है, जल्द ही वे ड्रिप सिंचाई की व्यवस्था करेंगे।

बलरामपुर वन मंडल राधा नगर के अभिषेक दुबे ने बताया कि उन्होंने 2 एकड़ में टिशू कल्चर सागौन के 500 पौधों का रोपण किया है। पहले वह सरसों की फसल लेते थे। सरगुजा वन मंडल के सखौली गांव की श्रीमती प्रमिला सिंह ने बताया कि उन्होंने 2 एकड़ में चंदन के 320 पौधे लगाए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सरगुजा की जलवायु चंदन के लिए अनुकूल है। बीजापुर वन मंडल के मंगालूर गांव के मंगल राम राणा ने बताया कि उन्होंने 5 एकड़ खाली जमीन में 1250 टिशु कल्चर सागौन के पौधे लगाए हैं।

इसी तरह कवर्धा वनमंडल के अमरौदी गांव के मोहम्मद हसीम खान ने बताया कि उन्होंने 2 एकड़ में टिशु कल्चर सागौन के 550 पौधे और बोककरखार के सुखलाल धुर्वे ने बताया कि उन्होंने एक एकड़ में क्लोन नीलगिरी  के 900 पौधे लगाए हैं। राजनवागांव के जलेश्वर पाली ने बताया कि उन्होंने 2 एकड़ में टिशु कल्चर सागौन के 500 पौधे रोपे हैं। रायपुर वनमण्डल के सरोना के डॉ मढरिया ने बताया उन्होंने 7 एकड़ में 1250 टिशु कल्चर सागौन के पौधे लगाए हैं। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान इस योजना को आमदनी और पर्यावरण की दृष्टि से अच्छी योजना बताया।

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का वर्चुअल शुभारंभ आज

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अम्बिकापुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर ‘‘मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना’’ का वर्चुअल शुभारंभ 21 फरवरी 2023 को किया जाएगा। जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सखौली अंतर्गत ग्राम पोड़िपा में प्रातः 11 बजे से किया गया है।

कार्यक्रम के की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया करेंगे एवं वन मंत्री मोहम्मद अकबर, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, लुण्ड्रा विधायक डॉ प्रीतम राम, खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा बोर्ड के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, बीस सूत्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद, महापौर डॉ अजय तिर्की, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह, उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव, अपेक्स बैंक के संचालक अजय बंसल, राज्य मदरसा बोर्ड उपाध्यक्ष इरफान सिद्धिकी,

राज्य गौ-सेवा आयोग के सदस्य अटल बिहारी यादव, छत्तीसगढ़ तेल घानी बोर्ड के सदस्य लक्ष्मी गुप्ता, राज्य बीज प्रमाणिकरण बोर्ड के सदस्य अरविंद गुप्ता, राज्य कृषक कल्याण परिषद के सदस्य संजय गुप्ता, राज्य उर्दू एकादमी के सदस्य बदरूद्दीन एराकी, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती नीता विश्वकर्मा, राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य अमृत टोप्पो, जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता, वन स्थायी श्रीमती के सभापति अनिमा केरकेट्टा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

वन मंडलाधिकारी पंकज कमल ने बताया है कि शुभारम्भ अवसर पर जिले के 30 किसानों की 94 एकड़ भूमि जिसमें सिंचाई सुविधा उपलब्ध है में रोपण किया जाएगा। शेष भूमि में वर्षा ऋतु के समय रोपण किया जाएगा। उन्होंने बताया है कि अब तक जिले में 600 हितग्राहियों के 1 हजार 29 एकड़ भूमि में रोपण हेतु चयन किया गया है। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का मुख्य उद्देश्य वाणिज्यिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देना है। इसके तहत राज्य के सभी कृषकों, शासकीय, गैर शासकीय, अर्द्धशासकीय, पंचायतें अथवा स्वायत्व संस्थानों की भूमि पर वाणिज्यिक प्रजातियों के वृक्षारोपण उपरांत सहयोगी संस्था,

निजी कंपनियों के माध्यम से निर्धारित समर्थन मूल्य पर वनोपज के क्रय की व्यवस्था करते हुए एक सुदृढ़ बाजार व्यवस्था आदि सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना अंतर्गत समस्त वर्ग के सभी इच्छुक भूमि स्वामी पात्र होंगे। इसके अलावा शासकीय, अर्द्धशासकीय तथा शासन के स्वायत्त संस्थान जो अपने स्वयं के भूमि पर रोपण करना चाहते हैं, पात्र होंगे। इसी तरह निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, गैर शासकीय संस्थाएं, पंचायतें, भूमि अनुबंध धारक, जो अपने भूमि में रोपण करना चाहते हैं, वे पात्र होंगे। योजना के तहत टिशू कल्चर सागौन, टिशू कल्चर बांस, मिलिया डूबिया, चंदन एवं क्लोनल नीलगिरी के पौधों का रोपण किया जाएगा। 5 एकड़ तक के वृक्षारोपण में शत प्रतिशत तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि पर वृक्षारोपण हेतु 50 प्रतिशत अनुदान शासन द्वारा दिया जाएगा।


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