Media24Media.com: वृक्ष संपदा योजना

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‘रैली फॉर रिवर्स‘ अभियान द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की ‘मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना‘ की सराहना

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ में किसानों की आय में बढ़ोत्तरी और पर्यावरण सुधार के उद्देश्य से प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजनाकी सराहना रैली फॉर रिवर्सअभियान द्वारा की गई है। रैली फॉर रिवर्सईशा फाउंडेशन के सद्गुरू जग्गी वासुदेव द्वारा देश की नदियों की दुर्दशा के बारे में जन जागरूकता पैदा करने और शासन की नीतियों को नदियों के संरक्षण के उद्देश्य से बदलने के लिए लोगों का समर्थन प्राप्त करने के लिए प्रारंभ किया गया अभियान है।

रैली फॉर रिवर्सअभियान ने मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजनाप्रारंभ करने के लिए ट्वीट कर छत्तीसगढ़ सरकार को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। रैली फॉर रिवर्सने ट्वीट में लिखा है कि किसानों की आमदनी में बढ़ोत्तरी के लिए बड़े पैमाने पर खेतों  की जमीन पर वाणिज्यिक वृक्षरोपण की इस अद्भुद पहल और बड़े नीतिगत फैसले के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ के किसानों को शुभकामनाएं। वृक्ष आधारित कृषि मृदा को सुरक्षित रखती है।

रैली फॉर रिवर्सने अपने ट्वीट के साथ मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के शुभारंभ के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जारी किए गए इस योजना पर आधारित विज्ञापन को भी टैग किया है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री वृ़क्ष संपदा योजनाबड़े पैमाने पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देने का राष्ट्रीय स्तर पर पहला बड़ा अभियान है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर 21 मार्च को इस योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ में पांच वर्षों में एक लाख 80 हजार एकड़ निजी भूमि में चिन्हित प्रजातियों के 15 करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य है।

अब तक प्रदेश के 23 हजार 600 किसानों ने 36 हजार 230 एकड़ जमीन पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण के लिए पंजीयन कराया है। इस योजना के माध्यम से किसानों को सालाना प्रति एकड़ 15 से 50 हजार रूपए तक की आय होने का अनुमान है। इसके अलावा कार्बन क्रेडिट के माध्यम से भी किसानों को आमदनी होगी। इस योजना में पांच एकड़ में वाणिज्यिक वृक्षारोपण करने वाले हितग्राहियों को शतप्रतिशत अनुदान तथा पांच एकड़ से अधिक वृक्षारोपण करने वाले हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजनामें पहली बार चिन्हित प्रजातियों के वृक्षों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की गारंटी भी दी गई है। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का लाभ किसान, इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय, अर्ध शासकीय एवं शासन के स्वायत्त संस्थाएं, निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, पंचायत तथा भूमि अनुबंध धारक उठा सकते हैं। छत्तीसगढ़ में योजना के तहत इस वर्ष 12 प्रकार की प्रजाति के वृक्ष का रोपण किया जाएगा। इनमें क्लोनल यूकलिप्टस, रूटशूट टीक, टिश्यू कल्चर, चंदन, मेलिया दुबिया, सामान्य बांस, टिश्यू कल्चर बम्बू, रक्त चंदन, आंवला, खमार, शीशम तथा महानीम आदि के पौधे रोपे जाएंगे। यह योजना हितग्राहियों के लिए आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वाईल हेल्थ की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित होगी। इस योजना से काष्ठ आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।

‘मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना’ का शुभारंभ 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर

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गरियाबंद। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना किसानों की निजी भूमि पर वृक्षारोपण कर ग्रामीणों की आय बढ़ाने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में ग्रीन कवर बढ़ाने की एक महत्वकांक्षी योजना है। इस योजना अंतर्गत समस्त वर्ग के सभी इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय, अर्द्ध शासकीय एवं शासन की स्वायत्त संस्थाऐं, निजी शिक्षण संस्थाऐं, निजी ट्रस्ट, गैर शासकीय संस्थाऐ, पंचायते तथा भूमि अनुबंध धारक इंस योजना का लाभ ले सकते है।

हितग्राही की निजी भूमि में 05 एकड़ तक रोपण हेतु 100 प्रतिशत तथा 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र में रोपण हेतु 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान शासन द्वारा हितग्राहियों को प्रदाय किया जावेगा। राज्य में इस योजना के माध्यम से प्रति वर्ष 36000 एकड़ के मान से कुल 05 वर्षों में 180000 एकड़ में 15 करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। शासन द्वारा चयनित वृक्ष प्रजातियों की खरीदी के लिए प्रतिवर्ष न्यूनतम क्रय मूल्य निर्धारित किया जावेगा, जिससे कृषकों को निश्चित आय प्राप्त हो सकें। वनक्षेत्र से बाहर लकड़ी के उत्पादन बढ़ने से काष्ठ आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही कार्बन क्रेडिट के माध्यम से भी कृषकों को अतिरिक्त आय प्राप्त होने का संभावना है।

वन संरक्षक, सह प्रभारी वनमण्डलाधिकारी श्री मणिवासगन एस ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा 21 मार्च 2023 को विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर जिले में मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का शुभांरभ वन परिक्षेत्र, गरियाबंद के ग्राम दशपुर में किया जावेगा। उक्त कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अन्य विभागों के अधिकारी/कर्मचारियों की सहभागिता से किया जावेगा। गरियाबंद वनमण्डल अंतर्गत उक्त योजना के तहत कुल 303 हितग्राहियों के 454.57 एकड़ भूमि में विभिन्न प्रजातियों के कुल 3 लाख 20 हजार 183 पौधों का रोपण किया जायेगा। जिसमें माह मार्च में सिंचित क्षेत्र में 47 एकड़ भूमि पर कुल 14 हजार 276 वाणिज्यिक प्रजाति के पौधा रोपण किया जायेगा।

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना : योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए बजट में 100 करोड़ रूपए का प्रावधान

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्य में वृक्षों के व्यवसायिक उपयोग को बढ़ावा देने की अपार संभानाओं को देखते हुए ‘‘मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना’’ को लागू किए जाने की घोषणा की गई है। योजनांतर्गत कृषकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कृषकों की सहमति पर उनके भूमि पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जाना है। राज्य में इसके सफल क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री बघेल द्वारा वर्ष 2023-24 के प्रस्तुत बजट में 100 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वाणिज्यिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में ‘‘मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना’’ लागू किये जाने की घोषणा उपरान्त छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना की क्रियान्वयन की तैयारी में वन विभाग जुट गया है और तैयारियां जोरो पर है। वन विभाग द्वारा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के कुशल मार्गदर्शन और वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ के निर्देशन में अब तक 19 हजार से अधिक हितग्राहियों के लगभग 30 हजार एकड़ निजी भूमि में वृक्षारोपण हेतु पंजीयन किया जा चुका है।

इस वर्ष 12 प्रजाति के वृक्षों का 30 हजार एकड़ रकबे में होगा रोपण

इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख संजय शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजनांतर्गत राज्य में इस वर्ष 12 प्रकार के प्रजाति के वृक्ष का 30 हजार एकड़ रकबे में रोपण किया जाएगा। इनमें से क्लोनल यूकलिप्टस का 17 हजार 182 एकड़ में, रूटशूट टीक का 6 हजार 456 एकड़ में, टिश्यू कल्चर का 2 हजार 617 एकड़ में, चंदन का 1 हजार 462 एकड़ में, मेलिया दुबिया का 8 सौ 34 एकड़ में, सामान्य बांस का 7 सौ 37 एकड़ में, टिश्यू कल्चर बम्बू का 6 सौ 7 एकड़ में, रक्त चंदन का 1 सौ 26 एकड़ में, आमला का 43 एकड़ में, खमार का 40 एकड़ में, शीशम का 20 एकड़ में तथा महानीम का 20 एकड़ रकबे में लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजनांतर्गत 5 वर्षाे में 1 लाख 80 हजार एकड़ में 15 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य

 मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना अंतर्गत किसान, इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय, अर्ध शासकीय एवं शासन के स्वायत्त संस्थाएं, निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, पंचायत तथा भूमि अनुबंध धारक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। राज्य शासन द्वारा 1 वर्ष में 36 हजार एकड़ तथा 5 वर्षाे में 1 लाख 80 हजार एकड़ क्षेत्रफल में कुल 15 करोड़ वृक्षारोपण करने का लक्ष्य रखा गया है।इस योजनांतर्गत राज्य शासन द्वारा 5 एकड़ तक वृक्षारोपण हेतु 100 प्रतिशत अनुदान तथा 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में वृक्षारोपण हेतु 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान देगी। चिन्हित वृक्ष प्रजातियों की खरीदी हेतु न्यूनतम क्रय मूल्य का निर्धारण भी शासन द्वारा किया जाएगा। 5 वर्षाे में रोपित सभी प्रजातियो के वृक्ष परिपक्व होने पर उनका मूल्य 10 हजार करोड़ रुपये होने की सम्भावना है। इस योजना से किसानों को प्रति एकड़ प्रतिवर्ष 15 हजार से 50 हजार रूपए तक की आय सम्भावित है। इसके अतिरिक्त कार्बन क्रेडिट के माध्यम से भी किसानों को अतिरिक्त आय होगी।

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना अंतर्गत समस्त वर्ग के सभी इच्छुक भूमि स्वामी पात्र होंगे। इसके अलावा शासकीय, अर्धशासकीय तथा शासन के स्वायत्व संस्थान जो अपने स्वयं के भूमि पर रोपण करना चाहते हैं, पात्र होंगे। इसी तरह निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, गैर शासकीय संस्थाएं, पंचायतें, भूमि अनुबंध धारक, जो अपने भूमि में रोपण करना चाहते हैं, वे पात्र होंगे। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में वाणिज्यिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देना है। इसके तहत राज्य के सभी कृषकों, शासकीय, गैर शासकीय, अर्धशासकीय, पंचायतें, अथवा स्वायत्व संस्थानों की भूमि पर वाणिज्यिक प्रजातियों के वृक्षारोपण उपरांत सहयोगी संस्था, निजी कंपनियों के माध्यम से निर्धारित समर्थन मूल्य पर वनोपज के क्रय की व्यवस्था करते हुए एक सुदृढ़ बाजार व्यवस्था आदि सुनिश्चित करना है।

‘मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना’ हितग्राही को प्रति वर्ष प्रति एकड़ 15 से 50 हजार रूपए तक होगी आय

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रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजनाके कुशल क्रियान्वयन के संबंध में आज वनमंडलाधिकारी विश्वेष झा द्वारा वन मंडल रायपुर के विभागीय अधिकारियों की बैठक ली गई। इस संबंध में आयोजित कार्यशाला में कृषकों को स्वयं की भूमि पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण कर योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। गौरतलब है कि कृषकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से हाल ही में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना को वित्तीय वर्ष 2023-24 से लागू करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजनामें भाग लेने हेतु इच्छुक कृषक अथवा संस्था अपने क्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क कर आगामी वर्ष में रोपण हेतु आवश्यक पौधों की जानकारी सहमति पत्र के साथ दे सकते हैं। इस योजना में कृषकों के निजी भूमि में प्रतिवर्ष 36 हजार एकड़ के मान से पांच वर्षों में एक लाख 80 हजार एकड़ वाणिज्यिक वृक्ष प्रजातियों (क्लोनल नीलगिरी, टिशू कल्चर बांस, टिशू कल्चर सागौन, मिलिया डूबिया एवं अन्य आर्थिक लाभकारी प्रजाति) का रोपण किया जाएगा। समस्त वर्ग के सभी इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय, अर्ध-शासकीय एवं शासन के स्वायत्त संस्थाएं, निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, गैर शासकीय संस्थाएं, पंचायतें तथा भूमि अनुबंध धारक जो अपने भूमि में रोपण करना चाहते है, इस योजना के हितग्राही होंगे।

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजनाके अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 5 एकड़ तक भूमि पर (अधिकतम 5000 पौधे) पौधों का रोपण हेतु 100 प्रतिशत तथा 05 एकड़ से अधिक भूमि पर रोपण हेतु 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान दिया जाएगा। इस योजना में सहयोगी संस्था अथवा निजी कम्पनियों के सहभागिता का प्रस्ताव है। उनके द्वारा वित्तीय सहभागिता के साथ शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर हितग्राहियों के वृक्षों की वापस खरीद का प्रस्ताव भी दिया गया है। सहयोगी संस्था अथवा निजी कम्पनियों की सहभागिता से कृषकों को उनके उत्पाद के लिए सुनिश्चित बाजार उपलब्ध होगी तथा शासन पर वित्तीय भार भी कम होगा। टिशू कल्चर सागौन, टिशू कल्चर बांस एवं मिलिया डूबिया वृक्षों के परिपक्व होने के पश्चात् निर्धारित समर्थन मूल्य पर शासन द्वारा क्रय किया जाएगा। बैठक में वन मंडल रायपुर के विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी, कृषक, वन प्रबंधन समितियां तथा औद्योगिक संस्थान के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मंत्रिपरिषद की बैठक : प्रदेश में किसानों की आय में बढ़ोत्तरी के लिए एक नई योजना ‘मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना‘

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रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कृषकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके तहत कृषकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से एक नई योजना मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजनाको वित्तीय वर्ष 2023-24 से लागू करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजनामें भाग लेने हेतु इच्छुक कृषक अथवा संस्था अपने क्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क कर आगामी वर्ष में रोपण हेतु आवश्यक पौधों की जानकारी सहमति पत्र के साथ दे सकते हैं।


गौरतलब है कि इस योजना में कृषकों के निजी भूमि में प्रतिवर्ष 36 हजार एकड़ के मान से पांच वर्षों में एक लाख 80 हजार एकड़ वाणिज्यिक वृक्ष प्रजातियों (क्लोनल नीलगिरी, टिशू कल्चर बांस, टिशू कल्चर सागौन, मिलिया डूबिया एवं अन्य आर्थिक लाभकारी प्रजाति) का रोपण किया जाएगा। समस्त वर्ग के सभी इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय, अर्ध-शासकीय एवं शासन के स्वायत्त संस्थाएं, निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, गैर शासकीय संस्थाएं, पंचायतें तथा भूमि अनुबंध धारक जो अपने भूमि में रोपण करना चाहते है, इस योजना के हितग्राही होंगे। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजनाके अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 5 एकड़ तक भूमि पर (अधिकतम 5000 पौधे) पौधों का रोपण हेतु 100 प्रतिशत तथा 05 एकड़ से अधिक भूमि पर रोपण हेतु 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान दिया जाएगा।

इस योजना में सहयोगी संस्था अथवा निजी कम्पनियों के सहभागिता का प्रस्ताव है। उनके द्वारा वित्तीय सहभागिता के साथ शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर हितग्राहियों के वृक्षों की वापस खरीद का प्रस्ताव भी दिया गया है। सहयोगी संस्था अथवा निजी कम्पनियों की सहभागिता से कृषकों को उनके उत्पाद के लिए सुनिश्चित बाजार उपलब्ध होगी तथा शासन पर वित्तीय भार भी कम होगा। टिशू कल्चर सागौन, टिशू कल्चर बांस एवं मिलिया डूबिया वृक्षों के परिपक्व होने के पश्चात् निर्धारित समर्थन मूल्य पर शासन द्वारा क्रय किया जाएगा।

 राज्य में इस योजना के अंतर्गत कुल पांच वर्षों में एक लाख 80 हजार एकड़ में रोपित 15 करोड़ पौधे परिपक्व होने के पश्चात् हितग्राहियों को लगभग 5000 करोड़ की आय प्राप्त होने की संभावना है। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजनाके क्रियान्वयन से प्रति वर्ष लगभग 30 हजार किसान लाभान्वित होंगे। इस योजना के क्रियान्वयन से हितग्राहियों को प्रतिवर्ष प्रति एकड़ 15 से 50 हजार रूपए तक आय की प्राप्ति होगी। वाणिज्यिक वृक्षारोपण के रकबे में वृद्धि से काष्ठ आधारित उद्योगों जैसे पेपर मिल, प्लाईवुड, फर्नीचर, विनियर इत्यादि के लिए कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। नये उद्योगों की स्थापना से स्थानीय निवासियों के रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी तथा विभिन्न करों के माध्यम से शासन को अधिक राजस्व की प्राप्ति होगी।

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