Media24Media.com: विष्णु देव साय

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’बच्चों से जुड़ी योजनाओं का हो शत.प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन’

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नौनिहालों के पोषण और उनको सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बच्चों के समुचित विकास हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ मिलकर कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों पर केंद्रित योजनाओं की जिलेवार नियमित मॉनिटरिंग सचिव स्तर से की जाए तथा आगामी कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में इसकी गहन समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारभूत संरचनाए बजट और संचालित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विभाग बच्चोंए किशोरियों और महिलाओं के पोषण एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे बच्चों की देखभाल और पोषण जितनी संवेदनशीलता और कुशलता से की जाएगीए उनका शारीरिक और मानसिक विकास उतना ही प्रभावी और सुदृढ़ होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बच्चे हमारे देश के भविष्य की नींव हैं और इस नींव को मजबूत करने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने विभागीय अमले को जमीनी स्तर पर सक्रियता और स्वप्रेरणा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि राज्य के प्रत्येक बच्चे को पूरक पोषण आहार और विभागीय योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त हो।

उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने वाले पोषण आहारए गर्म भोजनए उसकी मात्राए गुणवत्ता और कैलोरी मानकों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की और वितरण की प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की आवश्यकता बताई।

मुख्यमंत्री साय ने पीएम जनमन योजना अंतर्गत संचालित 197 आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की जानकारी ली तथा विशेष पिछड़ी जनजाति ;च्टज्ळद्ध समुदाय के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण सूचकांकों की समीक्षा करते हुए अपेक्षित सुधार लाने हेतु ठोस प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सूचकांकों के माध्यम से वास्तविक स्थिति का आंकलन संभव होता हैए और जहां भी कमी दिखाई देए वहां त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बेहतर प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि यह प्रगति इसी प्रकार सतत बनी रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक विकास पर छोटी.छोटी बातों और व्यवहार का गहरा प्रभाव पड़ता हैए इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संवेदनशीलता के साथ बच्चों से भावनात्मक जुड़ाव बनाएं।

मुख्यमंत्री साय ने विभागीय अमले के नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहाए ताकि वे तकनीकी रूप से दक्ष और अनुसंधानपरक दृष्टिकोण के साथ परिणामोन्मुखी कार्य कर सकें।

बैठक में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियानए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनाए सखी वन स्टॉप सेंटरए शक्ति सदनए महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइनए महिला कोषए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओए मिशन वात्सल्य तथा अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़ेए मुख्य सचिव अमिताभ जैनए मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंहए मुख्यमंत्री के सचिव पीण् दयानंदए राहुल भगतए महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदीए संचालक पीण् एसण् एल्मा सहित विभाग के अधिकारी.कर्मचारी उपस्थित थे।

मंत्रिपरिषद के निर्णय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित उनके निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति सूची में तकनीकी कारणों से शामिल होने से वंचित जातियों को प्राप्त होने वाली कतिपय सुविधाएं के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव तथा पबिया, पविया, पवीया समाज के विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति के समतुल्य एवं डोमरा जाति के विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति के समतुल्य राज्य मद से मात्र राज्य छात्रवृत्ति तथा शिष्यवृत्ति प्रदान किये जाने एवं छात्रावास-आश्रमों में स्वीकृत सीट के अधीन प्रवेश दिए जाने की सुविधा प्रदान करने की सहमति दी है।

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत घर की छतों में सोलर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना में राज्य शासन द्वारा उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता दिए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के माध्यम से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने पर केंद्रीय वित्तीय सहायता के साथ-साथ राज्य की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी, जो सोलर प्लांट की क्षमता (1 किलोवाट, 2 किलोवाट, 3 किलोवाट और उससे अधिक) के आधार पर अलग-अलग होगी। उदाहरण के लिए, 1 किलोवाट प्लांट के लिए कुल 45,000 रूपए, (30,000 रूपए केंद्रीय और 15,000 रूपए राज्य सहायता) जबकि 3 किलोवाट या उससे अधिक के प्लांट के लिए 1,08,000 रूपए (78,000 रूपए केंद्रीय और 30,000 रूपए राज्य सहायता) की मदद मिलेगी। हाउसिंग सोसाइटी/रेसिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन के लिए भी इसी तरह की सहायता प्रस्तावित की गई है। यह अनुदान राशि CSPDCL को अग्रिम रूप से मिलेगी और वही इसे लाभार्थियों को देगी। वर्ष 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 सोलर पावर प्लांट की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इससे वित्तीय वर्ष 2025-26 में 180 करोड़ एवं 2026-27 में 210 करोड़ रूपए का वित्तीय भार आएगा।

CSPDCL इस योजना की कार्यान्वयन एजेंसी होगी और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे लागू करेगी। कंपनी इस योजना के संचालन के लिए एक अलग बैंक खाता खोलेगी, जिसमें सब्सिडी की राशि रखी जाएगी और उसका हिसाब-किताब किया जाएगा। राज्य वित्तीय सहायता उन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता से दी जाएगी जिनके सोलर प्लांट का ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद हुआ है।

मंत्रिपरिषद ने राज्य में वन्यजीव, खासकर बाघों के संरक्षण और ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी‘‘ का गठन करने का निर्णय लिया है। यह सोसायटी वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत काम करेगी। मध्य प्रदेश में यह 1996 से संचालित है। इसका मुख्य लक्ष्य

छत्तीसगढ़ में लगातार घट रही बाघों की आबादी (फिलहाल लगभग 18-20) को बचाना है। यह संस्था स्व-वित्तपोषित होगी, जिससे सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। यह सहयोग देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं से फंड जुटाएगी।

यह सोसायटी बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सीधे शामिल होगी। यह स्थानीय समुदाय की भागीदारी से ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देगी, जिससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार और आय के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, यह पर्यावरणीय शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करेगी, जिससे भविष्य के संरक्षणवादी तैयार होंगे। इस पहल से संरक्षण के लिए बाहरी धन, विशेषज्ञता और संसाधन मिलेंगे, जिससे स्थानीय समुदायों को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य का पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा।

यह छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी, जो जैव विविधता की रक्षा के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी मजबूत आधार देगी।

मंत्रिपरिषद द्वारा अशासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था ‘‘रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था ‘‘विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एवं सेवायें, छत्तीसगढ़ (विश्वास)‘‘ को रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर में अंतर्भूत (मर्ज) करने का अनुमोदन किया गया।

उद्यानिकी महाविद्यालय (उद्यानिकी विश्वविद्यालय) की स्थापना के लिए बेमेतरा जिले के साजा तहसील अंतर्गत बेलगांव में राजगामी संपदा की 94.290 हेक्टेयर भूमि में से 100 एकड़ भूमि उद्यानिकी विभाग को निःशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

जशपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा हर्बल व महुआ चाय जैसे पारंपरिक उत्पाद ‘JashPure’ ब्रांड के तहत तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और विपणन को बढ़ावा देने हेतु इस ब्रांड को राज्य शासन अथवा CSIDC को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव का मंत्री परिषद ने अनुमोदन किया है।

ब्रांड हस्तांतरण से एग्रो व फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय कच्चे माल की मांग बढ़ेगी और आदिवासी महिलाओं को  रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। ट्रेडमार्क हस्तांतरण से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा शहीद पुलिसकर्मियों के सर्वाेच्च बलिदान को ध्यान में रखते हुए अनुकम्पा नियुक्ति हेतु जारी एकजाई पुनरीक्षित निर्देश-2013 की कंडिका 13 (3) में संशोधन करते हुए निर्णय लिया है कि - नक्सली हिंसा में शहीद पुलिस सेवकों के प्रकरण में उनके परिवार के किसी भी पात्र सदस्य (महिला या पुरूष) को विकल्प के आधार पर पुलिस विभाग के अलावा, किसी अन्य विभाग में, राज्य के किसी भी जिला, संभाग में अनुकम्पा नियुक्ति दी जा सकेगी। पहले अनुकम्पा नियुक्ति यथासंभव उसी विभाग या कार्यालय में देने की व्यवस्था थी, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक निधन के पूर्व कार्यरत था।

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में गौण खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण, पूर्वेक्षण एवं अधोसंरचना के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘‘स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट‘‘ (एसएमईटी) के गठन की अधिसूचना के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के तहत समस्त गौण खनिजों से प्राप्त होने वाली रायल्टी 2 प्रतिशत राशि अतिरिक्त रूप से एसएमईटी फंड में जमा की जाएगी। जिसका उपयोग गौण खनिजों के अन्वेषण, अधोसंरचना विकास में उच्च तकनीकों का उपयोग, इन्फॉर्मेशन सिस्टिम, लॉजिस्टिक सपोर्ट, मानव संसाधनों के उन्नयन आदि में किया जा सकेगा। भारत सरकार के नेशनल मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की तर्ज पर राज्य में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट का गठन किया जाएगा।

कोरबावासियों को मिलेगा कन्वेन्शन सेंटर का लाभ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कोरबा शहर के रिसदी में नवनिर्मित कन्वेन्शन सेंटर के नामकरण, प्रतिमा अनावरण और 223 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कन्वेन्शन सेंटर का नाम माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर करने के साथ ही प्रवेश द्वार पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज कोरबा जिले को करोड़ो रूपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है।

इसमे 145 करोड़ रुपए के सड़क से सम्बंधित कार्य शामिल भी है। इससे जिले में आवागमन बेहतर होगा और कोरबावासियों को भी इसका समुचित लाभ मिलेगा। उन्होंने कन्वेन्शन सेंटर को वातानुकूलित बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि कन्वेन्शन सेंटर बहुत बड़ा है और इसमे अनेक बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। कोरबावासियों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने हाऊसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित कन्वेन्शन सेंटर की प्रशंसा भी की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वे छः माह पहले भी कोरबा आये थे, इस दौरान भी 600 करोड़ से अधिक की राशि के विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें दी गई। आज सवा दो सौ करोड़ के विकास कार्यों की सौगात से कोरबा के लोगो को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रतिमा का अनावरण भी किया है। वे इंदौर की महारानी थी और निष्पक्ष और न्यायप्रिय थी। उन्होंने देश के महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों, धार्मिक स्थलों को संवारा और पहचान दिलाई। मुख्यमंत्री साय ने कोरबा में एल्युमिनियम पार्क की स्थापना की आई मांग पर भी आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। कोरबावासियों को विकास कार्यों की सौगात मिलने के साथ ही कन्वेन्शन सेंटर का नामकरण माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर किया गया। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर की जीवन को रेखांकित करते हुए कहा कि माता अहिल्याबाई ने महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने, नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ ही देश के तीर्थ स्थानों, धार्मिक स्थलों को संवारने का काम किया। अपने राज्य की जनता के सुख-दुख में सहभागी बनने के साथ ही देश को आगे बढ़ाने का काम किया। उप मुख्यमंत्री साव ने प्रतिमा अनावरण एवं नामकरण होने पर सभी बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

उद्योग, वाणिज्य एवं श्रममंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विगत 16 माह के कार्यकाल में प्रदेश में विकास की गंगा बहाई है। उन्होंने मोदी की गारंटी को पूरा कर गरीबों का कल्याण किया है। मुख्यमंत्री साय ने कुछ दिन पहले ही कोरबावासियों को 650 करोड़ रूपये से अधिक राशि के विकास कार्यों की सौगात दी थी। बजट में भी उन्होंने कोरबा जिले के विकास के लिए राशि का प्रावधान किया है। इसके साथ ही वे जनता के प्रति संकल्पित होकर राज्य को विकास की दिशा में आगे ले जा रहे हैं। मंत्री  देवांगन ने कोरबा जिले में एल्युमिनियम पार्क की स्थापना के लिये मुख्यमंत्री से आवश्यक सहयोग की भी मांग रखी।

कलेक्टर बसंत ने राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के शासन, शिक्षा आदि के योगदान को भी रेखांकित किया। इस अवसर पर कटघोरा विधायक प्रेम चंद पटेल, अध्यक्ष गृह निर्माण मंडल अनुराग सिंहदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपुत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर, सहित जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

प्लेन क्रैश में मृत लोगो के प्रति जताई संवेदना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुजरात से लंदन जा रही प्लेन के क्रैश होने की घटना और इसमे मृत लोगो के प्रति श्रदांजलि व्यक्त करते हुए उनके प्रति संवेदना प्रकट की।

सीएम विष्णु देव साय ने पीएम नरेन्द्र मोदी से बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना के संबंध में की चर्चा

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना के राष्ट्रीय परियोजना के रूप में निर्माण के संबंध में विस्तार से चर्चा की है।

उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहा है, इसी वजह से संभाग सिंचाई साधनों के विकास में पिछड़ गया है,  संभाग में सिंचाई साधनों की समस्या को दूर करने और चहुमुखी विकास को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि बस्तर क्षेत्र के चहुमुखी विकास के लिए बोधघाट बहुउद्देशीय बांध परियोजना निर्णायक परियोजना साबित होगी। यह परियोजना, लंबे समय से इन्द्रावती नदी पर प्रस्तावित है। इंद्रावती, गोदावरी नदी की बड़ी सहायक नदी है। गोदावरी जल विवाद अभिकरण के वर्ष 1980 के अवॉर्ड में भी अन्य योजनाओं के साथ इस परियोजना का उल्लेख है। इस अवॉर्ड में उल्लेखित अन्य परियोजनाओं का क्रियान्वयन दूसरे राज्यों द्वारा किया जा चुका है परंतु दूरस्थ अंचल में होने एवं नक्सल समस्या के कारण इस परियोजना को प्रारंभ नहीं किया जा सका।

बस्तर के विकास की रफ्तार होगी डबल

बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना से संभाग में सिंचाई साधनों का दायरा बढ़ने के साथ ही बस्तर के विकास को डबल रफ्तार मिलेगी। इस परियोजना से 125 मेगावाट का विद्युत् उत्पादन, 4824 टन वार्षिक मत्स्य उत्पादन जैसे अतिरिक्त रोजगार, खरीफ एवं रबी मिलाकर 3,78,475 हेक्टेयर में सिंचाई विस्तार एवं 49 मि.घ.मी पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगा। वही इंद्रावती- महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले की भी 50,000 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सहित कुल 3,00,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। बस्तर को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दोनों परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

क्या है बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना ?

बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना, गोदावरी नदी की बड़ी सहायक इन्द्रावती नदी पर प्रस्तावित है। राज्य में इन्द्रावती नदी कुल 264 कि. मी. में प्रवाहित होती है। यह परियोजना दंतेवाड़ा जिले के विकासखंड एवं तहसील गीदम के ग्राम बारसूर से लगभग 8 कि.मी. एवं जगदलपुर शहर से लगभग 100 कि. मी. दूरी पर प्रस्तावित है।

परियोजना की विशेषताएं

दोनों परियोजनाओं की अनुमानित लागत 49000 करोड़ रूपए है। जिसमें इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना की लागत लगभग 20 हजार करोड़ रूपए एवं बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना में लगभग 29 हजार करोड़ रुपए की लागत संभावित है। जिसमें हाइड्रोपावर इलेक्ट्रोमैकेनिकल कार्य, सिविल कार्य (सिंचाई) भी शामिल हैं। इस परियोजना में उपयोगी जल भराव क्षमता 2009 मि.घ.मी, कुल जल भराव क्षमता 2727 मि.घ.मी, पूर्ण जल भराव स्तर पर सतह का क्षेत्रफल 10440 हेक्टेयर सम्भावित है।

इन जिलों का होगा लाभ

बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना से दंतेवाड़ा,  बीजापुर, सुकमा जिले के 269 गांवों को बड़ा लाभ होगा। जबकि इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले के अनेकों गांवों में सिंचाई सुविधा का विस्तार हो सकेगा। बस्तर संभाग को विकसित, आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में दोनों परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

छत्तीसगढ़ को मीडिया जगत में मिलेगी नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर स्थित आईबीसी 24 के नए स्टूडियो का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लंबे समय तक विश्वसनीयता के साथ खबरें देना किसी भी मीडिया संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को इस हाईटेक स्टूडियो से मीडिया जगत में नई पहचान मिलेगी।

आईबीसी 24 के नए स्टूडियो के शुभारंभ समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर राज्य एवं केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम आदमी तक अधिक से अधिक पहुंचाने का आग्रह किया। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि सबसे तेज और सटीक समाचार देना आज की सबसे बड़ी चुनौती है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अपने उद्योग, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अब मीडिया क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय पटल पर अंकित होगा।

समारोह को उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा तथा वन मंत्री केदार कश्यप ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, विधायक सर्वश्री अजय चंद्राकर, पुरंदर मिश्रा, संपत अग्रवाल, गोयल ग्रुप के चेयरमैन सुरेश गोयल, डायरेक्टर राजेंद्र गोयल और आईबीसी मीडिया एडिटर रविकांत मित्तल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सरकार के कार्यों से प्रदेश में आ रही है खुशहाली : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। सुशासन तिहार अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोंडागांव जिला प्रवास के दौरान विश्राम गृह में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में 8 अप्रैल से लेकर  11 अप्रैल तक प्रदेश की जनता अपनी समस्याएं औऱ मांगें रखीं। अधिकारियों ने ज्यादातर समस्याओं का समाधान कर लिया है। इस दौरान हमने भी मंत्रियों और अधिकारियों के साथ गांव गांव पहुंचकर और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 2 साल का बकाया बोनस दिया है, इससे किसानों को काफी लाभ हुआ। प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा के लिए जो कार्य कर रही है, उससे प्रदेश में खुशहाली आ रही है और किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। साय ने आगे बताया कि 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस के अवसर पर सरकार ने अटल सेवा केंद्र शुभारंभ किया है, आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश भर में विस्तार किया जाएगा। गांव में ही लेनदेन की सुविधाएं मिलने से अब ग्रामीणों को बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा कृषि वैज्ञानिक के माध्यम से हमारे प्रदेश के किसानों के बीच में बातचीत करेंगे, उनको आधुनिक खेती के विषय में बताएंगे। उन्होंने बताया कि पंजीयन में दस नई क्रांति से पारदर्शिता आई है, नियद नेल्लानार योजना से बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ अंचल में विकास की रौशनी पहुंची है। इस अवसर पर केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी, पूर्व विधायक श्री सेवक राम नेताम, दीपेश अरोरा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री बसवराजूऔर कोंडागांव के कलेक्टर, एस पी मौजूद थे।

बस्तर के हर कोने तक पहुंचाएंगे विकास का उजाला: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। बस्तर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजते हुए विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब बस्तर के कोने कोने का विकास होगा और विकास के रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार अंतर्गत सुकमा जिले के तोंगपाल में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान सुकमा जिले में 500 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की घोषणा की और 16 करोड़ से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज सस्थाओं के जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ.बसव राजु एस. भी उपस्थित थे।

                             

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतिम चरण में आप लोगों के बीच पहुंचकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। यहां का वातावरण बड़ा सुंदर है और महुआ की सुंदर छांव शीतलता दे रही है। उन्होंने परंपरागत रूप से स्वागत करने पर सभी का आभार जताया। साय ने कहा कि बस्तर से बदलाव की बुलंद आवाज ने माओवादियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। बस्तर में माओवाद अब अंतिम सांसे गिन रहा है। नक्सलगढ़ के रूप जाना जाने वाले सुकमा में स्कूलों की घंटियां बज रही हैं, बच्चे निर्भीक होकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। साय ने कहा कि प्रदेशव्यापी इस अभियान का उद्देश्य योजनाओं की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना है। आज देखने आया हूं कि प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य आपके गांव में सुचारू रूप से चल रहा है या नहीं, महतारी वंदन योजना की राशि माताओं-बहनों को समय पर मिल रही है या नहीं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान वे मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष रूप जानकारी ले रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन चरण में आयोजित सुशासन तिहार अपने उद्देश्य में सफल हुआ है। प्रशासन ने कड़ी मेहनत कर आपकी समस्याओं का समाधान किया है। साय ने कहा कि ऐसा काम वही सरकार कर सकती है जिसकी नीति और नियत साफ है। हमने ईमानदारी से काम किया है, इसीलिए जनता के बीच जाकर अपना रिपोर्ट कार्ड रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। हमने पूरे प्रदेश में पीएम आवास के माध्यम से लोगों के लिए पक्का मकान स्वीकृत कर उनके गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार सुनिश्चित किया है। पहले ही कैबिनेट में हमने 18 लाख आवास स्वीकृत किया था, यह काम लगातार जारी है।

                             

उन्होंने कहा कि हम किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान, 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मूल्य पर खरीद रहे हैं। धान के दो वर्षों के बकाया बोनस की राशि भी किसानों को दी जा चुकी है।  रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपता संग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए परिश्रमिक की दर प्रति मानक बोरा 5000 रुपए की दर स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं पंचायत भवन में ही मिले, इसे सुनिश्चित करने के लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किया गया है। अगले एक वर्ष में यह सुविधा सभी पंचायतों में शुरू होगी। 

योजनाओं की जानी हकीकत

मुख्यमंत्री साय ने तोंगपाल समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। तोंगपाल की त्रिवेणी रावटे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें प्रति माह महतारी वंदन योजना की राशि मिल रही है। बच्चों के पालन पोषण में इस राशि के उपयोग की उन्होंने जानकारी दी। इसी तरह श्रीमती वेदमती कश्यप ने बताया कि हमारी समूह की दीदियां गणवेश सिलाई का काम करती हैं। तीन एकलव्य स्कूल के बच्चों की गणवेश सिलाई से उन्हें सालाना डेढ़ लाख रूपए से अधिक की कमाई हो रही है। शिविर में पहुंचे अन्य लोगों ने भी अपनी मांगे रखी और योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी दी। 

किस्टाराम- कोंटा मार्ग पर दौड़ेगी ‘‘प्रतिज्ञा हक्कुम मेल‘‘

बस्तर अंचल के कभी संवेदनशील क्षेत्र रहे किस्टाराम- कोंटा मार्ग पर अब ‘‘प्रतिज्ञा हक्कुम मेल‘‘ बस दौड़ेगी। दुरस्थ क्षेत्रों में बेहतर आवगमन सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तोंगापाल के समाधान शिविर में मरईगुड़ा के प्रतिज्ञा महिला क्लस्टर संगठन को हुक्कुम मेल बस की चाबी सौंपी। इससे अंचल के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।

पीएम आवास हितग्राहियों को सौंपी खुशियों की चाबी

मुख्यमंत्री साय ने तोंगपाल के समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को खुशियों की चाबी देकर उनके सपनों के घर की सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 4 हितग्राहियों को आवास के पहली किस्त के चेक भी बांटे।  साथ ही पूरे हो चुके आवास के 4 हितग्राहियों को उनके नए घर की चाबी सौंपी।

खेलो इंडिया पहल के 10 खिलाड़ियों को मिले खेल किट

शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत 10 खिलाड़ियों को खेल सामग्री (किट) प्रदान किए। इनमें 8 महिला फुटबॉल खिलाड़ी और 2 हाकी खिलाड़ी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि खेलो इंडिया एकेडमी रायपुर और सुकमा में जिले की 8 महिला फुटबॉल खिलाड़ियों का चयन हुआ है।

मुख्यमंत्री ने सुशासन शिविर में की बड़ी घोषणाएं

सुकमा दंतेवाड़ा मार्ग हेतु 230 करोड़ रूपए, .झीरम व्यापवर्तन योजना हेतु 32 करोड़ 50 लाख, कावराकोपा में पुलिया निर्माण हेतु 35 लाख, जैमर में पुलिया निर्माण 35 लाख, हमीरगढ़ में सामाजिक भवन 30 लाख, टहकवाडा में एक पुल- पुलिया 35 लाख, तोंगपाल में समूह के लिए प्रशिक्षण केंद्र 25 लाख, मारेंगा में सी सी सड़क हेतु 16 लाख, एलेननार में पंचायत भवन 25 लाख और पुलिया हेतु 3.50 लाख, धोबनपाल देवगुड़ी में बाउंड्री वाल हेतु 10 लाख, सीतापाल के स्कूल में बाउंड्री वाल हेतु 8 लाख, वारदेरास  में पुलिया हेतु 16 लाख रूपए की घोषणा की।

हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हर जरूरतमंद के साथ राज्य सरकार खड़ी है, जनकल्याण ही हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सुशासन मतलब है अच्छा शासन। सुशासन तिहार के अंतिम चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बस्तर जिले के ग्राम नारायणपाल पहुंचे। उन्होंने नारायणपाल के देवगुड़ी परिसर में आम के पेड़ के नीचे अपनी चौपाल लगाई और ग्रामीणों से जीवंत संवाद कर योजनाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बिजली व्यवस्था, राशन वितरण, पीएम आवास योजना और महतारी वंदन योजना के साथ ही गांव में राशन कार्ड की स्थिति, राशन की उपलब्धता, शिक्षकों और पटवारियों की उपस्थिति जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी जानकारी ली। महतारी वंदन योजनाकी लाभार्थी श्रीमती सरिता कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, महतारी वंदन से मिलने वाली राशि का उपयोग घरेलू खर्चों और बच्चों के इलाज में करती हैं। जगमोहन कश्यप ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण पूरा होने की जानकारी दी।

श्रीमती ललिता बघेल ने बताया कि पहले उन्हें बेल मेटल का काम करने के लिए अपने गहने गिरवी रखने पड़ते थे। अब बिहान योजना के तहत उन्हें 15,000 रूपए की सहायता और बैंक से 1.5 लाख रूपए तक का ऋण मिल रहा है, जिससे उनका काम बेहतर तरीके से चल रहा है। श्रीमती पदमिनी ठाकुर ने बताया कि वे ऑर्गेनिक खाद और कीटनाशक दवाओं के निर्माण से जुड़ी हैं। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इस मौके पर मुख्यमंत्री को फूड बास्केट भेंट किया।

मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी जरूरतमंदों को आवास मिलेगा, ‘आवास प्लसमें जिनका नाम है, उन्हें भी आवास दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजनामें जिन महिलाओं का नाम नहीं जुड़ा है, उनके नाम भी जोड़े जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर रही है। पंजीयन की नई प्रक्रिया से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है। उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल से 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। जल्द ही इसका विस्तार सभी ग्राम पंचायतों में होगा।

अनेक विकास कार्यों की घोषणा

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर अनेक घोषणाएं की, जिनमें नारायणपाल माध्यमिक शाला भवन के लिए 20 लाख रूपए, प्राथमिक शाला मंदिरपारा के लिए 20 लाख रूपए, स्ट्रीट लाईट, हाई मास लाईट के लिए 15 लाख रूपए, व्यावसायिक परिसर हेतु 20 लाख रूपए, सी.सी. रोड 600 मी. (गोवर्धन भाटा से बोधघरा घर तक) 15 लाख रूपए, पुलिया 2 मी. स्पान 2 नग के लिए 12 लाख रुपए, सी.सी सड़क धरमु घर से नाव घाट तक 9 लाख रूपए, इस प्रकार कुल 1 करोड़ 11 लाख रूपए की लागत के कार्यों की घोषणा की।

नारायणपाल में मुख्यमंत्री ने कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की वन समिति के 11 हितग्राहियों को वाहन का वितरण किया। इसमें कोटमसर, तीरथगढ़ और कामानार के वन समिति के हितग्राही शामिल थे। उन्होंने कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के मेधावी छात्र छात्राओं को टैबलेट और किताबें देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजू एस सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली दीदियों का सम्मान

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चार लाख से अधिक दीदियों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य

रायपुर. अम्बिकापुर में ‘‘मोर आवास मोर अधिकार’’ कार्यक्रम के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली स्व-सहायता समूहों की दीदियों को सम्मानित किया गया। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा इन महिलाओं को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

उल्लेखनीय कार्य करने वाली स्व-सहायता समूहों की दीदियों को सम्मानित किया

इस अवसर पर सरगुजा जिले के विकासखण्ड लखनपुर की ग्राम पंचायत लोसंगी निवासी बीसी सखी श्रीमती बालेश्वरी यादव को पाँच ग्राम पंचायतों के जरूरतमंद हितग्राहियों को स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा अब तक 11.24 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन करने हेतु सम्मानित किया गया। इसी प्रकार ग्राम पंचायत केवरी की जेंडर रिसोर्स पर्सन श्रीमती अम्बे दास को महिला संगठन के माध्यम से घरेलू हिंसा के 37 प्रकरणों का समाधान करने एवं मानव तस्करी की शिकार 3 युवतियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कराने के लिए सम्मानित किया गया।

लखपति दीदी के रूप में सम्मानित 

विकासखण्ड अम्बिकापुर के ग्राम मेंड्राकला की संजीवनी स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती निर्मला एक्का द्वारा समूह से ऋण लेकर सेण्ट्रिंग प्लेट एवं मिक्सर व्यवसाय प्रारंभ किया गया। वे वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 10 घरों को सेण्ट्रिंग सामग्री उपलब्ध करा रही हैं। उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक होने के कारण वे  लखपति दीदी के रूप में सम्मानित की गईं। इसी पंचायत की चंदा स्व-सहायता समूह की श्रीमती बबिता यादव द्वारा भी समूह से ऋण लेकर सीमेंट एवं गिट्टी व्यवसाय प्रारंभ किया गया। उनके द्वारा पंचायत एवं आसपास के क्षेत्र में भवन निर्माण में सक्रिय भागीदारी दी जा रही है। उन्होंने ऋण की समयबद्ध चुकौती के साथ व्यवसाय में आत्मनिर्भरता स्थापित की है।

जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर अंतर्गत राधा महिला स्व-सहायता समूह की श्रीमती चांदनी सिंह को बैंक लिंकेज एवं सामुदायिक निवेश निधि के माध्यम से मुर्गी पालन एवं सब्जी उत्पादन कार्य प्रारंभ कर वार्षिक 2.5 लाख रुपये की आय अर्जित करने हेतु सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान द्वारा विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण भी किया गया। शाकम्भरी योजना के अंतर्गत ग्राम कोटिया (विकासखण्ड अम्बिकापुर) के कृषक बृज कुमार एवं मोहरलाल सिंह को दो एच.पी. के पम्प प्रदान किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री  राम विचार नेताम, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित राज्यसभा सांसद, लोकसभा सांसद, विधायकगण, निगम-मंडल अध्यक्षगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित थे।

धन्यवाद उन सभी का, जिन्होंने हमारी सुध ली, हितग्राहियों के पाँव पखारे

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रायपुर. हम लोग पहाड़ी कोरवा है बाबू,  जंगल से जुड़े हैं, जो कुछ है हमारा सबकुछ जंगल ही है, हमारे पुरखे ही नहीं, हम लोग का जीवन संघर्षों के साथ ही बीता है किसी ने आँसू तक नहीं पोछा...किसी ने हमारी सुध नहीं ली, आज हमें साफ पानी..गाँव तक सड़क..गाँव में स्कूल...बीमारी से इलाज के लिए आयुषमान कार्ड और पक्का मकान दिया जा रहा है..हमें पैरों में खड़ा करने के साथ ही..हमारे पांव पखारे जा रहे हैं। यह हमारा सौभाग्य है। धन्यवाद उन सभी लोगों का, जिन्होंने हमारी सुध ली और हमें सम्मान दे रहे हैं। यह कहना है विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार की पहाड़ी कोरवा फूलो बाई और शनी राम कोरवा का। 

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने हितग्राहियों के पाँव पखारे

ये पहाड़ी कोरवा परिवार प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत आशियाना मिलने के बाद गृह प्रवेश से पहले केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के हाथों पाँव पखारने के पश्चात अभिभूत और खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री   शिवराज सिंह, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय तथा अन्य अतिथियों ने आज अम्बिकापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के पाँव को पखारकर गृह प्रवेश कराया। इस मौके पर प्रदेश के 51 हजार हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी। 

जनजातियों के खुल गए भाग्य 

जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंडरापाठ की रहने वाली फूलो बाई बताती है कि उनका जीवन संघर्षों से गुजरा। दो साल पहले पति के मौत के बाद उनकी मुश्किलें और भी बढ़ गई थीं। उनका कहना था कि पति जब तक जीवित थे तब तक उनको पूरा भरोसा था कि पक्का मकान एक दिन बना लेंगे, लेकिन असमय उनकी मौत ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों की सुध ली है। प्रधानमंत्री जी की पहल से हम पिछड़ी जनजातियों के भाग्य खुल गए हैं। हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं के साथ पक्का आवास भी मिलने लगा है। 

पीएम जनमन से  बन गए पक्के मकान

ग्राम ढेलवाडाँड़-बोकाई पंचायत जिला सरगुजा के पहाड़ी कोरवा शनी राम ने बताया कि जंगलों के आसपास रहते हमारी कई पीढ़ियां बीत गई। हमारी पीढ़ियों ने पानी भी ढोढ़ी का पीया। घास-फूस के घर में रहे और आंधी-तूफान, बारिश के दिनों में डर के साये में जैसे-तैसे जिंदगी काटी। हमने तो कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन हमारी जिंदगी के कठिन दिन बहुरेंगे। अब पीएम जनमन से हमारे पक्के मकान बन गए। नल कनेक्शन, बिजली कनेक्शन मिल रहा। इलाज के लिए कार्ड बन रहा है। गाँव तक पक्की सड़क बन रही है। हमारे पांव पखार कर सम्मान दिया गया वह एक सुखद अनुभूति है, यह हमारे आने वाली पीढ़ी की तकदीर बदलने की शुरूआत है, इसके लिए हम जितना भी आभार जताए..कम ही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य मुलाकात

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने इस मौके पर वेतन विसंगति दूर करने, चार स्तरीय पदोन्नति वेतनमान दिलाने, लंबित महंगाई भत्ते का एरियर्स का भुगतान सहित कई मुद्दों पर चर्चा की।

प्रतिनिधि मंडल ने होली से पहले अधिकारी-कर्मचारियों को 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत करने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को विभिन्न मांगों के संबंध में 5 सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा। प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि ज्ञापन में  जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ते का एरियर भविष्य निधि खाते में समायोजित करने की मांग की गई है। इसी प्रकार विभिन्न संवर्गों के वेतन विसंगति एवं अन्य मुद्दों के लिए गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने शासकीय सेवकों को चार स्तरीय पदोन्नति वेतनमान क्रमशः 8, 16, 24 एवं 32 वर्षों की सेवा पर प्रदान करने मध्यप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में अर्जित अवकाश का नगदीकरण 300 दिवस करने की मांग की गई।

कमल वर्मा ने बताया कि शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों के लिए राज्य के मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों से कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की मांग भी की गई है। इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल में बी.पी.शर्मा, चंद्रशेखर तिवारी, सतीश मिश्रा, पंकज पांडेय, राजेश चटर्जी, सत्येंद्र देवांगन, अजीत दुबे, जय कुमार साहू,  श्रीमती ऋतु परिहार, उमेश मुदलियार, राजेंद्र चंद्राकर, पीतांबर पटेल, और संतोष कुमार वर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दी शुभकामनाएँ, कहा - महिलाओं के सशक्तिकरण से ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं, बहनों और बेटियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन महिलाओं के अधिकारों, उनके सशक्तिकरण और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने का अवसर है। महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक स्वावलंबन और नेतृत्व में आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह संकल्पित है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए महिलाओं की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने महतारी वंदन योजना जैसी ऐतिहासिक पहल की है, जिससे प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य की लगभग 70 लाख  माताओं और बहनों को प्रतिवर्ष 12,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे अपने परिवार, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोज़गार को आगे बढ़ा सकें। यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए बजट 2025-26 में कई विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनमें  कामकाजी महिलाओं को बेहतर आवासीय सुविधा प्रदान करने के लिए पूरे प्रदेश में 7 वर्किंग वूमेन हॉस्टल हेतु 79 करोड़ का प्रावधान है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा रहा है। इन समूहों की महिलाएँ आज कृषि, उद्यमिता, कुटीर उद्योग और सहकारिता क्षेत्र में क्रांति ला रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर राज्य और देश की प्रगति में भागीदार बन सकें। मुख्यमंत्री साय ने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अपील की कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए  समानता, सम्मान और सुरक्षा का वातावरण बनाया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक सशक्त महिला ही सशक्त परिवार, समाज और राष्ट्र का निर्माण कर सकती है। उन्होंने प्रदेश की उन्नति के लिए और सशक्त नारी, सशक्त समाज के लक्ष्य को साकार करने के लिए सभी को मिलकर अपने हिस्से का बहुमूल्य योगदान देने की अपील की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में लोगों को मिल रहा किफायती दर पर आवास

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में सभी के लिए आवासयोजना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 की शुरुआत की है, जिसके तहत घर खरीदने वालों को 10 से 30 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।

इस योजना को 20 जनवरी 2025 को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली थी, लेकिन आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण इसे तत्काल शुरू नहीं किया जा सका। अब 01 मार्च 2025 से इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है, जिससे आम जनता को किफायती दरों पर घर खरीदने का सुनहरा अवसर मिला है।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष एवं आवास विभाग के सचिव अंकित आनंद  ने बताया कि यह योजना हर वर्ग के लोगों के लिए फायदेमंद है, क्योंकि इसमें घरों की कीमतों पर 30 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। योजना के पहले दो दिनों में ही 8 करोड़ रुपये के 56 मकानों की बुकिंग हो चुकी है, जो इस योजना की जबरदस्त सफलता को दर्शाता है।

मंडल आयुक्त कुंदन कुमार ने बताया कि बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। इच्छुक लाभार्थी मंडल की वेबसाइट www.cghb.gov.in पर लॉग-इन करके अपने सपनों का घर बुक कर सकते हैं। साथ ही, टोल-फ्री नंबर 18001216313 और अधिकारियों के नंबरों पर अब तक 900 से 1000 कॉल प्राप्त हो चुकी हैं, जिससे योजना की लोकप्रियता साफ झलकती है।

उन्होंने बताया कि यह योजना छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख स्थानों जैसे-रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, धमतरी, दंतेवाड़ा, राजनांदगांव, कवर्धा, नवा रायपुर अटल नगर, आरंग, महासमुंद, अंबिकापुर, जशपुर, रायगढ़, कोरबा और अन्य प्रमुख शहरों में लागू की गई है।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए तैयार की है जो वित्तीय कठिनाइयों के कारण घर नहीं खरीद पा रहे थे। छूट के साथ उपलब्ध ये आवास आम लोगों के लिए किफायती होंगे। यह योजना मंडल के लिए मील का पत्थर साबित होगी, और इसका लाभ उठाने का यह अवसर शायद दोबारा न मिले।

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