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उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज प्रकरणों पर मंत्रिपरिषद की उपसमिति की बैठक सम्पन्न

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रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में 18 जुलाई को विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज अपराधों पर मंत्रिपरिषद की उपसमिति की बैठक विधानसभा परिसर, रायपुर में सम्पन्न हुई। बैठक में मंत्रिपरिषद के उप समिति के सदस्य उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री राम विचार नेताम एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित रहे।

मंत्रिपरिषद उपसमिति की बैठक में विभिन्न जिलों से प्राप्त विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज प्रकरणों में से 15 प्रकरणों की समीक्षा की गई। मंत्रिपरिषद उपसमिति द्वारा इन अनुशंसाओं को मंत्रिपरिषद के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि अब तक मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की बैठक में 139 विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज प्रकरणों को प्रस्तुत किया जा चुका है जिसमे से 126 प्रकरणों को कैबिनेट की बैठक में अनुशंसा प्राप्त की जा चुकी है।


छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड विधेयक 2025 विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्य की आर्थिक स्थिरता और सतत विकास को सुनिश्चित करने हेतु छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड विधेयक 2025 को सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह विधेयक राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने विधेयक के उद्देश्यों, प्रावधानों और इससे होने वाले लाभों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

वित्त मंत्री चौधरी ने विधेयक प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 दस्तावेज तैयार किया है, जिसके अंतर्गत राज्य को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। इसी कड़ी में राज्य की वित्तीय दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष फंड स्थापित किया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में खनिज संसाधनों से होने वाली आय में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्ष 2001-02 से 2024-25 के दौरान खनिज राजस्व में 30 गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं पूंजीगत व्यय में भी लगभग 43 गुना की वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में पूंजीगत व्यय में पिछले वर्ष की तुलना में 38 प्रतिशत तथा वर्ष 2023-24 में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय से अर्थव्यवस्था को मल्टीप्लायर इफेक्ट मिलता है, जिससे एक रुपये के निवेश से अर्थव्यवस्था को तात्कालिक रूप से 2.45 रूपए और दीर्घकाल में 3.14 रूपए का लाभ मिलता है। इसी दृष्टिकोण से यह फंड राज्य के पूंजीगत व्यय को सुदृढ़ करने सहायक होगा।

फंड के प्रमुख प्रावधान और लाभ

वित्त मंत्री ने बताया कि यह फंड खनिज संसाधनों से प्राप्त वार्षिक राजस्व का न्यूनतम 1 प्रतिशत और अधिकतम 5 प्रतिशत तक निवेश की व्यवस्था करेगा। फंड से प्राप्त लाभांश को पुनः फंड में निवेश किया जाएगा। इस फंड का उपयोग केवल पूंजीगत व्यय के लिए ही किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में ही मूल राशि से आहरण किया जा सकेगा, वह भी एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 10 प्रतिशत तक। फंड की पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत नियम बनाए जाएंगे, जिनमें फंड प्रबंधन, निवेश प्रक्रिया और अनुमति योग्य निवेश साधनों का स्पष्ट निर्धारण किया जाएगा।

राज्य के लिए ऐतिहासिक पहल

ओपी चौधरी ने कहा कि ऐसा फंड बनाने वाला छत्तीसगढ़ संभवतः देश का पहला राज्य है। मुख्य बजट 2025-26 में इस फंड के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा जिला खनिज न्यास निधि का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिसके माध्यम से दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज समेत कई जिलों में स्वास्थ्य एवं शिक्षा अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है।


छत्तीसगढ़ में जनविश्वास विधेयक पारित: अब आपराधिक मुकदमा नहीं, लगेगा जुर्माना

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज जनविश्वास विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ। यह विधेयक राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस ऐतिहासिक विधेयक का उद्देश्य अंग्रेजों के समय से चले आ रहे कई ऐसे कानूनों को संशोधित करना है, जो नागरिकों और कारोबारियों द्वारा की गई छोटी-मोटी त्रुटियों को भी आपराधिक कृत्य की श्रेणी मेें शामिल थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस विधेयक को विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंश्रीने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए भारतीय न्याय संहिता की तर्ज पर, छत्तीसगढ़ अब मध्य प्रदेश के बाद दूसरा राज्य बन गया है, जिसने जनविश्वास विधेयक पारित किया है। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में रोजगार व्यवसाय को आसान बनाने के साथ-साथ गैर अपराधिक श्रेणी के मामलों में व्यापारियों एवं आम नागरिकों न्यायालयीन मुकदमे से संरक्षित करना और एक सुगम व्यावसायिक एवं जिम्मेदारी पूर्ण वातावरण तैयार करना है। यह विधेयक दंड देने के बजाय व्यवसाय को दिशा देने और ऐसी नीति बनाने में सहायक है, जो व्यावहारिक और संवेदनशील हों।

इस विधेयक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह आम नागरिकों और कारोबारियों द्वारा किए गए छोटे-मोटे तकनीकी उल्लंघनों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर जुर्माने (शास्ति) के दायरे में लाता है। इससे अनावश्यक मुकदमेबाजी और अदालतों पर बोझ कम होगा, साथ ही नागरिकों को छोटी गलतियों के लिए आपराधिक मामलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस विधेयक में छत्तीसगढ़ राज्य के नगरीय प्रशासन विभाग, नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, छत्तीसगढ़ औद्योगिक संबंध अधिनियम, और छत्तीसगढ़ सहकारिता सोसायटी अधिनियम से संबंधित 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में बदलाव किया गया है।

विधेयक का लक्ष्य उद्यमियों को नियामकीय सूचनाओं से संबंधित देरी के लिए आपराधिक मुकदमे के डर से मुक्ति दिलाना है। अब ऐसे मामलों में केवल प्रशासकीय जुर्माना लगेगा, जिससे व्यापार व्यवसाय में आसानी होगी। विधेयक में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 के प्रावधान में भी संशोधन किया गया है। सार्वजनिक स्थल पर शराब के उपभोग के मामले में पहली बार सिर्फ जुर्माना और इसकी पुनरावृत्ति के मामले में जुर्माना और कारावास का प्रावधान किया गया है।

इसी तरह नगरीय प्रशासन विभाग के अधिनियम के तहत मकान मालिक द्वारा किराया वृद्धि की सूचना नहीं दिए जाने के मामले में आपराधिक मामला दर्ज किए जाने के प्रावधान को संशोधित कर अब अधिकतम 1,000 रुपये की शास्ति का प्रावधान किया गया है। इसी तरह किसी सोसायटी द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन दाखिल करने के मामले में विलंब की स्थिति में आपराधिक कार्रवाई के प्रावधान को संशोधित कर नाममात्र के आर्थिक दंड में बदल दिया गया है। विशेषकर महिला समूहों के मामलों में इसे और भी न्यूनतम रखा गया है। यदि कोई संस्था गलती से सहकारी शब्द का उपयोग कर लेती थी, तो उसे आपराधिक मुकदमे और दंड के प्रावधान के स्थान पर अब केवल प्रशासनिक आर्थिक दंड का प्रावधान है


आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी की बड़ी घोषणा: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की OTS-2 योजना को मिली ऐतिहासिक सफलता — 139.47 करोड़ रुपए की 920 संपत्तियों का हुआ विक्रय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी ने राज्य शासन द्वारा संचालित वन टाइम सेटलमेंट योजना (OTS-2) की अभूतपूर्व सफलता की जानकारी दी।

मंत्री चौधरी ने बताया कि OTS-2 योजना की शुरुआत 1 मार्च 2025 से की गई थी। इस योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा पूर्व में निर्मित रिक्त संपत्तियों को विशेष छूट के साथ आम नागरिकों को सुलभ कराना है। योजना में रिक्तता की अवधि के आधार पर संपत्तियों पर चरणबद्ध छूट दी गई है।

उन्होंने विस्तार से बताया कि 5 से 10 वर्ष पुरानी ऐसी संपत्तियाँ जिनमें कम से कम 20% भाग रिक्त है, उन पर 20% की छूट दी जा रही है, जबकि 20% से अधिक रिक्तता होने की स्थिति में 30% तक की छूट निर्धारित की गई है। वहीं 10 वर्ष से अधिक पुरानी रिक्त संपत्तियों पर भी 30% छूट का प्रावधान है।

वित्त मंत्री ने बताया कि वे संपत्तियाँ जो अब पहली बार योजना में सम्मिलित की गई हैं और जिनके निर्माण को 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं, उन्हें 10% छूट के साथ ऑफर में शामिल किया गया है। ये सभी छूट संपत्तियों के बेस प्राइस पर लागू होती हैं। इसके पश्चात ऑफर आमंत्रित किए जाते हैं, जिनमें नागरिक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से भाग लेते हैं, और सबसे उच्चतम मूल्य वाले को संपत्ति आवंटित की जाती है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों में बढ़ते विश्वास के परिणामस्वरूप 15 जून 2025 तक कुल 920 संपत्तियों का सफलतापूर्वक विक्रय किया गया है, जिससे मंडल को 139.47 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है। यह उपलब्धि योजना की लोकप्रियता को दर्शाती है और गृह निर्माण मंडल के लिए मील का पत्थर है।

गृह निर्माण मंडल हुआ पूर्णत: ऋणमुक्त

वित्त मंत्री चौधरी ने यह भी बताया कि गृह निर्माण मंडल पर पूर्व में बैंकों का लगभग 800 करोड़ रुपये का ऋण बकाया था। राज्य सरकार ने इस ऋण को अपने बजट प्रावधानों से पूरी तरह चुका दिया है, जिससे मंडल आज पूर्णत: ऋण मुक्त हो चुका है। यह मंडल की एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने इसे भविष्य की योजनाओं के लिए और अधिक सशक्त बना दिया है।

60% प्री-बुकिंग के बाद ही आरंभ होंगे निर्माण कार्य

आवास मंत्री चौधरी ने कहा कि अब से गृह निर्माण मंडल द्वारा कोई भी नई आवासीय योजना तब तक प्रारंभ नहीं की जाएगी, जब तक उसकी प्री-बुकिंग कम से कम 60% तक न हो जाए। यह रणनीतिक कदम योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने और अनावश्यक निर्माण कार्य से बचने हेतु उठाया गया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब गृह निर्माण मंडल पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ते हुए कॉरपोरेट मॉडल को अपनाकर काम कर रहा है, जिसके अंतर्गत न केवल किफायती आवासीय इकाइयाँ बल्कि विभिन्न श्रेणियों के मकान और व्यावसायिक परिसंपत्तियाँ भी विकसित की जा रही हैं। यह नवाचार शहरी विकास और आत्मनिर्भर आवास नीति के अनुरूप है।

जनहित को प्राथमिकता

मंत्री चौधरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि गृह निर्माण मंडल का मूल उद्देश्य प्रदेशवासियों को सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। मंडल द्वारा संचालित योजनाएं विशेष रूप से आमजन, निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं, ताकि हर नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल सके।


उप मुख्यमंत्री अरुण साव के विभागों के लिए 15,386 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उप मुख्यमंत्री अरुण साव के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 15,386 करोड़ 42 लाख 47 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की र्गइं। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के लिए 2,793 करोड़ 60 लाख 73 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग-नगरीय निकाय के लिए 24 करोड़ 38 लाख 13 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 4,664 करोड़ 8 लाख 56 हजार रूपए,


न्याय प्रशासन एवं निर्वाचन के लिए 894 करोड़ 45 लाख 20 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 2,101 करोड़ 99 लाख 36 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं नगरीय विकास-नगरीय कल्याण के लिए 1,715 करोड़ 44 लाख 46 हजार रूपए, लोक निर्माण विभाग से संबंधित विदेशों से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 69 करोड़ 20 हजार रूपए तथा नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता हेतु 3,123 करोड़ 45 लाख 83 हजार रूपए शामिल हैं।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग

उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने अपने विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए सदन में कहा कि आजादी के 60 वर्षाें के बाद भी गांवों में घरों तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाया था। ग्रामीण महिलाओं को पेयजल की व्यवस्था में लगने वाले अथक परिश्रम से राहत दिलाने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जल जीवन मिशन की परिकल्पना की है। हर घर तक पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम देने वर्ष 2019 से जल जीवन मिशन का काम शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने जल जीवन मिशन को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए पिछली सरकार की त्रुटियों और खामियों को दूर करते हुए कार्याें की गुणवत्ता, गतिशीलता और पूर्णता के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। इसके लिए लापरवाह और कार्य नहीं करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री साव ने सदन में बताया कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य में 22 हजार 389 करोड़ 99 लाख रूपए लागत की 29 हजार 173 सिंगल विलेज एवं रेट्रोफिटिंग योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। साथ ही 3,212 गांवों के लिए 4166 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं भी मंजूर की गई हैं। इन योजनाओं से राज्य के 50 लाख 4 हजार ग्रामीण परिवार लाभान्वित होंगे। जल जीवन मिशन में अब तक 40 लाख 10 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके तहत 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन के मान से हर घर नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मिशन के कार्याें के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 4500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के आगामी वर्ष के बजट में हैण्डपम्पों के संधारण के लिए 28 करोड़ 51 लाख रूपए, ग्रामीण नल जल प्रदाय योजनाओं के संधारण के लिए 28 करोड़ 51 लाख रूपए, समूह जल प्रदाय योजनाओं के संचालन/संधारण के लिए 8 करोड़ रूपए और नाबार्ड पोषित सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। भू-जल को रिचार्ज करने जल संवर्धन कार्य के लिए 2 करोड़ रूपए, शहरी क्षेत्रों में नलकूपों के खनन के लिए 2 करोड़ 60 लाख रूपए, प्रगतिरत नगरीय पेयजल योजनाओं में अनुदान के लिए 56 करोड़ 37 लाख 6 हजार रूपए एवं 41 करोड़ 99 लाख 46 हजार रूपए ऋण का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है। भिलाई आईआईटी में पेयजल आपूर्ति के लिए शिवनाथ नदी पर आधारित निर्माणाधीन योजना के लिए भी 01 करोड़ रूपए का प्रावधान इस बजट में है।

उप मुख्यमंत्री साव ने सदन में बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुदृढ़ पेयजल व्यवस्था के लिए आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में नवीन मद में कई प्रावधान किए गए हैं। इनमें जल जीवन मिशन के कार्याें की निगरानी हेतु डेशबोर्ड निर्माण के लिए 3 करोड़ रूपए, मानव संसाधन के लिए 01 करोड़ 19 लाख रूपए, राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए 01 करोड़ 60 लाख रूपए, नल जल योजनाओं के अनुरक्षण कार्य के लिए 5 करोड़ रूपए, विभागीय कार्यालयों के निर्माण के लिए 01 करोड़ 65 लाख रूपए तथा समूह जल प्रदाय योजनाओं के लिए 250 करोड़ रूपए के प्रावधान शामिल हैं।

लोक निर्माण विभाग

उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरूण साव ने सदन में विभागीय अनुदान मांगों पर चर्चा का उत्तर देते हुए कहा कि सड़कें केवल आवागमन के साधन नहीं हैं। ये विकास की दिशा भी तय करते हैं। राज्य के तीव्र विकास के लिए नई सड़कों का निर्माण तेजी से किए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 में राज्यमार्गाें के उन्नयन के लिए सीआरआईएफ योजना के तहत 8 सड़क खण्डों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 892 करोड़ 36 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। इससे राज्य के विभिन्न जिलों में 323 किलोमीटर लम्बाई की सड़कों का मजबूतीकरण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विभाग के आगामी वर्ष के बजट में राज्य में विद्यमान रेल्वे लाईन्स पर लेबल क्रॉसिंग, रेल्वे ओव्हर ब्रिज, व्यस्ततम तथा अधिक घनत्व वाले चौक पर ग्रेड सेपरेटर के निर्माण तथा राष्ट्रीय राजमार्गाें एवं मुख्य जिला मार्गाें के संकीर्ण एवं कमजोर पुलों के पुनर्निर्माण के कार्य को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। भारत सरकार ने राज्य में सात रेल्वे क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण के लिए 356 करोड़ 71 लाख रूपए स्वीकृत किए हैं। केन्द्र सरकार राज्य की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए एनएचएआई के माध्यम से विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गाें के निर्माण एवं उन्नयन के कार्य प्राथमिकता से कर रही है।

साव ने सदन में बताया कि वर्ष 2001 में लोक निर्माण विभाग का बजट मात्र 103 करोड़ 85 लाख रूपए का था, जो 2025-26 के बजट में बढ़कर अब 9,451 करोड़ रूपए पहुंच गया है। यह नये छत्तीसगढ़ के निर्माण की कल्पना को सुदृढ़ करने की पहल है। इस बजट को वर्ष 2030 तक के लिए सड़कों के व्यवस्थित विकास की कार्ययोजना को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अत्यधिक यातायात वाले शहरी भागों में 4 लेन का निर्माण तथा घनी आबादी वाले शहरों की नजदीकी बसाहटों को 4 लेन मार्गाें से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। इससे शहरों का व्यवस्थित विस्तार होगा और विकास बढ़ेगा। अत्यधिक यातायात तथा खनन क्षेत्रों में भारी यातायात को ध्यान में रखते हुए सड़कों के मजबूतीकरण और आवश्यकतानुसार 4 लेन निर्माण को प्राथमिकता दी गई है।

अंतराज्यीय सीमा की सड़कों के सुदृढ़ीकरण तथा सुगम यातायात के लिए उन्हें 4 लेन करने की योजना बनाई गई है। साव ने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में भारतमाला योजना संचालित है। छत्तीसगढ़ में रायपुर से विशाखापटनम को जोड़ने वाली भारतमाला 4 लेन एक्सप्रेस-वे निर्माणाधीन है, जिसके शीघ्र ही पूरा होने की संभावना है। बस्तर क्षेत्र को इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए नये बजट में कई सर्वेक्षण, सड़क निर्माण और सुदृढ़ीकरण के कार्य शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि 2025-26 के बजट में 1909 नई सड़कों एवं पुल-पुलियों के लिए 1902 करोड़ रूपए, 168 सड़कों की डामरीकृत सतह के उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 917 करोड़ रूपए, दुर्घटनाओं को रोकने महत्वपूर्ण मार्गाें के पुलों के चौड़ीकरण एवं सुरक्षा उपाय, मरम्मत कार्य एवं ब्लैक-स्पॉट सुधार कार्याे के लिए 120 करोड़ रूपए, निजी भूमि के मुआवजा भुगतान के लिए 420 करोड़ रूपए तथा 339 पुलों के निर्माण के लिए 1351 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। बिलासपुर और रायगढ़ में विभागीय कार्यालयों के निर्माण के साथ ही मनेन्द्रगढ़ और सारंगढ़ में नये सर्किट हाउस के निर्माण का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री साव ने विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के उत्तर में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के शहर विकास के नित नये आयाम स्थापित कर रहे हैं। राज्य के नागरिकों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई गारंटी को हमारी सरकार एक-एक कर पूरा करते हुए आगे कदम बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि जन आकांक्षाओं के अनुरूप राज्य के नये उभरते कस्बों के सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास के लिए हमने नगरीय निकायों की संख्या 179 से बढ़ाकर 192 की है।

हमने विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने तथा विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण की ओर तेजी से कदम बढ़ाने अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन कहे जाने वाले शहरों के विकास के लिए 2025-26 में ऐतिहासिक 6,044 करोड़ 12 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रथम चरण में हमने कुल स्वीकृत 02 लाख 49 हजार 166 आवासों में से 2 लाख 5 हजार 360 आवास पूर्ण कर लिए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दूसरे चरण में सभी शहरों में ऑनलाईन हितग्राही सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर हैं। अब तक 42 हजार हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी है। केन्द्र सरकार द्वारा दिसम्बर-2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के लिए 15 हजार आवासों की स्वीकृति दी गई है।

साव ने बताया कि नये बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 875 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। योजना के लाभार्थियों द्वारा निर्धारित समयावधि में आवास निर्माण कर गृह प्रवेश करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने के लिए मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना प्रारंभ की जा रही है। इसके लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के नये बजट में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के लिए 380 करोड़ रूपए, अमृत मिशन 2.0 के लिए 744 करोड़ रूपए, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के लिए 25 करोड़ रूपए, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के लिए 30 करोड़ रूपए, रायपुर स्मार्ट सिटी के लिए 100 करोड़ रूपए, बिलासपुर स्मार्ट सिटी के लिए 100 करोड़ रूपए, मोर संगवारी सेवा के लिए 10 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के लिए 100 करोड़ रूपए, शहरों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए अधोसंरचना मद में 750 करोड़ रूपए तथा 14वें एवं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 680 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।

साव ने सदन में बताया कि राज्य के 17 नगरीय निकायों में नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रूपए तथा संचालन के लिए 02 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। इस साल शुरू होने वाली नई योजना मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के लिए 500 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है।

विधि एवं विधायी कार्य विभाग

उप मुख्यमंत्री तथा विधि एवं विधायी कार्य मंत्री साव ने अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले एक वर्ष में न्यायिक व्यवस्था एवं न्यायिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। अधीनस्थ न्यायालयों में 321 नये पदों पर भर्ती की अनुमति के साथ ही उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालयों में 1259 नये पद सृजित किए गए हैं। नागरिकों के सुविधा के लिए वर्ष 2024 में 49 नये नोटरी नियुक्त किए गए हैं।

न्यायालय भवनों, आवासीय भवनों और अन्य विकास कार्याें के लिए 240 करोड़ रूपए भी मंजूर किए गए हैं। राज्य की न्यायिक व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए 2025-26 के बजट में हमने 1265 करोड़ 46 लाख 78 हजार रूपए का प्रावधान किया है। इसमें न्यायालय भवन, न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवास निर्माण के लिए 45 करोड़ रूपए, बिलासपुर उच्च न्यायालय परिसर में ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपए, न्यायालयों के आधुनिकीकरण/कम्प्यूटरीकरण के लिए 36 करोड़ 90 लाख 67 हजार रूपए, जरूरतमंद तबकों तक न्याय पहुंचाने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय सेवा समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों तथा तालुका विधिक सेवा समितियों के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए तथा एडीआर सेंटर के निर्माण के लिए 11 करोड़ रूपए के प्रावधान शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि बिलासपुर उच्च न्यायालय में रजिस्ट्रार जिला न्यायाधीश के नये पदों के लिए 01 करोड़ रूपए तथा विभिन्न न्यायालयों में मानव संसाधन बढ़ाने 2 करोड़ 43 लाख 12 हजार रूपए, राज्य के 22 परिवार न्यायालयों में,  तथा बिलासपुर में परिवार न्यायालय की स्थापना के लिए नये पदों के सृजन के लिए 01 करोड़ रूपए और विभिन्न विधिक सेवा प्राधिकरणों में नये पदों के लिए 01 करोड़ रूपए के साथ ही महाधिवक्ता कार्यालय में शासकीय अधिवक्ता एवं उप शासकीय अधिवक्ता के नये पदों के लिए 02 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं।

आगामी वर्ष के बजट में न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए स्थापित छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के ऑडिटोरियम में विभिन्न निर्माण कार्याें के लिए 03 करोड़ 20 लाख रूपए, हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 01 करोड़ रूपए और वहां स्थापना व्यय के लिए 13 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।

लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा विधि एवं विधायी कार्य विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण सर्वश्री दलेश्वर साहू, अजय चंद्राकर, उमेश पटेल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, दिलीप लहरिया, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, व्यास कश्यप, रिकेश सेन, सुशांत शुक्ला, कुंवर सिंह निषाद, पुन्नूलाल मोहले, श्रीमती हर्षिता बघेल, श्रीमती शेषराज हरवंश, सुश्री लता उसेंडी और श्रीमती यशोदा वर्मा ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री साय से मिले विधानसभा के शैक्षणिक भ्रमण पर आये मुंगेली जिले के बच्चे

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में मुंगेली जिले से विधानसभा के शैक्षणिक भ्रमण पर आये बच्चों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से बहुत ही आत्मीयता से मुलाकात की और विनोदपूर्वक बच्चों से पूछा- कौन-कौन आएंगे राजनीति में। मुख्यमंत्री साय का सवाल सुनकर कई बच्चों ने हाथ उठा कर राजनीति में आने की इच्छा प्रकट की। मुख्यमंत्री ने बच्चों को खूब मन लगाकर पढाई करने और शैक्षणिक भ्रमण के अवसर का लाभ उठाने की सीख दी।

आज मुंगेली ज़िले के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, परसिया और संस्कार विद्या मंदिर, सकेल के विद्यार्थी छत्तीसगढ़ विधानसभा के शैक्षणिक भ्रमण पर आए थे। मुख्यमंत्री साय को बच्चों ने बताया कि अपने रायपुर भ्रमण के दौरान वे पुरखौती मुक्तांगन, स्वामी विवेकानंद विमानतल, मंत्रालय महानदी भवन, इंद्रावती भवन और बंजारी मंदिर का भी भ्रमण करेंगे। विधानसभा भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विधानसभा की कार्यवाही को नजदीक से देखा और संसदीय प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर विधायक धरम लाल कौशिक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला परसिया और संस्कार विद्या मंदिर सकेल के विद्यार्थी तथा शिक्षकगण उपस्थित रहे।

मंत्रिपरिषद की बैठक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

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रायपुर मंत्रिपरिषद द्वारा द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2024-2025 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।


मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के छत्तीसगढ़ पुलिस में भर्ती के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उम्मीदवारों के लिए ऊंचाई और सीना के निर्धारित मापदण्ड में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ पुलिस में सूबेदार, उपनिरीक्षक संवर्ग, प्लाटून कमाण्डर की सीधी भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2024 में निर्धारित न्यूनतम ऊंचाई 163 सेंटीमीटर तथा सीना बिना फुलाये 78 से.मी. एवं फुलाने पर 83 से.मी. केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरूष अभ्यर्थियों के लिए केवल एक बार के लिए छूट देने का निर्णय लिया गया है। 

छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ता तथा पेंशन (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य में डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहन देने एवं दुग्ध संकलन तथा प्रसंस्करण में वृद्धि हेतु राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एम.ओ.यू. करने का निर्णय लिया गया। इससे नवीन तकनीक के उपयोग के साथ ही दुग्ध महासंघ के प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि होगी। अनुसूचित क्षेत्रों में दुधारू पशु उत्प्रेरण से स्वरोजगार में वृद्धि के साथ ही दुग्ध उत्पादन की लागत कम होगी तथा दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि के साथ ही प्रदेश के दुग्ध उत्पादक कृषकों के दुग्ध विक्रय के लिए सुदृढ़ व्यवस्था स्थापित हो सकेगी।   

छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 में संशोधन बाबत् छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

राजधानी रायपुर में 15 जनवरी से 15 फरवरी 2025 तक आयोजित ऑटो एक्सपो के दौरान वाहनों के लाईफ टाईम रोड टैक्स पर एकमुश्त 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया तथा प्रदेश के सभी डीलरों को इस सुविधा का  लाभ वाहन क्रेताओं को दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए सुदृढ़ वातावरण तैयार करने, खेल संस्कृति को बढ़ावा देने तथा राज्य के खिलाड़ियों के लिए सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर जिला मुख्यालय में खेल हेतु आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया।

इसके तहत छत्तीसगढ़ में खेल क्लब को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए संबंधित पंजीकृत समितियों को खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने पर आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ पारंपरिक खेलोें को पुनर्जीवित किया जाएगा। ओलम्पिक खेलों को ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में बढ़ावा देने के साथ ही राज्य के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने पर उनको शत-प्रतिशत यात्रा व्यय  तथा खेल उपकरण की सुविधा देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित अतिशेष (सरप्लस) धान के निराकरण के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया गया। कैबिनेट ने खरीफ सीजन में उपार्जित शतप्रतिशत धान की कस्टम मिलिंग उसी खरीफ सीजन में पूरा कर जमा कराने तथा इस साल के अतिशेष धान का चावल केन्द्रीय पूल के अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम में सितम्बर 2025 तक उपार्जित किए जाने के लिए लक्ष्य वृद्धि हेतु प्रस्ताव धान खरीदी समाप्त होते ही भारत सरकार को पुनः भेजे जाने के संबंध में चर्चा की गई तथा अतिशेष धान का निराकरण नीलामी से करने की अनुमति दी गई है।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कस्टम मिलिंग हेतु फोर्टिफाईड राईस कर्नेल की व्यवस्था के संबंध में फोर्टिफाईड चावल जमा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा NeML के माध्यम से दर का निर्धारण पश्चात् आपूर्ति प्रारंभ होने तक गत् खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 अनुसार मिलरों द्वारा एफआरके निर्माताओं से भारत सरकार द्वारा निर्धारित दर के अधीन फोर्टिफाईड राईस कर्नेल (FRK) क्रय कर फोर्टिफाईड चावल जमा किये जाने की अनुमति दी गई है।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि 80 रूपए करने का निर्णय लिया खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में राईस मिलों को लंबित प्रोत्साहन राशि की प्रथम किश्त प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 (क्रमांक 1 सन् 1994)  की धाराओं में संशोधन संबंधी छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 1961 (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 51 - रायपुर नगर दक्षिण उपनिर्वाचन 2024

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रायपुर। विधानसभा क्षेत्र 51- रायपुर नगर दक्षिण में उपनिर्वाचन आज शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।  मतदान की कार्यवाही प्रातः 7 बजे से शाम के 6 बजे तक सभी 266 मतदान केन्द्रों में सुचारू एवं निर्बाध रूप से पूर्ण हुई। मतदान समाप्ति के उपरांत मतदान का प्रतिशत 50.50 प्रतिशत दर्ज किया गया है।  

मतदान प्रतिशत के ये आंकड़े अनंतिम है।  मतदान दलों की वापसी पूर्ण हो जाने के पश्चात् उनके प्रपत्रों की जांच के उपरांत मतदान केन्द्रवार मतदान के आंकड़े अंतिम रूप से तैयार किये जाएंगे, जिसमें आंशिक संशोधन की सम्भावना रहेगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने सभी मतदाताओं से मतदान करने की अपील की

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रायपुर। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदाताओं से मतदान केंद्र पहुंचकर मतदान करने की अपील की है। रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा उप-निर्वाचन के लिए 13 नवम्बर को सवेरे सात बजे से शाम छह बजे तक वोट डाले जाएंगे।

इसके लिए निर्वाचन क्षेत्र में 253 मुख्य मतदान केंद्र और 13 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। उप-निर्वाचन में क्षेत्र के कुल दो लाख 71 हजार 169 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें एक लाख 33 हजार 800 पुरूष मतदाता, एक लाख 37 हजार 317 महिला मतदाता और 52 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं।

 

                                                                                                                                   


रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा उप-निर्वाचन : मतदान दिवस और मतदान के एक दिन पूर्व प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों का कराना होगा पूर्वप्रमाणीकरण

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रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा उप-निर्वाचन के लिए इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के साथ ही प्रिंट मीडिया में भ्रामक प्रकृति के विज्ञापनों के प्रकाशन को रोकने के संबंध में व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत उप-निर्वाचन के लिए मतदान तिथि 13 नवम्बर तथा उसके एक दिन पूर्व प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्वप्रमाणीकरण आवश्यक है।

मतदाताओं को भ्रमित करने वाले विज्ञापनों पर होगी रोक

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में जारी परिपत्र की जानकारी देते हुए बताया कि मतदान दिवस और उसके एक दिन पूर्व प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों के लिए यह अनिवार्य होगा। आयोग के निर्देशानुसार मतदान दिवस और उसके एक दिन पूर्व प्रिंट मीडिया में राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन के पूर्व जिला अथवा राज्य स्तरीय मीडिया प्रमाणन समिति से विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन अनिवार्य किया गया है। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य स्तरीय तथा जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन समिति को प्रमाणन हेतु प्राप्त आवेदन पर त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि आवेदनकर्ताओं द्वारा ऐसे विज्ञापन के प्रस्तावित प्रकाशन दिनांक से कम से कम दो दिवस पूर्व मीडिया प्रमाणन समिति को आवेदन प्रस्तुत किए जाने चाहिए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कंगाले ने बताया कि मतदान दिवस के पूर्व एवं मतदान तिथि को प्रिंट मीडिया में भ्रामक प्रकृति के विज्ञापनों के प्रकाशन के बाद वे दल अथवा प्रत्याशी जो इससे प्रभावित होते हैं, उनके पास किसी भी प्रकार की सफाई अथवा खंडन का अवसर नहीं होता। ऐसे में स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष निर्वाचन के लिए मतदान दिवस के एक दिन पहले और मतदान तिथि को प्रिंट मीडिया में  राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन के पूर्व विज्ञापनों का पूर्वप्रमाणन आवश्यक है।

पीडब्ल्यूडी और स्मार्ट सिटी के कार्यों में तेजी लाने उप मुख्यमंत्री अरुण साव उतरे फील्ड पर

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज दिनभर रायपुर और नवा रायपुर में अनेक स्थानों का भ्रमण कर विभागीय कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए जा रहे विधानसभा के नए भवन और कचना फ्लाई-ओवर का अधिकारियों के साथ निरीक्षण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा रायपुर के घड़ी चौक के पास मल्टी-लेवल पार्किंग में संचालित बीपीओ, मोतीबाग के पास तक्षशिला स्मार्ट रीडिंग जोन और जयस्तंभ चौक के पास मल्टी-लेवल पार्किंग में संचालित इनक्युबेशन सेंटर तथा शहर में ट्रैफिक नियंत्रण और सर्विलेंस के लिए स्थापित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमॉन्ड सेंटर (ICCC) एवं भाठागांव अंतरराज्यीय बस टर्मिनल में विकसित किए जा रहे को-वर्किंग प्लेस का भी निरीक्षण किया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता के.के. पीपरी तथा अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ कचना में निर्माणाधीन रेलवे फ्लाई-ओवर का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण कंपनी को फ्लाई-ओवर का काम पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साव को अधिकारियों ने बताया कि फ्लाई-ओवर का 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसे अप्रैल-2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। यहां गर्डर लॉन्चिंग का काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। अभी गर्डर स्लैब की कॉस्टिंग चल रही है। रेलवे द्वारा ड्राइंग-डिजाइन के अनुमोदन के बाद पटरी के ऊपर वाले हिस्से के काम में भी तेजी आएगी।

उप मुख्यमंत्री साव ने नवा रायपुर में निर्माणाधीन विधानसभा भवन की साइट का भ्रमण कर पीडब्लूडी और निर्माण कंपनी के अधिकारियों तथा कन्सल्टेंट्स से निर्माण कार्य में प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा भवन का 75 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। इस साल दिसम्बर तक सिविल वर्क पूर्ण कर लिया जाएगा। उसके बाद फर्नीचर और इंटेरियर का काम प्रारंभ होगा।

साव ने विभागीय और निर्माण कंपनियों के अधिकारियों को इस महत्वाकांक्षी निर्माण को पूर्ण गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय में काम पूर्ण करने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्व स्तरीय गुणवत्ता के साथ अनुपम भवन के रूप में इसका निर्माण करने को कहा। ऐसा काम करें कि दूसरे राज्यों की सरकारें अपना विधानसभा भवन बनाने के लिए छत्तीसगढ़ से नजीर लेकर जाएं। साव ने विधानसभा की साइट पर निर्माण कंपनी के अस्थायी कार्यालय में पीडब्लूडी और निर्माण कंपनी के अधिकारियों तथा कन्सल्टेंट्स की संक्षिप्त बैठक लेकर नवा रायपुर में विधायक विश्रामगृह और विधानसभा के अधिकारियों-कर्मचारियों के क्ववार्टर्स के निर्माण की भी जानकारी ली।

273 करोड़ की लागत से 52 एकड़ में बन रहा विधानसभा भवन, 200 सदस्य बैठ सकेंगे सदन में

नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन 52 एकड़ में 273 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन है। इसके सदन में सदस्यों की बैठक क्षमता 200 होगी। नए विधानसभा भवन के एक विंग में विधानसभा सचिवालय, दूसरे में विधानसभा का सदन, सेंट्रल-हॉल, विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री का कार्यालय तथा तीसरे विंग में मंत्रियों के कार्यालय होंगे। यहां 500 दर्शक क्षमता का ऑडिटोरियम भी बनाया जाएगा। 700 कारों की पार्किंग क्षमता वाले परिसर में डेढ़-डेढ़ एकड़ को दो सरोवरों का निर्माण भी प्रस्तावित है।

निर्वाचन की सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता और निष्पक्षता से संपन्न कराएं – रीना बाबासाहेब कंगाले

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रायपुर। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने आज विधानसभा उप निर्वाचन के लिए रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, नोडल अधिकारियों और तकनीकी अधिकारियों के प्रशिक्षण को संबोधित किया। उन्होंने विधानसभा उप निर्वाचन के दौरान सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता और निष्पक्षता से संपन्न कराने को कहा। उन्होंने इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए। श्रीमती कंगाले ने प्रशिक्षण में कहा कि राज्य में विधानसभा की एक रिक्त सीट के लिए उप चुनाव होगा। इसके लिए जल्दी ही प्रक्रिया शुरू होगी। संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी पी.एस. ध्रुव भी प्रशिक्षण में उपस्थित थे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती कंगाले ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उप चुनाव की तिथि की घोषणा के साथ ही इसके लिए आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। उन्होंने निर्बाध और सुचारू निर्वाचन के लिए संबंधित अधिकारियों को विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाओं का जायजा लेने को कहा। उन्होंने सभी मतदान केंद्रों में छाया, पेयजल, शौचालय, रैंप इत्यादि व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाधारहित उप चुनाव के लिए आपसी समन्वय से सक्रियता से काम करने को कहा। उन्होंने आज के प्रशिक्षण में ट्रेनर्स से चर्चा कर अपनी-अपनी शाखाओं से संबंधित शंकाओं का समाधान करने को कहा। रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह और नगर निगम के आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा भी इस दौरान मौजूद थे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान नौ सत्रों में अधिकारियों को आदर्श आचरण संहिता, नामांकन प्रक्रिया, मीडिया प्रमाणन एवं अनुश्रवण समिति (एमसीएमसी), निर्वाचक नामावली, पोस्टल बैलेट, ईटीपीबीएस, निर्वाचन व्यय मॉनिटरिंग, जिला निर्वाचन प्रबंधन योजना (DEMP)), मतदान दलों एवं मतदान के दिन की व्यवस्थाओं, ईवीएम, मतगणना तथा निर्वाचन के दौरान प्रयुक्त आईटी एप्लीकेशन्स की बारीकियों की जानकारी दी गई। नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर पुलक भट्टाचार्य ने अधिकारियों को आदर्श आचरण संहिता के विभिन्न प्रावधानों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद जो व्यक्ति उस क्षेत्र के निवासी नहीं है, उसे क्षेत्र से बाहर जाना होगा। आदर्श आचार संहिता के प्रभावी रहने के दौरान जिले में किसी भी तरह के आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।

नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर यू.एस. अग्रवाल ने प्रशिक्षण के दौरान नामांकन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उम्मीदवारों की पात्रता, नामांकन के समय संलग्न किए जाने वाले दस्तावेजों, नामांकन शुल्क, नामांकन पत्रों की संवीक्षा, चुनाव चिन्ह आबंटन, उम्मीदवारों द्वारा दिए जाने वाले शपथ पत्रों तथा रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में नामांकन के लिए जरूरी व्यवस्थाओं के बारे में बताया। सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती शारदा अग्रवाल ने एमसीएमसी के कार्यों और कार्यप्रणाली के बारे में बताया कि आदर्श आचरण संहिता और निर्वाचन व्यय पर निगरानी के लिए प्रिंट मीडिया सेल, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सेल और सोशल मीडिया सेल का गठन करना है। उन्होंने इसके माध्यम से पेड न्यूज पर भी नजर रखने को कहा। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित तिथियों के बीच जनमत सर्वेक्षण और एक्जिट पोल प्रतिबंधित रहेगा।

उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय अग्रवाल ने रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर और नोडल अधिकारियों को निर्वाचक नामावली, पोस्टल बैलेट और ईटीपीबीएस जारी करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने निर्वाचन के दौरान उपयोग होने वाले आईटी एप्लीकेशन्स और मोबाइल एप्स के बारे में भी बताया। उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने उम्मीदवारों के निर्वाचन व्यय की मॉनिटरिंग के दौरान रखी जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रूपेश वर्मा ने प्रशिक्षण में जिला निर्वाचन प्रबंधन योजना के साथ ही मतदान दलों और मतदान के दिन की व्यवस्थाओं तथा ईवीएम के बारे में जानकारी दी। नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर प्रणव सिंह ने अधिकारियों को मतगणना की तैयारियों, मतगणना केंद्र की व्यवस्थाओं और निर्वाचन परिणाम की घोषणा के बारे में बताया।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा पुनः होगी शुरू

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार का विधानसभा में प्रथम अनुपूरक ध्वनिमत से पारित हुआ। वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए प्रस्तुत किए गए 7 हजार 329 करोड़ रूपए के प्रथम अनुपूरक में महतारी वंदन योजना, लोकनायक जयप्रकाश सम्मान निधि, नियद नेल्लानार, पीएम जनमन योजना के साथ ही खेल सुविधाओं, आंगनबाड़ी भवन, देवगुड़ियों के निर्माण उन्नयन, इन्क्यूबवेशन सेंटर की स्थापना सहित अनेक विकास कार्यों के लिए प्रावधान रखे गए हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना पुनः शुरू की जा रही है, इसके लिए भी बजट प्रावधान रखा गया है।


 
साय सरकार ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने छत्तीसगढ़ विजन (अमृतकाल 2047) को दृष्टिगत रखते हुए अनुपूरक बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया, जिसे विस्तृत चर्चा के पश्चात ध्वनिमत से पारित किया गया। वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने विधानसभा में अनुपूरक बजट में चर्चा के दौरान बताया कि वर्ष 2024-25 के मुख्य बजट में व्यय का प्रावधान - 1 लाख 47 हजार 446 करोड़ तथा प्रथम अनुपूरक 7 हजार 329 करोड़ रूपए को मिलाकर अब बजट का आकार 01 लाख 54 हजार 775 करोड़ रूपए हो गया है। प्रथम अनुपूरक में राजस्व व्यय - 6 हजार 825 करोड,़ पूंजीगत व्यय - 504 करोड़, कुल व्यय - 7 हजार 329 करोड़ है। 
 
वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि राज्य में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन एवं सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए संचालित की जा रही है। महतारी वंदन योजना के लिए प्रथम अनुपूरक में 4 हजार 900 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। राज्य के लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) को लोकनायक जयप्रकाश नारायण सम्मान निधि अंतर्गत 42 करोड़ का आकस्मिकता निधि अग्रिम स्वीकृत करते हुए भुगतान किया गया है। अग्रिम की प्रतिपूर्ति हेतु प्रथम अनुपूरक में 42 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
 
वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य के बस्तर क्षेत्र में वामपंथ उग्रवाद से अधिक प्रभावित 5 जिलों- दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर एवं कांकेर के गांवों में अंतिम छोर तक विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नियद नेल्लानार - आपका अच्छा गांव योजना अंतर्गत 53 सीआरपीएफ कैंपों के निर्माण एवं क्षेत्र के समग्र विकास हेतु प्रथम अनुपूरक में 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन क्षेत्रों में खेल सुविधाआंे के विकास हेतु 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 18 नवीन प्राथमिक शाला खोले जाने हेतु प्रथम अनुपूरक में 1 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। 02 नवीन छात्रावास एवं 12 छात्रावासों में सीट वृद्धि हेतु प्रथम अनुपूरक में 88 लाख का प्रावधान किया गया है। 
 
वित्त मंत्री ने कहा कि देश के सभी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में पीवीटीजी के समग्र विकास हेतु चलाई जा रही प्रधानमंत्री जनमन योजना तहत राज्य में विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति समूह के परिवारों एवं बसाहटों के विकास हेतु बहुउद्देश्यीय केन्द्रों के निर्माण के लिये प्रथम अनुपूरक में 20 करोड़ का प्रावधान है। इन क्षेत्रों में 57 मोबाईल मेडिकल यूनिट के संचालन हेतु अनुपूरक में 2 करोड़ 72 लाख का प्रावधान है। पीव्हीटीजी बसाहटों के विद्युतीकरण हेतु अनुपूरक बजट में 3 करोड़ 76 लाख का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
 
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने हेतु ई-बस सेवा योजना अंतर्गत रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर एवं कोरबा हेतु कुल 240 बसों के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, जिसकी अनुमानित लागत 66 करोड़ है, के लिए प्रथम अनुपूरक में 40 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ राज्य इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी को प्रोत्साहित करने के लिए लोगों को सब्सिडी प्रदाय करने हेतु वर्ष 2024-25 के मुख्य बजट में 30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिला है। अतः योजना में अतिरिक्त आवश्यकता को देखते हुए प्रथम अनुपूरक में 20 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान रखा गया है।
 
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में सड़कों के अनुरक्षण एवं संधारण हेतु 150 करोड़ का प्रावधान प्रथम अनुपूरक में किया गया है। प्रदेश में 3 हजार 352 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण हेतु प्रथम अनुपूरक में 50 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्र में सभी आंगनबाड़ियों के भवन स्वीकृत हो गये हैं। लोक निर्माण विभाग के विश्राम भवनों, ट्रांजिट हॉस्टल एवं कार्यालय भवनों में ऑनग्रिड सोलर प्लांट की स्थापना एवं अनुरक्षण कार्य हेतु प्रथम अनुपूरक में 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना अंतर्गत मुख्य बजट में 94 करोड़ 38 लाख का प्रावधान है। ग्रामीण क्षेत्रों में 67 नवीन सड़कों के निर्माण कार्य, जिनकी अनुमानित लागत 170 करोड़ है, के लिए प्रथम अनुपूरक में 25 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
 
वित्त मंत्री ने कहा कि वन प्रबंधन समितियों को बांस कूपों एवं काष्ठ कूपों के विदोहन से प्राप्त होने वाले वनोपज के मूल्य का लाभांश वितरण हेतु 31 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बिगड़े वनों के सुधार एवं बांस वनों के सुधार हेतु 25 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। कानन पेण्डारी जूलॉजिकल गार्डन बिलासपुर में वन्यप्राणियों की खाद्य सामग्री हेतु 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 27वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित करने हेतु 7 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है। तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को चरणपादुका प्रदाय करने हेतु 5 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
 
वित्त मंत्री ने कहा कि मिलेट उत्पादों के प्रचार-प्रसार एवं विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। संयुक्त वन प्रबंधन का सुदृढी़करण एवं विकास योजना अंतर्गत देवगुड़ियों के निर्माण, उन्नयन एवं संरक्षण हेतु 3 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। राज्य में लाख उत्पादन में वृद्धि तथा उत्पादित लाख प्रसंस्करण आदि को बढ़ावा देकर कृषकों के आय में वृद्धि करने हेतु केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण, अनुसंधान एवं क्षमता विकास कार्य के लिए 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण हेतु 2 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है।
 
हमारी सरकार के पिछले कार्यकाल में प्रारंभ की गयी मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना, जिसे पिछली सरकार द्वारा बंद कर दिया गया था, को पुनः प्रारंभ किया गया है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों को देश के प्रमुख तीर्थों की यात्रा कराने हेतु अनुपूरक में 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
 
राज्य की नदियों, नालों को प्रदूषण से बचाने हेतु सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर जल को उपचारित कर शुद्ध बनाने के लिये 260 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में साईंस सिटी की स्थापना हेतु 36 करोड़ 81 लाख का प्रावधान किया गया है। नवा रायपुर अटल नगर में इनोवेशन हब एवं Incubation Center की स्थापना हेतु 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2014 में 300 स्टार्टअप से आज वर्ष 2024 में भारत में स्टार्टअप की संख्या 400 गुना बढ़कर लगभग 1,27,000 हो गई है। इनमें 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं।
 
नवा रायपुर में खेल काम्पलेक्स निर्माण हेतु 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राज्य में राष्ट्रीय खेल 2028 (नेशनल गेम्स) के आयोजन से संबंधित आवश्यक तैयारियों हेतु 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 30 बिस्तर सिविल अस्पताल माना, जिला-रायपुर में 150 बिस्तरीय प्रांतीय नेत्र संस्थान की स्थापना के लिये 61 पदों के सृजन हेतु 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है। नगरीय निकायों में नालंदा परिसर की तर्ज पर 22 स्थानों पर सेन्ट्रल लाईब्रेरी सह रीडिंग जोन के निर्माण हेतु वर्ष 2024-25 के मुख्य बजट में 148 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इनमें से 13 नगरीय निकायों में सेन्टलª लाईब्रेरी सह रीडिंग जोन निर्माण हेतु 85 करोड़ की स्वीकृति दी गयी है।
 
एक जुलाई 2024 से लागू 3 नये आपराधिक कानूनों-भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता के नियमों के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधित मदों में अनुपूरक अंतर्गत 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। समग्र शिक्षा अंतर्गत 1464 शालाओं के लिए 4392 गैर शिक्षकीय पदों के सृजन तथा 10 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के उन्नयन हेतु 2 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। दवाई क्रय हेतु स्वास्थ्य विभाग के वर्ष 2024-25 के बजट में 154 करोड़ का प्राावधान है तथा प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों, उप, प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में दवाई की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 90 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया है।
 
वर्ष 2024-25 के प्रथम अनुपूरक बजट की चर्चा में पूर्व मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल, विधायक सर्व अटल वास्तव, उमेश पटेल, मती अनिला भेड़िया, मती संगीता सिन्हा, रामकुमार यादव, देवेंद्र यादव, कुंवर सिंह निषाद, राघवेन्द्र कुमार सिंह ने अनुदान मांगों के विरोध में अपनी बात रखी। इसी प्रकार सर्व अजय चंद्राकर, धर्मजीत सिंह, अनुज शर्मा मती भावना बोहरा, सर्व नीलकंठ टेकाम, मोती लाल साहू, गुरु खुशवंत सिंह साहेब, गजेन्द्र यादव ने अनुदान मांगों के पक्ष में अपनी बात रखी।
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