Media24Media.com: विकसित छत्तीसगढ़

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छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा – 'समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़'

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रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि “हम विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्यरत हैं, और इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। मुख्यमंत्री साय आज भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह आयोजन इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा। गोल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने 8183 प्रतिभागियों को एक सप्ताह के भीतर दिए गए प्रशिक्षण को प्रमाणित किया है और संस्थान को इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने रूंगटा यूनिवर्सिटी प्रबंधन को इस नि:शुल्क और अभूतपूर्व आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर एवं दक्ष बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भिलाई को इस्पात नगरी के साथ-साथ मिनी इंडिया भी कहा जाता है और शिक्षा के क्षेत्र में रूंगटा यूनिवर्सिटी का योगदान अत्यंत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विगत 25 वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इस वर्ष को हम राज्य की रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार हुआ और वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, सिपेट, एम्स, और लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान कार्यरत हैं।

उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में राज्य सरकार ने समान रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। बीते डेढ़ वर्षों में सुशासन की स्थापना के लिए ठोस प्रयास हुए हैं। शासन को पारदर्शी बनाने हेतु अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश है और इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। जब यह मिशन प्रारंभ हुआ था, भारत विश्व की 10वीं अर्थव्यवस्था था — और आज, केवल एक दशक में भारत चौथे स्थान पर पहुँच चुका है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मेगा प्लेसमेंट कैंप्स के माध्यम से नियोक्ताओं और प्रशिक्षित युवाओं के बीच संतुलन स्थापित हुआ है। यह कार्य डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए अनुभव के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिससे उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में युवाओं के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। एक हजार से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को अनुदान देने का प्रावधान है।

बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त रियायतें दी गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर के सभी 32 विकासखंडों में स्किल इंडिया मिशन की गतिविधियाँ आरंभ हो चुकी हैं।उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को प्रोत्साहन देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को क्लीयरेंस की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। इससे राज्य में निवेश को गति मिली है। अब तक 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके अनुमोदन की प्रक्रिया प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हाल ही में नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल कंपनी का शुभारंभ हुआ है। यह दो कारणों से संभव हुआ—एक, नवा रायपुर को फार्मा हब के रूप में विकसित किया गया है, और दूसरा, फार्मा उद्योग के लिए नई नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास हाल ही में किया गया है। इसके पीछे एआई और आईटी क्षेत्र में निवेश हेतु विशेष अनुदान का योगदान है।छत्तीसगढ़ सरकार ने देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क भी नवा रायपुर में स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों, विशेषकर रूंगटा यूनिवर्सिटी की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार के प्रयासों में पूर्ण सहभागी बनकर छत्तीसगढ़ को स्किल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों और यूनिवर्सिटी परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी।

उल्लेखनीय है कि भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। कार्यक्रम में 8183 युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। 25 चयनित प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गूगल, आईबीएम और इंटरनेशनल काउंसिल के साथ संयुक्त डिग्री कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हार्वर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा एक सप्ताह में सबसे अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने के कीर्तिमान की पुष्टि की गई।

इस अवसर पर सांसद विजय बघेल और विधायक रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है।

रूंगटा यूनिवर्सिटी के कुलपति संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी और कहा कि संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को ग्लोबल स्किल हब बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इस अवसर पर संभागायुक्त एस.एन. राठौर, आईजी  आर.जी. गर्ग, कलेक्टर अभिजीत सिंह, रूंगटा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।


स्वास्थ्य से समृद्धि के मंत्र से ही आगे बढ़ रही है छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा - मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : हमारा राज्य अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा है। हम विकसित छत्तीसगढ़ की ओर कदम बढ़ा चुके हैं। छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा स्वास्थ्य से समृद्धि के मंत्र से ही आगे बढ़ रही है। आज छत्तीसगढ़ मेडिकल टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन रहा है। एक समय था जब कई गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए लोग दिल्ली-मुंबई जाते थे। आज गंभीर से गंभीर बीमारियों का उपचार रायपुर शहर के सेवाभावी डॉक्टर कर रहे हैं। हार्ट और किडनी ट्रांसप्लांट से लेकर कैंसर जैसी बीमारियों का अत्याधुनिक तकनीक से उपचार रायपुर के अस्पतालों में हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान यह बात कही।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बेहतर संसाधन, आवश्यक अधोसंरचना विकसित उपलब्ध कराने के साथ - साथ डॉक्टरों और चिकित्सा स्टाफ की भर्ती की जा रही है । हमारी सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ ही शहीद वीरनारायण सिंह स्वास्थ्य योजना लागू की है।आयुष्मान योजना के तहत गरीब परिवारों और 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के नागरिकों को पांच लाख रुपए तक के निःशुल्क इलाज तथा एपीएल परिवारों को 50 हजार रुपए तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा जटिल रोगों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से भी सहायता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 10 शासकीय और 4 निजी मेडिकल कालेजों सहित कुल 14 मेडिकल कॉलेज हैं।

राज्य में चार नये मेडिकल कॉलेजों के भवनों का निर्माण किया जा रहा है। जांजगीर चांपा, कबीरधाम, मनेंद्रगढ़ और गीदम में मेडिकल कॉलेज बनने से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि आईएमए जैसे संगठन चिकित्सकों की आवाज़ बनने के साथ डॉक्टर और मरीज के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने का काम किया जा रहा है। चिकित्सकगणों के सहयोग और समर्पण से ही हम चिकित्सा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नए मुकाम पर ले जाने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा सुविधा को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने वित्तीय अधिकारों में वृद्धि की है। उन्होंने चिकित्सा सेवा एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सिकलसेल की स्क्रीनिंग में छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य है। यहां एक करोड़ 29 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। राज्य में सिकल सेल अनुसंधान संस्थान की स्थापना और बोन मेरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होगी। इसके लिए 48 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने आईएमए रायपुर को विश्वास दिलाया कि सरकार चिकित्सकों और जनहित के कामों में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। कार्यक्रम को पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने भी संबोधित किया।

आईएमए के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सोलंकी ने राज्य में चिकित्सा सेवा एवं चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए एसोसिएशन की ओर से हरसंभव सहयोग दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आईएमए शासन और चिकित्सा सेवा प्रदाता के बीच समन्वय का दायित्व पूरी प्रतिबद्धता से निभाएगी। कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, आईएमए छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. प्रभात पाण्डेय, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना सहित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में चिकित्सक उपस्थित थे।

मंत्री बृजमोहन ने अपने तीन महीने की प्रोग्रेस रिपोर्ट दी, कहा - शुरू हो चुकी है विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा

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 रायपुर :  शिक्षा मंत्री  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 3 माह के अल्प समय में ही कई बड़े फैसले और दूरगामी निर्णय लिए है। आने वाले समय में विकसित भारत की संकल्पना को पूर्ण करने के लिए छत्तीसगढ़ में भी तैयारियां की जा रही हैं। विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, धर्मस्व, पर्यटन एंव संस्कृति विभाग की गतिविधियां तय की गई है। 


 
संस्कृति मंत्री  बृजमोहन अग्रवाल ने अपने विभागों के 3 महीनों की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर जानकारी देते हुए बताया कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने राज्य में नई शिक्षा नीति को लागू करने जा रहे हैं। स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा के अधोसरंचना को मजबूत कर रहे है। स्कूल अधोसरंचना को मजबूत करने के लिए बजट में 265 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। सनातन संस्कृति के प्रति गौरव का भाव जगाने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए त्रिवेणी संगम भव्य राजिम कुम्भ का फिर से आयोजन की शुरूआत की है। जनभावना का सम्मान करते हुए  रामलला दर्शन योजना की शुरूआत की है। 5 मार्च को 850 लोगांे का जत्था विशेष ट्रेन से अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई है। इस पूरी यात्रा का खर्च राज्य सरकार के द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी अयोध्या धाम के भव्य रामलला मंदिर की तर्ज पर नवा रायपुर स्थित मुक्तांगन में अयोध्या धाम का प्रतिरूप बनाया जाएगा। 
 
वनांचल क्षेत्रों में भी आदिम संस्कृति के गौरव प्रदान करने के लिए बस्तर दशहरा के आयोजन के लिए राशि बढ़ाकर प्रत्येक वर्ष 50 लाख रुपए, चित्रकोट महोत्सव के लिए 25 लाख रुपए और रामाराम महोत्सव के लिए 15 लाख रुपए, गोंचा महोत्सव के लिए धनराशि 5 लाख रुपए कर दी गई है। मानसरोवर यात्रा और सिंधु दर्शन यात्रा के लिए भी आर्थिक सहायता राशि को बढ़ाकर राशि को 50 हजार रूपए प्रति यात्री किया गया है। 
 
छत्तीसगढ़ सरकार चार धाम के तर्ज पर छत्तीसगढ़ में पांच शक्तिपीठों विकसित करेगी इसके अंतर्गत कुदरगढ़ जिला सूरजपुर, चंद्रहासिनी चंन्द्रपुर जिला-सक्ती, महामाया रतनपुर जिला-बिलासपुर, दंतेश्वरी जिला दंतेवाड़ा और बम्लेशवरी डोंगरगढ़ जिला राजनांदगांव को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने के लिए योजना तैयार की जा रही है। इस योजना की लागत 112 करोड़ की होगी। इस वर्ष बजट में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 
 
राम लला प्राण प्रतिष्ठा-रामोत्सव 2024 के आयोजन हेतु राशि रूपए 1 करोड़ 14 लाख रूपए की राशि एवं चिन्हारी पोर्टल में पंजीकृत रामायण मानस मंडलियों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 3 करोड़ 10 लाख 40 हजार रुपए  आवंटित किए गए।  विभिन्न अवसरों पर सांस्कृतिक आयोजन में लोक कलाकारों को करीब 3 करोड़ रुपए मानदेय के रूप में प्रदान किए गए। सिरपुर महोत्सव आयोजन के लिए 15 लाख रुपए का प्रावधान किया गया। इसके अलावा राजनांदगांव में लोक मंडई महोत्सव का आयोजन किया गया। मैनपाट महोत्सव और जांजगीर चांपा में शिवरीनारायण मेला महोत्सव का सफल आयोजन किया गया।  

स्कूल शिक्षा विभाग

‘प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राईजिंग इंडिया’ के तहत छत्तीसगढ़ के 211 स्कूलों में पीएम  योजना में शामिल किया गया है। पीएम  योजना के तहत स्कूलों में आधुनिक, परिवर्तनकारी सुविधायुक्त शिक्षा देने की तैयारी की है। इस योजना के तहत स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए बजट में 60 करोड़ का प्रावधान किया गया है। दूसरे चरण में प्रदेश के लगभग 300 स्कूलों को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा। 
 
प्रदेश के 25 हजार स्कूलों में पहली से लेकर 12वीं तक एक सेक्शन इंग्लिश मीडियम का शुरू किया जाएगा। अब 9 वीं कक्षा के सभी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क सायकल मिलेगी। राज्य सरकार ने छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग को मिलने वाली छात्रवृत्ति संत शिरोमणि गुरू घासीदास, अनुसूचित जनजाति वर्ग की छात्रवृत्ति को वीर गुण्डाधुर के नाम पर किए जाने का निर्णय लिया है।

न्योता भोजन

प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तर्ज पर स्कूल अवधि में बच्चों को गर्म भोजन उपलब्ध कराने ‘न्योता भोजन’ शुरू किया गया है। यह सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। यह विभिन्न त्यौहारों या अवसरों जैसे वर्षगांठ, जन्मदिन, विवाह और राष्ट्रीय पर्व आदि पर बड़ी संख्या में लोगों को भोजन प्रदान करने की भारतीय परम्परा पर आधारित है। समुदाय के सदस्य ऐसे अवसरों/त्यौहारों पर अतिरिक्त खाद्य पदार्थ या पूर्ण भोजन के रूप में बच्चों को पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन प्रदान कर सकते है। अब तक 6000 स्कूलों में समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, समुदाय, आम नागरिकों के द्वारा बच्चों को न्योता भोजन कराया गया है।

सीधी भर्ती व पदोन्नति

जनवरी 2024 से अब तक सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याताओं के 2055 पदों पर भर्ती की जा चुकी है। इसके साथ ही व्याख्याता के 2524 पद, शिक्षक के 8194 पद तथा सहायक शिक्षक के 22341 पद, कुल 33059 पदों पर सीधी भर्ती की कार्यवाही आरंभ कर दी गई है। इसके साथ ही शिक्षकों की समय पर पारदर्शी तरीके से पदोन्नति और वरिष्ठता सूची प्रकाशन की कार्यवाही की जा रही है।

उच्च शिक्षा 

छत्तीसगढ़ का पहला आयुर्वेद विश्वविद्यालय और पहला संस्कृत विश्वविद्यालय रायपुर में प्रारंभ किया जाएगा। प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत राज्य के बस्तर विश्वविद्यालय को 100 करोड रुपए, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर को 20 करोड़ और अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय, बिलासपुर को 20 करोड़ के साथ ही दो कॉलेजों को पांच-पांच करोड़ रुपए दिए हैं। बस्तर क्षेत्र में उच्च शिक्षा की उपलब्धता हेतु वर्ष 2024-25 के राज्य बजट से 20 नवीन शिक्षण विभाग में 33 नवीन स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का भी प्रावधान किया गया है। 
 
बस्तर विश्वविद्यालय के वार्षिक अनुदान की राशि 04 करोड़ से बढ़ाकर इस वर्ष के बजट में 10 करोड प्रस्तावित किया गया है। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के वार्षिक अनुदान बजट की राशि 39 करोड़ से बढ़ाकर 54 करोड कर दिया गया है। इसी प्रकार बिलासपुर विश्वविद्यालय के लिए वार्षिक अनुदान की राशि 02 करोड़ 27 लाख से बढ़ाकर 10 करोड़ कर दी गई है।
 
उच्च शिक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को महाविद्यालय में आने-जाने में होने वाली असुविधा को दूर करने हेतु परिवहन की सुविधा अगले सत्र से दिये जाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 4200 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। शासकीय महाविद्यालयों आने वाले दिनों में नियमित प्राचार्यों की नियुक्ति की जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू होने से प्रदेश के उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों को रोजगर उन्मुखी शिक्षा मिलेगी। पं रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में कॉमर्स और फोरेंसिक साइंस कोर्स शुरू होंगे।  
 
शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर में पुस्तकालय भवन निर्माण की भी स्वीकृति के साथ ही 15 शासकीय महाविद्यालयों में नवीन स्नातक विषय संकाय एवं 23 शासकीय महाविद्यालयों में नवीन स्नातकोत्तर संकाय प्रारंभ किए जाएंगे। शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों/कर्मचारियों की वर्षों से रूकी हुई पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। 

संस्कृति विभाग

गोंड़ी भाषा के विकास हेतु ट्रिपल आई.टी. नवा रायपुर द्वारा एक भाषा अनुवाद टूल विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में बजट राशि 250.00 लाख का प्रावधान किया गया है। पद्म प्राप्त कलाकारों को प्रतिमाह 25 हजार रूपए पेंशन दिए जाने का प्रावधान है। 
 
स्वामी विवेकानन्द जी के द्वारा रायपुर में व्यतीत जीवनकाल को स्मरणीय बनाने हेतु उनके निवास स्थान डे-भवन की स्मृति संस्थान के लिए वर्ष 2024-25 के बजट में 4.80 करोड़ रूपए का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ लोक कला एवं नृत्यों के संरक्षण अन्तंगत पर आधारित लघुफिल्म, ड्राक्युमेंट्री एवं संवर्धन कायों के लिए राशि रू. 2.12 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

युवा विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनें : प्रधानमत्री मोदी

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 रायपुर : वर्ष 2047 में विकसित छत्तीसगढ़ का जिम्मा संभालने की जिम्मेदारी जिस पीढ़ी पर होगी, उन्हें तैयार करने और गढ़ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश के बच्चों से निरंतर संवाद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आज विधानसभा परिसर का निरीक्षण करने आये बेमेतरा के एकेडमिक वर्ल्ड स्कूल के बच्चों से विधानसभा कार्यालय कक्ष में मुलाकात की और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। बच्चे विधायक मती भावना बोहरा के नेतृत्व में पहुंचे थे।


मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि आप लोग जो भी पूछना चाहते हैं पूछें। उन्होंने बच्चों से पूछा भी कि अब तक यहां क्या देखा। बच्चों ने बताया कि वे सेंट्रल हाल गये, विधानसभा की कार्रवाई देखी और यहां की लाइब्रेरी का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को बताया कि ये सबसे महत्वपूर्ण जगह है जहां पर विधायक प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण कानून तैयार करने मंशा करते हैं प्रदेश को आगे ले जाने की दिशा में काम करते हैं।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को बताया कि आप लोग जब बड़े होंगे तो आपकी पीढ़ी के लोग यहां पहुंचेंगे और छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाएंगे। प्रदेश के बच्चों की अच्छी परवरिश हो, उन्हें बुनियादी सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए हमने यहां बजट पारित किया और आने वाले सालों के लिए संकल्प भी तय किये।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस तरह से आपने यहां लाइब्रेरी देखी और इसकी प्रशंसा की। उस तरह की लाइब्रेरी रायपुर में नालंदा परिसर के नाम से है जिसमें युवा छात्र तैयारी करते हैं और किताबें पढ़ते हैं। हमने इस बार बजट में इसी तरह से अन्य जिलों में भी 20 लाइब्रेरी तैयार करने का निर्णय लिया है। हर जिले में एक अच्छी लाइब्रेरी होगी, जहां आपके लिए खूब सारी किताबें होंगी और आप इन्हें पढ़कर अपना उज्जवल भविष्य तैयार कर पाएंगे।

छात्र पीयूष राजपूत ने मुख्यमंत्री से पूछा कि आप मुख्यमंत्री हैं तो छत्तीसगढ़ को किस तरह से आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि आपमें से कुछ बच्चे किसान परिवारों से होंगे। हमने किसानों का विशेष ध्यान रखा है। हम उन्हें धान का मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत दे रहे हैं। हमने 2 साल की बोनस राशि भी किसानों को दी है। हम लोग 21 क्विंटल धान प्रति एकड़ खरीदते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं लाते हैं जिससे सभी को लाभ होता है। हमने बजट प्रस्ताव भी ऐसा ही रखा है। सभी क्षेत्रों में समुचित विकास की पहल की है जिससे पूरा प्रदेश तरक्की की राह में तेजी से आगे बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बच्चों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो हमेशा बच्चों से चर्चा करते रहते हैं। वे बच्चों से पढ़ाई लिखाई के बारे में तथा बच्चों से संबंधित अन्य विषयों पर बच्चों से हमेशा बातचीत करते हैं। छत्तीसगढ़ को संवारने के लिए उन्होंने जो गारंटी प्रदेश के लोगों को दी है। उसे ही पूरा करने की दिशा में हम लोग काम कर रहे हैं।

 

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