Media24Media.com: लोक निर्माण विभाग

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तेजी से कार्य करते हुए अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में सड़कों, पुल-पुलियों व भवनों के निर्माणकार्य करें पूर्ण : विष्णु देव साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को तेजी से कार्य करते हुए अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में सड़कों, पुल-पुलियों एवं भवनों के काम पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर तेज और सुरक्षित यातायात पर जोर दिया। उन्होंने एआई और नवीन तकनीकों के उपयोग से खराब सड़कों के त्वरित चिन्हांकन व मरम्मत के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरूण साव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।


मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बैठक में सड़कों और पुल-पुलियों के काम आगामी पांच साल की कार्ययोजना को ध्यान में रखते हुए त्वरित गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों और वृहद पुलों के कार्यों को भू-अर्जन के बाद डेढ़-दो वर्षों में अनिवार्यतः पूर्ण करने को कहा। उन्होंने शहरों के नजदीक बनने वाले बाइपास और रिंगरोड में पर्याप्त संख्या में ओव्हरब्रिजों और अण्डरब्रिजों का निर्माण करते हुए इन्हें एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर विकसित करने के निर्देश दिए। इससे यातायात तेज और सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री  साय ने भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर को विशाखापट्नम से जोड़ने बन रहे एक्सप्रेस-वे से रायपुर-जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने अच्छी गुणवत्ता के कनेक्टिंग-रोड्स बनाने के निर्देश दिए, ताकि इस एक्सप्रेस-वे का अधिक से अधिक लाभ राज्य के लोगों को मिल सके। 

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी बड़ी एवं महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए एक-एक डेडीकेटेड (Dedicated) वरिष्ठ अधिकारी नामांकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने एनएचएआई (NHAI) के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने को कहा। उन्होंने आगामी तीन वर्षों में 30 हजार करोड़ रूपए के सड़क विकास के कार्यों को पूर्ण करने के लक्ष्य के साथ काम करने को कहा। उन्होंने नए बजट में प्रावधानित कार्यों की प्राथमिकता तय करते हुए शीघ्र ही उनके इस्टीमेट (Estimate), डीपीआर और टेण्डर की कार्यवाही पूर्ण करते हुए कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। 

साय ने पुल-पुलियों के रखरखाव एवं मरम्मत की प्रभावी व्यवस्था बनाने को भी कहा। उन्होंने इसके लिए आवश्यक प्रोटोकाल तैयार कर कड़ाई से अमल करने को कहा। उन्होंने एआई और नवीन तकनीकों के उपयोग से खराब सड़कों की तुरंत पहचान के लिए सिस्टम तैयार करने को कहा। इससे सड़कों के संधारण एवं त्वरित मरम्मत में मदद मिलेगी। उन्होंने खदान क्षेत्रों में सड़कों के मजबूतीकरण पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने बस्तर में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने वहां निर्माणाधीन सड़कों और पुल-पुलियों के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। नई सड़कों और पुलों के निर्माण से सुदूर वनांचलों के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जुड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को वर्तमान समय की जरूरतों और लाइफस्टाइल के अनुरूप सर्किट हाउसों और विश्राम गृहों को अपग्रेड करने के निर्देश दिए। उन्होंने इनके अच्छे रखरखाव के साथ ही साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को सुधारने को कहा।  

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में बताया कि नया रायपुर में निर्माणाधीन विधानसभा के नए भवन का 95 प्रतिशत सिविल एवं विद्युत यांत्रिकी कार्य पूर्ण कर लिया गया है। नए राजभवन का भी 60 प्रतिशत काम पूर्ण हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सड़क सुरक्षा के कार्यों के लिए 106 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सड़क दुघर्टनाओं को रोकने आगामी पांच-छह महीनों में ब्लैक-स्पॉट और जंक्शन सुधार के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत और श्री मुकेश बंसल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और संयुक्त सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव सहित सभी मुख्य अभियंता भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने इन कार्यों की समीक्षा की 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्गों, एनएचएआई द्वारा किए जा रहे कार्यों, निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों एवं भवनों की प्रगति, खेल विभाग के अधोसंरचना निर्माण कार्यों तथा सीआरआईएफ, आरआरपी (एलडब्ल्यूई) तथा आरसीपीएलडब्लूईए योजनाओं के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री साव आज लोक निर्माण विभाग के कार्यों की करेंगे समीक्षा

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 रायपुर : उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव आज 11 अप्रैल को लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में सवेरे दस बजे से आयोजित समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा प्रदेशभर में किए जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।


लोक निर्माण विभाग के सचिव, प्रमुख अभियंता, सभी मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता सहित सभी जिलों के कार्यपालन अभियंता बैठक में शामिल होंगे।

पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मुख्य आरोपित ठेकेदार सुरेश चंद्राकर का पंजीयन निलंबित, दिए गए सभी काम लोक निर्माण विभाग ने किए निरस्त

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 रायपुर : लोक निर्माण विभाग ने बीजापुर के ठेकेदार सुरेश चन्द्राकर का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उसे दिए गए सभी कार्य निरस्त कर दिए हैं। बस्तर परिक्षेत्र जगदलपुर के विभागीय मुख्य अभियंता की अनुशंसा पर प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सुरेश चंद्राकर का पंजीयन निलंबित किया गया है।


मुख्य अभियंता द्वारा लोक निर्माण विभाग में पंजीकृत सुरेश चंद्राकर "अ" वर्ग ठेकेदार, बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मुख्य आरोपी के रूप में समाचार पत्रों में प्रकाशित किए जाने तथा गिरफ्तार किए जाने के कारण उसके पंजीयन को निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई थी।

मुख्य अभियंता की अनुशंसा को दृष्टिगत रखते हुए विभाग ने सुरेश चंद्राकर का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं सुरेश चंद्राकर को दिए गए सड़क निर्माण के कार्यों को लंबे समय तक बंद पाए जाने तथा कार्यों की धीमी गति के कारण उसे दिए गए सभी कार्यों को निरस्त कर दिया गया है।

लोक निर्माण विभाग में अभियंताओं की दीपावली की खुशियां हुई दुगुनी, मिली पदोन्नति

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रायपुर। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग में अभियंताओं की दीपावली की खुशियां दुगुनी हो गई है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने आज मंत्रालय से 47 अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा 41 उप अभियंताओं को सहायक अभियंता और चार मानचित्रकारों को सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नत किया गया है। विभाग ने आज दो अभियंताओं को 29 मई 2020 से भूतलक्षी प्रभाव से मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नति के भी आदेश जारी किए हैं। इन पदोन्नत अधिकारियों की पदस्थापना बाद में की जाएगी।

लोक निर्माण विभाग द्वारा पिछले कई वर्षों से अभियंताओं की लंबित पदोन्नति के आदेश चालू अक्टूबर माह में जारी किए गए हैं। हाल ही में 14 अक्टूबर को 51 अधिकारियों को भी पदोन्नत किया गया था। इनमें तीन कार्यपालन अभियंताओं को अधीक्षण अभियंता तथा 48 सहायक अभियंताओं को कार्यपालन अभियंता के रूप में पदोन्नति दी गई थी। इस प्रकार चालू अक्टूबर माह में कुल 98 अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। सभी पदोन्नत अधिकारियों ने इस दीपावली नई खुशियां देने के लिए उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव को धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया है।

CG NEWS : लोक निर्माण विभाग में 51 अधिकारियों की पदोन्नति

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 रायपुर : राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग ने 51 अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं। विभाग द्वारा तीन कार्यपालन अभियंताओं को अधीक्षण अभियंता पदोन्नत किया गया है। वहीं 48 सहायक अभियंताओं को कार्यपालन अभियंता पदोन्नत किया गया है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव के अनुमोदन के बाद शासन द्वारा मंत्रालय से पदोन्नति आदेश जारी कर दिए गए हैं। इन पदोन्नत अधिकारियों की पदस्थापना बाद में की जाएगी.


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जशपुर के विकास को मिल रही नई उड़ान, तीव्र गति से हो रहा विकास कार्य

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 रायपुर : जशपुर जिले के विकास को नई उड़ान दिलाने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर नई विकास परियोजनाओं का आगाज हो रहा है। जिसके द्वारा जिले के विकास को गति मिल रही है। पिछले 06 माह में लोक निर्माण विभाग की 113.19 करोड़ रुपयों की 43 सड़क निर्माण परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गयी है।


जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए मुहिम चलाई जा रही है ताकि जिले के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं की पहुंच को बढ़ाया जा सके। इसके लिए आवश्यक है कि उन क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाए। इसके लिए आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान कर उनके लिए तीव्र गति से तकनीकी विश्लेषण द्वारा डीपीआर निर्माण कर तकनीकी स्वीकृति एवं प्रशासकीय स्वीकृति के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। जिसका परिणाम है कि विगत 06 माह में 43 सड़क निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के साथ निविदा प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी है। कलेक्टर द्वारा मुख्यमंत्री श्री साय की मंशानुरूप सभी सड़क निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया जल्द से जल्द पूर्ण कर आगामी 01 वर्ष में सभी को पूर्ण कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया गया हैं।

लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार के पत्थलगांव के अंतर्गत 73.30 करोड़ रुपयों के 25 सड़क मार्गों का निर्माण किया जाना है। जिसमें 10.94 करोड़ की लागत के एन.एच.43 से बिच्छीकानी ढुढरूपारा से जमरगी तक 8 किमी सड़क मार्ग, 7.98 करोड़ रूपए लागत के बगीया से सूजीबहार तक के 8.70 किमी सड़क मार्ग, 5.57 करोड़ रूपए लागत के लैलूंगा, कोतबा से लवाकेरा तक के 5.18 किमी सड़क मार्ग, 4.28 करोड़ लागत के 3.5 किमी के कांसांबेल मुसकुटी तक सड़क मार्ग, 4.03 करोड़ रूपए लागत के बाबूसाजबहार से गोलीडीह नदी तक सड़क मार्ग, 3 करोड़ रूपए लागत के 1.2 किमी के करजटोली से रजौटी तक सड़क मार्ग सहित 25 सड़क मार्गों का निर्माण कराया जाएगा।

लोक निर्माण विभाग के जशपुर के कार्यपालन अभियंता विरेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि जशपुर में 39.89 करोड़ रुपयों के 18 सड़क मार्गों का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। जिसमें 3.39 करोड़ लागत के चांडीडांड हत्ता हल्काटोली तक के 2.36 किमी सड़क मार्ग, 4.75 करोड़ लागत के एस.एच 17 मुख्य मार्ग से ढोगाअम्बा जामचुआ तक 3.26 किमी सड़क मार्ग, 3.6 करोड़ रूपए लागत के बनकोम्बों से घटमुंडा तक के 3.4 किमी सड़क मार्ग, 2.57 करोड़ रूपए लागत के बालाछापर आरा सकरडेगा से छोटाबनई तक के 2.4 किमी सड़क मार्ग, 2.45 करोड़ रूपए लागत के एन.एच. 43 खड़सा से कोमड़ो तक के 1.94 किमी सड़क मार्ग, 2.38 करोड़ रूपए लागत के भुड़केला से लवानदी पुल तक के 2.10 किमी सड़क मार्ग, 2.33 करोड़ रूपए लागत के खरवाटोली से बांधाटोली तक के 2 किमी सड़क मार्ग, 2.25 करोड़ रूपए लागत के बालाछापर आरा सकरडेगा से कारीताला तक के 2 किमी सड़क मार्ग, 2.29 करोड़ रूपए लागत के बहराखैर से जुड़वाईन तक के 1.63 किमी सड़क मार्ग सहित 18 मार्गों का निर्माण कराया जाएगा।

Chhattisgarh : लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता निलंबित

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रायपुर : राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा राजनांदगांव के कार्यपालन अभियंता ए.के. चौहान को निलंबित कर दिया गया है। राजनांदगांव में विगत 2 सितम्बर को आयोजित उप मुख्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहकर कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही एवं शिथिलता बरतने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।


राज्य शासन द्वारा निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय नवा रायपुर स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

Chhattisgarh : निविदा के बाद अब तुरंत काम होगा शुरू, नए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

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 रायपुर :  लोक निर्माण विभाग के कार्यों में तेजी लाने और उन्हें समय पर पूर्ण करने राज्य शासन द्वारा निविदा को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब सड़क और सेतु निर्माण के लिए निविदा के पहले संबंधित कार्यपालन अभियंता को प्रमाणित करना होगा कि कार्य के लिए 90 प्रतिशत बाधारहित भूमि उपलब्ध है। भवन निर्माण के लिए पूरी जमीन व्यवधानरहित होने पर ही निविदा आमंत्रित की जा सकेगी। 


उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव द्वारा विभागीय कार्यों में तेजी और कसावट लाने के निर्देश के बाद राज्य शासन ने प्रमुख अभियंता सहित सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं को इस संबंध में परिपत्र जारी किया गया है। विभाग ने नए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इनका समुचित पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

लोक निर्माण विभाग द्वारा मंत्रालय से प्रमुख अभियंता से लेकर सभी कार्यपालन अभियंताओं को जारी परिपत्र में निर्देशित किया गया है कि निविदा आमंत्रण के पूर्व कार्यपालन अभियंता को यह प्रमाणित करना होगा कि सड़़क निर्माण के लिए सड़़क की प्रस्तावित कुल लंबाई की 90 प्रतिशत लंबाई व्यवधानरहित है। साथ ही 90 प्रतिशत लंबाई में सभी प्रकार की बाधाएं जैसे भूअर्जन, वन भूमि व्यपवर्तन एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया गया है तथा शेष 10 प्रतिशत भूमि बाधारहित करने की कार्यवाही 180 दिनों में पूर्ण कर ली जाएगी। विभाग ने भवन निर्माण के लिए 100 प्रतिशत व्यवधानरहित भूमि उपलब्ध होने के बाद ही निविदा आमंत्रण की कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

 परिपत्र में कहा गया है कि सेतु कार्यों के पहुंच मार्ग के लिए 90 प्रतिशत लंबाई बाधारहित होने पर ही निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की जाए। निविदा आमंत्रण के पूर्व कार्यपालन अभियंता को यह प्रमाणित करना होगा कि पुल निर्माण हेतु पुल के पहुंच मार्ग के लिए प्रस्तावित कुल लंबाई की 90 प्रतिशत लंबाई व्यवधानरहित है। साथ ही 90 प्रतिशत लंबाई में सभी प्रकार की बाधाएं जैसे भूअर्जन, वन भूमि व्यपवर्तन एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष 10 प्रतिशत भूमि बाधारहित करने की कार्यवाही 180 दिनों में में पूर्ण कर ली जाएगी। विशेष प्रकरणों में शासन द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


महासमुंद : सड़क चौड़ीकरण एवं निर्माण के लिए 35 करोड़ 51 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली

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महासमुंद : महासमुंद जिले में पुल पुलिया निर्माण एवं सड़क चौड़ीकरण के दो विकास कार्यों के लिए राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा कुल 35 करोड़ 51 लाख 7 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।


 

जारी प्रशासकीय स्वीकृति आदेश के तहत राज्य शासन द्वारा वर्ष 2023-24 के बजट में महासमुंद जिला अंतर्गत महासमुंद, तुमगांव, अछोला मार्ग लंबाई 9.65 किलोमीटर के सड़क चौड़ीकरण निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए 27 करोड़ 18 लाख 30 हजार रुपए स्वीकृत किया गया है ।

इसी तरह भगत सरायपाली से रायगढ़ सीमा मार्ग तक कुल 5.50  किलोमीटर पुल पुलिया निर्माण सहित निर्माण के लिए 8 करोड़ 32 लाख 77 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

गुणवत्ताहीन निर्माण पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने दिखाए सख्त तेवर, दो अधिकारी निलंबित, दो को कारण बताओ नोटिस

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 रायपुर : लोक निर्माण विभाग ने सड़क उन्नयन और नवीनीकरण कार्य‌‌‌ में गुणवत्ताहीन निर्माण और अमानक कार्य के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की है। कार्यस्थल के निरीक्षण और जांच के बाद उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने चार अधिकारियों पर कार्रवाई की है। लोक निर्माण विभाग द्वारा गुणवत्ताहीन और अमानक कार्य के लिए कटघोरा उप संभाग के अनुविभागीय अधिकारी और उप अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। वहीं कोरबा संभाग के तत्कालीन कार्यपालन अभियंता और उप संभागीय अनुविभागीय अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।


उप मुख्यमंत्री अरुण साव लोक निर्माण विभाग का प्रभार संभालने के बाद से ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने पर लगातार जोर दे रहे हैं। उन्होंने विभागीय समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को इसके लिए कड़े निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता में रखने को कहा है।

कोरबा जिले के चोटिया-चिरमिरी मार्ग के दस किलोमीटर लंबाई के उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य (वास्तविक लंबाई 23.3 कि.मी.) में कार्यस्थल के निरीक्षण के दौरान जाँच में डामरीकरण की मोटाई औसतन कम एवं किए गए कार्य का घनत्व कम पाए जाने पर लोक निर्माण विभाग ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की है। मामले में उप संभाग क्रमांक-2 कटघोरा के अनुविभागीय अधिकारी एस.पी. साहू और उप अभियंता राकेश वर्मा को निलंबित किया गया है। मंत्रालय द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि गुणवत्ता के मापदण्डों का पालन किए बिना ही अमानक कार्य और मार्ग का डामरीकरण कराकर अनुविभागीय अधिकारी एवं उप अभियंता द्वारा अपने अधिकार का दुरूपयोग कर अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में अनियमितता बरती गई है। इसलिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत एस.पी. साहू, अनुविभागीय अधिकारी एवं राकेश वर्मा, उप अभियंता, लोक निर्माण विभाग, उप संभाग क्रमांक-2 कटघोरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय, कार्यालय प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग, निर्माण भवन, नवा रायपुर अटल नगर में निर्धारित किया जाता है। दोनों को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वहन भत्ते की पात्रता होगी। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को 15 दिनों में दोनों अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्रादि तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।


लोक निर्माण विभाग ने चोटिया-चिरमिरी मार्ग के उन्नयन और नवीनीकरण में अमानक स्तर का कार्य एवं गुणवत्ता के मापदण्डों का पालन किए बिना ही डामरीकरण कराए जाने पर कोरबा संभाग के तत्कालीन कार्यपालन अभियंता ए.के. वर्मा और कोरबा उप संभाग के अनुविभागीय अधिकारी आर.एन. दुबे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शासन द्वारा दोनों अधिकारियों को जारी नोटिस में कहा गया है कि कार्यस्थल के निरीक्षण के दौरान जाँच में डामरीकरण की मोटाई औसतन कम एवं किए गए कार्य का घनत्व भी कम पाया गया है। दोनों अधिकारियों द्वारा कार्य अमानक स्तर का एवं गुणवत्ता के मापदण्डों का पालन किए बिना ही डामरीकरण कराकर अपने अधिकार का दुरूपयोग कर अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में अनियमितता बरती गई है। दोनों अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्यों में लापरवाही बरती गई है जो उनके कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है। शासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के अंतर्गत गंभीर कदाचार मानते हुए दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें नोटिस प्राप्ति के सात दिनों की समयावधि में अपना प्रत्युत्तर प्रस्तुत करने को कहा गया है। निर्धारित समयावधि में प्रत्युत्तर प्राप्त नहीं होने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।


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