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मॉस्को में हुए आतंकी हमले की PM मोदी ने की निंदा, बोले - भारत इस दुख की घड़ी में रूस के साथ

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 नई दिल्ली। रूस की राजधानी मॉस्को के पास क्रोकस सिटी हॉल में कॉन्सर्ट के दौरान आतंकवादी हमला हुआ। आतंकवादियों ने लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में करीबन 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक घायल हुए हैं। गोलीबारी के बाद हॉल में धमाका भी हुआ, जिससे वहां आग लग गई। मॉस्को में हुए इस आतंकवादी हमले की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आलोचना की है।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हम मॉस्को में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ितों के परिवार के साथ हैं। भारत इस दुख की घड़ी में रूस के साथ खड़ा है।”

बता दें कि इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तीन से चार बंदूकधारियों ने कॉन्सर्ट के दौरान लोगों पर फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसमें 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। गोलीबारी के बाद कुछ लोग तहखाने की तरफ भागने लगे, जबकि अन्य लोग छत पर जाकर छिपने की कोशिश करने लगे। हमलावरों ने विस्फोटक का भी इस्तेमाल किया, जिससे हॉल में आग लग गई। रिपोर्ट के अनुसार, आतंकियों ने सैकड़ों लोगों को बंधक भी बना लिया है।

रूस ने बताया आतंकवादी हमला

रूसी विदेश मंत्रालय ने इस हमले को आतंकवादी हमला बताया है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने इस हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा, “यह एक आतंकवादी हमला है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस घृणित अपराध की निंदा करनी चाहिए।” बताया जा रहा कि आतंकवादी सुरक्षा बलों की वर्दी में कॉन्सर्ट में घुसे थे।

मॉस्को में हुए इस आतंकवादी हमले पर अमेरिका के व्हाइट हाउस ने बताया कि फिलहाल इस बात का कोई संकेत नहीं है कि यूक्रेन या यूक्रेनी लोग गोलीबारी में शामिल हैं।अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी जॉन किर्बी ने कहा कि अमेरिका इस हमले पर नजर बनाए हुए हैं

Ukraine War : क्या पुतिन का साथ देंगे किम जोंग, खुलकर रूस ने मांगी मदद

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वाशिंगटन : राष्ट्रपति पुतिन ने पहली बार यूक्रेन युद्ध के लिए किसी देश की मदद मांगी है। अमेरिका के खुफिया विभाग के दावे के अनुसार पुतिन ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को पत्र लिखकर मिसाइल, बम, गोला-बारूद और अन्य युद्धक सामग्री की मदद करने को कहा है। अभी तक रूस ने किसी भी देश से इस तरह खुलकर मदद का आह्वान नहीं किया था। 


इससे पश्चिम देश यह भी अंदाजा लगा रहे हैं कि रूस के पास गोला-बारूद और हथियारों का जखीरा अब कम पड़ने लगा है। व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा कि उसके पास ताजा खुफिया जानकारी है जिससे पता चलता है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने पत्रों की अदला-बदली की है क्योंकि रूस, यूक्रेन युद्ध के लिए उत्तर कोरिया से युद्ध सामग्री की मांग कर रहा है। 

राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी द्वारा दी गई इस ताजा जानकारी से कुछ सप्ताह पहले ही व्हाइट हाउस ने दावा किया था कि रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने हाल में प्योंगयांग की यात्रा के दौरान उत्तर कोरियाई अधिकारियों से यूक्रेन युद्ध के लिए मॉस्को को युद्ध संबंधी साजो-सामान की बिक्री बढ़ाने के लिए कहा था। किर्बी ने कहा कि रूस अपने रक्षा आधार को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त गोला-बारूद और अन्य बुनियादी युद्ध सामग्री की तलाश कर रहा है।


रूस ने भेजा अपना मून मिशन, चंद्रयान-3 से पहले उतरेगा चांद पर!

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Russia Luna 25 Mission: रूस ने करीब 47 साल बाद चांद पर अपना मून मिशन भेजा. 11 अगस्त की सुबह 4:40 बजे के करीब अमूर ओब्लास्ट के वोस्तोनी कॉस्मोड्रोम से Luna-25 Lander मिशन लॉन्च किया गया. लॉन्चिंग सोयुज 2.1बी (Soyuz 2.1b) रॉकेट से किया गया.  इसे लूना-ग्लोब (Luna-Glob) मिशन भी कहते हैं. 


यह रॉकेट करीब 46.3 मीटर लंबा है. इसका व्यास 10.3 मीटर है. इसका वजन 313 टन है. चार स्टेज के रॉकेट ने Luna-25 लैंडर को धरती के बाहर एक गोलाकार ऑर्बिट में छोड़ा. जिसके बाद यह स्पेसक्राफ्ट चांद के हाइवे पर निकल गया. इस हाइवे पर ही 5 दिन की यात्रा करेगा. इसके बाद चांद के चारों तरफ 7-10 दिन चक्कर लगाएगा. 

21 या 22 अगस्त को लूना-25 चांद की सतह पर उतरेगा. इसका लैंडर चांद की सतह पर 18 किलोमीटर ऊपर पहुंचने के बाद लैंडिंग शुरू करेगा. करीब 15 किलोमीटर ऊंचाई कम करने के बाद 3 किलोमीटर की ऊंचाई से पैसिव डिसेंट होगा. यानी धीरे-धीरे लैंडर चांद की सतह पर उतरेगा. 700 मीटर ऊंचाई से थ्रस्टर्स तेजी से ऑन होंगे ताकि इसकी गति को धीमा कर सकें. 20 मीटर की ऊंचाई पर इंजन धीमी गति से चलेंगे. ताकि यह लैंड हो पाए.

चंद्रयान-3 के लैंडिंग की लोकेशन 69.63 दक्षिण, 32.32 पूर्व है। वहीं अगर रूस के लूना 25 की बात करें तो यह 69.5 दक्षिण 43.5 पूर्व है। अगर दक्षिणी ध्रुव के सबसे करीब की बात करें तो यह चंद्रयान-3 ही होगा। हालांकि रूस चांद पर भारत का पड़ोसी होगा। दोनों के बीच इस दौरान 118 किमी की दूरी रहेगी। यह जानकारी शनमुगा सुब्रमण्यन ने दी है। साल 2019 में जब चंद्रयान 2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर क्रैश हो गया था तब नासा ने इसकी तस्वीर जारी की थी। नासा ने पब्लिक से चंद्रयान को खोजने को कहा था।

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