Media24Media.com: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया. Show all posts
Showing posts with label रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया. Show all posts

RBI Repo Rate: नहीं बदलेगी होम लोन की EMI, लगातार छठी बार Repo Rate में कोई बदलाव नहीं

No comments Document Thumbnail

 RBI Repo Rate: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक बार फिर से रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला किया है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति की बैठक 6 फरवरी को शुरू हुई थी। आज यानी 8 फरवरी को आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक समीक्षा बैठक के नतीजों का ऐलान किया है। केंद्रीय बैंक ने एक बार फिर से रेपो रेट को यथावत रखते हुए उसमें कोई बदलाव नहीं किया है।


लगातार छठी बार रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। आरबीआई के फैसले के बाद एक बार फिर से ब्याज दर 6.5 फीसदी पर बना हुआ है। लोगों को उम्मीद थी कि इस बार रिजर्व बैंक रेपो रेट में कटौती कर सस्ते लोन का तोहफा देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सस्ते लोन के लिए अभी आपको और इंतजार करना होगा।


गवर्नर शक्तिकांत दास ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य से मिले-जुले संकेत ही मिल रहे हैं। महंगाई भी नीचे आती दिख रही है। उन्होंने बताया कि इस बार की बैठक में विस्तार से चर्चा की गई है और कमिटी का फैसला है कि रेपो रेट को अभी 6.5 फीसदी पर ही स्थिर रखा जाए। छह में से पांच सदस्यों ने इस पक्ष में फैसला दिया है।

एक साल से स्थिर हैं दरें

आरबीआई करीब एक साल से रेपो रेट 6.50 फीसदी पर स्थिर रखा हुआ है। आरबीआई ने रेपो रेट आखिरी बार पिछले साल फरवरी 2023 में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर 6.25 फीसदी से 6.50 फीसदी कर दिया था। वहीं, दिसंबर, 2023 में खुदरा महंगाई दर 5.69 फीसदी के स्तर पर थी। ऐसे में इस बार भी रेपो रेट में बदलाव की संभावना कम थी। रियल एस्टेट के दिग्गजों ने भी यह उम्मीद जताई थी कि डेवलपर्स और होम बॉयर्स को ध्यान में रखते हुए आरबीआई रेपो रेट को स्थिर रखेगा।

विदेशी मुद्रा भंडार 5.89 अरब डॉलर घटकर 617.3 अरब डॉलर पर, लगातार 7वें हफ्ते बढ़त के बाद गिरावट दर्ज

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली । विदेशी मुद्रा भंडार में फिर गिरावट आई है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार पांच जनवरी को समाप्त हफ्ते में 5.89 अरब डॉलर घटकर 617.3 अरब डॉलर रह गया है। इससे पिछले हफ्ते विदेशी मुद्रा भंडार 2.76 अरब डॉलर बढ़कर 623.2 अरब डॉलर हो गया था, जो चालू वित्त वर्ष 2023-24 में अबतक का सर्वाधिक स्तर स्तर है।


रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पांच जनवरी को समाप्त हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.89 अरब डॉलर घटकर 617.3 अरब डॉलर रहा है। इससे पहले सात हफ्तों तक लगातार विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी रहने के बाद इसमें गिरावट आई है। आरबीआई के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2023-24 में अबतक विदेशी मुद्रा भंडार में 55.72 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है।

आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान विदेशी मुद्रा भंडार का प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा आस्तियां 4.96 अरब डॉलर घटकर 546.65 अरब डॉलर रह गया। इसी तरह स्वर्ण भंडार का मूल्य 83.9 करोड़ डॉलर घटकर 47.48 अरब डॉलर हो गया है। वहीं, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) भी 6.7 करोड़ डॉलर घटकर 18.29 अरब डॉलर रहा। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास रखा देश का मुद्रा भंडार 2.6 करोड़ डॉलर घटकर 48.66 अरब डॉलर रह गया है।

उल्लेखनीय है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार अक्टूबर, 2021 में बढ़कर 645 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।

 

RBI का बड़ा फैसला, अब 500 रुपए के पेमेंट पर नहीं होगी UPI पिन की जरूत ...

No comments Document Thumbnail

 रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यूपीआई यूजर्स के लिए बड़ा फैसला लिया है. ये फैसला उन लोगों के लिए है जो कि यूपीआई लाइट का यूज करते हैं. वास्तव में आरबीआई ने यूपीआई लाइट के यूजर्स की ट्रांजेक्शन लिमिट में इजाफा कर दिया है. अब यूजर्स इस फीचर के साथ 500 रुपये तक का ट्रांजेक्शन कर पाएंगे और यूजर्स को पिन की भी जरुरत नहीं पड़ेगी. वहीं दूसरी ओर सरकार ने जल्द ही पेमेंट के ऑफलाइन मोड को भी लांच करने का ऐलान किया है. यूपीआई लाइट को एनसीपीआई और आरबाआई ने सितंबर 2022 में सबके लिए लांच किया था. यह यूपीआई का काफी सिंपल वर्जन माना जाता है.


यूपीआई के इस लाइट वर्जन को इस मकसद के साथ लांच किया गया था ताकि बैंकों की ओर से प्रोसेसिंग फेल होने की वजह से यूजर्स को परेशानी का सामना ना करना पड़े. यूपीआई का हरेक यूजर यूपीआई लाइट का यूज कर सकता है. अगर बात लिमिट की करें तो यूपीआई से हर रोज एक लाख रुपये की ट्रांजेक्शन की जा सकती है. वहीं यूपीआई लाइट के थ्रू अब 500 रुपये की ट्रांजेक्शन की जा सकेगी. आज से पहले यह लिमिट मात्र 200 रुपये थी. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यह सुविधा न केवल रिटेल सेक्टर को डिजिटल रूप से सक्षम बनाएगी, बल्कि जहां इंटरनेट/दूरसंचार संपर्क कमजोर है या उपलब्ध नहीं है वहां कम राशि का ट्रांजेक्शन इससे संभव हो पाएगा.

वहीं दूसरी ओर नए पेमेंट मोड मतलब यूपीआई पर कन्वर्सेशनल पेमेंट्स की सुविधा शुरू करने जा रहा है. आरबीआई की ओर से जारी बयान के अनुसार, इसके जरिये यूजर्स ट्रांजेक्शन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एआई-बेस्ड सिस्टम के साथ संवाद स्थापित कर पाएंगे. यह एकदम सुरक्षित व संरक्षित लेनदेन होगा. यह आॅप्शन स्मार्टफोन और फीचर फोन बेस्ड यूपीआई प्लेटफॉर्म दोनों में जल्द उपलब्ध होगा. इससे देश में डिजिटल सेक्टर का विस्तार होगा. हिंदी और अंग्रेजी के बाद इसे अन्य भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा. आरबीआई के अनुसार, इन सभी घोषणओं के संबंध में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) को निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे.

वहीं दूसरी ओर आरबीआई ने भी भले ही ब्याज दरों में कोई बदलाव ना किया हो और मौजूदा वित्त वर्ष में जीडीपी के अनुमान को भी बदलते हुए 6.5 फीसदी पर रखा हो, लेकिन महंगाई के अनुमान में इजाफा कर दिया है. आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि मौजूदा वित्त वर्ष में महंगाई दर 5.4 फीसदी पर आ सकती है, जबकि जून के महीने में यह अनुमान 5.1 फीसदी पर रखा है. वहीं दूसरी ओर जुलाई-सितंबर 2023 के लिए सीपीआई महंगाई का अनुमान 5.2 फीसदी से बढ़ाकर 6.2 फीसदी कर दिया गया है. अक्टूबर-दिसंबर 2023 के लिए सीपीआई महंगाई के अनुमान 5.4 फीसदी से बढ़ाकर 5.7 फीसदी कर दिया गया है.


RBI MPC Meeting: महंगा होगा कर्ज या EMI के बोझ से मिलेगी राहत? कल आएगा रेपो रेट पर फैसला

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली । रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)  की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी)  की द्विमासिक तीन दिवसीय समीक्षा बैठक यहां मंगलवार को शुरू हो गई है। वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी द्विमासिक एमपीसी बैठक 6 से 8 जून तक चलेगी। इस बैठक के फैसलों का ऐलान 8 जून को किया जाएगा।


आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की यह बैठक प्रत्येक दो महीने के अंतराल पर होती है। आरबीआई के गर्वनर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में नीतिगत ब्याज दरों में बदलाव पर चर्चा की जाएगी। रिजर्व बैंक ने अप्रैल महीने में हुई पिछली बैठक में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया था। आरबीआई गवर्नर ने उस समय कहा था कि ये फैसला इस मीटिंग के लिए लिया गया है लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे फिर से बढ़ाया भी जा सकता है।

हालांकि, जानकारों का कहना है कि आरबीआई के पूर्व में नीतिगत ब्याज दर रेपो रेट में की गई बढ़ोतरी का असर दिखने लगा है। खुदरा महंगाई दर अप्रैल में घटकर रिजर्व बैंक के संतोषजनक दायरे 4.7 फीसदी पर आ गया है। ऐसे में एमपीसी की समीक्षा बैठक में इस बार भी नीतिगत दर में बदलाव की गुंजाइश कम दिख रही है। रिजर्व बैंक रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर यथावत रख सकता है।

उल्लेखनीय है कि आरबीआई ने पिछली बार अप्रैल में एमपीसी की बैठक में नीतिगत ब्याज दर में इजाफा रोक दिया था, जो 6.5 फीसदी पर है। इससे पहले महंगाई पर लगाम लगाने के लिए रिजर्व बैंक की ओर से मई, 2022 के बाद से लगातार रेपो रेट में 2.5 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई थी।


2000 के नोट बदलने के लिए फॉर्म भरना होगा या नहीं, बैंक ने लिया बड़ा फैसला

No comments Document Thumbnail

Change Rs 2000 Notes : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने दो हजार के नोटों का चलन बंद करने का फैसला लिया है। आरबीआई ने कहा है कि 23 मई से लोग बैंकों में जाकर अपने पास पड़े 2 हजार के नोट को बदल सकेंगे। बैंकों में नोट कैसे बदले जायेंगे इसे लेकर कई तरह की बातें हो रही थी। लेकिन देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने आज लोगों को बड़ा राहत देने का एलान कर दिया।


नोट बदलने के लिए किसी कागज की जरूरत नहीं

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने सभी ब्रांच को नोट बदलने को लेकर दिशा निर्देश दिये हैं. इसमें साफ साफ कहा गया है कि 2 हजार के 10 नोट यानि 20 हजार रूपये के नोट बदलने के लिए किसी पर्ची की जरूरत नहीं होगी. बैंक में नोट बदलने आये व्यक्ति से किसी तरह का पहचान पत्र भी नहीं मांगा जायेगा. यानि जिस भी व्यक्ति को नोट बदलना हो वह सीधे बैंक में जायेगा और बगैर किसी कागज के नोट बदल कर आ जायेगा.

बता दें कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया देश का सबसे बड़ा बैंक है. उसके इस फैसले के बाद अब ये तय हो गया है कि दूसरे सरकारी बैंक भी यही प्रक्रिया अपनायेंगे. एसबीआई ने अपने शाखाओं को कहा है कि वह सुनिश्चित करे कि नोट बदलने आये लोगों को परेशानी नहीं हो.

बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि जिनके पास 2000 रुपये के नोट हैं वे 23 मई से 30 सितंबर 2023 के बीच बैंक जाकर उसे 500 या 100 रूपये के नोटों से बदलवा सकते हैं. आप अपने बैंक अकाउंट में भी 2000 रुपये के नोट को जमा कर सकते हैं. इसके लिए कोई भी अतिरिक्त फॉर्म नहीं भरना होगा. पैसा डिपॉजिट करने को लेकर पहले से ही बैंक के जो नियम हैं उनका ही पालन करना होगा.

ग्रामीण इलाके के लोग यहां बदले नोट

ग्रामीण इलाकों बैंक की शाखाओं की संख्या कम है. ऐसे में लोग बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट सेंटर जाकर 2000 रुपये के नोट को बदल सकते हैं. लेकिन ग्रामीण सेंटर पर सिर्फ 4000 रुपये तक के ही नोट यानि 2000 रुपये के दो नोट ही बदले जा सकते हैं. बता दें कि ग्रामीण क्षेत्र में बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट बैंक की छोटी शाखा की तरह काम करते हैं. यहां ग्रामीणों को बैंक अकाउंट खोलने में मदद के अलावा रूपये का ट्रांजैक्शन भी होता है.

RBI के ऑफिस में भी बदले जायेंगे नोट

आरबीआई ने अपने कई ऑफिस में 2 हजार के नोट बदलने की सुविधा दी है. आरबीआई के अहमदाबाद, बेंगलुरु, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी,हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना और तिरुवनंतपुरम ऑफिस में दो हजार के नोट बदले जा सकते हैं.

 

Forex Reserve : देश का विदेशी मुद्रा भंडार 32.9 करोड़ डॉलर घटकर 578.45 अरब डॉलर पर

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली । अर्थव्यवस्था के र्मोचे पर झटका देने वाली खबर है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 31 मार्च को समाप्त हफ्ते में 32.9 करोड़ डॉलर घटकर 578.45 अरब डॉलर रह गया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने यह जानकारी दी है।


आरबीआई ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में कहा कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 31 मार्च को समाप्त हफ्ते 32.9 करोड़ डॉलर घटकर 578.45 अरब डॉलर रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट की वजह स्वर्ण आरक्षित भंडार में कमी है। इससे पिछले हफ्ते विदेशी मुद्रा भंडार 5.98 अरब डॉलर बढ़कर 578.78 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था।

आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में अहम योगदान देने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 3.6 करोड़ डॉलर घटकर 509.691 अरब डॉलर रह गई है। वहीं, स्वर्ण भंडार का मूल्य 27.9 करोड़ डॉलर घटकर 45.20 अरब डॉलर रह गया। विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) भी 2.7 करोड़ डॉलर घटकर 18.392 अरब डॉलर रह गया।

आरबीआई के मुताबिक इस दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में रखा हुआ देश का मुद्रा भंडार 1.4 करोड़ डॉलर की बढ़त के साथ 5.165 अरब डॉलर हो गया। 31 मार्च को बीते वित्त वर्ष 2022-23 में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में कुल 28.86 अरब डॉलर की गिरावट रही है।

उल्लेखनीय है कि वैश्विक घटनाक्रमों के बीच केंद्रीय बैंक के रुपये की विनियम दर में तेज गिरावट को रोकने के लिए मुद्रा भंडार का उपयोग करने की वजह से बाद में इसमें गिरावट आई है। अक्टूबर, 2021 में देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। 

RBI Governor का दावा - देश की अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र स्थिर, पीछे छूटा महंगाई का बुरा दौर

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली । देश की अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र स्थिर है। महंगाई का बुरा दौर पीछे छूट चुका है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास का यह बयान सिलिकॉन वैली बैंक और सिग्नेचर बैंक के डूबने तथा फर्स्ट रिपब्लिक बैंक पर बंद होने खतरे बीच आया है।


शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कोच्चि में फेडरल बैंक के संस्थापक केपी होर्मिस के स्मारक व्याख्यान में कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र स्थिर है। आरबीआई गवर्नर ने बैंकों को आगाह किया कि संपत्ति और देनदारी में किसी तरह की असमानता या गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन दोनों में गड़बड़ी वित्तीय स्थिरता के लिए नुकसानदेह हैं।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि डॉलर की जोरदार मजबूती के बावजूद रुपये ने दूसरी मुद्राओं के मुकाबले सबसे कम अस्थिरता का प्रदर्शन किया है। महंगाई का बुरा दौर पीछे छूट चुका है। उन्होंने कहा कि महामारी से वैश्विक अर्थव्यवस्था को लगे कई झटकों, यूक्रेन युद्ध और दुनियाभर में कड़ी मौद्रिक नीति के बावजूद ऐसा है। 

 

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.