Media24Media.com: राष्ट्रीय पोषण माह

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राष्ट्रीय पोषण माह 2024: पोषण जागरूकता गतिविधियों में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में 01 सितम्बर से 30 सितम्बर तक जन आंदोलन के रूप में 7वां राष्ट्रीय पोषण माह आयोजित किया गया। इस दौरान गांवों से लेकर राज्यस्तर तक सुपोषण, बच्चों में व्याप्त कुपोषण एवं किशोरी बालिकाओं, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं में एनीमिया के संबंध में जागरूकता के लिए स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया गया। इस अभियान में हर वर्ग के लोगों की सक्रिय सहभागिता रही।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पोषण माह के प्रारंभ में सुपोषित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए राज्य के समस्त जनप्रतिनिधि, पंचायती राज संस्था के प्रतिनिधियों महिला स्व-सहायता समूहों, प्रबुद्ध वर्ग, विद्यार्थी वर्ग, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों के निकायों के प्रतिनिधि एवं समस्त जनसमुदाय से सक्रिय सहभागिता की अपील की थी। पोषण माह की गतिविधियों में महिलाओं और बच्चों को पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए है जन प्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, महिला स्वसहायता समूह, प्रबुद्ध नागरिकों, विद्यार्थियों और स्थानीय जन समुदाय का भरपूर सहयोग मिला। पोषण माह का शुभारम्भ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विभागीय मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा पोस्टर व वीडियो का विमोचन, पोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर एवं पोषण शपथ दिलवाकर किया गया था।

पोषण जागरूकता गतिविधियों में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर

विभागीय अमलों सहित सम्पूर्ण पोषण माह में जनप्रतिनिधियों, पंचायतीराज संस्थाओं, के प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूह के सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के कुशल नेतृत्व, श्रीमती शम्मी आबिदी सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभावी मार्गदर्शन और श्रीमती तुलिका प्रजापति, संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग के सतत् प्रोत्साहन से राष्ट्रीय पोषण माह 2024 में छत्तीसगढ़ ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 01 करोड़ 33 लाख से ज्यादा गतिविधियों का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ ने इसमें पूरे देश में तृतीय स्थान प्राप्त किया।

प्रदेश में कुल गतिविधि संख्या के आधार पर 8.77 लाख गतिविधि आयोजित कर जिला दुर्ग प्रथम, 8.70 लाख गतिविधि आयोजित कर जशपुर द्वितीय, 8.44 लाख गतिविधि आयोजित कर रायपुर तृतीय, 7.92 लाख गतिविधि आयोजित कर गरियाबंद चतुर्थ एवं 7.70 लाख गतिविधि आयोजित कर बलरामपुर पांचवें स्थान पर रहें। प्रति आंगनबाड़ी औसत गतिविधि संख्या के आधार पर जिला क्रमशः दुर्ग प्रथम, गरियाबंद द्वितीय, रायपुर तृतीय, धमतरी चतुर्थ एवं कबीरधाम पांचवे स्थान पर रहें।

23 लाख बच्चों का वृद्धि मापन किया गया

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण माह के दौरान एक विशेष अभियान के रूप में वजन त्यौहार का आयोजन किया गया, जिसमें समुदाय के सभी 0 से 06 वर्ष के बच्चों का वजन एवं ऊंचाई लेकर वृद्धि मापन किया गया। इस अभियान में लगभग 23 लाख बच्चों का वृद्धि मापन किया गया।

राष्ट्रीय पोषण माह 2024 की मुख्य थीम एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक पोषण आहार, पोषण भी पढ़ाई भी, बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता और कुशल सेवा वितरण के लिए प्रौद्योगिकी का आयोजन और समग्र पोषण रखी गई थी। भारत शासन द्वारा प्रेषित थीम के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पूरे माह के लिए प्रतिदिन राज्य, जिला, विकासखण्ड, और आंगनबाड़ी केन्द्र स्तर पर आयोजित की जाने वाली गतिविधियांे के लिए रोड मैप के रूप में दिनांकवार गतिविधि कैलेंडर तैयार किया गया। जिसके आधार पर व्यापक पैमाने पर थीम आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया।

एनीमिया कैम्प, स्वास्थ्य जांच शिविर, पोषण संबंधी जागरूकता, भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां आयोजित की गई-

महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एनीमिया कैम्प, एनीमिया जागरूकता गतिविधियां, वीएचएसएनडी दिवस का आयोजन, आईवायसीएफ गतिविधियां, स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित शालाओं एवं आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में छात्रों द्वारा पोषण संबंधी जागरूकता के लिए शपथ, व्यंजन प्रतियोगिता, व्यंजन प्रदर्शनी, भाषण प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, खेल भी पढ़ाई भी, पोषण भी पढ़ाई भी, पोषण चौपाल, खेल खेल में पोषण ज्ञान प्राप्त करने संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया गया।

कृषि विभाग के सहयोग से मिलेट आधारित पौष्टिक भोजन संबंधी जागरूकता शिविर, प्रदर्शनी, जैविक उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु प्रचार-प्रसार इत्यादि गतिविधियां आयोजित की गई। लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग द्वारा जल संरक्षण एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग, वेस्ट वाटर के उचित निपटान के संबंध में जागरूकता प्रसार संबंधी उल्लेखनीय कार्य किया गया। वन विभाग द्वारा एक पेड़ मॉं के नाम अभियान अंतर्गत विशेष सहयोग देते हुए वृहत वृक्षारोपण का कार्य किया गया। आयुष विभाग द्वारा राज्य, जिला, विकासखंड एवं आंगनबाड़ी स्तर पर व्यापक पैमाने पर कुपोषण एवं एनीमिया की रोकथाम के लिए स्वस्थ जीवनशैली, पौष्टिक आहार, योग गतिविधियां का प्रचार-प्रसार एवं आयोजन किया गया। खाद्य विभाग के सहयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत संचालित उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से जन समुदाय के मध्य पौष्टिक आहार के सेवन के संबंध में प्रचार प्रसार किया गया। ग्राम पंचायतों में पोषण विषय पर विशेष चर्चा की गई।

पोषण माह के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ अन्य सहयोगी विभागों द्वारा सक्रिय रूप से सहभागिता दी गई एवं सभी विभागों द्वारा समन्वित रूप से पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय पौष्टिक आहार, स्वस्थ्य जीवनशैली, पोषण के साथ पढ़ाई का संदेश जनसमुदाय तक पहुंचाया गया।

मस्तूरी में एक दिवसीय समेकित लोकसंपर्क कार्यक्रम का आयोजन

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बिलासपुर। राष्ट्रीय पोषण माह विषय पर बिलासपुर के मस्तूरी में आज एक दिवसीय समेकित लोकसंपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर और महिला तथा बाल विकास विभाग के साथ अन्य संस्थानों के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण साव ने किया। इस मौके पर उन्होंने लोगों को सुपोषण की शपथ दिलाई। 



सांसद ने कहा कि भारत सरकार सभी को सुपोषित करने के लिए तत्परता से कार्य कर रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मस्तूरी विधायक डॉक्टर कृष्णमूर्ति बांधी ने अपने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरा विविध प्रकार की भाजियों से परिपूर्ण है। हमारी भाजियां पोषक तत्वों से भरपूर हैं। समेकित लोकसंपर्क कार्यक्रम के तहत सुपोषण संबंधी रंगोली, प्रश्नमंच, निबंध, पेंटिंग, छत्तीसगढ़ केंद्रित पोषण थाली और पोषण का हार प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय संचार ब्यूरो बिलासपुर के क्षेत्रीय अधिकारी डॉक्टर प्रेम कुमार मौजूद थे।

1 सितम्बर से 30 सितम्बर तक मनाया जाएगा “राष्ट्रीय पोषण माह”

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रायपुर। प्रत्येक वर्ष 1 सितम्बर से 30 सितम्बर के बीच राष्ट्रीय पोषण माहमनाया जाता है जिसका उद्देश्य जनसामान्य को पोषण के महत्व से परिचित करवाना एवं सुपोषित आहार से स्वास्थ्य व्यवहार को विकसित करना है। इस बार पोषण माह कोविड नियमों के पालन के साथ ही विभिन्न विभागों की सामूहिक सहभागिता के जरिए मनाया जाएगा। इस संबंध में संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग दिव्या उमेश मिश्रा ने सभी जिला कलेक्टरों एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र प्रेषित कर इस आयोजन के संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए हैं।



 गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं तथा बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता पर रहेगा जोर

राष्ट्रीय पोषण माह 2022 के आयोजन के संबंध में संचालक द्वारा जारी पत्र में जिला स्तर पर स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता संबंधी सेवाएँ एवं इसके प्रति जागरूकता जनसमुदाय तक पहुंचाने को कहा गया है। साथ ही माह भर चलने वाले इस आयोजन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि, सहयोगी विभागों, स्वयं सेवी संस्थाओं, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों की सक्रिय भागीदारी, महिला स्व सहायता समूहों, महिला मंडल, नेहरू युवा केन्द्रों, नेशनल क्रे़डिट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना आदि की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को भी कहा है। 

इस बार इन गतिविधियों पर रहेगा फोकस - हर वर्ष विशेष थीम के आधार पर राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाता है। इस वर्ष भी महिला एवं स्वास्थ्य, बच्चा एवं शिक्षा- पोषण भी पढ़ाई भी, जेंडर संवेदी जल संरक्षण एवं प्रबंधन तथा आदिवासी क्षेत्र के महिलाओं एवं बच्चों हेतु परंपरागत आहार की थीम पर का आयोजन किया जाएगा। ये सारी गतिविधियां प्रतिदिन आयोजित होंगी तथा समस्त गतिविधियों को जनआंदोलन के डैशबोर्ड पोर्टल पर प्रतिदिन अपडेट किया जाएगा। प्रतिदिन होंगी गतिविधियां- प्रतिदिन विविध कार्यक्रम होंगे। 

इनमें मुख्य रूप से वजन त्योहार में छूटे हुए बच्चों का वजन एवं ऊंचाई मापन, ग्राम स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिन द्वारा पोषण संदेशों पर आधारित नारा लेखन, गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर उनके पोषण देखभाल संबंधित परिचर्चा होगी।  महिला स्वास्थ्य विषय पर  कार्यशाला तथा आंगनबाड़ी और स्कूल स्तर पर खेल-खेल में पोषण ज्ञान एवं स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित होगा। ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम एवं रैली निकाली जाएगी। 

स्वसहायता समूहों के माध्यम से स्थानीय पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके साथ बाल संदर्भ शिविर लगेगा और पंचायत स्तर पर एनीमिया से बचाव एवं प्रसव पूर्व , प्रसव पश्चात जांच पर संवेदीकरण किया जाएगा। इस दौरान पोषण वाटिका विकास एवं एनीमिया जांच कैंप भी लगेगा। खराब जीवनशैली से उत्पन्न बीमारियों मोटापा, मधुमेह के प्रति जागरूकता कार्यक्रम एवं ऑनलाइन योगासत्र भी आयोजित होगा।

राष्ट्रीय पोषण माह कल से शुरू, पोषण और स्वच्छता जागरूकता के लिए होंगे कई कार्यक्रम

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पोषण अभियान के तहत महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर की बेहतरी के उद्देश्य से इस साल भी सितंबर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य जन आंदोलन और जनभागीदारी से कुपोषण को मिटाना है। पोषण माह का मुख्य उद्देश्य अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित और उनकी मॉनिटरिंग करना और दूसरा किचन गार्डन को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण अभियान है। पूरे छत्तीसगढ़ सहित महासमुंद जिले में कुपोषण और एनीमिया कमी लाने के उद्देश्य से प्रदेश में एक से 30 सितंबर तक जन-आंदोलन के रूप में राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जाएगा। 


कलेक्टर डोमन सिंह ने कोविड को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर इस साल पोषण माह के दौरान में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करने को कहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पांडे ने बताया की इस मौके पर पोषण रथ और साइकिल रैली निकालने का कार्यक्रम है। अंतिम टंच देना बाकि है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए डबल गैस सिलेंडर और गैस चूल्हा का वितरण किया जाएगा। पोषण माह के दौरान आयोजित की गई गतिविधियों की दैनिक प्रविष्टि भारत सरकार के जन आंदोलन पोर्टल पर किया जाएगा।

निगरानी-मूल्यांकन सुनिश्चित करने के निर्देश 

संचालक महिला बाल विकास दिव्या उमेश मिश्रा ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं कि पोषण माह के दौरान सघन अभियान संचालित कर बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। कोरोना संक्रमण काल में बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग प्रभावित हुई है। उन्होंने बच्चों को सूचीबद्ध करने, शारीरिक माप का रिकॉर्ड संधारण करने, गंभीर कुपोषित बच्चों का पोषण प्रबंधन और निगरानी-मूल्यांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही माह के साप्ताहिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी बताई है ।

30 सितंबर तक चलेगा अभियान  

पूरे प्रदेश में कुपोषण और एनीमिया कमी लाने के उद्देश्य से प्रदेश में एक से 30 सितंबर तक जन-आंदोलन के रूप में राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान जनसमुदाय में पोषण और स्वच्छता संबंधी जागरूकता और उनमें व्यवहार परिवर्तन के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बता दें कि साल 2018 से पूरे देश में पोषण अभियान का संचालन किया जा रहा है। 

कई प्रतियोगिताओं का आयोजन 

भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास द्वारा आयोजित पोषण पखवाड़ा में राज्य सरकारों सहित विभिन्न डेवलपमेंट संस्थाओं द्वारा सक्रिय सहयोग कर गांव-गांव तक लोगों को जागरूक किया जाता है। इसी कड़ी में प्रदेश में महिला बाल विकास विभाग ने पोषण माह के दौरान जन-जागरूकता के लिए दैनिक गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया है। पोषण माह के दौरान तीज, गणेश चतुर्थी त्यौहारों को पोषण और स्वास्थ्य गतिविधियों से जोड़ते हुए गतिविधियां आयोजित की जाएगी। पौधारोपण,पोषण वाटिका निर्माण, योग सत्र के कई कार्यक्रम होंगे और नारा लेखन, निबंध, स्लोगन, रंगोली और व्यंजन प्रतियोगिता जैसे विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 

पुरूषों को अभियान से जोड़ने की कोशिश

लोगों को प्रसव पूर्व जांच, गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान पोषण और एनीमिया पर परामर्श दिया जाएगा। इस दौरान गंभीर कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन और प्रबंधन के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा और पंचायत  प्रतिनिधियों के लिए उन्नमुखीकरण कार्यक्रम होंगे। इस अभियान से स्कूलों को जोड़ते हुए छात्र-छात्राओं के लिए कई गतिविधियां आयोजित होंगी। पोषण व्यवहार में परिवर्तन के लिए ज्यादा से ज्यादा पुरूषों को अभियान से जोड़ने की कोशिश की जाएगी, इसके लिए स्थानीय स्तर पर कई कार्यक्रम होंगे।

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