Media24Media.com: राष्ट्रीय पोषण

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label राष्ट्रीय पोषण. Show all posts
Showing posts with label राष्ट्रीय पोषण. Show all posts

मल्टीग्रेन दलिया से कुपोषण और एनीमिया को मिल रही मात

No comments Document Thumbnail

रायपुर। दंतेवाड़ा जिले में कुपोषण और एनीमिया एक बड़ी समस्या रही है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन की विशेष पहल पर सुपोषण योजना के तहत आंगनबाड़ी के बच्चों को मल्टीग्रेन दलिया दिए जाने की अभिनव पहल के बड़े ही सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जिले में बीते अप्रैल माह में कुल कुपोषित बच्चों की संख्या 8082 थी, जो अब घटकर 6969 रह गई है। इसको देखते हुए यह उम्मीद है कि निकट भविष्य में दंतेवाड़ा जिले में कुपोषण और एनीमिया को न्यूनतम स्तर लाने में मल्टीग्रेन दलिया का उपयोग कारगर सिद्ध होगा। यह मल्टीग्रेन दलिया रागी, कोदो, कोसरा, बाजरा, ज्वार आदि से स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार कर आंगनबाड़ियों को प्रदाय किया जा रहा है।

राष्ट्रीय पोषण माह में मल्टीग्रेन दलिया नियद नेल्लानार के ग्राम गमावाडा एवं धुरली के आंगनबाड़ी केंद्र में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने के समय अर्थात 3 बजे के आसपास खिचड़ी या हलवा के रूप में बनाकर दिया जाता है, जिससे आंगनबाड़ी केन्द्र से प्राप्त गर्म भोजन व घर में मिलने वाले शाम के भोजन के बीच में ‘‘न्यूट्रिशनल गैप‘‘ को पूरा करती है। मल्टीग्रेन दलिया पौष्टिक होने के साथ-साथ बच्चों को खाने में पसंद है। जिसके कारण आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है। इसके चलते ‘‘अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेषन‘‘ (ईसीसीई) गतिविधियों के क्रियान्वयन भी कारगर साबित हुआ है।

दंतेवाड़ा जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलेट आधारित दलिया को मिड-डे मील के रूप में शामिल किया गया है। बच्चों और उनके माता-पिता से मिले सकारात्मक फीडबैक ने इस योजना की सफलता को और भी ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। बच्चों में पहले की तुलना में अधिक ऊर्जा, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और शारीरिक विकास में तेजी देखी गई है।

गौरतबल है कि मिलेट्स के पोषक तत्वों एवं स्वास्थ्यवर्धक गुणों से पूरे देश-दुनिया परिचित हो चुकी है। जब से देश में चावल, गेहूं की भरपूर पैदावार होने लगी, तब से मिलेट्स यानि मोटे अनाजों से लोगों ने मुहं मोड़ लिया था। देश-दुनिया को मोटे अनाजों की पौष्टिकता, इसमें विद्यमान मल्टी विटामिन्स तथा कई रोगो के प्रति प्रतिरोधक क्षमता का पता लगा है, तब से उसके उपयोग को बढ़ावा मिला है। मोटा अनाज अब अन्न कहा जाने लगा है। मिलेट्स सभी के लिए सुपाच्य एवं मरीजों के विभिन्न व्याधियों में फायदेमंद इस अनाज की मांग अब एकाएक बढ़ चुकी है। खास तौर पर महिलाओं एवं बच्चों के सेहत के लिए इसका उपभोग लाभकारी है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम सहित अन्य कार्यों के संबंध में दिए गए निर्देश

No comments Document Thumbnail

रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े दो दिवसीय सक्ती जिले के प्रवास के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में चल रहे राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम से संबंधित विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा की। उन्होंने अन्य संबंधित विभागों से समन्वय करते हुए विविध कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए।

श्रीमती राजवाड़े ने विशेष रूप से एनीमिया जांच, वजन त्यौहार एवं पोषण के संबंध में किशोरी, बालिकाओं एवं स्कूली छात्राओं के लिए कार्यशाला आयोजित करने के संबंध में महिला एवं बाल विकास अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सभी गतिविधियों का प्रतिदिन डैशबोर्ड में एंट्री कराना सुनिश्चित कराएं।

 

विटामिन और प्रोटीन युक्त पौष्टिक आहार की दी गई सीख

No comments Document Thumbnail

रायपुर। प्रदेश में राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में वीर शिवाजी वार्ड की आंगनबाड़ियों द्वारा साहू भवन में एक एकीकृत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान लोगों को विटामिन और प्रोटीन युक्त पौष्टिक आहार के विषय में जागरूक किया गया। साथ ही सुपोषित छत्तीसगढ़ का संदेश भी दिया गया। 



एकीकृत कार्यक्रम के अंतर्गत हुयी गोद भराई कार्यक्रम की लाभार्थी बिमला साहू कहती हैं: गोद भराई के दौरान मुझे यहां जानकारी मिली कि स्वस्थ बच्चे के लिए नियमित रूप से पौष्टिक आहार का सेवन करना अत्यंत आवश्यक है साथ ही प्रसव पूर्व समस्त जांच भी जरूरी है जो शासकीय अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध होती है। गर्भकाल के समय किसी भी प्रकार की समस्या आने पर मितानिन दीदी या आंगनबाड़ी दीदी से संपर्क किया जा सकता है।’’

अन्नप्राशन के लिए पहुंची सुनैना साहू ने बताया: कार्यक्रम के दौरान जानकारी मिली कि किस प्रकार से बच्चे की देखरेख करनी है। साथ ही 6 माह पूर्ण होने पर किस प्रकार के आहार को बच्चे को खिलाना है। आंगनबाड़ी दीदी ने समझाया 6 माह बाद भी नियमित रुप से बच्चे को स्तनपान कराते रहना है।



वहीँ इस मौके पर किशोरियों ने हाथों में मेहंदी लगाकर सही पोषण देश रोशन’’ का संदेश दिया। साथ ही कार्यक्रम के दौरान सही पोषण की सीख भी मिली। संजू साहू कहती है: मैंने जाना कि किशोरावस्था में किस प्रकार का भोजन करने से शरीर स्वस्थ रहता है। किशोरावस्था में शरीर में अनेक परिवर्तन होते हैं शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है जिसके लिए पौष्टिक और विटामिन युक्त भोजन करने से इन कमियों को पूरा किया जा सकता है।’’

एकीकृत कार्यक्रम की जानकारी देते हुए स्टेशन रोड सेक्टर की पर्यवेक्षक, पंखुड़ी मिश्रा ने बताया: वीर शिवाजी वार्ड की आंगनबाड़ी केंद्रों को एकीकृत कर साहू भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में 5 बच्चों का अन्नप्राशन, 5 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, किशोरियों ने पोषण आहार जागरूकता संबंधी रंगोली का निर्माण किया। वहीं बीस किशोरियों ने मेहंदी लगाकर सही पोषण देश रोशनका संदेश भी दिया। आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत 3 से 6 वर्ष के बच्चों के बीच फैंसी ड्रेस का कार्यक्रम रखा गया। इस अवसर पर पोषण आहार का भी प्रदर्शन किया गया ताकि लोगों को यह संदेश जाए कि पोषण आहार किन किन चीजों से मिलता है। अनाज की रंगोली के माध्यम से पोषाहार का संदेश भी दिया गया।

उन्होंने आगे बताया: बच्चों को स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए भोजन के बारे में भी जानकारी दी गई। रेडी टू ईट से निर्मित व्यंजनों में मुख्य रूप से इडली, बड़ा, बर्फी, पिज्जा, जलेबी, पूड़ी, भजिया, लड्डू, खूरमी आदि व्यंजनों के साथ फल में केला, अनार, सीताफल, सेब और पौष्टिक सब्जी के अंतर्गत भिंडी, टमाटर, आलू, सोयाबड़ी, दाल के साथ विभिन्न प्रकार के व्यंजन एवं पौष्टिक आहार का प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही पार्षद श्रीमती गोदावरी साहू ने कहा: सभी पालकों को प्रोटीन, विटामिन युक्त पौष्टिक आहार लेना चाहिए। बच्चे को स्वस्थ बनाने के लिए पौष्टिक आहार के साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय समय पर बीमारी से सुरक्षा के लिए निशुल्क टीके एवं विटामिन की खुराक पिलाई जाने का कार्यक्रम चलता है। वहाँ पर नियमित रूप से जा कर बच्चों का टीकाकरण और विटामिन की खुराक दिलवाना चाहिए ताकि कोई बच्चा कुपोषित न रहे।

इस अवसर पर पूर्व पार्षद मोहन उपारकर ने कहा : राष्ट्रीय पोषण माह अभियान कुपोषण और एनीमिया में कमी लाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इस दौरान पोषण के साथ साथ स्वच्छता के बारे में भी बताया जा रहा है। आहार में पौष्टिक भोजन को बढ़ाने के लिए बाजरा, दाल, गेहूं, मूंग, दूध, घी, अंडा आदि सब्जी और फलों को उपयोग करने के बारे में लोगों को जागरूक करना आवश्यक है।

बच्चों के व्यवहार के बारे में पूर्व प्राचार्य बंशीधर साहू ने कहा : बच्चों की प्रथम पाठशाला मां होती है मां का स्वस्थ रहेगी तो बच्चे भी स्वस्थ रहेंगे। माता को चाहिए खुद भी पौष्टिक भोजन ले और बच्चों को भी दें। बच्चों के मानसिक विकास और शारीरिक विकास के लिए पौष्टिक आहार बच्चे को दें। नियमित रूप से स्तनपान कराएं साथ ही डिब्बा बंद दूध और बोतल से दूध ना पिलाएं।  बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास में मां का दूध  बहुत उपयोगी होता है।इस अवसर पर स्थानीय पार्षद श्रीमती गोदावरी साहू, पूर्व पार्षद मोहन उपारकर, पूर्व प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खमतराई, बंशीधर साहू उपस्थित रहे।

लच्छा, ककनी, तोड़ा, करधन पहनकर आयी पोषण परी ने दिया पोषण का संदेश

No comments Document Thumbnail

रायपुर। महिला बाल विकास विभाग द्वारा जिले की समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में मंदिर हसौद परियोजना के खौली सेक्टर की ग्राम टेकारी में सेक्टर स्तरीय पोषण जागृति शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से लोगों को पोषण आहार के बारे जागरूक किया गया एवं प्रदेश से कुपोषण को समाप्त करने का संदेश देने का प्रयास किया गया ।



इस सम्बन्ध में खौली सेक्टर की पर्यवेक्षक अल्का सक्सेना ने बताया: आंगनबाड़ी केंद्र की लाभार्थी बालिकाओं ने सब्जियों का लच्छा, ककनी, तोड़ा, करधन बनाकर  एवं पोषण परी बनकर समुदाय को सही पोषण देश रोशन का संदेश दिया। पोषण परी को सोयाबड़ी, सब्जियों, भाजियों से बने गहनों से सजाया गया। केले के पत्तों के पंख लगाए गए। पोषण परी ने पौष्टिक आहार, और संतुलित आहार को अपने भोजन में शामिल करने का संदेश दिया। जिसमें मौसमी फलों, सब्जियों, भाजियों और अनाज के पौष्टिक गुणों के बारे में गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और किशोरियों को दैनिक जीवन में पौष्टिक तत्व युक्त आहार को शामिल  करने, अपने गांव को कुपोषण मुक्त करने के बारे में जागरूक किया गया। कुपोषण  पर विजय अगर पाना है तो पौष्टिक अनाज,सब्जियों और भाजियों का उपयोग करना होगा। प्रत्येक दिन सभी को एक मौसमी फल और भाजियों को खाने के लिए प्रेरित किया।

पर्यवेक्षक अल्का सक्सेना ने आगे बताया: पोषण जाग्रति शिविर में सभी लोगों को मिलकर कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए आगे आने की सलाह दी गई। स्वस्थ रहने के लिये अपने आहार में प्रतिदिन सुबह भीगा और अंकुरित चना, खाने में मुनगा, उसकी भाजी, सुखा पावडर खाने में डालकर या खाना खाने के बाद गुड़ खाने से अनीमिया से बचाव की जानकारी भी लाभार्थियों को दी गई।आकर्षक रंगोली के बाद भाजियों बरबटी ,खीरे का उपयोग कर पोषण छतरी भी बनाई गई।

इस अवसर पर पौष्टिक अनाज,सब्जियोंभाजियों का उपयोग कर आकर्षक रंगोली भी बनाई गई। पोषण शिविर में ग्राम सरपंच नंदा यादव के साथ खौली सेक्टर की समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका ग्राम की मितानिन, समूह की महिला सदस्य बच्चों की माताएं, गर्भवती महिलाएं, शिशुवती माताएं उपस्थित रही। कार्यक्रम के अंत में सभी को अंकुरित अनाज का सलाद भी दिया गया।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.