Media24Media.com: राष्ट्रीय पुरस्कार

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छत्तीसगढ़ को मिला एक और राष्ट्रीय पुरस्कार, मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को दी बधाई

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रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य को गैर कोयला मुख्य खनिज ब्लॉकों की नीलामी के लिए एक और राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री  प्रहलाद जोशी ने आज मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य खनन मंत्री सम्मेलन में गैर कोयला मुख्य खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी के लिए छत्तीसगढ़ को देशभर में द्वितीय बेस्ट परफॉर्मेंस अवार्ड से नवाजा है। 


यह पुरस्कार भारत सरकार के खनन मंत्रालय द्वारा दिया गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए खनिज विभाग के सभी अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।


मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय खनन मंत्री सम्मेलन में केन्द्रीय मंत्री श्री प्रहलाद जोशी से छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से श्री अनुराग दीवान, संयुक्त संचालक (खनिज प्रशासन) एवं इंचार्ज ऑक्शन तथा श्री संजय कनकने संयुक्त संचालक (भौमिकी) द्वारा अवार्ड प्राप्त किया गया।

गौरतलब है कि प्रदेश में वर्ष 2015 उपरांत राज्य में ई-ऑक्शन के माध्यम से कुल 35 आबंटित गैर कोयला मुख्य खनिज ब्लॉकों में से 20 खनिज ब्लॉकों का आबंटन वर्ष 2022-23 में किया गया है। इनमें 02 चूनापत्थर, 09 लौह अयस्क, 05 बाक्साइट ब्लॉक्स एवं 02 निकल-क्रोमियम-प्लेटिनम-गु्रप ऑफ एलीमेंट एवं 02 ग्रेफाइट खनिज सहित कुल 20 ब्लॉक्स का ई-ऑक्शन के माध्यम से खनिज पट्टा-कांपोजिट लायसेंस आबंटन किया गया। प्रदेश में बहुमूल्य एवं सामरिक महत्व के खनिजों के अन्वेषण एवं दोहन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से सितंबर, 2022 में राष्ट्रीय स्तर का स्टेकहोल्डर्स कॉन्फ्रेंस कराया गया था।

खनिज अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य निकल-क्रोमियम-प्लेटिनम-ग्रुप ऑफ एलीमेंट खनिज ब्लॉक का आंबटन करने वाला देश का पहला राज्य है। इसी प्रकार राज्य में प्रथम बार लौह अयस्क, बॉक्साइड एवं ग्रेफाईट ब्लॉक्स का आबंटन भी सफलतापूर्वक किया गया है। उन्होंने बताया कि 20 खनिज ब्लॉकों के सफल आबंटन से रायल्टी, डीएमएफ, एनएमईटी, पर्यावरण एवं अधोसंरचना उपकर के अतिरिक्त लगभग 43,700 करोड़ रूपए की आय बतौर प्रीमियम राज्य को होगी।  

छत्तीसगढ़ को एक और राष्ट्रीय पुरस्कार, जलजीवन सर्वेक्षण में मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

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 रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सराहा जा रहा है। इसी कड़ी में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। नारायणपुर जिले को आकांक्षी जिले के अंतर्गत जलजीवन सर्वेक्षण 2023 में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र से केंद्रीय जलशक्ति, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस सम्मान के लिए नारायणपुर जिलावासियों को तथा इस कार्य में लगे जलजीवन मिशन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है।


गौरतलब है कि बेहद कठिन बसाहटों वाले नारायणपुर जिले के गाँव-गाँव में हर ग्रामीण को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण कार्य था। इसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने आंकाक्षी जिले के अंतर्गत नारायणपुर जिले को सम्मानित किया। केंद्र सरकार द्वारा जलजीवन सर्वेक्षण 1 अक्टूबर 2022 से 30 जून 2023 तक कराया गया। इसमें आकांक्षी जिलों अंतर्गत नारायणपुर जिले का कार्य उत्कृष्ट पाया गया। इस जिले के लिए जलजीवन मिशन ने 30 हजार 322 परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने का लक्ष्य रखा था इसमें 18 हजार 72 घरों तक नल कनेक्शन पहुँचाया जा चुका है। 14 गाँव ऐसे हैं जहां शतप्रतिशत परिवारों को कनेक्शन दिया जा चुका है।


उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर पूरे प्रदेश में जलजीवन मिशन के अंतर्गत शुद्ध पेयजल पहुँचाने का काम मिशन मोड पर किया जा रहा है। मिशन संचालक जलजीवन मिशन आलोक कटियार ने बताया कि मुख्यमंत्री के सतत् मार्गदर्शन में जल जीवन मिशन के कार्यों में मानक गुणवत्ता के साथ वांछित प्रगति प्राप्त हुई है, वर्तमान स्थिति में राज्य द्वारा औसतन प्रतिदिन 7000 घरेलू कनेक्शन की उपलब्धि अर्जित की जा रही है तथा 60 प्रतिशत परिवारों को घरेलू कनेक्शन दिया जा चुका है। अब तक राज्य के कुल 422 ग्रामों को हर घर जल प्रमाणीकरण किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि नारायणपुर जिले में दो विकासखंड ओरछा और नारायणपुर है।

विकासखंड ओरछा का अधिकांश क्षेत्र अबूझमाड़ के अन्तर्गत आता है जो लगभग 4 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ पहाड़ एवं घने जंगलों से घिरा हुआ है। अभी तक इन क्षेत्रों का सर्वे भी नहीं हो पाया है। इस असर्वेक्षित क्षेत्र में 275 से अधिक ग्राम है, जिसके किसानों के हितों को देखते हुये मसाहती सर्वे के कार्य हेतु मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया था। मसाहती ग्रामों में सर्वे कार्य चल रहा है । जल जीवन मिशन अन्तर्गत सोलर पम्प आधारित पेयजल योजनाये इस जिले के दूर-दूर में फैले बसाहटों में निवासरत ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही हैं।

नारायणपुर जिले में 6 ग्रामों में हर घर जल उत्सव मनाकर प्रमाणीकरण कराया गया है। नारायणपुर जिले में हर घर जल पूर्ण करने के प्रयासों के अंतर्गत विकासखण्ड ओरछा के अंदरूनी ग्राम उदिदगांव, गुलुमकोड़ो, कोकोड़ी, कुंडला, खडकागांव, गुरिया एवं पल्ली आदि गांवों में कार्य पूर्णता पर है। जिले में सोलर आधारित 338 योजनायें पूर्ण की जा चुकी है, सुदूर वनांचल क्षेत्रों में सोलर आधारित पेयजल योजनाओं से निरंतर जलापूर्ति सुनिश्चित किया जा रहा है इस प्रकार नारायणपुर जिले के अंदरूनी एवं विद्युत विहीन ग्रामों में भी पेयजल सुविधा का लाभ मिल रहा है।


आलोक कटारिया ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत नारायणपुर जिले के शत प्रतिशत परिवारों को अतिशीघ्र घरेलू नल कनेक्शन प्रदान कर प्रदेश के प्रथम हर घर जल जिला बनाये जाने हेतु हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।


न्याय के चार साल : छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय पुरस्कार से फिर होगा सम्मानित: ’मोर मयारू गुरूजी’ कार्यक्रम को 19 दिसम्बर को मिलेगा स्कोच अवार्ड

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रायपुर। छत्तीसगढ़ को फिर एक बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा संचालित मोर मयारू गुरूजी कार्यक्रम के लिए नई दिल्ली में 19 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम में स्कोच अवार्ड (सिल्वर) से नवाजा जाएगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती तेजकुंवर नेताम यह पुरस्कार ग्रहण करेंगी। स्कोच संस्था द्वारा नामांकन से लेकर अंतिम चरण तक लगभग 7 स्तरों पर चरणबद्ध तरीके से मूल्यांकन करने के बाद यह सम्मान दिया गया है।



उल्लेखनीय है कि मोर मयारू गुरूजी कार्यक्रम के माध्यम से आयोग ने प्रदेश के लगभग 2 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षित किया है। आयोग के मोर मयारू गुरूजीकार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को बाल अधिकारों की रक्षा के लिए खेल एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से रोचक तरीके से अध्ययन-अध्यापन का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस कार्यक्रम को रोचक तरीके से डिजाईन किया गया है। इसकी अवधि मात्र 2 से 3 घण्टे ही रखी गई है, जिससे शिक्षक इसे आसानी से ग्रहण कर सकें। आयोग का यह मानना है कि एक शिक्षक और बच्चे का संबंध 5 वर्ष से 12 वर्ष तक रहता है और इस बीच शिक्षक के व्यक्तित्व का बच्चों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए बाल अधिकार सहित शिक्षकों द्वारा बच्चों से वार्तालाप करते समय और पढ़ाते समय किन बातों पर जोर देना है और किन कमियों को सुधारना है, इन सभी विषयों को मोर मयारू गुरूजी कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

छत्तीसगढ़ को मिला एक और राष्ट्रीय पुरस्कार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ को मिलेगा एक और राष्ट्रीय पुरस्कार। देश में मत्स्यपालन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को बेस्ट इनलैण्ड स्टेट पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार केन्द्र शासित प्रदेश दमन में 21 नवम्बर को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने मत्स्यपालन विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है।



मत्स्य पालन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार यह पुरस्कार विश्व मत्स्य दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड द्वारा दिया जाता है। केन्द्र शासित प्रदेश दमन में आयोजित समारोह में केंद्रीय मत्सपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला एवं राज्य मंत्री संजीव कुमार बाल्यान सहित अन्य अतिथिगण कार्यक्रम में शामिल होंगे।

छत्तीसगढ़ को मलेरिया के मामलों में कमी के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया सम्मानित

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विश्व मलेरिया दिवस पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ को मलेरिया के मामलों में गिरावट के लिए सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में से एक है, जो मलेरिया उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान और मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के असर से यहां API दर (Annual Parasite Incidence यानी प्रति एक हजार की आबादी में सालाना मिलने वाले मलेरिया के मरीजों की संख्या) में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। साल 2018 में जहां प्रदेश की API  2.63 थी, वह 2021 में घटकर 0.92 पर पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री TS सिंहदेव ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही मितानिनों समेत मैदानी स्तर पर काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में अभियान के अंतर्गत लोगों की मलेरिया जांच और इलाज उपलब्ध कराने में मैदानी अमले ने बेहद गंभीरता और सक्रियता से काम किया है। उनकी मेहनत से छत्तीसगढ़ को ये सम्मान मिला है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की संचालक प्रियंका शुक्ला और संचालक, महामारी नियंत्रण डॉ. सुभाष मिश्रा ने नई दिल्ली में राज्य शासन की तरफ से ये सम्मान ग्रहण किया।

आकांक्षी जिलों में चलाया गया अभियान

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा जनवरी-फरवरी-2020 में बस्तर संभाग के सातों आकांक्षी जिलों में मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का पहला चरण संचालित किया गया था। घर-घर जाकर पहले चरण में 14 लाख छह हजार, दूसरे चरण में 23 लाख 75 हजार, तीसरे चरण में 15 लाख 70 हजार, चौथे चरण में 19 लाख 98 हजार और पांचवे चरण में 14 लाख 36 हजार लोगों की मलेरिया जांच की गई। इस दौरान पहले चरण में पॉजिटिव पाए गए 64 हजार 646, दूसरे चरण में 30 हजार 076, तीसरे चरण में 16 हजार 148, चौथे चरण में 11 हजार 363 और पांचवे चरण में 11 हजार 321 मलेरिया पीड़ितों का तत्काल इलाज शुरू किया गया। 

मलेरिया के मामलों में लगातार कमी

साल 2016 में 26.78 API वाले बस्तर संभाग की API 2021 में घटकर 7.07 पर पहुंच गई है। बस्तर संभाग में अभियान के अच्छे असर को देखते हुए मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत इसे प्रदेश के कुल 21 जिलों में विस्तारित किया गया है। अभियान के पहले, दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवे चरण में मलेरिया पॉजिटिविटी दर क्रमश 4.6 प्रतिशत, 1.27 प्रतिशत, 1.03 प्रतिशत, 0.56 और 0.79 प्रतिशत दर्ज की गई है। अभियान के प्रभाव से मलेरिया के मामलों में लगातार कमी आ रही है।

मलेरिया दिवस पर सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए छत्तीसगढ़ को किया जाएगा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित

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दुनियाभर में 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, भारत सरकार द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया द्वारा 25 अप्रैल को नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ राज्य को प्रदेश में मलेरिया के मामले में आए गिरावट के लिए सम्मानित किया जाएगा। 

छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में से एक है, जो मलेरिया उन्मूलन के क्षेत्र में पूरे देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर श्रेणी-3 से सीधे श्रेणी-1 में पहुंच गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है।

आकांक्षी जिलों में चलाया गया अभियान

राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा जनवरी-फरवरी-2020 में बस्तर संभाग के सातों आकांक्षी जिलों में मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का पहला चरण संचालित किया गया था। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की सफलता को देखते हुए इसे पूरे प्रदेश को मलेरिया मुक्त करने के लिए मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की शुरूआत की गई। अब तक प्रदेश में बस्तर संभाग में इस अभियान के 5 चरण और अन्य संभागों में 2 चरण संचालित किए गए हैं। 

लोगों की RD किट से मलेरिया की जांच

मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 5 चरणों में अब तक प्रदेश में कुल 87 लाख 84 हजार 271 लोगों की मलेरिया जांच की गई है। अभियान से मलेरिया के मामलों में छत्तीसगढ़ में 62.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं प्रदेश में मलेरिया टेस्ट पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.79 प्रतिशत पर आ गई है। इन अभियानों में मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घने जंगलों और पहाड़ों से घिरे बस्तर के पहुंच विहीन, दुर्गम-दूरस्थ इलाकों में घर-घर पहुंचकर सभी लोगों की RD किट से मलेरिया की जांच की गई। 

अंगूठे में निशान लगाकर मार्किंग

पॉजिटिव पाए गए लोगों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थ खिलाकर तत्काल मलेरिया के इलाज के लिए दवाई का सेवन चालू किया गया। मितानिनों की निगरानी में उन्हें दवाइयों की पूरी खुराक खिलाई गई। अभियान के दौरान हर घर और हर व्यक्ति की जांच सुनिश्चित करने के लिए घरों में स्टीकर चस्पा कर जांच किए गए लोगों के पैर के अंगूठे में निशान लगाकर मार्किंग की गई है। 

शिशु-मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में मदद

मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के प्रभाव से API (Annual Parasite Incidence) यानि प्रति एक हजार की आबादी में सालाना मिलने वाले मलेरिया के मरीजों की संख्या में बड़ी कमी आई है। प्रदेश में साल 2018 में मलेरिया एपीआई जहां 2.63 थी। वह साल 2021 में घटकर 0.92 रह गई है। अभियान से मलेरिया उन्मूलन के साथ ही एनीमिया और कुपोषण को खत्म करने और शिशु-मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिली है।

आयुष्मान और डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को 4 राष्ट्रीय पुरस्कार

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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, डॉ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में छत्तीसगढ़ ने श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चार राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख भाई मंडाविया ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने नई दिल्ली में ऑनलाइन आयोजित आरोग्य मंथन 3.0 में प्रदेश को ये पुरस्कार प्रदान किए।


राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा द्वारा छह श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किए गए, जिनमें से चार श्रेणियों में छत्तीसगढ़ को पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव के नेतृत्व में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में छत्तीसगढ़ ने देश के अन्य राज्यों की तुलना में दमदार उपस्थिति बनाई है। दोनों ने योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य के लिए स्वास्थ्य विभाग को बधाई दी है और पूरे अमले की पीठ थपथपाई है।  

 इन श्रेणियों में मिला पुरस्कार

 छत्तीसगढ़ को च्वाइस सेंटर्स के माध्यम से देश भर में सबसे ज्यादा आयुष्मान कार्ड के पंजीयन के लिए प्रथम स्थान मिला है। राज्य के प्रत्येक परिवार के कम से कम एक सदस्य के आयुष्मान कार्ड पंजीयन में भी छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड के कुसमुसा गांव के च्वाइस सेंटर संचालक सुनील कुमार कुशवाहा आयुष्मान कार्ड पंजीयन के मामले में पूरे देश में दूसरे स्थान पर हैं। प्रदेश में लैंगिक-समानता को प्राथमिकता देते हुए तीन लाख 20 हजार 661 महिलाओं को योजना के माध्यम से उपचार उपलब्ध कराया गया है। छत्तीसगढ़ इस मामले में देश में तीसरे स्थान पर है।

छत्तीसगढ़ के ऑनलाइन पेंशन मैनेजमेंट सिस्टम को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार, इस श्रेणी में दिया गया अवार्ड

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छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग द्वारा राज्य के पेंशनरों के पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए संचालित ऑनलाइन पेंशन मैनेजमेंट सिस्टम ‘आभार आपकी सेवाओं का‘ राष्ट्रीय स्तर पर एलेट्स एनोवेशन अवार्ड (Elets Innovations Award) से सम्मानित किया गया है। एलेट्स टेक्नोमीडिया प्राईवेट लिमिटेड द्वारा ‘ई-गवर्नेंस इनिशिएटिव फॉर गवर्नमेंट सर्विस डिलिवरी‘ श्रेणी में यह अवार्ड प्रदान किया गया है। 


नई दिल्ली में गुरुवार शाम को वर्चुअल रूप से आयोजित समारोह में एलेट्स टेक्नोमीडिया प्राईवेट लिमिटेड के संस्थापक, सीईओ और एडीटर इन चीफ डी. रवि गुप्ता द्वारा संचालक कोष, लेखा-पेंशन छत्तीसगढ़, रायपुर नीलकंठ टीकाम (आईएएस) को वर्चुअल माध्यम से अवार्ड प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने इस उपलब्धि के लिए वित्त विभाग और कोष, लेखा और पेंशन संचालनालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है।

ऑनलाइन पेंशन मैनेजमेंट सिस्टम लागू

बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशनरों के पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए मई 2018 से राज्य में ‘आभार आपकी सेवाओं का‘ ऑनलाइन पेंशन मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। यह एक एकल खिड़की तंत्र (सिंगल विन्डो सिस्टम) के रूप में ई-गर्वनेंस की अवधारणा के अंतर्गत पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस व्यवस्था अंतर्गत पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए समस्त आवश्यक दस्तावेज (सेवा पुस्तिका को छोड़कर) ऑनलाइन प्रस्तुत किए जाते हैं।

पेंशन संबंधी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज

वहीं डिजिटल हस्ताक्षर युक्त पी.पी.ओ, जी.पी.ओ., सी.पी.ओ जारी किये जाते हैं। बैंको को पेंशन भुगतान हेतु भी समस्त दस्तावेज कोषालयों द्वारा ऑनलाइन बैंक को प्रेषित किए जाते हैं। इस व्यवस्था के लागू होने के फलस्वरूप प्रथम पेंशन भुगतान के लिे पेंशनरों की भौतिक उपस्थिति की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। पेंशनरों को पेंशन संबंधी जानकारी प्रदाय करने की दृष्टि से ‘आभार आपकी सेवाओं का’ पोर्टल पर ‘पेंशनर लॉग इन कॉर्नर’ की सुविधा उपलब्ध है, जिसके माध्यम से प्रकरण की स्थिति ज्ञात की जा सकती है और पेंशन संबंधी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज की जा सकती है।

27 हजार 231 पेंशनरों को मिला व्यवस्था से लाभ

पेंशनर के लिए ई-कोष लाईट ऐप में पेंशनर कार्नर विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से पी.पी.ओ,जी.पी.ओ.,सी.पी.ओ. और परिचय पत्र की डिजिटल प्रति डॉउनलोड करने की सुविधा पेंशनरों को प्रदाय की गई है। साथ ही पेंशनर को पेंशन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जानकारी ‘एसएमएस‘ के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। आभार लागू होने से अब तक कुल 27 हजार 231 पेंशनरों को इस व्यवस्था से लाभ दिलाया गया है।

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