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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: अंतर्गत राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक का दौरा

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रायपुर। मुख्य अभियंता छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी, नई दिल्ली के निरीक्षण कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के नवम्बर 2024 हेतु दौरा कार्यक्रम निर्धारित किया गया है,


जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक राजू अजय कुमार, मोबाईल नंबर +91-94191-61196 छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा एवं बलरामपुर जिले के दौरे पर आ रहे हैं।

महासमुंद : जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति की बैठक 21 नवम्बर को

महासमुंद। जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक आगामी 21 नवंबर 2024 को आयोजित होगी। बैठक सांसद, लोकसभा क्षेत्र महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न होगी। बैठक का आयोजन जिला पंचायत के सभाकक्ष में सुबह 11:00 बजे से किया जाएगा। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सभी संबंधित सदस्यों को बैठक में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।

लखपति दीदियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में साझा की गई बस्तर की जानकी यादव और नैना की कहानी

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रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की लखपति दीदियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में बस्तर की श्रीमती जानकी यादव और श्रीमती नैना की कहानी साझा की गई। केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह के मुख्य आतिथ्य में वर्चुअली आयोजित लखपति दीदियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी देशभर की महिलाएं, स्टॉफ एवं अधिकारी ऑनलाइन जुड़ें। नेशनल कॉनक्लेव में एनआरएलएम की आजीविकामूलक गतिविधियों से लखपति बनी महिलाओं की प्रेरणादायक जीवन यात्रा को साझा किया गया। इनमें बस्तर की दो महिलाओं की कहानी भी शामिल थीं।

लखपति दीदियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में ऑनलाइन शामिल हुईं देशभर की एनआरएलएम से जुड़ी महिलाएं और स्टॉफ छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ीं दंतेवाड़ा जिले के गीदम की श्रीमती जानकी यादव की सफलता की कहानी से रू-ब-रू हुए। श्रीमती जानकी यादव मछलीपालन और सब्जियों की खेती कर लखपति बनी है। वह हर महीने अब 20 हजार रूपए कमा रही है। बस्तर जिले की श्रीमती नैना खेती के साथ ही पशुपालन और मछलीपालन भी करती है। इनसे उसे हर वर्ष एक लाख 40 हजार रूपए की आमदनी हो रही है।

सम्मेलन में प्रदेशभर से बिहानकी 30 हजार 300 से अधिक महिलाएं, स्टॉफ और अधिकारी ऑनलाइन जुड़े। इनमें राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े जिला एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राज्य तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी, समस्त स्टॉफ, कैडर, संकुल स्तरीय संगठन सदस्य, ग्राम संगठन सदस्य और बिहानसमूहों से जुड़ी महिलाएं शामिल हैं। वेबकॉस्टिंग के जरिए नई दिल्ली से सम्मेलन का सीधा प्रसारण किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई साहू भी नेशलव कॉनक्लेव में ऑनलाइन मौजूद थे।

'महिला हिंसा के विरुद्ध लैंगिक संवेदनशील दृष्टिकोण' पर कार्यशाला का आयोजन

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रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), पुलिस विभाग और चैतन्य वाइज संस्था द्वारा 'महिला हिंसा के विरुद्ध लैंगिक संवेदनशील दृष्टिकोण' विषय पर आयोजित कार्यशाला में पुलिस विभाग व 'बिहान' (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) के कर्मचारियों, जेंडर मास्टर ट्रेनर्स और परामर्शदाताओं को महिला हिंसा से जुड़े कानूनों और इसके विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला हिंसा के विरुद्ध लैंगिक संवेदनशील दृष्टिकोणके माध्यम से सभी विभागों के साथ समन्वयन स्थापित कर कार्य करना था।

पुलिस उप महानिरीक्षक श्रीमती मिलना कुर्रे ने कार्यशाला में पुलिस विभाग द्वारा महिला हिंसा के विरुद्ध संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। पुलिस सहायक महानिरीक्षक श्रीमती पूजा अग्रवाल ने जिलों में स्थापित महिला परामर्श केंद्र, अभिव्यक्ति मोबाइल एप्प, महिला हेल्प डेस्क और थानों में स्थापित महिला सेल के बारे में बताया। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय से कार्यशाला में हिस्सा लेने आईं सुश्री उषारानी ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित लैंगिक समानता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने जेंडर भेदभाव, जेंडर रिसोर्स सेंटर, जेंडर फोरम इत्यादि की विस्तार से जानकारी दी।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य संचालन अधिकारी (COO) सुश्री एलिस लकड़ा ने कार्यशाला में छत्तीसगढ़ में संचालित जेंडर इंटीग्रेशन के बारे में बताया। उन्होंने पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को किस प्रकार पूरी तरह स्थापित किया जाए, इसकी जानकारी दी। चैतन्य वाइज संस्था की कार्यकारी निदेशक सुश्री कल्पना पन्त ने लैंगिक भेदभाव पर 'बिहान' और चैतन्य वाइज संस्था के समन्वय से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। राज्य शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना समन्वयक सुविज्ञ पाठक ने महिला हिंसा के विरुद्ध विभाग द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में बताया।

रायपुर के सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी आकाश शर्मा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांकेर के सचिव डायमंड कुमार गिलहरे ने कार्यशाला में महिला हिंसा से जुड़े कानूनों और इन मामलों पर बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। कार्यशाला में 14 जिलों के पुलिस विभाग के कर्मचारियों, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के विभिन्न जिलों में कार्यरत कर्मचारियों, जेंडर मास्टर ट्रेनर्स एवं परामर्शदाताओं ने भाग लिया।

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