Media24Media.com: राज्योत्सव

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राज्योत्सव - 2024 : आदिमजाति विभाग की प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की प्रशंसा

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रायपुर। अटल नगर नवा रायपुर स्थित पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर में आयोजित 24 वां राज्योत्सव में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की स्टॉल लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा है। राज्योत्सव प्रारंभ होने के साथ ही लोगों की भारी भीड़ आदिम जाति विकास विभाग की स्टॉल पर देखने को मिला। वहीं दूसरे दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी विभागीय स्टॉल का अवलोकन कर प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने स्टॉल में बनाए गए सेल्फी जोन में परिवार संग एक फोटो भी खिचवाई। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने उनका अभिवादन करते हुए उन्हें प्रदर्शनी के थीम के बारे में विस्तार से बताया।

उल्लेखनीय है कि विभागीय मंत्री रामविचार नेताम के निर्देश के अनुसार इस बार की झांकी ’’जनजातीय गौरव शौर्य और संस्कृति का बखान’’ थीम पर बनाई गई थी। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा एवं सचिव सह आयुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा स्वयं पूरे स्टॉल की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। स्टॉल की खूबसूरती, जनजातीय शौर्य एवं जनजातीय संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे थें।

स्टॉल में स्वतंत्रता काल के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए जनजातीय विद्रोहों की एक झलक दिखाई गई है, जो कि जनजातीय शौर्य को दर्शाती है। साथ ही जनजातीय समृद्ध संस्कृति को भी झांकी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा जनजातियों के परंपरागत आभूषणों एवं विभागीय योजनाओं को भी फ्लैक्स के माध्यम से बखूबी प्रदर्शित किया गया। साथ ही आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जनजातीय क्षेत्र में किए गए शोध प्रकाशन को भी अवलोकन हेतु प्रदर्शित किया गया।

आमजन को आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही विभागीय गतिविधियों की जानकारी देने के लिए विभागीय योजनाओं का ब्रोशर भी स्टॉल से उपलब्ध कराया गया। स्टॉल पर जनजातीय गौरव दिवस तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सेल्फी जोन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। स्टॉल में आने वाले लोग उक्त सेल्फी जोन अंतर्गत लिखी हुई जानकारी से जहां उक्त अभियान की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सेल्फी जोन में जाकर फोटो खिंचवाकर इस पल को यादगार बना रहे हैं।

डबल इंजन की सरकार से चहुँमुखी विकास की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़ : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस जिला मुख्यालय बलौदाबाजार के पंडित चक्रपाणि स्कूल मैदान में राज्योत्सव के रूप में मनाया गया। देर रात तक छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति एवं रीति-रिवाजों पर केन्द्रित रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। राज्योत्सव समारोह की मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने छत्तीसगढ़ महतारी की छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने की विशेष अतिथि के रूप में की । इस मौके पर मुख्य मंच से जिला प्रशासन द्वारा नवाचारी कार्यों के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण हितग्राहियों के लिए सहज रेत उपलब्धता हेतु ई-रेत संगवारी एप्लिकेशन 1.0 का लांच एवं जिला लाइब्रेरी में कैरियर काउंसलिंग के लिए विशेष "कैरियर इन्फॉर्मेशन सेंटर"का शुभारंभ किया गया।


मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री जायसवाल ने छत्तीसगढ़ राज्य की 24 वें स्थापना दिवस की बधाई व शुभकामना देते हुए कहा की छत्तीसगढ़ प्रदेश निर्माण की मांग को तत्कालीन प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने पूरा करते हुए अलग छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। आज छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाईयों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा डबल इंजन की सरकार से चहुँमुखी विकास हो रहा है। हम सभी को मुख्यमंत्री के रूप में विष्णु देव साय का क्षमतावान नेतृत्व मिला है। केवल 10 माह के कार्यकाल में इस सरकार ने जो उपलब्धियां हासिल की वह काबिले तारीफ़ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली हमारी सरकार राज्य के सभी वर्गों के विकास के लिए काम कर रही है, लेकिन हमारी सरकार की प्राथमिकता में वे लोग हैं जो आज भी अपने अधिकारों से वंचित हैं। हम राज्य के पुरातन संस्कृति को संरक्षित करते हुए समाज में उन संस्कारों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिससे राष्ट्र की एकजुटता बढ़ती है।

सरकार ने मात्र 10 महीनों के अल्प समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा कर दिया है। छत्तीसगढ़ एक युवा राज्य है। हमारी सरकार युवाओं की शिक्षा के साथ-साथ उनके रोजगार के लिए भी ज्यादा से ज्यादा अवसरों का निर्माण कर रही है। पिछले 10 महीनों में राज्य में 7 हजार से ज्यादा शासकीय पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके अलावा राज्य में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करते हुए शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाया गया है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के विकास की रफ्तार और तेज होगी। हमारा विजन डाक्यूमेंट तैयार है,हमारी नई उद्योग नीति भी तैयार है, इसे इसी राज्योत्सव के अवसर पर लांच किया जा रहा है। हमारा यह प्रदेश विकास की बुलंदियों को छूता हुआ देश में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा क़ि पूरे प्रदेश के लिए ख़ुशी का पल है। छत्तीसगढ़ प्रदेश निर्माण को 24 वर्ष पूरा हो गया जिसमे हर क्षेत्र में विकास हुआ है। हमारी सरकार ने खिलाड़ियों को सम्मान व प्रोत्साहन देने के लिए राज्य खेल अलंकरण शुरू किया है। इसके साथ ही खिलाडियों की सुविधा के लिए संसाधनों क़ा जाल फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा क़ि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हम सब प्रदेश के विकास में सहभागिता निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प हेतु आह्वान किया है जिसे हम सबको मिलकर पूरा करना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में विकसित भारत के सपने को साकार करने के उद्देश्य से हमारी सरकार आज कार्य कर रही है।

राज्योत्सव स्थल पर विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा विकास आधारित प्रदर्शनी सजाई गई। अतिथियों ने विभिन्न विभागीय स्टालों का निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों को योजनाओं से लाभांवित किया साथ ही स्टॉल की सराहना की। इसके साथ ही स्कूली बच्चों के द्वारा रंगोली प्रतियोगिता, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर,आकर्षक सेल्फी प्वांइट मनोरंजन हेतु बनाये गये है छत्तीसगढ़ी व्यंजन पर आधारित गढ़कलेवा,जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी, सेल्फी पॉइंट लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र था। छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति पर आधारित प्रस्तुति का सिलसिला देर रात तक चला। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने राज्योत्सव में समा बांध दिया। छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति से दर्शक सराबोर होते रहे। राज्योत्सव में सुप्रसिद्ध छत्तीसगढी गायिका श्रीमती कविता वासनिक, दुलदुला की संस्था छत्तीसगढी 'रंगोली' कार्यकम अंतर्गत मनहरण साहु एवं साथियों की प्रस्तुति ,करमदा की लोक सांस्कृतिक संस्था 'झाँपी' अंतर्गत मणिसिंह ठाकुर एवं साथी,कोहरौद के 'बाबा के दीवाना' पंथी पार्टी अंतर्गत मनोज मार्कण्डेय एवं साथी तथा स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तति का दर्शकों ने भरपूर आनंद उठाया।

छत्तीसगढ़ : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ राज्य अलंकरण समारोह में आज होंगे शामिल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण एवं राज्योत्सव का समापन समारोह 6 नवम्बर को संध्या 6 बजे से उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव ग्राउण्ड में होगा। यहां उपराष्ट्रपति धनखड़ विभिन्न क्षेत्र की विभूतियों को छत्तीसगढ़ राज्य अंलकरण सम्मान से विभूषित करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल रमेन डेका करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

उपराष्ट्रपति धनखड़ राज्य अलंकरण समारोह में शामिल होने के लिए विमान से संध्या 5.40 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से राज्योत्सव मेला ग्राउण्ड के लिए प्रस्थान करेंगे। उपराष्ट्रपति धनखड़ राज्य अलंकरण समारोह के पश्चात रात्रि 7.45 बजे रायपुर एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

यहां यह उल्लेखनीय है कि तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2024 का भव्य आयोजन 4 नवम्बर से 6 नवम्बर तक राज्योत्सव स्थल, नया रायपुर अटल नगर में हो रहा है। 6 नवम्बर को राज्य अलंकरण एवं राज्योत्सव का समापन होगा। राज्योत्सव का शुभारंभ 4 नवम्बर को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में हुआ था। राज्योत्सव के दौरान कार्यक्रम स्थल में प्रतिदिन संध्या से लेकर देर रात तक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। 6 नवम्बर को सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत अनुराग शर्मा द्वारा अनुराग स्टार नाईट, मनोज प्रसाद द्वारा इंडियाज गॉट टैलेंट मल्लखंभ, सवि श्रीवास्तव द्वारा जादू बस्तर एवं पवनदीप एवं अरूनिता के पार्श्व गायन की प्रस्तुति होगी।

राज्य अलंकरण एवं राज्योत्सव के समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा, मंत्री रामविचार नेताम, दयाल दास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओपी चौधरी, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं टंकराम वर्मा, नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सर्वश्री राजेश मूणत, पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, गुरू खुशवंत साहेब, इन्द्र कुमार साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि होंगे।

राज्योत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के सभी विभागों द्वारा राज्योत्सव स्थल पर भव्य एवं आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है। यहां शिल्प ग्राम में छत्तीसगढ़ के विविध शिल्प प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध है। राज्योत्सव में प्रदर्शनी, मीना बाजार को देखने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुफ्त उठाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनों के साथ नया रायपुर मेला ग्राउण्ड पहुंच रहे हैं।

बटकी म बासी, चुटकी म नून, राज्योत्सव में सुमधुर लोकगीतों ने मोह लिया दर्शकों का मन

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रायपुर। राज्योत्सव के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ी गीतों की शानदार प्रस्तुति लोक कलाकारों ने दी। सुश्री आरु साहू और राजेश अवस्थी ने ददरिया गीतों के साथ उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं मुंबई से आईं सुश्री नीति मोहन ने शानदार गीतों की प्रस्तुति कर समां बांध दिया।

शाम को राज्योत्सव का रंग गौरा-गौरी गीत से आरंभ हुआ। इसके बाद तो छत्तीसगढ़ के लोकगीतों की सुंदर श्रृंखला सज गई।लोकरंग राज्योत्सव परिसर पर पूरी तरह से छलक गये। गौरा-गौरी गीत के बाद राउत नाचा की रंगारंग प्रस्तुति हुई और राऊत नाचा के जोश से पूरा उत्सव स्थल सराबोर हो गया। 

इसके बाद फाग गीतों के रंग छलके। जब मुख मुरली बजाय का प्रदर्शन हुआ तो पूरा राज्योत्सव स्थल श्याम रंग से रंग गया।इसके बाद द्रूतगामी पंथी नृत्य का आयोजन हुआ। आरू साहू और राजेश अवस्थी जैसे ही मंच पर आये, दूर तक तालियां गूंजती रही। जब इन कलाकारों ने ददरिया की प्रस्तुति दी तो लोक रंग का जादू पूरे उत्सव में चढ़ गया।

लोकप्रिय गीत बटकी म बासी चुटकी म नून गावत हव ददरिया कान देके सुन की प्रस्तुति ने पूरे माहौल में तरंग घोल दी। इसके बाद वालीवुड पार्श्व गायिका सुश्री नीति मोहन प्रस्तुति देने आई। उन्होंने जय जोहार के अभिवादन के साथ सुमधुर गीतों की लड़ी प्रस्तुत की। 

चली रे जुनून का लिये कतरा, जिया रे जिया रे जैसे गीतों का प्रदर्शन कर उन्होंने पूरे माहौल में संगीत के रस घोल दिये। आज राज्योत्सव के दूसरे दिन लोकगीतों के साथ भारतीय सिनेमा के अद्भुत गीत-संगीत के जो सुर सुनने लोगों को मिले, उसने राज्य स्थापना दिवस की खुशियों में चार चांद लगा दिये।

अपनी विरासत को सहेजते हुए छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लें : राज्यपाल रमेन डेका

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रायपुर।  छत्तीसगढ़ एक युवा राज्य है और युवा अवस्था में ही इस राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और क्षमता का प्रदर्शन किया है। राज्योत्सव के मौके पर अपनी विरासत को सहेजने और छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लें। नागरिकगणों से यह अपील राज्योत्सव कार्यक्रम के दूसरे दिन मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने की। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की

इस मौके पर अपने संबोधन में डेका ने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए गौरव का दिन है। हमारे छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को 24 वर्ष पूरे हो चुके हैं और यह हम सबके लिए ऐतिहासिक क्षण है। इन वर्षाे में हमने एक मजबूत आधार बनाया है और अपने लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ने का संकल्प लिया है। उन्होंने इस अवसर पर राज्य निर्माण का स्वप्न देखने वाले और इसके लिए संघर्ष करने वाले पुरखों को भी नमन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की प्रशंसा करते हुए कहा कि  राज्य शासन द्वारा जनकल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं जिसके लिए मुख्यमंत्री बधाई के पात्र हैं। छत्तीसगढ़ में कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं। जनजातियों, महिलाओं एवं युवाओं के उत्थान एवं कल्याण के लिए भी निरंतर पहल की जा रही है।

राज्यपाल ने कहा कि पिछले 23 वर्षों में छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक ठोस धरातल निर्मित हुआ है। इस दौर में राज्य की सांस्कृतिक रूप से भी एक अलग पहचान बनी है। वर्तमान में भी सांस्कृतिक समृद्धि के लिए चहुंमुखी प्रयास किये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक संसाधन पर्याप्त हैं, चाहे वन हो, खनिज हो या मानव संसाधन हो, सभी का उचित दोहन किया जाना अभी बाकी है। संसाधनों के दोहन के साथ ही हमें इस पर भी गहन चिंतन करना होगा कि विकास का पैमाना क्या हो। विकास की सतत् प्रक्रिया में प्रकृति के साथ संतुलन बना रहे, यह भी ध्यान रखना होगा। हम सबको आज संकल्प लेना होगा कि छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर ले जाने के लिए मिलजुल कर प्रयास करेंगे।

राज्य की उन्नति के लिए शांति जरूरी है, विगत कुछ वर्षों से नक्सल हिंसा से छत्तीसगढ़ का कुछ हिस्सा प्रभावित रहा है। इस हिंसा को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा लगातार साझा प्रयास किये जा रहे हैं। आशा है कि जल्द ही इस हिंसा से राज्य को मुक्ति मिलेगी और छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दौड़ में आगे बढ़ेगा।

राज्यपाल ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि इस राज्य को अग्रणी राज्य बनाने के लिए अधिक से अधिक योगदान दें साथ ही आज एक संकल्प लें कि अपने प्रदेश की, शहर की सार्वजनिक संपत्तियों, सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा करेंगे, उसे संभालेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।

विकास की सबसे बड़ी ताकत संस्कृति से मिलती है : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्योत्सव समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जिन लोगों ने संयुक्त मध्यप्रदेश के समय छत्तीसगढ़ में जन्म लिया और बड़े हुए वे लोग तब और अब के फर्क को बहुत अच्छी तरह जानते हैं। उन्हें याद होगा कि किस तरह छत्तीसगढ़ में बार-बार अकाल पड़ता था। किसानों को रोजी-रोटी के लिए पलायन करना पड़ता था। सौभाग्य से जब अटल जी प्रधानमंत्री बने तो छत्तीसगढ़ की पीड़ा को समझा और अलग राज्य का निर्माण किया। 24 साल पूरे हो गये हैं। छत्तीसगढ़ विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने कार्यक्रम में लोक कलाकारों को अधिकतम जगह दी है। इसके साथ ही छालीवुड और बालीवुड के कलाकारों को भी जगह दी है। मैं सभी कलाकारों का अभिनंदन करता हूँ। हमारी कला हमारे विचारों को अभिव्यक्त करने का माध्यम है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति इस मामले में बहुत समृद्ध है हमारे यहां हर विधा के कलाकार हैं। छत्तीसगढ़ में लोक गायन, लोक कला एवं सभी विधाओं को हमारी सरकार प्रोत्साहित कर रही है। शिल्प ग्राम स्थापित किये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने तीज त्योहारों, देव स्थलों, मड़ई मेलों को भी सहेज रहे हैं। विकास के लिए सबसे बड़ी ताकत संस्कृति से ही मिलती है। संस्कृति हमें बताती है कि विकास की दिशा क्या होनी चाहिए। प्राथमिकता क्या होनी चाहिए, सोच क्या होनी चाहिए, दृष्टिकोण क्या होना चाहिए और लक्ष्य क्या होना चाहिए। प्रत्येक नागरिक का आचार-विचार और व्यवहार संस्कृति ही तय करती है और इसी के अनुरूप नीति निर्धारण के लिए सरकार को प्रेरित करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के लिए विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है उसमें संस्कृति को सबसे ज्यादा तवज्जो दी है। संस्कृति ही समाज में ताकत पैदा करती है। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य के मामले में बेहद समृद्ध है। पर्यटन की यहां बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि किस तरह से भगवान श्रीराम से जुड़े तीर्थों का विकास किया जा रहा है। माता शबरी और माता कौशल्या के धाम को संवारा जा रहा है। राजिम, सिरपुर, मधेश्वर, भोरमदेव, बारसूर आदि अनेक ऐतिहासिक स्थल हैं, जिनका विकास किया जा रहा है।

राज्योत्सव के दूसरे दिन भी रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी शिल्प कला  को सहेजा जा रहा है और प्रोत्साहित किया जा रहा है। खादी के वस्त्रों पर 25 प्रतिशत की छूट देकर इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन सबके साथ ही प्रदेश के खानपान की अपनी विशेषता है। संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में शामिल है। यह राज्य हमने बनाया है संवारा है और आगे भी इसे हम ही संवारेंगे।

इस मौके पर छत्तीसगढ़ नैसर्गिक पर्यटन पत्रिका और संस्कृति विभाग की पत्रिका बिहनियाका विमोचन किया। इस मौके पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं अधिकारीगण मौजूद थे।

जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी में क्विज ट्रिविया, स्क्रीन पर 90 सेकंड में देना है 20 सवालों के जवाब

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रायपुर। राज्योत्सव के अवसर पर जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी लोगों के लिए उत्सुकता और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहाँ लोगों को छत्तीसगढ़ से जुड़े रोचक तथ्यों के साथ शासन की योजनाओं की जानकारी देने के लिए क्विज ट्रिविया का आयोजन किया गया है। जिसमें स्क्रीन पर आये सवालों का जवाब फुर्ती से देना है। 20 सवालों का जवाब देने के लिए 90 सेकंड का समय दिया गया है। क्विज़ ट्रिविया में भाग लेने के लिए लोगों में भारी उत्साह नज़र आया। इस क्विज़ में ख़ासकर युवा वर्ग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा बहुत रुचि ले रहे हैं। उल्लेखनीय है की इस वेब गेम को जनसंपर्क संचालनालय की इन हाउस डिजिटल टीम द्वारा किया गया है। प्रतिभागियों को विभाग द्वारा तत्काल ई-सर्टिफिकेट भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री जी के कट आउट के साथ फोटो क्लिक करवाने उत्साहित जन समुदाय जनसंपर्क विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कट आउट लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जिसमें मुख्यमंत्री जी की जीवंत तस्वीर के साथ लोग बड़े उत्साह के साथ फोटो क्लिक करवा रहे हैं। कैसा हो मेरे सपनों का छत्तीसगढ़मुख्यमंत्री जी तक पोस्ट कार्ड के माध्यम से पहुँचा रहे अपनी बात जनसंपर्क विभाग के स्टाल में मेरे सपनों का छत्तीसगढ़ विषय पर पोस्ट कार्ड  भी रखे गये हैं। इन पोस्ट कार्ड के माध्यम से सीधी अपनी बात मुख्यमंत्री जी तक पहुँचाने के लिए प्रदेश की जानता उत्साहित है।

राज्योत्सव शिल्पग्राम में दिखी छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति की झलक, शिल्पग्राम के अवलोकन से लोग हुए अभिभूत

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राज्योत्सव-2024 का भव्य आयोजन किया गया है। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न शासकीय विभागों की विकास प्रदर्शनी लगाई गई हैै। इस विकास प्रदर्शनी में शिल्पग्राम का स्वरूप भी दिखाया गया है। शिल्पग्राम में छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है। रोचकता और रचनात्मकता से भरपूर यह शिल्पग्राम प्रदर्शनी पहुंचने वाले लोगों को स्व-स्फूर्त अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

रेशम कीटतितली कोकून सेल्फी पॉइंट में सेल्फी लेने की मची हो

शिल्पग्राम में मौजूद कलाकारों और शिल्पकारों से लोग उनकी रचनात्मकता के संबंध में चर्चा कर रहे हैं और साथ ही उनकी प्रतिभा की भूरी-भूरी प्रशंसा एवं सराहना भी कर रहे हैं।  राज्योत्सव के दौरान लगी प्रदर्शनी स्थल में बनाए गए शिल्पग्राम जनमानस को आकर्षित कर रहा है और उनकी जिज्ञासा का प्रमुख केन्द्र बना हुआ है, जिसमें प्रदेश स्तर के बुनकर शिल्पी अपने-अपने बेहतरीन व आकर्षक उत्पादों का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आकर्षक छूट के साथ विक्रय भी कर रहे हैं।

शिल्पग्राम में कोसा, रेशमी साड़ी ड्रेस मटेरियल तथा काटन बेडशीट का बेहतरीन संकलन खादी के वस्त्र बेलमेटल, काष्ठ कला, माटी कला टेराकोटा के आकर्षक उपयोगी तथा सजावटी सामग्री का बिक्री कर बुनकरों शिल्पियां ने आयोजन का लाभ उठाया है।

शिल्पकार प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का इस आयोजन हेतु आभार व्यक्त कर रहे हैं, उनका कहना है कि इसके माध्यम से उन्हें अनेक उत्पादों के प्रचार-प्रसार व विक्रय का प्लेटफॉर्म मिला, जिससे इन्हें अच्छी आय हो रही है। इस बार शिल्पग्राम के मध्य में रेशम कीट, तितली कोकून की रंग-बिरंगी मनमोहक कृति स्थापित की गई है। जिसमें सेल्फी लेने लोगों में होड़ मची हुई है।

राज्योत्सव-2024 में विभिन्न अलंकरणों से सम्मानित होने वाले विभूतियों के नाम हुए घोषित

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रायपुर।  राजधानी नवा रायपुर में राज्योत्सव के अवसर पर राज्य अलंकरण समारोह का आयोजन 06 नवंबर को किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने आज राजधानी रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य अलंकरण समारोह में सम्मानित होने वाले विभूतियों के नाम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा 06 नवंबर को 36 विभूतियों को छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। राज्यपाल रमेन डेका समारोह की अध्यक्षता करेंगे। 

अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित रहेंगे। राज्य अलंकरण समारोह एवं राज्योत्सव के समापन समारोह पर छत्तीसगढ़ की विभिन्न विभूतियों को उनकी उपलब्धियों एवं राज्य के विकास में योगदान के लिए राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासी पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार बुटलू राम माथरा को दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिया जाने वाला अहिंसा एवं गौ रक्षा के क्षेत्र में यति यतनलाल सम्मान मनोहर गौशाला खैरागढ़, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गुण्डाधूर सम्मान सुश्री छोटी मेहरा, ख्ेाल (तीरंदाजी) के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान विकास कुमार को दिया जाएगा। 

इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला उत्थान के क्षेत्र में मिनीमाता सम्मान श्रीमती पार्वती ढ़ीढ़ी, महिलाओं में वीरता, शौर्य, साहस तथा आत्मबल को सशक्त बनाने के लिए वीरांगना रानी अवंतिबाई लोधी स्मृति पुरस्कार श्रीमती अदिती कश्यप और महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष, नारी उत्थान के लिए माता बहादुर कलारिन सम्मान कुमारी चित्ररेखा सिन्हा, आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा सामाजिक चेतना और दलित उत्थान के क्षेत्र में गुरू घासीदास सम्मान राजेन्द्र रंगीला (गिलहरे), सहकारिता विभाग द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में ठाकुर प्यारेलाल सम्मान शशिकांत द्विवेदी को प्रदान किया जाएगा।

इसी तरह सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान उमेश कच्छप, संस्कृति विभाग द्वारा हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पंडित सुन्दरलाल शर्मा सम्मान डॉ. सत्यभामा आडिल, संस्कृति विभाग द्वारा संगीत एवं कला के क्षेत्र में चक्रधर सम्मान पं. सुधाकर रामभाऊ शेवलीकर को प्रदान किया जाएगा। संस्कृति विभाग द्वारा लोककला एवं शिल्प के क्षेत्र में दिया जाने वाला दाऊ मंदराजी सम्मान पंडीराम मंडावी को प्रदान किया जाएगा। संस्कृति विभाग द्वारा ही छत्तीसगढ़ी लोकगीत के लिए लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान श्रीमती निर्मला ठाकुर (बेलचंदन) और छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के लिए खुमान साव सम्मान दुष्यंत कुमार हरमुख, कृषि विभाग द्वारा कृषि के क्षेत्र में डॉ. खूबचंद बघेल सम्मान संयुक्त रूप से शिवकुमार चंद्रवंशी और खेमराज पटेल को प्रदान किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए महाराजा अग्रसेन सम्मान सियाराम अग्रवाल, समाज कल्याण विभाग द्वारा दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता के क्षेत्र में दानवीर भामाशाह सम्मान श्री सुभाष चंद अग्रवाल, मत्स्य विभाग द्वारा मछली पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए श्रीमती बिलासाबाई केंवटीन मत्स्य विकास पुरस्कार विनोद दास को प्रदान किया जाएगा। 

आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासियों की सेवा और उत्थान के क्षेत्र में दिया जाने वाला भंवर सिंह पोर्ते सम्मान सोनऊ राम नेताम को प्रदान किया जाएगा। श्रम विभाग द्वारा श्रम के क्षेत्र में महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव पुरस्कार संयुक्त रूप से सुरेन्द्र कुमार राठौर, शोभा सिंह एवं ललित कुमार नायक को प्रदान किया जाएगा। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा अपराध अनुसंधान क्षेत्र में पंडित लखन लाल मिश्र सम्मान रामनरेयश यादव, ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बुनकर क्षेत्र में बिसाहूदास महंत पुरस्कार संयुक्त रूप से पन्नालाल देवांगन और बहोरी लाल देवांगन को प्रदाय किया जाएगा। ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बुनकर के क्षेत्र में राजराजेश्वरी करूणामाता हाथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार संयुक्त रूप से सत्यनारायण देवांगन एवं अरूण मेहर को दिया जाएगा।

संस्कृति विभाग द्वारा प्रदर्शनकारी लोककला क्षेत्र में देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार भगत गुलेरी, संस्कृति विभाग द्वारा लोक शैली पंथी नृत्य प्रदर्शनकारी कला क्षेत्र में देवदास स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार साधे लाल रात्रे, संस्कृति विभाग द्वारा हिन्दी-छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा, निर्माण के क्षेत्र में किशोर साहू सम्मान प्रकाश अवस्थी, संस्कृति विभाग द्वारा ही हिन्दी-छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के लिए दिया जाने वाला किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण सतीश जैन को प्रदान किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए धनवन्तरि सम्मान डॉ. मनोहर लाल लहेजा को प्रदान किया जाएगा। विधि एवं विधायी विभाग द्वारा विधि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान संयुक्त रूप से सुरेन्द्र तिवारी और प्रकाश चंद्र पंत को प्रदान किया जाएगा। संस्कृति विभाग द्वारा देश के बाहर सामाजिक कल्याण, मानव संसाधन विकास, कला, साहित्य अथवा आर्थिक योगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान आनंद कुमार पांडे, संस्कृति विभाग द्वारा साहित्य, आंचलिक साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार डॉ. पीसी लाल यादव को प्रदान किया जाएगा। जनसंपर्क विभाग द्वारा पत्रकरिता प्रिंट मीडिया हिन्दी के क्षेत्र में चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार भोलाराम सिन्हा, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (हिन्दी) के क्षेत्र में मोहन तिवारी, जनसपंर्क विभाग द्वारा पिं्रट मीडिया (अंग्रेजी) के क्षेत्र में मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार मुकेश एस. सिंह, जनसंपर्क विभाग द्वारा ही रचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषा क्षेत्र में प्रदाय किए जाने वाले पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान अतुल जैन को प्रदान किया जाएगा।

राज्योत्सव-2024 में विभिन्न अलंकरणों से सम्मानित होने वाले विभूतियों के नाम हुए घोषित- पीडीएफ

 

नगरीय प्रशासन विभाग की विकास प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री आवास योजना की झलक, देख सकते हैं बड़े शहरों के आवासीय निर्माण के मॉडल

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रायपुर। नया रायपुर में राज्योत्सव स्थल डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के स्टॉल में प्रदेश के विभिन्न शहरों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत निर्मित आवासों और कॉलोनियों के मॉडल्स प्रदर्शित किए गए हैं। विभाग की विकास प्रदर्शनी में निमोरा में 90 एमएलडी क्षमता के निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का भी मॉडल दर्शाया गया है।

यहां दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) की स्वसहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित सामग्रियों की प्रदर्शनी के साथ बिक्री भी की जा रही है। राज्योत्सव देखने आने वाले इस स्टॉल में विभिन्न समूहों की महिलाओं द्वारा बनाए गए सजावट के समान, धूप, अगरबत्ती, फ्लावर-पॉट, मधुबनी प्रिंट से बनी साड़ी जैसी अनेक चीजें खरीद सकते हैं।

राज्योत्सव स्थल पर नगरीय प्रशासन विभाग के स्टॉल में राजनांदगांव, रायपुर और भिलाई-चरोदा नगर निगम में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों द्वारा एक जगह निर्मित आवासों को समग्र कॉलोनियों के रूप में दर्शाया गया है। यहां भिलाई नगर निगम में किफायती आवासीय परियोजना (Affordable Housing Project) के तहत निर्मित आवासों को भी आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। स्टॉल में स्वच्छ भारत मिशन 2.0 और मिशन अमृत 2.0 सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की भी जानकारी दी जी रही है।

राज्योत्सव: करंट की चपेट में आया शिक्षक, मौके पर हुई मौत

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 सारंगढ़। राज्योत्सव के कार्यक्रम स्थल में बड़ा हादसा हो गया। घटना करंट लगने से एक सरकारी शिक्षक की मौत हो गयी। शिक्षक का नाम भगत राम पटेल है। उनकी ड्यूटी शिक्षा विभाग के स्टॉल में लगी थी। जानकारी के मुताबिक राज्योत्सव में शिक्षा विभाग के स्टॉल में फ्लैक्स लगाने के दौरान करंट की चपेट में वो आ गये।


जानकारी के मुताबिक टेंट पर बिजली के एक खंभे में बिजली का तार सटा हुआ था, जिसकी वजह से करंट पूरे टेंट में फैला हुआ था। जैसे ही शिक्षक ने बिजली के पोल को पकड़ा, करंट की चपेट में आ गये। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भेड़वन संकुल में संकुल समन्वयक के पद पर पदस्थ है।

घटना में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आयी है। शिक्षक भगत राम पटेल (52 वर्ष) के साथ हुए हादसे की खबर सुनते ही शिक्षक समुदाय में शोक की लहर दौड़ गयी। घटना के बाद साथी शिक्षक-शिक्षिकाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं राज्योत्सव के जश्न में भी मातम पसर गया। उधर परिजन भी सूचना के बाद तुरंत मौके पर पहुंचे। घटना के बाद माहौल काफी गमगीन है।

महासमुन्द जिले में राज्योत्सव का आयोजन 05 नवंबर को

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय महासमुन्द में 05 नवम्बर को आयोजित राज्योत्सव का शुभारम्भ मिनी स्टेडियम महासमुन्द में शाम 0400 बजे से होगा। समारोह के मुख्य अतिथि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण एवं प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल होंगे। इस अवसर पर महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक बसना संपत अग्रवाल, विधायक खल्लारी द्वारकाधीश यादव, विधायक सरायपाली श्रीमती चातुरीनंद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उषा पटेल, नगरपालिका अध्यक्ष महासमुंद श्रीमती राशि महिलांग,

जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू, नगरपालिका अध्यक्ष सरायपाली चंद्रकुमार पटेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बागबाहरा श्रीमती स्मृति हितेश चंद्राकर, नगरपालिका अध्यक्ष बागबाहरा श्रीमती हीरा संतराम बघेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरायपाली श्रीमती कुमारी भास्कर, नगर पंचायत अध्यक्ष तुमगांव राकेश चंद्राकर, जनपद पंचायत अध्यक्ष बसना श्रीमती रुक्मणी सुभाषचंद्र पटेल, नगर पंचायत अध्यक्ष बसना गजेंद्र साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा सत्यभामा नाग एवं नगर पंचायत अध्यक्ष पिथौरा आत्माराम यादव के विशिष्ट आतिथ्य एवं गणमान्य अतिथियो, नागरिकों की गरिमामय उपस्थिति में कार्यक्रम होगा।

अतिथियों के आगमान के पश्चात् विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया जायेगा। शाम 0500 बजे से छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति होगी। जिसमें कवि पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे अपने मनभावन कविताओं से समा बांधेंगे। महतारी लोक कला मंच खरोरा की प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ी की समृद्ध लोक संस्कृति की छटा बिखरेगी तथा अलंकार बैंड पार्टी की रंगारंग संगीतमयी कार्यक्रम की धूम रहेगी।

राज्योत्सव में जिला पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशु चिकित्सा, जल संसाधन, आदिवासी विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, क्रेडा, जल संसाधन, जिला परिवहन, पुलिस विभाग, जिला सेनानी, रेशम, आईटीआई, विधिक सेवा प्राधिकरण, बैंक, जनसंपर्क, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, वन विभाग, श्रम विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा विकास कार्यों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। समारोह में स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव 2024 का भव्य शुभारंभ आज छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति से हुआ। नवा रायपुर के राज्योत्सव ग्राउण्ड के मुख्य मंच से छत्तीसगढ़ी कलाकारों के दल ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी और दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। तीन दिवसीय राज्योत्सव के आयोजन को लेकर मेला स्थल को शानदार ढंग से सजाया गया है। हजारों की संख्या में लोग यहां आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद और प्रदर्शनी देखने के लिए पहुंचे।

राज्योत्सव 2024 का शुभारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा सहित अन्य मंत्रिगण, सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के शुभारंभ के पूर्व से ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों का दौर शुरू हो गया। सुप्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार स्व.लक्ष्मण मस्तुरिहा के गीतों की प्रस्तुति ने खूब समां बांधा।  

रिखी क्षत्रीय की टीम ने छत्तीसगढ़ राज्य में अलग-अलग महीनों में आयोजित होने वाले तीज-त्यौहार एवं लोकपर्व आधारित कार्यक्रमों की संवाद, गीत एवं नृत्य के माध्यम से शानदार प्रस्तुति दी। उनकी टीम ने तीजा-पोरा, जंवारा, हरेली, गौरी-गौरा पूजा के साथ ही सुवा नृत्य एवं करमा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रिखी क्षत्रीय की टीम की सभी प्रस्तुतियों का दर्शकों ने ताली बजाकर सराहा।

इससे पूर्व रजनी रजक की लोकगाथा पर आधारित ढोला-मारू की प्रस्तुति रेवा-पेरवा जादूगरनी की कहानी को गायन विधा में तथा महेन्द्र चौहान एवं साथी द्वारा प्रस्तुत आदिवृंदम एवं चन्द्रभूषण वर्मा की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव बिलासपुर में राज्योत्सव में होंगे मुख्य अतिथि

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव 5 नवम्बर को बिलासपुर जिला मुख्यालय में आयोजित राज्योत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे 5 नवम्बर को दोपहर दो बजे रायपुर से सड़क मार्ग द्वारा बिलासपुर के लिए रवाना होंगे। वे शाम चार बजे बिलासपुर स्थित अपने शासकीय निवास पहुंचेंगे।

उप मुख्यमंत्री साव शाम पांच बजे बिलासपुर के छठ घाट में अरपा आरती में शामिल होंगे। वे शाम पौने छह बजे छठ घाट से पुलिस परेड ग्राउंड के लिए प्रस्थान करेंगे। वे शाम छह बजे पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2024 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। साव रात आठ बजे बिलासपुर से रायपुर के लिए रवाना होंगे। वे रात दस बजे वापस रायपुर पहुंचेंगे।


विशेष लेख : सुशासन से छत्तीसगढ़ ने पकड़ी विकास की रफ्तार

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इस राज्योत्सव पर छत्तीसगढ़ 24 वर्ष का हो गया। युवा छत्तीसगढ़ पिछले 10 महीने के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन की सरकार में तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर हो चला है। सड़कों, रेल लाइनों समेत अधोसंरचना के क्षेत्र में राज्य ने बीते 24 वर्षों में निरंतर प्रगति की है। रायपुर एयरपोर्ट देश के तमाम बड़े शहरों से जुड़ गया है। जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर में हवाई सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। बस्तर और सरगुजा के आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक सड़कों का जाल बिछ चुका है। 


राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन का देश के आधुनिकतम रेलवे स्टेशनों में शुमार होने लगा है। गांव-गांव तक बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा चुकी हैं। राजधानी रायपुर शिक्षा का बड़ा केेंद्र बनकर उभरा है। बस्तर में एनएमडीसी का स्टील प्लांट प्रारंभ हो चुका है। राज्य की कला, संस्कृति, वनोपज, हस्तशिल्प आदि की अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुकी है। 

आज से 24 साल पहले जब राज्य बना था, तब से लेकर साल भर पहले तक नक्सलवाद छत्तीसगढ़ की बड़ी समस्या थी। विष्णु देव साय की सरकार की कुशल रणनीति और प्रभावी कार्रवाई के चलते अब राज्य में नक्सल समस्या समाप्त होने की कगार पर पहंुंच गई है। 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ ही विष्णु सरकार ने जनहित में फैसले लेने और उसे अमल में लाने को लेकर एक्शन में आ गई थी। सरकार गठन के अगले ही दिन कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप 18,12,743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। राज्य के 13 लाख किसानों को दो साल के धान का बकाया बोनस पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस, सुशासन दिवस के अवसर 25 दिसंबर 2023 को 3176 करोड़ रुपये जारी किया। मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए सरकार ने प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से 3100 रुपये के दाम पर धान की खरीदी की। 25 लाख 75 हजार किसानों को धान का समर्थन मूल्य 32 हजार करोड़ रुपया तत्काल जारी किया और 12 जनवरी 2024 को 13,320 करोड़ रुपये की अंतर राशि का भुगतान भी कर दिया। खरीफ वर्ष 2023-24 में किसानों से रिकार्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी विष्णु देव साय की सरकार ने की। राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये की गई है। 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को इसका लाभ मिल रहा है। संग्राहकों को चरण पादुका वितरित करने की योजना भी लागू होने जा रही है। विष्णु सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अंत्योदय के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर रखा है। प्रशासन में पारदर्शिता, आम जनता की सुनवाई, नारी, गरीब, किसान, युवा के लिए अवसरों के द्वार खोलने का काम इस सरकार ने किया है।

महतारी वंदन योजना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य की 70 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में प्रति माह 1000 रुपये अंतरित किए जा रहे हैं। 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री मोदी की वर्चुअल उपस्थिति मेें महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया गया था। इस योजना की 9 वीं किश्त हाल में यहां पहुंचीं राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मु ने जारी की। महिलाओं की उन्नति के लिए सरकार कई कार्यक्रम चला रही है। कांग्रेस की सरकार ने महिला समूहों से रेडी टू ईट का काम छीन लिया था। मुख्यमंत्री ने उन्हें दोबारा यह काम सौंप दिया है।

युवाओं की हितैषी सरकार 

नई दिल्ली के ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़कार 185 कही गई है। यूपीएससी की तैयारी करने वाले एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के युवाओं को इसका लाभ मिल रहा है। पुलिस विभाग सहित अन्य शासकीय विभागों में भर्ती की अधिकतम आयु सीमा में 31 दिसंबर 2028 तक 05 वर्ष की छूट का एलान किया गया है। राज्य में विभिन्न विभागों में 7 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जा रही है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। यूपीएससी की तर्ज पर पीएससी परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए यूपीएससी के पूर्व चेयरमेन प्रदीप कुमार जोशी की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया है। उद्यम क्रांति योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी पर ब्याज मुक्त ऋण देने की व्यवस्था की गई है। आलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले राज्य के युवाओं को सरकार तीन करोड़ रुपये देगी। रजत जीतने पर दो करोड़ तथा कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपये मिलेंगे।

सुशासन का मूलमंत्र-

राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। ई समीक्षा, ई लोकसेवा गारंटी तथा डिजिटल सेक्रेटेरिएट अब सुशासन एवं अभिसरण विभाग के जिम्मे होगा। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर 2023, सुशासन दिवस के अवसर पर अटल मॉनीटरिंग पोर्टल का शूभारंभ किया गया। आम जनता से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याआंें का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री ने जनदर्शन कार्यक्रम प्रारंभ किया है। ई गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए ई आफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री कार्यालय ऑनलाइन पोर्टल तथा स्वागतम पोर्टल का शुभारंभ किया गया है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अधिकाधिक क्षेत्रों में आईटी का उपयोग किया जा रहा है।

गरीबों की मददगार सरकार-

विष्णु देव साय की सरकार ने गरीब जनता की मदद के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। 68 लाख गरीब परिवारों को अगले 5 साल तक मुफ्त राशन देने के लिए बजट में 3400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। ग्रामीण घरों को नल से पानी देने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 4500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब तक 40 लाख परिवारों को नल का कनेक्शन दिया जा चुका है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत गरीब परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता देने के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

औद्योगिक विकास की पहल-

राज्य में नई औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 एक नवम्बर से लागू हो गई है। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा एवं विस्तार देने के लिए नई औद्योगिक नीति में कई रियायती प्रावधान किए गए है। उद्योग विभाग के सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 लागू किया गया है। इस पोर्टल पर एक बार आवेदन करने पर सभी विभागों से क्लीयरेंस मिलेगा। नया रायपुर को आईटी का हब बनाने का काम प्रारंभ किया गया है। दो आईटी कंपनियों से एमओयू किया गया है तथा उन्हें फर्निश्ड बिल्डअप एरिया भी उपलब्ध करा दिया गया है। इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ के आयोजन के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य में आर्थिक विकास की गति बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ संस्थाओं से परामर्श करने तथा देश और दुनिया में चल रहे बेस्ट प्रेक्टिसेस को राज्य में लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन प्रस्तावित है। कोरबा, बिलासपुर इंडस्ट्रियल कॉरीडोर का निर्माण किया जा रहा है। 

स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकास-

एमबीबीएस की पढ़ाई अब हिंदी माध्यम से भी होगी। स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ ही शहीद वीरनारायण सिंह स्वास्थ्य योजना शुरू की गई है। राज्य के दो बड़े मेडिकल कालेज अस्पतालों, छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस बिलासपुर और मेडिकल कालेज अस्पताल रायपुर के भवन व सुविधाओं के विस्तार का काम शुरू किया गया है।

शिक्षा का कायाकल्प-

राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू कर दी गई है। पीएम श्री योजना में प्रदेश के 341 स्कूलों को शामिल किया गया है। इस योजना के तहत स्कूलों में बेहतर अधोसंरचना के साथ किचन गार्डन, एआई, रोबोटिक्स, आईसीटी लैब की सुविधा के साथ ग्रीन स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। जशपुर, बस्तर, कबीरधाम, रायपुर और रायगढ़ में आईआईटी की तर्ज पर प्रौद्योगिकी संस्थानों का निर्माण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ी, सरगुजिहा, हल्बी, सादरी, गोंडी और कुडुख समेत 18 स्थानीय भाषा बोली में नई शिक्षा नीति के तहत प्रारंभिक शिक्ष़्ाा प्रदान की जा रही है। स्कूलों में न्यौता भोज की अभिनव पहल की गई है। स्कूली बच्चों के प्रदर्शन पर नजर रखने के लिए रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित किया गया है। सॉफ्टवेयर एवं मोबाइल एप का विकास तथा काल सेंटर के माध्यम से निगरानी आईआईटी भिलाई के सहयोग से की जा रही है। राज्य में छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन की स्थापना की जाएगी। राजधानी के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश के 13 नगरीय निकायों में लाइब्रेरी निर्माण का प्रस्ताव। 160 आईटीआई का मॉडल आईटीआई के रूप में उन्नयन किया जा रहा है।

अधोसंरचना विकास-

कटघोरा-डोंगरगढ़ रेललाइन के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा, रावघाट-जगदलपुर, अंबिकापुर-बरवाडीह, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहारदगा रेल परियोजनाओं का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। राज्य में सड़कों के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 11 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र तथा संबंधित प्राधिकरण की स्थापना की जा रही हैै।

संस्कृति-परंपरा, धर्म-

राज्य में श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना संचालित की जा रही है। राज्य के पांच शक्तिपीठों के विकास के लिए बजट में 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राजिम मेले का आयोजन राजिम कुंभ कल्प के रूप में किया गया। हर संभाग में एक-एक गौ अभयारण्य की स्थापना का निर्णय। राज्य के आदिवासी क्षेत्रों और अयोध्या धाम तक सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने की साय सरकार की पहल को भारत सरकार की हरी झंडी। बस्तर मंे प्रचीनकाल से चले आ रहे अनेक एतिहासिक मेलों को सरकारी संरक्षण और सहायता दी जा रही है।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस-

साय सरकार ने विदेशी मदिरा के थोक विक्रय व भंडारण के लिए प्रचलित एफएल 10 एबी लाइसेंस की व्यवस्था समाप्त कर विनिर्माताआंें से सीधे थोक क्रय करने का निर्णय लिया है। विदेशी मदिरा के क्रय की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ ब्रेवरेज कार्पाेरेशन को दी गई है। खनिजों के परिवहन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए साय सरकार ने ऑनलाइन ट्रांजिट पास की व्यवस्था पुनः प्रारंभ की है।

नक्सल समस्या पर अंकुश-

साय के सुशासन मंे राज्य नक्सल समस्या से मुक्त होने की ओर अग्रसर है। सरकार ने बस्तर अंचल में सुरक्षा बल के 34 कैंप स्थापित किए है। अभी 30 नए कैंप और स्थापित करने की योजना है। राज्य स्तर पर एनआईए की तर्ज पर एसआईए का गठन किया गया है। माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में नए कैंपों के आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे में नियद नेल्ला नार यानी आपका अच्छा गांव योजना चलाई जा रही है। इसके तहत 17 विभागों की 53 कल्याणकारी योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। 100 किमी मार्ग तथा 2 पुल और 52 पुलिया का निर्माण इन क्षेत्रों में किया गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों में कौशल शिक्षा को एकीकृत करने की शुरूआत की गई है। 29 बंद स्कूलों को दोबारा खोला गया। माओवादी आंतक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण, अन्य जिलों के विद्यार्थियों को 1 प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने का प्रावधान सरकार ने किया है। 

जनता से सरोकार-

साय सरकार ने जनदर्शन कार्यक्रम की शुरूआत करने के साथ ही भूमि-मकान के पंजीयन पर ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा शुरू की गई है। भूमि संबंधी विवादों के निराकरण के लिए जिओ रिफ्रेंसिंग तकनीक को अपनाया गया है। बस्तर, सरगुजा, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया गया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए एक पेड़ माँ के नाम मुहिम की शुरूआत की गई है।

आलेख-पंकज गुप्ता, संयुक्त संचालक जनसंपर्क

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव 2024 के आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी है। तीन दिवसीय राज्योत्सव का भव्य आयोजन 4 नवम्बर से 6 नवम्बर तक राज्योत्सव स्थल, नया रायपुर अटल नगर में होगा। राज्योत्सव स्थल में मुख्य मंच से लेकर पूरे परिसर की साज-सज्जा का काम तेजी से कराया जा रहा है। शासकीय योजनाओं एवं उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के लिए सभी विभागों के अधिकारी अपने-अपने विभाग का प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाने की तैयारी में जुटे हैं।

राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव 2024 का उद्घाटन 4 नवम्बर को संध्या 6 बजे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि होंगे। राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 5 नवम्बर को राज्योत्सव के कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। राज्य अलंकरण समारोह एवं राज्योत्सव का समापन 6 नवम्बर को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में होगा। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि होंगे।

राज्योत्सव के तीन दिवसीय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा, मंत्री रामविचार नेताम, दयाल दास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओपी चौधरी, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं टंकराम वर्मा, नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सर्वश्री राजेश मूणत, पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, गुरू खुशवंत साहेब, इन्द्र कुमार साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि होंगे।

राज्योत्सव में ख्याति प्राप्त कलाकार रंगारंग और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देंगे। 4 नवम्बर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत संध्या 4.30 बजे से होगी। बालीवुड के प्रसिद्ध पार्श्व गायक शांतुन मुखर्जी (शानु) की प्रस्तुति रात्रि 7.45 बजे से होगी। इससे पूर्व रिखी क्षत्रीय की टीम द्वारा 12 लोक नृत्य की झलकियां, मोहन चौहान एवं साथी द्वारा आदिवृंदम, सुनील सोनी एवं टीम द्वारा क्षेत्रीय नृत्य संगीत तथा विद्या वर्चस्वी द्वारा नाम रामायण की प्रस्तुति दी जाएगी। इसी तरह 5 नवम्बर को राज्योत्सव में संध्या 5 बजे से पुरानिक साहू द्वारा सांस्कृतिक लहर गंगा, सुरेन्द्र साहू, भोला यादव एवं साथियों द्वारा लोक धुन, मोहन नायडू एवं साथियों द्वारा द मून लाईट रागा, राजेश अवस्थी, सुश्री आरू साहू एवं सुश्री नीति मोहन की प्रस्तुति होगी। 6 नवम्बर को सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत अनुराग शर्मा द्वारा अनुराग स्टार नाईट, मनोज प्रसाद द्वारा इंडियाज गॉट टैलेंट मल्लखंभ, सवि श्रीवास्तव द्वारा जादू बस्तर एवं पवनदीप एवं अरूनिता के पार्श्व गायन की प्रस्तुति होगी।

 राज्योत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के सभी विभागों द्वारा राज्योत्सव स्थल पर भव्य एवं आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। यहां शिल्प ग्राम बनाया जा रहा है, जहां छत्तीसगढ़ के विविध शिल्प प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध होंगे। राज्योत्सव स्थल परिसर में शासकीय विभागों की प्रदर्शनी के लिए विशाल हैंगर (डोम) बनाए गए हैं। हैंगर-एक एवं दो में शासकीय विभागों के स्टॉल लगेंगे, जबकि हैंगर-तीन में वाणिज्यिक संस्थान अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगे। हैंगर-चार में पब्लिक सेक्टर के संस्थानों की प्रदर्शनी लगेगी। राज्योत्सव में शिल्प ग्राम, फूड कोर्ट और मीना बाजार आम लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र होंगे।


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