Media24Media.com: राज्यपाल

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label राज्यपाल. Show all posts
Showing posts with label राज्यपाल. Show all posts

राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार 64 शिक्षक चयनित

No comments Document Thumbnail

रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य एवं सेवाओं के लिए राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार वर्ष 2024-25 हेतु प्रदेशभर के कुल 64 शिक्षकों का चयन किया गया है। राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार अंतर्गत चयनित शिक्षकों को आगामी 5 सितम्बर शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

स्कूल शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार, चयनित शिक्षकों में प्राचार्य, प्राचार्य (एल.बी.), प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.), सहायक शिक्षक (एल.बी.) सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षक शामिल हैं। पुरस्कार हेतु चयनित शिक्षकों में रायपुर जिले से प्रधान पाठक गोपाल राम यादव एवं सहायक शिक्षक एल.बी. कामिनी साहू, धमतरी से प्रधान पाठक किरण साहू एवं सहायक शिक्षक एल.बी. कु. प्रीति शांडिल्य का नाम शामिल है। इसी प्रकार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला से प्रधान पाठक से प्रियंका गोस्वामी एवं व्याख्याता एल.बी. समय लाल काठे, राजनांदगांव से प्राचार्य डॉ. शोभा श्रीवास्तव एवं प्रधान पाठक मुन्हेलाल लिल्हारे, दंतेवाड़ा से प्रधान अध्यापक सुमन जॉर्ज एवं सहायक शिक्षक एल.बी. सुनीता अजीत, कबीरधाम से व्याख्याता रमेश कुमार चंद्रवंशी एवं व्याख्याता कामिनी जोशी, सरगुजा से शिक्षक बंदना महथा एवं व्याख्याता अनिता मंदिलवार का नाम शामिल है। नारायणपुर जिला से शिक्षक एल.बी. उमेश कुमार सलाम एवं प्रधान अध्यापक सुश्री सविता यादव, जशपुर से प्रधान पाठक सरिता नायक एवं प्रधान पाठक प्रवीण कुमार पाठक, कोरिया से व्याख्याता/(प्रभारी प्रचार्य) अमित लाल गुप्ता एवं जेल शिक्षक विवेक सिद्धकी का नाम शिक्षक सम्मान पुरस्कार के लिए चयन किया गया है।

इसी प्रकार मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला से व्याख्याता एल.बी. राजेश कुमार द्विवेदी एवं प्रधान पाठक श्रीमती मीना जायसवाल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से प्रधान अध्यापक किशोर कुमार शर्मा एवं सहायक शिक्षक एल.बी. राजेश कुमार प्रजापति, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से प्रधान पाठक संध्या साहू एवं व्याख्याता एल.बी. संजय देवांगन का नाम शामिल है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिला से शिक्षक एल.बी. चन्द्रमुखी मेहता, दुर्ग से शिक्षक एल.बी. नरोत्तम कुमार साहू एवं शिक्षक एल.बी. खेमलता गोस्वामी, कोरबा से शिक्षक एल.बी. मधुलिका एवं प्रधान पाठक प्रिया दुबे, सूरजपुर से प्रधान पाठक  रंजय कुमार सिंह एवं व्याख्याता एल.बी प्रदीप कुमार जायसवाल, बलौदाबाजार-भाटापारा से शिक्षक एल.बी. मोहन लाल वर्मा एवं व्याख्याता एल.बी. जगदीश साहू, मुंगेली से व्याख्याता एल.बी. दुर्गा तिवारी एवं सहायक शिक्षक एल.बी. सुधारानी शर्मा, कोण्डागांव से प्रभारी प्राचार्य मनोज कुमार डड़सेना एवं शिक्षक एल.बी. शिवचरण साहू, 

रायगढ़ से सहायक शिक्षक एल.बी. टिकेश्वर प्रसाद पटेल एवं प्रधान पाठक नंद किशोर सतपथी का नाम शामिल है। सुकमा जिला से सहायक शिक्षक अंजु बारसे एवं शिक्षक एल.बी. गंगाधर राना, गरियाबंद से सहायक शिक्षक एल.बी. खोमन लाल सिन्हा एवं शिक्षक एल.बी. दिप्ती मिश्रा, सक्ती से शिक्षक एल.बी. संजीव कुमार चंद्रवंशी एवं सहायक शिक्षक एल.बी. नीरा साहू, बालोद से व्याख्याता एल.बी. नरोत्तम कुमार यदु एवं सहायक शिक्षक एल.बी. सुश्री एनुका सार्वा का नाम शामिल है। जांजगीर-चांपा जिला से व्याख्याता अमृत लाल साहू एवं व्याख्याता एल.बी.  प्रतीक्षा सिंह, बेमेतरा से शिक्षक एल.बी. सुनीता राजपूत एवं शिक्षक एल.बी. केवरा सेन, महासमुंद से व्याख्याता एल.बी. जगदीश सिन्हा एवं व्याख्याता एल.बी डॉ. ज्योति किरण चंद्राकर, बिलासपुर से व्याख्याता एल.बी. शांति सोनी एवं प्रधान पाठक शिव कुमार छत्रवाणी का नाम शामिल है। बस्तर से व्याख्याता  सईदा खान एवं व्याख्याता/प्रधान अध्यापक देवश्री गोयल, उत्तर बस्तर कांकेर से व्याख्याता श्रीमती कुसुम जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से प्राचार्य आरती तिवारी एवं प्रधान पाठक एल.बी. कु. साबरा निशा, बीजापुर से प्रधान पाठक जगदीश तोरेंम एवं व्याख्याता एल.बी. अरूण कुमार सिंह का चयन राज्यपाल सम्मान समारोह के लिए किया गया है।


राज्यपाल से मिले हाई स्कूल के विद्यार्थी, डेका ने जीवन में सफलता के लिए दिया मार्गदर्शन

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में रायपुर के निजी स्कूल के विद्यार्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर डेका ने बच्चों को जीवन और कैरियर में सफलता पाने के लिए मार्गदर्शन दिया और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने राज्यपाल की बातों को पूरे उत्साह से ध्यानपूर्वक सुना।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों से उनके सपनों और हॉबी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनुशासन और धैर्य सफलता की कुंजी हैं। यदि किसी परीक्षा में सफलता न मिले तो उसके विकल्प तैयार रखें। विद्यार्थी यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं, उसके लिए पूरी लगन के साथ तैयारी करें लेकिन अन्य विकल्पों पर भी ध्यान दें।

डेका ने कहा कि हर विद्यार्थी को अपनी हॉबी विकसित करना चाहिए क्योंकि यह व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं। एक छात्रा ने संगीत से जुड़े अपने हॉबी का जिक्र किया। इस पर राज्यपाल ने कहा कि संगीत जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, इसमें विज्ञान भी निहित है। विद्यार्थियों ने जब राजनीति के बारे में पूछा तो राज्यपाल ने कहा कि अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनौतियों का समाधान करने के लिए सही समय पर सही निर्णय लेना जरूरी है और गुस्से में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अनुभव, तर्कशक्ति और निर्णय क्षमता को जीवन में सफलता के लिए अहम बताया।

डेका ने कहा कि सतत् विकास सबसे जरूरी विषय है। हमें अपनी पृथ्वी और पर्यावरण को बचाने के लिए काम करना होगा। हमें अपने वातावरण को स्वच्छ रखना होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 45 प्रतिशत वन क्षेत्र है यह बात उन्हें बहुत प्रभावित करती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करें और टॉपर बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों को उनके द्वारा 5 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई है। इस अवसर पर रेयान इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य श्रीमती धनेश्वरी शर्मा, मैनेजर एवं अन्य स्टॉफ के साथ विद्यार्थियों को राजभवन का भ्रमण भी कराया गया।


डिजिटल तकनीक का उपयोग करें लेकिन उस पर निर्भरता से बचें - राज्यपाल डेका

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं का आव्हान किया है कि डिजिटल तकनीक का उपयोग नवाचार और रचनात्मकता के लिए करें लेकिन उस पर निर्भरता से बचें। उन्होंने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में सोमवार को डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि कोविड-19 के बाद डिजिटल माध्यम ने शिक्षा, कार्य और रिश्तों को आसान बनाया पर इससे तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं भी बढ़ी हैं। योग ध्यान और संतुलित जीवन अपनाकार ही मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत रखा जा सकता है।

कार्यशाला में विभिन्न  के कुलपति, महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक शोधार्थी, सामाजिक संगठनो से जुड़े बुद्धिजीवी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। प्रतिभागियों ने डिजिटल युग में मानसिक स्वास्थ्य को बनाये रखने के उपायो पर विचार विमर्श किया। राज्यपाल श्री डेका ने कार्यशाला में कहा कि 21 सदी में हमारी जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया लेकिन प्रकृति का स्वरूप आज भी वैसा ही है। सूर्य पूर्व में उगता है और पश्चिम में अस्त होता है। धरती अब भी हरियाली का चादर ओढ़ कर हमे जीवन देती है, परंतु बदलाव हमारी सभ्यता व दिनचर्या में हुआ है। सतत् विकास की कमी और बदलते परिवेश ने मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है।

राज्यपाल ने कहा कि एकल परिवारों की बढ़ती प्रवृत्ति और परिवारजनों के बीच संवाद की कमी ने भी मानसिक स्वास्थ्य को कमजोर किया है। आज अधिकांश लोग मोबाईल और इंटरनेट में व्यस्त रहते है और आपसी संवाद व भावनात्मक जुड़ाव कम होता जा रहा है।

डेका ने विद्यार्थियों से कहा कि मानसिक दबाव न हो इसके लिए वे अपनी क्षमता के अनुरूप अपने कैरियर का चुनाव करें और अनावश्यक प्रतिस्पर्धा से बचें। ओवरथिंकिंग और संदेह से दूर रह कर जीवन का आनंद लें। मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने में संकोच न करें और अंतरात्मा की आवाज सुनकर अपने लिए सही रास्ते का चुनाव करें। उन्होंने कहा कि प्रार्थना, योग, ध्यान, प्राणायाम और सात्विक जीवन शैली भारतीय परंपरा में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के मूल आधार रहे हैैं, यदि इन्हें दिनचर्या में शामिल किया जाए तो जीवन की कई चुनौतियों का समाधान स्वतः मिल सकता है।

कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में ख्याति प्राप्त मनोवैज्ञानिक और मानसिक शक्ति फाउंडेशन मुंबई के संस्थापक डॉ. अमरेश श्रीवास्तव ने अपने विचार रखें। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विषय नहीं है बल्कि समाज की चेतना और मानसिक शक्ति का भी प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव को गंभीर समस्या मानते हुए इस दिशा में अनुसंधान और गहन अध्ययन को आवश्यक बताया।

कार्यशाला में स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ला ने दिया। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्यपाल रमेन डेका की पहल पर यह कार्यशाला आयोजित की गई है तथा डिजिटल युग में स्वास्थ्य पर गहन चर्चा समय की आवश्यकता है। आभार प्रदर्शन प्रोफेसर अंबर व्यास ने किया। इस अवसर पर एमसीए के छात्र शिवकुमार महोबिया और शोध छात्र अरूण कुमार पटेल को उत्कृष्ट इनोवेशन के लिए राज्यपाल ने सम्मानित किया।


राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से गुणवत्ता सुधार करने रोडमैप मांगा कुलपतियों के साथ विचार-विमर्श

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्यपाल और विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति रमेन डेका ने शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए कुलपतियों से दो माह के भीतर रोडमैप मांगा है। उन्होंने आज राजभवन में कुलपतियों के साथ विचार-विमर्श कर छात्रों के हित के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ.एस. भारती दासन विशेष रूप से उपस्थित थे।

राज्यपाल ने कुलपतियों को निर्देशित किया है कि जिस कोर्स में छात्र और शिक्षक नहीं है, उन्हें बंद किया जाएं। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से कहा कि वे मैनेंजमेंट के साथ बैठक कर गुणवत्ता सुधार की कार्ययोजना बनाकर सितम्बर माह में उपलब्ध कराएं। उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मापदंडों एवं नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि शासकीय और निजी विश्वविद्यालयों के लिए पोर्टल बनाया जाएगा जिसमें एडमिशन से लेकर हर गतिविधियों को विश्वविद्यालय अपलोड करेंगे। उन्होंने कहा कि जो विश्वविद्यालय नेक ग्रेडिंग के लिए पात्र हो चुके है वे अनिवार्य रूप से ग्रेडिंग की प्रक्रिया में शामिल हो। डेका ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में विद्यार्थी को भी जागरूक किया जाए। इस अवसर पर विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।


प्रेरणा की मिसाल बनीं ड्रोन दीदी गोदावरी साहू

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक नई पहचान बना चुकी ड्रोन दीदी गोदावरी साहू को आज राजभवन में राज्यपाल रमेन डेका ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने उन्हें 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी भेंट की और उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे ग्रामीण महिलाओं के लिए सच्ची प्रेरणा हैं। इस अवसर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना भी उपस्थित थे।

मुंगेली जिले के नगर पंचायत सरगांव की निवासी गोदावरी साहू नमो ड्रोन दीदी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक तकनीकों को अपनाया और ड्रोन के माध्यम से किसानों के खेतों में नैनो यूरिया, डीएपी खाद और कीटनाशकों का छिड़काव करना शुरू किया। इससे न केवल फसलों की पैदावार बेहतर हुई, बल्कि समय और श्रम की भी बचत हुई।

राज्यपाल ने कहा कि गोदावरी साहू की यह यात्रा बताती है कि अगर संकल्प और नवाचार हो तो ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं और दूसरों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकती हैं। गोदावरी न सिर्फ अपने जीवन को संवार रही हैं, बल्कि आसपास के किसानों की प्रगति में भी भागीदार बन चुकी हैं।



निजी विश्वविद्यालय केवल डिग्री न बांटें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें - राज्यपाल डेका

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मापदंडों और नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को चेताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। हर विश्वविद्यालय को अपनी नीतियों और कार्यशैली में राज्य की प्राथमिकताओं को केंद्र में रखना होगा।

राज्यपाल एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलाध्यक्ष रमेन डेका ने आज छत्तीसगढ़ के सभी निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय केवल डिग्रियां बांटने का केंद्र न बनें, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध हों। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय गुणवत्ता के मापदंडों पर खरे नहीं उतरते, तो उन्हें बंद करने की कार्यवाही की जाएगी।

राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मानकों के अनुरूप शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जितने पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, उनके अनुरूप स्थाई एवं योग्य शिक्षक नियुक्त किए जाएं। योग्य शिक्षक उपलब्ध न होने पर ऐसे पाठ्यक्रमों को बंद किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की संख्या के अनुसार पर्याप्त फैक्ल्टी होनी चाहिए और अनावश्यक पाठ्यक्रमों का संचालन न किया जाए। उन्होंने नैक ग्रेडिंग के पात्र विश्वविद्यालयों से अनिवार्य रूप से इस प्रक्रिया में भाग लेने को कहा।

डेका ने विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की शिकायतों का शीघ्रता से समाधान करने कहा है। उन्होंने विशाखा समिति को एक्टिव रखने और विद्यार्थियों में तनाव प्रबंधन पर भी विश्वविद्यालयों को सक्रिय भूमिका निभाने कहा है। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संबंध में विद्यार्थियों को भी जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में आए परिवर्तनों और उससे मिलने वाले लाभों की जानकारी छात्रों तक पहुंचाई जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि वे स्टार्टअप और नवाचार स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकसित करें। उन्होंने राज्य के आकांक्षी जिलों के गांवों को गोद लेकर वहां नवाचारों को लागू करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने कहा कि सभी निजी विश्वविद्यालय अपने परिसरों में सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करें। उन्होंने डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने, एलुमिनी मीट आयोजित करने और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण व देखभाल सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने अपने-अपने निजी विश्वविद्यालयों की गतिविधियों और समीक्षा एजेंडे के बिंदुओं पर प्रस्तुतियाँ दीं। निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के चेयरमैन श्री गोयल ने भी निजी विश्वविद्यालयों से जुड़ी चुनौतियों और सुझावों पर ध्यान आकर्षित किया।

बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना ने बैठक में एजेंडा पर विस्तार से प्रकाश डाला। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन, राज्यपाल की उप सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम एवं सभी निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।


विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने रिक्त पदों पर भर्ती की कार्रवाई प्राथमिकता से करें- राज्यपाल रमेन डेका

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रमेन डेका ने आज प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियोें की बैठक लेकर विश्वविद्यालयों के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए रिक्त पदों पर भर्ती की कार्रवाही को प्राथमिकता से करने कहा। उन्होंने सभी कुलपतियों से कहा है कि वे डीन स्टूडेंट वेलफेयर को सक्रिय करें और विद्यार्थियों की शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए समय पर निराकरण सुनिश्चित करें। राज्यपाल ने सोशल मीडिया के इस दौर में छात्रों के तनाव प्रबंधन पर भी विशेष बल दिया है।

राजभवन के कांफ्रेंस हॉल में आज आयोजित बैठक में राज्यपाल डेका ने विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा की। डेका ने कहा कि विश्वविद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विश्वविद्यालयों में स्थाई रजिट्रार नियुक्त हो। आवश्यकतानुसार पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाए जिससे विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ेगी। बैठक में राज्यपाल ने कहा कि जब रिक्त पदों पर समय पर भर्ती होगी और प्रमोशन होंगे तब ही छत्तीसगढ़ के प्रोफेसर को कुलपति बनने का अवसर मिल सकेगा। बैठक में उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों से रिक्त पदों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लंबे समय से टीचिंग स्टाफ की भर्ती नहीं होने से शैक्षणिक गुणवत्ता पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय नेक ग्रेडिंग प्राप्त करे और गुणवत्ता में सुधार लाए। राज्यपाल ने प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए सभी टीचिंग स्टाफ को वापस बुलाने के निर्देश दिए।

डेका ने कृषि विश्वविद्यालय को निर्देश दिए कि किसानो को पारंपरिक फसल के स्थान पर लाभप्रद फसल के लिए प्रोत्साहित करें। टमाटर के विपणन पर विशेष ध्यान देने कहा ताकि उन्हें खराब होने से बचाया जा सके। खाद्य उत्पादन और आपूर्ति में संतुलन होना चाहिए। उद्यानिकी विश्वविद्यालय को स्व-सहायता समूहों के साथ मिलकर कार्य करने कहा गया। राज्यपाल ने कुलपतियों से कहा कि वर्ष में एक बार एलुमिनाई मीट (पूर्व छात्रों का सम्मेलन) करंे। कुलपतियों से कहा गया है कि वे कॉलेजों का आकस्मिक निरीक्षण करंे और साल में दो बार प्राचार्यों के साथ बैठक करें। विश्वविद्यालयों को रिसर्च एवं डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए कहा कि कुलपति अपने अधिनष्ठ कॉलेजों के प्राचार्याे को इसकी संपूर्ण जानकारी दें। नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए सभी कुलपति आपस में बैठक कर अपने सुझाव और अनुभव साझा करें। उन्होंने विश्वविद्यालयों, विशेष कर व्यवसायिक और तकनीकी विश्वविद्यालयों में नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं को स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करने पर बल दिया।

बैठक के प्रारंभ में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने समीक्षा बैठक के मुख्य बिन्दुओं की जानकारी दी। विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने बारी-बारी से प्रेजेंटेशन दिया। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन, राजभवन की उप सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में हुए शामिल : छेरापहरा की रस्म अदायगी कर मांगा प्रदेशवासियों के लिए आशीर्वाद

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  आज गायत्री नगर रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा महोत्सव में शामिल हुए। राज्यपाल डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर ‘छेरा-पहरा‘ की रस्म निभाई। राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी ने जगन्नाथ जी की विधि-विधान से पूजा अर्चना की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित रथ यात्रा में शामिल हुए। रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में विशेष विधि-विधान के साथ महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व भगवान की प्रतिमाओं को मंदिर से रथ तक लाया गया और मार्ग को सोने की झाड़ू से स्वच्छ किया गया। इस परंपरा को छेरापहरा कहा जाता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को रथ यात्रा की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व ओडिशा के लिए जितना बड़ा उत्सव है, उतना ही बड़ा उत्सव छत्तीसगढ़ के लिए भी है। साय ने कहा कि भगवान जगन्नाथ किसानों के रक्षक हैं। उन्हीं की कृपा से वर्षा होती है, धान की बालियों में दूध भरता है और किसानों के घरों में समृद्धि आती है। मैं भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ में भरपूर फसल हो। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा से मेरी विनती है कि वे हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और हमें शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की ओर अग्रसर करें।

मुख्यमंत्री ने सोने की झाड़ू से छेरापहरा की रस्म निभाई

राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में पुरी की रथ यात्रा की तर्ज पर यह पुरानी परंपरा निभाई जाती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छेरापहरा की रस्म पूरी करते हुए सोने की झाड़ू से मार्ग बुहारकर रथ यात्रा का शुभारंभ किया। इसके उपरांत उन्होंने भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा को रथ तक ले जाकर विराजित किया।

ओडिशा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में होती है रथ यात्रा

रथ यात्रा के लिए भारत में ओडिशा राज्य प्रसिद्ध है। ओडिशा का पड़ोसी राज्य होने के कारण छत्तीसगढ़ में भी इस उत्सव का व्यापक प्रभाव है। आज निकाली गई रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा की विशेष विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के पुजारी के अनुसार उत्कल संस्कृति और दक्षिण कोसल की संस्कृति के बीच यह एक अटूट साझेदारी का प्रतीक है। ऐसी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ का मूल स्थान छत्तीसगढ़ का शिवरीनारायण तीर्थ है, जहां से वे जगन्नाथ पुरी में स्थापित हुए। शिवरीनारायण में ही त्रेता युग में प्रभु श्रीराम ने माता शबरी के प्रेमपूर्वक अर्पित मीठे बेर ग्रहण किए थे। यहां वर्तमान में नर-नारायण का भव्य मंदिर स्थापित है।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, धर्मलाल कौशिक सहित अन्य गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.आई.टी.) के डॉ. व्यास निदेशक नियुक्त

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका द्वारा प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.आई.टी.) नवा रायपुर अटल नगर, जिला रायपुर छत्तीसगढ़ का निदेशक नियुक्त किया गया है।

राज्यपाल द्वारा उनकी नियुक्ति अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.आई.टी.) विश्वविद्यालय अधिनियम, 2013 (संशोधन अधिनियम, 2014 एवं 2015) की धारा 20(2) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। डॉ. व्यास का कार्यकाल, परिलब्धियां तथा सेवा शर्ते विश्वविद्यालय अधिनियम एवं परिनियम में निहित प्रावधान अनुसार होगी। इस संबंध में आज राजभवन सचिवालय से आदेश जारी किया गया है।

वर्तमान में प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास, अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.आई.टी.) प्रयागराज (उत्तरप्रदेश) में डीन के पद पर कार्यरत हैं।

राज्यपाल डेका ने बेमेतरा जिले में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका आज दो दिवसीय दौरे पर बेमेतरा पहुँचे। उन्होंने सर्किट हाउस परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत मौलश्री का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

राज्यपाल डेका ने सर्किट हाउस स्थित सभाकक्ष में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक लेकर विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने नवागढ़ विकासखंड के उनके द्वारा गोद लिए गए ग्राम टेमरी में संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। बैठक में उन्होंने शिक्षाए स्वास्थ्यए पेयजलए कृषिए उद्यानिकीए प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की प्रगति की जानकारी की।

राज्यपाल ने जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष बल देते हुए कहा कि टेमरी गांव में जैविक भिण्डी की खेती की संभावनाएँ बेहतर हैं। उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने बाड़ी में जैविक भिण्डी का उत्पादन करें। उद्यानिकी अधिकारी द्वारा यह बताया गया कि ग्राम टेमरी का वातावरण भिण्डी उत्पादन के लिए उपयुक्त है।

उन्होंने कहा कि गोद लिए गए ग्राम के प्रत्येक व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचेए यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जनपद पंचायत के सी ई ओ को निर्देशित किया कि ग्राम विकास की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा मिशन मोड में कार्य कर ग्राम को आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाए।

बैठक के दौरान राज्यपाल को गांव में तीन तपेदिक ;टीण्बीण्द्ध रोगियों की जानकारी दी गईए जिस पर उन्होंने व्यक्तिगत रूप से छह माह की दवा हेतु आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्तए डेका ने आठ मेधावी विद्यार्थियों को 5.5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की।

राज्यपाल ने श्रीराम बुनकर सहकारी समिति देवरबीजा के सदस्यों से भेंट की और उनकी भवन मरम्मत व अन्य समस्याओं के समाधान हेतु कलेक्टर को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगितादृ2025 में पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों से भी मुलाकात कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समापन पर राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया गया।

राज्यपाल डेका ने छत्तीसगढ़ को टी.बी. मुक्त बनाने के लिए सघन प्रयास करने के दिए निर्देश

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत छत्तीसगढ़ को वर्ष 2025-26 तक टी.बी. से मुक्त राज्य बनाने के लिए सघन प्रयास के निर्देश दिए हैं।

आज यहां राजभवन में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की आयुक्त सह-संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला को उक्ताशय  के निर्देश देते हुए कहा कि टी बी के गंभीर मरीजों की समुचित चिकित्सा की व्यवस्था करें। जो टी.बी. मरीज बीच में ही दवा का सेवन बंद कर देते है उन मरीजों पर विशेष ध्यान दिया जाए और उन्हें दवा का पूर्ण कोर्स करने हेतु जागरूक किया जाए।

टी.बी. मरीजों को योगाभ्यास के लिए प्रोत्साहित करें जिससे रोग के प्रति उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। डेका ने टी.बी. मरीजों को पर्याप्त पोषण आहार मिले इसके लिए अधिक से अधिक निःक्षय मित्र बनाने के निर्देश भी दिए। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राज्यपाल ने जिले के विकास कार्याे का किया अवलोकन एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक

No comments Document Thumbnail

रायपुर। बीजापुर जिले में प्रथम बार राज्यपाल का आगमन हुआ। रमेन डेका पहले राज्यपाल हैं जो बीजापुर जिले के प्रवास पर आए। उन्होंने विकास कार्यों का अवलोकन किया और जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।

विभागवार समीक्षा करते हुऐ राज्यपाल रमेन डेका ने बीजापुर में व्याप्त कठिनाईयों के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा जनहित के कार्याे तथा केद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के समुचित क्रियान्वयन पर जिला प्रशासन की सराहना की।

बिहान समूह की महिलाओं के आजिविका गतिविधियों को जानकर खुशी जाहिर की। महिलाओं ने अपनी आर्थिक गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। डेका ने बीजापुर जैसे माओवाद प्रभावित क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास के साथ-साथ लोगों को समुचित रूप से योजनाओं से लाभान्वित कर उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाने पर जोर दिया। गारमेंट फैक्ट्री में नक्सल पीड़ित परिवारों को रोजगार देने की योजना की सराहना करते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित करें।

राज्यपाल ने जल संचयन हेतु चेकडेम, स्टाप डेम, अमृत सरोवर जैसे स्ट्रक्चर से जल स्तर पर व्यापक सुधार लाने हेतु कार्य योजना बनाकर काम करने को कहा एवं जिले के जल स्तर को बढ़ाने के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जैविक कृषि के लिए जनजागरूकता लाने लोगों के बीच जाएं और उन्हें आमदनी बढ़ाने के लिए प्रेरित करें।

डेका ने टी.बी. की रोकथाम, निक्षय मित्र बनकर पोषण किट प्रदाय कराने, टीबी के प्रति व्यापक स्तर पर जागरूकता लाकर जिले को टीबी मुक्त बनाने, बच्चों के शारीरिक मानसिक, विकास के लिए कार्य करने, जिले में बाल विवाह के प्रति स्थानीय स्तर पर जागरूकता लाने, बाल विवाह के दुष्परिणाम से लोगो को अवगत कराने तथा टीकाकरण की प्रगति के संबंध में चर्चा की।

डेका ने जिला प्रशासन द्वारा शाला त्यागी बच्चों को स्कूल से जोड़ने की पहल को कारगर बताते हुए कहा कि शिक्षा का महत्व हर पालक समझे इसके लिए जमीनी स्तर पर कार्य करना आवश्यक है ताकि हर बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सके। जिले में विकास कार्याे में आने वाली बाधाओं का बारीकी से अवलोकन करते हुऐ शासन के योजनाओं के समुचित क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

आकांक्षी जिला के रूप में बीजापुर जिले की उपलब्धि एवं विभिन्न पैरामीटर में किए गए कार्याे की जानकारी लेते हुए कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए अपना शतप्रतिशत दें, विभागीय अमला आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन करें ताकि बीजापुर जिले का समग्र विकास हो सके।

बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सीआर प्रसन्ना, कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

 

सीमा की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य: राज्यपाल रमेन डेका

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका गत दिवस बिहार राज्य के दरभंगा में राष्ट्रीय सनातनी सेवा संघ द्वारा ‘‘सीमा सुरक्षा हम सब की जिम्मेदारी‘‘ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत एक विशाल और विविधतापूर्ण देश है, जिसकी सीमाएँ हिमालय की ऊंचाइयों से लेकर हिंद महासागर की गहराइयों तक फैली हुई हैं। सीमा की सुरक्षा केवल सैनिकों और सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

राज्यपाल डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि सीमा की रक्षा राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने का आधार है। सीमा की सुरक्षा, देश की आंतरिक और बाह्य स्थिरता के लिए आवश्यक है। यह न केवल बाहरी खतरों जैसे आतंकवाद, घुसपैठ और तस्करी से रक्षा करती है, बल्कि देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित करती है। भारत की सीमाएँ, पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों के साथ साझा की जाती हैं, और प्रत्येक सीमा की अपनी अनूठी चुनौतियाँ हैं।

डेका ने कहा कि हमारे सैनिक, प्राणों की बाजी लगाकर सीमा की सुरक्षा करते हैं लेकिन उनकी यह जिम्मेदारी तब और प्रभावी होती है, जब समाज और नागरिक उनका साथ देते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं और स्थानीय प्रशासन या सुरक्षा बलों को सूचित कर सकते हैं। असामान्य गतिविधियों, जैसे तस्करी या घुसपैठ, की जानकारी देना, देश की सुरक्षा को मजबूत करता है। आज के युग में सीमा सुरक्षा में तकनीक का उपयोग बढ़ रहा है। ड्रोन, सैटेलाइट निगरानी, और स्मार्ट फेंसिंग जैसे उपकरण सीमा पर निगरानी को और प्रभावी बना रहे हैं। डेका ने कहा कि नागरिक के रूप में, हम तकनीकी नवाचारों को समर्थन दे सकते हैं और सरकार के डिजिटल सुरक्षा प्रयासों में सहयोग कर सकते हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय सनातनी सेवा संघ के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


राज्यपाल डेका ने नवा रायपुर में निर्माणाधीन राजभवन का निरीक्षण किया

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज यहां नवा रायपुर सेक्टर 24 में निर्माणाधीन नए राजभवन में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर कार्य की गति में तेजी लाने एवं राजभवन परिसर को हरियाली युक्त करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल डेका ने राजभवन में चल रहे कार्याे की प्रगति की जानकारी ली। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भवन के शेष कार्यों के लिए पुनरिक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो गई है और निविदा की प्रक्रिया शीघ्र की जाएगी। उन्होंने परिसर में अच्छी प्रजाति के वृक्षों को लगाने के निर्देश दिए। जिससे राजभवन परिसर शीघ्र हरा-भरा हो सके।

 डेका ने स्थानीय मजदूरों से वृक्षारोपण कराने एवं पौधों के सामने उनकी नाम पट्टिका भी लगाने कहा, जिससे पौधे लगाने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा और वे अपने गांवों, घरों, आस-पास के क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित होंगे। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने निर्माणाधीन राजभवन परिसर में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ पर अमलतास का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण एवं लोक निर्माण  विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य निर्माण के बाद मोहला- मानपुर जिले में पहली बार हुआ राज्यपाल का आगमन

No comments Document Thumbnail

रायपुर। जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। राज्य निर्माण के उपरांत 25 साल बाद आज जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी परिसीमा में राज्यपाल रमेन डेका का आगमन हुआ। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद प्रथम बार जिले की सीमा में राज्यपाल का आगमन हुआ। राज्यपाल रमेन डेका का यहां पहुंचने पर जिला कलेक्टर परिसर में उन्हें गॉर्ड ऑफ आनर देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कलेक्टर परिसर और एकलव्य विद्यालय परिसर में मौलश्री का पौधरोपण किया।

उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में कृषि समूह द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया। राज्यपाल ने महिला समूह से भेंटकर उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों और उनके हुनर से रूबरू हुए। राज्यपाल रमेन डेका ने मानपुर में संचालित एकलव्य विद्यालय पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने एकलव्य विद्यालय को क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य को सुदृढ़ करने और सपने को साकार करने में यह विद्यालय मील का पत्थर साबित होगा। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में आधुनिक सुविधा के साथ विद्यार्थियों को समग्र शिक्षा से जोड़ने कहा। इस दौरान राज्यपाल के सचिव डॉ सी आर प्रसन्ना, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका ने तीन गांव लिए गोद, तीन गांवों में होगा समावेशी मानव केन्द्रित विकास

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने एक नई पहल करते हुए, प्रदेश के तीन गांवों को गोद लेने का संकल्प लिया है। बेमेतरा जिले के टेमरी, गरियाबंद जिले के मड़वा डीह, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के सोनपुरी गांव को गोद लेने के लिए चयन किया गया है। इन गांवों में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न फ्लेगशिप योजनाओं के हेतु समुदाय को शामिल करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय विकास की पहल की जाएगी। इसके लिए पृथक से कोई राशि का आबंटन नहीं किया जाएगा, बल्कि विभिन्न योजनाओं में उपलब्ध राशि के समुचित उपयोग एवं निगरानी से ही यह कार्य किया जाएगा। गांवों को गोद लेने से सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में ‘मानव-केंद्रित‘ दृष्टिकोण के साथ गांवों के समावेशी विकास के उद्देश्य पर अधिक जोर दिया जा सकेगा।

राज्यपाल डेका द्वारा जिन गांवो को गोद लिया जा रहा है उनमें जल संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाना, शिक्षा ,स्वास्थ्य एवं पोषण, आजीविका, सामाजिक सुरक्षा, सतत् कृषि, विरासत एवं संस्कृति के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जल संरक्षण के लिए अमृत सरोवर बनाने एवं नरेगा एवं जल जीवन मिशन से कार्य कराए जाने, कैम्पा, नरेगा, वृक्षारोपण अभियान के जरिए हरित आवरण बढ़ाने, प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों के शाला छोड़ने की दर को कम करने के लिए स्कूलों में अभिभावकों के साथ मीटिंग करने, पुस्तकालयों में शिक्षाप्रद एवं आकर्षक पुस्तकें रखे जाने, एनसीसी, स्कूलों का जीर्णोंद्धार आदि कार्यो पर ध्यान दिया जाएगा। ग्रामीणों के स्वास्थ्य की बेहतरी एव्ं पोषण के लिए टी बी उन्मूलन, स्वच्छता अभियान, आईसीडीएस, पर जोर रहेगा। ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने के लिए एनआरएलएम, स्व सहायता समूह, कौशल प्रशिक्षण, ग्रामीण उद्यमिता सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में बुजुर्गों एवं दिव्यांगों की देखभाल, नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाएगा। कृषि में सुधार के लिए जैविक खेती, पारंपरिक कृषि, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, विरासत और संस्कृति-स्थानीय और ग्रामीण पर्यटन, विरासत स्थल के संरक्षण हेेतु सामुदायिक प्रयास किए जाएंगे।

इसके अलावा गोद लिए गए गांवों की निगरानी समय-समय पर की जाएगी और विभिन्न परियोजनाओं के परिणाम के रूप में मापने योग्य संकेतकों का मूल्यांकन किया जाएगा जैसे भूजल स्तर में वृद्धि, हरित क्षेत्र में वृद्धि, प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों में शाला छोड़ने की दर आदि। कुल मिलाकर गोद लिए गए गांव संबंधित जिला प्रशासन के लिए गांव के सामाजिक-आर्थिक और  पर्यावरणीय विकास हेतु एक समावेशी मानव केंद्रित दृष्टिकोण रखने के लिए मार्ग दर्शक के रूप में कार्य करेंगे।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष अगस्त में नई दिल्ली में आयोजित राज्यपालों के सम्मेलन में सभी राज्यपालों को प्रधानमंत्री फ्लेगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में प्रत्येक जिले के अधिकारियों के साथ चर्चा करने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी निर्देश के परिपालन में राज्यपाल डेका लगातार प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर केन्द्र की फ्लेगशिप योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का फीडबैक ले रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने कुछ गांवों को आदर्श गांव की तर्ज पर विकसित करने का संकल्प लिया।

शिक्षा का उद्देश्य संस्कार और सेवा होना चाहिए - राज्यपाल रमेन डेका

No comments Document Thumbnail

रायपुर। विप्र पब्लिक स्कूल, रायपुर के नव-निर्मित भवन का लोकार्पण जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज के करकमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि केवल डिग्री प्राप्त करना ही शिक्षा नहीं है, बल्कि यह हमारे व्यक्तित्व को संवारने और समाज के प्रति जिम्मेदार बनाने की प्रक्रिया है।

अपने उद्बोधन में राज्यपाल डेका ने विप्र शिक्षा समिति और विप्र कॉलेज के 30 वर्षों की शिक्षायात्रा को गौरवपूर्ण बताते हुए सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह ज्ञान, सेवा और संस्कृति का संगम है।

राज्यपाल डेका ने कहा कि “आज जब पूरा विश्व डिजिटल क्रांति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब ऐसी शिक्षा की जरूरत है जो आधुनिकता के साथ-साथ हमें हमारी जड़ों और भारतीय जीवन मूल्यों से भी जोड़े रखे।

राज्यपाल ने डेका कहा कि भवन कैसा है यह न देख हुए वहां कैसी शिक्षा मिल रही है यह देखा जाए। हमे ऐसी शिक्षा देना  है जो स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक समझ के साथ-साथ विज्ञान, गणित और तकनीकी शिक्षा को समन्वित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव-निर्मित भवन आने वाले वर्षों में शिक्षा की गुणवत्ता का प्रतीक बनेगा।

डेका ने कहा कि देश में गुरूकुल परंपरा को स्थापित करने में ब्राह्यण समाज का बहुत बड़ा योगदान है। ब्राह्यण समाज ने सदैव शिक्षा और नैतिकता तथा सामाजिक मार्गदर्शन को अपना कर्त्तव्य माना है।

इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज ने अपना आर्शीवचन दिया। कार्यक्रम  में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पूर्व मंत्री रवींद्र चौबे ने भी अपना संबोधन दिया। इस अवसर पर संतगण सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और विप्र समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

विकास के लिए नवाचार में युवाओं की सोच का करें उपयोग - राज्यपाल रमेन डेका

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने  कहा कि नई पीढ़ी की सोच और आइडिया को जिले में नवाचार की गतिविधियों में उपयोग किया जा सकता है, ताकि  विकास की गतिविधियों में उनका योगदान हो। उन्होंने  बैठक में उपस्थित अधिकारियों को कहा कि सभी पेड़-पौधे लगाएं और उसे बड़ा करने में आवश्यक सहयोग करें, सामुदायिक सहभागिता से ही पर्यावरण के आवश्यक अंगो को बचाया जा सकता है। जल और जंगल मानव जीवन के लिए आवश्यक इसलिए इनका संरक्षण करना ज़रूरी है। उक्त बातें गुरुवार को राज्यपाल डेका अपने एक दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर स्थित कलेक्टर कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कही।

बैठक में राज्यपाल ने जगदलपुर जिले में टीबी उन्मूलन की गतिविधियों और रोगियों को फूड बास्केट से सेहत में सुधार की कार्य योजना बनाने, जिले में वृद्धाश्रम, दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित केंद्रों की स्थिति, जल संरक्षण, रेडक्रास सोसायटी की गतिविधि, नशा मुक्ति अभियान, योग के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं, शाला त्यागी बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने की पहल, जैविक खेती को प्रोत्साहित करने तथा जिला प्रशासन की कचरा प्रबंधन की गतिविधियों का संज्ञान लिया और आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर राज्यपाल के सचिव सी आर प्रसन्ना, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., डीआईजी  कांकेर अमित काम्बले,कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिंहा, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।

राज्यपाल डेका गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस ग्राउंड में ध्वज फहराएंगे

No comments Document Thumbnail

रायपुर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी 2025 को राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल रमेन डेका राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर संयुक्त परेड की सलामी लेंगे।

पुलिस ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में राज्यपाल डेका प्रातः 9:00 बजे ध्वज फहराएंगे। परेड के निरीक्षण के पश्चात् मार्च पास्ट होगा। राज्यपाल द्वारा प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया जाएगा। पदक अलंकरण एवं पुरूस्कार वितरण किया जाएगा। समारोह के दौरान हॉर्स शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं झांकियों की प्रस्तुति होगी।

राज्यपाल रमेन डेका ने विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) एमबी ओझा जी के निधन पर व्यक्त किया गहरा दुःख

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) एमबी ओझा जी के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और युद्ध में भारत की विजय के साक्षी भी रहे, मॉं भारती की रक्षार्थ अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले ऐसे वीर सैनिक को शत-शत् नमन।

साथ ही राज्यपाल ने कहा कि एमबी ओझा जी 1971 के युद्ध के साथ-साथ अनेक मिशनों में सभी को अपने अद्भुत शौर्य एवं पराक्रम से परिचित कराया। राज्यपाल डेका ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में आश्रय एवं परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.