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जनजातीय गौरव दिवस पर प्रस्तुति देने अरूणाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, तेलंगाना, राजस्थान और सिक्किम के आदिवासी नर्तक दल रायपुर पहुँचे

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 14 एवं 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस पर राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। दो दिवसीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित 17 राज्यों के आदिवासी नर्तक दल मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।

जनजातीय गौरव दिवस पर अपने नृत्य की प्रस्तुति देने नर्तक दलों छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। आज अरूणाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, तेलंगाना, राजस्थान और सिक्किम के आदिवासी नर्तक दल रायपुर पहुंच चुके हैं।

अरूणाचल प्रदेश के नर्तक दल आदिलोक नृत्य नाटिका, उत्तराखंड के नर्तक दल झींझी, होली, हन्ना और दिया नृत्य, तेलंगाना के नर्तक दल माथुरी जनजाति नृत्य, राजस्थान के नर्तक दल वालर गरासिया गैर नृत्य और सिक्किम के नृतक दल सुब्बा लोक नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देंगे।

उल्लेखनीय है कि 14 नवंबर एवं 15 नवंबर को साइंस कॉलेज मैदान में संध्या 3 बजे से अंतर्राज्यीय लोक नर्तक दलों के सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति के साथ-साथ जनजातीय गौरव से संबंधित विषयों पर संगोष्ठी का आयोजन तथा जनजातीय जीवन शैली पर चित्रकला का प्रदर्शन भी होगा।

चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का बड़ा दांव, प्रदेश में तीन नए जिलों के गठन का ऐलान

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 राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को राज्य में तीन नए जिले बनाने की घोषणा की। मालपुरा, सुजानगढ़ और कुचमन सिटी अब राजस्थान के प्रशासनिक क्षेत्रों की लगातार बढ़ती सूची में शामिल हो जाएंगे, जिससे जिलों की कुल संख्या 53 हो जाएगी। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि राज्य में विधानसभा चुनाव इस साल के अंत तक होने वाले हैं। सीएम गहलोत के अनुसार, इन नए जिलों की स्थापना का निर्णय जनता की मांग और एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा प्रदान की गई सिफारिशों दोनों पर आधारित था। उन्होंने कहा, इस कदम का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और सरकारी सेवाओं को इन क्षेत्रों के लोगों के करीब लाना है।


अपने आधिकारिक मंच पर साझा किए गए एक बयान में, गहलोत ने कहा, "जनता की मांग और एक उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश के अनुसार, राजस्थान में तीन नए जिले बनाए जाएंगे।" उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि जिला सीमांकन का यह दृष्टिकोण समिति की सिफारिशों के अनुरूप है और इस संबंध में भविष्य के निर्णयों के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत बना रहेगा। यह घोषणा जिला पुनर्गठन पर राज्य सरकार के सक्रिय रुख का अनुसरण करती है, इस साल की शुरुआत में अगस्त में 19 नए जिले और तीन नए संभाग नए जिले बनाए गए हैं। 

राजस्थान के नवगठित 19 जिलो में - अनूपगढ़, बालोतरा, ब्यावर, डीग, डीडवाना कुचामन, दूदू, गंगापुर सिटी, जयपुर जयपुर (ग्रामीण), केकड़ी, जोधपुर, जोधपुर (ग्रामीण), कोटपूतली बहरोड़, खैरथल तिजारा, नीम का थाना, फलौदी, सलूम्बर, सांचौर और शाहपुरा - शामिल है। उल्‍लेखनीय है कि सरकार ने 21.03.2022 को नये जिले बनाने के संबंध में आवश्यकता का आकलन कर अभिशंषा देने के लिये रामलुभाया की अध्यक्षता में 21 मार्च 2022 करे उच्च स्तरीय समिति गठित की थी। कमेटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर मुख्‍यमंत्री ने इस साल 17 मार्च को बजट 2023-24 में वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा के समय 19 नवीन जिलों एवं तीन नवीन संभागों के गठन की घोषणा की। समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट दो अगस्‍त को सरकार को सौंपी। समिति की सिफारिश पर मंत्रिमंडल ने कुल 19 जिलों एवं तीन संभागों के गठन का अनुमोदन शुक्रवार को किया।


प्यार पाने के लिए दो बच्चों और पति को छोड़कर पाकिस्तान पहुंचीं अंजू

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दिल्ली। अपने प्यार को पाने के लिए सीमा पार करना ट्रेंड बनते जा रहा है। पाकिस्तान की सीमा हैदर के बाद अब इसी तरह का एक और मामला सामने आया है। भारत की अंजू अपने प्यार के लिए पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा में पहुंच गई है। दोनों के बीच चार साल पहले सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती हुई थी। 34 साल की अंजू पहले से शादीशुदा है और वह राजस्थान के अलवर जिले में रहती थीं।


अंजू मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कैलोर गांव की रहने वाली हैं और उसका प्रेमी नसरुल्लाह ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा का रहने वाला है। दोनों चार साल से सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे से बातचीत कर रहे थे। लेकिन हाल ही में अंजू एक महीने की विजिट वीजा लेकर अपने प्रेमी से मिलने पाकिस्तान पहुंच गई।

विजिट वीजा लेकर पाकिस्तान पहुंचीं अंजू

पाक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंजू  अपने प्रेमी नसरुल्लाह के घर पर है। शुरुआत में पाक पुलिस ने पूछताछ के लिए अंजू को हिरासत में ले लिया था, लेकिन अंजू के पास वैध दस्तावेज होने के कारण पुलिस को छोड़ना पड़ा। वहीं, अंजू के घरवालों ने नसरुल्लाह के साथ उनके प्रेम संबंध होने से इनकार किया है। अंजू के घरवालों का कहना है कि वो वैध दस्तावेजों के साथ विदेश मंत्रालय की अनुमति लेकर पाकिस्तान घूमने गई है, लेकिन पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि अंजू नसरुल्लाह से बहुत प्यार करती है और उससे शादी करना चाहती हैं।

पति को नहीं थी जानकारी

इस पूरे मामले पर अंजू  के पति का कहना है कि वो किसी के संपर्क में थी, उसे इस बात की जानकारी नहीं थी। वो विदेश में नौकरी करना चाहती थी, इसलिए 2020 में उसने पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया था। अंजू के पति ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं। वो दोनों बच्चों को छोड़कर उसे बिना बताए पाकिस्तान पहुंच गई।

अंजू के पति ने बताया कि वो अपने मायके नहीं जाती थी। वो जयपुर जाने की बात कहकर गई थी, लेकिन लाहौर पहुंचने के बाद उसने वीडियो कॉल किया और बताया की वो पाकिस्तान पहुंच गई है। अंजू के पति ने उससे वापस लौटने की अपील की है।

राजस्थान के मंत्री बोले- मणिपुर का मामला उठाने के बजाय अपने गिरेबान में झांकें

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जयपुर : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दावे की पोल उनकी सरकार में मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने ही खोल दी है। उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि यह सच है और इसे स्वीकार करना चाहिए कि हम महिला सुरक्षा में विफल रहे हैं।


मणिपुर से नग्न महिलाओं का वीडियो वायरल होने के बाद देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। इस पर राजनीति भी खूब हो रही है। प्रधानमंत्री ने इस मामले को लेकर क्रोध व्यक्त किया था और कहा था कि राज्य सरकारों को महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए। इस दौरान प्रधानमंत्री ने राजस्थान का भी नाम लिया था। दरअसल, जोधपुर में दलित युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले को भाजपा बड़ा मुद्दा बना रही है और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साध रही है। राजस्थान में इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा राजस्थान में महिला सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश में है।

राजेंद्र सिंह गुढ़ा का दावा

इन सबके बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दावे की पोल उनकी सरकार में मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने ही खोल दी है। उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि यह सच है और इसे स्वीकार करना चाहिए कि हम महिला सुरक्षा में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर के बजाय हमें अपने अंदर झांकना चाहिए कि राजस्थान में महिलाओं पर अत्याचार बढ़े हैं। वीडियो राजस्थान विधानसभा की है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि उनकी सरकार के लिए महिलाओं की सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को मणिपुर की शर्मनाक घटना में सिर्फ एक आरोपी को पकड़ने में 77 दिन लग गए।

भाजपा का वार

भाजपा ने राजस्थान में हर दिन 17 से 18 बलात्कार की घटनाएं होने का दावा करते हुए शुक्रवार को कहा कि इस मरूधर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है और ‘जंगलराज’ कायम है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सरकार और पुलिस प्रशासन घटनाओं को दबाने में लगे हैं। हमने करौली में भी यही देखा, जब वहां एक दलित युवती का अपहरण किया गया, उसके साथ बलात्कार हुआ और उसकी हत्या कर दी गई। राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की चुप्पी पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराधिक घटनाएं राजस्थान में हुई हैं। 54 महीने में 10 लाख से अधिक घटनाएं हुई हैं।

अशोक गहलोत ने मणिपुर को लेकर कसे थे तंज

राजस्थान में एक हफ्ते के दौरान 3 आपराधिक घटनाएं हुईं. पहली-19 साल की लड़की की बेरहमी से हत्या, दूसरी- नाबालिग के साथ गैंगरेप, तीसरी- जोधपुर के ओसियां गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या कर शव जलाना. राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर बीजेपी और राज्य की कांग्रेस सरकार के बीच जुबानी जंग भी चल रही है. बीजेपी अशोक गहलोत सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रही है. बचाव में गहलोत ने गुरुवार को कहा कि ओसियां मामले में दो घंटे के अंदर आरोपी पकड़े गए, जबकि मणिपुर वायरल वीडियो मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करने में 77 दिन लग गए.

 

 

मैं डरने और दबने वाला नहीं हूं , बात नहीं मानी गई तो पूरे प्रदेश में होगा आंदोलन - सचिन पायलट

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राजस्थान में इस वक्त राजनीतिक हलचल तेज है। राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। लेकिन कांग्रेस के लिए परिस्थितियां लगातार खराब होती जा रही हैं। दरअसल, कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट आमने-सामने हैं। सचिन पायलट जन संघर्ष यात्रा निकाल रहे थे। आज अपने जन संघर्ष यात्रा के दौरान उन्होंने एक बार फिर से भ्रष्टाचार को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी यह लड़ाई जारी रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी कथनी और करनी में फर्क नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मैंने चिट्ठी लिखी लेकिन अब तक इस पर कुछ नहीं हुआ। 


माना जा रहा है कि सचिन पायलट अपनी ही सरकार को लेकर यात्रा निकाल रहे हैं। फिलहाल इस यात्रा पर चर्चा राजस्थान में जबरदस्त तरीके से गर्म है। सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान में दावा किया जाता है कि सरकार दोबारा रिपीट नहीं करती है। लेकिन हमें सरकार बनाकर दिखानी है। आज सचिन पायलट का जन संघर्ष यात्रा खत्म हो रहा है। इस दौरान वह अपना संबोधन दे रहे थे। उन्होंने हुंकार भरते हुए साफ तोर पर कहा है कि मैं किसी पद पर रहूं या ना रहूं। राजस्थान की जनता की सेवा करता रहूंगा। डरने वाला नहीं हूं, दबने वाला नहीं हूं। आपके लिए लड़ा हूं और लड़कर रहूंगा। उन्होंने सरका कि हमने सरकार के समक्ष अपनी मांगे रखी हैं और अगर इस महीने के आखिर तक यह मानी नहीं जाती है तो हम पूरे प्रदेश में हम आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि अभी तक गांधीवादी तरीके से अपनी बात रख रहे थे।

सचिन पायलट ने अपना हमला जारी रखते हुए साफ तौर पर कहा कि 2013 में हमारे पार्टी के सिर्फ एक किस विधायक रह गए थे। सोनिया गांधी ने उनसे बुलाकर कहा था कि आप अध्यक्ष बनो। सचिन पायलट ने कहा कि हमने 5 साल तक वसुंधरा राज्य की सरकार के खिलाफ जबरदस्त विरोध किया। हमने उनकी नीतियों का विरोध किया। लेकिन जब हमारी सरकार बनी तो अब तक पहले की सरकारों में हुए भ्रष्टाचार को लेकर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मैं अपनी आखिरी सांस तक लोगों की सेवा करूंगा, मुझे किसी बात का डर नहीं है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग को भंग कर, इसके पुनर्गठन की मांग की है।


प्रदेश के छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ सरकार राजस्थान के कोटा में बनाएगी, छात्रावास

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर उन्हें अवगत कराया है कि छत्तीसगढ़ सरकार राजस्थान के कोटा में कोचिंग करने वाले राज्य के छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए छात्रावास बनाना चाहती है। बघेल ने छात्रावास हेतु निःशुल्क भू-खण्ड आबंटित करने का आग्रह गहलोत से किया है।

मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि राजस्थान के कोटा में विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश के लिए कोचिंग की अच्छी व्यवस्था होने के कारण छत्तीसगढ़ के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में कोचिंग प्राप्त करने के लिए कोटा, राजस्थान जाते हैं। छत्तीसगढ़ शासन इन छात्र-छात्राओं के लिए कोटा में एक छात्रावास का निर्माण करना चाहता है। बघेल ने राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत से कोटा में किसी ऐसे स्थान पर छत्तीसगढ़ शासन को निःशुल्क लगभग 01 एकड का भूखण्ड आबंटित करने का आग्रह किया है, जहां से कोचिंग संस्थाओं की दूरी अधिक न हो।

राष्ट्रीय जम्बूरी में छत्तीसगढ़ के कॉन्टिजेंट को 4 स्पर्धाओं में मिला ‘ए ग्रेड’

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के कॉन्टिजेंट ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 18 वीं राष्ट्रीय जम्बूरी में जोरदार उपस्थिति दर्ज कराते हुए चार प्रतियोगिताओं में ए ग्रेडप्राप्त किया। राजस्थान के रोहट, पाली में 4 से 10 जनवरी तक आयोजित हुई राष्ट्रीय जम्बूरी का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने किया था। छत्तीसगढ़ की प्रदर्शनी पूरी जम्बूरी में आकर्षण का केन्द्र बनी हुई थी। छत्तीसगढ़ लड़कियों की सुरक्षा से जुड़े साइंस प्रोजेक्ट के प्रति भी लोगों ने काफी दिलचस्पी दिखाई।

छत्तीसगढ़ कॉन्टिजेंट ने दो संयुक्त प्रतियोगिता राज्य प्रदर्शनी एवं एथनिक शो में ‘‘ए ग्रेड‘‘ प्राप्त किया। इन दोनों प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को प्रदर्शित किया गया था। इसी तरह स्काउट विंग ने मार्चपास्ट तथा गाइड विंग ने फिजिकल डिस्प्ले में ‘‘ए ग्रेड‘‘ प्राप्त किया। इसके साथ ही संयुक्त प्रतियोगिताओं में ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज, कलर पार्टी, पेजेंट शो, फूड प्लाजा, फोक डांस में बी ग्रेडमिला। स्काउट विंग की स्पर्धा कैम्प फायर व फिजिकल डिस्प्ले तथा गाइड विंग की स्पर्धा स्टेट गेट व रंगोली में भी ‘‘बी ग्रेड‘‘ हासिल हुआ।

गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा मंत्री व भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के अध्यक्ष डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और संसदीय सचिव श्री विनोद सेवनलाल चन्द्राकर के मार्गदर्शन तथा राज्य सचिव कैलाश सोनी की अगुवाई में छत्तीसगढ़ से 381 की संख्या वाला दल राष्ट्रीय जम्बूरी में सम्मिलित हुआ। इसमें 24 जिलों से लगभग तीन सौ स्काउट्स, गाइड्स सहित लीडर्स, राज्य मुख्यालय स्टॉफ, सर्विस रोवर्स, रेंजर्स शामिल थे। प्रतियोगिताओं के अलावा स्काउट्स, गाइड्स ने एडवेंचर, फन गेम्स, नाइट हाइक आदि गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की। स्काउट विंग के कॉन्टिजेंट लीडर सीएल चन्द्राकर एवं गाइड विंग की कॉन्टिजेंट लीडर सीमा साहू थीं। शैलेन्द्र मिश्रा ने नेशनल स्टॉफ के तौर पर अपनी सेवाएं दी। 18वीं राष्ट्रीय जम्बूरी में भारत के स्काउटिंग के समस्त राज्यों सहित सात अन्य देशों से 37 हजार स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स ने भागीदारी की।

छत्तीसगढ़ स्टेट डेमें लोक संस्कृति की झलक, चलित झांकी प्रदर्शन ने जीता दिल

राष्ट्रीय जम्बूरी में छत्तीसगढ़ ने ‘‘स्टेट डे‘‘ मनाया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व विधायक, सत्यनारायण शर्मा थे। अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के  राज्य मुख्य आयुक्त व संसदीय सचिव, विनोद सेवनलाल चन्द्राकर ने की। राष्ट्रीय जम्बूरी के चौथे दिवस आयोजित चलित झांकी प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ स्टेट कॉन्टिजेंट की पारंपरिक परिधानों में दी गई प्रस्तुति ने दिल जीत लिया। झांकी का नेतृत्व सीमा साहू कर रही थीं। छत्तीसगढ़ महतारी के प्रतिरूप में लीना वर्मा राज्य की परछाई बनी हुईं थीं। पीछे छत्तीसगढ़ के अमर शहीद वीर नारायण सहित गुंडाधुर, साहित्यकार पंडित सुंदरलाल शर्मा के रूप में स्काउट्स तथा ट्राइबल मूवमेंट की याद दिलाते हिमधर साहू की अगुवाई में कबीला नृत्य लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ था। 

माई की पालकी- बस्तर दशहरा-आंगा देव आदिवासी समाज की आस्था को प्रदर्शित कर रहे थे। छत्तीसगढ़ शासन की योजना नरवा- गरवा- घुरवा- बाड़ी का प्रदर्शन छत्तीसगढ़ की माटी से जुड़ाव को दर्शा रहा था। छत्तीसगढ़ का लोक पर्व भोजली और इसके पीछे राउत नाचा, पंथी, सुआ नृत्य राज्य की संस्कृति की झलक दिखला रहे थे। सरगुजा के विवाह की परंपरा और करमा नृत्य ने लोगों की खूब वाहवाही बटोरी।    

80 कली का घाघरा पहन कर लगातार चक्करदार नृत्य करते हैं फिर भी चक्कर नहीं आता

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रायपुर। युद्ध विजय के पश्चात राजस्थान के कोटा और आसपास के रजवाड़ों में चकरी नृत्य की परंपरा थी। इस नृत्य में 80 कली का घाघरा पहनकर कंजर जाति की महिलाएं नृत्य करती हैं। वे बेहद तेज रफ्तार से गोल चक्कर लगाते हुए नृत्य करती हैं लेकिन उनका संतुलन इतना अद्भुत होता है कि उन्हें चक्कर बिल्कुल नहीं आता। 



इस लोक नृत्य का सुंदर प्रदर्शन आज राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में हुआ। महोत्सव के दौरान राजस्थान से आये लोककलाकारों ने इस सुंदर नृत्य को प्रस्तुत किया। पहले यह नृत्य विजय के अवसर पर किया जाता था। बाद में खास तौर पर मांगलिक उत्सवों में किया जाने लगा। नृत्य की खास विशेषता इसकी द्रुत गति है। जिस प्रकार छत्तीसगढ़ में पंथी नृत्य अपनी द्रुत गति से चकित कर देता है। 



उसी तरह से चकरी नृत्य भी अपने वेग से चकित कर देता है। नृत्य जैसे ही गति लेता है वाद्ययंत्रों की ध्वनि भी उसी तरह से तेज होने लगती है और नृत्य तथा संगीत दोनों की समता देखने वालों को विस्मय से भर देती है। इस नृत्य में राजस्थान की अद्भुत लोक संस्कृति और नृत्य परंपराओं की झलक दर्शकों को देखने मिली। साथ ही पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा की झलक भी देखने को मिली।

​​​​​​​छत्तीसगढ़ की योजनाएं पूरे देश के लिए बन रही हैं मॉडल : सीएम भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ मॉडल की गूंज आज पूरे देश में है। छत्तीसगढ़ की योजनाएं पूरे देश के लिए मॉडल बन रही हैं। झारखंड सरकार ने छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना को ज्यों का त्यों अपना लिया है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकार भी छत्तीसगढ़ की तर्ज पर गोबर खरीदी पर विचार कर रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसानों को देश में सबसे ज्यादा धान की कीमत मिल रही है। छत्तीसगढ़ का अन्नदाता किसान खुशहाल है। मुख्यमंत्री ने आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में टीवी-9 डिजिटल छत्तीसगढ़ चैनल का शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए।


मुख्यमंत्री
ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गौ-माता की सेवा के साथ-साथ गौ-पालन और पशुपालन को अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया है। किसान हितैषी नीतियों से छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी लाभ का व्यवसाय है। छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना के प्रारंभ होने के बाद पशुपालन को बढ़ावा मिला है। डेयरी की संख्या में इजाफा हुआ है। गोधन न्याय योजना के तहत पिछले 2 वर्षों में 150 करोड़ रुपए का गोबर पशुपालकों, ग्रामीणों, किसानो से खरीदा गया है। खरीदे गए गोबर से गौठान में स्व सहायता समूह की महिलाएं वर्मी कंपोस्ट बना रही हैं। 40 प्रतिशत भूमिहीन लोग गोबर बेच रहे हैं और आर्थिक लाभ कमा रहे हैं।



 मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद हमने सबसे पहले किसानों की कर्ज माफी, 2500 रूपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी और आदिवासियों की जमीन वापसी का निर्णय लिया। कोरोना संकट के दौरान अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आए लोगों के ठहरने, भोजन की व्यवस्था की गई। वन क्षेत्रों में लघु वनोपजों का संग्रहण का काम किया गया। समाज के सभी वर्गों से बातचीत कर उनकी दिक्कतों को दूर करने के उपाय किए गए। 

स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को मजबूत करने के साथ लोगों के इलाज, ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को इनपुट सब्सिडी का भुगतान किया गया। कोविड गाइडलाईन का पालन करते हुए मनरेगा के काम प्रारंभ किए गए। लॉकडाउन खुलने के बाद सबसे पहले छत्तीसगढ़ में उद्योग प्रारंभ हुए। राज्य सरकार की योजनाओं से अधिकांश लोगों की जेब में पैसा पहुंचा।  लोगों के पास पैसा गया तो व्यापार भी चलने लगा, व्यापार चलने लगा तो उद्योग भी चलने लगे जिससे छत्तीसगढ़ में मंदी का असर नहीं रहा।



मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्य में हम किसी भी सरकार से पीछे नहीं रहे। सड़कों के मामले में हमने 16 हजार करोड़ रूपए की लागत की सड़कों का निर्माण कराया। मिलेट मिशन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अकेला राज्य है जहां 3100 रुपये क्विंटल में कोदो-कुटकी और रागी 3300 रुपये क्विंटल में खरीदी हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश यह है कि जहां जिस फसल के लिए मौसम अनुकूल है वहां उस फसल को बढ़ावा दिया जाए।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महात्मा गांधी जी के रास्ते पर चल रही है। गांधी जी का रास्ता ग्राम स्वराज का रास्ता है। छत्तीसगढ़ के गौठान में रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क के अंतर्गत तेल मिल, दाल मिल, मिनी राइस मिल स्थापित की गई हैं। जिससे हमारी स्व-सहायता की बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे राम गरीब के राम, शबरी के राम, गांधी के राम हैं। दुनिया में माता कौशल्या का एकमात्र मंदिर छत्तीसगढ़ के चंदखुरी में है, जिसका राम वनगमन परिपथ के अंतर्गत सबसे पहले सौंदर्यीकरण किया गया है।

 छत्तीसगढ़ पहला राज्य जो चिटफंड कंपनियों में निवेश करने वाले आम लोगों का पैसा लौटा रहा है। अब तक 40 करोड़ रुपए की राशि हमने निवेशकों को लौटाई है। राज्य सरकार ने किसानों, आदिवासियों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं सहित सभी वर्गों के हित में काम किया है। इस अवसर पर टीवी-9 डिजिटल के सलाहकार संपादक अमिताभ अग्निहोत्री, संपादक राहुल अग्निहोत्री, समूह संपादक दीप उपाध्याय, सीजीओ टीवी-9 रक्तिम दास, एग्जीक्यूटिव एडिटर दिनेश गौतम एवं एग्जीक्यूटिव एडिटर कार्तिकेय शर्मा मौजूद रहे।

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