Media24Media.com: रतलाम में फूड पॉइजनिंग

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label रतलाम में फूड पॉइजनिंग. Show all posts
Showing posts with label रतलाम में फूड पॉइजनिंग. Show all posts

मिठाई खाने के बाद फिर 100 से ज्यादा लोग हुए बीमार, अलग-अलग अस्पताल में कराया गया भर्ती

No comments Document Thumbnail

MP के मंदसौर के बाद रतलाम के आलोट में फूड पॉइजनिंग से 100 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। उल्टी-दस्त होने के बाद उन्हें एंबुलेंस और ग्रामीणों की मदद से सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल हैं। दरअसल, गांव के मगीगाल धन्नालाल के घर मानता का कार्यक्रम था, जिसमें लोगों ने दाल-बाफले और लड्डू खाए थे। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। गंभीर होने पर 70 ग्रामीण आलोट के अस्पताल पहुंचे। करीब 30 लोग निजी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे। 

मरीजों की संख्या ज्यादा होने पर गांव में मेडिकल टीम भेजी गई। कुछ लोगों को ताल शहर के अस्पताल में भी भेजा गया। वहीं ताल शहर के अस्पताल में भी कुछ लोगों को भेजा। कार्यक्रम में मेहमानों को ग्रामीण ने मिलकर भोजन कराया। इसे खाने के बाद करीब 100 लोगों की हालत बिगड़ गई। नायब तहसीलदार मुकेश सोनी, आलोट थाना प्रभारी बीएल भाभर, बीएमओ समेत प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर अब्दुल कादिर ने बताया कि ग्रामीण मावे से बनी मिठाई खाने की बात बता रहे हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग के समस्या हुई है। डॉक्टर विष्णु प्रकाश फुलंब्रीकर समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम इलाज में लगी हुई है।

मिठाई खाने के बाद हुए थे 300 से ज्यादा लोग बीमार

बता दें कि इससे पहले मंदसौर जिले में एक शादी समारोह में दूषित मावे से बनी मिठाई खाने से 300 से ज्यादा लोग बीमार हो गए थे। बीमार लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद भानपुरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भानपुरा तहसीलदार नागेश पंवार ने बताया कि नीमथूर गांव के कारुलाल के बेटे कन्हैयालाल की शादी में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया था। इसमें दूषित मावे से बनी मिठाई खाने के बाद अधिकंश लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई। इसके बाद कुछ लोगों का स्थानीय इलाज किया गया। इनमें करीब 180 लोगों को भानपुरा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया था। 

इन चीजों का किया था सेवन

पंचायत के सरपंच दुलीचंद अहीर ने बताया कि पहले एक बच्चे को शिकायत हुई। इसके बाद लगातार बीमार लोगों की संख्या बढ़ती गई। इस पर कस्बा पटवारी को सूचना दी। इसके भोजन में मावे की मिठाई, छाछ का रायता, पूड़ी, पापड़ और सब्जी बनाई गई थी।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.