Media24Media.com: मोदी सरनेम

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मोदी सरनेम केस में राहुल को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दोष सिद्धी पर लगाई रोक

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरनेम मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मिली सजा के निलंबन की याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस बी आर गवई, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस संजय कुमार की बेंच सुनवाई कर रही है।


सुप्रीम कोर्ट ने कहा सभी पक्षकारों को जिरह के लिए 15 मिनट दिया जाएगा। राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंधवी ने जिरह शुरू किया। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता का सरनेम खुद मोदी नहीं है। पहले उनका सरनेम मोध था। वहीं जस्टिस गवई ने अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि दोषसिद्धि पर रोक लगाने के लिए आपको साबित करना होगा कि यह एक्ससेप्शनल केस है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर टिप्पणी करते हुए इसे दिलचस्प बताते हुए कहा कि फैसले में बताया गया है कि एक सांसद को कैसा बर्ताव करना चाहिए। वहीं शिकायतकर्ता पूर्णेश मोदी का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कहा कि राहुल गांधी ने पहले भी इस तरह का बयान दिया था। जिसमें राफेल मामले को लेकर उन्होंने कहा था कि चौकीदार चोर है। इसके अलावा महेश जेठमलानी ने कहा कि राहुल कहते हैं कि वह माफी नहीं मांगते। इसका मतलब है कि आप जो चाहते हैं वह करें।


Modi Surname Case: राहुल गांधी ने मोदी सरनेम मामले में माफी मांगने से किया इनकार

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 Modi Surname Case : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरनेम मामले में माफी मांगने से इनकार कर दिया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि माफी मांगने का सवाल नहीं उठता. प्रथम दृष्टया ये मानहानि का मामला ही नहीं बनता है. राहुल गांधी ने कहा कि माफी मांगने का कोई कृत्य ही नहीं है. कांग्रेस नेता ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में ये बातें कही.


राहुल गांधी ने कहा कि उनके खिलाफ मामला एक अपवाद है, जिसके मद्देनजर दोषसिद्धी पर रोक लगाई जाए. राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट से गुजरात हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग की. राहुल गांधी ने 2019 मानहानि मामले में दोषसिद्धि पर रोक लगाने की अपनी याचिका पर पूर्णेश मोदी के जवाब पर हलफनामा दाखिल किया.

राहुल गांधी ने मामले से जुड़े याचिकाकर्ता पूर्णेश मोदी द्वारा खुद को अहंकारी कहने पर उनके जवाब की निंदा की. राहुल ने अपने हलफनामे में कहा कि मेरे खिलाफ पूर्णेश मोदी ने अहंकारी शब्द का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए किया, क्योंकि उन्होंने इस मामले मे माफी मांगने से इनकार करते हुए मामला कोर्ट पर छोड़ दिया.

राहुल गांधी ने अपने जवाब मे कहा है कि माफी मांगने से मामले मे चल रहे ट्रायल की दिशा बदल सकती है. साथ ही आरपी एक्ट के तहत आपराधिक प्रक्रिया और उसके परिणामों का उपयोग करना अदालत में चल रही प्रक्रिया का दुरुपयोग भी हो सकता है. राहुल ने अपने हलफनामे में कहा है कि बिना किसी गलती के माफी मांगने के लिए किसी भी जन प्रतिनिधि को मजबूर नहीं किया जा सकता है. यह जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत आपराधिक प्रक्रिया के साथ न्यायिक प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग जैसा है और सुप्रीम कोर्ट को इसे स्वीकार नहीं करना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट अब 4 अगस्त को मामले की सुनवाई करेगा.

पूर्णेश मोदी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की अपील को खारिज करने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने मोदी उपनाम वाले सभी लोगों को बदनाम किया है. पूर्णेश मोदी ने 2019 में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया था. 13 अप्रैल, 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी ने टिप्पणी की थी.

 

मोदी सरनेम मानहानि केस: राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 21 जुलाई को सुनवाई

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 Modi Surname Case:  मोदी सरनेम मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 21 जुलाई को सुनवाई करेगा. सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के सामने रखी उनकी याचिका रखी. सीजेआई ने मामला शुक्रवार को सुनवाई के लिए लगाने का निर्देश दिया. 


 राहुल गांधी ने याचिका में गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है, जिसमें मोदी सरनेम मानहानि के मामले में राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगाने से मना कर दिया गया था. इसके चलते राहुल की लोकसभा की सदस्यता चली गई थी. 

गौरतलब है कि राहुल गांधी को गुजरात की सूरत कोर्ट ने मोदी सरनेम को लेकर टिप्पणी करने के मामले में मानहानि का दोषी पाया था और उन्हें दो साल की जेल की सजा सुनाई थी। इस मामले में उन्हें गुजरात हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली थी। इसी फैसले के खिलाफ राहुल ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 

मानहानि केस में राहुल गांधी को सूरत के सेशंस कोर्ट से मिली जमानत, 13 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

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नई दिल्ली: सूरत  सेशन कोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अपील को स्वीकार कर लिया है. राहुल गांधी को सेशल कोर्ट से जमानत मिली है. इस मामले में अगली सुनवाई 13 अप्रैल को की जाएगी. राहुल गांधी को 13 अप्रैल तक जमानत भी दी गई है. राहुल गांधी को 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी सरनेम वाले बयान वाले मामले में सूरत की निचली अदालत ने दो साल की सजा सुनाई थी. इसके बाद ही उनकी लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई थी. इसके खिलाफ राहुल गांधी ने गुजरात के सूरत स्थित सेशन कोर्ट का रुख किया है.


2019 चुनावी कैंपेन के दौरान कर्नाटक में राहुल गांधी ने मोदी सरनेम वाला बयान दिया था. इसी बयान पर उनको सूरत मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई थी. सजा के बाद लोकसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी. इस मामले में लेकर कांग्रेस का हंगामा भी चल रहा है. लोकसभा और राज्यसभा सांसद आज भी काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे थे. विपक्ष का आरोप है कि जान बूझकर ऐसा किया जा रहा है.

2024 में देशभर में चुनाव होने वाले हैं. अगर उनकी सदस्यता बहाल नहीं हुई तो वो 8 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. ऐसे में तो सवाल ये भी उठने लगे थे कि आखिर कांग्रेस का 2024 में चेहरा कौन होगा. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी दिल्ली में रैली करके केंद्र सरकार पर हमला बोला था. राहुल गांधी के सूरत पहुंचने से पहले गुजरात कांग्रेस के नेता उनका इंतजार कर रहे थे. पहले से ही आदेश दिया गया था कि सीनियर लीडर्स वहां पर मौजूद रहेंगे. राहुल की अपील के दौरान तीन सीएम भी मौजूद थे.


मानहानि केस में सजा को आज सूरत कोर्ट में चुनौती देंगे राहुल गांधी, सीएम बघेल रहेंगे साथ

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ‘मोदी सरनेम’ टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ अदालत में अपील करने के लिए आज सूरत आएंगे। सूत्रों ने रविवार को बताया कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी भाई राहुल के साथ सूरत आएंगी। राहुल गांधी ने रविवार को अपनी मां और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। यह मुलाकात डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चली। इस दौरान राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा भी मौजूद थे।


मोदी सरनेम मामले में मानहानि केस का सामना करे रहे कांग्रेस नेता आज 3 मार्च सूरत कोर्ट में चुनौती देंगे। इस दौरान राहुल को साथ सीएम बघेल और प्रभारी महासचिव कुमारी शैलजा भी मौजूद रहेंगे।

बीते महीने सूरत के सीजेएम कोर्ट ने मोदी सरनेम मानहानि केस में राहुल को दो साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने इस सजा को चुनौती देने के लिए राहुल को एक महीने का समय दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका तैयार हो चुकी है। राहुल गांधी आज सूरत पहुंचकर कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे। बता दें, राहुल गांधी पर 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान ‘मोदी सरनेम’ पर विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगा था। इसी मामले में राहुल पर गुजरात के भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

जिस पर सुनवाई करते हुए पिछले दिनों सूरत की एक अदालत ने अपना फैसला सुनाया। राहुल गांधी को इस मामले में दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुना दी। नियम के अनुसार, अगर किसी सांसद या विधायक को दो साल या इससे अधिक की सजा होती है तो उसकी सदस्यता चली जाती है। राहुल के साथ भी ऐसा ही हुआ। अगले ही दिन लोकसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता जाने का आदेश जारी कर दिया।

आज कोर्ट में क्या होगा?

राहुल गांधी की लीगल टीम सेशन कोर्ट में 11 बजे सीजेएम कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील और बेल की एप्लीकेशन लगाएगी.
लंच के बाद दो बजे याचिका पर सूरत जिला जज या एडिशनल सेशन जज की कोर्ट में सुनवाई होगी.
राहुल गांधी के दो बजे सूरत कोर्ट पहुंचने की संभावना है. चूंकि राहुल गांधी ने नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की है.
राहुल गांधी के साथ उनकी बहन प्रियंका गांधी के साथ ही कांग्रेस के तीनों मुख्यमंत्री राजस्थान के अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के भूपेश बघेल और हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू मौजूद रहेंगे.
इसके साथ ही राज्यसभा सांसद केसी वेणुगोपाल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी सूरत में रहेंगे.
राहुल गांधी की लीगल टीम की अगुवाई वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि अपील कोर्ट में सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट की कमियों की तरफ ध्यान दिया जाएगा और जल्दी फैसला आएगा.

अब तक क्या हुआ ?

राहुल गांधी ने कर्नाटक के कोलार में 13 अप्रैल, 2019 को लोकसभा चुनाव के दौरान एक रैली में मोदी सरनेम को लेकर बयान दिया था. गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि आखिर कैसे सभी चोरों का सरनेम मोदी है.
इस बयान को लेकर बीजेपी विधायक और गुजरात सरकार में पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने शिकायत दर्ज की थी.
23 मार्च को, सूरत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) एचएच वर्मा की अदालत ने राहुल गांधी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई.
इसके अगले ही दिन 24 मार्च को राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य करार दिया.
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