Media24Media.com: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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सुशासन तिहार: समस्याओं का त्वरित समाधान

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के शासन में आम जनता के समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सुशासन तिहार संचालित की जा रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के सुदूर ग्राम खुझी में ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांगों का समाधान हुआ है। इससे गाँव में उत्साह और खुशी का माहौल है।


शौचालय निर्माण की स्वीकृति से मिली गरिमा

ग्राम खुझी की नवविवाहित बहू सबिता ने बताया कि उनके घर में शौचालय न होने से उन्हें काफी असुविधा होती थी। सुशासन तिहार में उन्होंने समाधान पेटी के माध्यम से अपनी समस्या को लेकर आवेदन किया। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता की वजह से महज 18 दिनों में सर्वे कराया गया और पात्र पाए जाने पर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ द्वारा उन्हें शौचालय निर्माण के लिए पात्रता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। सबिता ने मुख्यमंत्री  साय का आभार जताते हुए कहा, शासन की पहल ने महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य के लिए एक सशक्त कदम उठाया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना से सपना होगा साकार

खुझी ग्राम की ही श्याम पति ने सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया था। उनका कच्चा मकान बारिश में उनके परिवार के लिए असुरक्षित हो जाता था। उनके आवेदन पर त्वरित प्रधानमंत्री आवास योजना का सर्वे और स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। जिससे अब उन्हें जल्द ही पक्का मकान मिलने जा रहा है। श्याम पति ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, मुख्यमंत्री जी की संवेदनशीलता और सुशासन तिहार ने हमारा सपना पूरा कर दिया।  

सुशासन तिहारः जनता और सरकार के बीच सेतु

यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम नागरिकों की बुनियादी समस्याओं के समाधान का माध्यम बन गया है। पारदर्शिता, सहभागिता और त्वरित समाधान की इस पहल से नागरिकों में विश्वास जागी है।

युवा शक्ति से होगा ‘विकसित भारत’ का निर्माण: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में नीति-राज्य कार्यशाला श्रृंखला के राज्य समर्थन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों के लिए कौशल विकास, रोजगार और आजीविका के अवसरों को विस्तार देने विषय पर आधारित कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह कार्यशाला बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप बेहद प्रासंगिक है। भारत एक युवा देश है और यदि युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण मिले, तो हम ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को तेजी से हासिल कर सकते हैं। इस मौके पर राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए गए।


मुख्यमंत्री  साय ने आगे कहा कि 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए युवाओं, महिलाओं और जनजातीय वर्ग को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने नीति आयोग की आकांक्षी जिलों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे जनजातीय क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिला है।  उन्होंने कहा कि राज्य समर्थन मिशन के बेहतर क्रियान्वयन से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और जनजातिय समुदाय के आजीविका के लिए प्रशिक्षण से रोजगार के नये अवसर शुलभ होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार के योग्य बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री नेे बताया कि सरकार वर्ष 2013 से कौशल विकास को तीव्रता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लाइवलीहुड कॉलेज, आईटीआई और महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के साथ समझौते की जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत राज्य के युवाओं को ट्रैक्टर निर्माण की आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण युवाओं तथा उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आयेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मैकेनिक जैसे कौशलों की भारी मांग है, लेकिन कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता कम है। सरकार इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने के लिए व्यापक योजना तैयार कर रही है। साथ ही उन्होंने महुआ, इमली, साल जैसे वन उत्पादों से मूल्यवर्धन कर स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि आगामी योजनाओं में बस्तर और सरगुजा अंचल के आदिवासी युवाओं को विशेष कोर्स और प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र खोलने की भी तैयारी है। उन्होंने बताया कि विभिन्न बड़ी कंपनियों से एमओयू कर निवेश और रोजगार के अवसर लाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्किल और इंडस्ट्री को जोड़ना जरूरी है। जब दोनों साथ होंगे तब रोजगार की संभावना अधिक रहेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग (जैसे कृषि, फल-फलियाँ, हस्तशिल्प) में युवाओं को प्रशिक्षित कर नए रोजगार सृजन पर बल दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब माओवाद का प्रभाव घट रहा है और हम युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही ई-हब की शुरुआत करेगी, जहां नवाचार करने वाले युवाओं को प्रोटोटाइप, फंडिंग और मार्केटिंग की सुविधा मिलेगी।

कार्यशाला को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा सचिव श्री एस. भारती दासन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 4.83 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2.66 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार भी मिला है।

नीति आयोग की प्रोग्राम निदेशक डॉ. सोनिया पंत ने कहा कि नीति आयोग का ‘राज्य समर्थन मिशन’ राज्यों को उनकी आर्थिक व सामाजिक विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में वन-आधारित आजीविका कार्यक्रमों को मजबूत करने पर ज़ोर दिया और कहा कि इससे आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि होगी। डॉ. पंत ने बताया कि राज्य-स्तरीय योजनाओं में जनजातीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उन्हें नई तकनीक और कौशल से जोड़ने पर नीति आयोग हर सम्भव मदद करेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार के सीईओ श्री विजय दयाराम के. सहित विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में युवा, महिला और जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कौशल विकास के लिए 4 महत्वपूर्ण एमओयू

 राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

पहला एमओयू तकनीकी शिक्षा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं नन्दी फाउंडेशन के बीच हुआ। इस एम.ओ.यू. का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित युवाओं की रोज़गार योग्यताओं को बढ़ाना है। यह कार्यक्रम उन्हें आवश्यक कौशल प्रदान करके उनके आजीविका के साधनों और आर्थिक सुरक्षा में सुधार लाने का प्रयास करता है। इसी तरह दूसरा एमओयू कौशल विकास प्राधिकरण एवं महेन्द्रा एंड महेन्द्रा के बीच हुआ, इस एम.ओ.यू. के अंतर्गत दंतेवाड़ा, बलरामपुर और कोंडागांव जिलों में स्थित लाइवलीहुड कॉलेजों में ट्रैक्टर मैकेनिक पाठ्यक्रम में अल्पकालिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का संचालन रायपुर स्थित स्टेट प्रोजेक्ट लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी द्वारा किया जाएगा।

तीसरा एमओयू उच्च शिक्षा विभाग और नैसकॉम के बीच हुआ, इस समझौते का उद्देश्य कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देकर उन्हें जॉब सीकर से जॉब प्रोवाइडर के रूप में विकसित करना है। यह कार्यक्रम युवाओं को इंडस्ट्री रेडी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसी प्रकार उच्च शिक्षा विभाग और नन्दी फांउडेशन हैदराबाद के बीच चौथा समझौता हुआ, इस एम.ओ.यू. के तहत महाविद्यालयों के छात्रों को रोजगार परक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कुशल और आत्मनिर्भर युवा के रूप में तैयार किया जाएगा।

नेपाल में चमके छत्तीसगढ़ के सितारे: कबीरधाम के चार होनहार युवाओं ने लहराया भारत का परचम

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 रायपुर :  छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के चार होनहार खिलाड़ियों ने नेपाल के पोखरा शहर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बॉडीबिल्डिंग एवं वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ और देश का परचम लहराया है। अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त भारतीय खेल संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, पाकिस्तान, भूटान, श्रीलंका, बांग्लादेश और म्यांमार समेत सात देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। भारत की ओर से छत्तीसगढ़ के कवर्धा से सूरज राजपूत, दीपाली सोनी, अभिषेक तिवारी और अनुराग जांगड़े ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग लेकर स्वर्ण पदक हासिल किए।


ज्ञात हो कि बॉडीबिल्डिंग स्पर्धा में कबीरधाम के सूरज राजपूत ने सात देशों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए इंटरनेशनल मिस्टर ओवरऑल का खिताब अपने नाम किया। सूरज पूर्व में मिस्टर छत्तीसगढ़, सीनियर नेशनल बॉडीबिल्डिंग चौंपियनशिप और पावरलिफ्टिंग में भी पदक जीत चुके हैं। वर्तमान में वे कवर्धा के “भारत हेल्थ क्लब” में कोच की भूमिका निभा रहे हैं और लगभग 50 युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। दीपाली सोनी, जो कि जिले की पहली महिला स्वर्ण विजेता वेटलिफ्टर बनीं, उन्होंने 76 किलोग्राम वर्ग में जीत दर्ज की। वे इससे पहले राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। पुरुषों की 67 किलोग्राम श्रेणी में सब-जूनियर वर्ग के अभिषेक तिवारी ने स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके पहले स्कूल नेशनल गेम्स में भी पदक जीत चुके हैं। वहीं 14 वर्षीय अनुराग जांगड़े, जिन्होंने 109 किलोग्राम वर्ग में सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया, पहले भी जिला और स्कूल स्तरीय कई प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे हैं।

गौरतलब है कि इन चारों खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने का श्रेय भी सूरज राजपूत को जाता है, जो वर्षों से समर्पण भाव से निःशुल्क प्रशिक्षण देकर जिले के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार कर रहे हैं। सूरज राजपूत ने अपनी सफलता और टीम की उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, खेल मंत्री  टंक राम वर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले के साथ-साथ राज्य के हर युवा की प्रेरणा बनेगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में दुबई में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसकी तैयारी भी वे कवर्धा से ही पूरी निष्ठा के साथ करेंगे। नेपाल की धरती पर खिलाड़ियों द्वारा किया गया यह प्रदर्शन न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

बॉडी बिल्डिर सूरज राजपूत

बॉडीबिल्डिंग की दुनिया में सूरज राजपूत का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। नेपाल की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने सात देशों के धुरंधरों को पछाड़ते हुए इंटरनेशनल मिस्टर ओवरऑल का खिताब अपने नाम किया। सूरज राजपूत कहा कि यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ की है। छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन अगर मन में जुनून हो और मार्गदर्शन सही हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं। सूरज ‘भारत हेल्थ क्लब’ में बतौर कोच लगभग 50 खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। वे मिस्टर छत्तीसगढ़, सीनियर नेशनल और पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में भी मेडल जीत चुके हैं।

वेटलिफ्टर दीपाली सोनी

76 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली कबीरधाम जिले की दीपाली सोनी कबीरधाम की पहली महिला वेटलिफ्टर बनी हैं। जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर इतिहास रच दिया। दीपाली सोनी अपना अनुभव साझा करती हुए कहती है कि नेपाल की यात्रा मेरे लिए बेहद प्रेरणादायक रही। पहली बार विदेश जाकर खेलना और तिरंगा लहराना एक सपना था, जो पूरा हुआ। मुझे खुशी है कि अब जिले की अन्य बेटियां भी वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा लेंगी।” दीपाली पहले भी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं।

वेटलिफ्टर अभिषेक तिवारी

67 किलोग्राम वर्ग के सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में अभिषेक तिवारी ने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी कड़ी मेहनत का शानदार उदाहरण पेश किया। अभिषेक तिवारी कहते हैं कि जब मेरे गले में मेडल आया, तो मुझे अपने माता-पिता, गुरुजी और पूरे जिले की मेहनत याद आई। नेपाल में रहना, वहां के खिलाड़ी और माहौल सभी कुछ नया था, लेकिन हमने भारत का झंडा ऊंचा रखने का संकल्प लिया था।

वेटलिफ्टर अनुराग जांगड़े

सिर्फ 14 वर्ष की उम्र में 109 किलोग्राम वर्ग में सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग में गोल्ड जीतने वाले अनुराग जांगड़े ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। अनुराग जांगड़े ने अपनी कैरियर की पहली विदेश यात्रा में मिले उपलब्धियों की खुशी जाहिर करते हुए कहा कि “मैं बहुत खुश हूं कि इतनी छोटी उम्र में देश के लिए स्वर्ण पदक जीत पाया। यह सब मेरे कोच सूरज सर की वजह से संभव हुआ, जिन्होंने हमें दिन-रात निःस्वार्थ भाव से मुझे तैयार किया।” विदेश में राष्ट्रीय ध्वज लहराने की खुशी में शब्दों में बयां नही कर सकता।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर आत्मीय स्वागत

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जगदलपुर पहुंचने पर मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। साय दो दिवसीय बस्तर प्रवास पर जगदलपुर पहुंचे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी पहुंचे।


मुख्यमंत्री साय बस्तर के विकास के लिए रोडमैप तैयार करने हेतु वहां के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विचार मंथन करेंगे। बस्तर में कृषि पशुपालन, मछली पालन को बढ़ावा देने के साथ ही बस्तर में औद्योगिकीकरण और रोजगार के अवसरों के निर्माण और पर्यटन विकास की संभावनाओं के साथ ही युवाओं के रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास से संबंधित कार्ययोजना पर चर्चा करेंगे। अगले दिन मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर संभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे।

मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री साय का वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर किरण देव, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर संजय पाण्डे सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया।

प्रदेश में वन आधारित पर्यटन और जल आधारित पर्यटन को दिया जाए बढ़ावा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। छत्तीसगढ़ को देश के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए पर्यटन, वन और जल संसाधन विभाग एकीकृत कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन आधारित पर्यटन, महानदी, इन्द्रावती नदियों प्रदेश के प्रमुख बांधों में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए। प्रदेश की शक्ति पीठों में पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएं। मुख्यमंत्री ने प्रमुख पर्यटन स्थलों में आस-पास के स्थलों को शामिल कर पर्यटन सर्किट और कारीडोर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने केन्द्र सरकार से सहायता के लिए प्रदेश की पर्यटन परियोजनाओं के नये प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए।


 
मुख्यमंत्री  साय मंत्रालय महानदी भवन में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के किए जा रहे कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में ईको टूरिज्म, एथेनिक टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, हेरीटेज टूरिज्म, वन्य जीव पर्यटन, वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाए। 

टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों और जाने-माने होटल संस्थानों का लिया जाए सहयोग 

 मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, गुरू घासीदास तमोर पिंगला राष्ट्रीय उद्यान, बारनवापारा अभ्यारण, अचानकमार अभ्यारण्य, टाटामारी व्यू प्वाइंट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ उस क्षेत्र के समीप स्थित छोटे-छोटे पर्यटन स्थलों को सम्मिलित कर सर्किट और कारीडोर विकसित करने के लिए योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के धार्मिक महत्व, ऐतिहासिक महत्व और पुरातात्विक और नैसर्गिक महत्व के स्थलों को चिन्हांकित कर पर्यटन की दृष्टिकोण से बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने ईको टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों और जाने-माने होटल संस्थानों के साथ बैठक कर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने की संभावनाओं की भी तलाश की जानी चाहिए।

वाटर स्पोर्ट्स को दिया जाएगा बढ़ावा

 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में जल क्रीडा गतिविधियों के विकास के लिए भी काफी संभावनाएं हैं। हमारी सरकार ने धमतरी में गंगरेल बांध, महासमुंद के कोडार बांध, कोरबा के मिनी माता हसदेव बांगो बांध, सरोदा बांध, बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात में वाटर बोटिंग के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। इन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की विभिन्न नदियों, बांधों में भी स्थल चिन्हांकित कर वाटर स्पोर्ट्स के रूप में विकसित किया जाए।

बस्तर, चम्पारण, मधेश्वर मयाली, भोरमदेव में पर्यटन कारीडोर होंगे विकसि

 
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि बस्तर में चित्रकोट जलप्रपात, दंतेवाड़ा, ढोलकल, टाटामारी, बारसूर, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में तीरथगढ़, कुटुमसरगुफा, धुडमारास, तामड़ा घूमर, महेन्द्रिघूमर जलप्रपात को शामिल कर बस्तर कारीडोर विकसित किया जाए। इसकी राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग की जाए। इसी तरह जशपुर जिले में मधेश्वर मंदिर, मायली लेक, कैलाश गुफा को शामिल कर कारीडोर बनाया जाए। उन्होंने महाप्रभु वल्लाभार्च की प्राकट्यभूमि चम्पारण में गुजराती पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं, यहां शादी-विवाह जैसे आयोजन भी होते हैं। इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाए तथा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। 
 
बैठक में स्वदेश दर्शन और प्रयाद योजना के तहत प्रदेश में संचालित विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेश दर्शन के तहत भोरमदेव कारीडोर के लिए 145 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे धार्मिक और नैसर्गिंग स्थलों को जोड़कर पर्यटन की दृष्टिकोण से बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी को विकसित करने के लिए फिल्म जगत के लोगों से मार्गदर्शन लिया जाए। नवा रायपुर में हमारी सरकार द्वारा चित्रोत्पला फिल्म सिटी बनायी जा रही है। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा 95 करोड़ रूपए की स्वीकृति मिली है। 

पर्यटन को उद्योग का दर्जा

 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है। इन क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए अनुदान का प्रावधान भी किया गया है, जिससे निवेशकों के सहयोग से पर्यटन अधोसंरचना का विकास हो सके। राष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों से संपर्क कर इन संभावनाओं का भी दोहन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सालाना 2 करोड़ पर्यटक पर्यटन स्थलों में आते हैं। मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को नियमित रूप से रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य ये होम स्टे सहित छोटे-छोटे कुटीर उद्योग पर भी लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्रों के ग्रामीणों में होम स्टे व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित भी करना चाहिए। 
 
बैठक में मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव  अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत,  बसवराजु एस., उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय नवा रायपुर स्थित बीओसी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से 44 हजार 940 श्रमिको को 15.37 करोड़ रूपये डी.बी.टी. के जरिये श्रमिकों के बैंक खाते में अंतरित की।


 
मुख्यमंत्री  साय ने पदभार ग्रहण करने पर डॉ. रामप्रताप सिंह को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल श्रमिक हित में बेहतर कार्य करेगा। श्रम मंत्री  देवांगन ने कार्यक्रम में श्रमिकों को राशि अंतरण के मौके पर कहा कि, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव की सरकार में प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों का लगातार योजनाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनो के बेहतरी के लिये कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिये लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। बीते सवा साल में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 500 करोड़ रूपये श्रमिकों के बैंक खाते में अंतरित किये जा रहे है।
 
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  अरूण साव, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन, स्वास्थ मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन मंत्री  केदार कश्यप खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल रमेश बैस (पूर्व राज्यपाल), विधायक  धरमलाल कौशिक, रायमुनि भगत, पुरन्दर मिश्रा अनुज शर्मा श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, सचिव सह श्रमायुक्त, अलरमेलमंगई डी., छ.ग.भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव,  गिरीश कुमार रामटेके, अपर श्रमायुक्त  एस.एल.जांगड़े एवं सविता मिश्रा सहित निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यगण के साथ-साथ श्रमिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
 
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं के अंतर्गत डी.बी.टी. के माध्यम से अंतरित की गई राशि में निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना के तहत 30,585 श्रमिकों को 04 करोड़ 05 लाख 25 हजार रूपये, मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 1055 श्रमिकों को 02 करोड़ 11 लाख, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 3480 श्रमिकों को 52 लाख 19 हजार 500, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत 32 श्रमिको को 32 लाख, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 102 श्रमिको के उत्तराधिकारी को 01 करोड़ 10 लाख, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 70 हितग्राहियों 12 लाख 60 हजार 595, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 2461 श्रमिकों के पुत्रियों को 4 करोड़ 92 लाख, 20 हजार, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 4237 हितग्राहियों को 87 लाख 25 हजार, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के तहत 1048 श्रमिको को 36 लाख 19 हजार 780, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत 177 हितग्राहियों को 35 लाख 40 हजार, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 1687 श्रमिकों को 62 लाख 48 हजार 782, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के अंतर्गत 05 हितग्राहियो को 39 हजार 500 रूपये  एवं  निर्माण श्रमिको के बच्चे हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के 01 हितग्राही को 50 हजार रूपये शामिल है।

तकनीक से तालमेल ही सफलता की कुंजी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उद्यमिता और नवाचार पर दिया जोर

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 रायपुर : उद्यम के लिए बदलती हुई तकनीक से तालमेल बहुत जरूरी है। समय के साथ तकनीक में बहुत तेजी से बदलाव हो रहा है। जो उद्यम तकनीक के साथ खुद को अपडेट नहीं करते, वे पीछे रह जाते हैं। आज नई तकनीक को अपनाकर ही सफलता के मानदंडों पर खरा उतरा जा सकता है। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में भी टेक्नोलॉजी की बड़ी भूमिका होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित आईआईटी भिलाई एंड छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री कान्क्लेव : विजन विकसित भारत 2047 में उद्यमियों, प्रोफेसर्स और आईआईटी भिलाई के छात्रों को संबोधित करते हुए यह बात कही।


दंतेवाड़ा में रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए एमओयू सम्पन्न

आईआईटी भिलाई एंड छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री कान्क्लेव में दंतेवाड़ा में रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए आईआईटी भिलाई और दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के मध्य एमओयू भी संपादित किया गया। यह कॉन्क्लेव शिक्षा जगत के सहयोग से क्षेत्रीय उद्योगों की तकनीकी उन्नति और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अहम : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुझे हार्दिक खुशी है कि आईआईटी भिलाई द्वारा ‘विजन विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ इंडस्ट्रीज कान्क्लेव किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का जो सपना देखा है, उसे साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम सबको मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ के लिए योगदान देना है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर लिहाज से समृद्ध है। यहां वन संपदा और खनिज संसाधन भरपूर हैं। हमारा प्रदेश ‘धान का कटोरा’ कहलाता है और यहां के किसान मेहनतकश हैं।

विजन 2047 डॉक्यूमेंट और नई औद्योगिक नीति 2024-30 लागू

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के लिए राज्य सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है और नई औद्योगिक नीति 2024-2030 लागू की गई है।

इस नीति में सभी वर्गों को विकास में भागीदार बनाया गया है, जिसमें अनुसूचित जाति, जनजाति, दिव्यांगजन सहित अन्य वर्गों को विशेष सहूलियत दी गई है। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष फोकस है। बीस्पोक पॉलिसी और सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस नई नीति को लेकर निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

निवेशकों की बढ़ती रुचि, मिले 3700 करोड़ के प्रस्ताव

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि निवेशक अब छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित हो रहे हैं। हाल ही में बंगलुरु में आयोजित इन्वेस्ट कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ को 3700 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।नई दिल्ली और मुंबई में भी इन्वेस्ट कनेक्ट मीट आयोजित की गई, जिनमें निवेशकों ने छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्साह दिखाया है।

ग्रीन एनर्जी, टेक्सटाइल और आईटी सेक्टर में बढ़ते कदम

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्रीन एनर्जी पर विशेष जोर दे रहे हैं।छत्तीसगढ़ सरकार भी इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।इसके साथ-साथ टेक्सटाइल और आईटी क्षेत्र में भी निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि औद्योगिक विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तीव्र गति से आगे बढ़ेगा।

स्किलिंग पर विशेष ध्यान, युवाओं को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ कौशल उन्नयन पर भी राज्य सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है, ताकि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।

इस अवसर पर आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रोफेसर श्री राजीव प्रकाश, सीआईआई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष संजय जैन, श्री अमर परवानी, आईआईटी भिलाई के प्रोफेसर व छात्रगण सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

बगिया में बिखरे रंग : CM साय ने अपने गृह ग्राम में ग्रामीणों संग हर्षोल्लास से मनाई होली, मुख्यमंत्री से मिलने उमड़ा जनसैलाब

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने होली के रंगों में सराबोर अपने गृह ग्राम बगिया में ग्रामीणों के साथ आत्मीयता से होली का पर्व मनाया। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने और होली की शुभकामनाएं देने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी का गर्मजोशी से स्वागत किया, गुलाल लगाया और पर्व की शुभकामनाएं दीं।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द्र और आपसी मेलजोल का उत्सव है। यह पर्व हमें हर भेदभाव भूलाकर एकता और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं पर भी चर्चा की।


होली के इस उल्लासमय अवसर पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के साथ खुशियों के रंग बांटे, पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया और इस पर्व को सामाजिक सौहार्द्र और उल्लास के साथ मनाया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में नितेश कच्छप और उनकी टीम ने होली के पारंपरिक लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे पूरा माहौल रंगीन और संगीतमय हो गया।

कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण, पत्रकार बंधु और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध हो रही कड़ी कार्रवाई

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 रायपुर :   मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विकास कार्यों में अनियमितता और लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही करते हुए जीरो टॉलरेंस का परिचय दिया है। राज्य शासन ने सड़क निर्माण और ओवरब्रिज मरम्मत कार्य में गड़बड़ी, लापरवाही, गुणवत्ताहीन कार्य और अनियमितता पर सख्ती बरतते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध बीजापुर से लेकर रायपुर तक कड़ी कार्रवाई की है।


राज्य शासन ने बीजापुर में सड़क निर्माण में गड़बड़ी, भ्रष्टाचार, मिलीभगत, शासकीय राशि के अपव्यय और गुणवत्ताहीन कार्यों के दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर के साथ ही निलंबन की भी कार्रवाई की है। एक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। वहीं रायपुर में मोवा ओवरब्रिज की मरम्मत में अमानक एवं गुणवत्ताहीन कार्य और अनियमितता पर पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है।


राज्य में भ्रष्टाचार और गडबड़ी पर जीरो टॉलरेंस पर अमल करते हुए सरकार ने आज कई अधिकारियों के विरूद्ध बड़ी कार्रवाई की है। बीजापुर में आर.आर.पी.-1 (एल.डब्ल्यू.ई.) योजना के अंतर्गत 54.40 किमी लंबाई के अति महत्वपूर्ण प्रगतिरत नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य के संबंध में गठित जाँच दल से प्राप्त प्रतिवेदन में पाई गई गड़बड़ियों के गंभीर होने एवं संबंधित अधिकारियों के मिलीभगत होने के कारण सड़क निर्माण में शासकीय राशि के अपव्यय, गबन, त्रुटिपूर्ण मूल्यांकन प्रतिवेदन देने एवं ठेकेदार/निर्माण एजेंसी के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य हैं। राज्य शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य में गड़बड़ियों, गंभीर भ्रष्टाचार, मिलीभगत कर शासकीय राशि के अपव्यय एवं जानबूझकर गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य किए जाने के कारण तत्कालीन कार्यपालन अभियंता  बी.एल. ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी  आर.के. सिन्हा और उप अभियंता  जी.एस. कोड़ोपी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं अन्य सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराकर तत्काल लोक निर्माण विभाग को सूचित करने के निर्देश बस्तर परिक्षेत्र, जगदलपुर के मुख्य अभियंता को दिए हैं।

नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य के संबंध में गठित जाँच दल द्वारा बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एवं बस्तर मंडल के अधीक्षण अभियंता के साथ विगत 8 जनवरी और 9 जनवरी को कार्यस्थल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई कमियां पाई गईं। मार्ग के निर्माण कार्य में 29.00 किमी से 32.00 किमी एवं 50/10 तक कुल 4.20 किमी बी.टी. (OGPC+SEAL COAT) कार्य में अधिकांश जगह सील कोट (SEAL COAT) उखड़ गए हैं, जो डी.एल.पी. 06/2025 तक में है। किमी 41/2 से 50/10 मार्ग के विभिन्न फर्लांग (Furlong) में 41/10, 42/2, 42/6, 42/8, 42/10, 43/2, 43/4, 43/8, 44/6, 44/8, 45/4, 45/6, 45/8, 45/10, 46/6, 47/2, 47/10 एवं 50/8 सड़क सतह सिंक पोथोल्स (SINK POTHOLES) उत्पन्न हो गए हैं, जो डी.एल.पी. 06/2025 तक में है। किमी 28/4, 30/6 एवं 40/2 में पुल के एप्रोच स्लैब अपर्याप्त मोटाई (Inadequate Thickness) एवं बिना रिइनफोर्समेंट (Reinforcement) के बैक फीलिंग मटेरियल (Back filling material) के कमजोर कॉम्पेक्शन (Poor compaction) होने से सेटल्ड (Settled) हो गया है। इस प्रकार निर्धारित मानक एवं मापदण्ड का पालन किए बिना ही कार्य कराया जाकर अनुविभागीय अधिकारी एवं उप अभियंता द्वारा अधिकार का दुरूपयोग कर अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में अनियमितता बरती गई है। इस पर कठोर कार्रवाई करते हुए विभाग ने अनुविभागीय अधिकारी श्री आर.के. सिन्हा, और उप अभियंता श्री जी.एस. कोड़ोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय नवा रायपुर स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

लोक निर्माण विभाग ने नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य में निर्धारित मानक एवं मापदण्ड का पालन किए बिना ही कार्य कराए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता को गंभीर कदाचार मानते हुए बीजापुर के सेवानिवृत्त प्रभारी कार्यपालन अभियंता  बी.एल. ध्रुव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें जारी नोटिस में विभाग ने कहा है कि क्यों न उक्त कृत्य के लिए आपके विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। उन्हें इस संबंध में अपना लिखित प्रतिवाद नोटिस प्राप्ति के 15 दिवस की समयावधि में प्रस्तुत करने को कहा गया है। लिखित प्रतिवाद निर्धारित समयावधि में प्राप्त नहीं होने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।

मोवा ओवरब्रिज मरम्मत कार्य में गडबड़ी पर पांच अधिकारी निलंबित, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्य का निरीक्षण कर जांच के दिए थे आदेश

लोक निर्माण विभाग ने रायपुर के मोवा रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत में अमानक एवं गुणवत्ताहीन कार्य तथा अनियमितता पर भी बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद विभाग ने पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

ओवरब्रिज में डामरीकरण कार्य में शिकायतों का संज्ञान लेकर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव ने कार्य का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर गुणवत्ताहीन कार्य/खराबी पाई थी। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सेतु परिक्षेत्र, रायपुर के मुख्य अभियंता द्वारा केन्द्रीय गुणवत्ता एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, लोक निर्माण विभाग, रायपुर से जांच प्रतिवेदन प्राप्त की गई, जिसमें औसत बिटुमिन कंटेंट, कंबाईन्ड डेन्सिटी, मटेरियल के ग्रेडेशन मानक स्तर से कम पाया गया। इ

स प्रकार अमानक स्तर एवं गुणवत्ता के मापदण्डों का पालन किए बिना ही डामरीकरण का कार्य कराया जाकर कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी एवं उप अभियंताओं द्वारा अधिकार का दुरूपयोग कर अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में अनियमितता बरती गई है। इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग ने कार्यपालन अभियंता  विवेक शुक्ला, अनुविभागीय अधिकारी  रोशन कुमार साहू तथा उप अभियंता श्री राजीव मिश्रा,  देवव्रत यमराज और  तन्मय गुप्ता को निलंबित किया है। निलंबन अवधि में इन सभी का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छ भारत मिशन की संकल्पना छत्तीसगढ़ में हो रही है साकार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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 रायपुर : हमारे देश के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत जिस उद्देश्य के साथ की थी, वह छत्तीसगढ़ में  अब साकार हो रहा है। स्वच्छता को लेकर जनमानस में व्यापक चेतना आई है और करोड़ों परिवारों में शौचालयों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और इच्छा शक्ति से यह संभव हो पाया है।हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के स्वच्छ एवं विकसित राष्ट्र का संकल्प छत्तीसगढ़वासियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है।   


इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमारा प्रदेश हर दिन नये पड़ावों को पार करता हुआ छत्तीसगढ़ को ओडीएफ प्लस मॉडल राज्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।    यह सिर्फ एक लक्ष्य नहीं है स्वच्छता की जीवन शैली है, जिससे हमारा विकास होगा, देश का विकास होगा। अब तक हमारे प्रदेश के 5 जिले, 58 विकासखंड और 16 हजार से अधिक गांव ओडीएफ प्लस मॉडल हो चुके हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्वच्छता को बढ़ाने के उद्देश्य से आज अपने निवास परिसर से 10 डी-स्लज वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते समय यह बात कही।


मुख्यमंत्री  साय ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत किए गए पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश के 10 विभिन्न जिलों के ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिवों को डी-स्लज वाहनों की चाबी और दस्तावेज सौंपे। उल्लेखनीय है कि इन वाहनों का उपयोग गांवों में घरों से मल निकालने और उसे सुरक्षित तरीके से निपटाने के लिए किया जाएगा।

 इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह पहल स्वच्छता और स्वास्थ्य सुधार की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी के कारण फैलने वाली बीमारियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने जनता से भी स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग की अपील की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किए जा रहे हैं, जो मल-मूत्र प्रबंधन को सुदृढ़ करेंगे और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि इस नई पहल के तहत राज्य सरकार स्वच्छता अभियानों को और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

  गांव के विकास में सरपंच की भूमिका अहम, मुख्यमंत्री ने बताया अपना अनुभव

   मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि गांव के विकास में सरपंच की भूमिका सबसे अहम है। मैं पहले पंच रहा, फिर अच्छा काम करने की वजह से मुझे निर्विरोध सरपंच भी चुना गया। उन्होंने कहा कि यह बताने की वजह सिर्फ एक ही है कि ग्राम पंचायत विकास की सबसे प्राथमिक कड़ी है और पंच तथा सरपंच यदि अपने अधिकार और जिम्मेदारियों के प्रति सजग होंगे तो गांव की तस्वीर बदलने में समय नहीं लगेगा।  

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता को व्यापक रूप से लागू करने के लिए लगातार प्रयासरत है। डी-स्लज वाहनों के मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने डी स्लज वाहनों की आवश्यकता और उपयोगिता पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।

 गौरतलब है कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) शासन का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है और छत्तीसगढ़ स्वच्छता कार्यक्रमों में सदैव अग्रणी रहा हैं। मिशन के फेज 1 में प्रदेश ने 32 लाख से भी अधिक शौचालयों का निर्माण कर राष्ट्रीय लक्ष्य को समय पूर्व प्राप्त कर खुले में शौचमुक्त राज्य होने का कीर्तिमान रचा। मिशन के फेज- 02 में ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल राज्य के तौर पर स्थापित होने के क्रम में प्रदेश के 05 जिले दुर्ग, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, जांजगीर-चांपा एवं धमतरी जिले के 57 विकासखंड तथा 16 हजार से अधिक गांव ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल हो चुके हैं। इसी कड़ी में शौचालयों से निकलने वाले मल के सही निपटान के उ‌द्देश्य के साथ प्रदेश के सभी जिलों में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। इन फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट में आसपास के गांवों के सेप्टिक टैंक से निकलने वाले मल को उपचारित किया जाएगा। सेप्टिक टैंक भरने पर संबंधित परिवार या संस्थान इन प्लांट से संपर्क कर टैंक खाली करने के लिए डी-स्लज वाहन बुलवाएंगे, जिसके लिए दूरी के आधार पर उचित उपभोक्ता शुल्क का निर्धारण किया जावेगा। वर्तमान में प्रदेश मे 19 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण हो चुका है।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ग्राम पंचायत बिरकोनी जिला महासमुन्द, ग्राम पंचायत टेमरी जिला रायपुर, ग्राम पंचायत सारंगपुर कला जिला कबीरधाम, ग्राम पंचायत गम्हरिया जिला जशपुर, ग्राम पंचायत कोतरी जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, ग्राम पंचायत लगरा जिला जांजगीर-चांपा, ग्राम पंचायत परसदा वेद जिला बिलासपुर, ग्राम पंचायत रूदा जिला बालोद, ग्राम पंचायत झझपुरी कला जिला मुंगेली, ग्राम पंचायत पथरिया जिला दुर्ग को डी स्लज वाहन हस्तांतरित किया।  इस अवसर पर  विधायक गुरु खुशवंत साहेब, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, मिशन संचालक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) जयश्री जैन, आईसीआईसीआई बैंक के स्टेट हेड  विवेकानंद दुबे, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अधिकारी कर्मचारी  उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय के प्रयासों से बेहतर हुई जिले की स्वास्थ्य सुविधाएं, कैंसर के इलाज में कर्ज बोझ तले दबा था राम प्यारे का जीवन, दीर्घायु वार्ड में मिला निःशुल्क उपचार

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रयासों से छत्तीसगढ़ के शासकीय अस्पतालों की सुविधाओं में लगातार विस्तार हो रहा है । मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से राज्य के मरीजों का विश्वास सरकारी अस्पतालों के प्रति मजबूत हुआ है। जशपुर के रामप्यारे और दीनदयाल स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर अपनी कहानी बयान कर रहे हैं।



राम प्यारे को दीर्घायु वार्ड में मिला निःशुल्क उपचार

कैंसर का उपचार कराने में मेरी पूरी जमा पूंजी खत्म हो गयी घर बेचने तक की नौबत आ गयी, ऐसे में जिला अस्पताल का दीर्घायु वार्ड मेरे लिए संकटमोचक बना जहां मुझे निःशुल्क उपचार के साथ दवाइयां भी मिल रहीं हैं। ये कहना है राजापारा निवासी 60 वर्षीय रामप्यारे राम का। राम प्यारे शासकीय मॉडल स्कूल में भृत्य के पद पर कार्यरत हैं। कई सालों से उनके पेट में दर्द एवं जलन की शिकायत थी। प्रारम्भ में जब राम प्यारे ने अम्बिकापुर में निजी अस्पताल में जांच कराई तो पेट में अल्सर होने की बात कह कर चिकित्सकों ने ईलाज प्रारम्भ किया। दो साल तक उपचार होने के बाद आराम ना मिलने पर उन्होंने रायपुर के निजी अस्पताल में अपने ईलाज कराया। जांच में पता चला कि उन्हें अमाशय का कैंसर है। वहां से दूसरे निजी अस्पताल रेफर किया गया। जहां उनका एक साल तक उपचार चला। इस ईलाज में उनकी घर की सारी जमा पूँजी खत्म हो गयी। स्थिति ऐसी बनी कि उन्हें अपना घर बेचने तक की नौबत आ गयी थी। वे कर्ज के बोझ तले दबते चले गए। बच्चों ने जहां से बन पड़ा कर्ज लेकर ईलाज कराने की कोशिश की।


          ऐसे में उन्हें जिला अस्पताल में निःशुल्क उपचार के संबंध में जानकारी मिली। उन्होंने यहां पर अपना उपचार कराना प्रारम्भ किया। अब उन्हें ईलाज के लिए बार बार रायपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। राम प्यारे बताते हैं कि उनके ईलाज में प्रति माह 90 हज़ार से 1 लाख तक हो जाते थे। ऊपर से आने जाने और अन्य खर्चें अलग से करना पड़ता था। यहां पर उपचार निःशुल्क हो जाता है और कहीं जाने के खर्च की भी जरूरत नहीं पड़ती। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं शासन का धन्यवाद दिया।

दीनदयाल की परेशानी में आशा की राह बना दीर्घायु वार्ड

कांसाबेल के कैंसर पीड़ित मरीज दीनदयाल यादव ने बताया कि उन्हें सितम्बर 2023 से कई शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पहले जब जांच कराई तो हैड्रोसिल की समस्या का पहचान कर उसका ईलाज किया गया। पर शारीरिक व्याधि फिर भी बढ़ती रही पेट में सूजन हो गया। एक दिन वे घर पर काम करते हुए बेहोश हो गए तो 2-3 दिनों तक बेहोशी की हालत में कुनकुरी में ईलाज चलता रहा। जहां बीमारी का ज्ञान ना होने पर अम्बिकापुर में भी जांच हुई तो चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज रायपुर जाने की सलाह दी। जहां पर चिकित्सकों की जांच में किडनी का कैंसर होने की बात सामने आई।

घर में राजमिस्त्री का कार्य कर पूरे घर की जिम्मेदारी अपने ऊपर उठाने वाले दीनदयाल की इस हालत से पूरे परिवार में डर का माहौल फैल गया था, पर डॉक्टरों ने समझाया की उन्हें आर्थिक बोझ ना हो इसके लिए वे अपने जिले में ही इसका उपचार करा सकते हैं। जब वे जशपुर आये तो दीर्घायु वार्ड में उनका निःशुल्क उपचार आयुष्मान कार्ड योजना द्वारा प्रारम्भ हुआ। दीनदयाल का जहां बिस्तर से उठना बोलना भी दूभर हो गया था। अब धीरे-धीरे वह ठीक होने लगे हैं वे अब खुद उठ कर बैठने की अवस्था में आ गए हैं। इसके लिए दीनदयाल एवं उनकी पत्नी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को किया स्मृतिचिन्ह भेंट

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज सर्किट हाउस जगदलपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को स्मृति चिन्ह के रूप में धनुष बाण भेंट किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री  विजय शर्मा उपस्थित थे।


न्योता भोज कार्यक्रम : पोषण और शिक्षा का आदर्श संगम, महासमुंद जिले में 507 न्योता भोज आयोजित, 29251 विद्यार्थी हुए शामिल

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 महासमुंद : नेवता भोज कार्यक्रम सामुदायिक सहभागिता से समरसता की ओर एक बेहतर और अनूठा पहल है। इससे समाज और शिक्षा का तालमेल बेहतर होते दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मंशानुरूप 16 फरवरी से शुरू हुई इस योजना से पालक से दानदाताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों द्वारा स्कूलों में जाकर अपने बच्चों के साथ स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चों के संग खुशियां बांट रहे हैं। महासमुंद जिले में बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक नई पहल ने न केवल उनके पोषण स्तर को सुधारा है, बल्कि शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता के महत्व को भी बढ़ाया है।


प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत चलाए जा रहे “न्योता भोजन“ कार्यक्रम ने बच्चों और समुदाय के बीच एक गहरी सकारात्मक छाप छोड़ी है। “न्योता भोज“ कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास को गति मिले। इस कार्यक्रम में दानदाताओं, सामाजिक संगठनों, और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर स्कूलों में विशेष भोजनों का आयोजन किया, जिसमें बच्चों को न केवल पोषक आहार मिला, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के महत्व पर भी जागरूक किया गया।

महासमुंद जिले में 507 बार आयोजित इस कार्यक्रम से कुल 29,251 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया। बागबाहरा विकासखंड में 238 आयोजनों में 13,484 बच्चों को पोषक आहार प्रदान किया। सरायपाली में 70 आयोजनों के माध्यम से 4,406 छात्रों ने लाभ उठाया। इसी तरह, पिथौरा, बसना, और महासमुंद विकासखंडों में क्रमशः 45, 60, और 94 आयोजन सफलतापूर्वक किए गए।

“न्योता भोज“ की सफलता का सबसे बड़ा कारण सामुदायिक सहभागिता रही। इसमें दानदाताओं, जनप्रतिनिधियों, और समाज के गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस पहल ने यह दिखाया कि जब समाज और प्रशासन एक साथ काम करते हैं, तो बड़े बदलाव संभव हैं। इसे सामाजिक समरसता की ओर बढ़ते कदम के रूप में देखा जा रहा है।

इस कार्यक्रम ने न केवल बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया, बल्कि उनमें शिक्षा के प्रति रुचि और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई। बेहतर पोषण से बच्चों की पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में सुधार हुआ और उनके शारीरिक विकास को भी बढ़ावा मिला। “न्योता भोज“ ने साबित कर दिया है कि सही सोच और सामूहिक प्रयासों से किसी भी चुनौती का समाधान संभव है। यह कार्यक्रम न केवल बच्चों को बेहतर जीवन देने की दिशा में कदम है, बल्कि समाज में एकता और सहभागिता का प्रतीक भी बन गया है।

 

विष्णु के सुशासन में खुड़िया दंपत्ति का जीवन हुआ खुशहाल

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 रायपुर  : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के सुशासन में खुड़िया दंपत्ति का जीवन आसान और खुशहाल हो गया है। सारंगढ-बिलाईगढ़ जिले के वनांचल ग्राम कनकबीरा में रहने वाले बुजुर्ग दंपत्ति देवानंद और गजनी खुड़िया को अब एक साथ कई योजनाओं का लाभ मिल रहा है। साय सरकार की ओर से उन्हें पीएम आवास योजना से पक्का मकान भी मिल गया है। 


 
खुड़िया दंपति ने बताया कि पहले उनका परिवार मिट्टी के कच्चे मकान में गुजर बसर कर रहा था। वन क्षेत्र होन के कारण यहां अक्सर तेज बारिस होती है, जिसके कारण हमेशा मकान को क्षति पहुंचने का डर लगा रहता था। वन क्षेत्र और कच्चा होने के कारण हाथियों द्वारा नुकसान पहुंचाने का भय रहता था। उन्हें पीएम आवास के माध्यम से पक्का मकान मिलने से अब बारिश और जंगली जानवरों का भय की चिन्ता दूर हो गई है। उनका पक्का मकान का सपना भी पूरा हो गया है। उन्होंने बताया कि साय सरकार द्वारा उन्हें राशन कार्ड से प्रति माह 35 किलो चावल भी मिल रहा है। सामाजिक वृद्धा पेंशन से देवानंद को 500 पेंशन और महतारी वंदन योजना से गजनी को एक हजार रुपए प्रति माह मिल रहा है। 
 
गौरतलब है कि पहले खुड़िया दंपत्ति का जीवन संघर्षो से भरा था। इनके पास न तो स्वयं की भूमि थी और वृद्ध होने के कारण वे रोजगार करने की स्थिति में नही थे। उनके पास आय का कोई अन्य साधन भी नही था। ऐसे में सरकारी योजनाओं की मदद उनके लिए बहुत काम आई। अब उनका जीवन आसान और खुशहाल हो गया है।

मुख्यमंत्री अपने बचपन के स्कूली शिक्षक से मिलकर हुए भाव विभोर

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय अपने बचपन के स्कूली शिक्षक  राजेश्वर पाठक से मुलाकात कर भाव विभोर हो गए। उन्होंने अपने स्कूल के दिनों को याद किया और अपने शिक्षक का चरण स्पर्श कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरूजनों का ही आशीर्वाद है कि मैं यहां तक पहुंच पाया हूँ ऐसा कहते हुए उन्होंने अपने शिक्षक से फिर से आशीर्वाद मांगा और उनके शिक्षक ने भी पूरे दिल से आशीर्वाद दिया।


 मुख्यमंत्री  साय को स्कूल पढ़ाने वाले 94 वर्षीय शिक्षक श्री राजेश्वर पाठक ने बताया कि जब वे लोयला उच्चतर माध्यमिक शाला कुनकुरी में पढ़ाया करते थे तब मुख्यमंत्री  साय छात्र हुआ करते थे। वे बचपन से ही बहुत प्रतिभावान, आज्ञाकारी और विनम्र स्वाभाव के थे। सौम्यता और सरलता उनकी विशिष्ट पहचान थी। जब वे सांसद थे तब भी और मुख्यमंत्री बनने के बाद, जब भी वे मिले तो उनमें वही विनम्रता और वही सम्मान का भाव दिखा जो अद्भुत है।

राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री आज अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल

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 रायपुर :  राज्यपाल  रमेन डेका और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का हेलीपैड पर जोरदार स्वागत किया गया। राज्यपाल  डेका और मुख्यमंत्री  साय दो अलग अलग हेलीकॉप्टर से पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विवि हेलीपैड पहुंचे। अटल बिहारी बाजपेई विश्वविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे।


हेलीपैड पर केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  अरूण साव, विधायक धरमलाल कौशिक,  अमर अग्रवाल,  सुशांत शुक्ला, अटल विवि कुलपति एडीएन बाजपेई,आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनीश सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों और अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

 राज्यपाल  रमेन डेका  सवेरे 11.00 बजे से लेकर 12.00 बजे तक दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। समारोह के बाद दोपहर 12.00 बजे न्यू सर्किट हाउस पहुंचेंगे। दोपहर 1.30 बजे जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में अधिकारियों की बैठक लेंगे। दोपहर 3.00 बजे पंडित सुन्दर लाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के हेलीपैड से रतनपुर के लिए रवाना होंगे। दोपहर 3.15 बजे रतनपुर पहंुचेंगे और महामाया देवी का दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद शाम 4.05 बजे हेलीपैड से पुलिस परेड मैदान रायपुर के लिए रवाना होंगे।

Chhattisgarh : हरेली के मौके पर साय सरकार की बड़ी सौगात, 535 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पहल पर हरेली तिहार के दिन राज्य के लोगों को एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री की पहल पर राज्य में 535 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गयी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। इन चिकित्सकों की नियुक्ति से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर और गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।


लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा चिकित्सा स्नातक एमबीबीएस पाठ्यक्रम 2018 बैच के चिकित्सा स्नातकों को निष्पादित अनुबंध अनुसार दो वर्ष की संविदा सेवा का अवसर दिया गया है। इन चिकित्सा अधिकारियों में बालोद जिले में 22, बेमेतरा में 10, धमतरी में 6, दुर्ग में 55, गरियाबंद में 6, कबीरधाम में 20, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 8, महासमुंद में 34 चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना की गयी है।

इसी प्रकार मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 3, रायपुर में 42, राजनांदगांव में 22, बलौदाबाजार-भाटापारा में 3, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 15, बिलासपुर में 22, जांजगीर-चांपा में 12, गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही में 4, कोरबा में 32, मुंगेली में 3, रायगढ़ में 42, सक्ती में 1 स्नातक चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति की गयी है।

इसी प्रकार बस्तर में 17, बीजापुर में 5, दंतेवाड़ा में 13, कांकेर में 19, कोण्डागांव में 7, नारायणपुर में 1, सुकमा में 11, बलरामपुर में 19, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 16, जशपुर में 21, कोरिया में 6, सूरजपुर में 6 तथा सरगुजा जिले में 32 स्नातक चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति की गयी है ।


CM विष्णुदेव ने भूतेश्वर महादेव का वीडियो शेयर किया, बोले - भूतेश्वर महादेव की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे

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 रायपुर: भूतेश्वर महादेव का वीडियो  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने शेयर किया है। X पोस्ट में सीएम ने लिखा, पवित्र सावन मास के आठवें दिवस, द्वितीय सोमवार पर गरियाबंद जिले के भूतेश्वर महादेव का वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान भोलेनाथ को किया नमन। पोस्ट में लिखा - पवित्र सावन मास के आठवें दिवस पर आइए जानते हैं गरियाबंद जिले के भूतेश्वर महादेव के बारे में। भूतेश्वर महादेव की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे।


आज सावन का दूसरा सोमवार है। छत्तीसगढ़ के शिवालयों में सुबह से ही महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए लंबी लाइन लगी है। श्रद्धालु जल, बेलपत्र, भांग, धतूरा, शहद, भस्म आदि से पूजा कर रहे हैं। रायपुर के प्राचीन हटकेश्नवरनाथ महादेव में विशेष श्रृंगार किया गया है।

रायपुर के हटकेश्वरनाथ में आज से ऑडियो के रूप में भक्तों की भावनाएं पहुंचने लगी है। इस पहल को एक ऐप के जरिए शुरू किया गया है। रायपुर या देश-दुनिया में कहीं भी मौजूद भक्त कहीं से भी जयकारा, मंत्र या अर्जी टेक्स्ट, वॉयस मैसेज से भेज सकेंगे। यह ‘वायुमंत्रा’ ऐप से ऑपरेट किया जा रहा है, जिसे रायपुर की एक कंपनी ने बनाया है।


जशपुर का मयाली बगीचा देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल, मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री के प्रति जताया आभार

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के मयाली बगीचा को देश के प्रमुख पर्यटन स्थल में शामिल किए जाने तथा स्वदेश दर्शन योजना में जगदलपुर और बिलासपुर को शामिल किए जाने पर केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रति आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार द्वारा सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ मंदिर को  प्रसाद योजना में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। 



जशपुर के मयाली बगीचा को केंद्र सरकार ने देश के उन 42 डेस्टिनेशंस में चुना है, जिन्हें चुनौती मानते हुए विकसित किया जाएगा। यह केंद्र के स्वदेश दर्शन 2.0 प्रोजेक्ट का हिस्सा होगा। इसी तरह स्वदेश दर्शन योजना में देशभर के 57 शहरों की पहचान की गई है, जिनमें छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और जगदलपुर को शामिल किया गया है। ये वह शहर हैं, जहां अंतरदेशीय पर्यटन केंद्र विकसित होंगे। इसके लिए 29 प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं, जिनके तहत बिलासपुर और जगदलपुर में भी काम होगा। इसके साथ ही सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ मंदिर समेत देशभर के 29 स्थानों को तीर्थयात्रा के कायाकल्प के लिए प्रसाद योजना में चुना गया है। 

 केन्द्रीय पर्यटन मंत्री  गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कल राज्य सभा में एक अतारांकित प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि इन योजनाओं पर अमल शुरू हो गया है। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत विकास की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और जगदलपुर सहित देश में 57 स्थानों की पहचान की गई है। इस प्रोजेक्ट के तहत 29 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। 

इसी योजना के तहत चुनौती आधारित गंतव्य विकास के लिए देशभर में 42 स्थानों का चयन किया गया है, जिसमें जशपुर का मयाली बगीचा भी है। उल्लेखनीय है कि मयाली बगीचा जशपुर जिले का बेहद खूबसूरत पर्यटन केंद्र माना जाता है। पर्यटन मंत्रालय ने तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक संवर्धन अभियान (प्रसाद) योजना के अंतर्गत विकास के लिए छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ मंदिर को भी चुन लिया है। इसे मिलाकर देशभर में कुल 29 स्थानों का चयन किया गया है, जहां इस योजना के तहत प्रोजेक्ट लाए जा रहे हैं।

Chhattisgarh : झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई, दो क्लिनिक सील

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में स्वास्थ्य मामलों को लेकर लगातार सतकर्ता बरती जा रही है तथा कार्रवाई भी की जा रही है। इसी तारतम्य में  बिलासपुर कलेक्टर  अवनीश शरण के निर्देश पर दो झोलाझाप डाक्टरों की क्लिनिक सील कर दी गई है। एसडीएम कोटा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों क्लिनिकों का आकस्मिक निरीक्षण किया और उसे सील करने की कार्रवाई की। 


 गौरतलब है कि कलेक्टर ने अवैध क्लिनिकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। टेंगनमाड़ा में दीपक गुप्ता का क्लिनिक हैं। यह क्लिनिक धर्मप्रताप पिता विशाल सिंह के मकान में चलाया जा रहा था। दीपक गुप्ता क्लिनिक में नहीं मिले। सरपंच, कोटवार एवं ग्रामीणों ने बताया कि वे गांव में नहीं है। 

बताया गया कि उनके द्वारा किये गये गलत इलाज के कारण लगातार परेशानी हो रही है । इसी प्रकार करगी कला में डॉ. चिरंजित विश्वास के क्लिनिक का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। उनके पास इलाज करने का किसी प्रकार का वैध दस्तावेज नहीं पाया गया। इसलिए उनका क्लिनिक सील कर दिया गया है। कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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