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दाल कारोबारियों के लिए सरकार के नए निर्देश, जिला स्तर पर सख्त निगरानी की जाएगी

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 महासमुंद : भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा दाल के व्यापारियों (मिलर्स, डीलर्स, ट्रेडर्स, स्टॉकिस्ट, आयातक) को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। जिला स्तर पर इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रशासनिक कार्यवाही तेज कर दी गई है।


खाद्य अधिकारी ने बताया कि दाल कारोबारियों को निर्देश दिया गया है कि अरहर और अन्य दालों (काबुली चना को छोड़कर) पर लागू स्टॉक सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यापारी जो अभी तक पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें तत्काल पंजीकरण कराना होगा। साथ ही, अपने स्टॉक की नियमित घोषणा उपभोक्ता मामले विभाग के पोर्टल (fcainfoweb.nic.in@psp) पर दर्ज करनी होगी।
मौजूदा स्थिति के अनुसार, राज्य में लगभग 50% पंजीकृत व्यापारियों द्वारा ही स्टॉक की घोषणा की जा रही है। शेष व्यापारियों को भी नियमित घोषणा करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी व्यापारी का स्टॉक निर्धारित सीमा से अधिक पाया जाता है, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मामला सक्षम अधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा।

जिला स्तर पर निगरानी हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त

दालों की निगरानी और मॉनिटरिंग के लिए श्री मनीष यादव, सहायक खाद्य अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। संपर्क के लिए उनका मोबाइल नंबर +91-9926545105 जारी किया गया है। त्योहारी मौसम में दाल की कीमतों पर अनुचित वृद्धि को रोकने के लिए प्रशासन सक्रिय रूप से सतत निगरानी करेगा।

प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि वे अपने प्रभार क्षेत्र में खुदरा संघों के साथ समय-समय पर बैठकें आयोजित करें। दाल कारोबारियों को पोर्टल पर स्टॉक की घोषणा करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके अलावा, बड़े खुदरा विक्रेताओं द्वारा 30 किलो के थोक पैक में दाल बेचने की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी, ताकि जीएसटी से बचने के प्रयासों को रोका जा सके।

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान का उठाव शुरू

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर किसानों से उपार्जित किए जा रहे धान के उठाव एवं कस्टम मिलिंग के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अब तक 720 मिलर्स से अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कर ली है। उपार्जन केन्द्रों से अनुबंधित मिलर्स द्वारा कस्टम मिलिंग के लिए सीधे धान का उठाव भी शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के परिपालन में खाद्य विभाग द्वारा बीते वर्ष की भांति इस वर्ष भी राज्य में धान खरीदी के साथ-साथ केन्द्रों से उपार्जित के उठाव एवं कस्टम मिलिंग की समानांतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि उपार्जित धान का समय-सीमा में निराकरण हो सके।



राज्य में धान के उठाव, कस्टम मिलिंग एवं सेन्ट्रल पुल में छत्तीसगढ़ के कोटे का चावल समयावधि में जमा कराने को लेकर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलर्स से लगभग सवा महीने पहले से ही कस्टम मिलिंग अनुबंध प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, अब तक राज्य के 720 मिलर्स अनुबंध हो चुका है, शेष मिलरों से अनुबंध की प्रक्रिया जारी है। गौरतलब है कि राज्य में बीते एक नवम्बर से धान खरीदी शुरू कर दी गई है। बीते छह दिनों में राज्य के 37 हजार से अधिक किसानों से 1 लाख 11 हजार 619 मेट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। उपार्जित धान के विरूद्ध कस्टम मिलिंग के लिए अब तक लगभग 13.32 लाख मेट्रिक टन धान की मिलिंग अनुमति एवं 7.93 लाख मेट्रिक टन धान का अनुबंध जारी किया जा चुका है,

जो कि अब तक उपार्जित धान की तुलना में काफी अधिक है। उपार्जित धान के उठाव हेतु डीओ जारी करने एवं धान का उठाव का कार्य भी प्रारंभ किया जा चुका है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए राज्य के 25.89 लाख किसानों का पंजीयन रकबा 31.32 लाख हेक्टेयर है, जो राज्य बनने के बाद से अब तक का सर्वाधिक पंजीयन है। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में राज्य के किसानों के हित में प्रदेश में धान उपार्जन 01 नवम्बर 2022 से शुरू हो चुका है, जो 31 जनवरी 2023 तक अनवरत रूप से जारी रहेगा। प्रदेश में उपार्जित धान के त्वरित उठाव व निराकरण हेतु मिल पंजीयन के संबंध में दिशा-निर्देश भी राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी प्रारंभ होने के पूर्व 27 सितम्बर 2022 को प्रसारित किये गये थे। प्रदेश में धान के उठाव, निराकरण व कस्टम मिलिंग हेतु मिलों के पंजीयन, अनुमति एवं अनुबंध का कार्य भी धान उपार्जन प्रारंभ होने के साथ ही शुरू कर दिया गया है।

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