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जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब सुनाई देता है विकास का शंखनाद - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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 रायपुर : माओवादी खून खराबे और आतंक के पक्षधर हैं, हम विकास और सद्भाव के लिए काम कर रहे हैं। अब बस्तर की तस्वीर तेजी से बदल रही है। जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब विकास का शंखनाद सुनाई देता है। जहां कभी बेकारी और लाचारी थी, वहीं इस जिले के ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। हम माओवाद को जड़ से खत्म करके ही दम लेंगे। हमारे शहीद जवानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे.



मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल बचेली में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास कार्यक्रम  को संबोधित करते हुए यह बात कही। 


मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के सपनों को साकार करने के लिए हम विजन 2047 छत्तीसगढ़ के  अंतर्गत विकासशील छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल, बड़े बचेली में हमने 160 करोड़ रूपये के 501 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया है। इनमें 49 करोड़ रूपये के 367 कार्यों का लोकार्पण और 112 करोड़ रूपये के 134 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। साथ ही इस मौके पर हमने 114 करोड़ रूपये के हितग्राही मूलक कार्यों का चेक और सामग्री का वितरण भी कर रहे हैं। आज जिन बड़े विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ है, उनमें गीदम ब्लाक के छिन्दनार से बड़ेकरका मार्ग पर 33 करोड़ रूपये का पुल, जिले के सभी विकासखंडों में एक करोड़ रूपये से बने पुल-पुलिया, गीदम, कुआकोंडा, कटेकल्याण मार्ग का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण शामिल है।इसके अलावा मोर मकान-मोर आवास के अंतर्गत सवा सात करोड़ रूपये की लागत से 321 हितग्राहियों के लिए बने पक्के मकानों की चाबी भी हमने सौंपी है। जलावर्धन और जलशोधन संयंत्र स्थापना के लिए किरंदुल में करीब 45 करोड़ और बारसूर में 15 करोड़, दंतेवाड़ा में अंतरराज्यीय बस स्टैंड और दंतेवाड़ा जिले के सभी विकासखंडों में आश्रम भवन निर्माण कार्यों के लिए हमने अभी भूमिपूजन किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आप सबको पता है कि हमारी सरकार ने सुशासन के एक साल पूरे कर लिये हैं। इस एक साल के दौरान मोदी जी की गारंटी को हमने पूरी गारंटी के साथ पूरा किया है। हमारी सरकार ने पहली बार बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जिसमें करीब 1 लाख 65 हजार लोगों ने भाग लिया। इस आयोजन की सराहना यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने मन की बात में भी की। हमारी सरकार गांव-गरीब और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को हमारी सरकार 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए प्रति मानक बोरा दे रही है। इससे वनवासियों के जीवन स्तर में बदलाव दिखने लगा है। नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत जिले के चिन्हित सभी 765 किसानों को 48 लाख रूपये का पावर स्प्रेयर, 1 करोड़ 70 लाख रूपये की लागत से पॉवर ट्रिलर जल्द ही वितरण करने की तैयारी कृषि विभाग ने की है। नियद नेल्लानार योजना के तहत 1200 परिवारों को निःशुल्क मोबाइल फोन का वितरण किया जा रहा है। इससे दूरस्थ अंचल के ग्रामीण मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। सुदूर अंचल के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जन सुविधा एक्सप्रेस अभियान के तहत करीब 4 करोड़ रूपये की लागत से 37 वाहन महिला समूहों और युवा संगठनों के माध्यम से संचालित हैं।  

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यहां माता-बहनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति है। यह इस बात का प्रमाण है कि इनके खाते में हर महीने एक-एक हजार रूपये सांय-सांय जा रहा है। अभी हाल ही में हमने इस साल के पहले दिन ही माता-बहनों के खाते में रूपये जमा कराया। इससे महिला सशक्तिकरण को बल मिला है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार गांव-गरीब और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने अंत्योदय के विकास का जो सपना देखा था। उसे हम सब मिलकर पूरा करने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी का सपना है कि कोई भी भारतीय खुले आसमान के नीचे नहीं सोएगा। हर नागरिक का पक्का मकान होगा। इसी कड़ी में हमारी सरकार बनते ही हमने 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने 3 लाख 88 हजार आवासों की स्वीकृति पुनः प्रदान की है।  

मुख्यमंत्री  साय ने आवास प्लस का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में बहुत से लोग आवास योजना के लाभान्वित होने से वंचित हुए थे इसके साथ ही वाहन, आय और भूमि संबंधी अन्य संसाधनों होने के साथ ही वे आवास योजना के दायरे से बाहर में थे उनके लिए आवास प्लस योजना के तहत सर्वे कार्य प्रारंभ किया गया हैं। और शीघ्र ही उन्हें सूची में जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि वहीं 2.5 एकड़ सिंचित एवं 5 एकड़ असिंचित भूमि वाले किसान भी आवास योजना के लाभार्थी होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई संसाधन और सड़कों के रखरखाव पर फोकस करते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाने प्रतिबद्ध है।  

उन्होंने कहा कि दन्तेवाड़ा जिला खनिज सम्पदा और जैविक कृषि में अग्रणी जिला है। अतः क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु राज्य शासन प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही जिले में वन्य प्राणी के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से ’’जू पार्क" (चिड़ियाघर ) का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा जैविक कृषि को महत्व देने के लिए सभी लेम्पस और राशन दुकानों में जैविक खाद उपलब्ध किए जाएंगे। मुख्यमंत्री  साय ने दान-पुण्य के महापर्व छेरछेरा और मकर संक्रांति की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

वनमंत्री  केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में  कहा कि सरकार के एक वर्ष के नेतृत्व में दन्तेवाड़ा जिला प्रगति के पथ पर अग्रसर है । जिले में कई योजनाएं संचालित किए जा रही है जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल साबित होगी। आमसभा में सांसद बस्तर  महेश कश्यप एवं क्षेत्र के विधायक  चैतराम अटामी द्वारा भी जिले के विकास कार्यो पर प्रकाश डाला गया।  इस अवसर पर  डीआईजी  कमलोचन कश्यप, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, एसपी  गौरव राय, डीएफओ  सागर जाधव तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात

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नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पिछले नौ महीनों के दौरान हुए विकास कार्यों की जानकारी दी, जिसमें कृषि, कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में की गई प्रमुख पहलों को रेखांकित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में हाल ही हुए सफल नक्सल ऑपरेशन की जानकारी प्रधानमंत्री से साझा की। प्रधानमत्री ने इस ऑपरेशन की सफलता पर सुरक्षा बलों के साहस की सराहना की। मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आठ लाख आवास स्वीकृत किये जाने पर नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को माओवाद के खिलाफ राज्य में चल रहे ऑपरेशन और विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के हालिया ऑपरेशन का जिक्र करते हुए बताया कि सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया है, जो राज्य में अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों का ब्योरा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया राज्य सरकार सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग मुख्यधारा से जुड़ सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सफलता की प्रशंसा की और कहा कि इससे न केवल राज्य में शांति बहाल हो रही है, बल्कि विकास की राह भी आसान हो रही है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर और आदिवासी अंचलों में युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए सरकार विशेष योजनाएँ चला रही है। इन योजनाओं के तहत युवाओं को विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। यह पहल राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कृषि के क्षेत्र में, मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में डिजिटल तकनीक और उन्नत कृषि विधियों का व्यापक प्रयोग हो रहा है। इससे किसानों की उत्पादकता और उनकी आय में वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रयास प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047” के लक्ष्य के साथ मेल खाते हैं, और छत्तीसगढ़ इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने बड़े बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि आदिवासी अंचलों में बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में सुधार हो रहा है। साथ ही, तकनीकी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि राज्य के बच्चे आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित हो सकें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ सरकार के इन प्रयासों की सराहना की और कहा कि राज्य की विकास यात्रा अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने मुख्यमंत्री साय को राज्य की प्रगति के लिए और भी अधिक समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ी संख्या में आवास की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाखों परिवारों को अपने घर का सपना साकार हुआ है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा का भाव उत्पन्न होगा।

माओवाद उन्मूलन के रास्ते पर बढ़ चुका है छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ अब माओवाद उन्मूलन के रास्ते पर आगे बढ़ चुका है। हम राज्य में माओवाद प्रभावित क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। माओवाद के रास्ते को छोड़कर वापस लौटने वालों के लिए हम बेहतर पुनर्वास नीति तैयार करेंगे और इसके लिए हमारे गृह मंत्री असम प्रवास पर भी हैं। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने न्यूज 18 के डायमंड स्टेट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पिछले 6 माह में 150 नक्सलियों को मार गिराया गया है। सुरक्षाबलों के हौसले बुलंद है। गोली का जवाब गोली और बोली का जवाब बोली से ही दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों का सपना साकार करने के लिए ही छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण हुआ। नवनिर्माण के साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य निरंतर विकास के रास्ते आगे बढ़ रहा है। साय ने कहा कि प्रदेश में मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम किया जा रहा है। मोदी जी की गारंटी को पूरा करते हुए हमने किसानों को धान के दो वर्षों का बकाया बोनस, 3100 सौ रुपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, माता-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए उन्हें प्रति माह 1 हजार रूपये की राशि देने का काम हम कर रहे हैं।

साय ने आगे कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच कराई जा रही है और दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ के घर-घर में नल से जल की व्यवस्था करने का काम, अमृत मिशन के माध्यम से जल पहुंचाने का काम, बिजली, पानी सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं, धुएं से मुक्ति के लिए उज्ज्वला योजना से लोगों जीवन को आसान बनाने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में शौचालय मान-सम्मान से जुड़ा विषय था। बरसात के दिनों में जो कठिनाइयां माता बहनों को होती थी, उसे देखते हुए प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की। आज इस मिशन से देश में बड़ा परिवर्तन लाया है। उन्होंने रामलला दर्शन योजना और शक्तिपीठ सर्किट के निर्माण के संबंध में भी जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान अपने व्यक्तिगत जीवन संघर्ष और राजनीतिक जीवन से जुड़ी जानकारियां भी दी।

मुख्य सचिव अमिताभ जैन द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विकास कार्यों की समीक्षा

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रायपुर। प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के दन्तेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और कांकेर जिले के माओवाद प्रभावित अंदरूनी चिन्हित ग्राम पंचायतों में केन्द्र एवं राज्य शासन की चयनित व्यक्तिमूलक योजनाओं से सभी पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करने हेतु कारगर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने लोक सेवा गारण्टी अधिनियम के तहत चिन्हित प्रमुख सेवाओं की सुलभता सुनिश्चित करने तथा इन इलाकों में सर्वोच्च प्राथमिकता के सड़क,पुल-पुलिया निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने इस दिशा में पात्र व्यक्तियों के शत-प्रतिशत सैचुरेशन हेतु ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।

शिविरों के आयोजन हेतु वर्गीकृत ग्राम पंचायतों में आसान पहुंच वाले ग्राम पंचायतों, पुलिस सुरक्षा के जरिये पहुंच वाले ग्राम पंचायतों तथा धुर माओवाद प्रभावित पहुंचविहीन ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता अनुसार प्रथम एवं द्वितीय चरण में शिविर किये जाने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यकता के अनुसार पुनः शिविर आयोजित करने कहा। इस दौरान प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग निहारिका बारिक तथा राज्य शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहें। वीडियो कांफ्रेंसिंग में जिला कार्यालय जगदलपुर के एनआईसी कक्ष में कमिश्नर बस्तर संभाग श्याम धावड़े, पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी. मौजूद रहे। वहीं संबंधित जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े रहे।

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