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सभी जिले में बनेगा मॉडल स्कूल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा होगी सुनिश्चित: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आज मंत्रालय, महानदी भवन में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी वर्षों की ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव रेणु जी पिल्ले, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी, एवं प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा संजीव झा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

बैठक में मंत्री यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। मॉडल स्कूल स्थापित करने योग्य स्कूलों की जानकारी 10 दिन में संचालनालय को प्रस्तुत की जाए। शिक्षा मंत्री ने कहा डीएवी, इग्नाइट और पीएम विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने भवन विहीन और भवन की आवश्यकता वाले स्कूलों की संख्यात्मक जानकारी ली और अधिकारियों से कहा कि जहां भवन बनाना आवश्यक हो वहां प्राथमिकता से इस कार्य को करें। उन्होंने कहा कि डिस्मेन्टल योग्य भवनों की स्थिति का शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने लघु मरम्मत और शौचालय मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

मंत्री यादव ने कहा कि नए शिक्षा सत्र शुरू होते ही निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश और सायकल का वितरण स्कूल खुलते ही विद्यार्थियों तक पहुँच जाना चाहिए। इसके लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएँ समय रहते पूरी कर ली जाएँ। डीएन मिश्रा, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी रामानुजगंज-बलरामपुर को शासकीय कार्याे में लापरवाही करने के कारण निलंबित करने तथा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे को प्रशासनिक कार्यों में उदासीनता बरतने हेतु कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश वरिष्ठ अधिकारियों को दिए।

मंत्री यादव ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि 5वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं के बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए प्रारंभ से ही विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों के प्रतिभा में कोई कमी नही है। उन्होंने विभाग के अंतर्गत न्यायालयीन प्रकरणों की अद्यतन जानकारी लेकर प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने केन्द्रीय छात्रवृत्ति योजना, विद्यार्थियों के बैंक खाते खोलने तथा उनके जाति प्रमाण पत्र आदि के संबंध में विशेष चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

पेंशन और वेतन निर्धारण के मामलों पर मंत्री यादव ने कहा कि किसी भी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका और पास बुक नवंबर माह तक अपडेट कर ली जाए। मृतक कर्मचारियों के आश्रितों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर हितलाभ भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में छात्रवृत्ति योजनाओं, मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता कार्यक्रम, रजत जयंती कार्यक्रम एवं सेजेस भर्ती की स्थिति की समीक्षा की गई। श्री यादव ने कहा कि इन सभी योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग हो और पात्र विद्यार्थियों तक सभी लाभ समय पर पहुँचें। लंबे समय से एक ही जगह में डी ई ओ/बी ई ओ कार्यालय में पदस्थ क्लेरिकल स्टाफ की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि उनकी पदस्थापना और शाखा बदली जाए। उक्त कर्मचारियों के कार्य का पुनः विभाजन करें।

पी.एम. ई-विद्या चौनल और दीक्षा पोर्टल के प्रचार-प्रसार को गति देने पर बल देते हुए यादव ने कहा कि डिजिटल शिक्षा को व्यापक स्तर पर लागू किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों का लाभ मिल सके। नवीन डाइट सूरजपुर एवं गरियाबंद में पदस्थापना की कार्यवाही और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और अधिक सुदृढ़ हो।

बैठक में लोक शिक्षण संचालनालय, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के वरिष्ठ अधिकारी, सभी संभागीय संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में श्री यादव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन गंभीरता एवं उत्तरदायित्व के साथ करें तथा योजनाओं की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करें, ताकि राज्य का हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके।


अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर प्रशासन की कार्रवाई जारी, 4 हाइवा सहित 8 वाहन जब्त

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बलौदाबाजार। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर अवैध रेत उत्खनन  एवं परिवहन के मामलों में जिला प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को राजस्व एवं खनिज विभाग की टीम द्वारा अवैध रेत परिवहन करते 4 हाइवा  सहित 8 वाहन ज़ब्त किया गया है।

जिला खनिज अधिकारी के. के. बंजारे ने बताया कि अनुभाग कसडोल अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आर. आर. दुबे के नेतृत्व में राजस्व की टीम ने बुधवार शाम को कसडोल क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन की जांच की गई।जांच के दौरान महानदी क्षेत्र में हो रहे अवैध उत्खनन में संलिप्त 4 हाइवा और 2 ट्रेक्टर जब्त किया गया। तहसील पलारी अंतर्गत ग्राम गिधपुरी क्षेत्र में खनिज विभाग की टीम की जाँच में अवैध रेत उत्खनन में संलिप्त 2 ट्रेक्टर  जब्त कर वाहन नजदीकी थाना के सुपुर्दगी में रखा गया है।

यह सभी कार्रवाई छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 एवं एमएमडीआर एक्ट 1957 की धारा 21 से 23 के अंतर्गत किया गया है। इन वाहन मालिकों पर नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। ज्ञातव्य है कि राज्य शासन की मंशानुरूप अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर जिला प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी की जा रही है। राजस्व एवं खनिज विभाग की टीम द्वारा अवैध रेत उत्खनन की जाँच की जा रही है।

CG NEWS : बिना सूचना दिए महानदी बैराज के गेट खोले, नहाने गए कई लोगों के बाइक-मोबाइल बह गए, देखे वीडियो

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 CG NEWS : शिवरीनारायण में महानदी पर बने बैराज के गेट अचानक खोल दिए जाने से इलाके में हड़कंप मच गया. बिना सूचना दिए गेट खोलने से नदी में नहा रहा एक युवक बह गया. वहीं बैराज के नीचे नहा रहे कई लोगों के बाइक और मोबाइल भी पानी में बह गए.


बैराज खोलने से पहले साइरन बजाकर सूचना नहीं दी गई. बैराज के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते कई लोगों के बाइक और मोबाइल पानी में बह गया. वहीं नदी में नहा रहा एक युवक भी बह गया.

देखे वीडियो



शासन की प्राथमिकता वाली योजनायें: मुख्य सचिव ने ऊर्जा और वित्त विभाग के कार्यों की समीक्षा की

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रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी में राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रम में ऊर्जा और वित्त विभाग की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अत्याधुनिक ऑनलाईन शिकायत एवं निराकरण प्रणाली विकसित करने की योजना के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुसार मोर बिजली मोबाईल ऐप के माध्यम से बिजली से संबंधी ऑनलाइन शिकायतों का निराकरण करने के संबंध में जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि विद्युत शिकायतें एवं निराकरण के लिए टोल फ्री नम्बर-1912 का उपयोग किया जा सकता है। मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से विद्युत शुल्क मद से बकाया राशि की वसूली सहित शासन के विभागों और उद्योगों से लंबित विद्युत शुल्क की वसूली के संबंध में विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में ऊर्जा विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव अंकित आनंद भी मौजूद थे।

मुख्य सचिव ने किसानों की सुविधा के लिए नदी के किनारों में विद्युत लाइन की व्यवस्था, नवीन पॉवर प्लांट, ग्रामीण क्षेत्र में सेपरेट-एग्री फीडर और रीवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को विद्युतीकृत बसाहटों और मजरे टोलो में यदि कोई घर विद्युतीकरण से छूट गया है तो इसके लिए व्यापक कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए है। इसी तरह से वित्त विभाग की समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागांे द्वारा शासकीय राजस्व वसूली के लिए वाणिज्यिक कर, खनिज, आबकारी, जल संसाधन, परिवहन, राजस्व, स्टाम्प एवं पंजीयन सहित अन्य विभागों से आवश्यक समन्वय कर कार्य करने के निर्देश दिए है। बैठक में ऊर्जा विभाग, क्रेडा, छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और वित्त विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

ग्रामीणों की मांग पर गंगरेल बांध से छोड़ा गया पानी

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धमतरी। रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) से आज 200 क्यूसेक पानी महानदी मुख्य नहर के माध्यम से जिले के लगभग 250 ग्रामों के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा छोड़ा गया। उल्लेखनीय है कि ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रख ग्रामीणों की निस्तारी संबंधी पानी की मांग को दृष्टिगत करते हुए जल संसाधन विभाग द्वारा गंगरेल जलाशय से मुख्य नहर में पानी छोड़ा गया।

इससे इन ग्रामों के ग्रामीणों को काफी हद तक राहत मिलेगी। रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) से पानी छोड़े जाने पर ग्रामीणों को काफी हद तक राहत मिलेगी। जल संसाधन विभाग द्वारा ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे जल का अपव्यय ना करें एवं जल का सदुपयोग करें।


विशेष लेख : छत्तीसगढ़ में सिरपुर महोत्सव का है विशेष महत्व

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महासमुंद। छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों में महोत्सव व मड़ई-मेला का आयोजन  ख़ास पर्व व तिथियों में किया जाता है। लेकिन सिरपुर महोत्सव का भी विशेष महत्व है। प्रतिवर्ष यह महोत्सव महानदी तट पर माघ पूर्णिमा के दिन से शुरू होता है। तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव 5 से 7 फ़रवरी 2023 तक आयोजित होगा। आस-पास गांव के लोग भोर के समय महानदी में स्नान कर गंधेश्वर नाथ मंदिर में पूजा अर्चना करते है।

तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत 5 फ़रवरी को करेंगे। समापन 7 फ़रवरी को होगा। महोत्सव के तीनों दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा जिला स्तरीय रामायण मंडली प्रतियोगिता का भी आयोजन होगा। इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा विकास गतिविधियों और विभागीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी, स्व-सहायता समूहों द्वारा स्टॉल में बिक्री हेतु सजेंगे। वहीं बच्चों के लिए झूले-सर्कस अन्य रोमांचक गतिविधियां देखने मिलती है। बच्चे युवा व सभी उम्र के लोग मेले में घूम-फिर कर रोमांचित होते है और अपनी खुशियों का इजहार करते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ लोक गीत, नृत्य, नाटक, नाचा, गम्मत, पंथी, कर्मा और डंडा नृत्य के साथ ही कत्थक एकल नृत्य, ओड़िशी नृत्य के साथ ही बॉलीवुड कलाकार ईशिता विश्वकर्मा एवं टीम मुंबई की प्रस्तुति देखने को मिलेगी।

सिरपुर को राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय हेरिटेज के रूप में विकसित करने और ज्यादा पहचान दिलानें शासन कटिबद्ध है। जो भी जरूरी कार्य है किए जा रहे है। सिरपुर बहुत ही विस्तृत है। जो लगभग 10 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इस तरह अन्य जगह विस्तारित बौद्ध केन्द्र नहीं हैं। सिरपुर, डोंगरगढ़ और मैनपाट को टूरिज्म सर्किट से जोडऩे की तैयारी की जा रही है। पर्यटन सर्किट से जुड़ जाने से इस ओर सैलानियों का रूझान बढ़ेगा। जल्दी ही सिरपुर पूरे विश्व मानचित्र पर अंकित होगा। छत्तीसगढ़ का प्राचीनकाल से ही सभी क्षेत्रों में बढ़-चढ़कर योगदान रहा है। छत्तीसगढ़ हमेशा से देवभूमि रहा है। सिरपुर शिव, वैष्णव, बौद्ध धर्मों के प्रमुख केन्द्र भी है।

सिरपुर अपनी ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्ता के कारण आकर्षण का केंद्र हैं। यह पांचवी से आठवीं शताब्दी के मध्य दक्षिण कोसल की राजधानी थी। यह स्थल पवित्र महानदी के किनारे पर बसा हुआ हैं। सिरपुर में सांस्कृतिक व वास्तु कौशल की कला का अनुपम संग्रह हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 2021 में सिरपुर बौद्ध महोत्सव में शामिल हुए थे। उन्होंने सिरपुर के विकास के लिए 213.43 लाख के कार्यों की घोषणा की। जिनमें भव्य स्वागत गेट का निर्माण, सिरपुर मार्ग 4 तालाबों का सौंदर्यीकरण, सिरपुर मार्ग पर 5 सुंदर सुगंधित कौशल्या उपवन निर्माण, कोडार-पर्यटन (टैटिंग व बोटिंग) कोडार जलाशय तट पर वृक्षारोपण और सिरपुर के रायकेरा तालाब आदि थी। मुख्यमंत्री की घोषणा अनुरूप सभी काम पूरे हो गए।

सैलानियों के लिए रायकेरा तालाब में बोटिंग पिछले साल से शुरू हो गयी है। वही नज़दीक कोडार जलाशय में नौका विहार के लिए बोटिंग की सुविधा सैलानियों को उपलब्ध है। वहीं कम दाम पर टेंटिंग में ठहरने के इंतजाम भी किए गए हैं। फिलहाल चार टेटिंग लगाए गए है। जिसमें एक टेंटिंग में दो व्यक्तियों के सोने और आराम करने के लिए पर्याप्त जगह है। टूरिस्ट और बच्चों के लिए क्रिकेट, वालीबाल, कैरम, शतरंज के साथ ही निशानेबाजी की सुविधा भी इस इको पर्यटन केंद्र में उपलब्ध है।

सिरपुर पहले से ही प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर है। वृक्षारोपण के ज़रिए इसे और भी हरा-भरा किया जा रहा है। पर्यटकों के विश्राम सुविधा के लिए पाँच सुगंधित फूलों वाली सुंदर कौशल्या उपवन वाटिकाएं तैयार हो गई है। इन उपवनों में प्रतिदिन रामचरित मानस का पाठ, भजन-कीर्तन स्थानीय मंडलियों द्वारा किया जा रहा है। वृक्षारोपण में बेर, जामुन, पीपल, बरगद, नीम, करंज, आंवला आदि के पौधें शामिल किए गए है। ताकि ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ लोगों को जैव विविधता का ऐहसास भी हो। इस इलाके में राम वन गमन पथ में छह ग्राम पंचायतों को मुख्य केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसमें अमलोर, लहंगर, पीढ़ी, गढ़सिवनी, जोबा व अछोला शामिल है। सड़क के दोनों किनारों पर फलदार, छायादार पौधें लगाए जा रहे है।

राष्ट्रीय राजमार्ग अन्तर्गत कराए जाने वाले कार्यों को वर्ष 2023-24 की परियोजना में जल्द शामिल कराएं : मुख्य सचिव अमिताभ जैन

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रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में गठित राज्य स्तरीय हाई पॉवर कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण राज्य की स्वीकृत परियोजनाओं के प्रगतिरत कार्यों, संवेदनशील क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण के कार्यों की प्रगति एवं अन्य कार्यों की सघन समीक्षा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित बैठक में पुलिस हाउसिंग कार्पाेरेशन द्वारा कराए जा रहे कार्याे की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत वर्ष 2023-24 की परियोजना में यदि कोई कार्य कराया जाना है तो इसे शीघ्रता से शामिल करवायें।

बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने प्रस्तुतिकरण के जरिए सड़कों के निर्माण कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में वन एवं गृह विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा भी शामिल हुए। राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़कों के निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई की राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य सड़कों का निर्माण तेजी से हुआ है। मुख्य सचिव ने सड़कों के निर्माण कार्यों के संबंध में लंबित भू-अर्जन, मुआवजा वितरण, वृक्षों की कटाई अवार्ड पारित करने एवं 3डी के प्रकाशन की कार्यवाही शीघ्रता से करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। मुख्य सचिव ने जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए है कि उनके जिले के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़क, पुल-पुलिया के कार्यों की सतत् निगरानी करें एवं आने वाली दिक्कतों का त्वरित निराकरण करें।

बैठक में अम्बिकापुर जिले के अंतर्गत अम्बिकापुर पत्थलगांव मार्ग, अम्बिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा मार्ग, बलरामपुर जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग बलरामपुर से अंबिकापुर मार्ग, जशपुर जिले के पत्थलगांव-कुनकुरी-छत्तीसगढ़ झारखण्ड बॉर्डर, दुर्ग-रायपुर बायपास भारत माला परियोजना, दुर्ग बायपास के अंत से महाराष्ट्र सीमा तक चौड़ीकरण कार्य, दुर्ग जिला के अंतर्गत दुर्ग-रायपुर बायपास भारत माला परियोजना, रायपुर जिले के अंतर्गत दुर्ग-रायपुर बायपास भारत माला परियोजना, गरियाबंद जिले के अंतर्गत अभनपुर से पाण्डुका मार्ग का कार्य, कोण्डागांव जिले के अंतर्गत रायपुर-विशाखापट्नम-भारतमाला परियोजना सहित अन्य सड़कों के कार्यों की समीक्षा की गई।

बैठक में रायगढ़ पत्थलगांव मार्ग को एनएच घोषित करने के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, बीजापुर, कोण्डागांव, नारायणपुर और सुकमा के अंतर्गत आर.सी.पी.एलडब्ल्यू.ई. और आर.आर.पी. के अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न कार्यों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में राजस्व विभाग के सचिव एन.एन.एक्का, संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वनमण्डलाधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण लोक निर्माण और ऊर्जा सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

भारतीय वन सेवा के दो अधिकारियों को सौंपे गए अतिरिक्त प्रभार

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रायपुर. राज्य शासन द्वारा भारतीय वन सेवा के दो अधिकारियों को उनके वर्तमान कार्यों के साथ-साथ अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

इस आशय का आदेश आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जारी कर दिया गया है

जो इस प्रकार है-




राजधानी रायपुर में जी-20 देशों की बैठकों के लिए तैयारियां शुरू

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सितम्बर 2023 में प्रस्तावित जी-20 देशों की चौथी स्थायी वित्त कार्य समूह बैठक की व्यवस्था के संबंध में प्रशासनिक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में जी-20 की बैठकों की व्यवस्थाओं के समन्वय हेतु गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न हुई।  बैठक में जी-20 देशों की बैठकों की व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों से व्यापक चर्चा की गई। जी-20 बैठक की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए राज्य स्तर पर अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसमें जी-20 की बैठकों की व्यवस्थाओं के लिए संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी. को नोडल अधिकारी बनाया गया है।


इसी तरह प्रोटोकॉल व्यवस्था के लिए प्रभारी अधिकारी आयुक्त जनसम्पर्क दीपांशु काबरा और प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल अनिल कुमार साहू और  राज्य प्रोटोकॉल अधिकारी अरविंद सिंह को नियुक्त किया गया है। सुरक्षा एवं यातायात और प्रोटोकॉल के प्रभारी अधिकारी आईजी रायपुर रेंज अजय यादव और गृह विभाग के संयुक्त सचिव अभिजीत सिंह को बनाया गया है। रायपुर सिटी स्प्रूसिंग व्यवस्था के प्रभारी अधिकारी संचालक नगरीय प्रशासन अयाज फकीरभाई तम्बोली और नगर निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी को नियुक्त किया गया है। जी-20 की बैठक में शामिल होने वाले अतिथियों को भ्रमण और भारतीय अनुभव के लिए प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल अनिल कुमार साहू को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है।

जी-20 की बैठकों के प्रचार एवं ब्रांडिंग के प्रभारी अधिकारी आयुक्त जनसम्पर्क दीपांशु काबरा और संचालक जनसम्पर्क सौमिल रंजन चौबे को बनाया गया है। अतिथियों को उपहार एवं स्मारिका इत्यादि की व्यवस्था के प्रभारी अधिकारी छत्तीसगढ़ आवासीय आयुक्त नई दिल्ली अजीत बसंत और संचालक ग्रामोद्योग अरूण प्रसाद को बनाया गया है। संचालक संस्कृति विवेक आचार्य को जी-20 की बैठकों के दिवसों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रभारी बनाया गया है। मुख्य सचिव ने राज्य के नोडल अधिकारियों को जी-20 की बैठकों के लिए आयोजित भारत सरकार द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए है। उन्होंने नोडल अधिकारियों को अभी से तमाम व्यवस्थाओं की तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था से जुडे़ विभिन्न अधिकारियों का प्रशिक्षण देने की तैयारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

जिस मार्ग से जी-20 देशों के अतिथि प्रतिनिधि का आवागमन होगा, वहां पर अच्छे फूलदार पौधे लगाने और साज-सज्जा करने के निर्देश दिए है। इसी तरह से  संस्कृति और विविधता प्रदर्शित करने, सड़कों के किनारों का दीवारों पर कलात्मक पेंटिंग एवं सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को दिए। इसी तरह से जी-20 के लोगो विषय वस्तु का प्रचार-प्रसार करने की तैयारी करने तथा जी-20 थीम के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए जी-20 की बैठकों से पूर्व आईआईएम, एम्स एवं ट्रिपल आईआईटी जैसी संस्थाओं में चर्चा एवं सेमीनार आयोजित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने स्कूल और कॉलेजों में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा है।

इसी तरह जी-20 थीम वाले शिल्प मेले, नृत्य और संगीत, पर्यटन स्थल के प्रमोशन वीडियो तैयार करने एवं जी-20 सचिव के साथ समन्वय के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। बैठक में जी-20 की बैठकों के लिए अधोसंरचना संबंधी कार्य, साफ-सफाई, साज-सज्जा, ठहरने हेतु होटलों में आवश्यक सुविधाओं के लिए व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, प्रचार-प्रसार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था, उपहार व्यवस्था, टूरिज्म विजिट व्यवस्था, नागरिक भागीदारी (ग्रामीण हाट बाजार आदि), राज्य के शैक्षणिक संस्थाओं में सेमीनार (विश्वविद्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों आदि में जी-20 संबंधी), ट्रांसलेटर (दूभाषिया) व्यवस्था के संबंध में समन्वय, पूर्व विदेश सेवा के अधिकारियों के अनुभव प्राप्त करने एवं उनकी सेवाएं लेने संबंधी विषय पर चर्चा की गई।

 बैठक में जी-20 देशों में निवासरत प्रवासी छत्तीसगढ़ी भारतीयों से समन्वय, जी-20 में भाग लेेने वाले देशों के दूतावासों से सम्पर्क स्थापित करना, राज्य के प्रतिष्ठित कलाकारों, खिलाड़ियों आदि से समन्वय, आगंतुक महिला डेलिगेट्स की विशेष सुविधा व्यवस्था की समीक्षा की गई। इसी तरह से विभिन्न आयोजनों के प्रस्तावों, लॉजिस्टिक आदि के संबंध में अन्य राज्यों से समन्वय स्थापित करने और राज्य के पांच प्रमुख दर्शनीय कार्य का प्रदर्शन, महिला सहभागिता जनित विकास कार्य, आयोजनों की सूची बनाना, दस्तावेजीकरण, रिकॉर्ड, अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं को समझने हेतु राज्य स्तरीय दल भेजने के संबंध में आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित इस बैठक में संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी., आईजी रायपुर रंेज अजय यादव, संचालक जनसम्पर्क सौमिल रंजन चौबे और संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व विवेक आचार्य सहित राज्य स्तरीय समन्वय समिति के अन्य सदस्य अधिकारी शामिल हुए

पीएम गतिशक्ति योजना पर स्टेट मास्टर प्लान तैयार

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रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना अंतर्गत एम्पावर्ड ग्रुप ऑफ सेक्रेटरी की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में गतिशक्ति योजना के स्टेट मास्टर प्लान तैयार करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के डाटा अपडेट की स्थिति, भू-अभिलेखों के जियो रिफिरिंग, पीएम गतिशक्ति अंतर्गत वित्तीय सहायता (पार्ट-2) के अंतर्गत प्रोजेक्ट की स्थिति एवं सभी विभागों के अधिकारियों को पीएम गतिशक्ति हेतु नोडल अधिकारी शीघ्र नियुक्ति की विस्तार से समीक्षा की गई।



बैठक में विभिन्न विभागों के पास वर्तमान में उपलब्ध समस्त जीआईएस डाटा को पोर्टल में अपलोड के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। वीडियो कॉनफ्रेंसिंग से आयोजित इस बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी पिल्ले, सचिव सामान्य प्रशासन डॉ. कमलप्रीत सिंह, राजस्व सचिव एन.एन. एक्का, सचिव लोक निर्माण विभाग सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सचिव ऊर्जा अंकित आनंद, सचिव गृह धनंजय देवांगन, विशेष सचिव वित्त श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, संचालक नगरीय प्रशासन विभाग अयाज तम्बोली, छत्तीसगढ़ उद्योग विकास निगम के प्रबंध संचालक सारांश मित्तर सहित रेल्वे, हवाई अड्डा प्राधिकरण, चिप्स सहित अन्य विभागो के अधिकारी शामिल हुए। 

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वनाधिकार अधिनियम के तहत गठित राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

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रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में वन अधिकार अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन हेतु गठित राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वन अधिकार पत्रों के वितरण, व्यक्तिगत वन अधिकार के तहत मान्य वन अधिकार पत्रधारकों में से शेष वन अधिकार पत्र धारकों की वन भूमि को चिन्हित कर राजस्व और वन अभिलेखों में दर्ज हुए वन अधिकार पुस्तिका प्रदान करने के संबंध में अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली गई। बैठक में बस्तर संभाग के बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा जिलें में व्यक्तिगत वनाधिकार के दावों को ग्राम स्तर पर फाईल करने के कार्य की समीक्षा की गई। 



बैठक में वन अधिकार पत्रों के डिजिटलाइजेशन की प्रगति और व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र धारकों को दी जाने वाली सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। सामुदायिक वन संसाधन अधिकार प्राप्त ग्रामों में ग्राम सभा स्तर पर सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समितियों के गठन के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस बैठक में कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक शिशुपाल सोरी, जशपुर के विधायक विनय भगत एवं पूर्व विधायक कटघोरा बोधराम कंवर एवं पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी भी शामिल हुए। मुख्य सचिव ने वन अधिकार अधिनियम के तहत वितरित किए गए वन अधिकार पत्रों के हितग्राहियों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।

बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि व्यक्तिगत वन अधिकार पत्रों के अभिलेखीकरण के तहत एक लाख 76 हजार से अधिक वन अधिकार पत्रों की जानकारी भूईया पोर्टल में अद्यतन की जा चुकी है। इसी तरह से वन विभाग के अंतर्गत वन भूमि पर वितरित वन अधिकार पत्रों के अभिलेखीकरण की कार्यवाही की जा रही है। मार्च 2022 की स्थिति में करीब चार लाख 45 हजार 986 वन अधिकार पत्र वितरित किए जा चुके है और तीन लाख 12 हजार 342 वन अधिकार पत्र ऋण पुस्तिकाओं का वितरण कर दिया गया है।

बैठक में जानकारी दी गई कि वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अब तक वितरित भूमि में एक लाख 16 हजार 621 हितग्राहियों की भूमि को समतलीकरण एवं मेढ़ बंधान का कार्य किए गए है। इन कार्यों का क्षेत्रफल करीब 66 हजार 362 हेक्टेयर क्षेत्र है। इस कार्य के लिए 457 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह से एक लाख 56 हजार 223 हितग्राहियों को खाद एवं बीज हेतु करीब 31 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। कृषि उपकरण हेतु 12 हजार 854 हितग्राहियों को सात करोड़ की राशि स्वीकृत की जा चुकी है।

इसी तरह से वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत वितरित भूमि में सिंचाई हेतु नलकूप, कुंआ एवं स्टापडेम आदि के 32 हजार से अधिक कार्य स्वीकृत किए गए है। इसके लिए 265 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 63 हजार 644 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है। व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र धारकों को लाभान्वित करने के लिए अभिसरण के माध्यम से कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें करीब 56 हजार 561 कार्य प्रस्तावित किए गए है। जिसके लिए 415 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।

इसमें 43 हजार 235 के कार्य मनरेगा के अंतर्गत प्रस्तावित किए गए है। इनमें 4364 कार्य महिला हितग्राहियों और 5504 कार्य पीवीटीजी हितग्राहियों की भूमि पर किया जाना प्रस्तावित किया गया है। बैठक में प्रमुख सचिव वन मनोज पिंगुवा, आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के सचिव डी.डी.सिंह, राजस्व विभाग के सचिव एन.एन.एक्का, आयुक्त आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग सुश्री शम्मी आबिदी सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

​​​​​​​ सड़क निर्माण परियोजनाओं के कार्य समय सीमा में पूर्ण करें : मुख्य सचिव अमिताभ जैन

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रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अंतर्गत शीघ्र पूर्ण होने वाले कार्य, लंबित कार्य एवं सड़कों के प्रगतिरत कार्यों की विस्तार से समीक्षा हुई। बैठक में बस्तर संभाग के अंतर्गत सड़क परियोजनाओं के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में डीजीपी अशोक जुनेजा एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी भी मौजूद थे। 



मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क परियोजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान सड़कों के निर्माण के लिए मुआवजा, भूमिअर्जन, वृक्ष विदोहन जैसे कार्यों के लिए वन विभाग, लोक निर्माण एवं राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़कों के निर्माण कार्य किसी भी तरह रूकने नही पाये, सभी आवश्यक कार्य समय पर पूर्ण किए जाएं। बैठक में बिलासपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत बिलासपुर से उरगा मार्ग, कोरबा जिले में पथरापाली से कटघोरा, चांपा से कोरबा-छुरी-कटघोरा और उरगा से पत्थलगांव मार्ग के कार्यों की समीक्षा की गई। 

इसी तरह से रायगढ़ जिले में उरगा से पत्थलगांव, सरगुजा में अम्बिकापुर से पत्थलगांव एवं अंम्बिकापुर से रामानुजगंज गढ़वा मार्ग के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने जशपुर  जिले में पत्थलगांव से कुनकुरी मार्ग और दुर्ग रायपुर बायपास भारतमाला परियोजना और रायपुर से विशाखापट्नम भारतमाला परियोजना के कार्यों की प्रगति के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। बैठक में बस्तर संभाग के अंतर्गत एलडब्ल्यू ई प्रभावित क्षेत्र के अंतर्गत बीजापुर आवापल्ली, बासागुडा, जगरगुण्डा मार्ग, बीजापुर मोदकपाल तारलागुड़ा और नेलसनार से कोडोली मिरतूर गंगालूर मार्ग की सड़कों के निर्माण की स्थिति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली।

इसी तरह से सुकमा जिले के अंतर्गत पैदागुड़म-गोलापल्ली मार्ग, कोन्टा से गोलापल्ली, चिंतलनार से मरियागुडा मार्ग और भेज्जी से चिंतागुफा मार्ग के कार्यों की समीक्षा की। इसी तरह से छोटेडोंगर से ओरछा मार्ग, नारायणपुर से सोनपुर मरोड़ा मार्ग, नारायणपुर से पल्ली बारसूर मार्ग तथा कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा-प्रतापपुर-कलगांव-कोयलीबेड़ा और अन्तागढ़-बेड़मा मार्ग के निर्माण कार्यों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में बस्तर संभाग में नये मोबाईल टॉवर लगाने हेतु भूमि उपलब्ध कराने एवं इसके लिए आवश्यक स्वीकृतियों के लिए नारायणपुर

कांकेर, बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोण्डगांव जिले के कलेक्टरों को जरूरी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में बस्तर संभाग में भारत नेट परियोजना तथा अन्य परियोजनाओं के अंतर्गत आप्टिकल फाईबर केबल क्लियरेंस हेतु लंबित आबंटनों के संबंध शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने नवगठित जिले मोहला मानपुर और खैरागढ़ में मोबाईल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में वन एवं गृह विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज पिंगवा, एडीजी विवेकानंद सहित लोक निर्माण, वन, राष्ट्रीय राजमार्ग, बीएसएनएल, रिलायंस जियो, चिप्स के अधिकारी शामिल हुए।

Wheather Alert : महानदी और शिवनाथ नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति

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रायपुर। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर है। महानदी और शिवनाथ नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति भी बन गई है। धमतरी जिले के पड़ोसी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण गंगरेल बांध का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। इस वजह से बांध के सभी चौदह गेट खोल दिए गए हैं। बांध से आज सुबह की जानकारी के अनुसार एक लाख इकतीस हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है। 



वहीं, बांध में करीब एक लाख क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। गंगरेल बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी के आसपास के तैंतालीस अतिसंवेदनशील गांवों को हाई अलर्ट कर दिया गया है। नदी किनारे के विभिन्न गांवों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। उधर, दुर्ग जिले के महमरा एनीकट पर बारह फीट ऊपर पानी बह रहा है। जिले में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री सुरेश पांडे ने बताया कि शिवनाथ नदी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है। 

जिले के मांगरा, सूखानाला और घुमरिया से लगभग सत्तर हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। तांदुला जलाशय भी लगभग पूरा भर गया है। इस बीच, बस्तर संभाग के विभिन्न स्थानों पर पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार वर्षा के कारण मारकंडी नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। इस वजह से जगदलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-तीस पर काकड़ी घाट के पास सड़क यातायात बंद हो गया है। पुल के ऊपर लगातार पानी बहने से बस्तर से रायपुर का सड़क संपर्क टूट गया है। इस पुल के दोनों तरफ  यात्री और मालवाहक गाड़ियों की लंबी कतार लगी हुई है।

वहीं, बीजापुर और आसपास के इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यहां भी यातायात प्रभावित हो गया है।  बीजापुर से गीदम के बीच पुंडरी गांव में इंद्रावती नदी का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। इस कारण बीजापुर से जगदलपुर और बीजापुर से हैदराबाद के बीच सड़क संपर्क टूट गया है। इस मार्ग पर कल ईंट से भरा ट्रक बह गया।

कांकेर जिले में भी पिछले दो-तीन दिनों से हो रही वर्षा के कारण विभिन्न नदी-नाले उफान पर हैं। यहां भी दुर्गूकोंदल सहित कुछ अन्य गांवों का कांकेर से सड़क संपर्क टूट गया है। कांकेर जिले के पखांजूर विकासखंड के विकास पल्ली गांव में एक कच्चे मकान की दीवार गिर जाने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। वहीं, जिला कलेक्टर डॉटक्र प्रियंका शुक्ला ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इस बीच, मुंगेली के वनमंडल अधिकारी गणेश यू.आर. ने अचानकमार टाईगर रिजर्व के अंतर्गत बाढ़ प्रभावित स्थानों का दौरा किया। यहां मनियारी और अन्य नदी-नालों में बाढ़ के कारण सड़क यातायात बंद हो गया है। उन्होंने वन्यप्राणियों की निगरानी और सुरक्षा के लिए वन कर्मचारियों को सचेत रहने को कहा है।


Wheather Update: छत्तीसगढ़ के इन जिलों में हो सकती है भारी बारिश, मौसम विभाग ने दी चेतावनी, महानदी खतरे के निशान से ऊपर

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रायपुर। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले कुछ दिनों से हो रही अनवरत बारिश से कई नदी-नाले उफान पर है। नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। महानदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके चलते रायगढ़ का रायपुर से, जांजगीर-चांपा और सारंगढ़ से सड़क संपर्क टूट गया है।



जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण में महानदी के किनारे शबरी पुल से तीन फीट ऊपर पानी बह रहा है। इस वजह से इस मार्ग पर आवाजाही बंद हो गई है। महानदी के किनारे बसे गांवों में ऐहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, गिधौरी-घटमड़वा मार्ग में स्थित पुल के ऊपर से भी पानी बह रहा है। इसके कारण शिवरीनारायण का बलौदाबाजार, सरसींवा और सारंगढ़ से संपर्क कट गया है। 



जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से महानदी के आसपास के जलमग्न क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की है कलेक्टर ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी निरस्त करते हुए मुख्यालय में ही रहने के निर्देश दिए हैं। उधर, अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग पर निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग में लखनपुर के पास बारिश से एक सड़क बह गई है, जिससे अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग अवरूद्ध हो गया है।

 रायगढ़ में केलो नदी का चक्रपथ पानी में डूबा

वहीं, रायगढ़ में केलो नदी का चक्रपथ पानी में डूब चुका है। आसपास के गांवों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। कलेक्टर रानू साहू ने जिले के सभी विकासखंड अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और राहत तथा बचाव कार्य के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।


बिलासपुर जिले में पचपेड़ी थाना के पास शिवनाथ नदी की बाढ़ में फंसे दो परिवार के छह लोगों को एसडीआरएफ होमगार्ड की टीम ने रेस्क्यू कर सकुशल बाहर निकाला। इधर, राजनांदगांव में भी लगातार बारिश से शिवनाथ सहित सभी नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मोंगरा, घुमरिया और सूखानाला बैराज से करीब अड़तीस हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

वहीं, धमतरी जिले के सोंढूर डैम के पांच गेट खोल दिए गए हैं। इससे चौबीस सौ क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जिला प्रशासन ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। उधर, नारायणपुर में कलेक्टर ने दुर्घटना से बचने के लिए पुलों और रपटों के ऊपर पानी बहने की स्थिति में आवागमन रोकने को कहा है।

 मौसम विभाग की गम्भीर चेतावनी

इस बीच, मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों के दौरान सत्रह से अधिक जिलों में अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया कि रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार और महासमुंद जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। उन्होंने अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

आजादी का अमृत महोत्सव: ‘‘हमर तिरंगा अभियान’’

 

राज्य के सभी शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में ‘‘हमर तिरंगा’’ कार्यक्रम का होगा आयोजन

 

स्कूलों में 20 से 30 अगस्त तक आयोजित किए जाएंगे देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रम

 

रायपुर। देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत राज्य के सभी शासकीय, निजी एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों में ‘‘हमर तिरंगा’’ कार्यक्रम 20 से 30 अगस्त 2022 तक आयोजित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने सभी कलेक्टरों, सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मिशन समन्वयकों को स्कूलों में ‘‘हमर तिरंगा’’ कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

 

सचिव स्कूल शिक्षा द्वारा भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस वर्ष 15 अगस्त 2022 को भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे हो जाएंगे। स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे करने के अवसर पर हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ में हमर तिरंगाके नाम से जन समुदाय के साथ मिलकर सभी शासकीय, निजी एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मुख्य रूप से जन-जन में देशभक्ति की भावना का प्रचार-प्रसार करना, शहीदों की गाथाएं जन-जन तक पहुंचाना एवं सभी नागरिकों में देश के प्रति समर्पित रहने की भावना विकसित करते हुए वर्तमान सन्दर्भ में आजादी के असली अर्थ को समझाते हुए निरक्षरता के चंगुल से आजादी पाकर सभी को बेहतर गुणवत्ता की शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराना है।

11वीं और 12वीं के बच्चों को दिखाई जाएंगी गांधीफिल्म

‘‘हमर तिरंगा’’ कार्यक्रम की इन्हीं भावनाओं से ओत-प्रोत होकर 20 से 30 अगस्त 2022 के मध्य  राज्य के सभी सरकारी, निजी एवं अनुदान प्राप्त शालाओं में समुदाय को साथ लेकर विभिन्न कार्यक्रमों को समारोहपूर्वक धूम-धाम से आयोजित किया जाएगा। सभी ग्रामों में इन आयोजनों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राज्य में 20 अगस्त से 30 अगस्त 2022 तक हमर तिरंगाकार्यक्रम के तहत स्कूलों में प्रतिदिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के साथ-साथ कक्षा ग्यारहवी एवं बारहवीं के विद्यार्थियों को निकट के थियेटर अथवा स्मार्ट कक्षाओं में ‘‘गांधी’’ फिल्म दिखाई जाएगी। इस फिल्म के प्रदर्शन हेतु जिले में तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं।

 

कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि जिले में उपलब्ध सिनेमा हाल से संपर्क कर शासन की ओर से 20 से 30 अगस्त 2022 तक प्रतिदिन स्कूल अवधि के दौरान किसी उचित समय का निर्धारण कर एक शो कक्षा ग्यारहवी एवं बारहवी के बच्चों के लिए निःशुल्क दिखाया जाना तय करवाएं। जिले में उपलब्ध थियेटर जहां इन शो का प्रदर्शन किया जा सके एवं उनके आस-पास की शालाओं को मैपिंग करते हुए थियेटर में बैठक क्षमता के आधार पर शालाओं को इस अवधि में उनके विद्यार्थियों को शो के लिए समय पर लाने की व्यवस्था करने हेतु निर्देशित करें। ध्यान रखें कि शालाओं से निर्धारित संख्या में बच्चे इस शो को देखने समय पर उपस्थित होने चाहिए। शासकीय शालाओं के विद्यार्थियों को प्राथमिकता देते हुए साथ-साथ कुछ निजी शालाओं को भी इस कार्यक्रम का लाभ लेने हेतु आवश्यक सुविधा प्रदान करें। ट्विनिंग ऑफ स्कूल (Twinning of School) कार्यक्रम के अंतर्गत बड़े निजी शालाओं को उनके यहां उपलब्ध बस सुविधा का लाभ शासकीय शालाओं के बच्चों को थियेटर में लाने एवं निर्धारित समय पर उन्हें वापस छोड़ने के लिए उपयोग में लाया जा सके।

 

जिले के स्कूलों के बच्चों के रोस्टर इस प्रकार से बनाए जाएं कि अधिकतम बच्चों को इस फिल्म को देखने का अवसर मिल सके। बच्चों को निर्धारित तिथि में फिल्म दिखाने लेकर जाने के संबंध में पालकों को सूचित करने के साथ-साथ उनसे सहमति एवं अन्य प्रक्रिया भी पूरी करवा ले। बच्चों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएं। जिन शालाओं के आसपास थियेटर नहीं है वहां के बच्चों को यदि उस शाला में स्मार्ट कक्षाएं उपलब्ध है या अन्य संसाधनों से प्रोजेक्टर आदि के माध्यम से फिल्म दिखाए जाने की सुविधा सुलभ हो तो उसका उपयोग किया जा सकता है। उपरोक्तानुसार सभी आवश्यक तैयारियां करते हुए ‘‘हमर तिरंगा’’ कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार, कोरोना प्रोटोकोल का कड़ाई से पालन करते हुए बड़ी संख्या में जन समुदाय की सहभागिता एवं सभी ओर देशभक्ति का माहौल बनाने की दिशा में सभी आवश्यक प्रयास किए जाएं।

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