Media24Media.com: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

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मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयास से सूरजपुर को मिली सड़कों की सौगात

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रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से सूरजपुर जिले की तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को राज्य शासन द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 14.28 करोड़ रुपये है, जिनमें लगभग 9.80 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

यह मंजूरी वित्त विभाग की सहमति के उपरांत जारी की गई है, जिसका उद्देश्य जिले की आवागमन व्यवस्था को सुगम बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देना है।

स्वीकृत परियोजनाओं में बीरपुर अटल चौक से करमपुर सीमा एवम कसलगिरी सीमा तक सड़क निर्माण (लंबाई 3.40 किमी) के लिए 4.43 करोड़ रुपए, कसलगिरी से शिवसागरपुर तक 1.40 किमी के लिए 2.19 करोड़ रुपए,प्रतापपुर-भैयाथान मुख्य मार्ग ( राज्य मार्ग क्र.12) से झिलमिली होते हुए परसापारा तक मार्ग निर्माण (लंबाई 5.00 किमी) के लिए 7.66 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा, वर्तमान सरकार ग्रामीण संपर्क और बुनियादी ढांचे के विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। सूरजपुर की इन सड़कों से न केवल आवागमन बेहतर होगा, बल्कि यह सामाजिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगी।इन परियोजनाओं से सूरजपुर जिले के कई ग्रामों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा और यह कार्य क्षेत्रीय विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।


किशोर न्याय व बाल संरक्षण कानूनों पर कार्यशाला, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बनीं मुख्य अतिथि

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 रायपुर : रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में आज महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला-सह-परिचर्चा का आयोजन किया गया।


मुख्य अतिथि राजवाड़े ने कहा, बच्चों के अधिकारों की रक्षा छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। बाल संरक्षण से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई बेहद आवश्यक है। संबंधित विभाग समन्वय के साथ लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सभी मामलों को गंभीरता से लें ताकि जो बच्चे बाल सुधार गृह तथा अन्य स्थानों पर हैं वह पुनः अपराध न करें। राजवाड़े ने सभी को बाल विवाह रोकने शपथ भी दिलाई और बताया कि छत्तीसगढ़ में लगातार बाल विवाह में गिरावट आ रही है जिसे सबके सहयोग से हमें शून्य तक ले जाना है।

कार्यशाला की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने की। डॉ. शर्मा ने कहा कि हर बच्चा एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण का हकदार है। हम सबकी साझा जिम्मेदारी है कि हम कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करें। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को बाल संरक्षण कानूनों, नियमों एवं संवेदनशील मामलों के कुशल प्रबंधन के विषय में विस्तृत जानकारी देना और उन्हें बाल अधिकारों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना था। तकनीकी सत्रों में प्रशिक्षकों विपीन ठाकुर एवं शरवत हुसैन नकवी ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए कानूनों के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। सचिव शम्मी आबिदी और संयुक्त संचालक नंदलाल चौधरी ने विभागीय योजनाओं एवं बाल संरक्षण संस्थाओं के कार्यों की जानकारी साझा की।

कार्यशाला में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड के सामाजिक कार्यकर्ता, विभागीय कर्मचारी तथा बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 170 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के अंतर्गत विधि से संघर्षरत बच्चों एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास और उनके सर्वाेत्तम हितों की रक्षा संबंधी प्रावधानों की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत बालकों के प्रति अपराधों की रोकथाम और दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने बाल शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम जैसे विषयों पर भी अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने बाल विवाह की रोकथाम, बाल संरक्षण के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने तथा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

मंत्री राजवाड़े ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की दी शुभकामनाएं

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रायपुर : महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने 08 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी है। राजवाड़े ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा और हौसला देता है। मातृ शक्ति ने हर क्षेत्र में खुद को साबित किया है और अपनी क्षमता और प्रतिभा के बल पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है।


महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं काबिल और मेहनती हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई प्रावधान किये हैं। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में महतारी वंदन योजना शुरू की गई है।

राजवाड़े ने आह्वान किया है कि बेटों के समान बेटियों को भी पढ़ने और आगे बढ़ने के सभी अवसर उपलब्ध कराएं। महिलाओं को विकास के समान अवसर मिलने से ही हम एक मजबूत और विकसित समाज की कल्पना को साकार कर पाएंगे।

 

राज्य सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध: मंत्री राजवाड़े

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 रायपुर : महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सक्ती जिले के नगर पंचायत जैजैपुर को 3.30 करोड़ रूपए से अधिक की लागत के 29 विकास व निर्माण कार्यों का सौगात दी है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा आगामी समय में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में परित्यक्ता और विधवा महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने नगर पंचायत जैजैपुर सहित जिलेवासियों को विकास कार्यों के लिए शुभकामनाएं दी।


मंत्री राजवाड़े ने नव वर्ष 2025 की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सभी क्षेत्रों में विकास के कार्य लगातार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज नगर पंचायत जैजैपुर क्षेत्र में 3 करोड़ 30 लाख रुपए से भी अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। प्रदेश सरकार के गठन के बाद अल्प समय में ही तेजी से अनेकों कार्य कराए जा रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के खाते में प्रतिमाह 1000 रुपए की 11वीं किस्त जारी की जा चुकी है। इसी तरह किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। रामलला दर्शन योजना के तहत अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम का निःशुल्क दर्शन भी कराए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 18 लाख आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे बड़ी संख्या में प्रदेश के नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य, नगर पंचायत जैजैपुर अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, पूर्व विधायकगण सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी नारी शक्ति और आमजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

प्रसाद योजनान्तर्गत माँ बागेश्वरी मंदिर कुदरगढ़ के विकास के लिए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने लिखा पत्र

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 रायपुर : महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सचिव छत्तीसगढ़ शासन को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र के माध्यम से भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के प्रसाद योजना में शामिल सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ स्थित माँ बागेश्वरी मंदिर के कायाकल्प और सर्वांगीण विकास के लिए भारत सरकार को पुनः स्मरण पत्र जारी की है।


गौरतलब है कि प्रसाद योजना, भारत सरकार की एक योजना है जिसका मकसद धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक संवर्द्धन अभियान योजना के तहत, तीर्थ स्थलों को विकसित करने और उन्हें पहचान दिलाने पर ध्यान दिया जाता है। प्रसाद योजना के तहत पर्यटन स्थलों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता दी जाती है, जिसमें सूरजपुर जिले के धार्मिक स्थल कुदरगढ़ मंदिर के कायाकल्प के लिए इसे ’प्रसाद’ योजना में शामिल किया गया है।

योजना के क्रियान्वयन में विधानसभा भटगावँ में माँ बागेश्वरी धाम में रोप वे, हेलीपेड, यज्ञ शाला, ज्योति कक्ष, सीढ़ी निर्माण, यात्री शेड, हाई मास्क लाइट, सी.सी.टी.वी., पेयजल, सेस्क्युरिटी चेक पॉइन्ट, शौचालय, हर्बल गार्डन, हाट-बाजार, अपशिष्ट प्रबंधन, यात्रियों की सुविधा हेतु बैटरी चलित वाहन, स्टॉप डेम विकास, प्रसाद किचन, प्रतीक्षालय आदि विकास कार्यों को सम्पन्न किये जा सकेंगे।

शिक्षा व्यक्तित्व विकास में सहायक: लक्ष्मी राजवाड़े

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 रायपुर : महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े रायपुर के एक निजी स्कूल के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न परीक्षा में उत्तीर्ण मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।


इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज के बच्चे कल के भविष्य हैं। ऐसे आयोजन से बच्चों का उत्साहवर्धन होता है। इस तरह के आयोजन से विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास में सहायक सिद्ध होता है। मंच पर सबके सामने प्रस्तुति देने से बच्चों के अंदर की झिझक दूर होती है व रचनात्मकता के साथ आत्मविश्वास बढ़ता है।


उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हमें ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करती है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, क्योंकि यह हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और अपने सपनों को साकार करने में मदद करती है।

शिक्षा से हमें न केवल ज्ञान प्राप्त होता है बल्कि यह हमें सोंच, समझ और विश्लेषण करने की क्षमता को भी बढ़ाती है। यह हमें अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में मदद करती है। इस अवसर पर विद्यार्थी, उनके अभिभावक और विद्यालय परिवार के सदस्यगण उपस्थित थे।

स्वदेशी मेला का उद्देश्य देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

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 रायपुर : महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कवर्धा के पीजी कॉलेज मैदान में स्वदेशी मेला का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि स्वदेशी मेला हमारे भारत देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है। स्वदेशी मेला के माध्यम से अपने देश में बने चीजों को खरीदने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है। स्वदेशी वस्तुएं आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन का भाव पैदा करता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया का संदेश दिया है और डिजिटल इंडिया को बढ़ाने का कार्य कर रहे है, जिससे देश मजबूत हो रहा है।


प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश में स्वदेशी वस्तु को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमें अपने देश की समान खरीद कर देश को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करना चाहिए। राजवाड़े ने कहा कि लगातार स्वदेशी मेला के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है। पहले हमारा देश आर्थिक स्थिति में 11 वे नंबर पर था लेकिन आज हमारा देश 5 वे नंबर पर आ कर मजबूत हुआ है। हमें इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि हमारे पास कौन सी स्वदेशी वस्तुएं उपलब्ध है। हमें ऑनलाइन खरीदी करते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए कि उपयोग करने वाली वस्तुएं स्वदेशी हो। कवर्धा के स्वदेशी मेले में बहुत सारे स्वदेशी वस्तुओं का स्टॉल लगाया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इस बात की जानकारी होना चाहिए कि देश की अर्थव्यवस्था कैसे बढ़ेगी हम आत्मनिर्भर कैसे होंगे। हमारा दायित्व है कि हम आने वाली पीढ़ी को देश में बनी चीजों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें।

उल्लेखनीय है कि कवर्धा जिले में पहली बार स्वदेशी मेला का आयोजन हो रहा है, जिसका आगाज 17 अक्टूबर से कवर्धा के पीजी कॉलेज ग्राउंड में हुआ। स्वदेशी मेला में विभिन्न राज्यों से स्वदेशी उत्पादों के हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम के अलावा लखनऊ, बिहार, मध्यप्रदेश, दिल्ली, पंजाब और कश्मीर तक के स्टाल की प्रदर्शनी लगाया गया है। साथ ही प्रतिदिन भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। स्वदेशी मेले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना तथा लोगों तक स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता पैदा करना है। स्वदेशी मेला को लेकर जिले के नागरिकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। स्वदेशी मेला में 150 से अधिक स्टाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए मंच और संचालन के लिए आफिस का भव्य सेटअप बनाया गया है।

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