Media24Media.com: भूमिपूजन

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मुख्यमंत्री साय सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में 137 करोड़ के कार्यों का आज करेंगे भूमिपूजन और लोकार्पण

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपराह्न में 3.30 बजे सारंगढ़ के खेलभांठा मैदान में लगभग 137 करोड़ रुपए की लागत से जिले के कार्यों का भूमिपूजन, शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे।


जिला प्रशासन ने इस कार्यक्रम की तैयारी पूर्ण कर ली है। इसमें विशेष कार्य, संयुक्त जिला कार्यालय भवन का भूमिपूजन, जिला चिकित्सालय भवन का भूमिपूजन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारंगढ़ में बीपीएचयू भवन निर्माण और जिला चिकित्सालय के लिए आईपीएचएल भवन निर्माण का भूमिपूजन, जिले में लगभग 8 करोड़ की लागत से गोदाम निर्माण कार्य का भूमिपूजन विशेष रूप से शामिल है।

संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण से जिले के सभी विभागों के कार्यालय एक ही स्थान पर होंगे, जिससे सभी नागरिकों को एक ही स्थान में सभी कार्य हो जाएंगे। इसी प्रकार जिला चिकित्सालय के निर्माण से जिला स्तर का हॉस्पीटल सेटअप स्थापित होगा। सभी स्वास्थ्य सुविधा मुहैया होने से जिले के नागरिकों को अन्य शहर जाने की जरूरत नहीं होगी। इसी प्रकार गोदाम निर्माण से धान खरीदी के दौरान संग्रहण कार्य में सुविधा मिलेगा। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के जिला कार्यालय भवन का लोकार्पण भी करेंगे।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवागढ़ में 209 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पण

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बेमेतरा जिले के विकासखंड मुख्यालय नवागढ़ में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता एवं गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव 2024 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने नवागढ़ में बाबा गुरु घासीदास जैतखम में पूजा-अर्चना कर राज्य की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर 209 करोड़ 12 लाख 57 हजार रूपये के 74 विभिन्न विकास कार्याे का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने नवागढ़ के कोदूराम दलित महाविद्यालय में एमकाम और साइंस विषय की 40-40 सीट और अनुसूचित जाति बाहुल्य 10 ग्रामों में 10-10 लाख रूपये की सीसी रोड का निर्माण कराए जाने की घोषणा की। 

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का समाज एक समतामूलक समाज है। इस समाज के निर्माण में बाबा गुरु घासीदास जी के विचारों की छाया स्पष्ट नजर आती है। मनखे-मनखे एक समान के अपने संदेश से यही बात उन्होंने कह दी। जब एक दूसरे को समानता के दृष्टिकोण से देखना शुरू कर देंगे तो बैरभाव स्वतः ही समाप्त हो जाएगा। उनका यह संदेश केवल समाज ही नहीं अपितु देश-दुनिया को एकजुटता के सूत्र में बांधता है। ऐसे समय में जब विघटनकारी तत्व देश की एकता को तोड़ने की साजिश में लगे हैं, बाबा गुरु घासीदास जी के संदेश प्रकाश स्तंभ की तरह हमें रास्ता दिखा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। धान के कटोरे की पहचान जिन किसान भाइयों से है, वे सुखी समृद्ध रहें इसके लिए हम किसान भाइयों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीद रहे हैं। पिछली बार हमने 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा, इस बार उम्मीद है कि धान खरीदी का यह आंकड़ा 160 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच जाएगा। बाबा जी ने महिला और पुरुषों के बीच समानता का संदेश भी दिया है। यह समानता तब आयेगी जब आर्थिक रूप से भी हमारी माताएं-बहनें पूरी तरह से सशक्त हों, इसके लिए ही मोदी जी ने हमारी माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना के रूप में हर महीने एक हजार रुपए की गारंटी दी। 

शपथ ग्रहण के पहले दिन से ही हमने महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन के लिए काम करना आरंभ कर दिया था। तीन महीने के भीतर ही हमने 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में हर महीने एक हजार रुपए की राशि देनी आरंभ कर दी। अब तक हम योजना की दस किश्त दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं को रोजगार के उचित अवसर मिल सकें, परीक्षाओं में पूरी तरह पारदर्शिता हो, इसके लिए भी हमने कार्य किया। पीएससी परीक्षा की जांच सीबीआई को सौंपी गई। इस साल पीएससी की परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित हुई। मैं पीएससी के टापर्स से मिला, उन्होंने मुझे बताया कि पिछली सरकार में जमकर हुए भ्रष्टाचार के चलते बहुत से युवाओं का पीएससी से भरोसा उठ गया था, इस बार साफसुथरी परीक्षा हुई तो भरोसा फिर से कायम हुआ। 

अनुसूचित जाति, जनजाति के युवा कलेक्टर, एसपी बन सकें, इसके लिए हमने दिल्ली में ट्राइबल यूथ हास्टल में युवाओं के लिए 135 सीटें बढ़ाई हैं। हम लोग युवाओं के लिए नालंदा की तर्ज पर 13 लाइब्रेरी भी नगरीय निकायों में आरंभ करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का पूरा फोकस अनुसूचित जाति-जनजाति के विकास पर है। इसके लिए हमने बजट प्रावधान में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। हमने नई उद्योग नीति तैयार की है। इस उद्योग नीति में हमारे अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान रखे गये हैं। जो लोग उद्यमशीलता के क्षेत्र में बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए काफी अच्छे अवसर हैं। मुझे खुशी है कि हम बाबा गुरु घासीदास जी के शांतिपूर्ण और समतामूलक समाज के संदेश के अनुरूप छत्तीसगढ़ को संवार रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि हमने संकल्प लिया है कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए लगातार कड़ी मेहनत करते रहेंगे।मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर वहां विभागों द्वारा लगायी गयी विकास प्रदर्शनी के स्टॉल का अवलोकन किया और प्रधानमंत्री आवास हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास की चाबी सौपीं। मुख्यमंत्री साय ने राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक साल में प्रदेश की जनता से किए गए वादों को पूरा करके दिखाया है।खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया और नवागढ़ क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री साय द्वारा की गई घोषणा के लिए उनका आभार जताया। समारोह में विधायक किरण सिंह देव, पुन्नूलाल मोहले, दीपक साहू, ईश्वर साहू, अवधेश चंदेल, लाभचंद बाफना सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

बस्तर अंचल में अब बह रही है विकास की बयार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कांकेर जिले के पखांजूर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सभी वर्गों की भलाई और उन्नति के लिए कार्य कर रही है। बस्तर अंचल के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं से बस्तर में  रहने वाले लोगों को केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ-साथ सड़क, स्कूल, पेयजल, आवास, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं आसानी मिल रही है। अब बस्तर में विकास की बयार बह रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में पखांजूर से मायापुर सड़क सुदृढ़ीकरण के लिए 8.78 करोड़ रुपए, खेल परिसर निर्माण के लिए 02 करोड़, सिविल अस्पताल के मरम्मत कार्य के लिए 30 लाख रूपए और नालंदा परिसर लाइब्रेरी निर्माण की घोषणा की। उन्होंने नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष असीम रॉय की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में कुल 254.15 करोड़ रुपए के 68 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 215.41 करोड़ रूपए के 43 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 38.74 करोड़ रूपए के 25 कार्यों का लोकार्पण सम्मिलित हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि 13 दिसंबर को प्रदेश की सरकार का एक साल पूरा होने जा रहा है और इतने कम समय में जनता से किए गए वायदों को पूरा करने सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार गठन के तुरंत बाद 25 दिसंबर को सुशासन दिवस पर किसानों को अंतर की राशि का भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए आवासों की स्वीकृति दी गई। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक प्रति मानक बोरा 4000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। नियद नेल्लानार योजना के तहत माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। वहीं विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास से जोड़ने पीएम जनमन योजना चलाई जा रही है। प्रदेश में नई उद्योग नीति लागू कर व्यवसाय और उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी तरह राज्य पीएससी की परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सीबीआई लगातार कार्रवाई कर रही है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि पिछले एक साल में साय सरकार ने प्रदेशवासियों के लिए अनेक कार्य किए। राज्य की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना में हर महीने एक-एक हजार रूपए की राशि दी जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगातार आवास बन रहे है। किसानों से लेकर हर वर्ग का कल्याण हो रहा है। कार्यक्रम को अंतागढ़ विधायक विक्रम देव उसेंडी ने भी सम्बोधित किया।

कार्यक्रम में कांकेर विधायक आशाराम नेताम, नगर पंचायत पखांजूर की अध्यक्ष श्रीमती मोनिका साहा, पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा, मंतूराम पवार, राज्य मत्स्य विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भरत मटियारा सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

डबल इंजन की सरकार में न फंड की कमी न विकास कार्यों में देरी: उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन

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 रायपुर : वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कल मंगलवार को कोरबा नगर में विभिन्न वार्डों में 38 लाख रुपए की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।


वार्ड क्रमांक 55 बलगी में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में मंत्री देवांगन की मुख्य आतिथ्य में दशहरा मैदान दुर्गा पंडाल के पास यादव समाज के मांग अनुरूप सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य लागत 10 लाख रुपए और वार्ड क्रमांक 01 सर्वमंगला पारा शिव मंदिर के पास सांस्कृतिक मंच का निर्माण कार्य लागत 5 लाख रुपए की लागत से होने वाले कार्य का भूमिपूजन संपन्न हुआ।

इसी तरह तुलसीनगर वॉर्ड क्रमांक 02 में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 02 हनुमान मंदिर के सामने शेड निर्माण कार्य 8 लाख, वार्ड क्रमांक 32 रामपुर हाउसिंग बोर्ड कालोनी में सांस्कृतिक मंच निर्माण कार्य लागत 5 लाख, वार्ड क्रमांक 12 रेलवे कॉलोनी न्यू अमरैया पारा शिव मंदिर के पास निर्मित मंच का बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य 5 लाख, वार्ड क्रमांक 29 शिवनगर पोड़ीबहार में गुरु दयाल मानिकपुरी के घर के पास सांस्कृतिक मंच निर्माण कार्य 5 लाख के कार्यों की नींव रखी गई।

इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने कहा कि जिन कार्यों की आधारशिला रखी जा रही है, इन कार्यों की मांग गणेश पूजा और अन्य कार्यक्रमों में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों ने की थी। मंत्री देवांगन ने कहा कि जनता की जरुरत और उनकी मांग को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति दी जा रही है और इसी का नतीजा है कि एक से डेढ़ महीने के भीतर ही इन कार्यों की शुरूआत भी हो रही है। मंत्री देवांगन ने कहा की डबल इंजन की सरकार में विकास कार्य अब कोरबा शहर में तेज़ी से होने लगा है। बड़े निर्माण कार्यों के साथ वार्डों के छोटे छोटे कार्य भी तेजी से होने लगे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 नवम्बर को बलौदाबाजार, कटघोरा और रायपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 08 नवम्बर को बलौदाबाजार, कोरबा जिले के कटघोरा और राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूर्वान्ह 11.05 बजे पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 11.25 बजे बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के बलौदाबाजार स्थित शासकीय डी.के. महाविद्यालय मैदान पहुंचेंगे और 11.30 बजे दशहरा मैदान में आयोजित विभिन्न विकास कार्यो के भूमिपूजन एवं लोकार्पण एवं दीपावली मिलन कार्यक्रम में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री बलौदाबाजार से दोपहर 12.35 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 1.05 बजे कोरबा जिले के कटघोरा के मेला ग्राउण्ड हेलीपेड पहुंचेंगे और वहां प्रांत स्तरीय भगवान सहस्त्रबाहु जयंती कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपरान्ह 3.15 बजे रायपुर लौट आएंगे। मुख्यमंत्री साय शाम 5 बजे रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इंडियन रोड कांग्रेस के 83वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल होंगे।

बेमेतरा कुटुम्ब न्यायालय भवन का हुआ भूमिपूजन व शिलान्यास

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रायपुर। मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से बेमेतरा में कुटुम्ब न्यायालय भवन का भूमिपूजन व शिलान्यास किया। मुख्य न्यायाधिपति सिन्हा ने कहा कि हमारी प्राथमिकता छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले में गुणवत्तायुक्त तथा सर्वसुविधायुक्त न्यायालय व आवासीय भवन उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में आज कुटुम्ब न्यायालय भवन बेमेतरा का भूमिपूजन व शिलान्यास किया जा रहा है।

मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने न्यायालय भवन के गुणवत्तापूर्ण निर्माण व समय-सीमा के अन्तर्गत निर्माण पर बल देते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग तय समय-सीमा के अन्तर्गत इतना अच्छा व गुणवत्तायुक्त न्यायालय भवन तैयार करें। उन्होंने कहा कि नवीन भवन सभी प्रकार की सुविधाओं से सुसज्जित होगा जिससे यहां पक्षकारों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। मुख्य न्यायाधिपति ने कहा कि भवन निर्माण हो जाने के बाद कुटुम्ब न्यायालय के अधिकारी और कर्मचारीगण की कार्य क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने न्यायालय परिसर में साफ-सफाई एवं रखरखाव को सुनिश्चित करने की बात कही।

बेमेतरा नवीन कुटुम्ब न्यायालय भवन का निर्माण 18 हजार वर्ग फीट में होगा। जिसमें कोर्ट रूम, न्यायाधीश विश्राम कक्ष, मीटिंग हाल, लाईब्रेरी, काउंसिलिंग रूम, किलकारी रूम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम, लेखा शाखा, प्रतिलिपि, कम्प्यूटर, रीडर्स, स्टेनो, स्टाफ, न्यायालय अधीक्षक, अधिवक्ता आवक जावक, सेंट्रल फाईलिंग, नजारत, महिला कामन रूम, पुरूष कामन रूम, वेटिंग रूम व इन्फार्मेशन रूम के लिए एक-एक कक्ष होगा तथा दो-दो कक्ष मीडिएशन व स्टोर रूम के लिए होंगे। इस निर्माण को कार्यादेश से कुल 15 माह के भीतर पूर्ण किया जाना है। इस नवीन भवन के लिए 2 करोड़ 73 लाख 86 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है। इस अवसर पर छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं पोर्टफोलियो न्यायाधीश बेमेतरा न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार व्यास ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

शहरों के विकास के लिए नहीं होगी राशि की कमी : अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र में शामिल वार्डों के विकास के लिए 14 करोड़ 73 लाख रुपए के 94 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। बिलासपुर के जिला खेल परिसर में आयोजित समारोह की अध्यक्षता विधायक सुशांत शुक्ला ने की। उप मुख्यमंत्री साव की पहल और विधायक शुक्ला के विशेष प्रयासों से 15वें वित्त आयोग, अधोसंरचना मद एवं निकाय मद के अंतर्गत ये विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। अधिकांश स्वीकृत कार्य सीसी रोड, नाली निर्माण तथा स्ट्रीट लाइट से संबंधित हैं। उप मुख्यमंत्री साव एवं विधायक शुक्ला ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत खेल परिसर में नीम के पौधे भी लगाए।

भूमिपूजन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि विगत पांच सालों में पहली बार विकास कार्यों के लिए लगभग 15 करोड़ की एकमुश्त राशि मिली है। हमारी सरकार नगरीय क्षेत्रों के विकास के लिए संकल्पबद्ध है। शहरों के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी। जनभावना के अनुरूप तमाम विकास कार्य होंगे। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से हाल ही में मुलाकात हुई है। हमें जल्द ही और आबंटन मिलने की संभावना है। इससे हर जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्ति को रहने के लिए पक्का छत मिल सकेगा। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत सभी को पेड़ लगाने का आह्वान किया। उन्होंने इसे बड़े होते तक सहेजने को भी कहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव शहर की समस्याओं से अवगत हैं। धीरे-धीरे पूरी समस्याओं का समाधान होगा। इससे शहर की दशा एवं दिशा जरूर बदलेगी। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने कार्यक्रम में स्वागत भाषण एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बिलासपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष राजेश सिंह, जिला पंचायत के सीईओ रामप्रसाद चौहान और प्रभारी डीएफओ अभिनव कुमार सहित विभिन्न वार्डों के पार्षद, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

महासमुंद : केंद्रीय मंत्री शेखावत ने 12 सड़कों का किया भूमिपूजन

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महासमुंद। पीएम जनमन योजना अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार बसाहट को जोड़ने के लिए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम झालखमरिया में आज 12 सड़कों का भूमि पूजन किया।


इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरूण साव, सांसद चुन्नीलाल साहू, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा,पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकार, पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा, रूप कुमारी चौधरी, सरपंच यशवंत साहू और कलेक्टर प्रभात मलिक भी मौजूद थे।

बता दें कि, इन 12 सड़कों को बनाने की लागत 9 करोड़ 64 लाख 20 हजार रूपये है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान पीएम जनमन के अंतर्गत महासमुंद जिले में में कुल 12 कमार बसाहट को जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 12 सड़कों की स्वीकृत की गई है।

ग्राम झालखमहरिया में भूमि पूजन केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया। सड़कों की कुल 13.800 किलोमीटर लंबाई है. जिसकी लागत 9 करोड़ 9 करोड़ 64 लाख 20 हजार रूपये है. इसमें टी 1 झालखमहरिया से कमार डेरा तक 1.60 किमी लंबाई की सड़क शामिल है, जो 1 करोड़ 31 लाख रूपये की लागत से बनाई जाएगी है।


हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजने और संवारने का काम किया है : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि हमारी सरकार ने बीते पांच सालों में छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं परम्परा, तीज-त्यौहारों को संरक्षित एवं संवर्धित करने का काम किया है। छत्तीसगढ़ी तीज-त्यौहारों को लोग आनंद और उत्साह के साथ एकजुट होकर मना सके, इसके लिए हमने राज्य के प्रमुख तीज-त्यौहारों पर सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं परंपरा को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति हमारी पहचान है।

इसको सजाने, संवारने का काम हम सबको मिलकर करना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम झीट में आयोजित परिक्षेत्रीय साहू संघ के भूमिपूजन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती के अवसर पर नमन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री बघेल और साहू संघ के पदाधिकारियों ने 30 लाख रूपए की लागत से बनने वाले साहू समाज के सामुदायिक भवन का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश गांधी जी के दिखाये रास्ते पर आगे बढ़ते हुए विकास के नए आयाम गढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया है। अधोसंरचना विकास के साथ-साथ पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने का काम भी हमने किया है। बघेल ने कहा कि प्रदेश के लोगों आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से अनेक योजनाएं चलायी जा रही हैं, जिससे किसानों, मजदूरों और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव और खुशहाली आयी है। ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए रीपा की स्थापना की गई है। प्रदेश के युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का काम किया जा रहा हैं।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि प्रदेश के सभी समाज के लोगों को सामाजिक भवन देने की बड़ी पहल की है। सामाजिक भवन होने से समाज के लोगों को सामाजिक कार्यक्रम के आयोजनों में सहूलियत हो रही हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मोरध्वज साहू, सरपंच ग्राम पंचायत झीट श्रीमती शशिकला सिन्हा, जिला साहू संघ के अध्यक्ष नन्दलाल साहू, परिक्षेत्र साहू संघ झीट के अध्यक्ष कल्याण साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री बघेल सुकमा जिले को 273.28 करोड़ के 137 विकास कार्याें की देंगे सौगात

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 24 सितंबर को सुकमा जिले के छिंदगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 273.28 करोड़ रूपये की लागत के 137 विकास कार्याें का लोकार्पण व भूमिपूजन करेंगे। इनमें 254.10 करोड़ रूपये की लागत के 118 कार्यो का लोकार्पण और 19.18 करोड़ रूपये के 19 कार्यो का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री के हाथों विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 257 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, नियुक्ति पत्र, आर्थिक सहायता राशि का चेक और सामाग्री का वितरण किया जाएगा।

भूमिपूजन वाले कार्याें में राष्ट्रीय राजमार्ग योजना के तहत 81.08 करोड़ रूपये लागत के राष्ट्रीय राजमार्ग 30 में 12 उच्च स्तरीय पुलिया निर्माण एवं चौड़ीकरण-मजबूतीकरण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा। इसी प्रकार विकासखण्ड सुकमा, कोण्टा, छिंदगढ़ के 47 गांवों में जल जीवन मिशन के तहत 53.38 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित होने वाली एकल ग्राम जल प्रदाय योजना के कार्य एवं छिंदगढ़ में 3 करोड़ की लागत से आवर्धन जल प्रदाय योजना का कार्य, शिक्षा विभाग के हास्टल, लाईब्रेरी, स्कूल भवन, अतिरिक्त भवन, पोटा केबिन, लोक निर्माण विभाग के संड़क, पुल-पुलिया, सीसी रोड, जल प्रदाय योजना, माईनर ब्रिज निर्माण, आदिम जाति अनुसूचित जाति विकास के 3 आश्रम भवन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के उप स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन, 23 प्राथमिक शाला भवन निर्माण कार्य जिसकी कुल लागत 50.77 करोड़ रूपये से अधिक है, आदि कार्य।

इसी प्रकार 23.70 करोड़ रूपये की लागत के सुकमा में खेल परिसर, महाविद्यालय व विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष, 2 उच्च स्तरीय पुल निर्माण के कार्य, स्वास्थ्य विभाग के 13.96 करोड़ रूपये की लागत से सुकमा के जिला अस्पताल में 50 बिस्तर क्रिटीकल केयर ब्लाक सहित अन्य 03 स्थानांे पर स्वास्थ्य केन्द्र भवन का निर्माण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 4.22 करोड़ रूपये के लागत से 02 सड़क एवं चार सीसी रोड निर्माण, आदिम जाति कल्याण विभाग व पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के तहत 4.83 करोड़ रूपये की लागत के सीसी रोड, पुल-पुलिया, सामुदायिक भवन, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन, पंचायत भवन व स्व-सहायता समूह के लिए आजिविका वर्क शेड आदि कार्य, वन विभाग के 5 करोड़ रूपये के 07 नरवा विकास कार्य का भूमिपूजन होगा। इसी तरह विभिन्न विकासखण्डों में भी अन्य विकास कार्याें का भूमिपूजन होगा।

मुख्यमंत्री बघेल द्वारा लोेकार्पित होने वाले कार्याें में जिला निर्माण समिति के तहत 9.47 करोड़ रूपये से निर्मित स्कूल भवन एवं संधारण, शेड निर्माण, जिला अस्पताल में अतिरिक्त भवन निर्माण, माईनर ब्रिज का लोकार्पण होगा। इसी प्रकार ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग अंतर्गत 1.74 करोड़ रूपए की लागत से पोटाकेबिन, स्कूल भवन की मरम्मत, 34.74 लाख रूपये की लागत से जिला अस्पताल में निर्मित बर्न वार्ड, उप स्वास्थ्य केन्द्र सुकमा में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत 4.66 करोड़ रूपये की लागत से 9 एकल ग्राम जल प्रदाय योजना और 2 रेट्रोफिटिंग जल प्रदाय योजना, 2.65 करोड़ रूपये की लागत के 09 उचित मूल्य की दुकान निर्माण, 14 आंगनबाड़ी भवन निर्माण और 30 लाख रूपये की लागत से मुसारिया माता मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण होगा।    

जिन स्कूलों से गोलियों की आवाज आती थीं, वहाँ अब बच्चे गा रहे पोयम - सीएम

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रायपुर। जिला स्तरीय भेंट मुलाकात के लिए बीजापुर जिले के प्रवास में पहुँचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 457 करोड़ 58 लाख रुपए के विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि नक्सल प्रभावित जिन क्षेत्रों के बंद स्कूलों से पहले गोलियों की आवाज आती थीं वहां अब बच्चे पोयम गा रहे हैं। अभी कुछ बच्चों से बात की। वे फर्राटेदार इंग्लिश बोल रहे थे। यह बीजापुर का बदलाव है। पहले मीटिंग आदि होने पर आम जनता को शाम होने पर घर पहुँचने में डर लगता था वे अब सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 123 करोड़ रुपए की राशि से निर्मित संरचनाओं का लोकार्पण किया एवं 334 करोड़ रुपए से बनने वाली अधोसंरचनाओं का भूमिपूजन किया। साथ ही उन्होंने हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ईंटपाल में नवनिर्मित बीजापुर गारमेंट फैक्ट्री का लोकार्पण भी किया एवं यहां कार्यरत महिलाओं से बातकर फैक्ट्री में चल रही गतिविधियों की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने रूरल इंडस्ट्रियल पार्क का भी अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने जिले में 4 करोड़ रुपए से निर्मित सेंट्रल लाइब्रेरी का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण भी किया।

उन्होंने इस अवसर पर जापान एवं चीन में आयोजित एशिया कप प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी के साफ्ट बाल के पांच खिलाड़ियों सहित भुवनेश्वर में आयोजित प्रथम जनजातीय खेलो इंडिया नेशनल प्रतियोगिता का हिस्सा रही फुटबाल टीम के सदस्य प्रमिला तेलम, कमला तेलम एवं ईशा कुड़ियम को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जिला अस्पताल बीजापुर का नामकरण महादेव राणा शासकीय जिला चिकित्सालय बीजापुर करने की घोषणा की। उन्होंने बीजापुर जिले के आवापल्ली स्थित उसूर चौक को नागुर दोरला चौक के नाम से नामकरण करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने नवीन शासकीय आदर्श महाविद्यालय जावंगा( गीदम) का नामकरण वीरांगना मासक देवी नाग शासकीय आदर्श महाविद्यालय के नाम पर करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने चेरपाल, वरदली, संकनपल्ली और पापनपाल में नवीन धान उपार्जन केंद्र एवं मादेपुर तथा जारपल्ली में नवीन प्राथमिक शाला खोलने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि बीजापुर अब कितना बदल गया है। 5 साल पहले जब यहां मुझे बुलाया जाता था तो सड़क मार्ग से आते थे, कार्यक्रम में भाषण देते हुए धीरे से कोई कहता था भैया ! जल्दी खत्म करो वापस जाना है। लेकिन आज बीजापुर में सभी सुरक्षित महसूस करते हैं। बीजापुर के लोगों में विश्वास बढ़ा है। बड़ी संख्या में कैंप खुले हैं जो इससे पहले कभी नहीं खुले थे। इतनी सड़कें बनी हैं जो पहले कभी नहीं बने थे। बहुत सारे मोटरसाइकिल खरीदे गए, जो पहले नहीं थे। 1000 से अधिक ट्रैक्टर खरीदे गए हैं, जो पहले नहीं थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जब मैं भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में आया था, यहां के लोग दो ही चीज मांगते थे। या तो हमारे यहां धान खरीदी केंद्र, बैंक खोल दो और दूसरा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोल दो। मुझसे धान खरीदी केंद्रों की माँग की जाती है क्योंकि पहले की तुलना में दो से ढाई गुना ज्यादा धान का उत्पादन हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजापुर जिले में बंद पड़े 200 स्कूल पुनः आरंभ हो चुके हैं। बीजापुर जिले में 14 स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले गये हैं। आज बस्तर फाइटर में अकेले बीजापुर से 300 नौजवानों को नौकरी मिली है। शिक्षकों की भर्ती हुई है। इन 5 वर्षों में अंदरूनी क्षेत्रों में भी 20 हजार से अधिक राशन कार्ड बने। आज 20 से अधिक अस्पताल खुल गए हैं। इलाज हो रहा हैडॉक्टर तैनात हैं। हमारे आदिवासियों को पट्टा नहीं मिल पाता था हमने व्यक्तिगतवनाधिकार और सामुदायिक पट्टे दिए। देवगुड़ी का भी हमने सामुदायिक पट्टा दिया। देवताधामी के लिए भी हमने पट्टा दे दिया। पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति के लोगों के लिए पट्टा जारी किया है। सोलर पंप लगे हैं। लाइट पहुंच रही हैं। पिछले साल भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में आए थेऐसे तालाब जो पुराने राजा, महाराजाओं के समय में बने थे सबके संधारण कार्य के लिए पैसा मांगा गया। हमने सभी तालाबों के संधारण की स्वीकृति दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यहां साइकिल का शोरूम भी दुर्लभ था, वहां आज आठ-आठ ट्रैक्टर के शोरूम हैं। मोटरसाइकिल के शोरूम खुल रहे हैं,  क्योंकि आज बिक्री हो रही है। हर पंचायत में आज ट्रैक्टर हैं। बहुत बड़ी बात है। 5 साल में यहां सरकार ने जो परिवर्तन लाया है वह बहुत बड़ी बात है। पहले ढाई हजार में तेंदूपत्ता बेचते थे आज 4000 में बेच रहे हैं,  महुआ,  कोदो-कुटकी रागी आज बेचा जा रहा है। पहले कपड़े बाहर से आते थे। इन पांच वर्षों में यहां कपड़े बनने लगे, प्रोसेसिग यूनिट्स लगे। लोगों की आय में वृद्धि हुई है। हमने पेसा कानून लागू किया। इस प्रकार से दुर्गम से दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा हम लोग उपलब्ध करा रहे हैं। 

हास्टल के बच्चों की आदान राशि में हमने वृद्धि की। ओल्ड पेंशन लागू किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की। सभी वर्गों के लिए हमने काम किया है। बस्तर विकास की ओर चल पड़ा है। आदिवासियों की जमीन आपसे छीनी गई थी। इसे वापस किया गया है। इस मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने भी अपना संबोधन दिया। लखमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीजापुर में भी तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। आजीविका के बेहतर अवसर निर्मित हो रहे हैं।

इस मौके पर बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम शाह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी ,जिला पंचायत सदस्य श्रीमती नीना रावतिया उद्दे, एडीजी नक्सल आपरेशन विवेकानंद सिन्हा, बस्तर संभागायुक्त श्याम धावड़े, आईजी पी सुंदरराज, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा, पुलिस अधीक्षक आंजनेय वाष्णैर्य भी मौजूद रहे।

मांदर की थाप देते हुए खुद झूमने लगे

मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री जब भेंट मुलाकात कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे तो यहां उनके स्वागत के लिए लोक कलाकार पारंपरिक धुनों में प्रस्तुति दे रहे थे। इसी समय मुख्यमंत्री भी उनके साथ शामिल हो गये और स्वयं भी मांदर को थाप देते हुए उनके साथ झूमने लगे।

सीता फल का भी लिया स्वाद

जिला स्तरीय भरोसे का सम्मेलन में लगे विभिन्न स्टालों के अवलोकन के बीच मुख्यमंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टाल पर पहुँचे जहां पर आंगनबाड़ी की पोषणवाटिका में तैयार की गई फल-सब्जी प्रदर्शित की गई थी। मुख्यमंत्री ने यहां पोषण वाटिका में ही फले सीताफल का भी स्वाद चखा।

 

 

 

सीएम भूपेश बघेल ने नवा रायपुर में ‘कमर्शियल हब’, एरोसिटी और ‘शहीद स्मारक’ की रखी आधारशिला

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज नवा रायपुर अटलनगर के सेक्टर-35 में आयोजित समारोह में तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं कमर्शियल हब’, एरोसिटी और शहीद स्मारक’  का भूमिपूजन और शिलान्यास किया।

नवा रायपुर में निवेश, बसाहट और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेक्टर-23, 24, 34, 35 और 40 में 1083 एकड़ में कमर्शियल हबविकसित किया जा रहा है। इसी तरह नवा रायपुर के लेयर-3 में यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने, एयरपोर्ट क्षेत्र के वाणिज्यिक विकास तथा रोजगार सृजन हेतु स्वामी विवेकानंद विमानतल के निकट ग्राम बरोदा एवं रमचण्डी के चिन्हांकित 216.63 एकड़ में एरोसिटीविकसित की जा रही है। शहीद स्मारककी स्थापना नवा रायपुर के ग्राम परसदा (सेक्टर-3) में व्हीआईपी बटालियन में 13 एकड़ में की जा रही है।  

कमर्शियल हब : प्रथम चरण में 1000 थोक व्यावसायिक दुकानों का होगा निर्माण

कमर्शियल हब के प्रथम चरण में 20 व्यवसायों के लगभग 1,000 थोक व्यावसायिक दुकानों के विकास हेतु भू-खण्डो का प्रावधान किया गया है जिसमें थोक किराना, अगरबत्ती, होलसेल बारदाना, दाल मिल, पेपर ट्रेड आदि हेतु पृथक-पृथक प्रावधान किया गया है। कमर्शियल हब के विकास हेतु राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। कमर्शियल हबके सिटी लेवल अधोसंरचना तथा प्रथम चरण के 125 एकड़ में अधोसंरचना का विकास 195.51 करोड़ रूपए की राशि से किया जाएगा।

इस परियोजना के लिये चिन्हांकित भूमि राष्ट्रीय राज मार्ग नं. 30 एवं भारत माला परियोजना के अलॉइमेंट के निकट स्थित है तथा उक्त भूमि को रेलवे कनेक्टिविटी भी प्राप्त है। चिन्हांकित भू-खण्ड स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से लगभग 12 किमी. पर स्थित है। चिन्हांकित भूमि ग्राम निमोरा, उपरवारा, परसट्ठी, बेन्द्री, केन्द्री, झांकी एवं मुड़पार में स्थित है। उक्त भू-खण्ड का भू-उपयोग सार्वजनिक तथा अर्ध- सार्वजनिक से मिश्रित भू-उपयोग में किया गया है।

गौरतलब है कि लगभग 7743 विभिन्न थोक व्यावसायिक संघों से परामर्श तथा सर्वे करने के पश्चात् बाजार की मांग का आंकलन किया गया है, जिसके आधार पर मांग मूल्यांकन एवं प्रोडक्ट मिक्स निकाले गये चिन्हांकित भू-खण्ड में भूमि की उपलब्धता तथा व्यावसायिक गतिविधि की प्राथमिकता के आधार पर कुल 1,083 एकड़ पर व्यावसायिक क्लस्टर अनुसार जोनिंग प्लान तैयार किया गया है, जिसका विकास चरणबद्ध रूप से किया जाना प्रस्तावित है।

नवा रायपुर अटल नगर में निवेश, बसाहट तथा वाणिज्यिक गतिविधयों को बढ़ावा दिये जाने हेतु सेक्टर-23, 24, 34, 35 तथा 40 के 438.47 हेक्टेयर (1.083 एकड़) क्षेत्रफल पर थोक व्यवसायिक बाजार प्रस्तावित किया गया है। यह थोक व्यावसायिक बाजार न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि आस-पास के अन्य राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भी लाभदायक होगा। इस परियोजना में थोक व्यवसाय से जुड़ी सभी सुविधाएं एवं भौतिक अधोसंरचना उच्च मानकों केअनुसार प्रदान की जाएगी। इस परियोजना के क्रियांवयन से आस-पास के क्षेत्र में रोजगार के सृजन होने की संभावनाएं हैं।

एरोसिटी : वाणिज्यिक संस्थान, शॉपिंग कॉम्पलेक्स, होटल का प्रावधान

नया रायपुर अटल नगर के लेयर-3 में यात्री सुविधाओं को बढावा देने, एयरपोर्ट क्षेत्र के वाणिज्यिक विकास तथा रोजगार सृजन हेतु स्वामी विवेकानंद विमानतल के निकट एरोसिटी विकसित की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी 2023 को एरोसिटी स्थापना की घोषणा की थी।

एरोसिटी के लिए नवा रायपुर के ग्राम बरोदा और रमचण्डी में लगभग 216.63 एकड़ भूमि चिन्हांकन की गई है। चिन्हांकित भू-खण्ड में निजी स्वामित्व की भूमि शामिल होने के कारण एरोसिटी परियोजना का विकास नगर विकास योजना की तर्ज पर किये जाने का निर्णय लिया गया है। बाजार मूल्यांकन एवं प्राधिकरण का वित्तीय हित देखते हुए प्रथम चरण में लगभग 24.85 एकड़, क्षेत्रफल की भूमि को विकसित किये जाने का निर्णय लिया गया।

शासकीय स्वामित्व की 15.45 एकड भूमि पर तैयार किये गये अभिन्यास में 0.62 एकड़ से 3.01 एकड़ तक के 04 वाणिज्यिक भू-खण्ड, 0.82 एकड़ के 01 शॉपिंग कॉम्पलेक्स एवं 1.44 एकड़ भूमि 01 होटल हेतु प्रस्तावित है। एरोसिटी के विकास हेतु राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

शहीद स्मारक

नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र के ग्राम परसदा (सेक्टर-3) में व्ही.आई.पी. बटालियन के लिए 42.931 एकड़ भूमि चिन्हांकित की गई है। इसमें से 13 एकड़ में शहीद स्मारक की स्थापना की जाएगी। इस प्रस्तावित परियोजना में शहीद स्मारक लगभग 07 एकड़ भूमि पर 2700 शहीदों के नाम उत्कीर्ण किये जाने हेतु दीवारों का निर्माण, छत्तीसगढ़ अमर जवान ज्योति स्मारक का निर्माण लगभग 6 एकड़ भूमि में, 1500 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्मारक म्यूजियम, 21 प्लाटून हेतु परेड ग्राउंड, बगलर प्लेटफार्म, लगभग 400 दर्शकों हेतु दीर्घा, 40 वर्ग मीटर में विशिष्ट अतिथि दीर्घा, 1400 वर्ग मीटर में 60 जवानों के लिए बैरक तथा पार्किंग, फाउंटेन, सिचाई इत्यादि की व्यवस्था की जाएगी। राज्य शासन द्वारा इसके लिए 47.75 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र अंतर्गत विविध कार्यों के इस शिलान्यास कार्यक्रम की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने की। इस दौरान  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविन्द्र चौबे, विधायक धनेन्द्र साहू, मुख्यमंत्री के विशेष सलाहकार राकेश गुप्ता तथा छत्तीसगढ़ चैंबर आफ कामर्स के पदाधिकारी तथा उपस्थित थे।

हीरक जयंती पर रायपुर मेडिकल कॉलेज को मिला उपहार, सीएम ने मेडिकल कॉलेज के 700 बिस्तर क्षमता वाले नए चिकित्सालय भवन का किया भूमिपूजन

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में 700 बिस्तर क्षमता वाले नए एकीकृत चिकित्सालय भवन का भूमिपूजन किया। चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध अस्पताल के लिए 322 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक सर्वसुविधायुक्त चिकित्सालय भवन का निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा। मुख्यमंत्री बघेल ने मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में महाविद्यालय के हीरक जयंती समारोह का शुभारंभ भी किया।

आज से ठीक 60 साल पहले 9 सितम्बर 1963 को रायपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई थी। उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री टी.एस. सिंहदेव, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. प्रीतम राम, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, विधायक सत्यनारायण शर्मा, महापौर एजाज ढेबर, रायपुर नगर निगम के सभापति प्रमोद शर्मा और रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा दोनों कार्यक्रमों में शामिल हुईं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भूमिपूजन कार्यक्रम और हीरक जंयती के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि रायपुर मेडिकल कॉलेज एवं इससे संबद्ध चिकित्सालय को आज की जरूरत के हिसाब से विकसित करना है। उन्होंने सभी प्राध्यापकों, स्टॉफ, छात्र-छात्राओं और भूतपूर्व विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज के 60 वर्ष पूरे करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस मेडिकल कॉलेज और चिकित्सालय की प्रतिष्ठा बढ़े, इसके लिए हम सबको मिल कर काम करना है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में काफी बढ़ोतरी हुई है। स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा और गुणवत्ता दोनों बढ़ी है। सरकारी अस्पतालों पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। दूरस्थ अंचलों के लोगों तक भी निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंची हैं। शासकीय अस्पतालों के माध्यम से लोगों को निःशुल्क उपचार, जांच और दवाई मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य मशीनरी हर संकट से निपटने के लिए तैयार है। वैश्विक महामारी कोरोना के समय हमारे डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल स्टॉफ ने बेहतर काम कर इसे साबित भी किया है। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में  मलेरिया और डायरिया फैलना अब बीते दिनों की बात हो गई है। हमारे मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान से मलेरिया के मामलों में काफी कमी आई है।

उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रायपुर मेडिकल कॉलेज का 60 साल का सफर शानदार रहा है। इससे संबद्ध अस्पताल प्रदेशवासियों के लिए बड़ी उम्मीद है। एशिया की सबसे एडवांस्ड मशीनरी भी यहां उपलब्ध है। आज नए चिकित्सालय भवन का भूमिपूजन हुआ है, जल्दी ही इसके लोकार्पण का समय आएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अस्वस्थता के बावजूद वे कार्यक्रम में मौजूद हैं। मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य विभाग के लिए जितना मांगा है, उन्होंने उससे ज्यादा ही दिया है। सिंहदेव ने बताया कि रायपुर मेडिकल कॉलेज में जीनोम सिक्वेसिंग लैब के लिए मंजूरी मिल गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै ने कार्यक्रम में कहा कि रायपुर मेडिकल कॉलेज प्रदेश का सबसे बड़ा टर्शरी केयर हॉस्पिटल है।

यहां लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए सर्वसुविधायुक्त एकीकृत चिकित्सालय भवन की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। आज भूमिपूजन होने के बाद जल्दी ही इसका निर्माण भी शुरू हो जाएगा। डीन डॉ. तृप्ति नागरिया ने अपने स्वागत भाषण में रायपुर मेडिकल कॉलेज के 60 वर्ष के सफर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1963 में आज ही के दिन 60 विद्यार्थियों के साथ इसकी यात्रा शुरू हुई थी। अब यहां एमबीबीएस की 230 और पीजी की 150 सीटें हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल की क्षमता 700 बिस्तरों से बढ़कर 1248 हो गई है। नए एकीकृत चिकित्सालय भवन में 700 बिस्तर बढ़ने से यहां बिस्तरों की संख्या करीब दो हजार हो जाएगी। दो हजार बिस्तर क्षमता वाला यह मध्य भारत का एकमात्र अस्पताल होगा। चिकित्सालय में सुविधा बढ़ने से लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा।

डीन डॉ. नागरिया ने महाविद्यालय के हीरक जयंती के मौके पर नए चिकित्सालय भवन के भूमिपूजन के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं राज्य शासन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह जन्मदिन पर उपहार मिलने जैसा है। उन्होंने बताया कि हीरक जयंती का मुख्य समारोह इस वर्ष 23 दिसम्बर और 24 दिसम्बर को मनाया जाएगा। इसमें देश-विदेश में सेवा दे रहे महाविद्यालय के पूर्व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में भाग लेंगे। हीरक जयंती आयोजन समिति के सह-अध्यक्ष डॉ. ललित शाह, सचिव डॉ. राकेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष डॉ. अनिल जैन और डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. एस.बी.एस. नेताम सहित रायपुर मेडिकल कॉलेज के प्राध्यापक, आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

ऐसा होगा नया एकीकृत चिकित्सालय भवन

एकीकृत नवीन चिकित्सालय भवन में प्रदेशवासियों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सभी बुनियादी सुविधाएं इस परिसर में उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रदेशवासियों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार का यह एक बड़ा कदम है। इसके बनने से राजधानी के नागरिकों को अत्याधुनिक सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल की सुविधा मिल सकेगी।

डॉ. भीमराव स्मृति चिकित्सालय रायपुर में बनने वाले 700 बिस्तर के इस अस्पताल में बेसमेंट फ्लोर, लोवर ग्राउंड फ्लोर तथा भूतल के अलावा सात तल होंगे। इस अस्पताल में सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल की सभी सुविधाएं मरीजों को मिलेंगी। इस एकीकृत नवीन चिकित्सालय भवन का निर्माण 70 हजार 896 वर्ग मीटर में होगा। भवन में फायर फाइटिंग सिस्टम, एचवीएसी सिस्टम, आईबीएमएस सिस्टम आदि का प्रावधान किया गया है। भवन में बेसमेंट फ्लोर 8828 वर्ग मीटर का, भूतल 7500 वर्ग मीटर का, प्रथम तल से पंचम तल तक 7274 वर्ग मीटर, षष्ठम तल मय आट्रियम रूफ स्ट्रक्चर 8728 वर्ग मीटर, सातवां तल 640.57 वर्ग मीटर का होगा। नींव को इस रूप में तैयार किया गया है कि भविष्य में सातवें फ्लोर और आठवें फ्लोर को जरूरत के हिसाब से विकसित किया जा सकता है।

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