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ट्रंप के बयान से स्टॉक मार्केट धड़ाम: कई शेयरों में भारी नुकसान

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 Trump Tariff Impact : भारतीय शेयर बाजार पर भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ का असर देखने को मिला हैं। भारतीय शेयर बाजार धड़ाम होकर नीचे गिरा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा कर दी है, जिसका प्रभाव वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी देखा जा रहा है। इस फैसले के बाद एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट आई है।


सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलने के साथ ही 500 अंक नीचे गिर गया है। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंक नीचे गिरा है। दोनों ही रेड जोन में खुले है। शेयर बाजार में गिरावट के साथ ही इंडियन करंसी भी गुरुवार को टूट गई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे नीचे गर गया है और 85.78 पर पहुंचा है।

गौरतलब है कि ट्रंप ने टैरिफ डे को लिब्रेशन डे का नाम दिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान कर बता दिया है कि वो टैक्स कितना वसूलेंगे। नए टैरिफ के अनुसार अमेरिका चीन से 34 फीसदी, यूरोपीय संघ से 20% जापान से 24% और भारत से 26% टैरिफ वसूलेगा. टैरिफ के ऐलान के साथ ही एशियाई बाजारों में हड़कंप मच गया है और जापान के स्टॉक मार्केट का सबसे बुरा हालहै।

बीएसई सेंसेक्स 378.60 अंक या 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,238.84 अंक पर आ गया। बाद में यह 809.89 अंक या 1.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,807.55 अंक के निचले स्तर पर पहुंच गया। एनएसई निफ्टी 80.60 अंक या 0.35 प्रतिशत फिसलकर 23,251.75 अंक पर आ गया। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा मोटर्स, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति सुजुकी, जोमैटो और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर नुकसान में रहे। सन फार्मास्यूटिकल्स, एनटीपीसी, टाइटन, पावरग्रिड, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, इंडसइंड बैंक और लार्सन एंड टूब्रो के शेयर फायदे में रहे। बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.41 प्रतिशत जबकि स्मॉलकैप सूचकांक में 0.08 प्रतिशत की गिरावट आई। एशियाई बाजारों में जापान के निक्की में तीन प्रतिशत, दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में एक प्रतिशत, चीन के शंघाई कम्पोजिट में 0.39 प्रतिशत और हांगकांग के हैंगसेंग में दो प्रतिशत की गिरावट आई। अमेरिकी बाजार बुधवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 2.31 प्रतिशत लुढ़ककर 73.22 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 1,538.88 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,808.83 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।

शेयर बाजार में घरेलू निवेशकों के हितों की सुरक्षा को लेकर सांसद बृजमोहन ने संसद में उठाए सवाल

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 नई दिल्ली/रायपुर : भारतीय शेयर बाजार की मजबूती और स्थिरता हमारे देश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। विदेशी निवेशकों का आना अच्छा संकेत है, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसका प्रभाव घरेलू निवेशकों के हितों पर न पड़े।


यह कहना है वरिष्ठ भाजपा नेता व रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल का, जिन्होंने संसद में भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) द्वारा किए गए निवेश और उसकी भूमिका पर जानकारी मांगी। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या विदेशी निवेशकों द्वारा किया गया निवेश बाजार में अस्थिरता को बढ़ा रहा है और सरकार घरेलू निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी द्वारा संसद में दिए गए उत्तर के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने वर्ष 2023 में भारतीय इक्विटी बाजार में ₹1,71,107 करोड़ और जून 2024 से दिसंबर 2024 के बीच ₹23,791 करोड़ का निवेश किया। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने वर्ष 2023 में ₹1,83,278 करोड़ और जून 2024 से दिसंबर 2024 के बीच ₹3,12,988.59 करोड़ का निवेश किया। इसके अतिरिक्त, घरेलू वित्तीय संस्थानों (डीएफआई) द्वारा वर्ष 2023 में ₹1,188.95 करोड़ का निवेश किया गया।

मंत्री ने भी स्पष्ट किया कि शेयर बाजार का उतार-चढ़ाव कई कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें विदेशी पूंजी प्रवाह, घरेलू आर्थिक स्थिति, वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और निवेशकों की मानसिकता शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) निवेशकों के हितों की सुरक्षा और बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रभावी नियामक और निगरानी तंत्र लागू कर रहा है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि घरेलू निवेशकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार विदेशी निवेश से बाजार में होने वाली अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए ठोस नीति बनाए और घरेलू निवेशकों को अधिक अवसर और सुरक्षा प्रदान करे।

विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजारों पर भरोसा कायम, जुलाई में किया 43,800 करोड़ का निवेश

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नई दिल्ली: शेयर बाजार लगातार नई ऊंचाईयां छूता जा रहा है. अगर यह तेजी कायम रही तो माना जा रहा है कि जल्द ही सेंसेक्स 70 हजार के पार जा सकता है. बाजार की इस तेजी में विदेशी निवेशकों की अहम भूमिका मानी जा रही है. दरअसल भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश जमकर हो रहा है. केवल जुलाई की बात करें तो इस महीने में विदेशी निवेशकों ने 43800 करोड़ रुपए का निवेश किया है.


दरअसल पूरी दुनिया में मंदी का आलम है, ऐसे में विदेशी निवेशकों भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत दिख रही है. वहीं चीन जैसे दिग्गज इकोनॉमी की हालत खराब होने के कारण भी एफपीआईज का भारत पर भरोसा बढ़ रहा है, कई एपल जैसे दिग्गज भी भारत को एक बड़ा बाजार मान रहे है. जानकारों का कहना है कि मोदी सरकार ने कई ऐसे अहम फैसले लिए हैं जिससे विदेशी निवेशकों का भारत के प्रति भरोसा बढ़ा है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने जनवरी से जुलाई तक करीब 1.2 लाख करोड़ रुपए का निवेश भारत में किया है. बाजार के जानकारों का मानना है कि भारतीय बाजार पर विदेशी निवेशकों का भरोसा आगे भी कायम रह सकता है और बाजार में भी आगे तेजी रहने की संभावना है. जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के एनालिसट वी के विजयकुमार के मुताबिक बाजार जिस तेजी से बढ़ रहा है. इसमें कोई दो राय नहीं है कि इसमें विदेशी निवेश का बड़ा योगदान है. लेकिन आने वाले समय में इसमें करेक्शन भी आ सकता है. क्योंकि बाजार ओवरवैल्युड हो रहा है.

बीते तीन महीने से भारत में विदेशी निवेश लगातार बढ़ रहा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने मई के महीने में भारतीय बाजार में 43,838 करोड़ रुपए निवेश किए. जबकि जून में यह आंकड़ा 47,148 करोड़ रुपए हो गया. अब जुलाई में भी अबतक विदेशी निवेश 43,800 करोड़ पहुंच चुका है. इक्विटी मार्केट के अलावा बॉन्ड बाजार में भी विदेशी निवेशकों ने 2623 करोड़ रुपए का निवेश किया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई मार्च से लगातार भारतीय शेयर बाजारों में निवेश कर रहे हैं। उन्होंने इस महीने 21 जुलाई तक शेयरों में 43,804 करोड़ रुपये डाले हैं.


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