Media24Media.com: भारत में बर्ड फ्लू

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जानिए भारत में क्यों बार-बार आता है बर्ड फ्लू

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देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बर्ड फ्लू की वजह से केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से इसके प्रसार को रोकने के लिए तत्काल हर संभव कदम उठाने को कहा है। केंद्र ने चेतावनी दी है कि यह फ्लू इंसानों और अन्य पालतू पशु पक्षियों में फैल सकता है। सवाल ये उठता है कि भारत में अक्सर बर्ड फ्लू (Bird Flu News) क्यों आ जाता है?





दिल्ली में ‘बर्ड फ्लू’ की पुष्टि, भोपाल प्रयोगशाला में भेजे गए सभी 8 नमूनों में संक्रमण






बर्ड फ्लू यानी एवियन इंफ्लूएंजा भारत समेत पूरी दुनिया में कई दशकों से फैल रहा है। भारत में इसका पहला हमला साल 2006 में हुआ। उस समय से लेकर अबतक भारत में बर्ड फ्लू के चार बड़े हमले हुए। पहला हमला साल 2006 में, दूसरा हमला साल 2012 में, तीसरा हमला साल 2015 में और चौथा हमला साल 2021 में।





ठंड में फैलता है फ्लू (Bird Flu News)





भारत में बर्ड फ्लू हमेशा साल के अंत महीनों यानी ठंडी के मौसम में ही फैलता आया है। इसके संक्रमण के अधिकांश मामले सितंबर या अक्टूबर से फरवरी-मार्च के बीच सामने आते हैं। आपको बता दें कि भारत में भारत में बर्ड फ्लू का संक्रमण फैलने के दो मुख्य वजह है, पहला प्रवासी पक्षियों द्वारा और दूसरा संक्रामक वस्तुओं के माध्यम से।





प्रवासी पक्षियों की वजह से फैलता है फ्लू (Bird Flu News)





पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के मुताबिक भारत में बर्ड फ्लू का ज्यादातर संक्रमण प्रवासी पक्षियों के वजह से ही फैलता है। इसके बाद संक्रामक वस्तुओं से, जैसे कोई व्यक्ति, कपड़ा, सामान, खाने-पीने की वस्तुएं संक्रमित इलाके से देश के अंदर आई हों। हालांकि, भारत सरकार ने साल 2005 में ही बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए एक्शन प्लान बना लिया था। तब से इसी प्लान को अपडेट कर फॉलो किया जाता है।





ऐसा होता है बर्ड फ्लू का खतरा





बर्ड फ्लू से संक्रमित पहला इंसान साल 1997 में मिला था, जबकि इंसानों से इंसानों को बर्ड फ्लू होने का पहला मामला साल 2003 में चीन में सामने आया था। उससे पहले इंसानों के एक दूसरे के संपर्क में आने से एच7एन9 (H7N9) वायरस के संक्रमण के कोई सबूत नहीं मिले थे। सिर्फ पक्षियों के साथ सीधे संपर्क में आने से इंसानों में बर्ड फ्लू संक्रमण का खतरा होता था।





इंसानों के लिए जानलेवा





बर्ड फ्लू वायरस पक्षियों और मुर्गियों के लिए तो जानलेवा होता ही है, साथ ही यह इंसानों के लिए भी जानलेवा है। इंसानों में बर्ड फ्लू से संक्रमण का पहला मामला साल 1997 में हांगकांग में सामने आया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तब से लेकर अब तक इससे संक्रमित होने वाले करीब 60 फीसदी लोगों की मौत हो चुकी है। इसलिए कोरोना की तरह इस वायरस से भी लोगों को बचकर रहने की जरूरत है।


छत्तीसगढ़ में अब तक बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं, 7 जिलों में हुई जांच

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छत्तीसगढ़ राज्य (Chhattisgarh State) में बर्ड फ्लू (Bird flu) का अब तक कोई भी मामला सामने नहीं (No case of bird flu so far in Chhattisgarh) आया है। केरल, राजस्थान, मध्यप्रदेश और हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू (Bird flu) की पुष्टि होने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य (Bird Flu Alert in Chhattisgarh) में भी इसको लेकर अलर्ट जारी किया गया है।









 इंसानों में भी फैल सकता है बर्ड फ्लू





पशुधन विकास विभाग द्वारा बर्ड फ्लू (Bird Flu Alert in Chhattisgarh)के प्रवेश को रोकने के संबंध में सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों सहित पशु चिकित्सा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों को सीमावर्ती प्रदेश से पक्षियों के परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने को कहा है। साथ ही सभी शासकीय और अशासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्रों और पोल्ट्री व्यवसायी केन्द्रों का सर्विलेंस करने के निर्देश दिए गए हैं।





7 जिलों से लिए गए थे सैंपल(Bird Flu Alert in Chhattisgarh)





बर्ड फ्लू (Bird flu) के मामले में एहतियातन पशुधन विकास विभाग द्वारा राज्य के 7 जिलों में स्थित शासकीय पोल्ट्री फार्मों से एकत्र सैंपल की जांच में बर्ड फ्लू (Bird flu)का कोई भी लक्षण नहीं पाया गया है। कृषि उत्पादन आयुक्त और सचिव, कृषि विकास और जैव प्रौद्योगिकी विभाग एम. गीता ने बताया कि राज्य के दुर्ग, रायगढ़, जगलदपुर, बैकुण्ठपुर-कोरिया, बिलासपुर जिले के कोनी और सरगुजा जिले के कुनकुरी स्थित शासकीय पोल्ट्री फार्म से बर्ड फ्लू (Bird flu) की जांच पड़ताल के लिए वहां से सैंपल लेकर जांच की गई।





छत्तीसगढ़ में भी अब बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी, कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने कही ये बात…





सभी सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू (Bird flu) का अब तक कहीं से कोई भी मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि राज्य में बर्ड फ्लू (Bird flu) के प्रवेश को रोकने के संबंध में जिलों को विस्तृत दिशा- निर्देश जारी किए गए हैं। पक्षियों की असामान्य बीमारी और मृत्यु होने की स्थिति में अधिकारियों को सतर्कता बरतने की निर्देश दिए गए हैं।





पक्षियों के इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश





भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश (Guidelines issued by the Government of India) के मुताबिक सैंपल साइज का पालन करते हुए नमूने इकट्ठा कर राज्य स्तरीय रोग अन्वेषण प्रयोगशाला रायपुर भिजवाने के भी निर्देश दिए गए हैं। बत्तख पालन वाले क्षेत्र और जंगली अप्रवासी पक्षियों के इलाकों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। इसके साथ ही वन विभाग से समन्वय स्थापित कर राष्ट्रीय अभ्यारण्य, पोखर, झील को चिन्हांकित कर उन क्षेत्रों के समीप निगरानी के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर उसका अमल करने के निर्देश दिए गए हैं।






भारत के इन राज्यों में फैल रहा है बर्ड फ्लू का खतरा, अलर्ट जारी, जानिए इसके लक्षण और बचाव





पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े लोगों को बर्ड फ्लू (Bird flu) के रोकथाम और जैव सुरक्षा के सभी नियमों की जानकारी देने को कहा गया है। जिलों को बर्ड फ्लू (Bird flu) से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण, रासायन और पीपीई कीट तैयार रखने की भी हिदायत दी गई।


इंसानों में भी फैल सकता है बर्ड फ्लू

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देश में कोरोना के साथ-साथ एक और संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के बाद अब हिमाचल प्रदेश और केरल में भी बर्ड फ्लू (Bird Flu in Humans) का खतरा बढ़ गया है। इन राज्यों में सैकड़ों पक्षियों को मार दिया गया है। केरल ने राज्य में इसे राजकीय आपदा घोषित कर दिया है।





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केंद्रीय मंत्री संजीव बलयान का कहना है कि हमें पांच राज्यों हिमाचल प्रदेश, केरल, राजस्थान, हरियाणा और मध्यप्रदेश से ए1 इंफ्लूएंजा की रिपोर्ट्स मिली हैं। हरियाणा में यह वायरस पोल्ट्री में संक्रमित हो गया है, जबकि बाकी राज्यों में जंगली और प्रवासी पक्षियों में ही इसे देखा गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये इंसानों में फैल सकता है लेकिन अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। इसका कोई इलाज नहीं है। सभी राज्यों को सतर्कता बरतने के निर्देश दे दिए हैं।






मध्यप्रदेश में परिवहन पर रोक(Bird Flu in Humans)






मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक के बाद मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यहां किसी पोल्ट्री में बर्ड फ्लू नहीं मिला है। हम केरल और दूसरे प्रभावित राज्यों से पोल्ट्री उत्पाद (कुक्कुट) के परिवहन पर अस्थाई रोक लगा देंगे। हमने स्थिति पर नजर बनाई हुई है।





तीन राज्यों में लगातार की जा रही निगरानी





राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केरल में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार ने दिल्ली में एक कंट्रोल रूम की स्थापना की है, ताकि राज्य अधिकारियों की ओर से किए जा रहे बचाव और नियंत्रण उपायों पर निगरानी की जा सके।


भारत के इन राज्यों में फैल रहा है बर्ड फ्लू का खतरा, अलर्ट जारी, जानिए इसके लक्षण और बचाव

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अभी तक देश में कोरोना का कहर थमा नहीं है।  इसी बीच एक और बीमारी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।  भारत में बर्ड फ्लू (Bird Flu In India) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।  बर्ड फ्लू एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (H5N1) की वजह से होता है।  राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है।  ये वायरस संक्रमित पक्षियों और इंसानों दोनों के लिए भी बहुत खतरनाक है।  





बर्ड फ्लू एक वायरल इंफेक्शन की तरह है जो न सिर्फ पक्षियों बल्कि दूसरे अन्य जानवरों और इंसानों के लिए भी उतना ही खतरनाक है।  बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले जानवर और इंसान इससे आसानी से संक्रमित हो जाते हैं।  ये वायरस इतना खतरनाक (Bird Flu In India) होता है कि इससे मौत भी हो सकती है। 





ये है बर्ड फ्लू के लक्षण





बर्ड फ्लू होने पर (Bird Flu Symptoms) आपको कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, नाक बहना और बेचैनी जैसी समस्या हो सकती है।  अगर आपको लगता है कि आप बर्ड फ्लू की चपेट में आ गए हैं तो किसी और के संपर्क में आने से पहले डॉक्टर को दिखाएं। 





बर्ड फ्लू होने के कारण





बर्ड फ्लू कई तरह के होते हैं, लेकिन H5N1 पहला ऐसा एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस है, जो इंसानों को संक्रमित करता है।  इसका पहला मामला 1997 में हॉन्ग कॉन्ग में आया था।  उस समय बर्ड फ्लू के प्रकोप को पोल्ट्री फार्म में संक्रमित मुर्गियों से जोड़ा गया था। 





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मुर्गियों में आसानी से फैलता है यह फ्लू





H5N1 प्राकृतिक रूप से पक्षियों में होता है, लेकिन ये पालतू मुर्गियों में आसानी से फैल जाता है।  ये बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह के लार या आंखों से निकलने वाली पानी के संपर्क में आने से होता है।  संक्रमित मुर्गियों के 165ºF पर पकाए गए मांस या अंडे के सेवन से बर्ड फ्लू नहीं फैलता है, लेकिन संक्रमित मुर्गी के अंडों को कच्चा या उबालकर नहीं खाना चाहिए। 





इन लोगों को होता है बर्ड फ्लू का खतरा





 H5N1 में लंबे समय तक जीवित रहने की क्षमता होती है।  संक्रमित पक्षियों के मल और लार में ये वायरस 10 दिनों तक जिंदा रहता है।  दूषित सतहों को छूने से ये संक्रमण फैल सकता है।  अगर इसके फैलने का सबसे ज्यादा खतरा मुर्गीपालन से जुड़े लोगों को होता है।   इसके अलावा संक्रमित जगहों पर जाने वाले, संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले, कच्चा या अधपका मुर्गा-अंडा खाने वाले या संक्रमित मरीजों का देखभाल करने वाले लोगों को भी बर्ड फ्लू (bird Flu News Update) हो सकता है।  





यह है इलाज





अलग-अलग तरह के बर्ड फ्लू का अलग-अलग तरीकों से इलाज किया जाता है, लेकिन ज्यादतर मामलों में एंटीवायरल दवाओं से इसका इलाज किया जाता है।  लक्षण दिखने के 48 घंटों के भीतर इसकी दवाएं लेनी जरूरी होती हैं।  बर्ड फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के अलावा उसके संपर्क में आए घर के अन्य सदस्यों को भी ये दवाएं ली जाने की सलाह दी जाती है, भले ही उन लोगों में बीमारी के लक्षण न हों। 





इस तरह करें बचाव





 इन्फ्लूएंजा से बचने के लिए डॉक्टर आपको फ्लू की वैक्सीन लगवाने की सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा आप खुले बाजर में जाने, संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने और अधपका चिकन खाने से बचें।  हाइजीन बनाए रखें और समय-समय पर अपने हाथ धोते रहें। 


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