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लेख : महतारी वंदन का उपहार, हर महीने खुशियों का रिचार्ज

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अन्य कामों के शुभारंभ के लिए भले ही गणेश जी की आराधना की जाती है लेकिन अब महीने की पहली तारीख माँ की वंदना अर्थात महतारी वंदन के साथ हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महीने की पहली तारीख को क्लिक कर प्रदेश की 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की राशि जो अंतरित करते हैं।

यह राशि पहली तारीख को इसलिए दी जाती है क्योंकि यह दिन नये महीने की बजट की शुरुआत का होता है। यह अतिरिक्त राशि गृहिणी के खाते में जुड़ती है और स्वाभाविक रूप से इसे खर्च करने का पूरा विवेक उसका होता है।

पहली अगस्त को दी जाने वाली यह छठवीं किश्त होगी। जुलाई सत्र में बच्चों की पढ़ाई शुरू हुई और अगस्त के महीने में भी पढ़ाई-लिखाई से संबंधित खर्चे होते हैं। माताओं-बहनों ने अपने बजट के हिस्से में इसके लिए भी राशि लगाई होगी।

देश बचत से भी आगे बढ़ता है। भारत की अर्थव्यवस्था पर गौर करें तो लंबे समय से सकल घरेलू बचत का अनुपात अच्छा होने का सकारात्मक असर आर्थिक सेहत पर पड़ा। महिलाओं ने छोटे-छोटे खर्च बचाकर, छोटी-छोटी खुशियों की आहूति देकर जो बचत की, उससे परिवारों का बचत बढ़ा और यह देश की बचत राशि में जुटा।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जो राशि दे रहे हैं उससे निश्चित ही महिलाएं अपने बचत के स्वभाव के अनुरूप राशि बचाएंगी। यह चक्रवृद्धि ब्याज में बढ़ती जाएगी और आड़े वक्त में जब परिवार के लिए राशि की जरूरत होगी तो वे खर्च कर पाएंगी।

यह राशि डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। बैंक खाते में यह राशि जा रही है और स्वभाविक रूप से बैंकिंग सिस्टम में राशि होने से बचत के काम आयेगी। इसके साथ ही डीबीटी होने की वजह से पारदर्शिता से महिलाओं के खाते में पहुंच रही है। यह विष्णु का सुशासन है जिसमें डिजिटल टेक्नालाजी सर्वाेपरि है। पारदर्शिता है।

जरूरी नहीं कि यह निवेश वे सीधे बैंकिंग तंत्र, जीवन बीमा अथवा म्यूच्युअल फंड आदि माध्यमों से ही कर रही हों, वे अपना निवेश बच्चों की शिक्षा में लगा रही है। इतिहास गवाह रहा है कि जब भी शिक्षा में निवेश किया गया, उसके सबसे अच्छे परिणाम सामने आये हैं। हमारे यहां माता जीजा बाई का उदाहरण हैं जिन्होंने अपने यशस्वी पुत्र शिवाजी को एक महान उद्देश्य के लिए तैयार किया, शिक्षित किया। शिवा जी जैसे योग्य पुत्रों के पोषण के लिए बहुत जरूरी है कि हमारी माताओं-बहनों को हम आर्थिक शक्ति प्रदान करें।

महतारी वंदन का एक रूप धरती माता की सेवा भी है। जलवायु परिवर्तन का संकट दुनिया के सबसे बड़े संकटों में से एक है। हम सब सामान्य नागरिक इस संकट का मुकाबला करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए ही हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम लगाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में इसे आंदोलन के रूप में आरंभ किया है। उन्होंने अपने स्कूल में रूद्राक्ष का पौधा अपनी माँ के नाम लगाया। महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों से भी उन्होंने आग्रह किया कि वे एक पेड़ माँ के नाम लगाएं।

मुख्यमंत्री ने जो स्कूल में पौधा लगाया, उसके कई मायने हैं। स्कूल में जब हम पौधा लगाते हैं तो आने वाली पीढ़ी को भी पर्यावरण से जोड़ते हैं। जिस पीढ़ी को इन पेड़ों को सहेजना है उसे इस संबंध में जागरूक करते हैं।

केवल जलवायु परिवर्तन के संकट को रोकने के लिए नहीं, हमने इस धरती से जो लिया, अपने पुरखों से जो लिया, उसे धरती को लौटाने भी हमें है। धरती माता का ऋण हमारे ऊपर है। हमें धरती का श्रृंगार पेड़ों से करना होगा तभी हम इस ऋण से उऋण हो सकेंगे।

जब हमारी माताएं महतारी वंदन योजना के अंतर्गत निवेश करती हैं तो वे बचत का एक पौधा बोती हैं जो कालांतर में विशाल वृक्ष के रूप में तैयार होगा। जब हमारी माताएं बहनें इस अभियान के साथ एक पौधा लगाएंगी तो यह पौधा भी विशाल वृक्ष के रूप में तैयार होगा।

अपनी मेहनत जब विशाल और फलदायी रूप में सामने आयेगी तो कितना संतोष इन महिलाओं को होगा। महतारी वंदन योजना और एक पेड़ मां के नाम दो अलग-अलग बातें नहीं हैं वे एक ही हैं और इसमें हमारी आगे की पीढ़ी का उज्ज्वल भविष्य छिपा है।

Bank Holidays in March 2023: मार्च महीने में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

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Bank Holidays in March 2023: हर साल मार्च का महीना बैंकिंग के लिए बेहद खास होता है. दरअसल, यह वित्तीय वर्ष (Financial Year) का आखिरी महीना होता है. ऐसे में कामकाज को लेकर बैंकों में प्रेशर होता है. फरवरी महीने की 10 छुट्टियों के बाद अगल महीने यानी मार्च में कुल 12 दिन बैंक बंद रहेंगे. इनमें दूसरे व चौथे शनिवार और रविवार की छुट्टियां भी शामिल हैं।


03 मार्च 2023: चापचर कूट

05 मार्च 2023: रविवार.

07 मार्च 2023: होली/ होलिका दहन/ धुलेंदी/ डोल जात्रा

08 मार्च 2023: धुलेटी/ डोल जात्रा/ होली/ याओसांग

09 मार्च 2023: होली

11 मार्च 2023: दूसरा शनिवार

12 मार्च 2023: रविवार

19 मार्च 2023: रविवार

22 मार्च 2023: गुडी पाडवा/ उगाडी/ बिहार दिवस/ साजीबु नोंगमापानबा/ प्रथम नवरात्र/ तेलुगु नववर्ष

25 मार्च 2023: चौथा शनिवार

26 मार्च 2023: रविवार

30 मार्च 2023: राम नवमी

डिजिटल सेवाओं (Digital Banking) पर बैंक हॉलीडे का कोई असर नहीं

बैंक बंद रहने के बावजूद ग्राहक कई तरह के कामकाज डिजिटली निपटा सकते हैं. यूपीआई (UPI), मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking), इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking) जैसी डिजिटल सेवाओं (Digital Banking) पर बैंक हॉलीडे का कोई असर नहीं होता है

 

अब छत्तीसगढ़ में घर बैठे करा सकेंगे हाइपोथीकेशन टर्मिनेशन

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में प्रदेश के परिवहन विभाग द्वारा प्रदान की जा रही सुविधा ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार‘ को और सुदृढ़ एवं सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसके तहत अब हाइपोथीकेशन से संबंधित सभी सेवाओं को फेसलेस कर दिया गया है। प्रदेशवासी अब घर बैठे हाइपोथीकेशन (एचपी) से जुड़ी सभी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। करीब 75 बैंकों, वित्तीय संस्थानों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को अपनी हाइपोथीकेशन (एचपी) सेवाओं के साथ एकीकृत कर दिया गया है।



परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत हाइपोथिकेशन जोड़ने और समाप्ति के संबंध में आरटीओ कार्यालय में कोई भौतिक दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। बैंकों और ऋण देने वाली संस्थाओं को आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सभी दस्तावेजों और एनओसी को सॉफ्टवेयर के माध्यम से डिजिटल रूप से जमा करना होगा, जिससे भौतिक हस्ताक्षर की आवश्यकता न पड़े।वाहन स्वामी के द्वारा एक बार जब बैंक में ऋण दे दिया जाएगा या भुगतान कर दिया जाता है, तो डेटा सीधे बैंक द्वारा वाहन डेटाबेस में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। 

परिवहन विभाग द्वारा एचपीटी सेवा को सत्यापित और अनुमोदित करने का कार्य सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्वतः हो जाएगा। आवेदकों को अपने बैंकों से फॉर्म-35 तथा एनओसी प्राप्त करने और इन दस्तावेजों को अपलोड करके हाइपोथेकेशन टर्मिनेशन के लिए परिवहन विभाग में आवेदन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। एचपी के ऑटो-टर्मिनेशन के बाद एमपरिवहन और डिजिलॉकर पर अपडेटेड रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) उपलब्ध करा दिया गया है। वाहन मालिकों को एक एसएमएस के माध्यम से अपने एचपी के ऑटोमेटिक हटाने के बारे में भी सूचित किया जाता है।

परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार‘ के सुव्यवस्थित संचालन के लिए निरंतर निगरानी रखी जा रही है। परिवहन विभाग द्वारा संचालित ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार‘ योजना लोगों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। परिवहन विभाग से संबंधित जनसुविधाएं इतनी सहजता से घर बैठे मिलने से लोगों को अब बार-बार परिवहन विभाग के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसके चलते आवेदकों के समय और धन की बचत होगी।

इसके तहत केवल एक साल से कम  की अवधि में 11 लाख से अधिक स्मार्ट कार्ड आधारित पंजीयन प्रमाण-पत्र और ड्राइविंग लायसेंस आवेदकों के घर भेजे जा चुके हैं। इनमें 07 लाख 50 हजार 934 स्मार्ट कार्ड आधारित पंजीयन प्रमाण-पत्र तथा 03 लाख 67 हजार 785 ड्राइविंग लायसेंस शामिल हैं। इसमें लोगों को परिवहन संबंधी 22 सेवाएं उनके घर के द्वार पर पहुंचाकर दी जा रही है। जन केन्द्रित इस सुविधा के अंतर्गत लोगों को अब बार-बार परिवहन विभाग का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। इससे आवेदकों के धन तथा समय दोनों की ही बचत हो रही है।

परिवहन आयुक्त काबरा ने बताया कि परिवहन संबंधी सेवाओं में विस्तार के लिए राज्यभर में परिवहन सुविधा केन्द्र की स्थापना को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीते 26 जनवरी को घोषणा की थी। मुख्यमंत्री बघेल की घोषणा के बाद इस संबंध में प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान परिवहन सुविधा केन्द्र की स्थापना और भूमिका को लेकर परिवहन विभाग की ओर से प्रारूप तैयार किया गया। इस प्रारूप को अनुमोदित कर आगे की कार्यवाही के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जारी मार्गदर्शिका के अनुसार राज्यभर में लगभग एक हजार परिवहन सुविधा केन्द्र पूरे राज्य में खोले जा रहे हैं। वहीं परिवहन सुविधा केन्द्रों की स्थापना से करीब पांच हजार युवाओं के रोजगार सृजन की संभावना भी बनेगी।

इसके तहत लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए परिवहन सुविधा केन्द्र को अधिकृत किया जा सकता है। इस परिकल्पना को रोजगारन्मुखी स्वरूप देने के लिए छत्तीसगढ़ में परिवहन सुविधा केन्द्र की स्थापना का निर्णय लिया गया है। परिवहन सुविधा केन्द्रों में लर्निंग लाइसेंस के अलावा अन्य परिवहन संबंधी सेवा के लिए आवेदन किया जा सकेगा। इससे जहां आमजनता को आसानी से और घर से निकट परिवहन संबंधी सेवाएं उपलब्ध होंगी। वहीं शिक्षित युवा बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा। मार्गदर्शिका में परिवहन सुविधा केन्द्रों में विभिन्न सेवाओं के लिए शुल्क भी निर्धारित किया गया है।

छत्तीसगढ़ ड्रायविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाईन 1-ए प्रमाण-पत्र  देने वाला पहला राज्य

वाहन चालाकों की सुविधा के लिए ड्रायविंग लाइसेंस हेतु आवश्यक ऑनलाईन मेडिकल प्रमाण पत्र देने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। इसके तहत अब तक प्रदेश के 1.5 लाख  लोगों ने ऑनलाईन के माध्यम से इस यूजर फ्रेंडली नियम का लाभ उठाया है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में मार्च के अंतिम सप्ताह में परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट को ऑनलाईन जारी करने के पोर्टल का शुभारंभ किया था। कोरोना काल में पेपरलेस मेडिकल प्रमाण की उपलब्धता से आवेदक और चिकित्सक दोनों को सुविधा हुई है।

आरटीओ कार्यालय को जीओ फ़ेन्सिंग कर फ़ोटो फ़िट्नेस ऐप के माध्यम  से गाड़ियों  का फ़िट्नेस जारी करने वाला पहला राज्य बना  छत्तीसगढ़ फ़ोटो फ़िट्नेस ऐप के माध्यम से फ़िट्नेस हेतु आने वाली गाड़ी  का 6 फ़ोटो ऐप में माध्यम से खीचा जाता है जिसको कहीं से भी  देखा जा है। इस ऐप के  आने से प्रभावी और पारदर्शी फ़िट्नेस कार्यवाही करने में   सहायता मिली है।

ड्राईविंग लाइसेंस और पंजीयन संबंधी सेवाओं को आधार से एकीकृत करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य इस सुविधा में स्वैच्छिक ’आधार’ प्रमाणीकरण से परिवहन सेवाएं तत्काल प्राप्त होंगी। इस सेवा के शुरू होने पर छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है, जहां परिवहन विभाग ड्राइविंग लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधित सेवाओं को आधार से एकीकृत कर रहा है।

परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा ने बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा राज्य में लोगों के जीवन को हर हाल में आसान बनाने का काम सतत रूप से किया जा रहा है। इस कड़ी में राज्य शासन द्वारा परिवहन विभाग की सेवाओं को जन सामान्य के लिए पहले से ज्यादा सुगम बनाया जा रहा है। राज्य सरकार की यह सोच है कि जनसुविधाएं जितनी सुगमता से लोगों तक पहंुचेंगी उनका जीवन उतना ही आसान होगा और विकास की गति तेज होगी।

समय के अनुरूप लोगों तक शासन की सेवाएं पहंुचाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। परिवहन विभाग द्वारा कोरोना संकट के समय में ऑनलाईन सेवाएं पहंुचाने की सराहनीय पहल की गई है। इससे भीड़-भाड़ से होने वाले संक्रमण से जहां बचा जा सकेगा, वहीं लोगों को परिवहन कार्यालय का चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। इस सोच के साथ ड्राइविंग लाइसेन्स और पंजीयन प्रमाण पत्र से सम्बंधित 19 सेवाओं को आधार से इंटेग्रेट किया गया है ।

विशेष प्रयोजन जैसे की शादी , पिकनिक , धार्मिक दर्शन इत्यादि के लिए  स्पेशल परमिट को बस संचालक घर बैठे ऑनलाइन बना सकते है पिकनिक या विशेष प्रयोजनों के लिए बस के लिए दिए जाने वाला परमिट को ऑनलाइन कर दिया गया है । जिसने बस संचालक स्वयं ही यात्रा की जगह और दूरी भर कर परनिट प्राप्त कर दिया है। विशेष परमिट के लिए बस संचालक के आवेदन करते ही सॉफ़्टवेर के द्वारा स्वतः अनुमोदन हो जाता है और बस संचालक घर बैठे ही परमिट प्रिंट कर सकते है।

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