Media24Media.com: बेमेतरा

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राज्यपाल डेका ने बेमेतरा जिले में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका आज दो दिवसीय दौरे पर बेमेतरा पहुँचे। उन्होंने सर्किट हाउस परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत मौलश्री का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

राज्यपाल डेका ने सर्किट हाउस स्थित सभाकक्ष में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक लेकर विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने नवागढ़ विकासखंड के उनके द्वारा गोद लिए गए ग्राम टेमरी में संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। बैठक में उन्होंने शिक्षाए स्वास्थ्यए पेयजलए कृषिए उद्यानिकीए प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की प्रगति की जानकारी की।

राज्यपाल ने जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष बल देते हुए कहा कि टेमरी गांव में जैविक भिण्डी की खेती की संभावनाएँ बेहतर हैं। उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने बाड़ी में जैविक भिण्डी का उत्पादन करें। उद्यानिकी अधिकारी द्वारा यह बताया गया कि ग्राम टेमरी का वातावरण भिण्डी उत्पादन के लिए उपयुक्त है।

उन्होंने कहा कि गोद लिए गए ग्राम के प्रत्येक व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचेए यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जनपद पंचायत के सी ई ओ को निर्देशित किया कि ग्राम विकास की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा मिशन मोड में कार्य कर ग्राम को आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाए।

बैठक के दौरान राज्यपाल को गांव में तीन तपेदिक ;टीण्बीण्द्ध रोगियों की जानकारी दी गईए जिस पर उन्होंने व्यक्तिगत रूप से छह माह की दवा हेतु आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्तए डेका ने आठ मेधावी विद्यार्थियों को 5.5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की।

राज्यपाल ने श्रीराम बुनकर सहकारी समिति देवरबीजा के सदस्यों से भेंट की और उनकी भवन मरम्मत व अन्य समस्याओं के समाधान हेतु कलेक्टर को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगितादृ2025 में पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों से भी मुलाकात कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समापन पर राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : बेमेतरा की महिलाओं की प्रेरणादायक भूमिका

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बेमेतरा। वर्ष 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, सशक्तिकरण और उपलब्धियों का प्रतीक है। इस वर्ष बेमेतरा जिले में यह आयोजन और भी भव्य रूप से मनाया जा रहा है, जहाँ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा।

बेमेतरा की महिलाओं की अनूठी पहचान

बेमेतरा की महिलाएँ न केवल परिवार की धुरी हैं, बल्कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, स्वच्छता, समाजसेवा और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। चाहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हों या मितानिन, महिला स्वच्छग्राही हों या नगर निकाय की सफाई कर्मचारीइन सभी ने जिले को स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध बनाने में अपनी मेहनत और समर्पण का परिचय दिया है।

महिला दिवस पर विशेष आयोजन

इस वर्ष टाउन हॉल, बेमेतरा में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में इन सभी प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग, नगरीय निकाय और ग्राम पंचायत स्तर की उन कर्मठ महिलाओं को पहचान दी जाएगी, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।

बेमेतरा जिले में महिलाओं की भूमिका केवल परिवार और समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि वे प्रशासनिक, सामाजिक और स्वच्छता अभियानों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। आगामी 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बेमेतरा जिले में एक भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनेगा, बल्कि जिले की महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देगा।

महिलाओं की भागीदारी और उपलब्धियाँ

बेमेतरा जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में महिला स्वच्छग्राही समूह, प्रेरक, सफाई कर्मचारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मेहनत सराहनीय रही है। इन महिलाओं ने गांवों को स्वच्छ और खुले में शौच मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इसके अलावा, महिला बाल विकास विभाग में कार्यरत महिला अधिकारी और कर्मचारी अपनी सेवाओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। बच्चों और महिलाओं के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों में उनका योगदान प्रशंसनीय है। मितानिनों ने स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई है, जिससे जिले में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ी है।

राजनीति और प्रशासन में महिलाओं का नेतृत्व

बेमेतरा जिले के प्रशासनिक ढांचे में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। जिला पंचायत की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर महिलाओं का नेतृत्व यह दर्शाता है कि महिलाएँ अब नीति-निर्माण की प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बन रही हैं। इसके अलावा, जिले की कई पंचायतों में महिलाएँ सरपंच और पार्षद के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं, जिससे स्थानीय शासन व्यवस्था में उनका प्रभाव बढ़ा है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित महिला सम्मान समारोह के माध्यम से उन महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने समाज में अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं। यह सम्मान समारोह न केवल उनकी उपलब्धियों को मान्यता देगा, बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करेगा कि वे अपने हक और अधिकारों के लिए आगे बढ़ें।

समाज में बदलाव की नई लहर

बेमेतरा जिले में महिलाओं के प्रति सोच में तेजी से बदलाव आ रहा है। महिलाएँ केवल घरेलू कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, और स्वच्छता अभियानों में भी अपनी भागीदारी निभा रही हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत मिशन, और महिला सशक्तिकरण योजनाओं का प्रभाव जिले में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

समाज के लिए प्रेरणा

महिला दिवस का यह आयोजन न केवल सम्मान और गौरव का अवसर है, बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि जब महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिलता है, तो वे समाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं। बेमेतरा की महिलाएँ इस बदलाव की जिंदा मिसाल हैं, जो अपने श्रम, संघर्ष और समर्पण से जिले को आगे बढ़ा रही हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पहल

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर, यह गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से सक्षम बना रही है।

महतारी वंदन योजना :

छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने के लिए महतारी वंदन योजना शुरू की है, जिसके तहत राज्य की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना :

इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों के विवाह के लिए सहायता राशि दी जाती है, जिससे उनके परिवारों पर वित्तीय बोझ कम होता है और वे सम्मानजनक जीवन जी सकती हैं।

सखी वन स्टॉप सेंटर :

महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए सरकार सखी वन स्टॉप सेंटर चला रही है, जहां उन्हें कानूनी, सामाजिक और मानसिक सहयोग मिलता है।

स्वयं सहायता समूह (SHG) योजनाएँ :

राज्य सरकार महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा दे रही है, जिससे वे छोटे-छोटे उद्योगों और स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन योजनाओं से महिलाओं को आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण की इस दिशा में उठाए गए ये कदम न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणादायक हैं।

निष्कर्ष

बेमेतरा जिले की महिलाएँ आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। वे समाज, राजनीति, स्वच्छता और प्रशासन में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। आगामी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यह आयोजन न केवल उनके योगदान को पहचान दिलाएगा, बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करेगा कि वे आत्मनिर्भर बनें और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ें। बेमेतरा की महिलाएँ न केवल अपने जिले, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए एक मिसाल बन रही हैं।

इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि महिलाओं के अधिकार, समानता और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। बेमेतरा की इन नायिकाओं को हमारा नमन।

बेमेतरा कुटुम्ब न्यायालय भवन का हुआ भूमिपूजन व शिलान्यास

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रायपुर। मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से बेमेतरा में कुटुम्ब न्यायालय भवन का भूमिपूजन व शिलान्यास किया। मुख्य न्यायाधिपति सिन्हा ने कहा कि हमारी प्राथमिकता छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले में गुणवत्तायुक्त तथा सर्वसुविधायुक्त न्यायालय व आवासीय भवन उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में आज कुटुम्ब न्यायालय भवन बेमेतरा का भूमिपूजन व शिलान्यास किया जा रहा है।

मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने न्यायालय भवन के गुणवत्तापूर्ण निर्माण व समय-सीमा के अन्तर्गत निर्माण पर बल देते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग तय समय-सीमा के अन्तर्गत इतना अच्छा व गुणवत्तायुक्त न्यायालय भवन तैयार करें। उन्होंने कहा कि नवीन भवन सभी प्रकार की सुविधाओं से सुसज्जित होगा जिससे यहां पक्षकारों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। मुख्य न्यायाधिपति ने कहा कि भवन निर्माण हो जाने के बाद कुटुम्ब न्यायालय के अधिकारी और कर्मचारीगण की कार्य क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने न्यायालय परिसर में साफ-सफाई एवं रखरखाव को सुनिश्चित करने की बात कही।

बेमेतरा नवीन कुटुम्ब न्यायालय भवन का निर्माण 18 हजार वर्ग फीट में होगा। जिसमें कोर्ट रूम, न्यायाधीश विश्राम कक्ष, मीटिंग हाल, लाईब्रेरी, काउंसिलिंग रूम, किलकारी रूम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम, लेखा शाखा, प्रतिलिपि, कम्प्यूटर, रीडर्स, स्टेनो, स्टाफ, न्यायालय अधीक्षक, अधिवक्ता आवक जावक, सेंट्रल फाईलिंग, नजारत, महिला कामन रूम, पुरूष कामन रूम, वेटिंग रूम व इन्फार्मेशन रूम के लिए एक-एक कक्ष होगा तथा दो-दो कक्ष मीडिएशन व स्टोर रूम के लिए होंगे। इस निर्माण को कार्यादेश से कुल 15 माह के भीतर पूर्ण किया जाना है। इस नवीन भवन के लिए 2 करोड़ 73 लाख 86 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है। इस अवसर पर छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं पोर्टफोलियो न्यायाधीश बेमेतरा न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार व्यास ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

छत्तीसगढ़ को मिलेगा राष्ट्रपति के हाथों भूमि सम्मान

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रायपुर। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों 18 जुलाई 2023 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को भूमि सम्मान मिलेगा। साथ ही प्रदेश के दो जिलों सरगुजा और बेमेतरा को भी भूमि प्रबंधन और प्रशासन के लिए भूमि सम्मान प्लेटिनम सर्टिफिकेट से सम्मानित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश को भूमि प्रबंधन के लिए सम्मान मिलना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। उन्होंने प्रदेश के राजस्व विभाग और सरगुजा तथा बेमेतरा जिला प्रशासन को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉर्डनाईजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) अंतर्गत प्रदेश में बेहतर काम हुए है, जिससे आम लोगों को भूमि संबंधी जानकारियां मिलना आसान हुआ है।

गौरतलब है कि डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉर्डनाईजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) अंतर्गत प्रदेश में भूमि प्रबंधन से जुड़े 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी तरह भूमि प्रबंधन से जुड़े चार घटकों, लैण्ड रिकार्ड का डिजिटाइजेशन, पंजीयन कार्यालय से समन्वय, मॉडल रिकार्ड रूम की स्थापना में प्रदेश के सरगुजा और बेमेतरा जिले में शतप्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके है। ये जिले भूमि प्रबंधन में देश के शीर्ष जिलों में शामिल है।

धरदेई के रीपा में मिनरल वाटर, फर्नीचर, पीनट चिक्की, आर्टिफिशियल ज्वेलरी बना रही महिलाएं

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रायपुर। बेमेतरा जिले के धरदेई गौठान में संचालित रीपा का नजारा देखकर सुखद एहसास होता है। यहां गांव की महिलाओं और पुरूष अपनी-अपनी आय उपार्जन की गतिविधियों में पूरे मनोयोग से जुटे दिखाई देते हैं। गौठान में संचालित ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) वास्तव में एक सुविधायुक्त औद्योगिक केन्द्र का रूप ले चुका है। रीपा में महिलाएं मिनरल वाटर, पीनट चिक्की, आर्टिफिशियल ज्वेलरी तैयार कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर फर्नीचर का निर्माण भी किया जा रहा है।
                    

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने और ग्रामीणों को गांव मे ही स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम धरदेई में महात्मा गॉंधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) की स्थापना की गई है। कलेक्टर राहुल देव ने बीते दिनों रीपा का आकस्मिक यहां स्व सहायता समूह की महिलाओं और पारंपरिक उद्यमियों द्वारा उत्पादित सामग्रियों का अवलोकन किया तथा उत्पादन लागत, विपणन तथा उससे होने वाली आमदनी की जानकारी ली। महिला समूह द्वारा तैयार पीनट चिक्की को चखकर गुणवत्ता परखी और सराहना करते हुए अपने लिए क्रय भी किया। समूह की महिलाओं ने बताया कि मार्च माह से मिनरल वॉटर का उत्पादन और विक्रय किया जा रहा है।
                 
अब तक 48 हजार रुपए का मिनरल वाटर विक्रय किया जा चुका है। बाजार में इसकी अच्छी मांग है। पाउच मशीन के खराब होने की मिलने पर कलेक्टर ने तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने रीपा में काम करने वाले समूहों और उद्यमियों की अच्छी आमदनी हो, इसके लिए बेहतर कार्य योजना और उत्पादित सामग्रियों के परिवहन हेतु ई-रिक्शा भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। धरदेई के रीपा में महिलाओं और पारंपरिक उद्यमियों द्वारा फर्नीचर, पीनट चिक्की, आर्टिफिशियल ज्वेलरी जैसी विभिन्न आय मूलक गतिविधियां संचालित की जा रही है।

हर वर्ग के लोगों का विकास हमारा मुख्य ध्येय: मुख्यमंत्री बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज शनिवार को बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कन्हेरा में चंद्रनाहु कुर्मी क्षत्रिय समाज के एक दिवसीय 52वें केंद्रीय महाअधिवेशन में शामिल हुए। समाज प्रमुखों ने मुख्यमंत्री का पगड़ी पहनाकर स्वागत अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कुर्मी समाज प्रारंभ से ही खेती किसानी से जुड़ा हुआ है। प्रदेश के अधिकांश लोग कृषि कार्य पर निर्भर है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा कृषकों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज डॉ. खूबचंद बघेल, चंदूलाल चंद्राकर और अन्य पूर्वजों का सपना था कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण हो और छत्तीसगढ़िया किसान, मजदूर, श्रमिकों, गरीब तथा पिछड़े वर्ग की स्थिति में सुधार हो। शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगार सहित सभी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिले। छत्तीसगढ़ सरकार अपने पुरखों के सपनों को साकार बनाते हुए आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि राज्य को सशक्त और एक मजबूत राज्य बनाने के दिशा में हमने काम किया है। हर वर्ग के लोगों का विकास ही हमारा मुख्य ध्येय है। सबसे पहले किसानों का कर्जा माफ किया। साथ ही धान के साथ ही मक्का, गन्ना का समर्थन मूल्य में खरीदी के साथ-साथ पहली बार लघुधान्य कोदो, कुटकी, रागी की समर्थन मूल्य में खरीदी हुई। बीते चार सालों में छत्तीसगढ़ में किसानों की संख्या, धान का उत्पादन और फसलों का रकबा भी बढ़ा है। किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।

उन्होंने कहा कि न्याय योजनाओं तथा किसानों, महिलाओं, वनवासियों, युवाओं के हित में लिए गए फैसलों से लोगों के जीवन में बड़ा परिवर्तन दिख रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले धान खरीदी सीजन में प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदी का निर्णय लिया है। इससे छत्तीसगढ़ के किसानों की स्थिति में और सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में चंद्रानाहूं कुर्मी समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं महासमुंद विधायक विनोद चंद्राकर, बेमेतरा विधायक आशीष छाबड़ा, पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चन्द्राकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक और सामाजिक बंधु उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम में कहा कि वे देश के अन्य राज्यों के किसानों से मिले हैं। अन्य राज्यों के किसान भी चाहते है, कि छत्तीसगढ़ के किसान के समान देश के सभी राज्यों के किसानों को लाभ मिले। उन्होंने कहा कि सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसान हित में मील का पत्थर साबित हो रही है। छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा पूरे देश भर में हो रही है। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट, प्राकृतिक पेंट तैयार किया जा रहा है। रीपा के माध्यम से महिलाओं से रोजगार दिया जा रहा है। प्रदेश के कृषि, वनोपज आदि विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के नए-नए अवसर उपलब्ध कराएं जा रहे है। आज प्राइवेट स्कूल से विद्यार्थी निकालकर स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्रवेश लेने प्रेरित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणाएं-

मुख्यमंत्री बघेल ने ग्राम कन्हेरा में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय खोलने की घोषणा के साथ किसानों के वर्षों पुरानी मांगों को पूरा करते हुए जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक की नवीन शाखा, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति भी दी। उन्होंने मां शीतला तालाब का सौंदर्यीकरण करने साथ ही विभिन्न पहुंच मार्गों के लिए सड़क निर्माण की भी घोषणा की। समाज प्रमुखों की मांग पर सामाजिक छात्रावास निर्माण के लिए सहमति प्रदान करते हुए समाज को जमीन के लिए विधिवत जिला प्रशासन को आवेदन करने के लिए कहा।

मुख्यमंत्री 24 जून को रायपुर, बेमेतरा और दुर्ग मेें आयोजित कार्यक्रमों में होंगे शामिल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 24 जून को रायपुर, बेमेतरा, दुर्ग जिले के प्रवास पर रहेंगे और वहां आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री बघेल 24 जून को मुख्यमंत्री निवास से दोपहर 12 बजे प्रस्थान कर दोपहर 12.10 बजे पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय सभागृह रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा अधिकारी संघ के सम्मान समारोह एवं स्नेह सम्मेलन 2023 में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री बघेल दोपहर 1.10 बजे पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड रायपुर से बेमेतरा जिले की तहसील साजा के ग्राम कन्हेरा के लिए प्रस्थान करेंगे और वहां दोपहर 1.35 बजे चन्द्रनाहूं कुर्मी क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ प्रदेश के 52 वें केन्द्रीय महाधिवेशन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ग्राम कन्हेरा से दोपहर 2.55 बजे हेलीकॉप्टर से भिलाई के लिए प्रस्थान करेंगे और सिविल लाइन दुर्ग में दोपहर 3.25 बजे कंचना-धुरवा देवालय परिसर में केन्द्रीय गोड़ महासभा धमधागढ़ (दुर्ग) द्वारा आयोजित महारानी दुर्गावती बलिदान दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बघेल कार्यक्रम पश्चात अपरान्ह 4.35 बजे प्रथम बटालियन हेलीपेड भिलाई से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर अपरान्ह  4.50 बजे पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड रायपुर पहुंचेंगे। 

गृहमंत्री साहू ने क्राइम और कानून व्यवस्था पर ली समीक्षा बैठक

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बेमेतरा। प्रदेश के लोक निर्माण, गृह, जेल, धार्मिक न्यास, धर्मस्व एवं पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज बुधवार को बेमेतरा प्रवास के दौरान जिला कार्यालय कलेक्टोरेट के दिशा-सभाकक्ष में गृह विभाग के अधिकारियों की क्राइम एवं कानून व्यवस्था के संबंध में समीक्षा बैठक ली। बैठक में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता से जिले के थाना, परिसीमन, चौकी, लाइन, बल की उपलब्धता तथा सुरक्षा संबंधित अन्य विषयों की जानकारी ली। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जिले में चल रहे कानून व्यवस्था और घटनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की।

गृह मंत्री ने पुलिस अधीक्षक को सीमा क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखते हुए जिले के आंतरिक क्षेत्रों में भी निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में अपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक को जिले में सुरक्षा बल की और आवश्यकता होने पर जानकारी भेजने को कहा। उन्होंने जिले में आक्रामक भाषण और सामाजिक माहौल खराब करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने को कहा एवं जिले में साइबर केस के संबंध में जानकारी ली और साइबर क्राइम के थानों पर अत्याधुनिक उपकरण की व्यवस्था करने को कहा एवं महिला अपराध जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। गृहमंत्री ने बताया कि आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए जिले में होने वाली क्राईम गतिविधियों पर अभी से अंकुश लगाना प्रारंभ कर दो। इसके अलावा अवैध रूप से शराब की बिक्री करने वालों पर लगातार निरीक्षण कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

गृहमंत्री साहू ने महिलओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा और जिले में हुक्का, नशीले पदार्थों पर लगातार मॉनिटरिंग करते हुए प्रभावकारी कदम उठाने के निर्देश दिए। गृहमंत्री ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कहा कि इन सब के कारण पुलिस की चुनौतियां बढ़ गई है ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं, इस तरह के उन्माद फैलाने वाली सुचनाओं के भ्रामक प्रचार को रोकना भी जरुरी हो गया है इसके लिए पुलिस को और सक्रियता बढ़ाकर सकारात्मक प्रयास करने के निर्देश दिए।

Bemetara Violence : बिरनपुर में पिता पुत्र हत्या मामले में 8 आरोपी गिरफ्तार…

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बेमेतरा :  बेमेतरा के तनावग्रस्त इलाके में कुछ दिन पहले दो लाशें मिली  थी। ये लाशें पिता पुत्र की थी,दोनों लाश एक समुदाय विशेष के थे।इस मामले में जांच पड़ताल के बाद बेमेतरा पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।


दिनाक 11.04.2023 को ग्राम बिरनपुर मुरुम खदान में ग्राम बिरनपुर शक्तिघाट निवासी रहीम उर्फ मन्नू पिता उम्मद मोहम्मद एवं उसके लड़के ईदुल मोहम्मद की अज्ञात आरोपियों के द्वारा हत्या करने से थाना साजा में अपराध क्रमांक 92/2023 धारा 302 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध कर जांच की जा रही थी ।

विवेचना क्रम में वीडियो फुटेज, मोबाइल सीडीआर तकनीकी विश्लेषण के आधार पर 8 आरोपियों को आज दिनांक 17/04/2023 को गिरफ्तार कर  न्यायालय से न्यायिक रिमांड प्राप्त कर जेल दाखिल कराया गया है। प्रकरण में भादवि की धारा 302 के अलावा 147,148,149,153 जोड़ी गई है।

पकड़े गएआरोपियों के नाम 1/ टाकेश्वर सिन्हा पिता गौतम सिन्हा उम्र 28 वर्ष ग्राम चेचान मेटा थाना साजा

2/ दूध नाथ साहू पिता कमल साहू उम्र 27 वर्ष ग्राम पेंडरवानी थाना गंडई

3/ मनीष वर्मा पिता नंदकुमार वर्मा उम्र 23 वर्ष ग्राम खैरी थाना साजा

4/ अरुण रजक पिता मनहरन रजक उम्र 18 वर्ष ग्राम ग्राम पेंडरवानी थाना गंडई 5/ भोला निषाद पिता श्रवण निषाद उम्र 23 वर्ष ग्राम पदमी थाना बेमेतरा

6/ राजकुमार निषाद पिता संजय निषाद उम्र 19 वर्ष ग्राम पदमी थाना बेमेतरा 7/ समारू नेताम पिता जेठू नेताम उम्र 43 वर्ष ग्राम कोरवाय थाना साजा

8/ पुरन पटेल पिता  हेमकुमार पटेल उम्र 19 वर्ष ग्राम पदमी थाना बेमेतरा इन सभी को जेल दाखिल कर पुलिस मामले में आगे और भी जांच कर रही है।

बेमेतरा : प्रशासन अलर्ट मोड पर, पुलिस की पुख्ता व्यवस्था, बिरनपुर में लौट रहा अमन चैन

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बेमेतरा जिले के बिरनपुर गांव में अमन चैन फिर से लौट रहा है। शांति समिति की बैठक में समाज प्रमुखों और ग्रामीणों की पहल कामयाब होते दिख रही है। गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस बैठक में सभी समाज प्रमुखों और ग्रामीणों ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया था कि सभी मिलजुलकर शांति से रहेंगे गांव में पहले की तरह अमन-चैन कायम रखेंगे। बैठक का सकारात्मक असर गाँव में दिख रहा है। गांव में माहौल तेजी से शांति की ओर है।
                   

आज ग्रामीणों ने चर्चा में बताया कि कल प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों ने हम ग्रामीणों की बैठक ली, जिसमें हमने विस्तार से अपने पक्षों को प्रशासन को अवगत कराया था। सब लोग इस बात पर सहमत हुए कि गांव की अच्छी छवि के लिए और सुरक्षा के बेहतर माहौल के लिए शांति बहुत जरूरी है और जो आपसी समस्याएं हैं उसे बैठकर शांतिपूर्ण वातावरण में ही हल करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में हमेशा से सभी लोग प्रेमभाव से रहते आए हैं। गाँव के बड़े बुजुर्गों ने कहा कि हम सब लोग त्यौहार वगैरह भी साथ मनाते हैं। कभी ऐसा नहीं हुआ था। जो प्रकरण हुआ, वो बहुत दुखद है। अधिकारी दोषियों पर कार्रवाई कर रहे हैं।

कलेक्टर पदुम सिंह एल्मा सहित अन्य अधिकारी भी आज पूरे समय बिरनपुर गांव में मौजूद रहे। 12 अप्रैल को प्रशासनिक अधिकारियों ने विस्तार से मामले की बारीकियों पर ग्रामीणों से चर्चा की थी। 12 अप्रैल को बिरनपुर गांव में ही हुई बैठक में प्रशासन ने विशेष तौर पर उन बातों को रेखांकित किया जिसकी वजह से पूरे प्रकरण के बारे में आपसी समझ बढ़ी। साथ ही लोगों को बताया गया कि शांति कितनी जरूरी है। आज ग्रामीणों ने भी कहा कि प्रशासन पूरी तरह से सुरक्षा में लगा है। साथ ही जरूरी सुविधाओं को भी उपलब्ध करा रहा है।

गाँव में लोगों को राशन मिलता रहे, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा पूरी व्यवस्था की गई और घर-घर राशन पहुंचाया गया। साग-सब्जी भी लोगों को मिल पाए, इस बात की भी व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट और मेडिकल स्टाफ पूरी समय मौजूद हैं। 12 अप्रैल को गांव में एक लड़की की तबियत खराब हो गई। जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य की टीम घर पर पहुंच गई और इलाज किया। गांव में पशुधन काफी है और इसके लिए भी पशुधन विभाग ने वेटरनरी डॉक्टर की व्यवस्था की है।

पुलिस की लगातार नजर- पुलिस गांव की हालात पर निरंतर नजर रखे हुए हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। इसके चलते गांव में लोग सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कल की बैठक के बाद हम काफी आश्वस्त हैं। बैठक में गांव की परिस्थिति के बारे में भी बारीकी से अवगत कराया गया। अभी फसल भी खेत में है जिसे उठाना है। हम सबने निर्णय लिया है कि जल्द से जल्द माहौल शांत करने के लिए काम करेंगे।

सरपंच ने बताया, प्रशासन की समझाइश का हुआ अच्छा असर- बिरनपुर गांव के सरपंच जेठूराम साहू ने बताया कि कल शांति समिति की बैठक में सबने अपनी बात रखी। खुलकर रखी बात से गांव का माहौल अच्छा बना। अधिकारियों ने भी बताया कि किस तरह शांति से रहने से गांव में अच्छा माहौल बनेगा। उनकी समझाइश का असर हुआ है और लोग यह कह रहे हैं कि अब शांति के लिए पूरा कार्य करेंगे।

महासमुंद : तुमगांव, बागबाहरा, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली नगरीय क्षेत्रों में धारा 144 लागू

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महासमुंद। छत्तीसगढ़ राज्य के जिला बेमेतरा में हुई दो समुदायों के बीच विवाद को दृष्टिगत रखते हुए जिले में शांतिपूर्ण कानून व्यवस्था बनी रहे, इस बाबत् एवं जिले में कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते संक्रमण से बचाव व स्वास्थ्यगत् आपातकालीन स्थिति को नियंत्रण में रखने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी महासमुंद निलेशकुमार क्षीरसागर ने दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 144 (1) के तहत् प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले के सम्पूर्ण नगरीय क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की सभा, धरना, रैली, जुलूस के आयोजन आदि को प्रतिबंधित कर द.प्र.सं. की धारा 144 लगा दी है। इस आशय के आदेश आज शाम जारी कर दिए गए हैं।

यह धारा जिला महासमुन्द के सम्पूर्ण नगरीय निकाय क्षेत्र यथा महासमुन्द, तुमगांव, बागबाहरा, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली अंतर्गत उपरोक्त स्थिति को नियंत्रण में रखने हेतु विभिन्न प्रकार के सभा, धरना, . रैली, जुलूस के आयोजन, सार्वजनिक स्थानों में भीड़ एवं अवांछित विचरण आदि को प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी व्यक्ति समूह 05 या 05 से अधिक लोगों की भीड़ जुटाकर एकत्र नहीं होंगे और न ही घुमेंगे। कोई भी व्यक्ति न तो किसी प्रकार का शस्त्र, तलवार, फरसा, भाला, लाठी, चाकू, छुरा, कुल्हाड़ी, गुप्ती, त्रिशुल, खुकरी, सांग एवं बल्लम अथवा अन्य अस्त्र-शस्त्र लेकर सार्वजनिक स्थान पर नहीं निकलेगा।

यह आदेश शासकीय कर्तव्य पर तैनात अधिकारी / पुलिस कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। जो व्यक्ति शासकीय कर्तव्य पर है, कर्तव्य के दौरान अस्त्र-शस्त्र धारण कर सकेंगे। यह आदेश महासमुन्द जिले के समस्त नगरीय निकाय क्षेत्र यथा महासमुन्द, तुमगांव, बागबाहरा, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली सीमा क्षेत्र के लिए प्रभावशील होगा, जो आगामी आदेश तक प्रभावशील होगा।

समाज प्रमुख एवं ग्रामीणों ने बिरनपुर घटना की कड़ी निंदा की

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रायपुर। बेमेतरा जिले में ग्राम बिरनपुर की घटना के मद्देनजर जिला प्रशासन, पुलिस के आला अफसरों और सर्व समाज प्रमुखों एवं ग्रामीणों के साथ शांति समिति की बैठक ग्राम बिरनपुर में हुई। कलेक्टर पी.एस. एल्मा और दुर्ग संभाग के आईजी आनंद छाबड़ा की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक में सर्व समाज प्रमुखों ने बिरनपुर में हुई घटना की कड़ी निंदा की। प्रतिनिधियों ने गांव में शांति व्यवस्था बनाये रखने की सहमति जताई।

शांति समिति की बैठक में कलेक्टर पी.एस. एल्मा ने सामाजिक सद्भावना-आपसी भाईचारे के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने समाज प्रमुखों से कहा कि बिरनपुर की घटना में शांति भंग करने में जो भी व्यक्ति शामिल हैं, उन सभी व्यक्तियों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाही की जाएगी। बैठक में सर्व समाज के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कहा कि हम गांव में लंबे समय से साथ रह रहे हैं। पर्व त्यौहार भी साथ में मनाते रहे हैं। मतभेदों को साथ में बैठकर सुलझाएंगे और यह प्रयास करेंगे कि भविष्य में ऐसी परिस्थिति उत्पन्न ना हो।

   कलेक्टर ने की अमन चैन और शांति बनाएं रखने की अपील

कलेक्टर ने शांति समिति की बैठक में कहा कि बिरनपुर गांव में सभी समाज के लोग सदियों से साथ रहते आये हैं। कुछ घटनाओं के कारण मतभेद हुए हैं, आपस में बैठकर मतभेद सुलझाये। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा हर संभव मदद दी जाएगी। सभी लोग अमन चैन और शांति बनाए रखने में सहयोग करें, प्रशासन आपके साथ है। उन्होंने कहा गांव में राशन, बिजली, पानी सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में मदद दी जाएगी। गांव में एक स्वास्थ्य की टीम तैनात की गई है जो इलाज के साथ दवाईयां आदि उपलब्ध कराने में मदद करेगी। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला, पुलिस अधीक्षक आई कल्याण एलेसेला सहित सर्व समाज के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

अफवाहों से रहे दूर: पुलिस अधीक्षक एलेसेला

शांति समिति की बैठक में पुलिस अधीक्षक ऐलसेला ने ग्रामीणों को समझाईश देते हुए कहा कि आप अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचिए, उन्हें अच्छी शिक्षा दीजिये ताकि बच्चे अपना कैरियर बना सके। उन्होंने कहा कि हम सब को मिलकर समस्या के समाधान की दिशा में कार्य करना होगा। पुलिस अधीक्षक एलेसेला ने शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए जिलेवासियों से अपील करते हुए धारा-144 का पालन करने, किसी भी असामाजिक तत्वों के बहकावे में ना आने कहा।

उन्होंने अफवाहों से बचने, फेक वीडियो, फेक फोटो, या किसी भी तरह के भड़काऊ पोस्ट जिससे किसी भी धार्मिक आस्था या व्यक्ति की छवि धूमिल हो सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट करने से बचने की समझाईश दी। उन्होंने कहा कि जिले के किसी भी स्थान में भीड़ इकट्ठा ना करें। शांति व्यवस्था बनाए रखने ड्यूटी पर तैनात पुलिस के अधिकारी जवानों का सहयोग करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस से मदद की आवश्यकता है तो पुलिस से मदद लीजिये।


बिरनपुर में दिवंगत 22 वर्षीय युवक के परिवार के सदस्य को दी जाएगी सरकारी नौकरी : सीएम भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिरनपुर में दिवंगत 22 वर्षीय युवक के परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने और परिवार को 10 लाख रूपए सहायता राशि प्रदान करने को कहा है। उन्होंने आज मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के पदाधिकारियों से मुलाक़ात के बाद यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बेमेतरा की घटना की कमिश्नर के नेतृत्व में उच्च स्तरीय प्रशासकीय जाँच के निर्देश दिए हैं। साथ ही एक सप्ताह में जाँच कर रिपोर्ट देने को कहा है। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेश वासियों से शांति और सद्भावना बनाए रखने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि बिरनपुर की घटना बेहद दुर्भाग्यजनक है। इस घटना में दिवंगत भुनेश्वर साहू के परिवार की पीड़ा हम सबकी साझा पीड़ा है। भुनेश्वर की अनुपस्थिति में उसके परिवार का संरक्षण हम सबकी साझी जिम्मेदारी है। आज छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के पदाधिकारियों से मुलाक़ात के बाद हमने निर्णय लिया है कि भुनेश्वर के परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही मैंने कमिश्नर के नेतृत्व में उच्च स्तरीय प्रशासकीय जाँच के निर्देश दिए हैं और एक सप्ताह में जाँच कर रिपोर्ट देने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु राम का ननिहाल, माता कौशल्या का घर हमारा छत्तीसगढ़ प्रदेश शांति, सद्भावना का गढ़ रहा है। हम सबको असामाजिक ताकतों से लड़ते हुए शांति और सद्भावना बनाकर रखनी है। यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कानून से बढ़कर कोई नहीं है। साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष टहल सिंह साहू एवं अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की। इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, विधायक बेमेतरा आशीष छाबड़ा, छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष संदीप साहू भी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने ग्राम बिरनपुर में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 लागू किया

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बेमेतरा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी पदुम सिंह एल्मा ने जिले के ग्राम बीरनपुर में 8 अप्रैल 2023 को दो पक्षों में विवाद होने के कारण आस पास शांति, विधि व्यवस्था एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायत बिरनपुर के ग्राम बिरनपुर में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 लागू किया है।

जारी आदेश में कहा गया है कि लोक शांति बनाए रखने के लिए इस क्षेत्र में जुलूस, धरना आम सभा व प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक है। पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस आदेश से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों को सूचना की तामिली एवं सुने जाने के लिए पर्याप्त समय न होने के कारण एक पक्षीय रूप से यह आदेश पारित किया जा रहा है।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी एल्मा ने धारा 144 दण्ड प्रक्रिया संहिता में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला बेमेतरा के तहसील साजा अंतर्गत ग्राम पंचायत बिरनपुर के ग्राम बिरनपुर में जूलूस धरना, आम सभा एवं प्रदर्शन पर प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है। जारी आदेशानुसार ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी, सुरक्षा कर्मी को छोड़कर कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह द्वारा भले ही ये अनुज्ञप्ति धारी हो किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ अस्त्र शस्त्र धारदार घातक हथियार लेकर नहीं चलेगा।

पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा और न ही एक साथ चलेंगे। कोई भी व्यक्ति, संस्था गृह मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कोविड 19 के संबंध में जारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति या समूह यातायात जाम नहीं करेगा और न ही बाधित करेगा। किसी भी सरकारी अथवा गैर सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी पर जाने से नहीं रोकेगा। कोई भी व्यक्ति मौखिक अथवा लिखित रूप से (पोस्टर, पॉप्लेट पर्चे सोशल मिडिया आदि) अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्र से किसी भी प्रकार से कोई नारेबाजी अथवा भ्रमक प्रचार नहीं करेगा।

जिससे किसी वर्ग विशेष अथवा जाति संबंधी किसी भी प्रकार से तनाव उत्पन्न होने की संभावना हो। यह आदेश सभी प्रकार के दलों संगठनों संघों तथा आम जनता पर लागू होगा तथा दिनांक 08 अप्रैल 2023 से अगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरूध्द धारा 188 भा.द.वि. के अंतर्गत अभियोजन की कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने किया राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त की राशि का अंतरण

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बेमेतरा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज मुंगेली जिले के सरगांव में आयोजित भरोसे का सम्मेलन कार्यक्रम में महात्मा गांधी रुरल इंडस्ट्रियल पार्क का प्रदेश स्तर में वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से  लोकार्पण किया। बेमेतरा जिले में महात्मा गांधी रुरल इंडस्ट्रियल पार्क कार्यक्रम का आयोजन जनपद पंचायत बेरला के ग्राम रामपुर (भांड़) एवं जनपद पंचायत नवागढ़ के ग्राम अमलडीहा में किया गया, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। वर्चुअल कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्र कुमार, पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक पुन्नू लाल मोहले एवं धरमजीत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

जिले के रामपुर (भांड़) में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक बेमेतरा आशीष कुमार छाबड़ा एवं कलेक्टर बेमेतरा पदुम सिंह एल्मा ने महात्मा गाँधी और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र में माल्यार्पण एवं दीप जलाकर राजगीत अरपा पैरी के धार महा नदी हे अपा..........के साथ कार्यक्रम की शुरुवात की गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर डॉ. अनिल बाजपेयी, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) युगल किशोर उर्वशा, तहसीलदार बेरला मनोज गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बेरला स्वप्निल ध्रुव, वरिष्ट जनप्रतिनिधि बंशी पटेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बेरला हीरा देवी वर्मा, सहित जनप्रतिनिधिगण एवं आसपास के ग्रामीणजन उपस्थित थे।

ज्ञात हो कि बेमेतरा जिले में जनपद पंचायत बेमेतरा के अन्तर्गत गांगपुर (ब) एवं झालम, जप साजा के अन्तर्गत ग्राम राखी एवं ओड़िया, नवागढ़ के अन्तर्गत अमलडीहा एवं मोहतरा तथा जनपद पंचायत बेरला के अन्तर्गत सांकरा एवं रामपुर (भांड़) में महात्मा गांधी रूलर इंडस्ट्रियल पार्क बनाया जाएगा। जिसमें दाल मिल एवं दाल प्रसंस्करण इकाई, फेन्सिंग वायर यूनिट, सिलाई मशीन यूनिट, साबुन निर्माण, फर्नीचर निर्माण यूनिट, फिनाइल उत्पादन यूनिट, आचार-पापड़-बड़ी निर्माण यूनिट, आटा मिल, दोना पत्तल यूनिट, चना-मुर्रा यूनिट, जैविक कीटनाशक, उत्पादन यूनिट आदि गतिविधियां संचालित की जाएगी। जिसके तहत ग्रामीण आजीविका और स्वरोजगार से सम्बंधित इकाइयों का भविष्य में विस्तार किया जाएगा। बेमेतरा जिले में रीपा अन्तर्गत 19 उद्योग शुरु हो रहे हैं। इन उद्योगों में कुल 254 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा, जिसमें 107 महिलाएं एवं 147 पुरुष होंगे। रामपुर भांड़ में आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर कलेक्टर पी.एस.एल्मा ने पोहा मिल का शुभारंभ किया।

प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण औद्योगिक पार्क और अन्य योजनाओं का बटन दबाकर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के 4.99 लाख हितग्राहियों के खाते में 149.92 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 2325041 किसानों के खाते में चौथी किस्त की राशि 174020.73 लाख रुपये का अंतरण किया गया। जिसमें बेमेतरा जिले के 140319 किसानों के खाते में चौथी किस्त की राशि 104 करोड़ रुपये अंतरित हुई। इसके अतिरिक्त गोधन न्याय योजना की 6.34 करोड़ रुपये की राशि का भी अंतरण किया। मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, राजीव गांधी नगरीय भूमिहीन मजदूर न्याय योजना का शुभारंभ, छ.ग. बेरोजगारी भत्ता योजना का वेब पोर्टल और छ.ग. सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण-2023 एप का शुभारंभ किया एवं नवनिर्मित 278 मल्टीएक्टिविटी सेंटर का लोकार्पण किया। 

 मुख्यमंत्री ने उद्घाटन के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और सम्बोधित करते हुए कहा कि ये किसान, मजदूर और युवा मन के भरोसा के सम्मेलन हे अउ ये भरोसा अभी के नई हे बल्कि चार साल के हे। गांव एवं नगर पंचायत (बड़ा कस्बा) के बीच मे ज्यादा फर्क नही होता है इसलिए नगर पंचायत क्षेत्र के किसानों को भी लाभांवित करने के लिए नगरीय राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की शुरुआत की जा रही है। इससे नगरीय क्षेत्र में रहने वाले किसानों को आर्थिक लाभ होगी। राज्य विकास के लक्ष्य को सबको मिलकर हासिल करना है। शासन ने सभी वर्गों को लाभ देने का काम किया है।

प्रदेश के बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत भूमिहीन मजदूर श्रमिक को सहायता राशि दी जा रही है। किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 क्विंटल से बढ़ाकर 20 क्विंटल प्रति एकड़ किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। आंगनबाड़ी, सफाई कर्मी, कोटवार आदि का मानदेय बढ़ाया गया। नये आत्मानन्द स्कूल और मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे साथ ही पत्रकार सुरक्षा योजना लागू किया गया। जैसे-जैसे गोधन न्याय योजना आगे बढ़ती जाएगी वैसे वैसे हम जैविक राज्य के दिशा में आगे बढ़ते जाऐंगे। आज के समय में व्यापार व्यवसाव और उद्योग के साथ-साथ किसानों की भी आर्थिक स्थिति सुधरी है। हमारा प्रयास सभी वर्गों के लोगों को आगे बढ़ाना है। आज के इस रीपा कार्यक्रम की शुरुआत होने से प्रदेश के युवाओं महिलाओं को रोजगार मिलेगा। रीपा के माध्यम से परंपरागत उद्योगों का लाभ प्रदेश के सभी वर्गों को मिलेगा।

विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने कहा कि 20 क्विंटल धान खरीदी की घोषणा मुख्यमंत्री ने की है। अब 20 क्विंटल धान बेचने से किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी, मुख्यमंत्री ने यह घोषणा कर हमारे किसान भाईयों के दुखः दर्द को समझा है। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अब कृषि आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी आज किसानों के लिए खुशी का दिन है, भुपेश है तो भरोसा है ये केवल किसानों का नारा नहीं है बल्कि सामुहिक रूप से छत्तीसगढ़ के पूरी जनता का नारा है। छत्तीसगढ़ को जैविक राज्य बनाना है। रासायनिक खादों के प्रयोग से कई प्रकार की बीमारियां पैदा हो रही हैं इसलिए जैविक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कृषि मंत्री रवींद्र चौबे अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि-मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार ने पिछले चार साल में 1.5 लाख करोड़ से ज्यादा पैसा किसानों को दिया है। प्रदेश में 2640 रुपये में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी हो रही है जो देश भर में सबसे ज्यादा है। इस साल से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर होगी, भूपेश है तो भरोसा है। प्रदेश सरकार ने विगत 4 साल में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर हर वर्ग के लोगों को लाभ पहुँचाया है। सरकार द्वारा किसानों का ऋण माफ कर, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर किसानों को उनकी उपज का वास्तविक लाभ दिलाया जा रहा है, साथ ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान की बोनस राशि किसानों के खाते में सीधा अंतरित किया जाता है। जिससे हर वर्ष किसानों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

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