Media24Media.com: बिजली बिल

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सोलर रूफटॉप से रोशन हो रहे महासमुंद के घर, प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से पाई राहत, अब बिजली बिल हुआ शून्य

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रायपुर। भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अब महासमुंद जिले के आम नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुंचने लगा है। यह योजना न केवल लोगों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ी पहल साबित हो रही है।इस योजना के तहत जिले के विभिन्न विकासखंडों में बड़ी संख्या में हितग्राहियों ने अपने घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किए हैं। इन सौर ऊर्जा संयंत्रों की सहायता से लाभार्थी अपने घरेलू उपयोग की बिजली स्वयं उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे उनके बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आई है।

महासमुंद शहर के क्लबपारा निवासी एवं बिजली विभाग से सेवानिवृत्त लाइन इंस्पेक्टर तुलसीराम साहू ने अपने घर की छत पर कुछ माह पूर्व 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगवाया है। उन्होंने बताया कि इस प्लांट की कुल लागत लगभग 2 लाख रुपये आई, जिसमें से 78,000 रुपए की सब्सिडी उन्हें सरकार की ओर से प्राप्त हुई। इससे यह प्लांट काफी सस्ता और किफायती हो गया।श्री साहू ने बताया कि, उनके घर में फ्रिज, कूलर, एसी, पंखे और अन्य आवश्यक बिजली उपकरण नियमित रूप से चलते हैं, जिनके कारण पहले हर महीने उन्हें 2000 से 2500 रुपए बिजली बिल भरना पड़ता था। लेकिन सोलर प्लांट लगने के बाद से न केवल उनका मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है, बल्कि अब वे अपनी घरेलू जरूरतों के लिए पूरी तरह सौर ऊर्जा पर निर्भर हो चुके हैं।

उन्होंने इस योजना को पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन एनर्जी के उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि सोलर सिस्टम का रखरखाव बेहद सरल है और इसमें कोई अतिरिक्त खर्च नहीं आता। उन्होंने इसे हर नागरिक के लिए अपनाने योग्य और टिकाऊ समाधान बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इस योजना से जुड़ने को कहा।प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना न केवल बिजली बचत और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि यह स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में भी एक मजबूत और दूरदर्शी कदम है, जो भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर कर रहा है।

नगरीय निकायों को बनाया जाएगा ऊर्जा दक्ष, एनर्जी ऑडिट कराकर कमियों-खामियों को किया जाएगा दूर

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने राज्य के सभी 184 नगरीय निकायों में बिजली बिल और एनर्जी ऑडिट के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यथासंभव पारंपरिक ऊर्जा के स्थान पर सौर ऊर्जा का उपयोग करने को कहा है। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि अधिकांश निकायों में इस मद में राशि के अभाव के कारण समय पर बिजली के बिल का भुगतान नहीं किया जाता है। इससे नगरीय निकायों और विभाग को हर वर्ष अनावश्यक ही सरचार्ज व एरियर्स की राशि के रूप में बिजली विभाग को अतिरिक्त राशि का भुगतान करना पड़ता है।

ऊर्जा और बिजली बिल के ऑडिट से इनकी बचत के उपाय करने में सहूलियत होगी। साव ने बिजली बचाने और इसके खर्च में कमी लाने के लिए नगरीय निकायों में पारंपरिक ऊर्जा के बदले ग्रीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने को कहा है। इससे निकायों का खर्च घटने के साथ ही पर्यावरण भी सुधरेगा। उप मुख्यमंत्री ने चरणबद्ध तरीके से एनर्जी ऑडिट का कार्य थर्ड पार्टी प्रोफेशनल एजेंसीज से कराने के निर्देश दिए हैं। शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी विभिन्न जन सुविधाओं के संचालन के लिए नगरीय निकायों मे बड़ी संख्या में विद्युत कनेक्शन लिए गए हैं।

विद्युत विभाग द्वारा प्रदेश के सभी 184 नगरीय निकायों में इसके लिए हजारों की संख्या में बिजली के मीटर लगाए गए हैं। इन मीटरों के माध्यम से हर महीने मीटर रीडिंग कर बिजली विभाग द्वारा बिजली का बिल निकायों को प्रेषित किया जाता है। निकायों द्वारा प्रति माह एक बड़ी राशि विद्युत देयकों के रूप में व्यय की जाती है। कई बार सरचार्ज और एरियर्स के रूप में भी बिजली विभाग को अतिरिक्त राशि का भुगतान निकायों और नगरीय प्रशासन विभाग को करना पड़ता है। विभाग द्वारा नगरीय निकायों में बिजली बिल के समायोजन के लिए बिजली विभाग को हर साल लगभग 100 करोड़ रुपए से 200 करोड़ रुपए की राशि हस्तांतरित की जाती है। वर्तमान में करीब 800 करोड़ रुपए का भुगतान लंबित होने के कारण सरचार्ज की राशि में लगातार वृद्धि हो रही है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस स्थिति को देखते हुए विभागीय समीक्षा बैठक में नगरीय निकायों के बिजली बिलों के ऑडिट तथा एनर्जी ऑडिट कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। इससे प्रत्येक निकाय के बिजली बिल के ऑडिट से वास्तविक विद्युत खपत और अनावश्यक रूप से सरचार्ज हेतु किए जा रहे भुगतान का स्पष्ट आंकलन किया जा सकेगा। ऑडिट के बाद विद्युत की खपत घटाने और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाने के लिए नीति भी तैयार की जाएगी। विद्युत खपत घटाने और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाने से लंबी अवधि में लगभग 800 करोड़ रुपए से एक हजार करोड़ रुपए की बचत होगी। साथ ही ग्रीन एनर्जी के उपयोग से निकायों को कार्बन क्रेडिट भी प्राप्त होगा। साव ने कहा कि इस तरह बचाई गई राशि से निकायों में अधोसंरचना विकास के अन्य कार्य तथा नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई योजनाएं शुरू की जा सकेंगी। निकायों में ऊर्जा प्रबंधन में सौर उर्जा को शामिल करने एवं ताप ऊर्जा के उपयोग में कमी से पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा भी मिलेगा।

 सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग से नगरीय निकायों को ऊर्जा दक्ष बनाने के निर्देश, पायलेट परियोजना के लिए तैयार की जा रही है कार्ययोजना

उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग से नगरीय निकायों को ऊर्जा दक्ष बनाने के निर्देश दिए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा निकायों में विद्युत खपत की वास्तविक जानकारी जुटाने हेतु एनर्जी ऑडिट कराने के लिए पायलेट परियोजना की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। एनर्जी ऑडिट के माध्यम से नगरीय निकायों में बिजली की वास्तविक खपत और व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं, कमियों की पहचान तथा विद्युत देयकों के विश्लेषण के बाद विद्युत दक्ष (Energy Efficient) उपकरणों के प्रयोग को बढ़ावा देने, विद्युत खपत में कमी से देयकों में मितव्यता तथा चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा प्रणाली जैसी वैकल्पिक व्यवस्था को अपनाया जाएगा। भारत सरकार द्वारा भी पारंपरिक ऊर्जा के स्थान पर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पीएम कुसुम, पीएम सूर्याेदय तथा पीएम सूर्यघर जैसी अभिनव योजनाएं प्रारंभ की गई हैं।


जनता और कार्यकर्ताओं के दम पर कल नया इतिहास बनेगा - बृजमोहन

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 रायपुर :  लोकसभा चुनाव के नतीजों से ठीक एक दिन पहले बृजमोहन अग्रवाल ने नया इतिहास बनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि, जनता और कार्यकर्ताओं के दम पर नया इतिहास बनेगा। जीत के जश्न की तैयारियों को लेकर कहा कि, मैं कल घूमता रहूंगा, जश्न तो कार्यकर्ता मनाएंगे। अब पूरे रायपुर लोकसभा का विकास मेरी बड़ी प्राथमिकता रहेगी। 


दरअसल, बिजली बिल, दूध और टोल टैक्स की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। मंहगाई बढ़ने के बीच कैबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, जनता ने कांग्रेस को विपक्ष में बैठा दिया है। अब अपना काम करें, यह सब जो हो रहा है, इस पर ध्यान न दें। 


लोकसभा के प्रत्याशी बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि, भाजपा काउंटिंग एजेंट को लगातार ट्रेनिंग दे रही है। भाजपा की फसल तैयार हो चुकी है। कल बस कटने का इंतजार है। यह फसल चोरी ना हो जाए, इसलिए कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देकर सतर्क किया जा रहा है। 

बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि, ये कुछ भी कर सकती है। साथ ही कांग्रेस को बताया कि, कार्यकर्ताओं ने परिणाम के पहले ही जीत का पोस्टर लगाने के लिए कहा था। यह तो कार्यकर्ताओं और जनता का विश्वास है। 


बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, अब तक हाई कमान ने जो आदेश दिया है। उसका पालन करता हूं...आगे भी वहीं करूंगा। 


जो वायदे किये, वो पूरे किये, छत्तीसगढ़ की सरकार ने किया बहुत अच्छा काम

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रायपुर। हमने छत्तीसगढ़ में आम जनता से जो वायदे किये थे वो पूरे किये। किसानों का कर्ज माफ किया। बिजली बिल हाफ कर दियाछत्तीसगढ़ में किसानों को धान के लिए सही दाम दिया। आज आप सभी प्रदेशों को देख लीजिए, लिस्ट निकालिये, धान के लिए सबसे ज्यादा पैसा कहाँ मिलता है। जवाब मिलेगा छत्तीसगढ़। जहाँ भी हम जाते हैं वायदा निभाते हैं। यह बात सांसद राहुल गांधी ने नवा रायपुर में आयोजित राजीव युवा मितान सम्मेलन के मौके पर कही।

इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में शासकीय नियुक्तियों में स्टाइपेंड व्यवस्था समाप्त करने की घोषणा की। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने शानदार कार्य कर रहे सभी संभागों के राजीव युवा मितान क्लब के सदस्यों का सम्मान भी किया। इस मौके पर  नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। साथ ही जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित वायदे से ज्यादा काफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। युवाओं की अभूतपूर्व उपस्थिति में हुए इस सम्मेलन में राहुल गांधी ने कहा हमने यहाँ रोजगार सृजन पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया। 

मैंने मुख्यमंत्री बघेल जी से कहा कि छत्तीसगढ़ में अलग अलग स्किल हैं। हर जिले में आप कुछ अलग सा बनाते हो। छोटे उद्यमियों को बैंक लिंकेज मिलना चाहिए। मैंने उनसे कहा कि आपका फोकस इन पर होना चाहिए, इसकी मार्केटिंग हो, मुझे खुशी है कि बघेल जी ने इस पर अच्छा काम किया है। इससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार का रास्ता खुला है। छत्तीसगढ़ देश का केंद्र है। आपको देश का लाजिस्टिकल सेंटर बनना चाहिए। आप इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कीजिए ताकि छत्तीसगढ़ हिंदुस्तान का लाजिस्टिक सेंटर बन पाये। आप दुनिया को छत्तीसगढ़ से जोड़िये। इससे छत्तीसगढ़ के प्रोडक्ट केवल भारत ही नहीं, दुनिया में भी जाएं। मुझे लगता है कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के विकास के लिए युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए ही हमने राजीव युवा मितान क्लब बनाये हैं। हर क्लब को एक लाख रूपए मिल रहे हैं। तीन लाख युवाओं को हमने क्लब में जोड़ा है। हमने पेसा कानून के माध्यम से आदिवासियों को उनके हक दिलाए। आदिवासी का मतलब इस देश की धरती के सबसे पहले आप मालिक हैं। मतलब जमीन पर जंगल पर जल पर आपका हक पहला बनता है। राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान के डीएनए में प्यार है मोहब्बत है। हम सबसे पहले हिंदुस्तानी हैं। हम सबको एक दूसरे के साथ जुड़कर मोहब्बत के साथ इज्जत के साथ रहना है। 

यह सबसे पुराना मैसेज है जिसे हमने भारत जोड़ो यात्रा में दिया। नफरत से और हिंसा से देश आगे नहीं जा सकता। हिंसा से देश की अर्थव्यवस्था नहीं बढ़ती। जब सबको एक साथ लाया जाता है तो देश जुड़ता है। छत्तीसगढ़ का भविष्य आपका है। आपको छत्तीसगढ़ का भविष्य संवारना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि पांच साल पहले जब राहुल गांधी जी आये थे तो उन्होंने कहा था कि ऐसी योजनाएं बनाएं जिससे आम आदमी को लाभ हो, आदिवासियों को लाभ हो, किसानों को लाभ हो। हमने ऐसी योजनाएं बनाई जिससे लोगों को लाभ हुआ। किसानों को लाभ मिला। छत्तीसगढ़ में हम प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस नहीं लेते। पूरे छत्तीसगढ़ की जनता का भरोसा हमारे साथ है। युवा राष्ट्र की संपत्ति है और इस ऊर्जा का सही उपयोग हमें करना है।

हम युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दे रहे हैं। हम लोगों को अधिकार संपन्न बनाते हैं। प्रधानमंत्री नेहरू जी से लेकर मनमोहन सिंह जी तक जब तक हमें अवसर मिला, लोगों को ताकत देने का काम किया है। पहली बार युवाओं का ऐसा मेला छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रहा है। राजीव युवा मितान क्लब को हर साल एक लाख रुपए दिया जा रहा है ताकि हमारे युवा साथी अपने गाँव की संस्कृति, खेलकूद और शासन की जानकारी भी वंचित वर्गों तक पहुँच पाए। ये दिन रात मेहनत करते हैं इन सब तक ये शासन की योजनाओं की जानकारी देते हैं। आने वाले पाँच सालों में हमने दस से बारह लाख रोजगार के सृजन का लक्ष्य रखा है।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने अपना अमूल्य समय देने के लिए राहुल गांधी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, सांसद दीपक बैज, राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा ने स्वागत भाषण किया। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डा. चरणदास महंत, सांसद श्रीमती फूलोदवी नेताम, श्रीमती रंजीत रंजन, कृषि मंत्री ताम्रध्वज साहू, पंचायत विकास मंत्री रविंद्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, आबकारी मंत्री कवासी लखमा, सहकारिता मंत्री मोहन मरकाम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया, संसदीय सचिव तथा निगम मंडलों के अध्यक्ष उपस्थित थे।

प्रति व्यक्ति बिजली खपत में देश में सबसे अग्रणी छत्तीसगढ़, 42 लाख परिवारों को दे रहे आधे दाम में बिजली

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रायपुर। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1957 में कोरबा में बिजली प्लांट की पहली शुरूआत की थी। मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि आज हम यहां अब तक के सबसे बड़े 1320 मेगावाट के पॉवर प्लांट की आधारशिला रख रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत देश में सबसे ऊपर है।

कोरबा ऊर्जा की राजधानी रही है। हमने छत्तीसगढ़ में बिजली बिल हाफ करने की योजना लागू की, हम 24 घंटे सभी को बिजली प्रदान कर रहे हैं। मुझे इस बात की खुशी है कि हम 42 लाख परिवारों को आधे दाम में 400 यूनिट तक बिजली दे रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 12 हजार 915 करोड़ रूपए के लागत से बनने वाले विद्युत उत्पादन कंपनी हसदेव ताप विद्युत गृह की नवीन सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना कोरबा (पश्चिम) के शिलान्यास एवं विकास कार्यों के लोकार्पण भूमिपूजन के दौरान कही।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि मुझे खुशी है कि पर्यावरण और कोयला की अनुमति मिल चुकी है, सारी प्रक्रिया बहुत तेज हुई है, मेरा विश्वास है कि 2028 तक इसे शुरू कर लेंगे। अब बिजली उत्पादन बढ़कर 40 मेगावाट हो जाएगा। हम सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं। बिजली व्यवस्था को लेकर हम लगातार काम कर रहे हैं। मोर बिजली एप से आप बिल जमा कर सकते हैं और बिजली कटने, खराब होने की शिकायत भी कर सकते हैं। हम विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों की सुविधाएं बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने वनोपजों का समर्थन मूल्य तय किया है, हम 67 प्रकार के वनोपज खरीद रहे हैं। गौठानों में रूलर इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से रोजगार की वृद्धि की जा रही है, अब गौठान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कोरबा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान कोरबा के घण्टाघर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी हसदेव ताप विद्युत गृह की नवीन सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना कोरबा (पश्चिम) का शिलान्यास किया। इसकी अनुमानित लागत 12 हजार 915 करोड़ रूपए है। बघेल ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत किए जा रहे 72 विकास कार्यों का भी लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया जिसकी लागत 112 करोड़ 13 लाख से भी अधिक है। इन कार्यों में 54 करोड़ 70 लाख राशि के 38 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 57 करोड़ 43 लाख से अधिक राशि के 34 विकास कार्यों का शिलान्यास कार्य शामिल हैं। 

मुख्यमंत्री ने यहां कलेक्टरेट परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का अनावरण एवं डिंगापुर में नवनिर्मित ई-लाईब्रेरी का लोकार्पण किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि विकास के काम पूरे हो रहे है। आज पांवर प्लांट का भूमिपूजन हुआ है। क्रिटिकल पॉवर प्लांट से प्रदूषण कम होगा। आने वाले दिनों कोयले से नहीं बल्कि पानी से बिजली बनाई जाएगी। राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि कोरबा जिले को बहुत सी सौगते देने के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार। सांसद दीपक बैज ने कहा कि आज कोरबा जिले में विकास की नई गाथा लिखी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार में सरगुजा से लेकर बस्तर तक की विकास की गंगा बहा दी गई है।

1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल पॉवर स्टेशन की रखी आधारशिला

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाई प्रदान करने हेतु कोरबा जिले में 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन कोरबा का शिलान्यास किया। नई (9.78 करोड़ प्रति मेगावॉट) होगी। यहां पर 660 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित होंगी। भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए कोरबा में 660-660 मेगावाट की दो नई इकाइयों की स्थापना की जा रही है। 1320 मेगावाट का यह सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन प्रदेश का सबसे बड़ा और आधुनिक संयंत्र होगा। इससे एक ओर प्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर होंगा वहीं दूसरी ओर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने सब्सक्रिप्शन कार्ड देकर किया ई-लाइब्रेरी का शुभारंभ

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरबा के डिंगापुर में नवनिर्मित प्यारेलाल कवर स्मृति पुस्तकालय का डिजिटल माध्यम से एक क्लिक कर लोकार्पण किया। उन्होंने रीडिंग जोन में अध्ययनरत युवाओं को सब्सक्रिप्शन कार्ड दिया। कोरबा के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए के लिए डिंगापुर में ई-लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। ई-लाइब्रेरी की 3 करोड़ 95 लाख की लागत से स्थापना की गई है।

यहां प्रतिभागियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी में स्मार्ट लाईब्रेरी एवं स्मार्ट किड रूम निर्मित की गई है। लाइब्रेरी में बड़े शहरों की तर्ज पर स्टडी केबिन बनाए गए हैं। प्रतिभागियों के ऑनलाइन पढ़ाई के लिए 40 कम्प्यूटर लगाए गए हैं। इसी प्रकार स्मार्ट किड्स रूम में 10 टेबलेट उपलब्ध है, साथ ही बच्चों के लिए इंटरैक्टिव पैनल निर्मित किया गया है जहां टेलीविजन के माध्यम से बच्चों का बौद्धिक विकास एवं ड्राइंग पेंटिग जैसी अन्य चीजें सीख सकेंगे।

124 एकड़ में 325 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कोरबा जिले को एक बड़ी सौगात देते हुए स्व. बिसाहूदास महंत स्मृति मेडिकल कॉलेज कोरबा के नए भवन की नींव रखी। मेडिकल कॉलेज के नए भवन निर्माण हेतु कोरबा जिले के ग्राम भुलसीडीह, तहसील-भैंसमा में 124.24 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। इसके निर्माण के लिए 325 करोड का बजट स्वीकृत किया गया है। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा का उद्घाटन दिनांक 02 मार्च 2021 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किया गया था । स्थानीय लोगों की मांग अनुसार कोरबा मेडिकल कॉलेज का नामकरण स्व. बिसाहू दास महंत के नाम पर रखा गया है।

100 सीटर खेल अकादमी में तैयार होंगे राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी

मुख्यमंत्री बघेल ने कोरबा के प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम परिसर में आवासीय खेल अकादमी का शुभारंभ किया। खेल अकादमी में खिलाड़ियों को फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और स्विमिंग जैसे खेल का प्रशिक्षण मिलेगा। आवासीय खेल अकादमी में फुटबॉल में बालक वर्ग में 20 खिलाड़ी, बालिका वर्ग में 20 खिलाड़ी, वॉलीबॉल में बालक वर्ग में 12 व बालिका वर्ग में 12 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था है। इसी तरह बास्केट बॉल में बालक व बालिका वर्ग के 10-10 और स्विमिंग में 8-8 बालक-बालिका वर्ग के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण सह- आवासीय व्यवस्था है। प्रियदर्शनीय इंदिरा स्टेडियम परिसर में जिला प्रशासन की ओर से एकेडमी के संचालन के लिए सभी संसाधन विकसित किए गए हैं। अकादमी में 100 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण व आवास की व्यवस्था की गई है जिससे खेल अकादमी में राष्ट्रीय स्तर के खिलाडी तैयार होंगे।

स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी महाविद्यालय का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री बघेल ने कोरबा जिले में छात्रों को अंग्रेजी माध्यम में उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए कोरबा में स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय का शुभारंभ किया। इस सत्र से अंग्रेजी महाविद्यालय  कला, वाणिज्य, विज्ञान एवं कम्प्यूटर विज्ञान विषय के साथ प्रारम्भ हो रहा है। यह महाविद्यालय अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर से संबंद्ध है। सत्र 2023-24 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ है, जिसमें सभी संकायों में विद्यार्थी प्रवेश ले रहें है। यह महाविद्यालय  परम्परागत अध्यापन की सुविधा के साथ-साथ आधुनिकतम उपकरणों से भी सुसज्जित है। जिसका लाभ यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्राप्त होगा। 

इस अवसर पर सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, गौ सेवा आयोग के सदस्य प्रशांत मिश्रा, महापौर राजकिशोर प्रसाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला छत्रपाल कंवर, विधायक पाली तानाखार मोहित राम केरकेट्टा, विधायक कटघोरा पुरुषोत्तम कंवर, सभापति नगर निगम श्याम सुंदर सोनी, अंकित आनंद सचिव ऊर्जा विभाग छत्तीसगढ़ शासन, पी दयानंद सचिव चिकित्सा शिक्षा छत्तीसगढ़ शासन,  संभागायुक्त भीम सिंह, आईजी बीएन मीणा, कलेक्टर संजीव कुमार झा, एसपी उदय किरण, सीईओ जिला पंचायत विश्वदीप स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

Chhattisgarh में बिजली हुई सस्ती, अगले महीने बिजली बिल आयेगा कम

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रायपुर। चुनावी साल में एक बार फिर राज्य सरकार ने बिजली दरों (Electricity Bill ) में कमी करते हुए लोगों को राहत दी है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (सीएसपीडीसीएल) ने इस वर्ष लगातार दूसरी बार वेरिएबल कास्ट एडजेस्टमेंट(वीसीए) में कमी की है। अप्रैल-मई महीने के लिए वीसीए की दर 78 पैसे प्रति यूनिट से घटाकर 43 पैसे प्रति यूनिट की गई है। वीसीए दरों में 35 पैसे की कमी की गई है। लगातार दो बार वीसीए चार्ज में कमी की वजह से बिजली बिल (Electricity Bill ) प्रति यूनिट अब 67 पैसे सस्ती हो गई है। इसका असर अगले महीने बिजली दरों में देखने को मिलेगा।


अप्रैल-मई के आगामी बिजली बिल में वीसीए अब 43 पैसे प्रति यूनिट लगेगा। इसके पहले फरवरी-मार्च के लिए वीसीए को 1.10 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 78 पैसे प्रति यूनिट किया गया था। इस वर्ष राज्य विद्युत नियामक आयोग ने जहां विद्युत टैरिफ में किसी तरह की वृद्धि नहीं की है। इससे विद्युत उपभोक्ताओं को पर्याप्त राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने अधिसूचित बहुवर्षीय टैरिफ सिद्धांतों के अनुरूप विनियम-2021 की कंडिका-93 में निहित प्रावधानों के अनुपालन में अप्रैल-मई-2023 के लिए वीसीए चार्ज का निर्धारण किया है।

खरीदी गई बिजली से तय होता है वीसीए चार्ज

वीसीए चार्ज छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा क्रय की गई बिजली की लागत के आधार पर तय होता है। छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा संयंत्र छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी से क्रय की गई बिजली सस्ती दर पर मिली है। इसमें आयोग द्वारा निर्धारित लागत की तुलना में 34.93 करोड़ एवं जल व सौर स्त्रोतों से 10.13 करोड़ रुपए सस्ती बिजली मिली है। एनटीपीसी से विद्युत नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित दर की तुलना में 288 करोड़ रुपये की राशि अधिक देनी पड़ रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक विद्युत उत्पादन के लिए कोयला एवं तेल की आवश्यकता मुख्य रूप से ईंधन के रूप में विद्युत गृहों में होती है। इन दोनों प्रमुख घटकों की कीमत बाजार मूल्य के अनुरूप प्रत्येक दो माह में घटती-बढ़ती रहती है। इससे वीसीए चार्ज का निर्धारण होता है।

 

बिजली बिल हाफ योजना से 48 करोड़ 74 लाख की मिली राहत

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महासमुंद। सरकार की बिजली बिल हाफ योजना से गरीब, जरूरतमंद एवं मध्यम वर्गीय परिवार को राहत मिल रही है। जिले में एक लाख 18 हजार 294 उपभोक्ताओं को बिजली बिल हाफ योजना के अंतर्गत 48 करोड़ 74 लाख 36 हजार रूपए की राशि की छूट मिली है। संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस योजना को लागू कर ना सिर्फ महंगाई के दौर में लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाई है, बल्कि जनता से किया गया एक बड़ा वायदा भी पूरा किया है। हर गांव, हर शहर में लोगों को इस योजना का सीधा लाभ मिल रहा है। इससे लोगों के बिजली पर होने वाले खर्च में कमी आई और वे बचत राशि का उपयोग अपनी दूसरी जरूरतों को पूरा करने में कर रहे हैं।


       जिले में एक लाख 18 हजार 294 उपभोक्ताओं को मिला योजना का लाभ

बिजली बिल हाफ योजना से 400 यूनिट तक घरेलू बिजली खपत पर टैरिफ में 50 फीसदी की छूट दी जा रही है। महासमुंद जिले में एक लाख 18 हजार 294 उपभोक्ताओं को बिजली बिल हाफ योजना के अंतर्गत 48 करोड़ 74 लाख 36 हजार रूपए की राशि की छूट मिली है। जिसमें महासमुंद विधानसभा में 34 हजार 419 उपभोक्ताओं को 22 करोड़ 27 लाख 62 हजार रूपए, खल्लारी विधानसभा के 35 हजार 359 उपभोक्ताओं को 12 करोड़ आठ लाख नौ हजार रूपए, बसना विधानसभा के 24 हजार 988 उपभोक्ताओं को सात करोड़ 40 लाख 99 हजार रूपए व सराईपाली विधानसभा के 23 हजार 528 उपभोक्ताओं को 6 करोड़ 97 लाख 66 हजार रूपए की राशि की छूट, 

उपभोक्ताओं को प्रदान की गई। संसदीय सचिव चंद्राकर ने बताया कि बिजली बिल हाफ योजना 1 मार्च 2019 से प्रारंभ हुआ है। इसके अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह खपत की गई 400 यूनिट तक की बिजली पर प्रभावशील विद्युत दरों के आधार पर आधी बिल की राशि की छूट दी जा रही है। इससे पहले उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 4.50 रुपये देने पड़ते थे। वर्तमान में 400 यूनिट बिजली खपत पर प्रति यूनिट 2.50 रुपये देय है। इस योजना के तहत सभी बीपीएल एवं घरेलू श्रेणी के उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं।

बिजली बिल हॉफ योजना ने रौशन कर दी लाखों जिंदगियां

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रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार की हाफ बिजली बिल योजना (Electricity bill half) से प्रदेश के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के चेहरे पर खुशहाली देखी जा सकती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 38 लाख 42 हजार 50 उपभोक्ताओं को छत्तीसगढ़ शासन (Government of Chhattisgarh) द्वारा 1336 करोड़ की घरेलू सब्सिडी दी गई है, या यह कह सकते है कि सीधे-सीधे लोगों की जेब में 1336 करोड़ रूपए की बचत हुई है।





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गौरतलब है कि देश के बिजली हब छत्तीसगढ़ में किसानों, गरीब परिवारों को रियायती दरों पर बिजली आपूर्ति की अनेक योजनाएं संचालित की जाती रही हैं, पहली बार हाफ बिजली बिल योजना में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के 400 यूनिट तक के बिल में आधे बिल की राशि में छूट दी गयी है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ में 1 मार्च 2019 से प्रारंभ की गई  हाफ बिजली बिल योजना में घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 400 यूनिट तक की बिजली खपत पर प्रभावशील टैरिफ पर 50 प्रतिशत की छूट की पात्रता है।





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इस छूट (Electricity bill half) के समतुल्य राशि राज्य शासन द्वारा विद्युत वितरण कंपनी को अनुदान के रूप में दी जाती है। माह सितंबर 2020 की स्थिति में कुल 38 लाख 42 हजार 50 उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले चुके हैं। मार्च 2019 से अब तक छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 1336 करोड़ की घरेलू सब्सिडी घरेलू उपभोक्ताओं को दी गई है





निम्न और मध्यम आय वर्ग के अनेक ऐसे परिवार घरेलू बिजली उपभोक्ताओं में शामिल हैं, जिनके लिए बिजली बिल पटाना महंगाई के दौर में काफी मुश्किल होता था। रियायती दरों पर बिजली आपूर्ति की सुविधा इस वर्ग के लिए दूर की कौड़ी जैसा था, इसके विपरीत कुछ वर्षों के अंतराल में बिजली शुल्क में वृद्धि के कारण इस वर्ग के लोगों को अपने घरों के बिजली का बढ़ा हुआ बिल पटाना पड़ता था। इस बढ़ने वाले अति आर्थिक बोझ को पूरा करने के लिए उन्हें अपने अन्य जरुरी खर्चों में मजबूरन कटौती करनी पड़ती थी।





‘सबका साथ-सबका विकास’ की नीति अमल





मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में दिसंबर 2018 में गठित नई सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के इस वर्ग की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ महसूस किया और ‘सबका साथ-सबका विकास’ की नीति पर अमल करते हुए राज्य के सभी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए 01 मार्च 2019 से ‘हाफ बिजली बिल योजना’ लागू की और अपना एक बड़ा वादा पूरा किया। ‘हाफ बिजली बिल योजना’





प्रदेश के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए अप्रत्याशित और सुखद बदलाव की योजना साबित हो रही है। प्रदेश के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं ने कभी ऐसी योजना की कल्पना भी नहीं की थी। योजना ने इस वर्ग के लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है। उनके घरों का हजार रुपए का बिजली बिल कुछ सैकड़ों में सिमट गया। अब इन उपभोक्ताओं के लिए अपने घर का बिजली बिल पटाने में होने वाला खर्च आधा हो गया है, बचत राशि का उपयोग अब वे अन्य कार्यों में कर सकेंगे।





विद्युत की दरों के आधार पर आधे बिल की राशि की छूट





हाफ बिजली बिल योजना के अंतर्गत राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह खपत की गई 400 यूनिट तक की बिजली पर प्रभावशील विद्युत की दरों के आधार पर आधे बिल की राशि की छूट दी जा रही है। इससे पहले उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 4.50 रूपये देने पड़ते थे, वर्तमान में 400 यूनिट बिजली खपत पर प्रति यूनिट 2.30 रूपये देने होंगे।





इस योजना का लाभ राज्य के सभी बी.पी.एल. और अन्य घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिल रहा है। हाफ बिजली बिल  योजना के प्रारंभ से माह सितम्बर 2020 तक राज्य के लगभग 38 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 1336 करोड़ 19 लाख रुपए की रियायत दी गई है। इस योजना के लागू होने से प्रदेश के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं का विद्युत देयक आधा हो गया है, जिसके कारण निम्न एवं मध्यम वर्ग के उपभोक्ता बचत की राशि से अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम हुए हैं।


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