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मुख्यमंत्री साय से विभिन्न समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट मांगों और समस्याओं से कराया अवगत

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रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान स्थानीय सर्किट हाउस में मंगलवार देर शाम को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों से चर्चा की, जहां पर उनसे विभिन्न समाज, संगठन और समिति के प्रतिनिधि मंडलों ने सौजन्य भेंट कर अपनी मांगों और समस्याओं से अवगत कराया।


सर्किट हाउस परिसर में मुख्यमंत्री ने माहरा समाज, विश्वकर्मा समाज, कंवर समाज के प्रमुखजनों को क्रमशः आमंत्रित कर उनकी मांगें सुनीं। इसके अलावा बस्तर किसान संघ, नगरपालिक निगम जगदलपुर के पार्षदगणों और विद्युत वितरण कम्पनी के कार्यालयीन कर्मचारी संघ की मांगों और समस्याओं से मुख्यमंत्री रुबरु हुए।

उन्होंने प्रतिनिधि मंडल के प्रमुखजनों से कहा कि प्रदेश सरकार सभी वर्ग की समस्याओं और मांगों को लेकर संवेदनशील व गंभीर है तथा इसके समाधान के लिए वह हरसंभव प्रयास करेगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, महापौर संजय पाण्डे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी सहित अन्य जनप्रतिनिधी एवं अधिकारीगण मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ की भावी पीढ़ी के साथ मिलकर करेंगे सेवा और गढ़ेंगे नवा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ हमेशा से शांति का टापू रहा है, हमारे पुरखों ने इसे सहेजा है। हम भावी पीढ़ी के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ महतारी की इस धरा की सेवा करें और नवा छत्तीसगढ़ गढ़े। यह संदेश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बस्तर प्रवास के दौरान आईएनएच न्यूज के संवाद 2023 कार्यक्रम के दौरान दिया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बच्चे सुपोषित हो, उन्हें शिक्षा और रोजगार मिले, पिछले पौने पांच सालों में हमने इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। पिछले पौने पांच सालों में हमने किसान, मजदूर, आदिवासी, महिलाओं और युवाओं के जेब में लगभग पौने 2 लाख करोड़ रूपए डाले हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि आज बस्तर के सुदूर अंचलों में गाड़ियों के शोरूम खुल रहे हैं, इसका मतलब है कि लोगों की जेब में पैसे पहुंचे हैं।

हमने कांक्रीट के जंगलों को बढ़ावा नहीं दिया, हम व्यक्ति को इकाई मानकर राज्य का विकास कर रहे हैं। आज छत्तीसगढ़ में बच्चे सुपोषित हो रहे हैं, महिलाएं एनीमिया मुक्त हो रही हैं। बस्तर आज मलेरिया से लगभग मुक्त हो चुका है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमने अपने पुरखों की संस्कृति को सहेजने का काम किया है। बस्तर में 2400 से अधिक देवगुड़ियों का निर्माण किया। घोटुल का निर्माण कराया, बादल के माध्यम से जनजाति संस्कृति को संरक्षण और बढ़ावा दिया जा रहा है। आदिवासी नृत्य महोत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति का गौरव और व्यापकता देश-दुनिया के सामने आई है।

उन्होंने कहा कि हम राम वनगमन पथ के माध्यम से भगवान राम और माता सीता के प्रवेश स्थल कोरिया से लेकर सुकमा के रामाराम तक, जहां-जहां उनके कदम पड़े उन्हें जनभावना के अनुरूप आस्था स्थलों के रूप में विकसित करने का काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि आज हम छत्तीसगढ़ के परंपरागत तीज-त्यौहारों को उमंग के साथ मना रहे हैं। अपनी संस्कृति से लोगों का जुड़ाव हो, इस उद्देश्य के साथ परंपरागत त्यौहारों पर शासकीय अवकाश की घोषणा की गई है। हमने विश्व आदिवासी दिवस पर भी शासकीय अवकाश घोषित किया है और प्रदेशवासी आज उत्सुकता के साथ गांव-गांव में आदिवासी दिवस मना रहे है।

सार्थक संवादपुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी द्वारा लिखित पुस्तक सार्थक संवादका विमोचन किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री केदार कश्यप मौजूद रहे।

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