Media24Media.com: बस्तर ओलंपिक

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की 'मन की बात' में बस्तर ओलंपिक आयोजन की प्रशंसा

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 रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात की 117वीं कड़ी में देश को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित बस्तर ओलंपिक-2024 की प्रशंसा की। मोदी ने कहा पहली बार हुए बस्तर ओलंपिक से बस्तर में नई क्रांति जन्म ले रही है। मेरे लिए यह बहुत ही खुशी की बात है कि बस्तर ओलंपिक का सपना साकार हुआ है। यह ओलंपिक उस क्षेत्र में हो रहा है जो जगह कभी माओवादी हिंसा का गवाह रहा है। मोदी ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का शुभंकर है वनभैंसा और पहाड़ी मैना - इसमें बस्तर की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखती है। इस बस्तर खेल महाकुंभ का मूलमंत्र है, ‘करसाय ता बस्तर, बरसाय ता बस्तर’ यानी खेलेगा बस्तर, जीतेगा बस्तर।


प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक-2024 की सराहना करते हुए कहा कि पहली ही बार में बस्तर ओलंपिक में बस्तर संभाग के 7 जिलो के एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं युवाओं के संकल्प की गौरव गाथा है। एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और बॉलीवॉल हर खेल में हमारे युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में बस्तर ओलंपिक के प्रतिभागियों के उत्साह का भी जिक्र किया। उन्होंने बस्तर की कारी कश्यप का जिक्र करते हुए कहा कि एक छोटे से गांव से आने वाली कारी जी ने तीरंदाजी में रजत पदक जीता है, वे कहती हैं बस्तर ओलंपिक ने हमें खेल का मैदान नहीं जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सुकमा की पायल कवासी जी की बात भी कम प्रेरणादायक नही है, जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाली पायल जी कहती हैं कि अनुशासन और कड़ी मेहनत से जीवन में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर के दोरनापाल में रहने वाले पुनेम सन्ना की कहानी को नए भारत की प्रेरक कथा बताते हुए कहा कि एक समय नक्सलियों के प्रभाव में आए पुनेम जी आज व्हीलचेयर पर दौड़कर मेडल जीत रहे हैं, उनका साहस और हौसला हर किसी के लिए प्रेरणा है। कोंडागांव के तीरंदाज रंजू सोरी जी को बस्तर यूथ आइकॉन चुना गया है, उनका मानना है बस्तर ओलंपिक दूरदराज के युवाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर दे रहा है। बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं यह ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का संगम हो रहा है, जहां हमारे युवा अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं और एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने आह्वान किया कि ऐसे खेल आयोजन को प्रोत्साहित करें और स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दें। खेल से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि यह खेल भावना के विकास के द्वारा समाज को जोड़ने का भी एक सशक्त एवं प्रभावकारी माध्यम है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर ओलंपिक की प्रशंसा पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार बस्तर में बदलाव और यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली लाने दृढ़संकल्पित है। बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक लोगों का प्रतिभागी होना ओलंपिक की सफलता को दर्शाता है। बस्तर में अब बंदूक की आवाज नहीं, खेलों का शोर सुनाई देता है, हंसते-खेलते लोगों के चेहरे दिखाई देते हैं।

निश्चित ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस प्रोत्साहन और विश्वास से हमारी सरकार को बस्तर की प्रगति के लिए कार्य करने की नई ऊर्जा मिलेगी, साथ ही बस्तरवासियों का मनोबल बढ़ेगा। लोगों के उत्साह ,ऊर्जा और सहभागिता ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। यह आयोजन भविष्य में भी खेल और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र के विकास की संभावनाओं को और मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन यह सिद्ध करता है कि शांति, विकास और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है।

विकास की यशोगाथा बनेगा बस्तर ओलंपिक : केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह

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 रायपुर : केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज बस्तर जिले के जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक आने वाले दिनों में बस्तर के विकास की यशोगाथा बनेगा और शांति, सुरक्षा, विकास और नई उम्मीद की नींव डालने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि हम देश से नक्सलवाद को पूर्ण रूप से 31 मार्च 2026 तक समाप्त करेंगे।


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर से नक्सलवाद समाप्त होने पर यहां कश्मीर से ज्यादा पर्यटक आएंगे। मां दंतेश्वरी की कृपा से बस्तर को प्रकृति के अनुपम सौंदर्य का वरदान मिला है। हम यहां पर पर्यटन को आगे बढ़ाएंगे। हम यहां पर छोटे-छोटे उद्योगों को आगे बढ़ाकर रोजगार के अवसरों का सृजन करेंगे। उन्होंने बस्तर के युवाओं से कहा कि हार मानने वाला कभी नहीं जीतता। जीतता वह है जो कभी हार नहीं मानता। बस्तर के अंदर अनेक संभावनाएं हैं। यहां जो 3000 बच्चे मेरे सामने बैठे हैं उसमें से कोई बच्चा अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक में गोल्ड मेडल लेकर आएगा तो पूरा भारत इस पर गर्व करेगा।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ हमने दोनों मोर्चे पर काम किया है। एक ओर वह नक्सली जो सरेंडर नहीं हुए और जो हिंसा करते थे उनके खिलाफ सुरक्षा बलों को खड़ा करके उनको मार गिराने का काम किया। जो सरेंडर हुए उनको बसाने का काम किया और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जो विकास से पिछड़ गए थे, उनको विकसित करने का अभियान भी चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों के आशीर्वाद से राज्य में डबल इंजन की सरकार बनी और नक्सलवाद के खिलाफ हमारा अभियान तेज हुआ और नक्सल उन्मूलन की दिशा में हमें लगातार सफलता मिल रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तरवासियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी ने पूरे उत्साह के साथ बस्तर ओलंपिक में भाग लेकर इसे ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया है। इस आयोजन में 1 लाख 65 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के लिए प्रबंधन करना एक चुनौती थी, बस्तर संभाग के सातों जिलों की पूरी टीम ने इसे बखूबी पूरा किया, इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूँ।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है कि बस्तर ओलम्पिक के माध्यम से हम सभी बस्तर अंचल के युवाओं की ऊर्जा को खेल के माध्यम से एक सकारात्मक दिशा देने में सफल रहे हैं। बस्तर ओलंपिक का यह आयोजन केवल खेल नहीं है, बल्कि बस्तर की संस्कृति, उत्साह, और प्रतिभा का उत्सव है। यह आयोजन एक संदेश देता है कि बस्तर का असली चेहरा इसकी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता है, न कि माओवाद की हिंसा।

इस आयोजन के माध्यम से हमने युवाओं को शासन-प्रशासन से जोड़कर विकास के कार्याें में सहभागी बनने की ओर उन्मुख किया है। आज जब लाखों युवा इस ओलंपिक में भाग लेते हैं और अपनी ऊर्जा को खेलों में लगाते हैं, तो यह हमारे लिए एक सुखद संकेत है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक का सफल आयोजन हमें विश्वास दिलाता है कि बस्तर के युवाओं की क्षमता और उनकी शक्ति को अगर सही दिशा में प्रेरित किया जाए, तो विकास और खुशहाली का रास्ता कोई नही रोक सकता है। ओलंपिक में शामिल खिलाड़ियोें ने यह संदेश भी दिया कि बस्तर में बदलाव की बयार चल पड़ी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से हमने न केवल बस्तर के युवाओं की छुपी प्रतिभा को देखा, बल्कि उन आत्मसमर्पित भाइयों और बहनों की प्रतिभा को भी देखा, जिन्होंने हिंसा की माओवादी विचारधारा को छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की। नक्सलवाद का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल, रोजगार और सकारात्मक अवसर प्रदान करने से होगा और बस्तर ओलंपिक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। आज आपके चेहरों पर जो मुस्कान है, वह एक खुशहाल और शांतिपूर्ण बस्तर का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि माओवादी हिंसा से प्रभावित दिव्यांगजनों ने भी इन खेलों में हिस्सा लिया। उनकी हिम्मत और जज्बा ने दिखा दिया है कि बस्तर के लोग कभी हार नहीं मानते। बस्तर ने लम्बे समय से माओवाद के दंश को झेला है। लेकिन आज, बस्तर शांति और विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि हमारे केंद्रीय गृह मंत्री जी के सतत मार्गदर्शन और हर संभव सहयोग के कारण संभव हो पाई है। उनके बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय और निरंतर प्रोत्साहन से हम माओवाद को जड़ से समाप्त करने की ओर अग्रसर हैं। बस्तर ओलंपिक में बच्चों-युवाओं ने उत्साह से हिस्सा लिया, और बुजुर्गों ने भी इन खेलों का आनंद लेकर अपने बचपन और स्कूली जीवन की यादें ताजा कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद की जड़ें कमजोर हुई हैं, और यह सब हमारे सुरक्षा बलों की बहादुरी, बेहतर रणनीति, और आप सभी की लोकतांत्रिक आस्था के कारण संभव हुआ है। पिछले एक साल में माओवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है। इस दौरान 220 से अधिक माओवादियों को ढेर किया गया है, 937 माओवादी गिरफ्तार हुए तथा 812 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। अभी हाल ही मैंने बस्तर के सुरक्षा कैंप में जवानों के साथ रात गुजारी। यह मेरे जीवन का सबसे सुखद अनुभव था। जवानों का बढ़ा हुआ हौसला और आत्मविश्वास देखकर मैंने भी अपने भीतर नयी ऊर्जा का महसूस की है।

हमारे नक्सल पीड़ित परिवारों के परिजन भी इस मौके पर यहां मौजूद हैं। मैं उनके साहस की भी प्रशंसा करना चाहूंगा। उन्होंने रायपुर से दिल्ली तक आज हर फोरम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इनके माध्यम से दुनिया को पता चला कि माओवाद का वास्तविक चेहरा कितना क्रूर है।

हमारी एक बड़ी कामयाबी यह भी है कि हम ’नियद नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से बस्तर के अंदरूनी गांव तक लोकतंत्र और विकास की किरणों को पहुंचाने में सफल हुए। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी, पेयजल, बिजली, मोबाइल टॉवर जैसी अधोसंरचनाएं अंदरूनी गांवों तक पहुंचा रहे हैं। वर्षाें से बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है। वनवासी भाईयों की आय में वृद्धि के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए हमने किया है।

आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की भी बेहतर व्यवस्था और विशेष प्रावधान सरकार द्वारा किए गए हैं। भारत सरकार नीति के अनुरूप हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण करने वालों को तत्काल ट्रांजिट कैम्प में रखने की व्यवस्था की जा रही है। उनको मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विविध कौशल विकास का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

प्रदेश के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें एक सुरक्षित जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने 15,000 पक्के आवासों के निर्माण का लक्ष्य प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण में निर्धारित किया है।

नई औद्योगिक नीति में भी हमने बस्तर के विकास के साथ ही नक्सल पीड़ित तथा आत्म समर्पित लोगों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। आज डबल इंजन की सरकार में बस्तर सहित पूरे प्रदेश में सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी में तेजी से विस्तार हुआ है। नगरनार स्टील प्लांट और रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे से बस्तर अंचल के विकास को नई गति मिलेगी। पूरे अंचल में वाणिज्य और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के नये मौके भी सृजित होंगे। पर्यटन के क्षेत्र में भी बस्तर ने हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कांगेर घाटी में स्थित गांव धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के अपने अपग्रेड प्रोग्राम फॉर बेस्ट टूरिज्म विलेज के अंतर्गत पर्यटन के विकास के लिए चुन लिया है। हमारे लिए गौरव की बात यह है कि भारत का यह एकमात्र गांव है, जिसे 60 देशों के 20 गांवों की सूची में स्थान मिला है। इसके साथ ही विश्व पर्यटन के नक्शे में छत्तीसगढ़ और बस्तर का स्थान सुनिश्चित हो गया है।

आने वाले दिनों में पर्यटन भी बस्तर की बड़ी ताकत बनेगा। रोजगार के नये मौके खुलेंगे। लोगों की आय में बढ़ोतरी होगी। हम यहां पर्यटन के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं सभी विजेताओं को बधाई देता हूँ और कहना चाहूंगा कि आपकी प्रतिभा को निखारने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि बस्तर की मिट्टी में जो साहस, सामर्थ्य और जज्बा है, वह इस क्षेत्र को विकास और शांति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। नक्सलवाद का अंत सुनिश्चित है, और बस्तर की यह जीत खेलों के माध्यम से एक नए युग का आगाज है।

बस्तर ओलंपिक की सबसे खास बात ये रही कि इसमें 300 से अधिक नुवा बाट (आत्म समर्पित माओवादी) ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इसके साथ ही 18 से अधिक माओवादी हिंसा में प्रभावित दिव्यांग खिलाड़ी भी शामिल हुए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, बड़ी संख्या में आम नागरिक और खेल प्रेमी उपस्थित थे।

बस्तर ओलंपिक-2024 : बस्तर संभाग के सभी विकासखण्ड एवं जिला स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन हेतु तिथि जारी

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रायपुर। बस्तर ओलम्पिक 2024 के तहत संभाग के सातों जिलों में खेल प्रतियोगिता आयोजन के लिए विकासखण्ड एवं जिला स्तरीय प्रतियोगिता हेतु तिथि निर्धारित किया गया है। बस्तर जिले के बकावण्ड विकासखण्ड में 06 से 12 नवम्बर तक हाई स्कूल मैदान बकावण्ड, बास्तानार विकासखण्ड में 06 से 09 नवम्बर तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मिनी स्टेडियम किलेपाल, दरभा विकासखण्ड में 07 से 12 नवम्बर तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मांझीगुड़ा छिंदपाल, तोकापाल विकासखण्ड में 07 से 11 नवम्बर तक हाई स्कूल मैदान तोकापाल में प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।


इसी तरह लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड में 07 से 11 नवम्बर तक हाई स्कूल मैदान उसरीबेड़ा, बस्तर विकासखण्ड में 08 से 12 नवम्बर तक लालबहादुर शास्त्री मैदान बस्तर और जगदलपुर विकासखण्ड के अंतर्गत 09 से 14  नवम्बर तक मिनी स्टेडियम बिलोरी में विकासखण्ड स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। बस्तर जिले में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन 21-22 नवम्बर को क्रीड़ा परिसर धरमपुरा, इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम जगदलपुर और खेलो इंड़िया हॉकी प्रशिक्षण केंद्र पंडरीपानी में आयोजित की जाएगी।

इसी तरह जिला कोंडागांव के अंतर्गत विकासखण्ड कोण्डागांव में 07 से 14 नवम्बर तक विकास नगर स्टेडियम, खेलो इंडिया सेंटर बड़े कनेरा एवं टाउनहॉल, विकासखण्ड फरसगांव में 08 से 14 नवम्बर तक आदर्श विद्यालय फरसगांव मैदान, विकासखण्ड केशकाल में 08 से 14 नवम्बर तक प्रियदर्शनी स्टेडियम सूरडोंगर केशकाल, विकासखण्ड माकड़ी में 08 से 14 नवम्बर तक आदर्श विद्यालय फरसगांव मैदान और विकासखण्ड बडे़राजपुर में 08 से 14 नवम्बर तक विश्रामपुरी खेल मैदान में खेल प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन 20-21 नवम्बर को विकास नगर स्टेडियम, खेलो इंडिया सेंटर बड़े कनेरा एवं टाउनहॉल कोंड़ागांव मुख्यालय में किया जाएगा।

जिला दंतेवाड़ा के अंतर्गत विकासखण्ड दंतेवाड़ा में 08 से 13 नवम्बर तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दंतेवाड़ा ग्राउंड, विकासखण्ड गीदम में 08 से 13 नवम्बर तक जावंगा खेल मैदान, विकासखण्ड कुआकोण्डा में 08 से 13 नवम्बर तक हितावारा खेल मैदान कुआकोण्डा और विकासखण्ड कटेकल्याण में 08 से 13 नवम्बर तक गाटम एवं परचेली खेल मैदान में आयोजित की जाएगी। साथ ही जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन 20-21 नवम्बर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दंतेवाड़ा ग्राउंड में किया जाएगा।

नारायणपुर जिले के अंतर्गत विकासखण्ड नारायणपुर में 09 से 11 नवम्बर तक क्रीड़ा परिसर मैदान तथा विकासखण्ड ओरझा में 14 से 16 नवम्बर तक क्रीड़ा परिसर मैदान परेड ग्राउंड में तथा जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 19-20 और 24 नवम्बर को क्रीड़ा परिसर मैदान, परेड  ग्राउंड, ऑफिसर्स क्लब, विश्वदिप्ती स्कूल एवं फुटबॉल ग्राउंड बंगलापारा नारायणपुर मुख्यालय में आयोजित की जाएगी। जिला सुकमा के अंतर्गत विकासखण्ड सुकमा में 10 से 15 नवम्बर तक मिनी स्टेडियम, हड़मा मिनी स्टेडियम सुकमा में, विकासखण्ड कोंटा में 10 से 15 नवम्बर तक मिनी स्टेडियम कोंटा और विकासखण्ड छिंदगंढ़ में 10 से 15 नवम्बर तक मिनी-इंडोर स्टेडियम छिंदगढ़ में आयोजित की जाएगी। जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन 21-22 नवम्बर को मिनी स्टेडियम, हड़मा मिनी स्टेडियम सुकमा में किया जाएगा।

जिला कांकेर के अंतर्गत विकासखण्ड कांकेर में 11 से 14 नवम्बर तक विष्णुप्रसाद शर्मा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान गोविंदपुर, विकासखण्ड चारामा 11 से 14 नवम्बर तक शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम चारामा, विकासखण्ड नरहरपुर में 13 से 16 नवम्बर तक उन्मुक्त खेल मैदान नरहरपुर, विकासखण्ड भानुप्रतापपुर 13 से 16 नवम्बर तक वन विद्यालय भानुप्रतापुर, विकासखण्ड दुर्गकोंदल मे 13 से 16 नवम्बर तक उन्मुक्त खेल मैदान दुर्गकोंदल, विकासखण्ड अंतागढ़ में 13 से 16 नवम्बर तक उन्मुक्त खेल मैदान अंतागढ़ और विकासखण्ड पखांजुर में 13 से 16 नवम्बर तक उन्मुक्त खेल मैदान पखांजुर में आयोजित की जाएगी। कांकेर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन 21 से 23 नवम्बर तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरहरदेव विद्यालय कांकेर, इंडोर स्टेडियम, सेंट माईकल खेल मैदान और कन्या क्रीड़ा परिसर कांकेर में आयोजित किया जाएगा।

जिला बीजापुर के अंतर्गत विकासखण्ड बीजापुर में 18 से 21 नवम्बर तक मिनी स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स-एजुकेशन सिटी बीजापुर, विकासखण्ड भोपालपटटनम में 11 से 14 नवम्बर तक मिनी स्टेडियम, हाई स्कूल मैदान बैडमिंटन क्लब भोपालपट्टनम, विकासखण्ड उसूर में 11 से 14 नवम्बर तक मिनी स्टेडियम आवापल्ली में किया जाएगा। इसी तरह विकासखण्ड भैरमगढ़ में 18 से 21 नवम्बर तक मिनी स्टेडियम-बैडमिंटन क्लब भैरमगढ़ में आयोजित की जाएगी। जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन 25-26 नवम्बर को मिनी स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स-एजुकेशन सिटी बीजापुर मुख्यालय में किया जाएगा।


बस्तर ओलंपिक 2024 एक नवंबर से, मुख्य सचिव ने ली आयोजन समिति की बैठक

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 रायपुरबस्तर ओलंपिक में विकासखंड स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन एक से 20 नवंबर, जिला स्तर पर 21 से 25 नवंबर और संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं 26 से 30 नवंबर के मध्य होंगी। बस्तर ओलंपिक में एथेलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वालीवाल और रस्साकसी जैसे खेलों को शामिल किया गया है।


मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में बस्तर ओलंपिक 2024 के आयोजन हेतु उच्च स्तरीय राज्य आयोजन समिति की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से संपन्न हुई।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खेलों में बस्तर संभाग के सभी जिलों से ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने क्षेत्रीय भाषा में विभिन्न प्रचार माध्यमों से प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। खेलों के आयोजन स्थलों पर व्यापक-व्यवस्थाएं करने एवं खिलाड़ियों को सभी आवश्यक सुविधा प्रदान करने निर्देश दिए हैं। आयोजन स्थल के आस-पास शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने प्रदर्शनी इत्यादि लगाने के लिए अधिकारियों को कहा गया है। बस्तर संभाग के सभी गांव के युवाओं की अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी कराए जाने हेतु प्रयास करने एवं अधिक संख्या में खिलाड़ियों का पंजीयन कराना सुनिश्चित करने कहा गया है।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लोगों को लाभांवित किया जा रहा है। बस्तर क्षेत्र में शासन एवं जनता के मध्य मजबूत एवं प्रत्यक्ष संबंध स्थापित कर यहां के युवाओं को मुख्य धारा में जोड़ने, उनकी रचनात्मक एवं खेल प्रतिभा को पहचानकर खिलाड़ी के रूप में तैयार करने और यहां के लोगों को खेल गतिविधियों से जोड़ने और प्रोत्साहित करने हेतु बस्तर ओलंपिक 2024 का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्य सचिव जैन ने संभाग आयुक्त बस्तर को बस्तर ओलंपिक 2024 के आयोजन की गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग करने कहा है। आयोजन हेतु खेल मैदान आयोजन स्थल पर आवश्यक खेल सामग्री, प्राथमिक उपचार, पेयजल, साफ सफाई इत्यादि व्यवस्थाओं के लिए व्यापक निर्देश दिए गए है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि बस्तर ओलंपिक आयोजन हेतु शुभंकर एवं लोगो का निर्धारण किया गया है। खेल प्रतियोगिताओं में वेटलिफ्टिंग एवं हॉकी खेल विधा में सीधा जिला स्तर से संभाग स्तर पर दल की भागीदारी होगी। अधिकारियों ने बताया कि खेल प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। खेलों के सफल आयोजन हेतु विकासखंड, जिला एवं संभाग स्तरीय समितियों का गठन कर विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

बस्तर ओलंपिक आयोजन के लिए आयोजित उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति जनजाति विकास सोनमणि बोरा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संभागायुक्त बस्तर सहित कलेक्टर बस्तर, कोण्डागांव, कांकेर, सुकमा, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और पुलिस विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ में किया जायेगा बस्तर ओलंपिक का आयोजन : मंत्री टंकराम वर्मा

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने आज मीडिया से कई मुद्दों पर चर्चा की, जहां उन्होंने बस्तर ओलंपिक, कांग्रेस संगठन में बदलाव व राजस्व मामलों पर चर्चा किया ,खेल मंत्री टंक राम वर्मा ने जानकारी बस्तर ओलंपिक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जाएगा, केंद्रीय मंत्री से मिलकर बस्तर ओलंपिक तिथि का निर्धारित की जाएगी. मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा बस्तर प्रवास के दौरान खेल प्रतिभाओं से मिले स्टेडियम मैदान का जायजा लिया, बस्तर में प्रतिभा है, खेल विधा में आगे जाएगा.


आगे उन्होंने कहा कांग्रेस संगठन में बदलाव को लेकर मंत्री टंक राम वर्मा ने तंज कसते हुए कहा है कि कांग्रेस का चुनाव पद्धति ही अलग है,पहले उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष फिर नीचे के पदाधिकारी बनते हैं. बीजेपी में निचले स्तर से शुरुआत होती है, उनके चुनाव और हमारे चुनाव प्रक्रिया में फर्क है, कांग्रेस में कई गुट होने को लेकर कहा-कौन कितना पावरफुल है, कितना अटैक कर सकते हैं यह उनका मामला है.

साथी ही कलेक्टर कान्फ्रेंस के दौरान राजस्व मामलों पर चर्चा होगी, राजस्व मामलों के निराकरण के लिए नई तैयारी चल रही है, इस पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा- राजस्व मामले में समस्याओं का निराकरण के लिए नए-नए तरीके तय कर रहे हैं, जिओ रेफरेंसिंग की शुरुआत करने की तैयारी चल रही है. त्रुटि सुधार का अधिकार एसडीएम की जगह तहसीलदार को दिया गया है.जिससे जल्द ही निराकरण हो रहा है, विभाग में कसावट लाने निराकरण के लिए समय सीमा तय किए गए हैं.

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