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CG NEWS : शराब पीकर आंगनबाड़ी चला रही थी सहायिका, तीन बर्खास्त

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 कोरिया। परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना बैकुण्ठपुर ने परियोजना अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र मानापारा की सहायिका शारदा, खलपारा की प्रमिला एवं बडगांव की सहायिका नालो बाई के द्वारा संबंधित आंगनबाड़ी केन्द्रों में लगातार अनुपस्थिति,


कार्य में अनियमितता, मद्यपान कर केन्द्रों का संचालन करना ऐसी शिकायत मिलने पर विभाग द्वारा जांच की गई, जांच उपरांत शिकायत सही सिद्ध हुई।

परियोजना अधिकारी द्वारा संबंधित सहायिकाओं को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पर्याप्त समय दिया गया किन्तु संतोषप्रद जवाब नहीं होने पर अनुशानात्मक कार्यवाही करते हुए सहायिकाओं को पद से बर्खास्त कर दिया गया है।


छत्तीसगढ़ में दो वेटनरी डॉक्टरों को सरकार ने किया बर्खास्त, ACB ने भेजा था जेल

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रायपुर। भ्रष्टाचार के मामले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। पशु चिकित्सा सेवा के दो अफसरों को बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में अपराध दर्ज किया गया था। डॉ० डी.एस. ध्रुव तत्कालीन उप संचालक, पशु चिकित्सा वायें जिला कांकेर (वर्तमान उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवायें, जिला गरियाबंद) और पी.एल. सरल, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ, कार्यालय उप संचालक, पशु चिकित्सा वायें जिला कांकेर के विरुद्ध थाना आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करपान ब्यूरो रायपुर, ईकाई जगलदपुर में अपराध क्र. 21/2012 के अंतर्गत भा.दं.सं. धारा-420, 419, 467, 468, 71, 120 बी एवं धारा 13 (1) सी. 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत् पंजीबद्ध किया गया था।


दिनांक 24.08.2017 को 48 घंटे से अधिक जिला जेल कांकेर में निरूद्ध रहने के कारण डॉ० ध्रुव को विभागीय समसंख्यक आदेश दिनांक #3.09.2017 द्वारा एवं डॉ० सरल के फरार रहने तथा मान० न्यायालय में चालान प्रस्तुत किये जाने के कारण विभागीय समसंख्यक आदेश दिनांक 22.12.2017 द्वारा निलंबित किया गया। डॉ० ध्रुव एवं डॉ० सरल की निलंबन अवधि एक वर्ष से अधिक हो जाने के कारण निलंबन अवधि का निराकरण न्यायालय के अंतिम निर्णय के अध्याधीन रखते हुए कमशः विभागीय समसंख्यक आदेश दिनांक 06.10.2018 एवं 29.06.2019 द्वारा निलंबन से बहाल किया गया। विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण कांकेर द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.07.2022 में अभियुक्तगणों डॉ० डी.एस. ध्रुव उप संचालक एवं डॉ० पी. एल. सरल दोनों दोषसिद्धि पाये गये। आपराधिक कृत्य एवं अपराध कारित करने की परिस्थिति को देखते हुए दोनों अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा एवं 1000-1000 रूपये अर्थदण्ड तथा अर्थदण्ड की अदायगी नहीं करने की दशा में एक-एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया गया है।




विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण कांकेर द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.07.2022 में अभियुक्तगणों को दण्डित किया गया है, जो सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3(1) के अंतर्गत कदाचरण की श्रेणी में आता है। विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण कांकेर द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.07. 2022 एवं सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश दिनांक 08.02.1999 एवं 27.09.2010 के परिप्रेक्ष्य में डॉ० डी.एस. ध्रुव, उप संचालक एवं डॉ० पी.एल. सरल, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 10 (नौ) में निहित प्रावधान अनुसार सेवा से पदच्युत करने (Dismiss) की शास्ति अधिरोपित किया गया है।

मंत्री का एक्शन ऑन द स्पॉट, निलंबित-बर्खास्त FIR तीनों का फरमान

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भोपाल : मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने सड़क पर हादसों का कारण बन रहे एक डंपर के कई दिनों के बाद भी न हटाए जाने पर अपनी नाराजगी खुले तौर पर जताई। इतना ही नहीं थाने मंत्री भी जा धमके और पूरे स्टॉफ को निलंबित, बर्खास्त करने के साथ उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का फरमान भी सुना गए।


मामला इंदौर से हरदा के सड़क मार्ग पर पड़ने वाले सतवास थाना क्षेत्र का है, पटेल हरदा लौट रहे थे, तभी गांव वालों ने उन्हें रोककर बीते कई दिनों से एक डंपर के सड़क पर खड़े होने की शिकायत की। इतना ही नहीं गांव वालों ने बताया कि इस डंपर के चलते कई हादसे भी हो चुके हैं।

मंत्री पटेल को जब गांव वालों ने घेरा तो वे अपने वाहन से उतर और वास्तविकता जानी। फिर क्या था मंत्री पटेल ने पहले सड़क पर खड़े डंपर का अपने मोबाइल से वीडियो बनाया और सीधे जा पहुंचे थाने। उन्होंने यहा थाना प्रभारी से लेकर तमाम कर्मचारियों को खूब खरीखोटी सुनाई और कहा कि आप लोग सरकार की छवि को बिगाड़ने में लगे हैं।

मंत्री पटेल इतने गुस्से में थे कि उन्होंने थाना प्रभारी सहित पूरे थाने के स्टॉफ केा निलंबित, बर्खास्त करने के साथ एफआईआर तक दर्ज कराने का फरमान सुना दिया।



विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर पटवारी पद से बर्खास्त

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दुर्ग। कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने पटवारी हल्का नंबर 50 तहसील दुर्ग सुश्री इन्द्रा मनोचा को उनके विरूद्ध संस्थित विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा पटवारी पद से बर्खास्त किया है। कलेक्टर ने संविधान के अनुच्छेद 311 (2) के अनुसार सुश्री इन्द्रा मनोचा को सुनवाई तथा लिखित अभिकथन अवसर प्रदान किया था।

सुश्री इन्द्रा मनोचा द्वारा लिखित अभिकथन पर कलेक्टर द्वारा विधिवत् विचार किया गया। विचारोपरांत आरोप की गंभीरता को देखते हुए सुश्री इन्द्रा मनोचा को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 10 (नौ) के तहत् शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

फर्जी अंकसूची से नौकरी पाने वाला कर्मचारी शासकीय सेवा से बर्खास्त

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बिलासपुर। फर्जी अंकसूची प्रस्तुत कर सरकारी नौकरी हथियाने वाले कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। मामला आयुर्वेद विभाग के अंतर्गत कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का है। औषधालय सेवक के पद पर प्रदीप कुमार माथुर पिता जमुना प्रसाद माथुर ने वर्ष 2013 में फर्जी अंकसूची के जरिए नौकरी पाई थी। उन्होंने नौकरी के लिए दिये गये आवेदन में पूर्व माध्यमिक समतुल्यता प्रमाण पत्र परीक्षा 2008 की शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। उनका रोल नम्बर 58564 था और उन्हें पूर्णांक 500 में 485 अंक हासिल किये थे।



उनकी मार्कशीट को जारी करने वाली संस्था जिला परियोजना अधिकारी जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण कोरबा से सत्यापन कराया गया। उनकी रिकार्ड में उक्त नाम एवं रोल नम्बर दर्ज नहीं होने के कारण उन्होंने मार्कशीट को फर्जी करार दिया। लिहाजा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील)नियम 1966 के प्रावधानों के अनुसार आरोप सिद्ध होने पर जिला आयुर्वेद अधिकारी ने 21 नवम्बर को प्रदीप कुमार माथुर को शासकीय सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है।

ठगी के मामले में ASI निलंबित, प्रधान आरक्षक बर्खास्त

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बिलासपुर भिलाई. जनरल प्रोविडेंट फंड-जीपीएफ खातों से उनसठ लाख रूपये की ठगी के मामले में बिलासपुर एएसपी ऑफिस की फंड शाखा प्रभारी के पद पर पदस्थ एएसआई मधुशिला सुरजाल को निलंबित और हेड कांस्टेबल संजय श्रीवास्तव को बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों पुलिसकर्मियों पर आपसी मिलीभगत से ठगी करने का आरोप है। दो दिन पहले ही पुलिस ने हेड कांस्टेबल संजय श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया था। वहीं, मधुशिला सुरजाल फरार है,  जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।



वहीं, भिलाई नगर के रिसाली क्षेत्र में नौकरी लगाने के नाम पर दस लोगों से करीब दस लाख रूपये की ठगी के मामले में नेवई पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने रिसाली नगर पालिका निगम कार्यालय में नौकरी लगाने के नाम पर करीब दो साल पहले लोगों से पैसे लिए थे। इसके अलावा भिलाई नगर निगम थाना क्षेत्र के तालपुरी में अज्ञात आरोपी ने क्रेडिट कार्ड नवीनीकरण के नाम पर एक बुजुर्ग के खाते से चार लाख अटहत्तर हजार रूपये से अधिक की राशि निकाल ली है।

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