Media24Media.com: फटाका

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label फटाका. Show all posts
Showing posts with label फटाका. Show all posts

वाणिज्यिक कर विभाग की बड़ी कार्रवाई,160 व्यवसायिक स्थानों पर छापा

No comments Document Thumbnail

भोपाल। वाणिज्यिक कर विभाग के टैक्स रिसर्च एन्ड एनालिसिस विंगने डाटा एनालिटिक्स का उपयोग कर फटाका का व्यवसाय करने वाले प्रदेश के 22 जिलों के 61 व्यवसाइयों के 160 व्यावसायिक स्थानों पर छापे की कार्यवाही की। सभी छापों में लगभग 35 से 40 करोड़ यपये की कर चोरी पकड़ी एवं कार्रवाई के दौरान 6 करोड़ रूपये जमा कराए गए। वाणिज्यिक कर आयुक्त लोकेश कुमार जाटव के निर्देशन में 22 जिलों में एक साथ छापे की कार्यवाही में 160 अधिकारियों का दल और 450 सहयोगी शामिल थे।



इन पर की गई कार्यवाही का ब्यौरा

इन्दौर जिले में मेसर्स सतनाम फायर वर्क्स, मेसर्स क्लासिक फायर वर्क्स, मेसर्स सांई बाबा एजेंसी, मेसर्स लक्ष्मी फायर वर्क्स, मेसर्स विजय ट्रेडर्स, मेसर्स संजय राखी एंड फटाका हाउस, मेसर्स खेमा फायर वर्क्स, मेसर्स प्रभु फायर वर्क्स, मेसर्स सुंदरम एजेंसी, मेसर्स खेमा एजेंसी, मेसर्स रवि फायर वर्क्स, मेसर्स उज्जवला फायर वर्क्स, देवास जिले में मेसर्स मालवा फायर वर्क्स, मेसर्स मांगीलाल छगनिराम फारय वर्क्स, उज्जैन जिले में मेसर्स बालाजी फायर वर्क्स, धार जिले में मेसर्स बुरहानी फायर वर्क्स, मंदसौर जिले में मेसर्स सतनाम ट्रेडर्स भानपुरा,

नीमच जिले में मेसर्स हुजेफा अबुजराली, भोपाल जिले में मेसर्स नेशनल फायर वर्क्स, मेसर्स आर.के. फटाका हाउस, मेसर्स महालक्ष्मी ट्रेडर्स, मेसर्स एम.पी. फायर वर्क्स, मेसर्स महादेव फायर वर्क्स, मेसर्स कालू फटाका सेंटर, मेसर्स आकाश फायर वर्क्स, बैतूल जिले में मेसर्स शिवशक्ति इंटर प्राईजेस, हरदा जिले में मेसर्स एच.जी. फायर वर्क्स, मेसर्स दाता फायर वर्क्स, विदिशा जिले में मेसर्स ओम हार्डवेयर स्टोर, ग्वालियर जिले में मेसर्स महाराजा केमिकल, गुरूकृपा फायर वर्क्स, मेसर्स मोनी ट्रेडर्स, मेसर्स आर.के. फायर वर्क्स, मेसर्स बांके बिहारी ट्रेडर्स, मेसर्स कैलादेवी फायर वर्क्स, गुना जिले में मेसर्स राजेश ट्रेडिंग कंपनी और शिवपुरी जिले में मेसर्स नवोदित खण्डेलवाल के संस्थान में छापामार कार्यवाही की गई।

इसी प्रकार जबलपुर जिले में मेसर्स तान्या एजेंसी, मेसर्स एम.के. ट्रेडर्स, मेसर्स जय दुर्गा स्पार्क्स, मेसर्स जय शांई बाबा स्पार्क्स, मेसर्स संस्कृति मार्केटिंग, मेसर्स मोहित ट्रेडिंग, मेसर्स स्वास्तिक ट्रेडर्स, मेसर्स प्रदीप मार्केटिंग, मण्डला जिले में मेसर्स दरयानामल घानूमल, मेसर्स दरयानामल घन्नुमल एंड संस, कटनी जिले में मेसर्स कृष्णा फायर वर्क्स, मेसर्स आशीष ट्रेडर्स, मेसर्स आकाश कुमार पोपटानी (यू.आर.डी.), खण्डवा जिले में मेसर्स के.सी.सी. फायर वर्क्स, सागर जिले में मेसर्स बनवारी इलेक्ट्रिक एंड सुधारक, मेसर्स वरायटी स्टोर्स, रीवा जिले में के.जी. ट्रेडर्स, बालाघाट जिले में विजय सेल्स, मेसर्स वाधवानी एजेंसी

छिंदवाड़ा जिले में मेसर्स खण्डेलवाल जनरल स्टोर्समेसर्स भानुप्रकाश फायर वर्क्स, मेसर्स भारतीय बारूद उद्योग, मेसर्स ओम प्रकाश फायर वर्क्स और सतना जिले में मेसर्स गरिमा ट्रेडर्स के संस्थान में कार्रवाई की गई। विभाग की डेटा एनालिसिस टीम द्वारा किये गये डेटा के सूक्ष्म विश्लेषण के आधार पर कर अपवंचन में संलग्न व्यवसाइयों पर विभाग द्वारा लगातार सेक्टर वाइज प्रभावी कार्रवाई की जा रही है, जो जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा वृहद् स्तर पर डाटा एनालिटिक्स का कार्य किया जा रहा है। विभाग के इंदौर मुख्यालय में डाटा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गयी है।

दीपावली पर्व पर फटाका व्यवसायियों के लिए गाइडलाइन जारी

No comments Document Thumbnail

जांजगीर-चांपा। आगामी दीपावली पर्व में फटाका व्यवसायियों के लिए जिला अग्निशमन अधिकारी एवं जिला सेनानी नगर सेना द्वारा आम जनता की रक्षा हेतु अग्निनिरोधक पंडाल लगाने की अपील करते हुए गाइडलाइन जारी किया गया है। जिला अग्निशमन अधिकारी एवं जिला सेनानी नगर सेना जारी गाइडलाइन में किसी भी दशा में पंडाल 03 मीटर से कम ऊंचाई में न लगाया जाये। पंडाल बनाने में सिन्थेटिक सामग्री से बने कपड़े या रसी का प्रयोग न किया जाये। पंडाल के चारों तरफ 04-05 मीटर खुला स्थान होना चाहिए, जिससे लोग सुरक्षित बाहर निकल सके। पंडाल बिजली की लाईन के नीचे किसी भी दशा में न लगाया जाये।



कोई भी पंडाल रेल्वे लाईन, बिजली के सब स्टेशन, चिमनी या भट्टी से कम से कम 15 मीटर दूर लगाया जाये। बाहर निकलने का गेट 05 मीटर से कम चौड़ा न हो और अगर रास्ता मेहराब दार (आर्य) बनाया जाए तो भूमि तल से मेहराब (आर्य) की उँचाई 05 मीटर से कम नहीं होना चाहिए। बाहर निकलने के कम से कम दो रास्ते होने चाहिए। जहाँ तक संभव हो सके दोनो रास्ते एक दूसरे के विपरित दिशा में हो। बाहर निकलने के गेट समुचित संख्या में उचित तरीका से बनाये जायें ताकि किसी भी दशा में पंडाल के किसी भी स्थान से किसी व्यक्ति को बाहर निकलने हेतु 15 मीटर से अधिक दूरी न तय करनी पड़े।  कुर्सियाँ दोनों किनारे से 1.2 मीटर जगह छोडकर लगाई जावे व बाहर कुर्सियों के बाद 1.5 मीटर की जगह छोड़ी जाये एवं इस के बाद पुनः 12 कुर्सियां लगाई जा सकती है।

कुर्सियों को 10 कतारों के बाद 1.5 मीटर की जगह (गैन्गवे) छोड़ी जाये। कुर्सियों को कम से कम 04-04 के समूह में नीचे से बांध कर जमीन में लोहे की छड़ गाड़कर स्थिर कर दिया जाये जिससे भगदड़ के समय वह कुर्सियों अब्यवस्थित होकर बाहर निकलने के मार्गों को अवरुद्ध न कर सके। तारों के जोड़ किसी भी दशा में खुले नही होना चाहिए। जहाँ तक संभव हो पोर्सलीन कनेक्टरों का प्रयोग करना चाहिए। इमरजेंसी लाईट की व्यवस्था होनी चाहिए। विद्युत का कोई भी सर्किट, बल्ब, ट्यूब लाईट आदि पंडाल के किसी भी भाग से कम से कम 15 से.मी. दूर होना चाहिए। हैलोजन लाईट का प्रयोग किसी भी दशा में पंडाल या अस्थाई निर्माण के अंदर में नही किया जाना चाहिए। 

पंडाल के अन्दर किसी भी दशा में भट्ठी का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। अगर करना ही पड़े तो टीन शेड लगाकर किया जाये जो पंडाल से अलग हो। यदि हवन कुंड का प्रयोग अति आवश्यक हो तो उस स्थल एवं आस पास जि सुरक्षा से संबंधित निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। पंडाल अग्नि सुरक्षा हेतु 0.75 लीटर पानी प्रति वर्गमीटर स्थान हेतु ड्रम या बाल्टियों में सुरक्षित रखा जाये व इसका प्रयोग अग्निशमन के अतिरिक्त किसी अन्य कार्य में न किया जाये। कुल पानी की आधी मात्रा पंडाल के अन्दर व आधी पंडाल के बाहर रखी जाये। 

प्रत्येक 50 वर्गमीटर जगह हेतु कम से कम 02 बाल्टी पानी व प्रत्येक 100/ वर्गमीटर स्थान हेतु फायर एक्सटिंग्यूशर (9 लीटर क्षमता का वाटर आईप) अग्नि सुरक्षा हेतु उपलब्ध रखा जाये। स्विच गेयर, मेन मीटर और स्टेज के पास विद्युत की आग हेतु एक कार्बन डाई आक्साईड गैस एक्सटिंग्यूशर या ड्राई केमिकल पाउडर एक्सटिंग्यूशर उचित मानक क्षमता के लगाये जाये। आतिशबाजी का प्रयोग पंडाल के निकट अथवा अन्दर न करें। पंडाल के अन्दर तथा भीतर धुम्रपान न करें। पंडाल में प्रयोग आने वाले कपड़ों को अग्नि निरोधक घोल से उपचारित करें। बहुत बड़े पंडाल व अस्थाई निर्माण के पूर्व अग्निशमन विभाग को सूचित कर उनसे सुझाव प्राप्त करें।

अग्नि निरोधक घोल हेतु सामग्री बनाने का तरीका एवं उपलब्धता –

अमोनियम सल्फेट - 4 भाग, अमोनियम कार्बोनेट - 2 भाग, बोरैक्स - 1 भाग, बोरिक एसिड - 1 भाग, एलम- 2 भाग और पानी 35 भाग। निर्धारित अनुपात में सभी सामग्रियों को मिलाकर घोल बनाना है। घोल बनाने के बाद पंडाल के कपड़ों को उक्त घोल में भीगने हेतु छोड़ देना चाहिए। कण्डा के पूर्ण रूप से भीगने के बाद उसे सुखाकर पंडाल बनाना है। ऐसे पंडाल में आग मुश्किल से लगता है। अगर आग लग भी जाता है तो कपड़ा काफी धीरे-धीरे बिना फ्लेम का जलता है। कपड़ा सिंकुड़ जाता है। उपरोक्त सभी समान केमिकल के दूकान में 500 ग्राम के पैकेट में प्राप्त किया जा सकता है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.