Media24Media.com: प्रेमसाय सिंह टेकाम

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CG BREAKING : राज्य योजना आयोग के अध्यक्ष बनाए गए प्रेमसाय सिंह टेकाम

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 रायपुर : गुरुवार को मंत्री पद से हटाए जाने के बाद डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम को राज्य योजना आयोग का चेयरमैन बनाया है. अब तक योजना आयोग के अध्यक्ष मुख्यमंत्री हुआ करते थे. अब प्रेमसाय सिंह टेकाम को ये जिम्मेदारी दे दी गई है. इन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा होगा. बता दें कि गुरुवार को प्रेमसाय सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.



प्राथमिक शाला चिटौद के शताब्दी महोत्सव में शामिल हुए स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम

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बालोद। स्कूली शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम आज बालोद जिले के गुरुर विकासखंड के प्राथमिक शाला चिटौद के शताब्दी समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्राथमिक शाला चिटौद के गौरवशाली इतिहास एवं उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उसकी सराहना की। मंत्री डॉ. टेकाम ने विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा की मांग पर प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला में 02-02 अतिरिक्त कमरे का निर्माण तथा प्राथमिक शाला चिटौद में डिजिटल क्लास शुरू करने की घोषणा की।

इसके अलावा उन्होंने संस्था के भूतपूर्व विद्यार्थी एवं वर्तमान में एमबीबीएस में अध्ययनरत छात्रा कु.वर्षा ठाकुर के शिक्षण एवं अन्य शुल्क के लिए 25 हजार रुपये तथा प्राथमिक शाला चिटौद में सांस्कृतिक कार्यक्रम को बढ़ावा देने हेतु 25 हजार रुपये की राशि स्वेच्छानुदान से प्रदान करने की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि प्राथमिक शाला चिटौद की स्थापना 08 दिसम्बर 1922 को की गई थी। विद्यालय के 100 वर्ष पूरा होने पर आज शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संजारी-बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मीना साहू, सरपंच श्रीमती कुमारी बाई सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि प्राथमिक शाला चिटौद का अतीत अत्यंत वैभवशाली है। यहां से विद्या अध्ययन करने के लिए अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर इस संस्था का नाम रौशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निश्चित रुप से उनका कर्मकौशल हमारे विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का मार्ग प्रर्दशित करेगा। डॉ. टेकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा राज्य में शिक्षा के गुणात्मक सुधार तथा समाज के सभी वर्गों के विद्यार्थियों को बेहतर से बेहतर शिक्षा मुहैया कराने हेतु कारगर उपाय सुनिश्चित की जा रही है।

इसे ध्यान में रखते हुए राज्य में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की स्थापना के साथ-साथ आगामी शिक्षा सत्र से अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। जिससे कि गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमारी सरकार छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परम्परा, रीतिरिवाज,खानपान, खेल आदि को भी संरक्षण और संवर्धन करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मंत्री डॉ. टेकाम ने प्राथमिक शाला चिटौद के आदर्श पुस्तकालय की भी सराहना की तथा शाला के उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम को विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मीना साहू, सरपंच श्रीमती कुमारी बाई साहू तथा शाला प्रबंधन समिति के सदस्य परमानंद साहू ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा शाला के दाखिल-खारिज पंजी का लोकार्पण भी किया गया। इसके साथ ही मंत्री डॉ. टेकाम एवं अन्य अतिथियों ने मंच से उतरकर गांव के बुजुर्ग व्यक्तियों का सम्मान किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले ग्राम के प्रतिभावान लोगों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

सहकारी बैंकों में एटीएम स्थापना एवं समितियों में गोदाम निर्माण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए : डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम

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रायपुर। सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम की अध्यक्षता में 6 मार्च को सहकारिता विभाग की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायपुर के सभागार में आयोजित की गई। मंत्री डॉ. टेकाम ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सहकारी बैंकों में एटीएम की स्थापना और समितियों में गोदाम निर्माण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में सहकारी बैंकों की कुल 325 शाखाएं है, जिसमें 145 एटीएम संचालित हैं। 115 नवीन एटीएम लगाये जाने की जिलेवार समीक्षा में पाया गया कि अब तक 42 एटीएम की स्थापना हो चुकी है। मंत्री डॉ. टेकाम ने संबंधित अधिकारियों को शेष 73 एटीएम और नवीन 725 सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम 30 अप्रैल तक लगाये जाने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ में 2058 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां है, जिसमें से 1333 समितियों में माइक्रो एटीएम प्रदाय किया गया था। नाबार्ड सहायता अंतर्गत आरआईडीएफ योजना से 725 गोदाम निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर   73.53 करोड़ रूपये निर्माण एजेंसियों को प्रदाय कर दिया गया है। जिलेवार समीक्षा में पाया गया कि 662 गोदाम निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया है। मंत्री डॉ. टेकाम ने बैठक में सभी जिला उप-पंजीयकों को इन गोदामों का निर्माण कार्य 30 जून 2023 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने रायपुर, सरगुजा संभाग एवं मुंगेली जिले में गोदाम निर्माण की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। सभी संयुक्त पंजीयक को इन निर्माणाधीन गोदामों का भौतिक सत्यापन कराते हुए प्रति सप्ताह रिपोटिंग करने के भी निर्देश दिए। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि 725 गोदाम का निर्माण समय-सीमा में पूर्ण कर लिया जाए। बैठक में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक माह में एक बार संचालक मंडल की बैठक कर कार्यों की समीक्षा की जाए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि समिति स्तर पर कम्प्युटराइजेशन योजना के क्रियान्वयन के लिए 2028 सोसाइटियों का चयन पैक्स कम्प्युटराइजेशन हेतु किया गया है। साथ ही नेशनल डॉटाबेस के अनुरूप दस्तावेजों का संधारण किया गया है। सभी संयुक्त पंजीयकों को कॉमन एकाउटिंग प्रणाली पर टेªनिंग तथा सतत् मानिटरिंग करने कहा गया। इसके लिए समितियों के समस्त लेखा पत्रकों में दर्ज कर उनका 31 मार्च 2023 तक मिलान सुनिश्चित किया जाए।

बस्तर एवं सरगुजा संभाग में बैंकिंग विस्तार की समीक्षा में कोरिया तथा सूरजपुर जिले में आडिट की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया गया। अंबिकापुर में महिला समिति के आफ लाईन पंजीयन करने पर संयुक्त पंजीयक अंबिकापुर संभाग तथा उप पंजीयक जिला अंबिकापुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिए गए। बैठक में सहकारी शक्कर कारखाना का संचालन, पेराई एवं गन्ना क्रय राशि भुगतान, मंडी बोर्ड से पंडरिया एवं अंबिकापुर शक्कर कारखाना में गोदाम निर्माण तथा मोलासिस टैंक निर्माण की प्रगति, कोण्डागांव में मक्का प्रोसेसिंग यूनिट संयंत्र एवं कवर्धा में निर्माणाधीन ईथेनाल प्लाट की स्थिति की भी समीक्षा की गई।  

बैठक में सचिव सहकारिता हिम शिखर गुप्ता, पंजीयक सहकारी संस्थाएं नरेन्द्र कुमार दुग्गा सहित अपर पंजीयक हितेष दोषी एवं एच. के. नागदेव, उप सचिव सहकारिता पी. एस. सर्पराज, संयुक्त पंजीयक उमेश तिवारी, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक के. एन. कान्डे, सभी संभाग के संयुक्त पंजीयक, जिलों के उप पंजीयक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्यकार्यपालन अधिकारी, सहकारी शक्कर कारखानों के प्रबंध संचालक, अपेक्स बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने गढ़कलेवा में किया मिलेट्स कैफे का शुभारंभ

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रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने सूरजपुर जिले के पहले मिलेट्स कैफे का शुभारंभ गढ़कलेवा में किया। लघु-धान्य फसलों के प्रोत्साहन के लिए छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना मिलेट्स मिशन अंतर्गत जिला प्रशासन की पहल पर मिलेट्स कैफे शुरू किया गया है। मंत्री डाॅ. टेकाम ने महिला स्व-सहायता समूह से चर्चा कर उन्हें प्रोत्साहित किया। डाॅ. टेकाम ने यहां रागी के लड्डू का स्वाद चखा और रागी का आटा खरीदा। इस मिलेट्स कैफे का संचालन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गठित लक्ष्मी महिला संकुल संगठन द्वारा किया जाएगा।

इस मिलेट्स कैफे में कोदो, कुटकी, रागी समेत अन्य लघु धान्य फसलों से निर्मित व्यंजन जैसे इडली, दोसा, पोहा, उपमा, भजिया, खीर, हलवा, कुकीज आदि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन आम जनता के लिए उपलब्ध रहेंगे। मिलेट्स कैफे के शुभारंभ के अवसर पर वन विभाग द्वारा कोदो, कुटकी एवं रागी से निर्मित लड्डू, पास्ता, चाऊमीन, कुकीज आदि की प्रदर्शनी लगाई गई। कृषि विभाग द्वारा मिलेट मिशन अंतर्गत प्रावधानों तथा मिलेट्स के बीजों का प्रदर्शन भी किया गया। मंत्री डॉ. टेकाम ने मिलेट्स काॅफी के शुभारंभ के पश्चात किसानों को रागी बीज का वितरण किया एवं मिलेट्स मिशन में अधिक से अधिक सहभागिता लाभ अर्जित करने शुभकामनाएं दी।

गौरतलब है की छत्तीसगढ़ राज्य देश का पहला ऐसा राज्य है जो समर्थन मूल्य पर मिलेट्स की खरीदी कर रहा है। कैफे का मुख्य उद्देश्य मिलेट्स को बढ़ावा देने और विभिन्न मिलेट्स का उपयोग करके मुख्यधारा और पारंपरिक दोनों प्रकार के व्यंजनों का प्रदर्शन करने के किया जा रहा है। पीढियों से रागी, कोदो जैसे अनाज हमारे आहार का प्रमुख हिस्सा हुआ करता था, किंतु अब इनका उपयोग सीमित हो गया है। यह अनाज सेहत के लिए जरूरी बहुत से पोषक तत्वों से युक्त होते हैं।

इस अवसर पर कुमार सिंह देव, नगर पालिका अध्यक्ष के. के. अग्रवाल, छत्तीसगढ़ उर्दू बोर्ड के सदस्य मोहम्मद इस्माइल खान, पार्षद गण, जिला पंचायत सदस्य बिहारीलाल कुलदीप, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जनप्रतिनिधि, जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

जागरूकता से ही उज्जवल भविष्य की नींव तैयार होती है : मंत्री डाॅ. टेकाम

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रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज इंस्पायर अवार्ड मानक राज्य स्तरीय प्रदर्शनी एवं आदर्श प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जागरूकता से ही उज्जवल भविष्य की ठोस नींव तैयार होती है। वर्तमान युग टेक्नोलॉजी का युग है टेक्नोलॉजी के बारे में बच्चे जितना ज्यादा अवगत रहेंगे। उनके लिए यह उतनी ही उपयोगी साबित होगी। इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर के लिए राज्य के 22 विद्यार्थियों का चयन किया गया। स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. टेकाम ने सभी चयनित विद्यार्थियों का पुरस्कार प्रदान करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य हर क्षेत्र में उन्नति के शिखर पर है और निरन्तर विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।

मंत्री डा. टेकाम ने यहां विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित माॅडल्स का अवलोकन किया और कार्यक्रम के दौरान बच्चों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में प्रदर्शित माॅडल्स में बच्चों की क्रियात्मक प्रतिभा की झलक देखने को मिली। यहां के माॅडल्स बहुत अच्छे हैं और बच्चे भी बहुत प्रतिभाशाली है। यह बहुत अच्छी बात है कि शासन द्वारा उनकी प्रतिभा को आगे ले जाने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। यहां आए बच्चों में टेक्नोलॉजी का काफी ज्ञान है। वर्तमान युग आधुनिक तकनीक का है। बच्चे नवीनतम तकनीक से जितना अवगत होंगे उतना ही उनके लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की जागरूकता से उज्जवल भविष्य की ठोस नींव तैयार होती है।

मंत्री डाॅ. टेकाम ने दुर्ग विद्यार्थियों प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां के विद्यार्थियों ने जापान में अपने हुनर का प्रदर्शन किया जो काबिले तारीफ हैं। राज्य स्तरीय प्रदर्शनी एवं आर्दश प्रतियोगिता दुर्ग के खालसा पब्लिक स्कूल में आयोजित की गई। इंस्पायर अवार्ड मानक के लिए भी शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया है। उल्लेखनीय है कि इस प्रतियोगिता के लिए देश में सबसे ज्यादा पंजीयन करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ तीसरे स्थान पर है। समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक श्री अरुण वोरा ने की और विशिष्ट अतिथि महापौर नगर निगम धीरज बाकलीवाल तथा अन्य गणमान्य अतिथि शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ के रग-रग में रचा-बसा सांस्कृतिक विविधता का रंग : स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम

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रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम स्वामी आत्मानंद योजनांतर्गत संचालित स्कूलों के दो दिवसीय राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आज राजधानी रायपुर स्थित प्रणवानंद अकादमी के सभागार में रंगारंग उद्घाटन किया। राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में 321 विद्यार्थी भाग ले रहें हैं। इनमें रायपुर संभाग से 88 विद्यार्थी, बस्तर संभाग से 61, सरगुजा संभाग से 77, बिलासपुर संभाग से 50, दुर्ग संभाग से 45 विद्यार्थी शामिल हैं। साथ ही 30 शिक्षक भी इन बच्चों के मार्गदर्शक के रूप में शामिल हुए हैं। प्रतिभागी बच्चों को नाटक, एकल नृत्य, समूह नृत्य, एकल व समूह गायन, वादन कला में अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का मौका मिलेगा।



स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम ने उद्घाटन सत्र में कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के रग-रग में सांस्कृतिक विविधता के रंग रचे-बसे है। सुकमा से सूरजपुर तक भाषा, वेशभूषा और रीति-रिवाज की एक सुनहरी कड़ी की हम छत्तीसगढ़िया ही नहीं वरन् देश-दुनिया के लिए एक अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अभी हॉल ही में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आदिवासी महोत्सव में 28 राज्य एवं 10 देशों के संस्कृतियों के आदान-प्रदान का साक्षात्कार सभी ने किया।



डॉ. टेकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति अपनी जड़ों से जुड़कर विकास एवं सामाजिक न्याय का मार्ग प्रशस्त करती है। यह सब तभी हो सकता है, जब बच्चों को उचित अवसर एवं मंच दिया जाए। इसी कड़ी में स्वामी आत्मानंद योजना के अंतर्गत प्रदेश में संचालित 279 अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम स्कूलों के विद्यार्थियों की स्कूल स्तर से राज्य स्तर तक सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से उनके भीतर की कला को विकसित एवं प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय आयोजन में प्रतिभागी बच्चे एवं शिक्षक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के रहन-सहन, खान-पान, भाषा-बोली का भी आदान-प्रदान करेंगे।



डॉ. टेकाम ने कहा कि यह आयोजन केवल प्रतियोगिता ही नहीं, वरन् समाज को जोड़ने का कार्यक्रम भी है। ऐसे आयोजनों से बच्चों का भावनात्मक विकास होता है। बच्चों को एक दूसरे को समझने का मौका मिलता है, व्यक्ति के अंतरनिहित क्षमता का विकास हेाता है। व्यक्तित्व विकास के माध्यम से व्यक्ति का सर्वांगीण विकास होता है। ऐसे आयोजनों से व्यक्ति को अपनी क्षमता के आकलन का अवसर भी प्राप्त होता है, जिससे वह एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका तैयार कर सकता है।  

डॉ. टेकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षा में गुणवत्ता के लिए अनेक प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिसे आम नागरिकों का भरपूर समर्थन प्राप्त है। यही कारण है कि आज समाज के सभी क्षेत्रों में आत्मानंद स्कूल खोलने की लगातार मांग की जा रही है और सरकार द्वारा इस क्षेत्र में सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

 कार्यक्रम में संयुक्त संचालक लोक शिक्षण रायपुर संभाग के. कुमार, प्रणवानंद अकादमी के सचिव शिवरूपानंद स्वामी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर आर.एल. ठाकुर, आर.एन बंजारा, सेजस के जिला नोडल अधिकारी के.एस. पटले, सहायक नोडल अधिकारी सत्यदेव वर्मा, सहायक संचालक एम.मिंज, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी तिल्दा, सहायक जिला क्रीडा अधिकारी, प्रणवनंद अकादमी की प्राचार्य श्रीमती ए.घोष, निर्णायकगण सहित सभी संभागों के प्रतिभागी छात्र-छात्राएं और मार्गदर्शक शिक्षक उपस्थित थे।

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