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रायपुर जिले के तीन स्वामी आत्मानंद स्कूलों में बनेगा एआई क्लब

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रायपुर। जिले में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार हो रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे की उपस्थिति में आज जिला प्रशासन और आईजेब्रा.एआई (igebra.AI)  के मध्य एमओयू हुआ। जिसके तहत जिले के तीन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंगलिश मीडियम स्कूल (SEGES) में डेटा-एआई क्लब का गठन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता दिवस पर अगले शिक्षा सत्र से स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकी की जानकारी पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा की है। जिला प्रशासन ने इसी दिशा में त्वरित क्रियान्वयन करते हुए यह कदम उठाया हैं। यह महत्वपूर्ण कदम उठाने वाला रायपुर पहला जिला है। 

इस एमओयू में जिला प्रशासन की तरफ से जिला पंचायत के सीईओ अबिनाश मिश्रा और कम्पनी के निर्देशक चिरंजीवी मडाला ने हस्ताक्षर किया। इस एमओयू के तहत स्वामी आत्मानंद आर.डी तिवारी आमापारा, स्वामी आत्मानंद बी.पी पुजारी राजातालाब और स्वामी आत्मानंद शहीद स्मारक फाफाडीह में एआई क्लब का गठन होगा। इससे इन स्कूलों के विद्यार्थियों में एआई के प्रति समझ विकसित होगी। विद्यार्थी विज्ञान के इस नवीनतम तकनीक से परिचित होगे और उसका उपयोग प्रोजेक्ट तथा अन्य कार्यों में कर सकेंगे।

इससे छत्तीसगढ़ के बच्चों में विज्ञान के प्रति अधिक रूचि पैदा होगी साथ ही वे देश ही नही बल्कि विश्व में अन्य युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिला कर कार्य करेंगे। इस क्लब में विद्यार्थियों को संबंधित संस्था के प्रशिक्षकों के द्वारा एआई क्लब में पढ़ाया जाएगा और वर्कशॉप होगा। साथ ही प्रोजेक्ट-मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय और जिला मिशन समन्वयक के.एस. पटले उपस्थित थे। गौरतलब है कि यह आईजेब्रा.एआई अमेरिका की कंपनी है जो एआई के क्षेत्र में कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य है कि युवाओं को एआई के प्रति शिक्षित करना है।

छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए अच्छा माहौल – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रदेश में खेलों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नई-नई खेल अकादमियां शुरू हो रही हैं। खिलाड़ियों के खेल कौशल को बढ़ाने के लिए विश्व स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर आज अपने निवास में आयोजित खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में इस आशय के विचार व्यक्त किए।

उन्होंने समारोह में गुजरात में आयोजित 36वें राष्ट्रीय खेल में पदक जीतने वाले राज्य के खिलाड़ियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में इन खेलों मे भाग लेने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और टीम प्रबंधकों को भी सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव देवेन्द्र यादव, रायपुर नगर निगम के पूर्व महापौर गजराज पगारिया और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के पदाधिकारी भी समारोह में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि खेलों के माध्यम से जहां खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है, वहीं हम सब भी गौरवान्वित महसूस करते हैं। आप सब ने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के साथ ही हम लोगों को गौरवान्वित भी किया है। मैं गुजरात में हुए 36वें राष्ट्रीय खेल में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ ही सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को बधाई देता हूं। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत एवं टीम स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले 64 खिलाड़ियों, विभिन्न खेलों में भाग लेने वाले 89 अन्य खिलाड़ियों तथा 38 प्रशिक्षकों-प्रबंधकों को सम्मानित किया। 

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य में खेलों के विकास और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए अच्छा वातावरण तैयार किया जा रहा है। किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए संगठित प्रयास और अनुकूल वातावरण की जरूरत होती है। प्रदेश में अभी 21 अकादमी संचालित हैं जिनमें दो आवासीय अकादमी भी हैं। इनकी संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जब नारायणपुर के बच्चे मलखम्ब में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहरा सकते हैं, तो कुछ भी असंभव नहीं है। एशियन गेम्स, ओलंपिक, राष्ट्रमंडल और राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी लगातार हिस्सा लेते रहे हैं।

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव देवेन्द्र यादव ने कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों में बहुत प्रतिभा और ऊर्जा है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में यहां के खिलाड़ी लगातार अपना दमखम दिखाते रहे हैं। राज्य की खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए हमें संगठित रूप से अच्छी अधोसंरचना तैयार करनी होगी। 14-15 वर्ष की उम्र में खिलाड़ियों की पहचान कर योजनाबद्ध रूप से उनके कौशल को निखारना होगा। राज्य के सभी संभाग मुख्यालयों में उपलब्ध खेल सुविधाओं को दूरस्थ अंचल के बच्चों तक भी पहुंचाना होगा। यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 36वें राष्ट्रीय खेल के पदक विजेता खिलाड़ियों, इसमें हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए कुल 16 लाख 35 हजार रूपए के पुरस्कार की घोषणा की है।

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