Media24Media.com: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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“पक्का मकान बन गया है?” – प्रधानमंत्री मोदी के सवाल पर मुस्कराए दल्लु राम बैगा, कहा – “हां, बन गया है”

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 रायपुर : प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने जब बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के दौरान हितग्राहियों से संवाद किया, तो मंच पर एक विशेष क्षण आया – प्रधानमंत्री और दल्लु राम बैगा के बीच सरल, संक्षिप्त किन्तु सजीव, आत्मीय एवं सारगर्भित संवाद।


प्रधानमंत्री ने मुस्कराकर पूछा –
“पक्का मकान बन गया है?”
दल्लु राम ने हाथ जोड़कर जवाब दिया –
“हां, बन गया है।”
प्रधानमंत्री  मोदी ने फिर स्नेहपूर्वक पूछा –
“अच्छा लग रहा है की नहीं?”
भावुक दल्लु राम ने जवाब दिया
“अच्छा लग रहा है।”
प्रधानमंत्री ने अंत में पूछा –
“बाकी सब ठीक है?”
दल्लु राम ने आत्मविश्वास के साथ कहा –
“ठीक है।”

यह संवाद कोई औपचारिक प्रश्नोत्तर नहीं था, बल्कि विश्वास, संवेदना और साझेदारी का साक्षात चित्रण था।


छत्तीसगढ़ के तीन लाख गरीब परिवारों के लिए आज का दिन बेहद खास और अविस्मरणीय है। आज चैत्र नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने उन्हें उनके सपनों के आशियानों में गृहप्रवेश कराया। इनमें बड़ी संख्या में दूरस्थ वनांचलों के गरीब और वंचित परिवार भी शामिल हैं। ये ऐसे परिवार हैं जो प्रधानमंत्री आवास जैसी योजना नहीं होती तो शायद ही कभी अपने खुद के पक्के मकान का सपना पूरा कर पाते। यह योजना प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों का बड़ा सपना पूरा कर रही है।

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने आज बिलासपुर के मोहभट्ठा में दूरस्थ अंचलों के तीन आदिवासी परिवारों को खुद अपने हाथों से नए आवासों की चाबी सौंपी। बीजापुर जिले के चेरपाल पंचायत की श्रीमती सोमारी पुनेम, कबीरधाम जिले के ग्राम हाथीडोब के श्री दल्लुराम बैगा और जशपुर जिले के करदना पंचायत के पहाड़ी कोरवा श्री जगतपाल राम को जब प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रतीक रूप में मंच से उनके नवनिर्मित पक्के आवासों की चाबी सौंपी तो उनकी खुशियां देखते ही बनती थी।

रोटी, कपड़ा और मकान हर इंसान की सबसे बुनियादी जरूरतें हैं। पिछड़े ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जहां आज भी संसाधनों की भारी कमी है, वहां एक पक्का घर सिर्फ एक दीवार और छत नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के दल्लुराम बैगा कभी कच्ची मिट्टी और खपरैल के घर में भय और असुरक्षा के साये में रहते थे। बरसात में छत से टपकते पानी, कमजोर मिट्टी की दीवारें और रात के सन्नाटे में रेंगते जहरीले जीव-जंतु... ऐसे हालात में पूरे परिवार के साथ रहना रोज का संघर्ष था।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत दल्लुराम का आवास स्वीकृत होने के बाद उसके सपनों के घर का सफर शुरू हुआ। आवास निर्माण के लिए दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ ही 95 दिनों की मनरेगा मजदूरी के रूप में 23 हजार रुपए भी मिले। अन्य योजनाओं से रसोई गैस, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मिलीं। अब दल्लुराम और उसका परिवार न केवल सुरक्षित मकान में रह रहा है, बल्कि आत्मसम्मान और गर्व के साथ समाज में अपनी पहचान भी बना रहा है।

दीवारों की नहीं सपने के पूरे होने की मुस्कान

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरबा समुदाय के जशपुर जिले के सुदूर अंचल में बसे ग्राम करदना के श्री जगतपाल राम वर्षों से एक टूटी-फूटी झोपड़ी में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता था, चारों ओर कीचड़ और भीतर डर का माहौल बना रहता था। सांप-बिच्छुओं का डर, हर साल झोपड़ी की मरम्मत का बोझ, और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का भी अभाव था।

प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना जगतपाल के लिए उम्मीद की रोशनी लेकर आई। योजना के तहत मिली दो लाख रुपए की सहायता से जगतपाल ने साफ-सुथरा, मजबूत पक्का घर बनवाया जहां न केवल रहने के लिए कमरे हैं, बल्कि शौचालय और बिजली भी है। अब उनका परिवार मूसलाधार बारिश के थपेड़ो, जंगली जानवर और रात के अंधेरे के खतरों से सुरक्षित है।

आज जब जगतपाल अपने घर के सामने बैठते हैं, तो उनके चेहरे पर संतोष की मुस्कान होती है। यह मुस्कान सिर्फ दीवारों की नहीं, बल्कि सपने के पूरे होने की मुस्कान है। जगतपाल की ही तरह हजारों गरीब और वंचित आदिवासी परिवारों की भी ऐसी ही कहानी है जिनका जीवन प्रधानमंत्री आवास योजना ने खुशियों से भर दिया है।

टूटे सपनों को मिला सहारा और मिट्टी के आंगन में उग आई उम्मीद की छत

वर्षों तक संघर्ष करते हुए सोमारी पुनेम ने कभी नहीं सोचा था कि उसके सिर पर एक दिन पक्की छत होगी। पति के निधन के बाद वह अपने बेटे के साथ एक छोटे से टपकते छप्पर के नीचे जीवन की अनगिनत कठिनाइयों के बीच अपना जीवन-यापन कर रही थी। नियद नेल्ला नार योजना शुरू होने के बाद जब उसे प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, तो उसकी आंखें चमक उठी। वह बताती है - "मैंने अपने पास जो थोड़ी-बहुत बचत थी, वही लगाई। हर दिन मजदूरों के साथ बैठकर खुद ईंटें उठाई। घर बनता गया... और मेरा आत्मविश्वास भी। आखिरकार महीनों की मेहनत के बाद पक्का आवास बनकर तैयार हो गया। अब बारिश की बूंदें डर नहीं, राहत देती हैं... रातें भी सुकूनभरी लगती हैं। धूप से अब सिर्फ दीवारें नहीं, सम्मान भी बचता है।"

बीजापुर के चेरपाल में रहने वाली 60 साल की सोमारी कहती है - "आज जब मैं अपने घर के दरवाजे से अंदर जाती हूं, तो लगता है कि मैं अकेली नहीं हूं। मेरे साथ मेरे स्वर्गीय पति का सपना भी इस घर में सांस ले रहा है।" प्रधानमंत्री आवास योजना ने सोमारी को सिर्फ एक मकान नहीं दिया। यह योजना उसके जीवन में भरोसे की नींव, आत्मसम्मान की दीवारें और भविष्य की छत बनकर उतरी है।

प्रधानमंत्री मोदी के आर्थिक सुधारों से भारत बनी दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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 रायपुर : प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के व्यापक आर्थिक सुधारों के कारण भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। जीएसटी और कर सुधारों ने टैक्स व्यवस्था को सरल बनाया है और राजस्व संग्रहण को मजबूत किया है।चार्टर्ड अकाउंटेंट्स भारत की इस विकास यात्रा में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने में भी उनकी भागीदारी अहम होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला 'नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन बैंक ऑडिट एंड एआई' को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने सीए छत्तीसगढ़ के विशेष लोगो का भी विमोचन किया।


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य का सबसे बड़ा औजार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बौद्धिक वर्ग हमेशा नई तकनीकों को अपनाता है और एआई (AI) ऐसी ही एक गेम-चेंजर तकनीक है। उन्होंने माना कि एआई न केवल सीए पेशे को और सशक्त करेगा, बल्कि इस क्षेत्र की गुणवत्ता व गति को भी बढ़ाएगा। उन्होंने एआई से जुड़ी संभावनाओं और चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आईसीएआई की स्थापना को भारतीय अकाउंटिंग क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि 1949 में 1600 लोगों के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज चार लाख से अधिक सदस्यों का मजबूत संगठन बन चुका है, जो देशभर में आर्थिक उत्तरदायित्व निभा रहे हैं।

नई औद्योगिक नीति से बढ़ा निवेश, प्रदेश को 4 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की चर्चा करते हुए कहा कि यह नीति निवेशकों के लिए आकर्षक है और सभी वर्गों का ध्यान रखती है। अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लिथियम जैसे दुर्लभ खनिज की उपलब्धता और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की स्थापना से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले 15 महीनों में राज्य सरकार ने कई दूरदर्शी फैसले लिए हैं, जिससे प्रदेश में तेज़ी से विकास हो रहा है और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। लोक कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नागरिकों के आर्थिक सशक्तिकरण में सहायक सिद्ध हो रहा है।

छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट 2047: विकसित भारत में प्रदेश की महती भूमिका

मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट 2047 का ज़िक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। प्रदेश के 3,000 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इसमें भागीदार बनेंगे।

आईसीएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष  चरणजोत सिंह नंदा ने संस्था की स्थापना (1949) से लेकर अब तक की विकास यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने चार्टर्ड एकाउंटेंट के कार्य से जुड़ी चुनौतियों और दायित्वों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि देश के सभी सीए मिलकर प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के सपनों को साकार करने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे।

इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी सीए  अमित चिमनानी, सीए  पंकज शाह, सीए  अभय छाजेड़, सीए  विकास गोलछा सहित आईसीएआई के रायपुर, भिलाई, बिलासपुर और रायगढ़ ब्रांच के सदस्य उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के 25.95 लाख किसानों को मिली पीएम किसान सम्मान निधि की राशि

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 रायपुर : प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के भागलपुर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना  की 19वीं किस्त जारी की। इसके तहत देश भर के 9.8 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 22,000 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। इनमें छत्तीसगढ़ के 25 लाख 95 हजार 832 किसान शामिल हैं। इन किसानों खाते में 599 करोड़ 38 लाख रुपए की सम्मान निधि भेजी गई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय भी पीएम किसान सम्मान निधि कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले किसानों को बधाई दी और उन्हें सम्मानित भी किया। 


 
मुख्यमत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाताओं का सम्मान माँ अन्नपूर्णा के सम्मान की तरह है। चौदह महीनों के अंतराल में हमने किसान भाइयों के खाते में करीब एक लाख करोड़ रुपए भेजा है। अन्नदाताओं को अच्छा मूल्य मिलने से उनके जीवन खुशहाली आयी है। किसान आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। किसानों की समृद्धि से ही मजबूत ग्रामीण विकास का आधार तैयार हुआ है और शहरी अर्थव्यवस्था भी इससे बेहतर हुई है। अन्नदाताओं के श्रम से मिली शक्ति और उत्साह से ही हम छत्तीसगढ़ को संवार रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़-विकसित भारत बनाने में किसानों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में अब तक 9712 करोड़ 58 लाख रुपए की सम्मान निधि प्रदेश के किसानों को दी जा चुकी है। वर्ष 2023-24 की तुलना में 2 लाख 75 हजार से अधिक किसान भाइयों को इस योजना का लाभ मिला है। इस योजना का लाभ हमारे 2 लाख 34 हजार वन पट्टा धारी किसानों और 32 हजार 500 विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को भी मिल रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति के किसान भाइयों को योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए कृषि भूमि की अनिवार्यता को शिथिल किया गया।
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसानों को मोदी  ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की गारंटी दी थी। हमारी सरकार ने यह वायदा निभाया है। साथ ही किसानों को दो साल का बकाया बोनस देने की गारंटी भी दी गई थी। शपथ ग्रहण के एक पखवाड़े के भीतर ही हमने 13 लाख किसानों के खाते में बोनस की 3716 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी थी। पिछली बार हमने 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की। किसानों को दिये गये धान के मूल्य के साथ बोनस राशि शामिल कर लें तो पिछले खरीफ सीजन में किसान भाइयों के खाते में 49 हजार करोड़ रुपए भेजे गए। इस खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की रिकार्ड खरीदी हमने की। इस सीजन में विभिन्न योजनाओं से मिलने वाली राशि मिला लें तो लगभग 52 हजार करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में हमने भेजी है।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। इसके लिए उनका जोर उद्यानिकी फसलों, फसल विविधीकरण तथा पशुपालन पर भी है। हम उद्यानिकी तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने विशेष कार्य कर रहे हैं। साथ ही पशुपालन को प्रोत्साहन देते हुए दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी के साथ हमने एमओयू भी किया है। इससे दुग्ध क्रांति की दिशा में प्रदेश अग्रसर हो गया है। हमारी सरकार लगातार किसानों की आकांक्षाओं को पूरा कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 5 लाख 62 हजार भूमिहीन किसानों के खाते में दस-दस हजार रुपए की राशि भी हमने दी है।  
 
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वनोषधि बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष  रामप्रताप सिंह, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय कुलपति  गिरिश चंदेल, कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार, कृषि विभाग के संचालक डॉ सारांश मित्तर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छ भारत मिशन की संकल्पना छत्तीसगढ़ में हो रही है साकार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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 रायपुर : हमारे देश के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत जिस उद्देश्य के साथ की थी, वह छत्तीसगढ़ में  अब साकार हो रहा है। स्वच्छता को लेकर जनमानस में व्यापक चेतना आई है और करोड़ों परिवारों में शौचालयों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और इच्छा शक्ति से यह संभव हो पाया है।हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के स्वच्छ एवं विकसित राष्ट्र का संकल्प छत्तीसगढ़वासियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है।   


इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमारा प्रदेश हर दिन नये पड़ावों को पार करता हुआ छत्तीसगढ़ को ओडीएफ प्लस मॉडल राज्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।    यह सिर्फ एक लक्ष्य नहीं है स्वच्छता की जीवन शैली है, जिससे हमारा विकास होगा, देश का विकास होगा। अब तक हमारे प्रदेश के 5 जिले, 58 विकासखंड और 16 हजार से अधिक गांव ओडीएफ प्लस मॉडल हो चुके हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्वच्छता को बढ़ाने के उद्देश्य से आज अपने निवास परिसर से 10 डी-स्लज वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते समय यह बात कही।


मुख्यमंत्री  साय ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत किए गए पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश के 10 विभिन्न जिलों के ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिवों को डी-स्लज वाहनों की चाबी और दस्तावेज सौंपे। उल्लेखनीय है कि इन वाहनों का उपयोग गांवों में घरों से मल निकालने और उसे सुरक्षित तरीके से निपटाने के लिए किया जाएगा।

 इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह पहल स्वच्छता और स्वास्थ्य सुधार की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी के कारण फैलने वाली बीमारियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने जनता से भी स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग की अपील की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किए जा रहे हैं, जो मल-मूत्र प्रबंधन को सुदृढ़ करेंगे और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि इस नई पहल के तहत राज्य सरकार स्वच्छता अभियानों को और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

  गांव के विकास में सरपंच की भूमिका अहम, मुख्यमंत्री ने बताया अपना अनुभव

   मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि गांव के विकास में सरपंच की भूमिका सबसे अहम है। मैं पहले पंच रहा, फिर अच्छा काम करने की वजह से मुझे निर्विरोध सरपंच भी चुना गया। उन्होंने कहा कि यह बताने की वजह सिर्फ एक ही है कि ग्राम पंचायत विकास की सबसे प्राथमिक कड़ी है और पंच तथा सरपंच यदि अपने अधिकार और जिम्मेदारियों के प्रति सजग होंगे तो गांव की तस्वीर बदलने में समय नहीं लगेगा।  

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता को व्यापक रूप से लागू करने के लिए लगातार प्रयासरत है। डी-स्लज वाहनों के मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने डी स्लज वाहनों की आवश्यकता और उपयोगिता पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।

 गौरतलब है कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) शासन का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है और छत्तीसगढ़ स्वच्छता कार्यक्रमों में सदैव अग्रणी रहा हैं। मिशन के फेज 1 में प्रदेश ने 32 लाख से भी अधिक शौचालयों का निर्माण कर राष्ट्रीय लक्ष्य को समय पूर्व प्राप्त कर खुले में शौचमुक्त राज्य होने का कीर्तिमान रचा। मिशन के फेज- 02 में ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल राज्य के तौर पर स्थापित होने के क्रम में प्रदेश के 05 जिले दुर्ग, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, जांजगीर-चांपा एवं धमतरी जिले के 57 विकासखंड तथा 16 हजार से अधिक गांव ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल हो चुके हैं। इसी कड़ी में शौचालयों से निकलने वाले मल के सही निपटान के उ‌द्देश्य के साथ प्रदेश के सभी जिलों में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। इन फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट में आसपास के गांवों के सेप्टिक टैंक से निकलने वाले मल को उपचारित किया जाएगा। सेप्टिक टैंक भरने पर संबंधित परिवार या संस्थान इन प्लांट से संपर्क कर टैंक खाली करने के लिए डी-स्लज वाहन बुलवाएंगे, जिसके लिए दूरी के आधार पर उचित उपभोक्ता शुल्क का निर्धारण किया जावेगा। वर्तमान में प्रदेश मे 19 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण हो चुका है।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ग्राम पंचायत बिरकोनी जिला महासमुन्द, ग्राम पंचायत टेमरी जिला रायपुर, ग्राम पंचायत सारंगपुर कला जिला कबीरधाम, ग्राम पंचायत गम्हरिया जिला जशपुर, ग्राम पंचायत कोतरी जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, ग्राम पंचायत लगरा जिला जांजगीर-चांपा, ग्राम पंचायत परसदा वेद जिला बिलासपुर, ग्राम पंचायत रूदा जिला बालोद, ग्राम पंचायत झझपुरी कला जिला मुंगेली, ग्राम पंचायत पथरिया जिला दुर्ग को डी स्लज वाहन हस्तांतरित किया।  इस अवसर पर  विधायक गुरु खुशवंत साहेब, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, मिशन संचालक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) जयश्री जैन, आईसीआईसीआई बैंक के स्टेट हेड  विवेकानंद दुबे, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अधिकारी कर्मचारी  उपस्थित थे।

100 मिलियन पार, मोदी का परिवार। "वसुधैव कुटुम्बकम्"- सीएम साय

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 देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के एक्स हैंडल पर फॉलोवर्स की संख्या 100 मिलियन हो गयी है। प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे अधिक फॉलोवर्स वाले राजनेताओं में से एक हैं।


 प्रधानमंत्री मोदी जी की दुनिया भर में लोकप्रियता अद्वितीय है। तमाम सोशल मीडिया साइट्स पर उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं। 

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 100 मिलियन फॉलोवर्स होने पर अपने एक्स हैंडल पर लिखा ‘100 मिलियन पार, मोदी का परिवार "वसुधैव कुटुम्बकम्"। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 100 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स के साथ सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले वैश्विक नेता बन गए हैं।

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