Media24Media.com: पोषण पखवाड़ा

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महासमुंद : पोषण पखवाड़ा अंतर्गत पोषण जागरूकता सह महिला जागृति शिविर

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महासमुंद। ज़िला मुख्यालय महासमुंद के शंकराचार्य सांस्कृतिक भवन में पोषण पखवाड़ा अंतर्गत पोषण जागरूकता सह महिला जागृति शिविर का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि संसदीय सचिव व विधायक विनोद चंद्राकर ने शंकराचार्य भवन में कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अध्यक्ष नगर पालिका श्रीमती राशि महिलांग, जनपद अध्यक्ष यतेन्द्र साहू, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती अनिता रावटे, महिला नागरिक बैंक के अरूण शुक्ला सहित सेक्टर सुपरवाईजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा महिलाए बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में विधायक चंद्राकर ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई रस्म अदा कर पोषण पेटी प्रदान की गई।

संसदीय सचिव विनोद चंद्राकर ने कहा कि सभी बच्चों को पहली शिक्षा और संस्कार माताओं से ही मिलती है। कुपोषण रोकथाम के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है। हितग्राहियों को गर्म पौष्टिक भोजन इस योजना में दिया जा रहा है। इसके साथ ही कमार जाति के हितग्राहियों को सप्ताह में दो दिन उबला अंडा दिया जा रहा है। संसदीय सचिव चंद्राकर ने कहा कि सरकार की मंशा है कि बच्चों, महिलाओं को सही पोषण मिले इसमें हम सबकी जिम्मेदारी भी है। महिलाएं सशक्तिकरण की ओर अग्रसर हो रहे हैं। राज्य सरकार महिलाओं के हितों और उनके जीविकोपार्जन में लगातार कार्य रहे हैं।

उन्होंने इस दिशा में ज़िला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किए जा रहें कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने लोगों से पोषण जागरूकता अभियान में जुड़ने व भाग लेने का अव्हान किया। संसदीय सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अन्तर्गत दिए जा रहे गर्म पौष्टिक भोजन की बदौलत शुरूआत से अब तक सैकड़ों बच्चें कुपोषण से बाहर आ चुके है। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों को समुदाय की सहभागिता से बाल मित्रों द्वारा गोद लेने का कार्य भी किया जा रहा है, जो सराहनीय है।

राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती अनिता रावटे ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती राशि महिलांग ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति अब आत्मनिर्भर बन रहीं हैं। मां बच्चां को आगे बढ़ाने में महत्व रखती हैं। उसी प्रकार स्त्री पूरे समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। सभी को धन्यवाद किया। इस दौरान जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शासकीय अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता, स्व सहायता समूह की महिलाओं को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पांडेय ने कहा विभाग द्वारा बच्चों-महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए ज़िले में संचालित आंगनबाड़ियों में पात्र बच्चों व महिला-किशोरियों को गर्म पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा यह कहने या बताने की बात नहीं, हम सब जानते है कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं। उन्हें सही पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा मिले, ये सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। पांडे ने शुरुआत में अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया।

पोषण पखवाड़ा: छत्तीसगढ़ मना रहा मिलेट्स त्यौहार

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रायपुर। बच्चों तथा महिलाओं के पोषण एवं स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जागरूकता और आदतों में सुधार लाने के लिए प्रदेश में 20 मार्च से पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित पोषण पखवाड़ा 03 अप्रैल तक चलेगा। वर्ष 2023 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इंटरनेशनल मिलेट वर्ष घोषित किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए इस साल पोषण पखवाड़ा को छत्तीसगढ़ में मिलेट्स त्यौहार के रूप में मनाया जा रहा है।

इस दौरान लोगों को पोषण के पावर हाउस मतलब मिलेट्स के फायदों के बारे में जानकारी देकर उन्हें इस पारम्परिक पौष्टिक अन्न को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए विशेष थीम के अनुसार कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि मिलेट्स (मोटे अनाज) जैसे कोदो, कुटकी, रागी एक पौष्टिक खाद्य विकल्प हैं जो दैनिक पोषण आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। यह शिशुवती महिलाओं के लिए भी बेहद फायदेमंद होते है। इनमें कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन, मिनरल्स जैसे पोषक तत्व प्रचुरता से होते हैं।

इसे देखते हुए पोषण कल्याण के लिए अन्न अर्थात् मिलेट्स का प्रचार-प्रसार कर उसकी लोकप्रियता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा के अंतर्गत छह वर्ष तक के बच्चों का वजन, लंबाई एवं ऊंचाई मापन कर बच्चों में पोषण स्थिति की जानकारी भी ली जा रही हैं। सक्षम आंगनबाड़ी के प्रति जनसमुदाय को जागरूक करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। पोषण पखवाड़े के प्रत्येक दिन के लिए कलेण्डर अनुसार गतिविधियां निर्धारित की गई है। इसके अनुसार प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर पोषण सम्बन्धित व्यवहार परिवर्तन का प्रयास किया जा रहा है।

इन समस्त गतिविधियों को पोषण ट्रैकर ऐप में प्रतिदिन इन्द्राज भी किया जा रहा है।पोषण जागरूकता के लिए प्रदेशभर में जागरूकता रथ, बाइक रैली निकाली जा रही हैं। प्रमुख पंचायतों एवं हाट-बाजारों में महिलाओं एवं बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल संबंधी उचित आदतों के विकास एवं सुधार के संबन्ध में वीडियो क्लिप का प्रदर्शन करते हुए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, ग्राम पंचायतों में लोगों को सुपोषण के संबंध में जानकारी दी जा रही हैं और मिलेट्स को आहार में शामिल करने के फायदे समझाए जा रहे हैं।

मिलेट्स से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता, प्रदर्शनी एवं मिलेट्स जागरूकता कैम्प भी आयोजित किए जा रहे हैं। कई स्वसहायता समूह मिलेट्स से बने तिरंगा थाली के प्रदर्शन से मिलेट्स का महत्व बता रहे हैं। पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत समुदाय आधारित गतिविधियों जैसे-सुपोषण चौपाल, महिला समूहों की बैठक, पालको का बैठक करना तथा लिंग संवेदनशील, जल प्रबंधन, एनीमिया की रोकथाम व प्रबंधन के प्रति जागरूकता कार्यक्रम को भी शामिल किया गया है। इसमें स्वास्थ्य, पंचायत सहित विभिन्न विभागों का समन्वय भी लिया जा रहा है।

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