Media24Media.com: पेंगोलिन

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label पेंगोलिन. Show all posts
Showing posts with label पेंगोलिन. Show all posts

वन विभाग की बडी कार्यवाही; संरक्षित वन्य प्राणी पेंगोलिन की तस्करी करते पकड़े गये चार अन्तर्राज्यीय तस्कर

No comments Document Thumbnail

रायपुर। प्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विशेष पहल की जा रही है। वनमंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बाल प्रमुख श्रीनिवास राव द्वारा वन अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि संरक्षित वन्य प्राणी के तस्करी करने वालों पर कड़ी कार्यवाही की जाए। 

मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर आर सी दुग्गा के मार्गदर्शन में बस्तर वन मंडल के वन मंडल अधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता के निर्देशन में मुखबिर से प्राप्त सूचना उपरांत उप वनमण्डलाधिकारी बस्तर, परिक्षेत्र अधिकारी करपावण्ड सौरभ रजक एवं अन्य वन अधिकारियों की एक टीम गठित कर करपावण्ड कोलावल मार्ग पर घेराबंदी कर 02 नग मोटर सायकल में एक जूट की थैले में 01 नग संकटपन्न जीवित वन्य जीव पेंगोलिन (छत्तीसगढ़ी में साल खपरी कहा जाता है) के साथ चार आरोपियों को पकड़ा गया। यह चारों व्यक्ति वन्य जीव को बेचने के फिराख में उड़ीसा से छत्तीसगढ़ आकर ग्राहक तलाश कर रहे थे।

वन विभाग के अधिकारियों द्वारा उक्त वन्य प्राणी को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर चारों आरोपियों को उनके 02 नग मोटर सायकल हीरो एचएफ ड्यूलक्स ओ डी 10 टी 3001, होंडा शाईन एसपी एपी 31 ईएम 7882 के साथ करपावण्ड वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 तथा वन्यप्राणि संरक्षण अधिनियम 1972 के विभिन्न धाराओ के तहत् वन अपराध दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

इस कार्यवाही में देवलाल दुग्गा, उप वनमण्डलाधिकारी जगदलपुर, योगेश कुमार रात्रे, उप वनमण्डलाधिकारी चित्रकोट, सुर्यप्रकश धु्रव, वन परिक्षेत्र अधिकारी माचकोट, प्रकाश ठाकुर, वन परिक्षेत्र अधिकारी चित्रकोट, देवेन्द्र वर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी जगदलपुर, जयराज पात्र, वनरक्षक, श्रीधर स्नेही, सी.एफ.ओ. जगदलपुर, एवं वन परिक्षेत्र करपावण्ड के बनसिंह कर्मा उप वनक्षेत्रपाल, सुखपाल यादव वनपाल, कलमू देवा वनरक्षक, तुलेष बघेल वनरक्षक, मंगल कष्यप वनरक्षक, रघुनाथ नाग वनरक्षक, सोनाधर मौर्य वनपाल कमलोचन बघेल वनपाल का योगदान सराहनीय रहा।

संकटपन्न वन्यप्राणियों के बचाव एवं सुरक्षा हेतु जगदलपुर वन वृत्त स्तरीय रेपिड रेस्क्यू टीम (आरआरटी) का गठन किया गया है। जो वन्यप्राणियों क बचाव हेतु लगातार सूचना तंत्र स्थापित कर वन्यप्राणियों के तस्कर पर लगाम लगाने का प्रयास कर रहे है। वन्य प्राणी पेंगोलिन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत् सेड्यूल्ड 1 में दर्ज है। जिसको मारना एवं खरीद फरोक्त करना दंडनीय अपराध है।

लगभग 10 लाख रूपए मूल्य के एक जिंदा पेंगोलिन तस्करी में पकड़ाए तीन आरोपी

No comments Document Thumbnail

रायपुर। वन विभाग अंतर्गत संचालित अभियान के तहत एन्टीपोचिंग टीम उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व गरियाबंद तथा कापसी वन परिक्षेत्र के संयुक्त टीम द्वारा विगत दिवस पखांजुर कापसी मार्ग पर माटोली चौक से आगे तीनो आरोपियों को एक जिंदा पेंगोलिन (सालखपरी) एवं मोटर सायकल होण्डा साईन एम.एच. 33 जेड 1757 के साथ पकड़े गए। उक्त पेंगोलिन तस्करी में दलसु पिता देवसाई, अशोक पिता पसरु पोटाई, नरेश पिता बालाजी मेश्राम जिला गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) शामिल थे। जिंदा पेंगोलिन (सालखपरी) का वजन कुल 11 किलो 500 ग्राम और अनुमानितमूल्य 10 लाख रूपए है। 
                                          

यह कार्यवाही वन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार विभाग द्वारा संचालित अभियान के तहत प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) सुधीर अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन में एवं उपनिदेशक उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व गरियाबंद वरुण जैन और वनमंडल अधिकारी पश्चिम भानुप्रतापपुर ससिगानंधन द्वारा गठित संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर की गई। टीम द्वारा जिंदा पेंगोलिन तथा वाहन को जप्त कर तीनों आरोपियों के विरूद्ध वन अपराध अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्यवाही में एन्टी पोचिंग की टीम के नोडल अधिकारी सहायक संचालक उदंती मैनपुर गोपाल कश्यप एवं परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव घुरवागुड़ी बफर चन्द्रबली ध्रुव तथा चुरामन घृतलहरे, मार्कंडेय, ओम प्रकाश राव, रोहित निषाद, टकेश्वर देवांगन, विरेन्द्र ध्रुव, ऋषि धु्रव, फलेश्वर दीवान, लोखू, और उप वनमंडलाधिकारी कापसी पखांजूर सुरेश कुमार पिपरे एवं स्टॉफ का विशेष योगदान रहा।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.