Media24Media.com: पीएम जनमन

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धन्यवाद उन सभी का, जिन्होंने हमारी सुध ली, हितग्राहियों के पाँव पखारे

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रायपुर. हम लोग पहाड़ी कोरवा है बाबू,  जंगल से जुड़े हैं, जो कुछ है हमारा सबकुछ जंगल ही है, हमारे पुरखे ही नहीं, हम लोग का जीवन संघर्षों के साथ ही बीता है किसी ने आँसू तक नहीं पोछा...किसी ने हमारी सुध नहीं ली, आज हमें साफ पानी..गाँव तक सड़क..गाँव में स्कूल...बीमारी से इलाज के लिए आयुषमान कार्ड और पक्का मकान दिया जा रहा है..हमें पैरों में खड़ा करने के साथ ही..हमारे पांव पखारे जा रहे हैं। यह हमारा सौभाग्य है। धन्यवाद उन सभी लोगों का, जिन्होंने हमारी सुध ली और हमें सम्मान दे रहे हैं। यह कहना है विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार की पहाड़ी कोरवा फूलो बाई और शनी राम कोरवा का। 

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने हितग्राहियों के पाँव पखारे

ये पहाड़ी कोरवा परिवार प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत आशियाना मिलने के बाद गृह प्रवेश से पहले केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के हाथों पाँव पखारने के पश्चात अभिभूत और खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री   शिवराज सिंह, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय तथा अन्य अतिथियों ने आज अम्बिकापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के पाँव को पखारकर गृह प्रवेश कराया। इस मौके पर प्रदेश के 51 हजार हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी। 

जनजातियों के खुल गए भाग्य 

जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंडरापाठ की रहने वाली फूलो बाई बताती है कि उनका जीवन संघर्षों से गुजरा। दो साल पहले पति के मौत के बाद उनकी मुश्किलें और भी बढ़ गई थीं। उनका कहना था कि पति जब तक जीवित थे तब तक उनको पूरा भरोसा था कि पक्का मकान एक दिन बना लेंगे, लेकिन असमय उनकी मौत ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों की सुध ली है। प्रधानमंत्री जी की पहल से हम पिछड़ी जनजातियों के भाग्य खुल गए हैं। हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं के साथ पक्का आवास भी मिलने लगा है। 

पीएम जनमन से  बन गए पक्के मकान

ग्राम ढेलवाडाँड़-बोकाई पंचायत जिला सरगुजा के पहाड़ी कोरवा शनी राम ने बताया कि जंगलों के आसपास रहते हमारी कई पीढ़ियां बीत गई। हमारी पीढ़ियों ने पानी भी ढोढ़ी का पीया। घास-फूस के घर में रहे और आंधी-तूफान, बारिश के दिनों में डर के साये में जैसे-तैसे जिंदगी काटी। हमने तो कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन हमारी जिंदगी के कठिन दिन बहुरेंगे। अब पीएम जनमन से हमारे पक्के मकान बन गए। नल कनेक्शन, बिजली कनेक्शन मिल रहा। इलाज के लिए कार्ड बन रहा है। गाँव तक पक्की सड़क बन रही है। हमारे पांव पखार कर सम्मान दिया गया वह एक सुखद अनुभूति है, यह हमारे आने वाली पीढ़ी की तकदीर बदलने की शुरूआत है, इसके लिए हम जितना भी आभार जताए..कम ही है।

पीएम जनमन से बैगा परिवारों की बदल रही तस्वीर और तकदीर

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 रायपुर :  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए संचालित पीएम जनमन योजना (प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान) के चलते छत्तीसगढ़ राज्य के अति पिछड़े जनजातीय समुदाय तकदीर और इनकी बसाहटों की तस्वीर तेजी से बदलने लगी है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के रहवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विकास होने लगा है। बरसों-बरस से आवास, स्वच्छ पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित इन जनजातीय समूहों को अब मिशन मोड में यह बुनियादी सुविधाएं सुभल होने लगी है। 


 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पीएम जनमन योजना के सफल क्रियान्वयन से राज्य के सभी विशेष पिछड़ी जनजातीय इलाकों में बुनियादी विकास एवं निर्माण के कार्य तेजी से कराये जा रहे है। राज्य में पीएम जनमन योजना को शुरू हुए अभी एक साल का भी अरसा पूरा नहीं हुआ है, फिर भी छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता के चलते इसके सार्थक परिणाम दिखाई देने लगे है। कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री जनमन योजना के चलते बैगा समुदाय की तकदीर और इनकी बसाहटों की तस्वीर बदलने लगी है।
 
छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तर-पश्चिम भाग में स्थित कबीरधाम, राजनांदगांव, मुंगेली, बिलासपुर और कोरिया जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के लोग निवास करते है। जनसंख्यात्मक दृष्टिकोण से बैगा, छत्तीसगढ़ राज्य की विशेष पिछड़ी जनजातियों में सर्वाधिक आबादी वाला जनजाति समुदाय है। छत्तीसगढ़ राज्य में उक्त 5 जिलों में बैगा समुदाय के 24 हजार 589 परिवार निवासरत है, जिसमें से लगभग 46 प्रतिशत यानि 11 हजार 261 परिवार कबीरधाम जिले में रहते हैं।

 
कबीरधाम जिले के बोड़ला एवं पंडरिया में बैगा समुदाय के लोग निवास करते हैं। इस समुदाय की 38 बसाहटों में निवासरत 255 परिवारों के घरों में विद्युत सुविधा से रौशन किया जा चुका है, जबकि 56 बैगा बसाहटों को जोड़ने के लिए 186.20 किलोमीटर लम्बाई वाली 47 सड़कों के निर्माण के लिए 135.72 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है। इनमें से 42 सड़कों के निर्माण प्रारंभ हो चुका है, जिसके अंतर्गत पक्की डामरीकृत सड़क एवं नदी-नालों पर पुल-पुलियों का निर्माण जारी है। 

 
कबीरधाम के पंडरिया विकासखंड के ग्राम भागड़ा, जामुनपानी, कामठी, कुई, मंगली सारपानी टाकटाईयां, बदना, गुडा, छिरहा, मुनमुना, नेउर और लालपुर में विशेष शिविर लगाकर बैगा समुदाय के लोगों के स्वास्थ्य एवं सिकलसेल की जांच के साथ ही 1870 बैगा परिवारों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए हैं। इन गांवों के 86 गर्भवती माताओं का सुरक्षित प्रसव कराया गया। स्वास्थ के प्रति जन-जागरूकता का विशेष अभियान संचालित करने का यह परिणाम है कि अब बैगा समुदाय की महिलाएं भी प्रसव के लिए सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में बिना झिझक आने लगी है। 
 
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खेती-किसानी के लिए दी जा रही मदद के चलते अब बैगा समुदाय के लोग बेवर खेती को छोड़ परंपरागत तौर-तरीकों से खेती-किसानी करने लगे है। बेवर खेती दरअसल झूम खेती है। बैगा समुदाय के लोग एक स्थान पर स्थायी तौर पर निवास न करने के कारण बेवर यानी झूम खेती किया करते थे। बिना ब्याज के कृषि ऋण, अनुदान पर कृषि यंत्रों सहित अन्य सुविधाएं मिलने की वजह से बैगा समुदाय के लोग अब बेवर खेती को छोड़ स्थायी खेती करने लगे है। कबीरधाम जिले में शासन द्वारा बैगा समुदाय के लोगों को किसान क्रेडिट कार्ड एवं खेती-किसानी के लिए इस वर्ष 11.70 लाख रूपए का कृषि ऋण दिया जा चुका है। 
 
ग्राम दमगढ़ निवासी समेलाल बैगा के पास 5.5 एकड़ कृषि भूमि है। प्रधानमंत्री जनमन येाजना के तहत उन्होंने एक लाख रूपए ऋण लेकर अपनी कृषि भूमि पर धान की खेती के लायक बना दिया है। समेलाल का कहना है कि धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी और राशि का तत्काल भुगतान होने से उन्हें कृषि से लाभ होने लगा है। ग्राम रोखनी के राजकुमार बैगा के पास 02 एकड़ कृषि भूमि है। प्रधानमंत्री जनमन योजना से ऋण लेकर उन्होंने खेत का सुधार कराया है और धान की खेती की है। फसल अच्छी होने की वजह से उन्हें, इससे लाभ होने की उम्मीद है। नवीन क्रेडिट कार्ड से ऋण मिलने से खेती की जरूरतें पूरी होने लगी है।  
 
पीएम-जनमन योजना के चलते कबीरधाम जिले की 260 बैगा बसाहटों में सोलर पंप, पानी टंकी, पाईप लाईन के माध्यम से बैगा परिवारों के घरों में नल से जल की आपूर्ति का काम तेजी से कराया जा रहा है। वर्तमान में विकासखंड बोड़ला के 181 बसाहटों में से 62 बसाहटों में सोलर पंप, पानी टंकी, पाईप लाईन के माध्यम से जलापूर्ति शुरू कर दी गई है, शेष 119 बसाहटों में नल कनेक्शन दिए जाने का काम जारी है। पंडरिया ब्लॉक अंतर्गत 78 बैगा बसाहटों में से 18 बसाहटों में नल से जल प्रदाय करने का काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष बसाहटों में पानी टंकी निर्माण कार्य, पाईप लाईन बिछाने का काम जारी है। बैगा बसाहटों में पेयजल के लिए पहले से हैण्डपंप स्थापित है।  
 
प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत कबीरधाम जिले में 8 हजार 596 विशेष पिछड़ी जनजाति के तहत बैगा समुदाय के परिवारों का सर्वे में 8 हजार 440 परिवार बैगा परिवार आवास के लिए पात्र पाए गए है, जिनमें से 7853 का परिवारों का पंजीयन आवास पोर्टल में किया गया है एवं 7394 परिवारों को आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत परिवारों में से 6 हजार 678 हितग्राहियों को प्रथम किश्त, 3031 हितग्राहियों को द्वितीय किश्त एवं 1081 हितग्राहियों को तृतीय किश्त की राशि ऑनलाईन डी.बी.टी. के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। बैगा समुदाय के रहवासी इलाकों में 4 छात्रावास, 39 आंगनबाड़ी केन्द्र, 2 वनधन केन्द्र, 13 बहुद्देशीय केन्द्र सहित कुल 370 कार्यों की स्वीकृति दी गई हैं, जिन्हें तेजी से पूरा कराया जा रहा है।
 
नसीम अहमद खान, उप संचालक जनसंपर्क 
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