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उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने ली राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के संचालन समिति की बैठक

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (National Viral Hepatitis Control Program) की राज्य स्तरीय संचालन समिति (State Steering Committee) की बैठक ली। उन्होंने रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित बैठक में सभी स्वास्थ्य कर्मियों को हेपेटाइटिस-बी से बचाव का टीका लगाने के निर्देश दिए जिससे उनमें इसका संक्रमण रोका जा सके। उन्होंने हेपेटाइटिस के पॉजिटिव मरीजों की डायलिसिस के लिए अलग से डायलिसिस मशीन सुरक्षित रखे जाने का सुझाव दिया।

संचालन समिति  की बैठक में हेपेटाइटिस से बचाव, जाँच एवं उपचार के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।  स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै, सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक जयप्रकाश मौर्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक भोसकर विलास संदिपान, राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गहवई, राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वी.आर. भगत, स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक डॉ. महेन्द्र सिंह और विश्व स्वास्थ्य संगठन के उरिया नाग भी बैठक में मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ‘मिरर नॉउ समिट-छत्तीसगढ़ पाथ टू प्रोग्रेस‘ में हुए शामिल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर स्थित निजी होटल में टाईम्स गु्रप द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘‘मिरर नॉउ समिट-छत्तीसगढ़ पाथ टू प्रोग्रेस‘‘ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन और सकारात्मक परिणामों पर अपनी बातें रखी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे भौगोलिक रूप से छोटे राज्यों में भी बेहतर काम हो रहे है और यहां लोग खुशहाल है। उन्होंने कहा कि देश की आधी से अधिक आबादी किसान है और छतीसगढ़ में तो 75 फीसदी से अधिक लोग खेती-किसानी से जुड़े है। हमने किसानी को फायदे का व्यवसाय बनाया और उन्हें उपज का सही दाम देने का काम किया है। हमारी प्राथमिकता न केवल कृषि केंद्रित रही बल्कि इसके समानांतर हमने वनांचल में रहने वाले लोगों के सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी काम किया है।   

बघेल ने गोधन न्याय योजना से किसानो व पशुपालकों के जीवन में आए बदलावों पर अपनी बात रखते हुए कहा कि हमने इसे लागू करने से पहले शासन स्तर पर लंबा अध्ययन किया और उसके बाद ही लोगों को इससे जोड़ा गया। अब तक 265 करोड़ रुपये की गोबर की खरीदी और लगभग 300 करोड़ रूपये की वर्मीकम्पोस्ट तैयार हो चुका है। साथ ही 10 हजार 200 गौठानों में से 6500 गौठान स्वावलंबी हो चुके है। उन्होंने कहा कि गौठान में आजीविका के लिए बहुत सारी एलाइड गतिविधियां संचालित हो रही है और 13 हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों की 2 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों का दायरा घटा है और इन इलाकों में हमने विकासात्मक कार्यों को बढ़ावा दिया। अब वनांचलों में 67 प्रकार के वनोपज की खरीदी कर रहे है। वन उत्पादोें के वैल्यू एडिशन से मुनाफे में बढ़ोत्तरी हुई है। मुझे खुशी है कि देश का सबसे बड़ा मिलेट प्लांट छत्तीसगढ़ में स्थापित किया गया है। और समर्थन मूल्य में इसकी भी खरीदी की जा रही है।  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ कमलप्रीत सिंह, मिरर नाउ के मैनेजिंग एडिटर निकुंज गर्ग उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में मेडिकल हब बनने की असीम संभावनाएं : सीएम भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश की भारत के नक्शे में स्थिति ऐसी है कि यहां एक बड़ा मेडिकल हब बनने की असीम संभावनाएं हैं। यहां की भौगोलिक स्थिति और वातावरण स्वास्थ्य के अनुकूल है। वे आज शाम राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित 21 वें सीजीएमपी न्यूरोकॉन 2023 कार्यक्रम के संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने वरिष्ठ न्यूरोसर्जन द्वारा लिखी पुस्तक ब्रेन डेथ, ऑर्गन डोनेशन और ट्रांसप्लांटेशनका विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम में आगे कहा कि पिछले पौने पांच सालों में हमने छत्तीसगढ़ में बड़ा मेडिकल-नेटवर्क स्थापित करने में कामयाबी हासिल की है। यहां  शासकीय और निजी क्षेत्र के मेडिकल संस्थानों ने अद्भुत तालमेल और प्रतिभा से इस उपलब्धि को हासिल किया है। प्रदेश में न्यूरो चिकित्सा के क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाएं सुलभ हुई है और विशेषज्ञ चिकित्सकों का लाभ छत्तीसगढ़ के मरीजों को लगातार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 5 साल पहले यह स्थिति थी कि मलेरिया से लोगों की जानें जाती थी, मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने में हम सफल हुए हैं। आज हाट-बाजार क्लिनिक योजना से स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है और दूर-दराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ा है।

मुझे यह कहते हुए गर्व होता है कि आज हमारे यहां चिकित्सा के क्षेत्र में एक मजबूत अधोसंरचना भी तैयार हो चुकी है।मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब नक्सलियों पर बात नहीं होती बल्कि कृषि, संस्कृति, सामाजिक उत्थान और नए छत्तीसगढ़ को लेकर बातें हाती है जिससे प्रदेश की नई पहचान बनी है। कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष गौतम चौड़रिया और वरिष्ठ चिकित्सक एस एन मढ़रिया और संदीप दवे ने भी संबोधित किया।

छत्तीसगढ़ को सजाने-संवारने में हम सबकी भागीदारी हो : सीएम भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज शाम राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में समाचार पत्र समूह ‘‘दैनिक भास्कर’’ द्वारा आयोजित ‘‘36 गढ़ एमिनेंस अवार्ड सम्मान समारोह 2022-23’’ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कला जगत तथा सामाजिक सेवा आदि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति तथा संगठनो को अवार्ड देकर सम्मानित किया।
                      

मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध राज्य के रूप में पहचान देने के लिए हमारी सरकार द्वारा निरंतर कार्य हो रहे हैं। इसके लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर से बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा देश और प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ युवा शक्ति से भरपूर है।
                     

इनमें असीम ऊर्जा निहित है। इनका सही ढंग से इस्तेमाल के जरिए छत्तीसगढ़ को सजाने-संवारने में हम सबकी महत्वपूर्ण भागीदारी होनी चाहिए। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महापौर नगर पालिक निगम रायपुर एजाज ढेबर ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में  छत्तीसगढ़ को विकास की दिशा में एक नई पहचान मिली है। 
                     

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पदमश्री भारती बन्धु तथा डॉ. संदीप दवे, अशोक काकड़िया, गौरव शुक्ला, आनंद सिंघानिया, अनिल देशलहरा, सुनील जैन, डॉ. युसूफ, यश टुटेजा, आनंद महलवार, राजेश अग्रवाल, राजेन्द्र सिंह राजपूत, अंकित अग्रवाल, डॉ. अभिमन्यु साहू, शिव अग्रवाल, डॉ. राज मनहरे, हरिराम पटेल, विजय यादव, अनुज गोयल, आनंद त्रिपाठी, बी.एल. अग्रवाल आदि को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में दैनिक भास्कर समूह के राज्य संपादक शिव दुबे ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर दैनिक भास्कर समूह के पदाधिकारी तथा प्रबंधन के सदस्यगण उपस्थित थे।

यूज्ड वॉटर तथा सेप्टेज मैनेजमेंट में छत्तीसगढ़ बनेगा देश में अग्रणी राज्य : मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया

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रायपुर। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया यूज्ड वॉटर फीकल स्लज प्रबंधनविषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला नवा रायपुर, अटल नगर स्थित एक निजी होटल में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, यूनिसेफ तथा भारत सरकार आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के संयुक्त तत्वाधान में 15 और 16 जून को आयोजन किया गया।

मंत्री डॉ. डहरिया ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यूज्ड वॉटर फीकल स्लज मैनेजमेंटके माध्यम से राज्य को आगे आने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा नगरीय निकायो का मुख्य कार्य शहरी नागरिकों को मूलभून सुविधा उपलब्ध कराना है। विभाग सड़क, बिजली, पानी, साफ-सफाई सहित अनेक अन्य ऐसे कार्य करती है, जिससे शहरवासियों की समस्याओं का निराकरण हो सके। उन्हांेने सीवरेज तथा फीकल स्लज़ ट्रीटमेंट के छत्तीसगढ़ मॉडल का अध्ययन कर अपने राज्यों के बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने सभी राज्यों को इस कार्यशाला में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला के दूसरे दिन निमोरा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा कुम्हारी में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का साइट विजिट में शामिल होकर छत्तीसगढ़ के प्रयासों का अवलोकन करने का आग्रह किया। 

उद्घाटन कार्यक्रम के अन्त में उन्होंने छत्तीसगढ़ को यूज्ड वॉटर तथा सेप्टेज मैनेजमेंट में देश का अग्रणी राज्य बनाने का आवाहन किया। नगरीय प्रशासन मंत्री कहा कि पहले तालाबों का पानी काफी साफ होते थे, लेकिन अब सीवरेज का पानी सीधे तालाबों में आने से पानी की गुणवत्ता खराब हुई है। अतः सीवरेज के पानी को ट्रीटमेंट करने की जरूरत है। मंत्री डॉ. डहरिया ने उपस्थित नगरीय निकाय के अधिकारियों से कहा कि तालाबों की नियमित साफ-सफाई और सौन्दर्यीकरण करना चाहिए। विशेष रूप  से जिस तालाब में सीधे सीवरेज का पानी जाता है, वहां और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

इस दो दिवसीय कार्यशाला में प्रथम दिन हरियाणा, महाराष्ट्र, उड़ीसा राज्यों के प्रतिनिधियों द्वारा उनके राज्य के नगरीय निकायों में फीकल स्लज और यूज्ड वाटर मैनेजमेंट के क्षेत्र में किए गए अनुकरणीय कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। साथ ही सेंट्रल पब्लिक हेल्थ एंड इंजीनियरिंग ऑर्गेनाइजेशन द्वारा भी प्रस्तुतीकरण दी गई। मध्यप्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, असम, सिक्किम और यूनिसेफ के प्रतिनिधियों के साथ पैनल डिस्कशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यशाला के दूसरे दिन 16 जून को रायपुर के निमोरा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और कुम्हारी नगर पालिका ने एफएसटीपी का साइट विजिट किया गया।

कार्यशाला में 21 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 75 प्रतिनिधियों के साथ साथ भारत सरकार, यूनिसेफ, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फंडेशन, सेंटर ऑफ साइंस एंड एनवायरनमेंट सहित देश की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव डॉ अय्याज भाई तंबोली, संचालक डॉ सारांश मित्तर, सीईओ सूडा सौमिल रंजन चौबे, यूनिसेफ के कंट्री हेड पाऊलोस वॉर्कहेन, यूनिसेफ के छत्तीसगढ़ प्रमुख जॉब जकारिया, भारत सरकार से वी के चौरसिया, ज्वाइंट एडवाइजर, रोहित कक्कड़ डिप्टी एडवाइजर सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं के मुख्य नगरपालिका अधिकारी और विभागीय तथा यूनिसेफ के अधिकारी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने हेल्थ एक्सपो का किया अवलोकन

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रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित हेल्थ एक्सपो (Medex-2023) का अवलोकन किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इंडियन मेडिकल एशोसिएशन (IMA), इंडियन डेंटल एशोसिएशन (IDA) और एशोसिएशन ऑफ हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स - इंडिया (AHPI) के छत्तीसगढ़ चैप्टर के सहयोग से इस तीन दिवसीय एक्सपो का आयोजन किया गया है।

14 जून से 16 जून तक चलने वाली इस एक्सपो में मेडिकल उपकरण, लैब उपकरण, मेडिकल फर्नीचर, मेडिकल क्लोदिंग (Clothing) तथा कन्ज्युमेबल्स (Consumables) बनाने और इनकी आपूर्ति करने वाली देश-विदेश की नामी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में मानव संसाधन एवं अन्य सेवा प्रदाता कंपनियों ने भी यहां अपने स्टाल लगाएं हैं। प्रदेश के कई बड़े अस्पतालों और निजी मेडिकल कॉलेजों के साथ ही अनेक जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा भी यहां स्टॉल लगाए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने हेल्थ एक्सपो के अवलोकन के दौरान यहां प्रदर्शित मेडिकल एवं लैब उपकरणों के उपयोग, कीमत और खासियतों की जानकारी ली। उन्होंने मशीनों का डेमो भी देखा। सिंहदेव ने सभी स्टॉलों में जाकर मेनुफेक्चरर्स, सप्लायरों और सेवा प्रदाता कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा भी की। उन्होंने एक्सपो में भाग लेने वाली सभी कंपनियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यहां एक छत के नीचे अलग-अलग तरह के मेडिकल उपकरणों और मशीनों के बारे में जानकारी मिल रही है। अस्पतालों में उपयोग होने वाली अलग-अलग कंपनियों के उपकरणों का डेमो भी यहां देखा जा सकता है।

 स्वास्थ्य मंत्री ने एक्सपो में भाग ले रही कंपनियों से कहा कि प्रदेश में मेडिकल उपकरणों, कन्ज्युमेबल्स और दवाईयों की आपूर्ति के लिए मेनुफेक्चरर व सप्लायर फ्रेंडली व्यवस्था बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। इससे इनकी आपूर्ति में तेजी आने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग से जुड़े वेंडर्स को भी सहुलियतें होंगी। सिंहदेव के हेल्थ एक्सपो के भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त डॉ. सी.आर. प्रसन्ना और इंडियन मेडिकल एशोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता भी साथ थे।

शासकीय अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार से लोगों का बढ़ रहा विश्वास: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज शाम राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित कायाकल्प: स्वच्छ अस्पताल योजना अंतर्गत राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में स्वच्छ अस्पताल योजना अंतर्गत चयनित अस्पतालों को पुरस्कार वितरित कर उनके बेहतर प्रबंधन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने की।

मुख्यमंत्री बघेल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वस्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे लोगों को सुगम इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सके। यही वजह है कि अब शासकीय अस्पतालों में सुविधाओं के तेजी से हो रहे विस्तार से लोगों का विश्वास बढ़ने लगा है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाना और स्वास्थ्य अधोसंरचना को बेहतर बनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संकट के समय कई तरह की चुनौती के दौर से हमें गुजरना पड़ा। उस समय पूरी मानवता पर  आया था। ऐसे संकट के दौर में प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों, डॉक्टरों और मेडिकल स्टॉफसंकट ने अपनी जान की परवाह किए बिना मानवता की सेवा की, जो एक मिसाल है। राज्य में बेहतर प्रबंधन के फलस्वरूप अपने राज्य के ही नहीं अपितु देश के अन्य राज्यों के लोगों ने भी इसका लाभ उठाया।

मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों विशेषकर पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में वर्तमान में स्वास्थ्य सुविधाएं तेजी से पहुंच रही है। वहां चलाए जा रहे हाट बाजार क्लीनिक योजना भी काफी सफल साबित हो रही है। इसके जरिए अब तक राज्य के ग्रामीण अंचलों में डेढ़ लाख से अधिक हाट बाजार क्लीनिक योजना का आयोजन हो चुका है। इनमें 84 लाख से अधिक मरीजों को सीधा लाभ मिला। हाट बाजार क्लीनिक योजना से लोगों को उपचार के साथ-साथ निःशुल्क दवाईयां और पैथोलॉजी की सुविधाएं मिल रही है।

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य अमले ने कोरोना काल में खतरों और चुनौतियों के बीच अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी पूर्ण किया। पिछले कुछ वर्षों में शासकीय अस्पतालों में स्वच्छता को प्राथमिकता में लेकर इस पर खास ध्यान दिया जा रहा है। अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण के लिए अच्छी अधोसंरचना, उपकरण, दवाईयां और पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग के समर्पित स्टॉफ दुर्गम और पहुंचविहीन क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहे हैं।

 इन 12 अस्पतालों को मिला पुरस्कार

 राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में जिला चिकित्सालय श्रेणी में जगदलपुर जिला अस्पताल को प्रथम और मुंगेली जिला अस्पताल को द्वितीय पुरस्कार दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को प्रथम और मुंगेली जिले के लोरमी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को द्वितीय पुरस्कार मिला। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में सरगुजा जिले के लुण्ड्रा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को प्रथम और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के बरपाली प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में कांकेर का श्रीराम नगर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रथम और कोरबा का गोपालपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र द्वितीय स्थान पर रहा।

वहीं उप स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के खजूरी उप स्वास्थ्य केन्द्र, कोरबा के गढ़-उपरोड़ा उप स्वास्थ्य केंद्र और सूरजपुर के जूर उप स्वास्थ्य केन्द्र को प्रथम पुरस्कार तथा सूरजपुर के ही डेडरी उप स्वास्थ्य केन्द्र को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। जिला अस्पताल की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में 50 लाख रूपए और द्वितीय पुरस्कार के रूप में 20 लाख रूपए, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में 15 लाख रूपए और द्वितीय पुरस्कार के रूप में 10 लाख रूपए, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में प्रथम और द्वितीय स्थान पर रहे दोनों अस्पतालों को दो-दो लाख रूपए, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में दो लाख रूपए और द्वितीय पुरस्कार के रूप में डेढ़ लाख रूपए तथा उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाले अस्पतालों को एक-एक लाख रूपए और द्वितीय पुरस्कार के विजेता अस्पताल को 50 हजार रूपए की राशि प्रदान की गई।

समारोह में कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्यों के लिए एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. नितिन नागरकर, रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के डॉ. ओ.पी. सुंदरानी और वैक्सीनेटर श्रीमती वृंदा को भी सम्मानित किया गया। टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्यों के लिए गरियाबंद जिले को भी पुरस्कृत किया गया। राज्य स्तरीय कायाकल्प पुरस्कार समारोह में सीजीएमएससी के अध्यक्ष डॉ. प्रीतम राम, स्वास्थ्य विभाग के सचिव प्रसन्ना आर., स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक भीम सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक भोसकर विलास संदिपान और सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक चंद्रकांत वर्मा भी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ : राज्य में किसानों के साथ-साथ राईस मिलर्स हुए खुशहाल - बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार की बेहतर नीति के फलस्वरूप किसानों के साथ-साथ राईस मिलर्स भी खुशहाल हैं। यही वजह है कि राज्य में हर साल जहां एक ओर कृषि रकबा, उत्पादन सहित कृषकों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, वहीं दूसरी ओर राईस मिलों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। राज्य में राईस मिलों के संचालन के लिए माहौल उपयुक्त होने के कारण इस साल 249 नई राईस मिले स्थापित हुई हैं। इस तरह किसानों ही नहीं बल्कि राईस मिलरों में भी उत्साह का माहौल है और उनके लिए राईस मिल का संचालन एक लाभकारी व्यवसाय हो गया है।

मुख्यमंत्री बघेल छत्तीसगढ़ प्रदेश राईस मिलर्स एसोसिएशन के वार्षिक सम्मेलन में हुए शामिल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजधानी के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ प्रदेश राईस मिलर्स एसोसिएशन के तत्वाधान में आयोजित वार्षिक सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को राज्य में राईस मिलरों के हित में लिए गए निर्णय की वजह से स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में राज्य भर के सभी जिलों से आए राईस मिलर्स संघ के अध्यक्ष सहित पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन सहित छत्तीसगढ़ राईस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश रूंगटा सहित पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में राज्य भर के राईस मिलर्स उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री बघेल ने एसोसिएशन को सम्बोधित करते हुए राज्य में हमारी सरकार न सिर्फ किसानों की उत्पादकता और आय में बढ़ोत्तरी के लिए काम कर रही है, बल्कि कृषि क्षेत्र से जुड़े हर उद्योग और उद्यम के विकास के लिए भी काम कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में कृषि क्षेत्र के चौतरफा विकास के लिए संकल्पित है। हमारी राईस मिलों का सीधा संबंध में हमारे खेतों से है। राइस मिलों की समस्याएं भी कृषि क्षेत्र से जुड़ी हुई समस्याएं होती है। इसे ध्यान में रखते हुए हमने राज्य में राईस मिलों से जुड़ी हर समस्या का निराकरण पूरी संवेदना और प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि राईस मिलरों के हित को ध्यान रखते हुए हमने कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि 40 रूपए से बढ़ाकर 120 रूपए कर दी गई है। शासन के इस फैसले से राज्य के चावल उद्योग और राईस मिलर्स को नई ताकत मिल गई है। इसके फलस्वरूप राईस मिलर्स में उत्साह का माहौल है और उन्हें राईस मिल के संचालन में काफी सहुलियत हो गई है। इस साल राज्य में 249 नई राईस मिले स्थापित हुई हैं, जिसके कारण राज्य में कस्टम मिलिंग करने के लिए पंजीकृत मिलर्स की संख्या 2035 से बढ़कर अब 2284 हो गई है। इस तरह कस्टम मिलिंग की प्रक्रिया के सुचारू रूप से संचालन की वजह से ही धान खरीदी और प्रोसेसिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ लगातार नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

​​​​​​​छत्तीसगढ़ की योजनाएं पूरे देश के लिए बन रही हैं मॉडल : सीएम भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ मॉडल की गूंज आज पूरे देश में है। छत्तीसगढ़ की योजनाएं पूरे देश के लिए मॉडल बन रही हैं। झारखंड सरकार ने छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना को ज्यों का त्यों अपना लिया है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकार भी छत्तीसगढ़ की तर्ज पर गोबर खरीदी पर विचार कर रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसानों को देश में सबसे ज्यादा धान की कीमत मिल रही है। छत्तीसगढ़ का अन्नदाता किसान खुशहाल है। मुख्यमंत्री ने आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में टीवी-9 डिजिटल छत्तीसगढ़ चैनल का शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए।


मुख्यमंत्री
ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गौ-माता की सेवा के साथ-साथ गौ-पालन और पशुपालन को अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया है। किसान हितैषी नीतियों से छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी लाभ का व्यवसाय है। छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना के प्रारंभ होने के बाद पशुपालन को बढ़ावा मिला है। डेयरी की संख्या में इजाफा हुआ है। गोधन न्याय योजना के तहत पिछले 2 वर्षों में 150 करोड़ रुपए का गोबर पशुपालकों, ग्रामीणों, किसानो से खरीदा गया है। खरीदे गए गोबर से गौठान में स्व सहायता समूह की महिलाएं वर्मी कंपोस्ट बना रही हैं। 40 प्रतिशत भूमिहीन लोग गोबर बेच रहे हैं और आर्थिक लाभ कमा रहे हैं।



 मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद हमने सबसे पहले किसानों की कर्ज माफी, 2500 रूपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी और आदिवासियों की जमीन वापसी का निर्णय लिया। कोरोना संकट के दौरान अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आए लोगों के ठहरने, भोजन की व्यवस्था की गई। वन क्षेत्रों में लघु वनोपजों का संग्रहण का काम किया गया। समाज के सभी वर्गों से बातचीत कर उनकी दिक्कतों को दूर करने के उपाय किए गए। 

स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को मजबूत करने के साथ लोगों के इलाज, ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को इनपुट सब्सिडी का भुगतान किया गया। कोविड गाइडलाईन का पालन करते हुए मनरेगा के काम प्रारंभ किए गए। लॉकडाउन खुलने के बाद सबसे पहले छत्तीसगढ़ में उद्योग प्रारंभ हुए। राज्य सरकार की योजनाओं से अधिकांश लोगों की जेब में पैसा पहुंचा।  लोगों के पास पैसा गया तो व्यापार भी चलने लगा, व्यापार चलने लगा तो उद्योग भी चलने लगे जिससे छत्तीसगढ़ में मंदी का असर नहीं रहा।



मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्य में हम किसी भी सरकार से पीछे नहीं रहे। सड़कों के मामले में हमने 16 हजार करोड़ रूपए की लागत की सड़कों का निर्माण कराया। मिलेट मिशन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अकेला राज्य है जहां 3100 रुपये क्विंटल में कोदो-कुटकी और रागी 3300 रुपये क्विंटल में खरीदी हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश यह है कि जहां जिस फसल के लिए मौसम अनुकूल है वहां उस फसल को बढ़ावा दिया जाए।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महात्मा गांधी जी के रास्ते पर चल रही है। गांधी जी का रास्ता ग्राम स्वराज का रास्ता है। छत्तीसगढ़ के गौठान में रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क के अंतर्गत तेल मिल, दाल मिल, मिनी राइस मिल स्थापित की गई हैं। जिससे हमारी स्व-सहायता की बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे राम गरीब के राम, शबरी के राम, गांधी के राम हैं। दुनिया में माता कौशल्या का एकमात्र मंदिर छत्तीसगढ़ के चंदखुरी में है, जिसका राम वनगमन परिपथ के अंतर्गत सबसे पहले सौंदर्यीकरण किया गया है।

 छत्तीसगढ़ पहला राज्य जो चिटफंड कंपनियों में निवेश करने वाले आम लोगों का पैसा लौटा रहा है। अब तक 40 करोड़ रुपए की राशि हमने निवेशकों को लौटाई है। राज्य सरकार ने किसानों, आदिवासियों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं सहित सभी वर्गों के हित में काम किया है। इस अवसर पर टीवी-9 डिजिटल के सलाहकार संपादक अमिताभ अग्निहोत्री, संपादक राहुल अग्निहोत्री, समूह संपादक दीप उपाध्याय, सीजीओ टीवी-9 रक्तिम दास, एग्जीक्यूटिव एडिटर दिनेश गौतम एवं एग्जीक्यूटिव एडिटर कार्तिकेय शर्मा मौजूद रहे।

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