Media24Media.com: नवा रायपुर

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नवा रायपुर का रिटेल कॉम्प्लेक्स : आधुनिक मनोरंजन और तकनीकी नवाचार का नया केंद्र

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर के सेक्टर-21 में 2.65 लाख वर्गफीट में निर्मित छह मंजिला सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) देश के इस पहली स्मार्ट सिटी की नई पहचान बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। नवा रायपुर का नवनिर्मित रेल्वे स्टेशन इसके पास ही है, जिस वजह से यह सीबीडी रेल्वे स्टेशन के नाम से ही जाना जाता है। अभी सीबीडी में मिराज मल्टीप्लेक्स, आईपी क्लब रेस्टोरेंट और एएसपी कार्यालय संचालित हो रहे हैं। मनोरंजन के अद्वितीय अनुभव के लिए यहां जल्द ही इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर प्रारंभ होने जा रहा है। हर तरह की खरीदारी के लिए गोकुल सुपर मार्केट भी शीघ्र शुरू होगा।

स्मार्ट सिटी के अनुरूप सीबीडी में एक ही जगह पर विविध सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। स्थानीय व्यवसाईयों को 100 से अधिक रिटेल दुकानें आबंटित की गई हैं जो यहां तेजी से फुटफाल बढ़ाएंगी। सीबीडी नवा रायपुर के आर्थिक विकास को गति देने के साथ ही रोजगार, पर्यटन, सांस्कृतिक-तकनीकी केंद्र और नवाचार आधारित स्टार्ट-अप्स के लिए नया मंच प्रदान करेगा। स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करने वाला यह कॉम्प्लेक्स आने वाले वर्षों में नवा रायपुर की नई पहचान बनेगा जहां शिक्षा, मनोरंजन और दैनिक जरूरतें जैसी सभी चीजें एक ही स्थान पर सुलभ होंगे। इमर्सिव टेक्नोलॉजी, तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान और शॉपिंग की सहुलियतों से सुसज्जित यह भविष्य के नए आकर्षण का केंद्र है। 

सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट का कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स चार विंग्स में फैला हुआ है, जिसका कुल कारपेट एरिया दो लाख 65 हजार वर्गफीट है। यहां हर तल की योजना नागरिकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। भू-तल में लगभग पांच हजार वर्गफीट एरिया गोकुल सुपर मार्केट को आबंटित किया गया है जो शीघ्र ही प्रारंभ होने वाला है। इसी तल पर नवा रायपुर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी संचालित है। भू-तल पर 100  से अधिक रिटेल दुकानें भी आबंटित की गई हैं।

सीबीडी का द्वितीय तल एनआईईएलआईटी (National Institute of Electronics & Information Technology) को आबंटित किया गया है, जो युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा एनालिटिक्स और आईटी में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाएगा। इस तल पर आईपी क्लब रेस्टोरेंट भी संचालित है, जो लोगों को विभिन्न तरह के खानपान उपलब्ध कराता है। तृतीय तल पर पांच करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर बनाया जा रहा है। यह वीआर (VR), एआर (AR) और होलोग्राफिक तकनीकों के माध्यम से प्रदेशवासियों को मनोरंजन का अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगा। चौथे व छटवें फ्लोर पर संचालित मिराज सिनेमा ने सीबीडी को नवा रायपुर में मनोरंजन के लोकप्रिय स्थल के रूप में स्थापित कर दिया है।

सीबीडी केवल शॉपिंग डेस्टिनेशन नहीं है। यह छत्तीसगढ़ की आधुनिक राजधानी नवा रायपुर को निकट भविष्य में आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से गहरे तक प्रभावित करेगा। देश की पहली स्मार्ट सिटी नवा रायपुर अटल नगर तेजी से भविष्य के शहर के रूप में उभर रहा है, जहां मुख्यमंत्री निवास, मंत्रालय, सचिवालय, विभागाध्यक्ष भवन और अन्य सरकारी कार्यालय संचालित हैं। विधानसभा का नया भवन भी यहां निर्माणाधीन है। शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी विकास और निवेश के क्षेत्र में भी नवा रायपुर नई ऊचांईयाँ छू रहा है। वर्ष 2018 में सीबीडी का निर्माण पूर्ण होने के बाद वर्तमान सरकार ने 2025 में ही गोकुल सुपर मार्केट, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जैसे कई स्थानों को आबंटित किया है। कॉम्प्लेक्स के अन्य बिल्ड-अप स्पेस के आबंटन की कार्यवाही भी तेजी से प्रक्रियाधीन है।

छत्तीसगढ़ : सीएम विष्णु देव साय 14 नवम्बर को छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का करेंगे विमोचन

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 नवम्बर को शाम 6.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मेफेयर लेक रिसार्ट में आयोजित कार्यक्रम में राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का विमोचन करेंगे। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव और विजय शर्मा कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, खेल मंत्री टंकराम वर्मा, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

गौरतलब है कि 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित केबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 मंजूर की गई थी। इसमें छत्तीसगढ़ सरकार ने भारत सरकार के विजन 2047 की परिकल्पना को साकार करने तथा राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कई प्रावधान किए हैं। राज्य के प्रशिक्षित व्यक्तियों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए उद्योगों हेतु प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपए की प्रशिक्षण वृत्ति प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। यह नीति 31 मार्च 2030 तक के लिए होगी।

नई औद्योगिक नीति में निवेश प्रोत्साहन में ब्याज अनुदान, लागत पूंजी अनुदान, स्टाम्प शुल्क छूट, विद्युत शुल्क छूट. मूल्य संवर्धित कर प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। नई नीति में मंडी शुल्क छूट, दिव्यांग (निःशक्त) रोजगार अनुदान, पर्यावरणीय प्रोजेक्ट अनुदान, परिवहन अनुदान, नेट राज्य वस्तु एवं सेवा कर की प्रतिपूर्ति के भी प्रावधान किये गये हैं।

इस नीति में राज्य के युवाओं के लिये रोजगार सृजन को लक्ष्य में रखकर एक हजार से अधिक स्थानीय रोजगार सृजन के आधार पर बी-स्पोक पैकेज विशिष्ट क्षेत्र के उद्योगों के लिये प्रावधानित है। राज्य के निवासियों विशेषकर अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर सैनिक, भूतपूर्व सैनिकों, जिनमें पैरामिलिट्री भी शामिल है, को नई औद्योगिक नीति के तहत अधिक प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान है। नक्सल प्रभावित लोगों, कमजोर वर्ग, तृतीय लिंग के उद्यमियों के लिए नई औद्योगिक पॉलिसी के तहत विशेष प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

इस नीति में फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाईल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा गैर काष्ठ वनोत्पाद (एनटीएफपी) प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (ए.आई), रोबोटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग (जी.पी.यू), आई.टी., आई.टी.ई.एस., डेटा सेंटर, जल विद्युत परियोजनाओं, सौर ऊर्जा परियोजनाओं आदि के लिए आकर्षक पृथक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन का प्रावधान है। राज्य के कोरबा-बिलासपुर-रायपुर को देश के औद्योगिक मानचित्र में स्थान दिलाने के लिये इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर की स्थापना का प्रावधान है। नई औद्योगिक नीति के निर्माण के लिए उद्योग विभाग द्वारा संबंधित सभी हितपक्षों, औद्योगिक संगठन, औद्योगिक समूहों, संबंधित विभागों के साथ एक वर्ष तक संवाद एवं गहन विचार-विमर्श कर तैयार किया गया है।

रायपुर से नवा रायपुर तक जल्द चलेगी मेमू ट्रेन, आज होगा ट्रायल

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 रायपुर। रायपुर से नवा रायपुर होते हुए अभनपुर के बीच ट्रेन चलने का आज ट्रायल होगा. यात्रियों लंबे इंतजार के बाद यह सुविधा मिलने जा रही है. रेलवे के सूत्रों के मुताबिक बुधवार को पहली ट्रेन चलेगी. ट्रेन में रेलवे के सभी विभागों के सुपरवाइजर मौजूद रहेंगे.


रेलवे के अफसरों के अनुसार ट्रेन रायपुर से छूटकर मंदिर हसौद पहुंचकर वहां से सीबीडी होते हुए अभनपुर तक जाएगी. अभनपुर से थोड़ी देर बाद ट्रेन रायपुर वापस लौटेगी. ट्रायल के दौरान अफसरों की टीम ट्रैक की खामियों के आकलन करेगी. ट्रायल सफल होने पर जल्दी रायपुर नया रायपुर से अभनपुर के बीच मेमू ट्रेन चलने की घोषणा की जाएगी. रेलवे के अधिकारियों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. रायपुर से अभनपुर तक मेमू ट्रेन चलाने की योजना है. इसमें एक ट्रेन एक सुबह और एक शाम को चलेगी.

छह जगहों पर स्टेशन स्थापित किया गया है. इसमें रायपुर , मंदिर हसौद नवा रायपुर में उद्योग नगर सीबीडी स्टेशन, केंदी, अभनपुर स्टेशन शामिल है.

चावल वितरण में लापरवाही हुई तो होगी सख्त कार्रवाई : खाद्य मंत्री बघेल

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 रायपुर : गरीबों के हक का चावल उन तक पहुंचाना सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है। वितरण में लापरवाही अथवा खराब चावल के वितरण की सूचना मिली तो, संबंधित खाद्य अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आज नवा रायपुर में खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल ने समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। इस अवसर पर खाद्य विभाग के सचिव  बसवराजू एस., संचालक  जितेन्द्र कुमार शुक्ला, विशेष सचिव  के.डी. कुंजाम, अपर संचालक  राजीव कुमार जायसवाल, जिला स्तरीय खाद्य अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारी, विपणन अधिकारी और नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी उपस्थित थे।  


  खाद्य मंत्री  बघेल ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि उचित मूल्य दुकान के माध्यम से लोगों तक प्रत्येक माह समय पर राशन वितरण कराना सुनिश्चित करें। किसी भी खाद्य अधिकारी के संबंध में शिकायत मिलती है तो उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने सभी पंजीकृत श्रमिकों का शत्-प्रतिशत भी राशन कार्ड बनाने के लिए कहा है और खाद्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के दुकानोें का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उचित मूल्य दुकानों में चावल, चना, शक्कर, नमक, केरोसिन भंडारण की स्थिति, हितग्राहियों को वितरण की स्थिति, स्टॉक पंजी सहित अन्य जानकारी का अवलोकन करने के लिए कहा है।

 खाद्य मंत्री ने कहा कि गरीबों का हक का चावल उन्हें ही मिलना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की कटौती एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। चावल वितरण के संबंध में शिकायत मिलने पर खाद्य अधिकारी एवं सहायक खाद्य अधिकारी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। चावल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें। किसी भी स्थिति में खराब चावल का वितरण नहीं करेंगे।

खाद्य मंत्री ने बरसात से पूर्व पहुंचविहीन क्षेत्रों में राशन सामग्रियों को अग्रिम भंडारण करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के ऐसे स्थानों जहां वर्षो ऋतु के दौरान आवागमन मार्ग अवरूद्ध हो जाते है वहां खाद्य़ान्न शक्कर, नमक तथा केरोसिन उपभोक्ताओं को सुलभ उपलब्ध कराने की दृष्टि से वर्षा ऋतु के पूर्व अग्रिम भण्डारण किया जाता है।

 खाद्य सचिव  बसवराजू एस. ने खाद्य अधिकारियों को विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों का प्राथमिकता से राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए है। उन्होंने इसके लिए ग्राम पंचायत वार छूटे हुए सभी हितग्राहियों का चिन्हांकन कर परिवार के सदस्यों को भी राशन कार्ड में नाम दर्ज करने के निर्देश दिए है। उन्हांेने कहा कि जिन राशनकार्ड हितग्राहियों ने अपना कार्ड नवीनीकरण नहीं किया है। वे शीघ्र नवीनीकरण का कार्य करवा लें औार छुटे हुए हितग्राहियों का ई-केवायसी करवाने का निर्देश दिया। सार्वजनिक वितरण प्राणाली के अंतर्गत आधार प्रामाणीकरण आधारित राशन सामग्री के वितरण व्यवस्था के लिए राशन कार्डाें में मुखिया एवं सदस्यों के आधार नबंर प्राप्त कर राशन कार्ड डेटाबेस में सीडिंग का कार्य किया जा रहा है। जिन धान खरीद्रों केन्द्रों से धान का उठाव नहीं हुआ है वहां से उन्होंने शीघ्र धान का उठान करवाने के निर्देश दिए है। राज्य में 77 लाख 11 हजार 537 राशन कार्डधारी हितग्राही हैं, उचित मूल्य दुकानों की संख्या 13 हजार 789, पहुंचविहीन दुकानों की संख्या 184 है। 

 समीक्षा बैठक में माह जून में पीडीएस सामग्री का भण्डारण, पहुंचविहीन दुकानों में पीडीएस का भण्डारण, दुकानों में बचत स्टॉक की वसूली, बचत स्टॉक की वसूली, बचत चावल के स्टॉक की वसूली, पंजीकृत श्रमिकों को राशनकार्ड जारी करना, विशेष पिछड़ी जनजाति को राशनकार्ड जारी करना, ई-केवायसी की अघतन जानकारी, नियद नेल्लानार योजना का क्रियान्वयन, उचित मूल्य दुकानों का मासिक निरीक्षण, दुकानों को कमीशन का भुगतान, कॉल सेंटर में दर्ज शिकायतों का निराकरण, न्यायालय में लंबित प्रकरणों में जवाबदावा की स्थिति, राशनकार्ड का नवीनीकरण, खरीफ विपणन वर्ष के चावल उपार्जन की स्थिति, उपार्जन केन्द्रों से धान उठाव की स्थिति, खरीफ विपणन वर्ष में समिति लेखा-मिलान की स्थिति एवं अन्य विभागीय योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की ।


सीएम साय ने ली समीक्षा बैठक, जून 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगा नया विधानसभा भवन

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 रायपुर : आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के सभापतित्व में नवीन विधान सभा निर्माण संबंधी समिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में नवा रायपुर (अटल नगर) में निर्माणाधीन नवीन विधानसभा भवन पर हुई चर्चा के दौरान मुख्य अभियंता द्वारा बताया गया कि नवीन विधान सभा का वर्क आर्डर अगस्त, 2022 को दिया गया था, कार्य पूर्ण होने की अवधि 24 माह, दिनांक 31/08/2024 तक निर्धारित किया गया है। जिसमें लगभग 68 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और जून 2025 तक विधानसभा परिसर का कार्य पूर्ण होने की संभावना है ।


विधानसभा भवन की वर्तमान स्थिति और कार्य की गति को लेकर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विस्तृत चर्चा की गयी, जिसमें बताया गया कि छत्तीसगढ़ का नवीन विधानसभा भवन पूरे देश में अपने तरह की एक आदर्श विधानसभा होगी। इस परिसर में पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए वृक्षारोपण और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर पूरे परिसर को सौर ऊर्जा से संचालित किया जाना सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही वर्षा जल का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करते हुए वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, संपूर्ण भवन के प्रत्येक कार्य में निर्माण सामग्री सहित, उपयोग में आने वाली समस्त सामग्रियों में उच्च गुणवत्तायुक्त नवीन उत्पाद व टेक्नोलॉजी का समावेश व समुचित उपयोग सुनिश्चित करते हुए ऐसा भवन विकसित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं, जो आने वाले 100 वर्षों की जरूरत की पूर्ति करने में सक्षम हो ।

इसके उपरांत विधायक विश्राम गृह को लेकर समीक्षा की गई जिसमें बताया गया कि नवा रायपुर सेक्टर 25 ग्राम राखी में विधायक विश्राम गृह निर्माण हेतु 44.67 एकड़ भूमि को दिनांक 13/08/2020 को लोक निर्माण विभाग को आवंटित किया गया है। विधायक विश्राम गृह के निर्माण समेत उनकी सुविधाओं को लेकर भी इस बैठक में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। जिसके बाद विधान सभा के अधिकारियों/कर्मचारियों के आवास निर्माण के संबंध में चर्चा हुई। जिसमें मुख्य अभियंता द्वारा विधानसभा में दिनांक 13/02/2024 की बैठक में बताया गया था कि विधान सभा के अधिकारियों / कर्मचारियों के लिए 200 नग शासकीय आवासों के निर्माण कार्य के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के मूल बजट में अनुमानित लागत 45 करोड़ का प्रावधान है ।

इस पूरी समीक्षा बैठक के उपरांत विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में प्रति माह बैठक किए जाने हेतु भी निर्देश दिए हैं। इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, संसदीय कार्य मंत्री और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन अमिताभ जैन एवं विधान सभा के सचिव दिनेश शर्मा समेत लोक निर्माण विभाग तथा आवास एवं पर्यावरण विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

नवा रायपुर के कमर्शियल हब में 540 रूपए वर्गफीट में मिलेगा व्यवसायियों को भूखण्ड : सीएम

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रायपुर। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले भविष्य को देखते हुए ये भूमिपूजन, शिलान्यास और लोकर्पण किए जा रहे हैं. राज्य के लोगों की हमसे अपेक्षाएं थीं जिसे साकार करने के लिए हमने एक मजबूत कदम आगे बढ़ाया है। बघेल ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वो लोगों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण तैयार कर सके और हमने राज्य के किसानों के लिए ऐसा ही वातावरण तैयार किया है. इसके साथ ही स्कूली शिक्षा में सुधार, छत्तीसगढ़ की संस्कृति व पर्यटन को बढ़ावा देने का वातावरण भी हमने तैयार किया है।

बघेल ने कहा कि हम उद्योग को भी एक वातावरण देने की कोशिश कर रहे हैं जिसके लिए मैने व्यवसायियों से कहा था कि छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति को सबसे बेहतर बनाना है और इस प्रयास से प्रदेश में उद्योगों की संख्या बढ़ी है व लोगों को रोजगार मिला है।

नवा रायपुर के कमर्शियल हब में 540 रूपए वर्गफीट में मिलेगा व्यवसायियों को भूखण्ड

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों की मांग पर एक बड़ी घोषणा करते हुए नवा रायपुर के कमर्शियल हब में 540 रूपए वर्गफीट में व्यवसायियों को भूखण्ड आवंटित करने की बात कही. उन्होने कहा कि इसकी वजह से कमर्शियल हब के निर्माण में लगने वाली अतिरिक्त राशि की वहन राज्य सरकार करेगी।

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र अंतर्गत विविध कार्यों के इस शिलान्यास कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में आम लोगों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने का काम कर रही है. उन्होने कहा कि सरकार की ये प्राथमिकता है कि लोगों को रोजगार उपलब्ध हो ताकि छत्तीसगढ़ का लगातार विकास होता रहे।

नवा रायपुर में निवेश, बसाहट और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेक्टर-23, 24, 34, 35 और 40 में 1083 एकड़ में ‘कमर्शियल हब’ विकसित किया जा रहा है। इसी तरह नवा रायपुर के लेयर-3 में यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने, एयरपोर्ट क्षेत्र के वाणिज्यिक विकास तथा रोजगार सृजन हेतु स्वामी विवेकानंद विमानतल के निकट ग्राम बरोदा एवं रमचण्डी के चिन्हांकित 216.63 एकड़ में ‘एरोसिटी’ विकसित की जा रही है।

‘शहीद स्मारक’ की स्थापना नवा रायपुर के ग्राम परसदा (सेक्टर-3) में व्हीआईपी बटालियन में 13 एकड़ में की जा रही है। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविन्द्र चौबे, विधायक धनेन्द्र साहू, मुख्यमंत्री के विशेष सलाहकार डॉ. राकेश गुप्ता तथा छत्तीसगढ़ चैंबर आफ कामर्स के पदाधिकारी उपस्थित थे।

नवा रायपुर में ‘वर्ल्ड क्लास सेंटर ऑफ एक्सीलेंस‘ की स्थापना के लिए आईसीएआई को पांच एकड़ जमीन दी जाएगी : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए ‘वर्ल्ड क्लास सेंटर ऑफ एक्सीलेंस‘ की स्थापना के लिए ‘द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया‘ को पांच एकड़ जमीन देने की घोषणा की है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना आईसीएआई द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आज यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आईसीएआई के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन ‘‘उत्कर्ष‘‘ के दूसरे दिन अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए यह घोषणा की।

मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि किसी भी राज्य और देश की आर्थिक प्रगति में चार्टर्ड एकाउंटेट्न्स का महत्वपूर्ण योगदान होता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट व्यापार, व्यवसाय और उद्योग के आईने की तरह होते हैं, जो उनकी वास्तविक आर्थिक स्थिति को दिखाने का काम करते हैं और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मार्गदर्शन देकर अपना योगदान देते हैं। अधिवेशन के दौरान इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों द्वारा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की प्रगति के लिए उसके लिए अच्छा वातावरण तैयार करने की जरूरत होती है। आईसीएआई नवा रायपुर में वर्ल्ड क्लास इंस्टिट्यूट बनाना चाहता है, इसके लिए राज्य सरकार जमीन देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से आगे बढ़ते छत्तीसगढ़ राज्य में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए अच्छी संभावनाएं हैं। राज्य सरकार की नीतियों से छत्तीसगढ़ में पिछले पौने पांच वर्षाें में कृषि, उद्योग, व्यापार के क्षेत्र में उत्साहजनक वातावरण निर्मित हुआ है। राज्य सरकार की नई उद्योग नीति से नए-नए उद्योग धंधे प्रारंभ हुए हैं। खेती-किसानी आज छत्तीसगढ़ में लाभ का व्यवसाय बन गया है। पिछले पौने पांच वर्षों में प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों की संख्या 12 लाख से बढ़कर 26 लाख हो चुकी है। खेती का रकबा 22 लाख  हेक्टेयर से बढ़कर 32 लाख हेक्टेयर हो गया है।

समर्थन मूल्य पर पहले जहां 55 लाख मैट्रिक टन धान की खरीदी होती थी, वहीं इस वर्ष हमने 107 लाख मेट्रिक टन धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह स्वास्थ और शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य सरकार द्वारा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली की खपत सबसे ज्यादा है, यहां 2200 यूनिट प्रति व्यक्ति बिजली क बिजली की खपत हो रही है। बिजली की मांग 4100 मेगावाट से बढ़कर 5800 मेगावाट हो गई है। बिजली की खपत में बढ़ोत्तरी छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति का द्योतक है। कोरोना काल में जब सभी जगह आर्थिक मंदी का प्रभाव था, छत्तीसगढ़ इससे अछूता रहा। उद्योग, व्यापार सहित सभी सेक्टरों में उन्नति हुई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि राज्य के लोगों के चेहरे की मुस्कान है।

लोगों के सपनों को उड़ान देने की जिम्मेदारी सरकार की होती है। राज्य सरकार इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि व्यापार और व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए नवा रायपुर में 1000 एकड़ में एशिया के सबसे बड़े होल सेल मार्केट की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के प्रथम एक्ंटिग मुख्य न्यायाधीश तथा गौहाटी हाइकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रमेश सूरजमल गर्ग, आईसीएआई के वाइस प्रेसीडेंट रंजीत कुमार अग्रवाल, लल्लूराम न्यूज़ के फाउंडर नमित जैन तथा सेंटर कॉउंसिल के मेंबर्स विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस राष्ट्रीय अधिवेशन के अवसर पर द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा प्रकाशित पत्रिका का विमोचन किया।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के प्रथम एक्टिंग मुख्य न्यायाधीश रमेश सूरजमल गर्ग ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभरा है। आज छत्तीसगढ़ देश के किसी भी अच्छे राज्य से स्पर्धा कर सकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलेज और अच्छे इंस्टिट्यूटस की स्थापना की आवश्यकता पर जोर दिया। आईसीएआई के वाइस प्रेसीडेंट रंजीत कुमार अग्रवाल ने कहा कि राज्य की इकॉनामी कैसे ग्रोथ करें, रिवेन्यू कलेक्शन कैसे बढ़े और नागरिकों को कैसे बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके, इसके लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट्स बेहतर योगदान दे सकते हैं। 

उन्होंने बताया कि संसद द्वारा 1949 में एक्ट पारित कर आईसीएआई की स्थापना की गई थी। 75 वर्षाें में 1600 मेंबर के साथ प्रारंभ हुए आईसीएआई की मेंबरशिप बढ़कर 4 लाख हो गई है। कार्यक्रम को एसएसईबी के चेयरमेन मंगेश किनारे ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बच्चों की स्किल बढ़ाने में योगदान देगा। नमित जैन और रायपुर ब्रांच के चेयरमेन रवि ग्वालानी, रायपुर ब्रांच सीआईसीएएसए की चेयरमेन सुश्री रश्मि भांग्ला ने भी अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न स्थानों से आए सीए के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

नवा रायपुर में विकसित होगा देश का सबसे बड़ा थोक बाजार

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रायपुर। नवा रायपुर में देश का सबसे बड़ा थोक बाजार विकसित होगा। लगभग 438.47 हेक्टेयर में प्रस्तावित थोक बाजार का निर्माण सेक्टर 27 में किया जाएगा। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा इस थोक बाजार का निर्माण किया जाएगा। यहां छोटे-बडे़ सभी व्यापारियों के लिए आधारभूत जरूरी सुविधाएं होंगी।
                 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एनआरडीए के अधिकारियों से कहा है कि इस थोक बाजार की कार्ययोजना को इस तरह से अमलीजामा पहनाएं ताकि देश का यह सबसे बड़ा थोक बाजार छोटे-बड़े सभी व्यापारियों की जरूरत पूरा कर सके। यहां व्यापारिक और वाणिज्यिक गतिविधियों का तीव्र विस्तार हो सके। बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को थोक बाजार के लिए कार्ययोजना पर तेजी से कार्य के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बैठक में नागरिक सेवाओं एवं ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने मितान योजना के क्रियान्वयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शासकीय योजनाओं की डिलीवरी बिना कार्यालय पहंुचे तथा शीघ्रता से नागरिकों को मिल पा रही है। मेरे पोते का आधार कार्ड भी मितान के माध्यम से बना है। गौरतलब है कि मितान योजना पहले राज्य के नगर निगम क्षेत्रों में लागू थी। अब इसका विस्तार नगर पालिका क्षेत्रों में किया गया है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज्यादा आवेदन बच्चों के आधार कार्ड से संबंधित आ रहे हैं। मितान योजना अंतर्गत अब तक प्रदेश के नगर निगमों के 1 लाख 03 हजार 315 हितग्राहियों के विभिन्न दस्तावेज तैयार कर डोर स्टेप डिलीवरी की गई है। बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए मितान को सबसे अधिक फोन आते है और यह सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। साथ ही जाति और आय प्रमाणपत्र भी काफी बने हैं। नए नगरीय निकायों में मितान योजना आरम्भ होने के बाद 3 दिनों में लगभग 2 हजार कॉल आये हैं जिसमें आगे की कार्यवाही की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि फोन कॉल के साथ ही एप के माध्यम से भी मितान योजना की सेवा शीघ्र ही दी जाएगी।

बैठक में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आरंभ किए गए महात्मा गांधी औद्योगिक पार्क की समीक्षा भी की गई। इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव अंकित आनंद, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास आर. प्रसन्ना, आयुक्त जनसंपर्क दीपांशु काबरा, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. फकीर अय्याज भाई तम्बोली, संचालक कृषि श्रीमती रानू साहू, रीपा के राज्य नोडल गौरव सिंह, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग डॉ. सारांश मित्तर उपस्थित थे।

बेहतर लोकेशन में खोले जाएं धन्वन्तरी स्टोर्स: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री बघेल ने शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा में कहा धन्वन्तरी मेडिकल स्टोर्स बेहतर लोकेशन में खोले जाएं। उन्होंने इस मौके पर स्लम स्वास्थ्य योजना की समीक्षा की और लगातार हेल्थ कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि  आगामी वर्षा ़ऋतु को देखते हुए मौसमी बीमारियों से जुड़ी दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि धन्वन्तरी मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से अब तक 132 करोड़ रुपये की बचत हितग्राहियों को हुई है। ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से इन मेडिकल स्टोरों का लोकेशन भी बेहतर किया जा रहा है। मेडिकल स्टोर के माध्यम से मिलने वाले लाभ के बारे में एसएमएस के माध्यम से अधिकाधिक लोगों को जानकारी दिये जाने के प्रयासों पर काम हो रहा है। बैठक में अनाधिकृत विकास के नियमितीकरण अधिनियम के क्रियान्वयन और शहरी आवास योजना के कार्यों की भी समीक्षा की गई।

रीपा के उत्पादों की ऑनलाईन आपूर्ति व्यवस्था हो बेहतर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) की समीक्षा में कहा कि सभी उत्पादों की ऑनलाइन आपूर्ति की व्यवस्था हो, सी-मार्ट में इनकी उपलब्धता हो। उत्पादनकर्ता को बाज़ार से जोड़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि रीपा में अनेकों तरह की गतिविधि हो रही है। बेकरी एवं खाद्य उत्पाद, मिलेट, परिधान, निर्माण आदि क्षेत्रों में अच्छा काम हो रहा है और उद्यमी आगे आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय भवनों में रंग-रोगन के लिए गोबर पेंट का उपयोग हो रहा है। निजी क्षेत्रों में भी इसकी बिक्री बढ़ाएं। उन्होंने रेरा में दर्ज बिल्डरों से भी गोबर पेंट के इस्तेमाल के लिए आग्रह करने अधिकारियों को कहा।

90 प्रतिशत रीपा में वाई-फाई सुविधा

रीपा के समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 90 प्रतिशत रीपा में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध है। 300 रीपा में से 270 रीपा में वाई-फाई से डिजिटल कनेक्टीविटी अच्छी होने के कारण युवा भी इसका लाभ उठा रहे हैं। साथ ही वाई-फाई युक्त 12 रीपा केंद्रों में रेस्टोरेंट का भी बेहतर संचालन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटली जुड़ने से इसका बड़ा लाभ सबको मिलेगा।

इस मौके पर अधिकारियों ने बताया कि संभाग स्तरीय मिलेट कार्निवाल के लिए योजना तैयार हो रही है। गोबर पेंट के उपभोक्ताओं से भी फीडबैक लिए जा रहे हैं। साथ ही रीपा के लिए तकनीकी सहायता हेतु सीएफटीआरआई में एक दल भ्रमण के लिए भेजा जाएगा। चूंकि ग्रामीण विकास मंत्रालय का संस्था से अनुबंध है, अतएव तकनीकी सहायता वहां से भी मिल सकेगी।

पुलिस मुख्यालय में प्रदेश के सीमावर्ती राज्यों के साथ अन्तर्राज्यीय समन्वय बैठक सम्पन्न

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रायपुर। पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर में आज प्रदेश के सीमावर्ती आंध्रप्रदेश एवं तेलंगाना राज्यों के साथ अन्तर्राज्यीय समन्वय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में  गृह मंत्रालय भारत सरकार (सीएपीएफ), छत्तीसगढ़ पुलिस तथा आंध्रप्रदेश एवं तेलंगाना राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में बेहतर अन्तर्राज्यीय समन्वय, आसूचनाओं के आदान-प्रदान, फोकस एरिया में संयुक्त अभियानों के लिए रणनीति, सुरक्षा विहीन क्षेत्रों में रणनीतिक बढ़त, माओवादियों के सप्लाई नेटवर्क पर कार्यवाही एवं अन्य विषयों पर समन्वित कार्ययोजना के संबंध में चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री बघेल 24 अप्रैल को ट्रिपल आईटी और हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 24 अप्रैल, सोमवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 11.30 बजे नवा रायपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) के तृतीय दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे।मुख्यमंत्री बघेल शाम 3.30 बजे राजधानी रायपुर के पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड से हेलीकॉप्टर द्वारा दुर्ग के लिए रवाना होंगे।

यहां वे शाम 4 बजे भिलाई इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के ऑडिटोरियम में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह एवं 8वां विश्वविद्यालय स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे। इसके पश्चात् वे रायपुर लौट आएंगे। मुख्यमंत्री शाम 7 बजे ग्राम चंदखुरी स्थित कौशल्या माता मंदिर में माता कौशल्या महोत्सव - 2023 के समापन समारोह में शामिल होंगे।


सीमावर्ती राज्यों के पुलिस अधिकारियों की अन्तर्राज्यीय समन्वय बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा

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रायपुर। पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में आज सीमावर्ती आन्धप्रदेश एवं तेलंगाना राज्यों के साथ अन्तर्राज्यीय समन्वय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ पुलिस, गृह मंत्रालय भारत सरकार, सीएपीएफ तथा आन्ध्रप्रदेश एवं तेलंगाना राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए।

इस बैठक में आसूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान, संयुक्त अभियानों हेतु फोकस एरिया का निर्धारण, सुरक्षा विहिन क्षेत्रों में रणनीति बढ़त, माओवादियों के सप्लाई नेटवर्क पर कार्यवाही इत्यादि विषयों पर समन्वित कार्ययोजना के संबंध में चर्चा की गई।


अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी संसदीय समिति ने CIL और SECL के कर्मचारी संघों और प्रबंधन के साथ की बैठक

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के अध्ययन दौरे पर आए अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी संसदीय समिति ने आज नवा रायपुर में कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और एसईसीएल (South Eastern Coal Fields Limited) के अनुसूचित जाति-जनजाति के कर्मचारी संघों और दोनों कंपनियों के प्रबंधन के साथ बैठक की। सांसद डॉ. (प्रोफेसर) किरीट प्रेमजीभाई सोलंकी की अध्यक्षता में संसदीय समिति के सदस्यों ने बैठक में दोनों कंपनियों में अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व एवं उनके लिए किए जा रहे कल्याणकारी उपायों पर चर्चा की। संसदीय समिति के सदस्य जगन्नाथ सरकार, नीरज डांगी, डॉ. व्ही. शिवदासन और कामाख्या प्रसाद तासा भी चर्चा में शामिल हुए।

कोल इंडिया लिमिटेड और एसईसीएल के कर्मचारी संघों ने दोनों वर्गों के हितों एवं अधिकारों के संबंध में अपनी बातें रखी तथा संवैधानिक व न्यायिक अधिकारों के लिए आवश्यक पहल करने की अपेक्षा की। संसदीय समिति ने कोल इंडिया लिमिटेड और एसईसीएल प्रबंधन से दोनों कंपनियों में काम की स्थिति, ठेकेदारी में काम करने वालों की भुगतान की स्थिति, अनुकंपा नियुक्ति, पदोन्नति में आरक्षण और रिक्त पदों में भर्ती की स्थिति की जानकारी ली। समिति ने कर्मचारी संघों द्वारा प्रबंधन के समक्ष रखी गई मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने कहा।

संसदीय समिति के साथ बैठक में कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल, एसईसीएल के सीएमडी डॉ. पी.एस. मिश्रा और कोयला मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार एच.के. हाजोंग, सिस्टा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महासचिव आर.पी. खांडे तथा कंपनी काउंसिल के अध्यक्ष ओ.पी. नवरंग सहित दोनों यूनियनों के पदाधिकारी एवं दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ वन एवं वन्यप्राणियों के मामले में अत्यंत सपन्न - वन मंत्री अकबर

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रायपुर। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित अरण्य भवन में आज इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में भारतीय वन सेवा 2021-23 बैच के 33 प्रशिक्षु अधिकारियों को उनके छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान संबोधित किया। वन मंत्री अकबर द्वारा इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य में कराये जा रहे भू-जल संरक्षण कार्य, तेंदूपत्ता संग्रहण, प्रसंस्करण एवं विपणन तथा अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कराये गये कार्यों के संबंध में प्रशिक्षु अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया गया।

वन मंत्री अकबर ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य वन एवं वन्यप्राणियों के मामले में अत्यंत सपन्न है। राज्य में कुल भौगोलिक क्षेत्र 135192 वर्ग कि.मी. का 44 प्रतिशत से अधिक भू-भाग वनाच्छादित है। यहां लगभग 300 हाथी विचरण कर रहे हैं, जिनके साथ साहचर्य से रहना, तद्नुरूप परिस्थिति उत्पन्न करना वन विभाग की प्रमुख जिम्मेदारियों में से एक है। इस मौके पर मंत्री के समक्ष प्रवास पर आए प्रशिक्षु अधिकारियों द्वारा भी उनके भारत भ्रमण से प्राप्त अनुभव को साझा किया गया। वन मंत्री द्वारा आगे बताया गया कि हाथियों को उचित रहवास स्थल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 1995 वर्ग कि.मी. क्षेत्र को लैमरू हाथी रिजर्व नाम से अधिसूचित किया गया है।

वन मंत्री अकबर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में चल रही नवाचारी योजनायें-नरवा विकास योजना, मुख्य मंत्री वृक्ष संपदा योजना, पौधा तुंहर द्वार, कृष्ण कुंज योजना, वन्यप्राणी प्रबंधन योजना के संबंध में भी अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि वनांचलों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति और अन्य वनवासियों तथा कमजोर वर्ग के लोगों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिये वन विभाग द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही है, जिनका प्रत्यक्ष एवं परोक्ष लाभ हितग्राहियों को प्राप्त हो रहा है। विशेषकर लघु वनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण एवं विपणन के बेहतर प्रबंधन से वनवासियों की आजीविका में वृद्धि हुई है।

छत्तीसगढ़ राज्य में मिलेट्स को मुख्य आहार के रूप में अपनाने हेतु जागरूकता लाने का प्रयास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में ज्वार, बाजरा, रागी, कंगनी, कोदो, सांवा, चेना एवं कुटकी प्रचुर मात्रा में पायी जाती है, परन्तु इनकी फसलों के संग्रहण, प्रसंस्करण एवं मार्केटिंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों द्वारा इसका उपयोग नहीं किया जाता था। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा मिलेट्स के विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप इसको मुख्य आहार के रूप में बढ़ाये जाने में मदद मिल रही है।

इस अवसर पर वन मंत्री अकबर का स्वागत प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख संजय शुक्ला द्वारा किया गया। कार्यक्रम में भरत ज्योति निदेशक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून एवं प्रशिक्षु अधिकारियों निखिल अग्रवाल तथा प्रदेश के वरिष्ठ वन अधिकारी उपस्थित थे।

धान खरीदी के 48 घंटे के भीतर किसानों को करें राशि का भुगतान: विशेष सचिव सहकारिता

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रायपुर। विशेष सचिव सहकारिता हिम शिखर गुप्ता और पंजीयक सहकारी संस्थाएं नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने नवा रायपुर स्थित अपेक्स बैंक मुख्यालय में सहकारिता विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। विशेष सचिव सहकारिता हिम शिखर गुप्ता ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को धान खरीदी के 48 घंटे के भीतर किसानों के धान की राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सहकारी बैंकों की शाखाओं में 31 मार्च तक 115 एटीएम लगाने का लक्ष्य है। नाबार्ड सहायता अंतर्गत आरआईडीएफ योजना से 725 गोदाम निर्माण की स्वीकृति किया गया है। इस सभी गोदामों का निर्माण वर्षाकाल के पूर्व समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

बैठक में धान खरीदी की समीक्षा में पाया कि छत्तीसगढ में 2616 धान उपार्जन केन्द्र के माध्यम से अब तक 89 लाख मेट्रिक टन धान खरीदी किया जा चुका है। अब तक 17,772 करोड़ रूपए का भुगतान किसानों के बैंक खाते में किया जा चुका है। ऋण के विरूद्व वसूली की समीक्षा में बताया गया कि 5663 करोड़ रूपए की मांग के विरूद्व 4580 करोड़ रूपए की वसूली हो चुकी है, जो कि 80 प्रतिशत है। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ में सहकारी बैंकों की कुल 326 शाखाएं है, जिसमें 110 एटीएम कार्यरत हैं। बैठक में निर्देशित किया गया कि 31 मार्च 2023 तक 115 एटीएम लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इससे किसानों को राशि आहरण में सहुलियत होगी। छत्तीसगढ में 2058 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां है। इन समितियों में 1365 माइक्रो एटीएम प्रदान किया जा चुका है।

नाबार्ड सहायता अंतर्गत आरआईडीएफ योजना से स्वीकृत 725 गोदामों में से 624 गोदाम निर्माण का कार्यादेश जारी किया जा चुका है एवं निर्माण कार्य प्रगति पर है। विशेष सचिव सहकारिता ने अधिकारियों को इन सभी गोदामों का निर्माण वर्षा काल के पूर्व करने का निर्देश दिया गया। नेशनल डेटाबेस के अनुरूप कम्प्यूटराईजेशन किया जाना है। इस संबंध में 2058 पैक्स कम्प्यूटराईजेशन की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इसके लिए समितियों के समस्त लेखा पत्रकों में दर्ज कर उनका 31 मार्च तक मिलान सुनिश्चित कर लिया जाए।

बस्तर एवं सरगुजा संभाग में बैंकिंग विस्तार की समीक्षा के दौरान बस्तर संभाग में बैंकिंग विस्तार एवं एटीएम स्थापना के प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया गया। इसके लिए जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक जगदलपुर के सीईओ एस. के. जोशी पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने का निर्देश दिया गया। नाबार्ड सहायता अंतर्गत आर.आई.डी.एफ. योजना से गोदाम निर्माण की जिलेवार समीक्षा में राजनांदगांव जिले में स्वीकृत गोदाम का निविदा नहीं निकाले जाने पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजनांदगांव के सीईओ सुधीर सोनी के लिए कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने का निर्देश दिया गया। उप पंजीयक जिला दुर्ग अवधेश मिश्रा को आडिट, अंकेक्षण वसूली एवं समितियो के परिसमापन की प्रगति संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने का निर्देश दिया गया।

उप पंजीयक राजनांदगांव के द्वारा बैठक में राजनांदगांव जिले के मेढ़ा समिति में लगभग 2 से 2.50 करोड़ रूपए एवं मुढ़ीपार समिति में 50 लाख रूपये का ऋण असंतुलन प्रकरण की जानकारी दी गई। इस संबंध में जिला सहकारी बैंक राजनांदगांव के सीईओ श्री सुधीर सोनी को दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने तथा फोरेंसिक आडिट का निर्देश दिया गया। साथ ही संयुक्त पंजीयक संभाग दुर्ग को इन समितियों का स्पेशल आडिट के निर्देश भी दिए गए। पैक्स कम्प्यूटराईजेशन, नवीन एटीएम स्थापना, माइक्रो एटीएम की उपलब्धता एवं संचालन एवं सहकारी शक्कर कारखाना का संचालन एवं गन्ना क्रय राशि भुगतान की समीक्षा में बिलासपुर जिले में विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाये जाने के कारण उप पंजीयक बिलासपुर को स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया गया। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना में निर्माणाधीन ईथेनाल प्लाट स्थापना की समीक्षा की गई।

बैठक में अपर पंजीयक हितेश दोशी, अपर पंजीयक एच.के.नागदेव, उप सचिव सहकारिता पी.एस.सर्पराज, संयुक्त पंजीयक  उमेश तिवारी, अपेक्स बैंक प्रबंध संचालक के. एन. कान्डे सहित सभी संभागों के संयुक्त पंजीयक और जिलों के उप पंजीयक, सहकारी शक्कर कारखानों के प्रबंध संचालक एवं अपेक्स बैंक के अधिकारी मौजूद थे।

वर्धा की तर्ज पर नवा रायपुर में स्थापित होगा 21वीं सदी का सेवा-ग्राम

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आजादी के 75वें साल में आजादी की लड़ाई के मूल्यों, सिद्धांतों, आदर्शों और महात्मा गांधी की ग्राम-स्वराज की संकल्पना को अक्षुण्ण रखने के लिए नवा-रायपुर में भी वर्धा की तर्ज पर सेवा-ग्राम की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सचिन राव के साथ नया रायपुर में बनने वाले सेवा ग्राम के लिए चिन्हांकित स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि सेवा ग्राम के लिए नवा-रायपुर 76.5 एकड़ की जमीन चिन्हांकित की गई है। 


ये स्थान नया रायपुर के लेयर वन से लगा हुआ है। इस स्थल में लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में दो नहर भी है। बाकी 75 एकड़ भूमि में सेवा ग्राम बसाया जाएगा। सेवा ग्राम को इस ढंग से विकसित किया जाएगा कि वहां छत्तीसगढ़ की परंपरागत ग्रामीण भवन शैली की झलक दिखें। निर्माण कार्यों में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध निर्माण सामग्री का उपयोग होगा। आश्रम के अंदर की सड़के भी ग्रामीण परिवेश के अनुरूप होंगी। सेवा ग्राम तक पूरा क्षेत्र हरियाली से भरपूर रहेगा।


आश्रम का पूरा वातावरण आत्मिक शांति प्रदान करेगा। इस मौके पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री  मोहम्मद अकबर, विधायक देवेन्द्र यादव, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, विशेष सचिव कृषि  एस. भारतीदासन, एनआरडीए के मुख्यकार्यपालन अधिकारी फकीर भाई अय्याज तम्बोली, संचालक उद्योग अनिल टुटेजा, रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार भी उनके साथ थे।

आत्मनिर्भर-ग्राम की कल्पना

सेवा ग्राम में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और आत्मनिर्भर-ग्राम की कल्पना को साकार करने के लिए सभी प्रकार के कारीगरों के प्रशिक्षण की व्यवस्था का प्रावधान भी किया जाएगा। बता दें कि सेवा ग्राम की स्थापना के लिए 02 अक्टूबर 2021 से पहले इस संबंध में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि इस परियोजना के पीछे महाराष्ट्र के वर्धा में स्थित सेवाग्राम है, जिसकी स्थापना साल 1936 में महात्मा गांधी और उनकी सहधर्मिणी कस्तूरबा के निवास के रूप की गई थी, ताकि वहां से वे मध्य भारत में स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व कर सकें। 

ग्रामीण भारत के पुननिर्माण का केंद्र 

वर्धा का यह संस्थान महात्मा गांधी के सपनों के अनुरूप ग्रामीण भारत के पुननिर्माण का केंद्र भी था। गांधीजी का मानना था कि भारत की स्थितियों में स्थायी रूप से सुधार के लिए ग्राम-सुधार ही एकमात्र विकल्प है। अब 21वीं सदी में महात्मा गांधी के उन्हीं सपनों के अनुरूप ग्राम-सुधार के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए नवा-रायपुर में सेवा-ग्राम की स्थापना की जा रही है। इस सेवा-ग्राम का निर्माण मिट्टी, चूना, पत्थर जैसी प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग करते हुए किया जाएगा। 

स्थानीय लोगों का सशक्तिकरण 

ये परियोजना गांधी-दर्शन को याद रखने और सीखने की प्रेरणा देगी। साथ ही स्वतंत्रता आंदोलन की यादों और राष्ट्रीय इतिहास को भी इसके माध्यम से जीवंत रखा जा सकेगा। रायपुर में प्रस्तावित सेवाग्राम में गांधीवादी सिद्धांतों, ग्रामीण कला और शिल्प के केंद्र विकसित किए जाएंगे, जहां अतिथि विषय-विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही वहां वृद्धाश्रम तथा वंचितों के लिए स्कूल भी स्थापित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य पर्यटन के अवसरों को बढ़ा देकर, छत्तीसगढ़ की लोक कलाओं को प्रोत्साहन देकर, बुजुर्गों को दूसरा-घर देकर और वैचारिक आदान-प्रदान के लिए छत्तीसगढ़ में एक विश्वस्तरीय व्यवस्था का निर्माण करके स्थानीय लोगों का सशक्तिकरण करना है। 

आयोजित किए जाएंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम 

सेवा-ग्राम में प्रस्तावित विजिटर्स सेंटर सीखने, निर्वाह करने और गांधी के सिद्धांतों का स्मरण करने का केंद्र जगह होगा। छत्तीसगढ़ अपनी विशिष्ट कला और शिल्प के लिए जाना जाता है। छत्तीसगढ़ के बस्तर, रायगढ़ और अन्य जिलों में बेल मेटल, लौह, टेराकोटा, पत्थर, कपड़े और बांस का उपयोग करके विभिन्न कलात्मक वस्तुओं का निर्माण किया जाता है। सेवाग्राम एक ऐसा स्थान होगा जहां आगंतुक स्थानीय कला और शिल्प, स्थानीय व्यंजनों को बारे में जान सकेंगे। अपनी जानकारियों और अनुभवों को साझा कर सकेंगे। सेवा ग्राम में एक ओपन थियेटर भी होगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

नवा रायपुर में बनेगी अत्याधुनिक फिल्म सिटी, छत्तीसगढ़ी कलाकारों को मिलेगा सतत रोजगार

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छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में अत्याधुनिक फिल्म सिटी का निर्माण (Film City in Nava Raipur) किया जाएगा। फिल्म सिटी (Film City) में छत्तीसगढ़ी कलाकारों और फिल्म से जुड़े लोगों को अभिनय, वादन, गायन, लाईटिंग, साउंड जैसे प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी। कलाकारों को खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय और रायपुर के कमला देवी संगीत महाविद्यालय से भी सहयोग मिलेगा।









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राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। राज्य सरकार छालीवुड (Film City in Nava Raipur) की परिकल्पना को मूर्त रूप देने जा रही है। संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत (Minister Amarjeet Bhagat) ने हाल ही में फिल्म सिटी के प्रस्ताव को लेकर अधिकारियों की बैठक ली थी और उन्हें हैदराबाद और मुंबई जाकर फिल्म सिटी का मुआयना करने को कहा है। वहीं संस्कृति विभाग में फिल्म निर्माण सेल का गठन किया गया है।









300 एकड़ में फिल्म सिटी के निर्माण का प्रस्ताव





नवा रायपुर अटल नगर (Nava Raipur Atal Nagar) में फिल्म निर्माण के लिए अलग से फिल्म सिटी बनाई जा रही है। पुरखौती मुक्तांगन के निकट 300 एकड़ में फिल्म सिटी के निर्माण का प्रस्ताव है। संस्कृति विभाग द्वारा फिल्मों के संबंध में नीति का खाका तैयार किया गया है। फिल्म सिटी बनाने से राज्य की बहुरंगी संस्कृति के संरक्षण के साथ यहां के लोक कलाकारों, साहित्यकारों, शिल्पकारों सहित अनेक लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।





छत्तीसगढ़ में बढ़ी ठंड, प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की संभावना





फिल्म सिटी के बनने से राज्य में फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण के लिए अलग-अलग लोकेशन में जाकर फिल्म की शूटिंग नहीं करनी पड़ेगी। एक ही स्थान पर उन्हें सभी सुविधा मिलेगी। प्रदेश में फिल्म सिटी बनने से छत्तीसगढ़ी फिल्मों की गुणवत्ता बढ़ेगी। वहीं उच्च स्तरीय तकनीकों का उपयोग होगा। इससे छत्तीसगढ़ी कलाकारों को सतत रूप से रोजगार मिलेगा।









छत्तीसगढ़ी कलाकारों को मिलेगा सतत रोजगार





छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए फिल्म विकास निगम बनाया गया है। इस निगम के माध्यम से राज्य में फिल्म महोत्सवों और कार्यशालाओं के आयोजन से फिल्म से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाने में मदद मिलेगी। वहीं बहुत से साहित्यकारों, लेखकों, शिल्पकारों और इवेंट कंपनियों को भी रोजगार मिलेगा।





छत्तीसगढ़ में 14 दिसंबर तक 20.67 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी, 5.70 लाख किसानों ने बेचा धान





फिल्म और सिनेमा उद्योग लोगों के जीवन की नीरसता दूर करने में जहां सहायक हैं। वहीं इस उद्योग से व्यापार और पयर्टन जगत को भी इसका लाभ मिलता है। राज्य में आकर्षक पर्यटक और मनोरम स्थलों की यहां कमी नहीं है। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है, इससे फिल्म निर्माण उद्योग को भी फायदा होगा। देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं को भी छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक खूबसूरती को देश के सामने लाने के लिए बड़ा प्लेटफार्म मिलेगा।





यूपी में भी बनेगा फिल्म सिटी





बता दें कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath of Uttar Pradesh) ने 3 महीने पहले यूपी में देश की सबसे खूबसूरत फिल्म सिटी बनाने का एलान किया था। नोएडा या ग्रेटर नोएडा में नई फिल्म सिटी बन सकती है और सीएम योगी ने अधिकारियों को इसकी कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 'देश को एक अच्छी फिल्म सिटी की जरूरत है। उत्तर प्रदेश यह जिम्मेदारी को लेने के लिए तैयार है। हम एक उम्दा फिल्म सिटी तैयार करेंगे। फिल्म सिटी के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे का क्षेत्र बेहतर होगा।'


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