Media24Media.com: दूरदर्शी सोच

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गर्मी में पहले आता था 8 हजार रुपए का भारी भरकम बिल, इस बार एक भी रुपए नहीं चुकाना पड़ा अतुल को

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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आज आम नागरिकों की जिंदगी में उजाला ही नहीं, सुकून भी भर रही है। यह योजना सिर्फ बिजली संकट का समाधान नहीं, बल्कि पर्यावरण सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता की और बढ़ाया ठोस कदम है।

इस योजना के एक सफल लाभार्थी में से एक रायपुर के डॉ. दीनदयाल उपाध्याय नगर निवासी अतुल तिवारी भी है। तिवारी ने बीते वर्ष अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगवाया। उन्हें सरकार की ओर से 78,000 रुपए की सब्सिडी मिली, जिससे लागत बेहद कम हो गई और बिजली उत्पादन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो गई।

तिवारी ने बताया कि पहले हर गर्मी में बिजली का बिल 7,000 से 8,000 रुपए तक आता था। लेकिन इस बार मेरा पूरा बिल शून्यआया है। अब उनके घर में बिजली निरंतर और मुफ्त मिल रही है। सिर्फ उनका बिजली खर्च ही नहीं घटा है, बल्कि अब उन्होंने ग्रीन एनर्जी की ओर कदम भी बढ़ाया है। वे कहते हैं, “यह योजना गर्मी के मौसम में किसी वरदान से कम नहीं है।बिजली की निर्बाध आपूर्ति से उनका परिवार न केवल आरामदायक जीवन जी रहा है, बल्कि भविष्य की ऊर्जा बचत में भी भागीदार बन चुका है। अब अन्य लोग भी अपने छतों में सोलर पैनल लगा रहे है और योजना का लाभ उठा रहे हैं।

तिवारी ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार जताया। उन्होंने कहा यह योजना केवल आज की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत आधार है।

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत शासन द्वारा उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा भी कैबिनेट की बैठक में हितग्राहियों को 30 हजार तक की सब्सिडी दिए जाने का निर्णय लिया है। इसमें 1 किलो वॉट पर केंद्र से 30 हजार और राज्य से 15 हजार कुल 45 हजार, 2 किलो वॉट पर केंद्र से 60 हजार और राज्य से 30 हजार कुल 90 हजार, 3 किलो वॉट पर केंद्र से 78 हजार और राज्य से 30 हजार कुल 1 लाख 08 हजार की सब्सिडी दी जा रही है। 3 किलो वॉट उससे अधिक क्षमता पर 1 लाख 08 हजार की सब्सिडी स्थिर रहेगी।

योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन करा सकता है।

स्वामित्व योजना ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की प्रभावी पहल- मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा और दूरदर्शी सोच के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा स्वामित्व योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए मजबूती से कदम उठाया गया है। स्वामित्व योजना ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की प्रभावी पहल है। संपत्ति का अधिकार केवल भूमि और अन्य संसाधनों के कानूनी स्वामित्व तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह व्यक्तियों और समुदायों को आत्मनिर्भरता, स्थिरता और सम्मानित जीवन जीने का आधार प्रदान करता है। यह अधिकार विशेष रूप से हमारे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है, इसलिए भू-अभिलेखों को पारदर्शी और प्रभावी बनाना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज महासमुंद में आयोजित स्वामित्व कार्ड वितरण सामरोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी स्वामित्व कार्ड के लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज महासमुंद जिले के 128 गांवों के 10 हजार 850 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना से भूमि का मालिकाना हक सीमाओं का न सिर्फ स्पष्ट निर्धारण होगा, इससे भू-संबंधी विवादों में कमी भी आएगी।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम भूमि संबंधित मामलों में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे ग्राम पंचायतों को उच्च-रिज़ॉल्यूशन डिजिटल मानचित्र उपलब्ध कराए जा सकें। यह बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में मदद करेगा, जिससे विकास की गति तेज होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए “सुगम एप“ विकसित किया है और दस्तावेजों के डिजिटलीकरण पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अभी 3 लाख 88 हजार नवीन प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति और मिली है। साथ ही भविष्य में भी 4 लाख नये आवासों की स्वीकृति भी मिलेगी। हमारी सरकार बनते ही 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई थी। राज्य में अभी आवास प्लस 2024 में सर्वे का कार्य प्रारम्भ हो गया है। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि अब ढाई एकड़ सिंचित या 5 एकड़ असिंचित जमीन तथा जिनके पास टू व्हीलर होगा, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज देशव्यापी स्वामित्व कार्ड वितरण कार्यक्रम में दिल्ली से वर्चुअल रूप से जुड़े और 50 हजार गांवों में 65 लाख ग्रामीणों को उनकी काबिज भूमि का स्वामित्व कार्ड प्रदान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने योजना के लाभार्थियों को संबोधित किया और उनसे संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में प्रदेशवासियों को प्रयागराज महाकुंभ का सहभागी बनने के लिए निमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रयागराज सेक्टर 6 अंतर्गत साढ़े 4 एकड़ क्षेत्र में भव्य पंडाल छत्तीसगढ़ वासियों के लिए निर्मित किया गया है। यहां उनके ठहरने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष 31 जनवरी तक धान खरीदी होगी। अभी तक 132 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी हो चुकी है तथा 23 लाख से अधिक किसान धान बेच चुके है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के पश्चात शीघ्र ही अंतर की राशि प्रदान की जाएगी।

इस अवसर पर राजस्व एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य कर ही है। सबका साथ और सबका विकास एक नारा ही नहीं एक भाव है, जिसको सार्थक करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व कार्ड केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि आपके अधिकार, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रमाण है।

कार्यक्रम में सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से जनहित के कामों में तेजी आयी है। कार्यक्रम को विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, संपत अग्रवाल ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि ड्रोन सर्वे के माध्यम से 1073 गांव में सर्वे पूर्ण कर लिया गया है। जिसके माध्यम से 128 गांवों के 10850 लाभार्थियों का स्वामित्व कार्ड तैयार कर वितरण की शुरूआत की गई है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, संयुक्ता सिंह, पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू, पूर्व संसदीय सचिव पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक परेश बागबाहरा एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अटल जी के सुशासन के आदर्शों के अनुरूप छत्तीसगढ़ को संवारने के लिए हम सभी दृढ़संकल्पित : मुख्यमंत्री विष्णुदेव

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर कुनकुरी के सलियाटोली में आयोजित अटल सुशासन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सबके श्रद्धेय नेता, छत्तीसगढ़ के निर्माता, भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का शताब्दी जयंती वर्ष है। हम यह वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं।


अटल जी की जयंती हम सब सुशासन दिवस के रूप में मनाते हैं। आज छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है और भारत के नक्शे में 26 वें राज्य के रूप में उभरा है तो इसके पीछे अटल जी की दूरदर्शी सोच थी। छत्तीसगढ़ की जनता से किया गया वायदा न केवल अटल जी ने निभाया अपितु नये राज्य को संवारने के लिए हर संभव मदद भी की।


अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य में विकास की जिस तरह परिकल्पना की थी उसके अनुरूप हम छत्तीसगढ़ को संवारने में जुटे हुए हैं। उन्होंने जो सुशासन के आदर्श हमारे समक्ष रखे हैं उन पर चलते हुए हमने प्रशासन के हर स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को अपनाया है। सुशासन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हमने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। अटल मानिटरिंग एप, सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ई-आफिस, सुगम एप, संगवारी एप जैसे नवाचारों के माध्यम से हम डिजिटल गवर्नेंस को हर स्तर पर अपना रहे हैं। इससे प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। अटल जी की चिंता किसानों के प्रति थी। छत्तीसगढ़ बनने के बाद हमने धान खरीदी का बढ़िया माडल बनाया। आज छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का सबसे ज्यादा मूल्य मिलता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए हम हर महीने एक हजार रुपए 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में दे रहे हैं। एक साल के भीतर ही हमने माओवादियों को उनके सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले इलाकों से खदेड़ दिया। अब माओवाद अंतिम सांसें ले रहा है। इससे बस्तर में विकास की नई राह खुली है। पीएम जनमन योजना एवं नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में खुशियों की लहर आई है। नई उद्योग नीति के माध्यम से हमने ढाई लाख करोड़ रुपए निवेश का लक्ष्य रखा है इससे पांच लाख लोगों के लिए रोजगार की संभावनाएं बनेंगी।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कुनकुरी और जशपुर में ऑडिटोरियम निर्माण, कुनकुरी नगर के विकास के लिए 5 करोड़ रूपए, कुनकुरी इंडोर स्टेडियम के लिए 20 लाख रूपए, ग्राम पंचायत नारायणपुर ओघेश्वर आश्रम में दो प्रवेश द्वार निर्माण, तपकरा तहसील में लिंक कोर्ट की स्थापना, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सलियाटोली में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रूपए एवं बार एसोसिएशन कुनकुरी में फर्नीचर, पुस्तकालय के लिए 25 लाख रूपए प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मशताब्दी के पुनीत अवसर पर आयोजित "अटल सुशासन समारोह" में जशपुर जिले के स्पेशल लोगो, वार्षिक प्रगति पत्रक, जशप्योर कैलेंडर और जशपुर के पर्यटन स्थलों के कैलेंडर का विमोचन किया। साथ ही पीएम आवास योजना (ग्रामीण) और पीएम जनमन आवास योजना के लाभान्वित हितग्राहियों को उनके नवनिर्मित आवास की चाबी सौंप कर बधाई दी। उन्होंने अटल सुशासन समारोह में शासन के विभिन्न विभागों की उपलब्धियों पर आधारित स्टाल्स का अवलोकन कर हितग्राही मूलक योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को हितग्राहीमूलक सामग्री प्रदान की।

इस अवसर पर विधायक गोमती साय और रायमुनी भगत, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष शांति भगत, कृष्ण कुमार राय, नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता, रामप्रताप सिंह, यश प्रताप सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता, रोहित साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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