Media24Media.com: दस्तावेजों

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सरायपाली में अवैध धान परिवहन पर कार्रवाई, ट्रक जब्त कर मंडी के सुपुर्द

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महासमुंद। सरायपाली अनुविभागीय अधिकारी (आईएएस) सुश्री नम्रता चौबे के निर्देशन में आज सरायपाली क्षेत्र में अवैध धान परिवहन पर सख्ती बरतते हुए प्रशासन ने बिना दस्तावेजों के धान ले जा रहे एक ट्रक को जब्त कर मंडी के सुपुर्द कर दिया।

अधिकारियों को सूचना मिली थी कि एक ट्रक बिना वैध दस्तावेजों के धान का परिवहन कर रहा है। तत्पश्चात, जांच टीम ने कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोका और दस्तावेज मांगे, परंतु चालक दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहा। इस मामले में प्रशासन द्वारा ट्रक को जब्त कर मंडी में सुरक्षित रखा गया। प्रशासन का कहना है कि अवैध परिवहन पर सख्ती जारी रहेगी, और जांच में दोषी पाए जाने वालों पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

नवरात्रि में रायपुर के रियल स्टेट सेक्टर में बूम, बीते साल से 25 प्रतिशत अधिक रजिस्ट्री

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रायपुर। इस वर्ष नवरात्रि में रायपुर जिले में रियल स्टेट सेक्टर में काफी बूम देखने को मिल रहा है। इस बार नवरात्रि के दौरान तीन दिनों में एक हजार रजिस्ट्रियां हुई है, जो बीते साल नवरात्रि के शुरूआती तीन दिनों में हुई रजिस्ट्रियों से 25 फीसद से भी ज्यादा है। बीते वर्ष शारदीय नवरात्रि के शुरूआती तीन दिनों यानि 16,17 एवं 18 अक्टूबर को रायपुर जिले में कुल 796 दस्तावेज पंजीबद्ध हुए थे, जबकि इस साल नवरात्रि में 3, 4 और 7 अक्टूबर को पंजीबद्ध हुए दस्तावेजों की संख्या एक हजार है, जो कि बीते वर्ष की तुलना में 204 अधिक है। 

जिला पंजीयक रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार नवरात्रि में दस्तावेजों के पंजीयन से शासन को 14 करोड़ 6 लाख 96 हजार रूपए की आय प्राप्त हुई है जो पिछले वर्ष की तुलना में 37 लाख 11 हजार रूपए अधिक है। बीते वर्ष इसी अवधि में 796 दस्तावेजों के पंजीयन से शासन को 13 करोड़ 69 लाख 85 हजार रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री की पहल : लोगों को मिली एक और नई सुविधा

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर लोगों को एक और नई सुविधा मिलने जा रही है। राज्य के सभी पंजीयन कार्यालयों में लोगों को अपने भूमि-मकान आदि के एनजीडीआरएस प्रणाली में पंजीयन के समय ऑनलाईन अपॉइंटमेंट लेने के पूर्व ही नेटबैंकिंग अथवा यूपीआई दोनों तरीके से भुगतान करने की सुविधा प्रदान की जा रही है।

वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी. चौधरी के निर्देश पर महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक द्वारा लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए पंजीयन विभाग द्वारा ऑनलाईन शुल्क भुगतान की सुविधा को एनजीडीआरएस प्रणाली में जुलाई 2024 से लाईव किया गया है। पक्षकार रजिस्ट्री कराने हेतु ऑनलाईन अपॉइंटमेंट लेने के पूर्व ही नेटबैंकिंग अथवा यूपीआई दोनों तरीके से भुगतान कर सकते हैं।

गौरतलब है कि राज्य के सभी पंजीयन कार्यालयों में एनआईसी द्वारा निर्मित एनजीडीआरएस प्रणाली से दस्तावेजों के पंजीयन का कार्य हो रहा है। ऑनलाईन पेमेंट की सुविधा न होने से पंजीयन शुल्क नगद, चेक तथा डीडी के माध्यम से जमा किया जाता रहा हैं। ऑनलाईन शुल्क भुगतान की सुविधा होने से विभाग कैशलेस के साथ पेपरलेस एवं फेसलेस पंजीयन की दिशा में अग्रसर हो सकेगा, जिसमें आधार आधारित वेरिफिकेशन किया जाकर पक्षकारों को घर बैठे ही संपत्ति के क्रय-विक्रय संबंधी विलेखों के पंजीयन की सुविधा प्रदान की जा सकेगी।

पंजीयन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक चरण में आम जनता को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े इसके लिए वर्तमान में ऑनलाईन शुल्क भुगतान के साथ नगद अथवा चेक के माध्यम से फीस लिये जाने की व्यवस्था आगामी आदेश तक जारी रहेगी। ऑनलाईन भुगतान होने से पक्षकारों को सुविधा के साथ-साथ पंजीयन कार्यालय के कर्मचारियों को भी कैश हैंडलिंग की समस्या से राहत होगी।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं एवं पंजीयन कार्य से जुडे व्यक्तियों को ऑनलाईन भुगतान के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रशिक्षण प्रदाय किया गया है तथा विभाग द्वारा कैशलेश प्रणाली के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए अधीनस्थ पंजीयन कार्यालयों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। विभाग द्वारा ऑनलाईन पेमेंट गेटवे के अतिरिक्त पंजीयन कार्यालयों में स्वाईप मशीनों की स्थापना भी की जा रही है। इससे दस्तावेजों का पंजीयन कराने वाले पक्षकारों को सुविधा होगी।


मतगणना संबंधी दस्तावेजों की सिलिंग हेतु प्रभारी अधिकारी नियुक्त

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दुर्ग। विधानसभा निर्वाचन 2023 अंतर्गत 3 दिसंबर 2023 को मतगणना परिणाम घोषित होने के बाद ई.वी.एम. एवं वीवीपैट तथा डाक मत पत्र एवं अन्य दस्तावेजों के सीलिंग कार्य हेतु शंकराचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज जुनवानी भिलाई में नोडल अधिकारी डी.एस. वर्मा उपसंचालक जि.यो.सां.दुर्ग मोबाइल नंबर 9755986280 एवं सहायक नोडल अधिकारी सागर साहू सहायक संचालक जि.यो.सां.दुर्ग मोबाइल नंबर 7805080027 एवं आदित्य कुंजाम अधीक्षक भू अभिलेख दुर्ग मोबाइल नंबर 9981584877 एवं नोडल के सहायक निसार खान सहायक ग्रेड-3 जि.यो.सां.दुर्ग मोबाइल नंबर 9406420786 नियुक्त किए गए है।


इनके निर्देशन में अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सिलिंग कार्य हेतु 3 दिसंबर 2023 को कार्य पूर्ण होने तक ड्यूटी लगायी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वि.स. 62 पाटन हेतु प्रभारी अधिकारी धरमलाल डहरिया खण्ड शिक्षा अधिकारी धमधा (मो.नं. 9575753004) एवं इनके सहायक अधिकारी होरी लाल चतुर्वेदी, व्याख्यता, शा.उ.मा.वि. अंजोरा मो.न. 7828679490, बी.एन. चौधरी, व्याख्याता, शा.उ.मा.वि. मचान्दुर मो.न. 7869994261, वीरेन्द्र कुमार वर्मा, व्याख्याता, शा.उ.मा.शाला मरोदा (मो.न. 7828679476), कमल नारायण देवांगन, व्याख्याता, शास. हाई स्कूल भेड़सर मो.न. 8085292204, जे.पी. पाण्डेय, प्राचार्य शास. हायर सेकेण्डरी स्कूल पांहदा मो.न. 9406047525, सुरेश कुमार, प्राचार्य शास. उ.मा. शाला सेजेस बालाजी नगर मो.न. 9826429816, ओंकार प्रसाद साहू, व्याख्याता, शास. उ.मा. शाला सांकरा मो.न. 9165942990 को नियुक्त किया गया है।

इसी प्रकार वि.स. क्षेत्र क्र. 63 दुर्ग ग्रामीण के प्रभारी अधिकारी के.के. शुक्ला, सहायक संचालक कार्या. संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग मो.न. 9424114522 एवं इनके सहायक अधिकारी विष्णुप्रसाद कुम्भकार, व्याख्यता, शास. उ.मा. शाला केसरा मो.न. 9584319807, द्वारिका प्रसाद साहू, व्याख्याता, शास. उ.मा. शाला मर्रा, मो.न. 9753808016, ओमप्रकाश सिंह, प्राचार्य, शास. उ.मा. शाला तेलीगुण्डरा मो.न. 9752985956, मोरेश्वर सोनी, व्याख्याता शास. हा.कन्या शाला सुपेला मो.न. 9755860959, जे.बी.सिह, शास. उ.मा. शाला बहु. दुर्ग मो.न. 9826660617, नरेन्द्र देशकर, प्राचार्य, शास. उ.मा. वि. सेलूद सेजेस मो.न. 7000874298, अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, व्याख्याता, शास. उ.मा. शाला जामुल मो.न. 7067901546 को नियुक्त किया गया है।

वि.स. क्षेत्र क्र. 64 दुर्ग शहर हेतु नोडल अधिकारी सोमेश्वर लिखारे, प्राचार्य, शास. उ.मा. वि. दारगांव मो.न. 9424109581 एवं इनके सहायक अधिकारी अरविंद भारद्वाज, प्राचार्य, शास.उ.मा.वि. सेमरिया मो.न. 7828147814, जे. मनोहरण, ए.डी.पी.ओ. राष्ट्रीय मा.शिक्षा अभियान दुर्ग मो.न. 9131077318, मंजीत सिंह राजपूत, प्राचार्य शास. उ.मा. शाला विनायकपुर मो.न. 9893034769, चंद्रशेखर चंद्राकर, व्याख्याता शास. उ.मा. शाला औंधी मो.न. 8319143872, राजेश कुमार श्रीवास्तव, व्याख्याता, शास. उ.मा. शाला तितुरडीह मो.न. 7898365490 एवं चित्रसेन चंद्राकर, व्याख्याता शास. उ.मा. शाला पुरैना मो.न. 9981235697 को नियुक्त किया गया है। वि.स. क्षेत्र क्र. 65 भिलाई नगर हेतु नोडल अधिकारी गोविंद साव, खण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग मो.न. 9303259653 एवं इनके सहायक अधिकारी शम्भू राम साहू, व्याख्याता शास. उ.मा. शाला सेक्टर 09 भिलाई मो.न. 9407732916, केवल सिंह जासवाल, व्याख्याता शास. उ.मा. शाला हथखोज मो.न. 9926211822, विवेक शर्मा, ए.पी.सी. सर्व शिक्षा अभियान दुर्ग मो.न. 9827996610, जगदीश दिल्लीवार, व्याख्याता शास. उ.मा. शाला सुरडुंग मो.न. 9131269575/8085525282, सतीश जोशी, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी/हिन्दी मा. वि. जे.आर.डी. दुर्ग मो.न. 9329122231, राजकुमार राजपूत, स्वामी आत्मानंद उत्कृट अंग्रेजी/हिन्दी मा. वि. जे.आर.डी. दुर्ग मो.न. 9425555527, अनिल गजपाल एवं शास. उ.मा. शाला मो.न. 8827292734 को नियुक्त किया गया है।

वि.स. क्र. 66 वैशाली नगर हेतु सुरेन्द्र पाण्डेय, सर्व शिक्षा परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा मो.न. 7999545826 एवं इनके सहायक अधिकारी गजेन्द्रनाथ पाण्डे, प्राचार्य, शास. उ.मा. शाला तरीघाट मो.न. 9301863249, सोमेन कुण्डू, प्राचार्य, शास. उ.मा. शाला कुकदा मो.न. 9425556067, रोहित कुमार देशमुख, व्याख्याता शास. हाई स्कूल विनायकपुर मो.न. 9752324728, धनंजय वर्मा, व्याख्याता शास. उ.मा. शाला पुरैना मो.न. 6266067279, चंद्रशेखर सोनी, व्याख्याता शास. उ.मा. शाला दीपक नगर दुर्ग मो.न. 9753153914, सतीश एम जैकब, व्याख्याता शास. उ.मा. शाला बहु. दुर्ग मो.न. 9424107745 एवं सुनील कुमार झा व्याख्याता, शास. उ.मा. शाला वंृदानगर मो.न. 9424118669 नियुक्त किए गए है। वि.स. क्षेत्र 67 अहिवारा हेतु नोडल अधिकारी नौशाद खान, प्राचार्य स्वामी आत्मानंद उ. अंग्रेजी मा. स्कूल फरीद नगर मो.न. 9827103081 एवं इनके सहायक अधिकारी राजू गुप्ता, प्राचार्य, शास. उ.मा. शाला केम्प 01 भिलाई मो.न. 9425555042, इंदू कुमार रामटेके, ए.पी.सी. सर्व शिक्षा अभियान दुर्ग मो.न. 9424108869, हेमंत उपाध्याय,

व्याख्याता शास. उ.मा. शाला केम्प 01 भिलाई मो.न. 9425564420, बी.आर. देवांगन, व्याख्याता शास. उ.मा. शाला केम्प 02 भिलाई मो.न. 9301327536, राजेश कुमार हरमुख, प्राचार्य शास. हाई स्कूल पथरिया मो.न. 9340498050 एवं नरेन्द्र भारद्वाज, व्याख्याता पं.ज.ला.ने.उ.मा.वि.न्यू खुर्सीपार मो.न. 9425241944 नियुक्त किए गए है। इसी क्रम में पोस्टल बैलेट हेतु प्रभारी अधिकारी जी.एस.बन्छोर, प्राचार्य शास. उ.मा. शाला कन्या बघेरा मो.न. 9926991649 एवं इनके सहायक अधिकारी जगजीत सिंह धीर, प्राचार्य, स्वामी आत्मानंद उ. अंग्रेजी मा. स्कूल रिसाली मो.न. 9300543750 होंगे तथा यादराम बंजारे, प्राचार्य हार सेकेण्डरी स्कूल फेकारी मो.न. 9179255800, रवि प्रधान, व्याख्याता शास. उ.मा. शाला कुरूद मो.न. 9713667869, महेश कुमार चंद्राकर, व्याख्याता शास. उ.मा. शाला मतवारी मो.न. 9617162236, दीपक चौधरी, व्याख्याता शास. उ.मा. शाला उतई मो.न. 9424116794, जे.पी. देशलहरा, प्राचार्य शास. उ.मा. शाला उतई मो.न. 9301081268, रोहित सोनी, सहायक सांख्यिकी अधिकारी जि.या.सा.दुर्ग मो.न. 7987327967 एवं सैय्यद सोआउल्लाह, सहायक अधिकारी जि.यो.सां.दुर्ग मो.न. 8516843605 रिजर्व अधिकारी है।


27 सहायक पशु चिकित्सक क्षेत्र अधिकारी पदों पर निकली संविदा भर्ती

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सूरजपुर। पशु चिकित्सा संस्थानों में पशु चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढीकरण हेतु रिक्त पदों की पूर्ति के संबंध में स्थानीय व्यवस्था के तहत जिला प्रशासन के डी.एम.एफ. मद से 27 सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के पदों पर संविदा नियुक्ति के लिए पात्र अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र आमंत्रित किया जा रहा है। 

जिसके लिए इच्छुक पात्र उम्मीदवार कार्यालय उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवा में 24 जुलाई से 07 अगस्त तक कार्यालयीन समय में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकतें है। संबंधित पद के विरुद्ध भर्ती हेतु आवश्यक दस्तावेजों के साथ एक प्रति स्वप्रमाणित छायाप्रति संलग्न कर निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र निर्धारित समय तक सीधे अथवा रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकता हैं। संविदा पदों की भर्ती हेतु आवेदनों की जांच पश्चात अभ्यर्थियों की कौशल परीक्षा व साक्षात्कार का आयोजन 23 से 25 अगस्त की तिथि में सुनिश्चित किया गया है।

महासमुन्द : स्कूल शैक्षणिक संस्थानों के वाहनों का भौतिक निरीक्षण

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महासमुन्द। माननीय सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन एवं परिवहन आयुक्त महोदय के निर्देशानुसार आज 09 जुलाई को महासमुंद जिला अंतर्गत सरायपाली स्थित महल ग्राउंड में बसना, पिथोरा और सरायपाली क्षेत्र में संचालित होने वाले स्कूल/शैक्षणिक संस्थानों के वाहनों का भौतिक निरीक्षण वाहन एवं वाहन चालक से संबंधित दस्तावेजों का जांच शिविर आयोजित किया गया। उक्त शिविर परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।
                

शिविर में 48 वाहनों की जांच की गई, जिसमे 25 वाहन सही पाए गए और 23 वाहनों में सामान्य रूप से खामियां पाई गई। खामियां पाई गई वाहनों से समझौता शुल्क के रूप में कुल रुपए 50300 वसूली किया गया। साथ ही वाहन को सुधार कर जांच हेतु जिला परिवहन कार्यालय महासमुंद में प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। उक्त शिविर में वाहन चालकों, संचालकों और परिचालकों को परिवहन अधिकारी द्वारा वाहन परिवहन नियमानुसार और सभी मापदंडों को पूर्ण कर किए जाने हेतु हिदायत भी दिया गया।

शिविर में मुख्य रूप से जिला परिवहन अधिकारी रामकुमार ध्रुव, परिवहन निरीक्षक पंचम सिंग गोंड, परिवहन निरीक्षक शेषणारायण ध्रुव, असिस्टेंट प्रोग्रामर अमित पाटिल, परिवहन उप निरीक्षक भूषण ध्रुव, सहायक वर्ग-2 मोहन कांड्रा, रामभरोषा निर्मलकर, अन्य सहायक मेगू, लखन, दादु, ओम, यातायात विभाग से प्रधान आरक्षक दर्शनसिंह सिदार एवम विनोद अनंत उपस्थित थे।

महासमुंद : मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना

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महासमुंद। छत्तीसगढ़ प्रदेश के श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के  माध्यम से निर्माण श्रमिकों को राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। महासमुंद ज़िले में इस योजना में 26 श्रमिक सियान पंजीकृत है। अब तक परीक्षण उपरांत 10 श्रमिक सियान को 20-20 हज़ार की एक मुश्त राशि प्रदाय की गई है। शेष श्रमिक सियान के दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है।

तुमगांव के रामजी साहू श्रमिक ने बताया कि मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना की सहायता राशि 20 हजार रुपए उनके बैंक खाते में आ चुका है। उन्होंने इस योजना को श्रमिक सियानों के लिए बहुत ही लाभकारी कहा है। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष की उम्र पार करने के बाद हाथ-पैर भी निर्माण कार्य में साथ नहीं देते। इस कारण निर्माण कर्ता भी हम जैसे लोगों को काम देने में आनाकानी करते है। राज्य शासन की यह योजना हम जैसे श्रमिकों के लिए वरदान बनी है और खाते में 20 हजार रुपए की राशि हमारे और हमारे परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए उन्होंने शासन का आभार जताया और उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद कहा।

छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की सदस्यता छत्तीसगढ़ भवन और सन्निर्माण कर्मकार नियोजन तथा सेवा शर्त अधिनियम 1946 के अंतर्गत 60 वर्ष की आयु सीमा पूरी कर चुके निर्माण श्रमिकों की मंडल की सदस्यता स्वतः ही समाप्त हो जाती है। ऐसे में निर्माण श्रमिक जो मंडल की सदस्यता से निवृत्त होने वाले हैं उनके बेहतर जीवन यापन के उद्देश्य से निवृत्त होने से पूर्व मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके निर्माण श्रमिकों को मंडल की सदस्यता से निवृत्त होने से पहले बेहतर जीवन यापन करने के लिए राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में 10,000 रुपए की एकमुश्त राशि प्रदान की जा रही थी। लेकिन नए वर्ष के अवसर पर राजधानी रायपुर के चावड़ी में मजदूरों से भेंट करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 10,000 रुपए से बढ़ाकर 20,000 रुपए की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की थी। श्रमिकों को इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन आवेदन करना होगा। अधिक राशि प्राप्त कर श्रमिक अपना जीवन यापन उच्च तरीके से कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें किसी अन्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

रायपुर शहर के तीन च्वाईस सेंटरों पर श्रम अधिकारियों की दबिश

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रायपुर। श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ के निर्देशन में श्रम विभाग के अधिकारियों ने रायपुर शहर के तीन अलग-अलग इलाकों में संचालित सेंटरों पर आकस्मिक रूप से दबिश देकर कम्प्यूटर सहित अन्य दस्तावेजों की सघन जांच पड़ताल की। साहू कॉम्पलेक्स टिकरापारा, सुन्दर नगर और लिली चौक पुरानी बस्ती में संचालित च्वाईस सेंटरों के बारे में श्रमायुक्त के संज्ञान में यह मामला आया था कि इसके संचालकों द्वारा ठेकेदारों का फर्जी प्रमाण-पत्र बनाने के नाम पर लोगों से अवैध वसूली की जा रही है।

श्रमायुक्त के निर्देशानुसार चार अधिकारियों की संयुक्त टीम ने उक्त तीनों च्वाइंस सेंटरों की जांच पड़ताल के दौरान सेंटर संचालकों से कम्प्यूटर की आईडी प्राप्त कर उसकी सघन जांच के साथ ही सेंटर में उपलब्ध दस्तावेज एवं अन्य सामग्रियों की भी जांच की। जांच के दौरान नियोजन एवं ठेकेदारों के प्रमाण पत्र के संबंध में कोई भी दस्तावेज नहीं पाये जाने का उल्लेख संयुक्त जांच टीम ने अपने प्रतिवेदन में किया है।

गौरतलब है कि उक्त च्वाईस सेंटरों द्वारा ठेकेदारों के फर्जी प्रमाण पत्र बनाये जाने के नाम पर हितग्राही आवेदकों से अवैध रूप से राशि की मांग किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ ने इसकी जांच के निर्देश दिए थे। श्रमायुक्त के निर्देश के परिपालन में सहायक श्रमायुक्त रायपुर ने श्रम निरीक्षक श्रीमती जयंती बंसल, आर.आर. पाल एवं धनेन्द्र चंद्राकर सहित डिस्ट्रिट मैनेजर सुनील पाण्डेय की संयुक्त टीम गठित कर इस मामले की सघन जांच पड़ताल करने के निर्देश दिए थे। संयुक्त जांच टीम ने उक्त संस्थानों की आई.डी. लेकर उनके समस्त सिस्टमों और अभिलेखों की जांच की। उक्त संस्थानों में नियोजन प्रमाण-पत्र एवं ठेकेदार, नियोजक की सील नहीं पायी गई है।

श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ ने सभी च्वाईस सेंटर संचालकों को हितग्राहियों का नया पंजीयन आवदेन अथवा अन्य योजनाओं के लाभ के लिए आवेदन भरते समय नियम प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन करने तथा हितग्राहियों से निर्धारित शुल्क ही लेने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि आवेदकों के साथ की भी तरह की धोखाधड़ी या फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें लाभान्वित करने का लालच देने का मामला सामने आने पर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अनुपूरक सूची से उप पुलिस अधीक्षक के पद पर चयनित अभ्यर्थी के दस्तावेजों का सत्यापन 24 नवम्बर को

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रायपुर। गृह विभाग द्वारा राज्य सेवा परीक्षा-2019 के माध्यम से अनुपूरक सूची के पद की पूर्ति हेतु उप पुलिस अधीक्षक के पद पर चयनित अभ्यर्थी सिद्धार्थ सिंह चौहान, पिता सुधाकर सिंह चौहान, बिलासपुर को मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्रों एवं अन्य दस्तावेजों की जांच हेतु 



उप सचिव गृह विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर के कक्ष क्रमांक ।क् 3-23  में 24 नवम्बर 2022 को कार्यालयीन समय में अभिलेखों की स्वयं के द्वारा प्रमाणित प्रति तथा 50 रूपए के स्टाम्प पर शपथ पत्र सहित उपस्थित होने को कहा गया है।

पशु चिकित्सा विभाग ने आवेदिका को किया सस्पेंड, विभाग द्वारा जांच रिपोर्ट आने के बाद आयोग लेगा प्रकरण पर निर्णय

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कवर्धा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. श्रीमती किरणमयी नायक ने आज कवर्धा जिले से महिला आयोग को प्राप्त प्रकरणों की सुनवाई की। उनके द्वारा पक्षकारों की उपस्थिति में दोनों पक्षकारों की कथनों को सुनकर सुनवाई की गई। जिन प्रकरणों में सुनवाई पूर्ण की गई ऐसे प्रकरणों को नस्तीबद्ध किया गया। कुछ प्रकरणों को रायपुर में सुनवाई के लिए तिथि निर्धारित किया गया है। सुनवाई के दौरान आयोग की अध्यक्ष डॉ. नायक ने पक्षकारों की उपस्थिति में उनके अभिमत और कथन को सुनकर फैसला सुनाया। आज की सुनवाई के लिए 12 प्रकरण आयोग के समक्ष रखें गए थे,  इनमें 7 प्रकरणों पर सुनवाई पूरी हो जाने पर नस्तीबद्ध किया गया। 



साथ ही अन्य प्रकरणों की सुनवाई के लिए तिथि निर्धारित किया गया। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. नायक ने कहा कि कबीरधाम जिले में अभी महिलाओं की बहुत ज्यादा शिकायते आयोग के पास नहीं आई है। प्राप्त शिकायतों पर आयोग द्वारा लगातार सुनवाई की जा रही है। इस दौरान कलेक्टर जनमेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा ठाकुर रावटे, संयुक्त कलेक्टर डॉ. मोनिका कौडो, डीएसपी श्रीमती मोनिका परिहार, जिला संरक्षण अधिकारी सुश्री निकिता डडसेना उपस्थित थे। पशु चिकित्सा विभाग के एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि अनावेदक उनके सहयोगी चिकित्सक है। उनके द्वारा लगातार आवेदिका के कामकाज को लेकर अनावश्यक दखलअंदाजी और टिका-टिप्पणी किया जाता था। 

आवेदिका ने आयोग में शिकायत दर्ज करने के पूर्व पशु चिकित्सा विभाग में भी शिकायत किया था, लेकिन जॉच समिति ने मेरे दस्तावेजों को नही देखा और अनावेदक चूंकि स्थानीय है और पूर्व में भी विभाग में काम कर चुके थे इसलिए अधीनस्थ कर्मचारियों पर दबाव बना रहता है। विभाग ने जून 2022 में आवेदिका को सस्पेंड कर दिया गया है, जिसकी अपील आवेदिका ने विभाग में कर रखी है और जॉच होना है। आयोग द्वारा इस स्तर पर आवेदिका के प्रकरण में तत्काल निर्णय लिया जाना संभव नहीं है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा जॉच कर रिपोर्ट 02 माह में आयोग को आवश्यक रूप से प्रस्तुत करने आयोग द्वारा पत्र प्रेषित किया जाएगा। इस प्रकरण को रायपुर सुनवाई के लिए रखा गया है।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि, फरवरी में लड़की गुम हुई थी और अप्रैल माह में मिल चुकी है और आरोपीगणों को पुलिस ने पकड़ लिया है वह जेल भी गया है। इसलिए प्रकरण जारी रखने का औचित्य नहीं है। आयोग द्वारा आवेदिका को समझाईश दिया गया कि वह इस प्रकरण में आरोपीगणों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए विधिक सहायता से अधिवक्ता प्राप्त कर सकती है।  जिला संरक्षण अधिकारी महिला बाल विकास विभाग कबीरधाम को आवेदिका का मदद करने के लिए कहा गया तथा आवेदन नस्तीबद्ध किया गया। एक अन्य प्रकरण में अनावेदक लगातार अनुपस्थित है उसे मध्यप्रदेश भिण्ड जिला के एसपी को पत्र भेजकर एएसआई के माध्यम से उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए पत्र भेजना होगा। आवेदिका को समझाईश दिए जाने पर प्रकरण रायपुर में सुनवाई के लिए रखा जाना स्वीकार किया। आयोग ने कहा कि प्रकरण आगामी सुनवाई में डीजीपी और एसपी को पत्र भेजकर अनावेदक की उपस्थिति सुनिश्चित हो पाएगी।

अनावेदक के अभिभावक को पक्षकार बनाकर कोतवाली के माध्यम से आवश्यक उपस्थिति सुनिश्चित करना प्रेषित किया जाएगा

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अपने प्रकरण की सुनवाई रायपुर में कराना चाहा। आवेदिका ने एक सूचीबद्व लिस्ट दिया जिसमें। अनावेदक के माता-पिता के नाम है, उन्हें भी इस प्रकरण में पक्षकार बनाना आवश्यक है क्योंकि इसी वजह से अनावेदक को बचाया जा रहा है। थाना कोतवाली कवर्धा के माध्यम से आवश्यक उपस्थिति सुनिश्चित करना प्रेषित किया जाएगा। एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने 02 दस्तावेज प्रस्तुत किए जिसमें आवेदिका के शिकायत को बढ़ा चढ़ाकर बताया गया है। अतः प्रकरण नस्तीबद्व किया गया। एक अन्य प्रकरण में आवेदिका की ओर से जिसके द्वारा शिकायत प्रस्तुत किया गया है, उनके द्वारा ऐसे किसी भी शिकायत से इंकार किया गया। इसलिए प्रकरण को नस्तीबद्व किया गया।

प्रदेश में 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र होगी प्रारंभ : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्तीय वर्ष 2022-23 का 2904 करोड़ 41 लाख 70 हजार 571 रूपए का प्रथम अनुपूरक बजट ध्वनि से पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रथम अनुपूरक पर सदन में हुई चर्चा का सिलसिलेवार जवाब देते हुए राज्य सरकार के वित्तीय प्रबंधन, उपलब्धियों और अनुपूरक बजट के प्रावधानों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने चर्चा का जवाब देते हुए अनेक घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ होगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 के बाद राज्य सरकार द्वारा 14 हजार शिक्षकों की भर्ती की है,



जिन्हें दस्तावेजों के परीक्षण के उपरांत नियुक्ति दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली पर्व से गौ-मूत्र की खरीदी भी शुरू करने जा रहे है। इससे राज्य में जैविक खेती को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पशुओं के उपचार के लिए 163 मोबाइल वेटनरी यूनिट शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, इसके लिए अनुपूरक में 10 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। गौठानों में विकसित किए जा रहे महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क में लगने वाली यूनिटों को बिना बिजली की खपत की सीमा के कुल बिजली बिल में हॉफ बिजली बिल योजना का लाभ दिया जाएगा। 

इसी तरह मुख्यमंत्री ने सार्वभौम सार्वजनिक वितरण प्रणाली के पीडीएस केन्द्र संचालकों को डीलर मार्जिन राशि देने के लिए 266 करोड़ रूपएअनुसूचित क्षेत्रों एवं सामान्य क्षेत्रों में चना वितरण हेतु 100 करोड़ रूपए की राशि, हाट-बाजार क्लिनिक योजना की मोबाइल यूनिटों के लिए 300 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती, कोरबा, कांकेर, महासमुंद के मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण, उपकरणों की व्यवस्था और बिलासपुर के कैंसर संस्थान के लिए 250 करोड़ रूपए, 120 देवगुड़ी एवं 94 घोटुल के लिए 25.50 करोड़ रूपए,

राजिम माघी पुन्नी मेला स्थल विकास के लिए 1.85 करोड़, गिरौदपुरी एवं भण्डारपुरी के विकास के लिए एक करोड़, रामायण मंडली के कलाकारों के संरक्षण एवं संवर्धन एवं कला दलों के सतत् विकास हेतु रामायण मंडली प्रोत्साहन योजना के लिए 10 करोड़ रूपए, दामाखेड़ा के विकास के लिए 9 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल के बच्चों के लिए आवासीय सुविधा हेतु नजदीक के शासकीय छात्रावासों में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण के लिए 19 करोड़ रूपए, 9058 शैक्षिक तथा 2565 गैर शैक्षिक पद स्वीकृत किए गए है।

मुख्यमंत्री ने 5 एचपी तक के सिंचाई पम्पों को निःशुल्क बिजली देने के लिए 200 करोड़ रूपए, हॉफ बिजली बिल योजना के तहत 41.16 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में रियायत देने के लिए 115.37 करोड़ रूपए, एकल बत्ती कनेक्शन योजना के तहत 17 लाख बीपीएल उपभोक्ताओं को 30 यूनिट तक निःशुल्क विद्युत सुविधा देने के लिए 84.63 करोड़ रूपएपावर कंपनी के ऋण का टेक ओव्हर योजना में 300 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के लिए 79.68 लाख, शहरी क्षेत्रों में अमृत मिशन 2.0 के अतंर्गत अधोसंरचना विकास तथा बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए 155 करोड़ रूपए

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला कार्यालय एवं भू-अभिलेख कार्यालय के लिए 58 पदों का सृजन, साल्हेवारा, पिपरिया, कुण्डा, बचरापोड़ी, चलगली, हसौद तथा सरगांव तहसील कार्यालयों के लिए 104 पदों का सृजन किया गया है। ग्राम सिलघट, भिंभौरी बेमेतरा जिला, ग्राम संकनपल्ली एवं कैका जिला बीजापुर, सहनपुर जिला सरगुजा में नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना के लिए पदों का सृजन का प्रावधान किया गया है। ग्राम देउर गांव जिला बेमेतरा, ग्राम फरेसगढ़, पालागुड़ा एवं बेदरे जिला बीजापुर में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए पदों के सृजन।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पामेड़ एवं बासागुड़ा जिला बीजापुर का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन तथा ग्राम छोटे डोंगर जिला नारायणपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना के लिए 111 पदों का सृजन तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 50 करोड़ रूपए की अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग अंतर्गत अनुपूरक बजट में 02 वृहद पुल निर्माण कार्य, केन्द्रीय सड़क निधि योजनांतर्गत 15 निर्माण कार्य, जवाहर सेतु योजनांतर्गत 02 पुल निर्माण कार्य, मूलभूत न्यूनतम सेवा योजना के अंतर्गत 14 ग्रामीण सडक निर्माण

न्यूनतम आवश्यकता योजनांतर्गत अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के 40 सड़क निर्माण कार्य, मुख्य जिला सड़क योजनांतर्गत अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के 02 मुख्य जिला सड़क निर्माण, सी. जी आर.आई.डी. सी. एल के द्वारा निर्माण कार्य योजनांतर्गत अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के 31 सड़क एवं पुल निर्माण कार्य, अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों में सड़कों निर्माण योजनांतर्गत 02 सड़क निर्माण कार्य, लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 02 ऑडिटोरियम एवं 05 विश्राम गृह का निर्माण इस प्रकार कुल 115 कार्य विभागीय बजट से किये जायेंगे। इस हेतु आवश्यक प्रावधान किये गये है।

मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन की शुरूआत में कहा कि आज हमारे राष्ट्रीय झण्डा अंगीकार दिवस की 75वीं सालगिरह है। 22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान सभा ने वर्तमान स्वरूप में जो तिरंगा है, उसे स्वीकार किया था। मैं आज तिरंगे के इस स्वरूप के जन्मदाता पिंगली वेंकैया जी का पावन स्मरण और सादर नमन करता हूं। यह तिरंगा झण्डा हर भारतीय की आन-बान और शान का प्रतीक बना है। भारत की आजादी की 75वीं सालगिरह 15 अगस्त 2022 को होगी लेकिन वर्तमान स्वरूप में हमारे तिरंगे झण्डे को संविधान सभा द्वारा अंगीकार करने की 75वीं सालगिरह आज है। उन्होंने इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

प्रथम अनुपूरक अनुमान ( 2022-23) एक नजर में

मुख्यमंत्री बघेल ने चर्चा के दौरान कहा कि राज्य का वर्ष 2022-23 के मुख्य बजट का आकार 1 लाख 12 हजार 603 करोड़ 40 लाख रूपए है, 2 हजार 904 करोड़ 42 लाख रूपए के प्रथम अनुपूरक बजट के बाद इसका आकार बढ़कर 1 लाख 15 हजार 507 करोड़ 82 लाख रूपए हो गया है। प्रथम अनुपूरक बजट में 2 हजार 904 करोड़ 42 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है, जिसमें राजस्व व्यय 2 हजार 467 करोड़ 99 लाख रूपए तथा पूंजीगत व्यय 436 करोड़ 43 लाख रूपए है। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में कुशल वित्तीय प्रबंधन की जानकारी देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार हमारे राज्य के हक और हिस्से के वित्तीय संसाधनों में समय-समय पर कमी करती रही है। इसके बावजूद वर्ष 2021-22 में कुल राजस्व प्राप्तियां 79 हजार 688 करोड़ हैं, जिसमें राज्य की स्वयं की राजस्व प्राप्तियां 41 हजार करोड़ तथा केन्द्र से प्राप्तियां 38 हजार 688 करोड़ हैं। इस प्रकार राज्य की राजस्व प्राप्ति केन्द्र की तुलना में अधिक है। कई वर्षों के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। यह हमारी सफल अर्थनीति के कारण हुआ है।

बघेल ने कहा कि वर्ष 2021-22 में राजस्व व्यय 75 हजार 366 करोड़ है, जो कुल व्यय का 87 प्रतिशत है। वर्ष 2021-22 में राज्य के राजस्व में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है तथा राजस्व आधिक्य 4 हजार 321 करोड़ है। वर्ष 2021-22 में पूंजीगत व्यय 10 हजार 890 करोड़ है, जो कि कुल व्यय का 12.6 प्रतिशत तथा अब तक का सर्वाधिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण वर्ष 2021-22 में प्रथम तिमाही में राज्य के राजस्व में कमी तथा जनहित के कार्यों एवं पूंजीगत व्यय के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने हेतु 4 हजार करोड़ का बाजार ऋण लिया गया। वर्ष 2021-22 में बाजार ऋण का 3 हजार करोड़ भुगतान भी किया गया है। इस प्रकार वर्ष 2021-22 में लिया गया शुद्ध बाजार ऋण केवल 1 हजार करोड़ है, जो कि वर्ष 2012-13 के बाद पिछले 10 वर्षाे में सबसे कम है।

बघेल ने कहा कि वित्तीय घाटा 6 हजार 812 करोड़ है, जो जीएसडीपी का मात्र 1.70 प्रतिशत है। इसमें से जीएसटी क्षतिपूर्ति ऋण 04 हजार 965 करोड़ तथा केन्द्र द्वारा दिया गया पूंजीगत व्यय हेतु ऋण 423 करोड़ कम करने पर यह 01 हजार 424 करोड़ होगा, जो जीएसडीपी का मात्र 0.36 प्रतिशत होगा। आरबीआई के अनुसार छत्तीसगढ़ का विगत 5 वर्षों का औसत कमिटेड व्यय (वेतन, पेंशन एवं ब्याज भुगतान) सभी राज्यों में सबसे कम (राजस्व व्यय का 23 प्रतिशत) है। विगत 5 वर्षाे में औसत विकासात्मक व्यय सभी राज्यों में सर्वाधिक (73.4 प्रतिशत) है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च, 2022 की स्थिति में कुल ऋण दायित्व 82,961 करोड़ है, जो जीएसडीपी (4 लाख 61 करोड़ ) के प्रतिशत के रूप में केवल 20.74 प्रतिशत है 15वें वित्त आयोग की अनुसंशा अनुसार यह अनुपात 25 प्रतिशत से कम होना चाहिए। छत्तीसगढ़ का ऋण जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में ओडिशा एवं गुजरात के बाद सभी राज्यों में सबसे कम है। भारत सरकार के लिए यह अनुपात 48 प्रतिशत है, जो छत्तीसगढ़ के दोगुने से भी अधिक है। वर्ष 2021-22 में ब्याज भुगतान 5.657 करोड़ है, जो राजस्व प्राप्तियों (79 हजार 688 करोड़) के प्रतिशत के रूप में 7.10 प्रतिशत है। 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा अनुसार यह अनुपात 10 प्रतिशत से कम होना चाहिए।

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