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युवा शक्ति से होगा ‘विकसित भारत’ का निर्माण: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में नीति-राज्य कार्यशाला श्रृंखला के राज्य समर्थन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों के लिए कौशल विकास, रोजगार और आजीविका के अवसरों को विस्तार देने विषय पर आधारित कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह कार्यशाला बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप बेहद प्रासंगिक है। भारत एक युवा देश है और यदि युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण मिले, तो हम ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को तेजी से हासिल कर सकते हैं। इस मौके पर राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए गए।


मुख्यमंत्री  साय ने आगे कहा कि 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए युवाओं, महिलाओं और जनजातीय वर्ग को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने नीति आयोग की आकांक्षी जिलों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे जनजातीय क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिला है।  उन्होंने कहा कि राज्य समर्थन मिशन के बेहतर क्रियान्वयन से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और जनजातिय समुदाय के आजीविका के लिए प्रशिक्षण से रोजगार के नये अवसर शुलभ होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार के योग्य बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री नेे बताया कि सरकार वर्ष 2013 से कौशल विकास को तीव्रता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लाइवलीहुड कॉलेज, आईटीआई और महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के साथ समझौते की जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत राज्य के युवाओं को ट्रैक्टर निर्माण की आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण युवाओं तथा उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आयेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मैकेनिक जैसे कौशलों की भारी मांग है, लेकिन कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता कम है। सरकार इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने के लिए व्यापक योजना तैयार कर रही है। साथ ही उन्होंने महुआ, इमली, साल जैसे वन उत्पादों से मूल्यवर्धन कर स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि आगामी योजनाओं में बस्तर और सरगुजा अंचल के आदिवासी युवाओं को विशेष कोर्स और प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र खोलने की भी तैयारी है। उन्होंने बताया कि विभिन्न बड़ी कंपनियों से एमओयू कर निवेश और रोजगार के अवसर लाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्किल और इंडस्ट्री को जोड़ना जरूरी है। जब दोनों साथ होंगे तब रोजगार की संभावना अधिक रहेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग (जैसे कृषि, फल-फलियाँ, हस्तशिल्प) में युवाओं को प्रशिक्षित कर नए रोजगार सृजन पर बल दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब माओवाद का प्रभाव घट रहा है और हम युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही ई-हब की शुरुआत करेगी, जहां नवाचार करने वाले युवाओं को प्रोटोटाइप, फंडिंग और मार्केटिंग की सुविधा मिलेगी।

कार्यशाला को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा सचिव श्री एस. भारती दासन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 4.83 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2.66 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार भी मिला है।

नीति आयोग की प्रोग्राम निदेशक डॉ. सोनिया पंत ने कहा कि नीति आयोग का ‘राज्य समर्थन मिशन’ राज्यों को उनकी आर्थिक व सामाजिक विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में वन-आधारित आजीविका कार्यक्रमों को मजबूत करने पर ज़ोर दिया और कहा कि इससे आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि होगी। डॉ. पंत ने बताया कि राज्य-स्तरीय योजनाओं में जनजातीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उन्हें नई तकनीक और कौशल से जोड़ने पर नीति आयोग हर सम्भव मदद करेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार के सीईओ श्री विजय दयाराम के. सहित विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में युवा, महिला और जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कौशल विकास के लिए 4 महत्वपूर्ण एमओयू

 राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

पहला एमओयू तकनीकी शिक्षा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं नन्दी फाउंडेशन के बीच हुआ। इस एम.ओ.यू. का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित युवाओं की रोज़गार योग्यताओं को बढ़ाना है। यह कार्यक्रम उन्हें आवश्यक कौशल प्रदान करके उनके आजीविका के साधनों और आर्थिक सुरक्षा में सुधार लाने का प्रयास करता है। इसी तरह दूसरा एमओयू कौशल विकास प्राधिकरण एवं महेन्द्रा एंड महेन्द्रा के बीच हुआ, इस एम.ओ.यू. के अंतर्गत दंतेवाड़ा, बलरामपुर और कोंडागांव जिलों में स्थित लाइवलीहुड कॉलेजों में ट्रैक्टर मैकेनिक पाठ्यक्रम में अल्पकालिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का संचालन रायपुर स्थित स्टेट प्रोजेक्ट लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी द्वारा किया जाएगा।

तीसरा एमओयू उच्च शिक्षा विभाग और नैसकॉम के बीच हुआ, इस समझौते का उद्देश्य कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देकर उन्हें जॉब सीकर से जॉब प्रोवाइडर के रूप में विकसित करना है। यह कार्यक्रम युवाओं को इंडस्ट्री रेडी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसी प्रकार उच्च शिक्षा विभाग और नन्दी फांउडेशन हैदराबाद के बीच चौथा समझौता हुआ, इस एम.ओ.यू. के तहत महाविद्यालयों के छात्रों को रोजगार परक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कुशल और आत्मनिर्भर युवा के रूप में तैयार किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में नवाचार संस्कृति स्थापित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ के तकनीकी शिक्षा विभाग और i-Hub गुजरात (इनोवेशन हब गुजरात) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में इस साझेदारी को एक ऐतिहासिक कदम बताया।

मुख्यमंत्री साय ने i-Hub गुजरात के सफल मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि यह समझौता राज्य में स्टार्ट-अप और नवाचार की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करेगा। i-Hub गुजरात ने हज़ारों युवाओं के विचारों, नवाचारों और स्टार्टअप को व्यवसायिक उत्पादों में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह की सफलता दोहराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की और कहा कि यह साझेदारी युवाओं को नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन, मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा की यह समझौता न केवल तकनीकी सुविधाओं पर केंद्रित है, बल्कि युवाओं को सलाहकारों, निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों के साथ जोड़कर उन्हें सशक्त बनाने का मंच प्रदान करेगा। इस साझेदारी से छत्तीसगढ़ नवाचार और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में अग्रणी बनेगा।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जो युवा उद्योग और व्यापार के संबंध में नया विचार लेकर आएंगे उन्हें आर्थिक संसाधनों के साथ-साथ काम करने और रहने की जगह उपलब्ध होगी, जिससे वे अपने विचारों को व्यावसायिक रूप से रूपांतरित कर पाएंगे। यह संस्था युवाओं का कंपनियों के साथ अनुबंध करने में सहयोग करेगा।

तकनीकी एवं रोजगार विभाग के सचिव डॉ. एस भारतीदासन ने कहा कि इस एमओयू के माध्यम से, युवाओं में उद्यमिता का विकास करने के लिए एक ईको सिस्टम विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, इसके लिए शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में एक केंद्र प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के 800 से ज्यादा पेटेंट है छत्तीसगढ़ में 1724 प्रारंभ हुए हैं। समझौता 3 साल के लिए होगा। एमओयू पर छत्तीसगढ़ के तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार सचिव डॉ. एस. भारतीदासन और गुजरात सरकार के तकनीकी शिक्षा आयुक्त बंछानिधि पाणि ने हस्ताक्षर किये।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, वाणिज्य और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द, डॉ. बसव राजू एस, राहुल भगत i-Hub के सीईओ हिरनमय महंता, छत्तीसगढ़ की तकनीकी शिक्षा संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला भी उपस्थित थीं।

छत्तीसगढ़ : शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा

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रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में शासन की प्राथमिकता वाली योजना के क्रम में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, स्कूल शिक्षा तथा ग्रामोद्योग विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में रोजगार मिशन, आईटीआई उन्नयन, बेरोजगारी भत्ता, आत्मानंद स्कूल, स्कूलों के मरम्मत, वर्ल्ड क्लास स्कूल की स्थापना और छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू और स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला शामिल हुए।

शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा में बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत बेरोजगारों को भत्ता प्रदान करने हेतु की जा रही प्रक्रिया के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री जी की घोषणा के परिपालन में बेरोजगारी भत्ता हेतु हितग्राहियों से एक अप्रैल से ऑनलाइन आवेदन-पत्र मंगाये जा रहे है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक करीब 46 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके है और प्रतिदिन हजारों की संख्या में आवेदन प्राप्त हो रहे है। आवेदनों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। आवेदकांे के बैंक खातों का सत्यापन किया जा रहा है। बैंक खातों के सत्यापन उपरांत पात्र आवेदकों को एक मई 2023 से उनके बैंक खाते में बेरोजगारी भत्ता की राशि का हस्तांतरण डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा।

इसी तरह से आईटीआई उन्नयन के तहत राज्य तकनीकी संस्थानों को टेक्नोलॉजिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत 36 शासकीय आईटीआई के उन्नयन हेतु 1216.80 करोड़ रूपए की लागत आएगी। इसमें कार्पोरेट जगत का सहयोग लिया जा रहा है। बैठक में अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय प्रारंभ किए गए है। स्कूलों के भवनों, शिक्षकों की भर्ती सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नवा रायपुर के सेक्टर 32 में विश्व स्तरीय आवासीय विद्यालय खोला जा रहा है। इसके संबंध में अब तक हुए कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल भवन का कार्य नींव स्तर तक का पूर्ण हो गया है। विद्यालय के कार्यों हेतु 49 करोड़ 52 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है।

छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना के तहत कोरोना संक्रमण में बेसहारा हुए ऐसे बच्चे जिन्होंने अपने माता-पिता को कोरोना के कारण खो दिया है ऐसे उन सभी बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। इसमें कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को पांच हजार रूपए प्रति विद्यार्थी तथा कक्षा 9 से 12 तक के लिए प्रति विद्यार्थी 10 हजार रूपए वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। निजी स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 12वीं के सभी विद्यार्थियों के लिए शाला शुल्क की पूर्ति शासन द्वारा की जा रही है। बैठक में ऊर्जा विभाग के सचिव अंकित आनंद, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

प्रदेश के शिक्षित बेरोजगारों को मिलेगा 01 अप्रैल से बेरोजगारी भत्ता

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 1 अप्रैल 2023 से प्रदेश के शिक्षित बेरोजगारों को 2500 रुपए प्रतिमाह की दर से बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा की गई है। इस संबंध में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा योजना की स्वीकृति प्रदान करते हुए आदेश जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी जिला कलेक्टरों को इस योजना के क्रियान्वन हेतु अवश्यक निर्देश जारी किया गया है।


बेरोजगारी भत्ता के लिए वेब पोर्टल के माध्यम से केवल ऑनलाइन आवेदन

कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवम रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदक को निर्धारित मापदण्ड एवं शर्तों के अनुसार ही वेब पोर्टल के माध्यम से केवल ऑन लाईन आवेदन लिये जायेंगे जिसके लिये एक वेब पोर्टल एनआईसी के द्वारा तैयार किया जा रहा है। वेब पोर्टल का लोकार्पण मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा शीघ्र किया जाएगा। यह पोर्टल 01 अप्रैल 2023 से आम जनता के लिये उपलब्ध रहेगा।

योजना के आवेदनों का भौतिक सत्यापन, आवेदकों को समक्ष में बुलाकर किया जाना है, जिसके लिये गावों एवं शहरों के वार्डो में क्लस्टर बनाया जाना है, तथा प्रत्येक क्लस्टर के लिये सत्यापन टीम का गठन किया जाना है। आवेदन सत्यापन उपरांत बेरोजगारी भत्ता जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी/आयुक्त नगर निगम द्वारा स्वीकृत किया जायेगा। बेरोजगारी भत्ता का भुगतान आवेदकों के बैंक खाते में डी.बी.टी. के माध्यम से किया जाएगा।

गौरतलब है कि बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए निर्धारित मापदण्ड एवं शर्तों के अनुसार बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदक का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है। शिक्षित बेरोजगारों की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी आवश्यक है। वह मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम हायर सेकंडरी (12वीं) उत्तीर्ण हो। वह जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्ग दर्शन केंद्र में पंजीकृत हो और आवेदन के वर्ष के 1 अप्रैल को हायर सेकंडरी अथवा उससे अधिक योग्यता में उसका रोजगार पंजीयन न्यूनतम दो वर्ष पुराना हो। आवेदक की आय का कोई स्त्रोत न हो एवं आवेदक के परिवार की समस्त स्त्रोतों से वार्षिक आय 2 लाख 50 हजार रुपए से अधिक न हो। परिवार से तात्पर्य है- पति, पत्नी एवं आश्रित बच्चे एवं आश्रित माता-पिता।

पात्र शिक्षित युवा को प्रथमतः एक वर्ष के लिए बेरोजगारी भत्ता देय होगा। यदि व्यक्ति विशेष का एक वर्ष की इस अवधि में लाभकारी नियोजन नहीं हो पाता है, तो बेरोजगारी भत्ते की अवधि एक वर्ष के लिए और बढ़ाई जा सकेगी। किसी भी प्रकरण में यह अवधि दो वर्ष से अधिक नहीं होगी। एक परिवार से एक ही व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा। यदि किसी परिवार के किसी व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया जा चुका है, तो दूसरा व्यक्ति अपात्र होगा। आवेदक के परिवार के किसी भी सदस्य को केन्द्र अथवा राज्य सरकार की किसी भी संस्था अथवा स्थानीय निकाय में चतुर्थ श्रेणी या ग्रुप डी को छोड़कर अन्य नौकरी होने पर ऐसा आवेदक बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होगा। यदि आवेदक को स्वरोजगार या शासकीय अथवा निजी क्षेत्र में किसी नौकरी को ऑफर दिया जाता है, परन्तु आवेदक ऑफर स्वीकार नहीं करता है, तो ऐसा आवेदक बेरोजगारी भत्ता के लिए अपात्र होगा।

पूर्व और वर्तमान मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और संसद या राज्य विधान सभाओं के पूर्व या वर्तमान सदस्यों, नगर निगमों के पूर्व और वर्तमान महापौर और जिला पंचायतों के पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ता के लिए अपात्र होंगे। 10,000/-रूपये या उससे अधिक की मासिक पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशन भोगी के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होंगे। वे परिवार जिन्होंने पिछले असेस्मेंट ईयर में इनकम टैक्स भरा हो, उनके परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होंगे। अन्य पेशेवर जैसे- इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड एकाऊन्टेंट और पेशेवर निकायों के साथ पंजीकृत ऑर्किटेक के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ता के लिए अपात्र होंगे।

बेरोजगारी भत्ते की राशि पात्र हितग्राही के बैंक खाते में प्र्रतिमाह अंतरित की जाएगी। जिन लोगों को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया जाएगा उन सभी व्यक्तियों को कौशल विकास प्रशिक्षण का ऑफर दिया जाएगा। कौशल विकास प्रशिक्षण के पश्चात् उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सहायता की जाएगी और यदि वे कौशल विकास प्रशिक्षण में भाग लेने से इनकार करते हैं या ऑफर किया गया रोजगार स्वीकार नहीं करते हैं तो उनका बेरोजगारी भत्ता बंद कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप 1 अप्रैल से प्रदेश के शिक्षित बेरोजगारों को मिलेगी 2500 रुपए प्रतिमाह की दर से बेरोजगारी भत्ता

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 1 अप्रैल 2023 से प्रदेश के शिक्षित बेरोजगारों को 2500 रुपए प्रतिमाह की दर से बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा की गई है। इस संबंध में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा योजना की स्वीकृति प्रदान करते हुए आदेश जारी कर दिया गया है। संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ रायपुर ने बताया कि बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए निर्धारित मापदण्ड एवं शर्तों के अनुसार बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदक का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है।

शिक्षित बेरोजगारों की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी आवश्यक है। वह मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम हायर सेकंडरी (12वीं) उत्तीर्ण हो। वह जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्ग दर्शन केंद्र में पंजीकृत हो और आवेदन के वर्ष के 1 अप्रैल को हायर सेकंडरी अथवा उससे अधिक योग्यता में उसका रोजगार पंजीयन न्यूनतम दो वर्ष पुराना हो। आवेदक की आय का कोई स्त्रोत न हो एवं आवेदक के परिवार की समस्त स्त्रोतों से वार्षिक आय 2 लाख 50 हजार रुपए से अधिक न हो। परिवार से तात्पर्य है- पति, पत्नी एवं आश्रित बच्चे एवं आश्रित माता-पिता।

पात्र शिक्षित युवा को प्रथमतः एक वर्ष के लिए बेरोजगारी भत्ता देय होगा। यदि व्यक्ति विशेष का एक वर्ष की इस अवधि में लाभकारी नियोजन नहीं हो पाता है, तो बेरोजगारी भत्ते की अवधि एक वर्ष के लिए और बढ़ाई जा सकेगी। किसी भी प्रकरण में यह अवधि दो वर्ष से अधिक नहीं होगी। एक परिवार से एक ही व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा। यदि किसी परिवार के किसी व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया जा चुका है, तो दूसरा व्यक्ति अपात्र होगा।

आवेदक के परिवार के किसी भी सदस्य को केन्द्र अथवा राज्य सरकार की किसी भी संस्था अथवा स्थानीय निकाय में चतुर्थ श्रेणी या ग्रुप डी को छोड़कर अन्य नौकरी होने पर ऐसा आवेदक बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होगा। यदि आवेदक को स्वरोजगार या शासकीय अथवा निजी क्षेत्र में किसी नौकरी को ऑफर दिया जाता है, परन्तु आवेदक ऑफर स्वीकार नहीं करता है, तो ऐसा आवेदक बेरोजगारी भत्ता के लिए अपात्र होगा।

पूर्व और वर्तमान मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और संसद या राज्य विधान सभाओं के पूर्व या वर्तमान सदस्यों,  नगर निगमों के पूर्व और वर्तमान महापौर और जिला पंचायतों के पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ता के लिए अपात्र होंगे। 10,000/- रूपये या उससे अधिक की मासिक पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशन भोगी के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होंगे। वे परिवार जिन्होंने पिछले असेस्मेंट ईयर में इनकम टैक्स भरा हो,  उनके परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होंगे। अन्य पेशेवर जैसे- इंजीनियर,  डॉक्टर,  वकील, चार्टर्ड एकाऊन्टेंट और पेशेवर निकायों के साथ पंजीकृत ऑर्किटेक के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ता के लिए अपात्र होंगे।

बेरोजगारी भत्ते की राशि पात्र हितग्राही के बैंक खाते में प्र्रतिमाह अंतरित की जाएगी। जिन लोगों को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया जाएगा उन सभी व्यक्तियों को कौशल विकास प्रशिक्षण का ऑफर दिया जाएगा। कौशल विकास प्रशिक्षण के पश्चात् उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सहायता की जाएगी और यदि वे कौशल विकास प्रशिक्षण में भाग लेने से इनकार करते हैं या ऑफर किया गया रोजगार स्वीकार नहीं करते हैं तो उनका बेरोजगारी भत्ता बंद कर दिया जाएगा।

सीएम ने आज छत्तीसगढ़ गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं की

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रायपुर। मुख्यमंत्री बघेल ने मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदाकी घोषणा करते हुए इस योजना के लिए 100 करोड़ रूपएसभी शालाओं, छात्रावासों, आश्रमों, शासकीय भवनों के रख रखाव और उन्नयन के लिए एक हजार करोड़ रूपए



तकनीकी शिक्षा के स्तर में सुधार हेतु औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के उन्नयन के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट आईटीआई योजनाकी घोषणा करते हुए इस योजना के लिए 1200 करोड़ रूपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।

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