Media24Media.com: ड्राइविंग लाइसेंस

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CG NEWS : गलत पते के कारण वापस लौटे ड्राइविंग लाइसेंस अब परिवहन कार्यालयों के माध्यम से मिलेंगे

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 रायपुर :  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की विशेष पहल पर आम नागरिकों को एक और नई सुविधा परिवहन विभाग द्वारा दी जा रही है। आवेदक के पते पर नहीं पहुंचने वाले ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र अब संबंधित आवेदकों को उनके जिले के क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन कार्यालयों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे। आम नागरिकों की सुविधा की दृष्टि से यह व्यवस्था एक जुलाई से लागू की जा रही है।


 मुख्यमंत्री साय के समक्ष यह बात सामने आई कि परिवहन विभाग द्वारा डाक के माध्यम से भेजे गए कई ड्राइविंग लाइसेंस एवं पंजीयन प्रमाण पत्र पता सही नहीं होने के कारण नया रायपुर स्थित परिवहन विभाग के मुख्यालय इन्द्रावती भवन में वापस लौट आते थे। ऐसे आवेदकों को अपने ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए नवा रायपुर आना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने आवेदकों की दिक्कतों को महसूस करते हुए परिवहन विभाग के अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए कि किसी वजह से अप्राप्त रहे ड्राइविंग लाईसेंस तथा पंजीयन प्रमाण पत्र संबंधित जिले के क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय, जिला परिवहन कार्यालय के माध्यम से वितरित किए जाए।
 
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अस्पष्ट अथवा अपूर्ण पते के कारण नवा रायपुर स्थित परिवहन मुख्यालय लौटने वाले ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र लेने के लिए नवा रायपुर आने की जरूरत नहीं होगी। आवेदक संबंधित कार्यालय से वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर अपने चालक लाईसेंस अथवा पंजीयन प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगें। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा सभी अधीनस्थ कार्यालयों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

1 जून से नया ड्राइविंग लाइसेंस बनाना होगा आसान, RTO के चक्कर से मिलेगा छुटकारा, पढ़े पूरी खबर

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 New Driving Rules : नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की तैयारी कर लोगों के लिए अच्छी खबर है। 1 जून से नया ड्राइविंग लाइसेंस नियम लागू हो रहा है। इसके बाद नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना बहुत ही आसान हो जाएगा। दरअसल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भारत में नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे ड्राइवर का लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया बहुत सरल हो जाएगी। नए नियम में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने होंगे। बिना RTO को टेस्ट दिए ही लाइसेंस बन जाएगा। आइए जानते हैं कि 1 जून से क्या-क्या बदलाव होंगे।


1 जून से ड्राइविंग लाइसेंस के नियम ये अहम बदलाव होंगे

नए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) में टेस्ट देने की मौजूदा बाध्यता खत्म हो जाएगी। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले के पास अपनी पसंद के निकटतम केंद्र पर ड्राइविंग टेस्ट देने का विकल्प होगा। सरकार प्राइवेट प्लेयर को ड्राइविंग टेस्ट लेने के लिए अधिकृत करते हुए प्रमाणपत्र जारी करेगी।
वैध लाइसेंस के बिना वाहन चलाने पर भारी जुर्माना लगेगा।

इसे बढ़ाकर ₹1,000 से ₹2,000 तक किया जाएगा। इसके अलावा, अगर कोई नाबालिग वाहन चलाता हुआ पाया गया तो उसके माता-पिता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और 25,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी रद्द कर दिया जाएगा।

ड्राइवर का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज को भी सरल बनाया जाएगा। इसका मतलब यह है कि मंत्रालय आवेदकों को उस प्रकार के लाइसेंस के लिए जरूरी दस्तावेजों के बारे में पहले से सूचित करेगा जिन्हें वे प्राप्त करना चाहते हैं।

भारत की सड़कों को पर्यावरण की दृष्टि से अधिक टिकाऊ बनाने के लिए, मंत्रालय 9,000 पुराने सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने और अन्य के उत्सर्जन मानकों में सुधार करने के तरीकों पर विचार कर रहा है।
ड्राइवर लाइसेंस के लिए आवेदन प्रक्रिया वही रहेगी। आवेदक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट-https://parivahan.gov.in/ पर जाकर अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। हालांकि, वे मैन्युअल प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन दाखिल करने के लिए अपने संबंधित आरटीओ में भी जा सकते हैं।

प्राइवेट ड्राइविंग स्कूल खोलने के लिए नियम

ड्राइविंग स्कूल खोलने वाले के पास न्यूनतम 1 एकड़ भूमि (चार पहिया वाहन प्रशिक्षण के लिए 2 एकड़) होनी चाहिए।
स्कूलों को उपयुक्त परीक्षण सुविधा प्रदान करनी होगी।

प्रशिक्षकों के पास हाई स्कूल डिप्लोमा (या समकक्ष), कम से कम 5 साल का ड्राइविंग अनुभव होना चाहिए और बायोमेट्रिक्स और आईटी सिस्टम से परिचित होना चाहिए।

प्रशिक्षण अवधि

हल्के मोटर वाहन (एलएमवी): 4 सप्ताह में 29 घंटे, 8 घंटे थ्योरी और 21 घंटे प्रैक्टिकल के होंगे।
भारी मोटर वाहन (एचएमवी): 6 सप्ताह में 38 घंटे, 8 घंटे थ्योरी और 31 घंटे प्रैक्टिकल में विभाजित।

आप भी बदल लीजिए पुराना, अब है नए और स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस का जमाना

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रायपुर। पुराने फार्मेंट का ड्राइविंग लाइसेंस अन्य प्रदेशों या विदेश में मान्य नहीं किया जाता। इसके बदले आप नए फार्मेंट का स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं, जो अपनी सुरक्षा विशेषताओं के चलते न केवल मजबूत और सुरक्षित है, बल्कि एक देश एक कार्ड के तहत सम्पूर्ण भारत और विदेश में भी स्वीकार्य है। छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग की अधिकारिक वेबसाइट https://sarathi.parivahan.gov.in/sarathiservice/stateSelection.do

पर जाकर आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपना पुराना फार्मेंट का ड्राइविंग लाइसेंस रिप्लेसमेंट  के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। आवेदन के 8 से 10 दिनों के अंदर नए फार्मेंट का क्यूआर कोड आधारित स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस आवेदक के घर पहुंचाकर दिया जाता है। आवेदक को उनका स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस पोस्ट से भेजने की जानकारी अब एसएमएस और वाट्सएप मैसेज से भी दी जाती है।  छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग के ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार’  योजना के तहत अब तक प्रदेश में 22 लाख से अधिक स्मार्ट डीएल/आरसी घर पहुंचाकर दिए जा चुके है।

यूं बनवा सकेंगे नए फार्मेंट का QR आधारित डीएल

आपको सबसे पहले https://sarathi.parivahan.gov.in/sarathiservice/stateSelection.do  वेबसाइट पर जाना होगा।

अब आपको छत्तीसगढ़  राज्य सलेक्ट करना होगा।

अब आपके सामने एक विंडो ओपन होगी।

यहां पर दाहिनी ओर मेन्यू बार में Apply Online पर क्लिक करें

इसके बाद Services on Driving Licence (Renewal/Duplicate/Aedl/Others) दिखेगा जिसमे replacement of driving license पर क्लिक करें।  

फिल करें ये डिटेल

अब आपके सामने एक नई विंडो ओपन हो जाएगी। यहां पर आपको फिर से राज्य की डिटेल के बारे में पूछा जाएगा। अब अपने लाइसेंस वाले राज्य को सलेक्ट करें। इसके बाद Countinue के बटन पर क्लिक करें और अपने आधार कार्ड से संबंधित जानकारी दें। इसके बाद प्रोसिड पर क्लिक करना होगा।

ड्राइविंग लाइसेंस की मिलेगी जानकारी

अब आपके सामने आपके डीएल की पूरी जानकारी होगी। इसके नीचे आपको मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का भी विकल्प दिखाई देगा। इसके बाद में आपको अपना आधार नंबर और ओटीपी एंटर करना होगा। अब आपका डीएल अपेडट हो जाएगा।

 हेल्पलाईन नंबर से संपर्क कर सुविधा का ले सकते है लाभ

परिवहन विभाग द्वारा बताया गया है कि ‘तुंहर सरकार, तुंहर द्वार’ सेवा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए विभाग द्वारा एक हेल्पलाईन नम्बर 75808-08030 जारी किया गया है, जो सभी कार्य दिवसों में प्रातः 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक कार्य करते हुए जानकारी प्रदान करता है।

स्मार्ट डीएल में 7 सुरक्षा विशेषताएं

नए फार्मेंट के क्यू आर आधारित स्मार्ट  कार्ड आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सात सुरक्षा विशेषाताओं से युक्त है। जिनमें यूवी प्रतीक, सीरियल नंबर, गिलोच पैटर्न, माइक्रो टेक्स्ट, हॉट-स्टैंप्ड होलोग्राम, क्यूआर कोड और ऑप्टिकली वेरिएबल इंक शामिल है।

यदि आप पहली बार बना रहे हैं

यदि आप पहली बार ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं तब भी आपको परिवहन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए जगह-जगह परिवहन सुविधा केंद्र खोले हैं। वहां जाकर या स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और तत्काल लर्निंग लाइसेंस बनवा सकते है । लर्निंग लाइसेंस बनने के एक महीने के बाद आपको निर्धारित तिथि पर परिवहन कार्यालय पहुंचकर गाड़ी चला कर ड्राइविंग टेस्ट देना होगा ।


छत्तीसगढ़ में अब ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित 06 सेवाओं के लिए आरटीओ कार्यालय आने की अनिवार्यता ख़त्म

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रायपुर। परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशों के परिपालन में परिवहन विभाग ने छत्तीसगढ़ में अब ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण कराने, ड्राइविंग लाइसेंस में पता परिवर्तन कराने, ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड ख़राब हो जाने, ड्राइविंग लाइसेंस को सरेंडर करने के लिये परिवहन कार्यालय आने की अनिवार्यता ख़त्म कर दी है। तकनीकी रूप से समाधान निकालते हुए ऐसे सभी आवेदन जो आधार प्रमाणीकरण के साथ आवेदन कर रहे हैं, उन आवेदनों का सॉफ़्टवेयर के द्वारा स्वतः ही ऑटो अप्रूवल हो जायेगा। जिससे आरटीओ स्टाफ का वेरिफिकेशन और आरटीओ की अप्रूवल की आवश्यकता नहीं होगी। ऑटो अप्रूवल होते ही आवेदक के मोबाइल में एसएमएस आ जाएगा और अगले दिन ड्राइविंग लाइसेंस को स्पीड पोस्ट से आवेदक के दिए गए पते पर भेज दिया जाएगा।

परिवहन सचिव एस. प्रकाश ने राज्य में विभिन्न तरह के वाहनों पर ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण कराने, ड्राइविंग लाइसेंस में पता परिवर्तन कराने, ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड ख़राब हो जाने, ड्राइविंग लाइसेंस को सरेंडर करने के लिये परिवहन विभाग के नये फ़ॉर्मेट में फत् कोड आधारित ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए नवीन तकनीकी का उपयोग करते हुए आम जनता को सुविधा मुहैया कराने की पहल की गई है, जिसका लाभ लेकर ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित 06 सेवाओं के लिए आरटीओ कार्यालय आने की अनिवार्यता ख़त्म हो गई हैं। आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से आम जनता घर बैठे या परिवहन सुविधा केंद्र के माध्यम से इन 06 सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।

परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा ने बताया कि परिवहन सुविधा केंद्रों के माध्यम से जनता को दी जा रही सुविधाआंे में विस्तार किया जा रहा है ताकि जनता को घर बैठे परिवहन विभाग की सुविधाएं -ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण कराने, ड्राइविंग लाइसेंस में पता परिवर्तन कराने, ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड ख़राब हो जाने, ड्राइविंग लाइसेंस को सरेंडर करने के लिए परिवहन कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि विधिक कार्यों हेतु ड्राइविंग लाइसेंस का एक्सट्रैक्ट प्राप्त करने, किसी क्लास ऑफ़ व्हीकल के ड्राइविंग लाइसेंस को सरेंडर करने के लिये परिवहन कार्यालय आने की अनिवार्यता ख़त्म कर दी गई है। अब ये सभी कार्य घर से या परिवहन सुविधा केंद्र से किए जा सकेंगे। बिना कार्यालय आये इन सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार प्रमाणीकरण करना होगा। वर्तमान में इन सुविधाओं के लिये ऑनलाइन आवेदन कर सारे दस्तावेज अपलोड करना पड़ता था और ऑनलाइन फ़ीस का भुगतान कर आरटीओ कार्यालय में आना पड़ता था, कार्यालय में स्टाफ के द्वारा समस्त दस्तावेज का वेरिफ़िकेशन किया जाता था उसके बाद ही आरटीओ के द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस को अप्रूव किया जाता था।

परिवहन आयुक्त ने बताया कि पूर्व में आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से आवेदन करने की सुविधा भी आवेदकों को प्रदान की गई थी, जिसके तहत आवेदन को आधार के माध्यम से प्रमाणीकरण कराया जाता है तो आरटीओ कार्यालय आने की अनिवार्यता नहीं थी। परंतु ऐसे आधार प्रमाणित प्रकरण में भी आरटीओ स्टाफ़ के द्वारा वेरिफिकेशन और आरटीओ के द्वारा अप्रूवल किया जाता था। इस प्रक्रिया में शासन की मंशा थी कि लोगों को घर पहुँच सुविधा मिले परंतु डेटा एनालिसिस करने में यह पता चला कि आधार ऑथेंटिकेशन करने के बाद भी, आरटीओ कार्यालय में पूर्ण रूप से आधार ऑथेंटिकेटेड आवेदनों को वेरिफिकेशन के नाम से रोक दिया जाता था और तब तक अप्रूवल नहीं किया जाता था जब तक आवेदक के द्वारा कार्यालय में संपर्क नहीं किया जाता है।

इन समस्यों का तकनीकी रूप से समाधान निकालते हुए ऐसे सभी आवेदन जो आधार प्रमाणीकरण के साथ आवेदन कर रहे हैं, उन आवेदनों का सॉफ़्टवेयर के द्वारा स्वतः ही ऑटो अप्रूवल हो जायेगा, जिससे आरटीओ स्टाफ का वेरिफिकेशन और आरटीओ के अप्रूवल की आवश्यकता नहीं होगी। ऑटो अप्रूवल के कार्य में कोई भी मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा और यह आवेदन करते ही तत्काल अप्रूव हो जाएगा। ऑटो अप्रूवल होते ही आवेदक के मोबाइल में एसएमएस आ जाएगा और अगले दिन ड्राइविंग लाइसेंस को स्पीड पोस्ट से आवेदक के दिये गये पते में स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज दिया जाएगा। आवेदक को एसएमएस और वाट्सऐप के माध्यम से सूचना दी जाएगी।

सूचना में ड्राइविंग लाइसेंस और स्पीड पोस्ट के ट्रैकिंग आईडी संबंधित विवरण होंगे, जिससे कि आवेदक पोस्ट ऑफिस में ड्राइविंग लाइसेंस पहुँचने की स्थिति पता कर सकेगा। परिवहन आयुक्त ने बताया कि आधार एथेंटेकेशन के द्वारा आवेदन कर ऑटो अप्रूवल की सुविधा का लाभ उठाने के लिये आवेदक के पास आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। आधार की जानकारी को ड्राइविंग लाइसेंस से लिंक करने के लिए आधार प्रमाणीकरण करना होगा जो आवेदक स्वयं ओटीपी के माध्यम से कर सकता है या किसी भी निकट परिवहन सुविधा केंद्र में जाकर बायोमेट्रिक देकर भी कर सकता है।

आधार ऑथेंटिकेशन के तहत आवेदन करने से आवेदक को दस्तावेज अपलोड करने की भी आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि आधार से समस्त जानकारी प्राप्त हो जाएगी।यदि आवेदक का उम्र 40 वर्ष से अधिक है, तो ऐसे प्रकरण में आवेदक को परिवहन विभाग में पंजीकृत एमबीबीएस डॉक्टर से फॉर्म 1। में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाना होगा। मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने की पूर्ण प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी। इसमें डॉक्टर के द्वारा परिवहन विभाग के पोर्टल में सीधे एंट्री कर दी जाती है और किसी फिजिकल पेपर की आवश्यकता नहीं होती है।

ऑटो में निर्धारित संख्या से अधिक सवारी बैठाने पर होगी सख्त कार्रवाई

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रायपुर। कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भुरे ने शहर की टैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक कर गहन विचार -विमर्श किया। कलेक्टर ने शहर में चल रहे सवारी ऑटो में ओवर लोडिंग पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। शहर में ऑटो और छोटे सार्वजनिक परिवहन के वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर चालानी कार्रवाई करने के साथ-साथ चालक के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने के निर्देश भी कलेक्टर ने बैठक में दिए।

उन्होंने व्यक्तिगत् परिवहन के लिए उपयोग की जाने वाली स्कूटर-मोटरसाइकिलों और मोपेड जैसे दो-पहिया वाहनों को मॉडिफाइड कर मालवाहक के रूप में उपयोग को भी रोकने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने ऐसे मॉडिफाइड वाहनों को जप्त करने और उनके मालिकों तथा चालकों के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुकान के बाहर पाटा लगाकर समान लगाने, ठेला खोमचा लगाकर यातायात बाधित करने वालों को हटाने के निर्देश दिए। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  प्रशांत अग्रवाल, सभी अपर कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एस.डी.एम सहित यातायात प्रभारी और  राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधि, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए।

 बैठक में कलेक्टर ने फाफाडीह चौक, अवंती बाई चौक पर स्थित बिजली के ट्रांसफारमरों को हटाने का काम तेजी से करने के निर्देश दिए। उन्होंने पचपेड़ी नाका, भाठागांव और संतोषी नगर ब्रिजो की सर्विस रोडों पर विद्युत खंबों को हटाकर अंडग्राउण्ड केबलिंग के काम की भी अद्यतन जानकारी अधिकारियों से ली। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस काम के लिए निविदा बुलाई गई है। निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए जल्द ही इसके लिए कार्य एजेंसी तय कर दी जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने एक्सप्रेस वे फुण्डहर चौक से वी.आई.पी रोड के बीच भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से दुर्घटनाओं की आशंका जताई।

कलेक्टर ने कहा कि इस सड़क पर भारी वाहन चलने से सड़क भी जल्द ही खराब होगी। एक्सप्रेस वे फुण्डहर चौक से वी.आई.पी रोड के बीच भारी वाहनों को रोकने के लिए सड़क पर हाईगेज बेरियर लगाने पर बैठक में सहमति हुई। इसके साथ ही अवंती बाई चौक से क्रिस्टल आरकेड तक डिवाइडर बनाने की भी सहमति बैठक में हुई। कलेक्टर ने शहर में 9 और राष्ट्रीय राजमार्ग पर 15 नए चिन्हाकिंत किए गए ब्लैक स्पॉट को सुधारने के लिए रोड सेफ्टी इंजीनियरों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर सुधरात्मक उपाय सुझाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में जाम की स्थिति वाले स्थानों, अतिक्रमण वाले स्थानों, ऑटो स्टॉपेज की आवश्यकता वाले स्थानों, बिजली खंभा-ट्रांसफार्मर हटाने वाले पॉइंट, शहर में सिग्नल की आवश्यकता वाले चौक-चौराहों, ऑटोमेटिक सिग्नल लगाए जाने वाले स्थानों, शहर में लेफ्ट टर्न फ्री की सुविधा बनाए जाने वाले तिराहा एवं चौराहों, रोड एज मार्किंग की आवश्यकता, मार्ग विभाजक निर्माण की आवश्यकता के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करने पुलिस विभाग, नगर निगम एवं अन्य विभागों को समन्वय बनाकर काम करने कहा।

भानुप्रतापपुर विधानसभा उप निर्वाचन : फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र नहीं होने पर वैकल्पिक पहचान पत्र दिखाकर कर सकते हैं मतदान

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रायपुर। भानुप्रतापपुर विधानसभा उप निर्वाचन के लिए 5 दिसम्बर को होने वाले मतदान हेतु भारत निर्वाचन आयोग ने फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र (EPIC) के साथ ही 12 तरह के अन्य वैकल्पिक पहचान पत्रों को मान्य किया है। वोट डालने के लिए मतदान केंद्र पहुंचे मतदाता इनमें से कोई एक पहचान पत्र दिखाकर अपने मताधिकार का उपयोग कर सकते हैं।



आयोग ने वैकल्पिक पहचान पत्र के रूप में आधार कॉर्ड, मनरेगा जॉब कॉर्ड, बैंकों या डाकघरों द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कॉर्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कॉर्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कॉर्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र, राज्य सरकार, लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों, विधायकों, विधान परिषद के सदस्यों को जारी किया गया सरकारी पहचान पत्र तथा भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कॉर्ड को मान्यता दी है। निर्वाचक नामावली में पंजीकृत प्रवासी मतदाताओं के पहचान पत्र के रूप में केवल उनके मूल पासपोर्ट (तथा कोई अन्य पहचान दस्तावेज नहीं) को ही मान्यता दी जाएगी।

अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हुआ और भी आसान, सिर्फ इस दस्तावेज से हो जाएगा काम

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देश में पहले ड्राइविंग लाइसेंस (Driving license) बनवाने के लिए कई तरह के परेशानियों का सामना करना पड़ता था। शायद यही कारण है कि आधे से ज्यादा लोगों के पास ड्राइविंग लाइसेंस Driving license) ही नहीं है। भारत में ड्राइविंग लाइसेंस (driving license process upgraded) बनवाने के लिए पहले सरकारी विभाग के कई चक्कर काटने पड़ते थे।





कोरोना वैक्सीन लगवाने से पहले इन बातों का रखे ख्याल





वहीं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन नियम 1989 में संशोधन के बाद अब ड्राइविंग लाइसेंस Driving license) बनवाना आसान हो गया है। लाइसेंस के लिए अब ज्यादा डॉक्यूमेंट्स की जरूरत नहीं पड़ेती। सिर्फ आधार कार्ड (Driving license will be made only with Aadhar card) के जरिए ही अब ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस (Online driving license) बन सकता है। आधार कार्ड के माध्यम से आप ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस, लाइसेंस का रिन्युअल, रजिस्ट्रेशन जैसी सर्विस ले सकते हैं। वहीं आप अपने सभी डॉक्यूमेंट्स (Documents) सरकारी वेब पोर्टल पर ही संभाल कर रख सकेंगे।





गाड़ी के पेपर्स हर वक्त साथ रखने की नहीं है जरूरत (driving license process upgraded)





बीते साल यानी 2020 के अक्टूबर में बनाए गए नए नियम के तहत अब आपको अपनी गाड़ी के पेपर्स जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन डॉक्युमेंट्स (Documents), फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट्स जैसे डॉक्यूमेंट्स (Documents) अपने साथ रखने नहीं पड़ेंगे। अब आप ट्रैफिक पुलिस को डिजिटल कॉपी भी दिखा सकते हैं।





इस तरह सुरक्षित रख सकेंगे दस्तावेज





अब आपके वाहन से जुड़े जरूरी कागजात सरकारी पोर्टल पर सेफ रख सकते हैं और डॉक्यूमेंट्स (Documents) की डिजिटल कॉपी दिखाकर अपना काम निकाल सकते हैं। नए नियम के बाद अब गाड़ी के कागजात साथ रखने नहीं पड़ेंगे। सरकार के मुताबिक ड्राइविंग लाइसेंस (Driving license)और ई-चालान सहित वाहन से जुड़े तमाम डॉक्युमेंट्स (Documents) को मेंटेन रखा जा सकता है।


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