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परिवहन विभाग के नियम व शर्तों का पालन नहीं होने पर 6 ड्राइविंग स्कूल निलंबित

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रायपुर। परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देश के परिपालन में विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाए जाकर विगत 15 दिवस में 6 विभिन्न ड्राइविंग स्कूलों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की गई और उन्हें कुशल प्रशिक्षण के संचालन संबंधी प्रक्रिया और परिवहन विभाग के नियम व शर्तों का पालन नहीं करने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यात्रीयान वाहनों में स्पीड गवर्नर नहीं लगाए जाने आदि के कारण 39,500 रूपए समन शुल्क तथा 14,900 रूपए समझौता शुल्क की राशि की वसूली भी की गई है।



परिवहन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, मुंगेली, सरगुजा तथा कोरबा जिले से ड्राइविंग स्कूल निलंबित किए गए हैं। परिवहन विभाग द्वारा यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और प्रशिक्षण के कुशल संचालन संबंधी प्रक्रिया का पालन नहीं करने वाले ड्राइविंग स्कूलों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा आम जनता से अपील की गई है कि वे अपने क्षेत्र अंतर्गत ऐसे किसी भी ड्राइविंग स्कूल अथवा सेंटर के बारे में परिवहन मुख्यालय तथा संबंधित क्षेत्रीय परिवहन अथवा जिला परिवहन कार्यालय को सूचित कर सकते हैं।

परिवहन विभाग द्वारा उक्त अभियान के तहत गत 20 जुलाई से 4 अगस्त तक विभिन्न जिलों के 6 ड्राइविंग स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें रायपुर जिले के अंतर्गत 20 जुलाई को नेशनल ड्राइविंग स्कूल रायपुर को स्पष्टीकरण जारी किया गया। नेशनल ड्राइविंग स्कूल रायपुर द्वारा निर्धारित पता से अन्यंत्र पते पर स्कूल का संचालन किया जा रहा था। इसी तरह रायपुर जिले अंतर्गत ही इंडियन मोटर ड्राइविंग स्कूल रायपुर को अवैध ढंग से संचालन के कारण 4 अगस्त को स्पष्टीकरण जारी किया गया। इसके अलावा परिवहन विभाग द्वारा तेज सिंह मोटर ड्राइविंग स्कूल बिलासपुर, नया सबेरा ड्राइविंग स्कूल राजनांदगांव, डी.के.एफ. 

मोटर ड्राइविंग स्कूल अंबिकापुर तथा बाबा मोटर्स कोरबा ड्राइविंग स्कूलों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। परिवहन विभाग द्वारा राज्य में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 20 अगस्त को यात्रीयान वाहनों में निरीक्षण के दौरान स्पीड गवर्नर नहीं लगाए जाने के कारण 11 वाहनों से 21 हजार रूपए समन शुल्क तथा 4 वाहनों से 14 हजार 900 रूपए के समझौता शुल्क की वसूली की गई। इसी तरह 21 अगस्त को यात्रीयान वाहनों का निरीक्षण कर 19 वाहनों से 18 हजार 500 रूपए के समन शुल्क की वसूली कर आवश्यक कार्रवाई की गई।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में परिवहन विभाग द्वारा वाहनों के बकाया टैक्स वसूली सहित यात्रीयान वाहनों के संचालन के संबंध में सघन अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देश के बाद परिवहन विभाग द्वारा समस्त जिला परिवहन अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत परिवहन विभाग द्वारा यात्रीयान वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्री तथा अधिक किराया लेने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यात्रीयान वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जाने तथा फिटनेस आदि परिवहन विभाग के नियम तथा निर्देशों का नियमानुसार पालन हेतु सख्त निर्देश दिए गए हैं।

 गौरतलब है कि सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए परिवहन विभाग द्वारा यात्री बसों की ओवरस्पीडिंग स्पीड, गवर्नर ना लगा होना, चालक, परिचालक लाइसेंस की जांच एवं अन्य सुरक्षात्मक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए विशेष जांच अभियान संपूर्ण छत्तीसगढ़ में चलाया जा रहा है। जिसमें विभाग के विभिन्न उड़नदस्ता एवं परिवहन चेकपोस्ट के द्वारा विगत 2 दिनों में सघन जांच अभियान चलाकर कुल 239 चालानी कार्रवाई कर 4 लाख 21 हजार 800 रूपए राशि वसूल की गई। साथ ही टैक्स के रूप में 78 हजार रूपए राशि जमा कराई गई और जिन वाहनों में स्पीड गवर्नर लगे नहीं पाए गए 

उन वाहनों के प्रकरण बनाकर वाहन का उपयोगिता प्रमाण पत्र रद्द करने हेतु वाहनों के 6 प्रकरण पंजीयन अधिकारियों को प्रेषित किया गया है। परिवन विभाग ने इस बार कड़ा रुख अपनाते हुए इस प्रकार असुरक्षित रूप से वाहन का संचालन कराने वाले संचालकों के खिलाफ फिटनेस निरस्तीकरण,एवम परमिट निलंबन जैसी कार्यवाही की जा रही है। पूर्व में भी जनता से प्राप्त शिकायतों के आधार पर अधिक किराया वसूली, परिचालकों के द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए विभाग के द्वारा कार्यवाही करते हुए 219 बसों पर कारवाही कर 4 लाख 93 हजार 600 रुपए की जुर्माना राशि वसूल की गई थी।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बघेल की मंशा एवं परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के मागदर्शन में जन सुरक्षा को प्राथमिकता से लेते हुए परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा को त्वरित कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इस तारतम्य में परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा उड़नदस्ता टीम को बस अड्डों पर भी जाकर वाहनों के फिटनेस की जांच करने भी निर्देशित किया गया है और इस प्रकार की कार्यवाही को आगे निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए गए है।

सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुई एक शिकायत पर भी जवाबदेही तय करते हुए परिवहन उड़नदस्ता एवं परिवहन चेकपोस्ट में राज्य स्तरीय जांच की गई एवं अधिक किराया, दुर्व्यवहार आदि शिकायतों पर कार्यवाही करते हुए 1 सप्ताह में ही 219 बसों की जांच कर 4 लाख 93 हजार 600 रूपए जुर्माना वसूल किया गया एवं बस संचालको को स्पष्ट हिदायत दी गई कि परिवहन सुविधा जन सुविधा है जिस का संचालन जनता की सुविधा के दृष्टिकोण से ही किया जाना है न कि केवल व्यवसायिक रूप में। जनता ने शासन की इस कारवाही को जनता ने सराहा, विभाग के अधिकारियो ने इस प्रकार की कारवाही आगे भी जारी रहने की बात कही है।

छत्तीसगढ़ में शुरू होंगे एक हजार क्षेत्रीय परिवहन सुविधा केन्द्र

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रायपुर। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां आसानी से लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्षेत्रीय परिवहन सुविधा केन्द्र शुरू किए जा रहे हैं। राज्य में एक हजार क्षेत्रीय परिवहन सुविधा केंद्र खोलने की योजना है। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। अकेले रायपुर में 40 केंद्र खुल रहे हैं। करीब एक दर्जन जगहों पर इसकी शुरूआत भी हो चुकी है, जहां लोगों को परिवहन संबंधी विभिन्न सुविधाएं मिल रही हैं। 



परिवहन विभाग के अंतर्गत शुरू किए जा रहे क्षेत्रीय परिवहन सुविधा केन्द्रों से छत्तीसगढ़ के लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या अन्य परिवहन सम्बंधित काम के लिए अब आरटीओ कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। इन केंद्रों के खुलने से लोगों को केवल एजेंटो से छुटकारा मिलेगा, बल्कि घर के नजदीक ही परिवहन से संबंधित तमाम कार्य भी पूरे हो जाएंगे।

क्या है परिवहन सुविधा केंद्र

क्षेत्रीय परिवहन सुविधा केंद्र के संचालक विजय मिश्रा बताते हैं कि, ’लाइसेंस के लिए लोगों को बहुत ज्यादा भटकना पड़ता था, लेकिन सरकार ने अलग-अलग इलाकों के लिए परिवहन सुविधा केंद्र खोल दिया है। पहले लोगों को लाइसेंस के लिए करीब 15 किमी दूर आरटीओ दफ्तर जाना होता था, जहां सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहते थे। जिसकी वजह से बहुत से लोग एजेंडों के चंगुल में फंस जाते थे। लेकिन क्षेत्रीय परिवहन सुविधा केंद्र के खुलने से लोगों को लाइसेंस एवं अन्य परिवहन संबंधी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। वर्तमान में इन केन्द्रों में लर्निंग लाइसेंस तैयार करने का काम हो रहा है। इसके अलावा नाम ट्रांसफर के लिए रसीद भी काटी जाती है। भविष्य में अन्य सेवाएं भी यहां जल्द उपलब्ध होंगी।

आसानी से बन रहे लर्निंग लाइसेंस

रायपुर के न्यू राजेन्द्र नगर निवासी बलदेव बिसरा बताते हैं, ‘‘मेरा लाइसेंस नहीं बना था। लाइसेंस बनवाने के लिए मुझे बहुत ज्यादा भटकना पड़ा, बावजूद इसके मेरा लाइसेंस नहीं बन पाया था। घर के नजदीक परिवहन सुविधा केंद्र खुलने की जानकारी मिली। यहां आकर मैनें आवेदन दिया। मेरा लर्निंग जल्द ही बनकर तैयार हो गया। पहले कई बार लाइसेंस बनवाने के लिए भनपुरी स्थित आरटीओ दफ्तर जाना पड़ा। लाइसेंस के लिए बहुत ज्यादा भटकना पड़ा। इस बीच दो से तीन बार चालान भी कट गया. घर के नजदीक केंद्र खुलने से बहुत अच्छी सुविधा मिल रही है’’

छत्तीसगढ़ में सुगम तथा सुरक्षित यातायात के लिए वाहन चालन कौशल को विकसित करने की अहम पहल

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रायपुर. छत्तीसगढ़ में सुगम तथा सुरक्षित यातायात के लिए नवा रायपुर में संचालित इंस्टिट्यूट ऑफ़ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च संस्थान छत्तीसगढ़ शासन की एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा विगत दिवस 9 दिसम्बर 2021 को परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में इसका शुभारंभ हुआ था. संस्थान में अब तक विगत 6 माह में 5 हजार से अधिक प्रशिक्षु, वाहन चालन तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े हुए नियमों का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं.


संस्थान में इस वर्ष जनवरी माह से आधिकारिक रूप से प्रशिक्षण आरम्भ होने के उपरांत अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) ने प्रशिक्षण का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए जानकारी साझा की है कि यहां सड़क सुरक्षा में जागरूकता लाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा जारी किये गए आकड़ों के अनुसार 72 प्रतिशत दुर्घटनाओं में वाहन चालकों को दोषी पाया गया है। इसे संज्ञान में लेते हुए संस्था ने 4 हजार से अधिक भारी वाहन चालकों को रिफ्रेशर ट्रेनिंग प्रदान किया गया है। 

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथामिकता के आलोक में स्कूल बस चालकों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है, इसके तहत प्रदेश भर के 800 से अधिक स्कूल बस चालक इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से अब तक लाभान्वित हो चुके है. इसके अलावा 350 से अधिक शासकीय वाहन चालकों को विशेष प्रशिक्षण देते हुए मॉडल चालक बनने हेतु प्रेरित किया गया है, प्रशिक्षण निरंतर जारी है।

परिवहन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं मारुती सुजुकी इंडिया लिमिटेड के संयुक्त तत्वाधान में संचालित इंस्टिट्यूट ऑफ़ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च संस्थान में आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल करते हुए 20 एकड के क्षेत्रफल में विशेष ड्राइविंग ट्रैक से ड्राइविंग प्रशिक्षण देने की योजना कार्यान्वित हुई। संस्थान में एक साथ 300 प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण लेने के लिए 5 स्मार्ट क्लासरूम तथा विशालकाय ऑडिटोरियम का उपयोग किया जा रहा है। उच्च स्तर के प्रशिक्षक सड़क सुरक्षा से जुड़ी बारीकियों से छत्तीसगढ़ राज्य के चालकों को प्रशिक्षित कर रहे है। 



संस्थान में 80 प्रशिक्षुओं के लिए आवासीय प्रशिक्षण एवं कैंटीन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।वाहन चालन कौशल को बढ़ावा देने हेतु शासन ने महिला वाहन चालकों के लिए अतिरिक्त छूट की भी घोषणा की है। नये चालकों में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है और उनमें विशेष उत्साह देखा गया। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलाये जा रहे इन कार्यक्रमों के जरिए राज्य के चालकों में वाहन चालन कौशल का विकास होगा एवं उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। 

साथ ही सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता आएगी और राज्य में हो रही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सकेगी। बढ़ती हुई ईंधन की कीमतों को ध्यान में रखते हुए संस्थान में ईंधन बचत के लिए वाहन चालकों में जागरूकता लाने हेतु भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसके अलावा संस्थान में ज्वलनशील प्रदार्थ एवं खतरनाक रसायन के परिवहन में वाहन चालकों के लिए कार्यक्रम तैयार किये गए हैं।

लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) अध्यक्ष संजय शर्मा एवं संस्थान के संयुक्त संचालक अमित गुप्ता के सतत् पर्यवेक्षण में संस्था में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में विशेष रूप से दुर्घटना से जुड़े कारण एवं निवारण, रक्षात्मक वाहन चालन, सड़क संकेत एवं सिग्नल, प्राथमिक उपचार, सड़क संबंधी नियम एवं उल्लंघन करने से होने वाली दंडात्मक कार्यवाही, फाइन और पेनल्टी से जुड़े हुए नियम, कठिन परिस्तिथियों में वाहन चालन का कौशल इत्यादि विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षुओं को ऑडियो-वीडियो माध्यम से तरीके से अवगत कराया जा रहा है।

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