Media24Media.com: डूबने से 4 बच्चियों की मौत

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नर्मदा नहर में डूबने से 4 बच्चियों की मौत, ऋतम्भरा आश्रम में रहकर करते थे पढ़ाई

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मध्यप्रदेश हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला खंडवा जिले के ओंकारेश्वर के कोठी गांव का है, जहां नर्मदा नहर में नहाते समय 4 बच्चियां डूब गईं। बताया जा रहा है कि पहले एक बच्ची का पैर फिसला, उसे बचाने के लिए तीन और सहेलियां पानी में कूद गई। इससे चारों की मौत हो गई। 5वीं क्लास में पढ़ने वाली बच्चियां खरगोन-बड़वानी के आदिवासी वन ग्रामों से थीं और कोठी में साध्वी ऋतम्भरा के परमशक्ति पीठ आश्रम में रहकर पढ़ाई कर रही थीं।

जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह 7 बजे 11 बच्चियां आश्रम के पीछे नर्मदा नहर में नहाने के लिए निकलीं। 5 लौटकर आश्रम चली गईं। 6 में से एक का पैर फिसला तो वह नहर में गिर पड़ी, जिसे बचाने बाकी की पांचों सहेलियों ने छलांग लगा दी। इन 5 बच्चियों में से 2 तो किनारे पर सुरक्षित लौट आईं, लेकिन 3 बच्चियां और जिस बच्ची का पैर फिसला वो नहीं लौटीं। इन चारों के शव निकाले गए। बच्चियों की उम्र 10 से 11 साल के बीच है।

आश्रम प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप

जिस नहर में हादसा हुआ, वह कोठी से गुजरात की तरफ जाने वाली बड़ी नहर है। यहां बगैर सुरक्षा संसाधनों के बच्चियों को नहाने के लिए भेजना आश्रम प्रबंधन की लापरवाही बताता है। यह नहर आश्रम के ठीक पीछे है। नहाने के लिए घाट बना हुआ है। नहर के अंदर तक सीढ़ियां हैं, लेकिन पानी में दबी सीढ़ियों पर काई जमी हुई है। इसी काई में पैर फिसलने से यह हादसा हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, यहां रोजाना बच्चियां नहाने आती हैं। आश्रम में सुविधाएं होने के बाद भी उन्हें यहां भेजा जा रहा था। बताया जा रहा है कि घाट पर काई की वजह से बच्ची का पैर फिसला था।

 बच्चियों ने कक्षा पहली से लिया था प्रवेश

साध्वी ऋतम्भरा के परमशक्ति पीठ आश्रम में बच्चियों को पहली कक्षा से प्रवेश दिया जाता है। नहर में डूबने वाली सभी बच्चियां आश्रम में रहकर पढ़ाई कर रही थीं। जिन गांवों से बच्चियां यहां पढ़ने आई थी, उनके परिवारवालों में भी अब डर पैदा हो गया है। जान गंवाने वालों में वैशाली पिता नवलसिंह, प्रतिज्ञा पिता छमिया, दिव्यांशी पिता चेतन और अंजना पिता रमेश शामिल है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

तालाब में डूबने से एक ही परिवार के 5 बच्चों की मौत

बता दें कि 5 सितंबर को राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के मंगलवाड़ क्षेत्र में तालाब में नहाने गए एक ही परिवार 5 बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। पानी के बाहर खड़े अन्य बच्चों ने गांव के लोगों को इसकी सूचना दी, जिस पर ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और पांचों बच्चों को पानी से बाहर निकाला और सभी बच्चों को मंगलवाड़ के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। 

नहाने के दौरान हुआ हादसा

पुलिस के मुताबिक चित्तौड़गढ़ के मंगलवाड़ क्षेत्र के एक तालाब में 8 बच्चे नहाने के लिए रविवार सुबह निकले थे, जिनमें से दो बच्चे तालाब में नहीं उतरे। वहीं मंगलवाड़ के सूरज ( उम्र 12) का पैर स्लिप होने पर वो भी तालाब से बाहर निकल गया। जबकि मंगलवाड़ के भावेश (उम्र 10), चंद्रशेखर (उम्र 12), सुमित (उम्र 12), प्रिंस (उम्र 8) और इंदौरा के हरीश (उम्र 8) नहाने के लिए तालाब में उतर गए। इस दौरान गहरे पानी में जाने की वजह से बच्चे डूबने लगे, जिन्हें डूबते देख बाहर खड़े बच्चों ने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी, जिन्होंने पहुंचकर पांचों बच्चों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

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