Media24Media.com: जांजगीर-चाम्पा

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label जांजगीर-चाम्पा. Show all posts
Showing posts with label जांजगीर-चाम्पा. Show all posts

शिवरीनारायण से भगवान राम का पुराना नाता, यहीं राम ने माता शबरी के जूठे बेर खाए

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा जिले से भगवान राम का बहुत करीब से नाता है। यहां प्रभु राम ने वनवास का अधिक समय बिताया है, मान्यता है यहां प्रभु राम ने शबरी के जूठे बेर खाए थे। यहां एक पेड़ ऐसा है जिसके पत्तों की आकृति दोने के सामान है, माता शबरी ने इसी दोने में राम लक्ष्मण को बेर रख कर खिलाए थे, इस वट वृक्ष का वर्णन सभी युगों में मिलने के कारण इसे अक्षय वट वृक्ष के नाम से जाना जाता है।

जांजगीर-चांपा जिले की धार्मिक नगरी शिवरीनारायण को गुप्त प्रयाग कहा जाता है। यहां तीन नदी, महानदी, शिवनाथ और जोक नदी कर त्रिवेणी संगम है। शिवरीनारायण का नाम माता शबरी और नारायण के अटूट स्नेह के कारण पड़ा और भक्त का नाम नारायण के आगे रखा गया। बड़े मंदिर यानी नर नारायण मंदिर के पुजारी प्रसन्न जीत तिवारी ने बताया कि शिवरीनारायण को छत्तीसगढ़ के जगन्नाथपुरी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इसी स्थान पर प्राचीन समय में भगवान जगन्नाथ स्वामी का मूल स्थान शिवरीनारायण रहा। आज भी साल में एक दिन माघी पूर्णिमा में भगवान जगन्नाथ शिवरीनारायण आते हैं, यहां मंदिर में रोहिणी कुण्ड है जिसका जल कभी कम नहीं होता, भगवान नर नारायण के चरण कुंड में जल हमेशा अभिषेक करता है।

शिवरीनारायण मठ मंदिर के पुजारी त्यागी जी महराज ने बताया कि छत्तीसगढ़ मर्यादा पुरुषोत्तम राम का ननिहाल और उनकी कर्मभूमि भी है। 14 वर्षों के कठिन वनवास काल में राम ने अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में ही बिताया। माता कौशल्या की जन्मभूमि के कारण छत्तीसगढ़ में राम को भांजे के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने शिवरीनारायण धाम के बारे में बताया कि यही वो पावनभूमि है जहां भक्त और भगवान का मिलन हुआ था। भगवान राम ने शबरी की तपस्या से प्रसन्न होकर न केवल उन्हें दर्शन दिए बल्कि उनकी भक्ति और भाव को देखकर जूठे बेर भी खाए। आज भी शबरी और राम के मिलन का ये पवित्र स्थान आस्था का केंद्र बना हुआ है।

अयोध्या में प्रभु राम मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद शिवरीनारायण में भी प्रभु के प्राण प्रतिष्ठा के इस दिन को खास बनाया गया है, सभी मंदिर को दूधिया रोशनी और झालर के अलावा दीपों से सजाने और दिनभर भजन कीर्तन और भंडारा प्रसाद वितरण करने की तैयारी की गई है। कुल मिलाकर धार्मिक नगरी शिवरीनारायण भी राममय हो गया है।

 

 

जांजगीर-चाम्पा जिले के 20 वीं कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने किया पदभार ग्रहण

No comments Document Thumbnail

जांजगीर-चाम्पा। जांजगीर-चाम्पा जिले की नवनियुक्त कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज यहाँ जिला कलेक्टर कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। कलेक्टर सुश्री चौधरी जिले के 20वीं कलेक्टर के रूप में जिले में नियुक्त हुई हैं। पदभार ग्रहण के दौरान कलेक्टर कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों ने नए कलेक्टर का स्वागत किया।

इस दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों से उन्होंने कहा कि जिले के विकास की गति को आगे बढ़ाने के साथ शासन की योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन करते हुए आमजनता को ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित करने पर हमें पूरी गंभीरता से कार्य करना है। उन्होंने शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुचाकर जन जन को लाभान्वित करने पर प्राथमिकता से कार्य करने कहा। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों कर्मचारियों को अपना परिचय देते हुए सभी का परिचय भी लिया।

नये साल की शुरूआत, मिलेगी जिले को कई नई सौगात

No comments Document Thumbnail

जांजगीर-चांपा। अपने जिले को विकास के साथ प्रगति की राह पर देखने का सपना संजाये जिलेवासियों को नये साल की शुरूआत के साथ ही कई बड़ी सौगाते मिलेगी। नये साल 2023 में जांजगीर-चांपा जिले में एक तरफ जहां वर्षों से अधूरे पड़े कार्य पूरे होंगे, वहीं कई नये कार्य भी पूरे हो जायेंगे। 

जिलेवासियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, मनोरंजन, पर्यावरण संरक्षण, सिंचाई, रोजगार सहित कई क्षेत्रों में बदलाव नजर आयेगा। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा द्वारा जिले की प्रगति को लेकर किये जा रहे नए पहल और विकासमूलक कार्यों  का लाभ आम नागरिकों को नए साल में मिलने लगेंगे।

जांजगीर-चाम्पा जिले को देंगे नई पहचान : कलेक्टर

जिले के कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा का कहना है कि धान उत्पादन से लेकर शैक्षणिक जिला के रूप में जांजगीर-चाम्पा जिले की अपनी पहचान है। हमारा जिला विकास की राह में आगे बढ़े, राज्य स्तर पर उपलब्धि हासिल करें, इसके लिये लगातार प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और जरूरतमंद हितग्राहियों को लाभान्वित करना उनकी प्राथमिकता में है। 

उन्होंने बताया कि शासकीय कार्यालयों, स्कूलों में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति समय पर सुनिश्चित करने के अलावा लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण और समस्याओं को दूर करना, अधोसंरचना विकास भी उनकी प्राथमिकता है। कलेक्टर ने नववर्ष 2023 की सभी को बधाई देते हुए जिले के विकास में सहयोग की अपील की है।

नए तहसील से राजस्व प्रकरणों का होगा आसानी से निराकरण

इस साल जिले को चार नई तहसील भवन की सौगात मिल जाएगी। जांजगीर, सारागांव, शिवरीनारायण और बम्हनीडीह को नया तहसील कार्यालय भवन उपलब्ध होगा। नए भवन बनाने की दिशा में कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। आने वाले समय की आवश्यकताओं और वर्तमान जरूरतों को ध्यान रखकर सर्वसुविधायुक्त तहसील भवन बनाया जा रहा है। नये भवन बनने से अधिकारियों को कार्य करने में आसानी होगी, वहीं आम नागरिकों के राजस्व संबंधी प्रकरण भी तेजी से निराकृत होंगे।

नये आत्मानंद विद्यालय से बदलेगी शिक्षा व्यवस्था

जिले को वैसे तो शिक्षा जिला के रूप में वर्षां से पहचाना जाता है, लेकिन जिले के विद्यार्थियों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई के लिए कई बड़े निजी स्कूलों में जाना पड़ता है। इन निजी स्कूलों में उन्हें महंगी फीस भी देनी पड़ती है। राज्य शासन द्वारा स्वामी आत्मांनद उत्कृष्ट अंगेजी माध्यम विद्यालय प्रारंभ किये जाने के पश्चात जिले में भी पालकों और विद्यार्थियों का रूझान इन स्कूलों की ओर हुआ है। जिले के अधिकांश गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थी स्वामी आत्मानंद जैसे विद्यालयों में अध्ययन कर सके। इसके लिए 7 नये स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय अकलतरा, बलौदा, बम्हनीडीह, नवागढ़ और पामगढ़ में 02 भी आरंभ किये जा रहे हैं। चांपा स्थित आत्मानंद विद्यालय को जिला खनिज मद से नये व सर्वसुविधायुक्त रूप में तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा जिले के 56 अन्य विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष की कमियों को देखते हुए नये कमरे बनाने की तैयारी चल रही है।

स्वास्थ्य सुविधाओं को बनाया जा रहा है बेहतर

जिले में स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर बनाने लगातार प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर द्वारा जिले के जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान स्वास्थ्य केन्द्रों में सुविधाओं की कमियों को देखते हुए दूर करने का प्रयास भी किया जा रहा है। कई स्थानों में जर्जर भवन अथवा सर्वसुविधायुक्त भवन की कमी होने पर नये भवन भी तैयार किये जा रहे हैं। पामगढ़, शिवरीनारायण में नये सामुदायिक भवन और अमोरा में नये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन के माध्यम से चिकित्सा व्यवस्था को और भी बेहतर बनाया जा रहा है। इसके अलावा जिला अस्पताल में हमर लैब, पोषण पुनर्वास केन्द्र तथा चांपा स्थित स्वर्गीय बिसाहू दास महंत की स्मृति चिकित्सालय की सुविधाएं बढ़ाकर नये स्वरूप में विकसित की जा रही है।

कुपोषण को दूर कर बनाया जा रहा बच्चों का भविष्य

आज के बच्चे, कल के भविष्य है। यदि बच्चे कुपोषित होंगे तो उनके असामयिक बीमारी और मृत्यु की संभावना बनी रहेगी। बच्चे स्वस्थ होंगे तो सुनहरा भविष्य गढ़ेंगे। कुछ ऐसी ही सोच के साथ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशव्यापी कुपोषण मुक्ति का अभियान शुरू किया है। जिले में भी कुपोषित बच्चों तथा एनीमिक महिलाओं को गरम भोजन व पौष्टिक आहार मिले, जिससे उनका स्वास्थ्य बेहतर हो और छत्तीसगढ़ से कुपोषण दूर हो। इस दिशा में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना शुरू की गई है, वहीं पोषण पुनर्वास केंद्रों की सुविधाएं बढ़ाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। अकलतरा, नवागढ़, बम्हनीडीह, पामगढ़ और जांजगीर में पोषण पुनर्वास केन्द्र स्थापित कर कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाया जा रहा है।

शिवरीनारायण में लाइब्रेरी का होगा संचालन

नये साल के साथ ऐतिहासिक धार्मिक नगरी शिवरीनारायण में लाइब्रेरी ठाकुर जगमोहन सिंह के नाम से प्रारंभ की जाएगी। कलेक्टर द्वारा इसके लिए पुराने बस स्टैण्ड स्थल का निरीक्षण कर नगर पालिका अधिकारी को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। शिवरीनारायण में सर्वसुविधा युक्त लाइब्रेरी संचालित होने से विद्यार्थियों, युवाओं सहित आस-पास के नागरिकों को अध्ययन एवं किताबी ज्ञान प्राप्त होगी। यहां वाईफाई, ईलाइब्रेरी जैसी सुविधाएं भी मुहैया करायी जाएगी। लाइब्रेरी का निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है।

सिंचाई सुविधाओं में विस्तार से किसानों को होगा लाभ

धान उत्पादन के लिए पहचाने जाने वाले जांजगीर-चांपा जिले में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। कलेक्टर द्वारा सिंचाई विभाग के अधिकारियों से समन्वय बनाकर जिले के किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ दिलाने पहल की गई है। सिंचाई सुविधाओं से वंचित अतिम छोर के गांवों में पानी पहुंचाने नहरों का मरम्मत किया जा रहा है। सोन नदी सारागांव के अमरूवा में लगभग 6 करोड़ की लागत से एनीकट और कंजी नाला परसदा गांव के पास सवा करोड़ की लागत से एनीकट बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।  कलेक्टर का कहना है कि किसानों के लिए जिले में पैसो की कमी नहीं है, सिंचाई के क्षेत्र में किसानों को जो भी आवश्यकता होगी, उसे प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा।

नीली क्रान्ति से रोजगार के साथ बढ़ेगा राजस्व

जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने कलेक्टर द्वारा लगातार मत्स्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। इसके साथ ही मछली पालन को आमदनी का बड़ा जरिया मानकर किसानों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह कलेक्टर का ही प्रयास है कि जिले में मछली का उत्पादन आने वाले दिनों में बढ़ जाएगा। तालाबों को मछली पालन हेतु पट्टा में दिए जाने के साथ ही मत्स्य पालन का रकबा 1 हजार हेक्टेयर का बढ़कर 2 हजार हेक्टेयर हो जाएगा। इससे लगभग 2 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। मछली का उत्पादन 3 हजार क्विंटल से अधिक के साथ ही रोजगार और शासन के राजस्व में वृद्धि होगी।

जिले के सारागांव में एक हेचरी का निर्माण भी किया जा रहा है। यहां मत्स्य पालन हेतु प्रदर्शन इकाइ विकसित करने के साथ किसानों को प्रोत्साहित करने प्रशिक्षण भी दी जाएगी। इसी तरह जांजगीर के खोखरा भांठा में एक करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से तैयार मछली मार्केट का संचालन भी शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा। यहां थोक एवं चिल्हर में मछलियां बेची जाएगी। मत्स्य पालन के क्षेत्र में किये जा रहे इस अभिनव पहल से जिले की पहचान सबसे अधिक मत्स्य उत्पादन में होगी।

अधोसंरचना के कार्या में प्रगति के साथ लोगों को मिलेगी सहूलियतें

किसी भी जिले की पहचान वहां हुए अधोसंरचना के कार्यों  से होती है। जिले में अपनी पदस्थापना के पश्चात कलेक्टर सिन्हा द्वारा कई बड़े एवं अधूरे कार्यों  को पूरा करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। यह कलेक्टर का प्रयास है कि वर्षों से निमार्णाधीन ऑडिटोरियम का कार्य पूर्णतः के कगार पर हैं। इसी तरह स्वीमिंग पुल भी आने वाले कुछ दिनों में तैयार हो जाएगा। नये अस्पताल भवन, स्कूल भवन भी बनाये जा रहे हैं। नगर स्थित गट्टानी हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन को भी नये स्वरूप में परिवर्तित किया जा रहा है। नगर पालिका परिषद कार्यालय अकलतरा को आवश्यक मरम्मत कर संचालित किया जा रहा है। शहर को सौंदर्यीकरण करने के साथ अनेक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है।

बहुप्रतीक्षित खोखसा रेलवे ओव्हर ब्रिज में होगा आवागमन प्रारंभ

जांजगीर और चांपा नगर के मध्य मुख्य मार्ग पर निर्माणाधीन रेलवे ओव्हर ब्रिज भी इस वर्ष आगामी कुछ महीनों के भीतर आवागमन के लिए पूर्ण हो जाएगा। कलेक्टर सिन्हा द्वारा इस ब्रिज के अधूरे कार्यों  को पूरा करने न सिर्फ रेलवे के अधिकारियों से चर्चा की जा रही है, अपितु सेतु विभाग के अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। खोखसा रेलवे ओव्हर ब्रिज के पूर्ण होने से चांपा एवं जांजगीर सहित अन्य जिले के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इसी तरह कलेक्टर द्वारा नहर पुल पर लगने वाले जाम और बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने नहर पुल का चौड़ीकरण भी कराया जा रहा है। आगामी कुछ दिनों के भीतर नहर पुल चौड़ा होने के साथ आमनागरिकों के आवागमन के लिए लाभदायक साबित होगा। जिले के जर्जर सड़कों की भी सुध ली जा रही है। गड्ढो का मरम्मत किया जा रहा है।

पर्यावरण संरक्षण को दिया जा रहा है बढ़ावा

कलेक्टर सिन्हा द्वारा जिले में विकास कार्यों की सौगात के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कदम उठाये जा रहें है। मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना अंतर्गत लगभग एक हजार एकड़ में पौधे रोपित किये जाने की योजना है। इसी तरह सभी नगरीय निकायों में कृष्ण कुंज तैयार कर फलदार वृक्ष रोपित किये जा रहे हैं। इससे जिले में पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

रीपा से संवरेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्राथमिकता को ध्यान में रखकर जिले में दस गौठानों का चयन ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) के लिए किया गया है। बलौदा विकासखंड से जर्वे और महुदा गौठान, नवागढ़ विकासखंड से पेंड्री और पचेड़ा गौठान, अकलतरा विकासखंड से तिलई और किरारी गौठान, पामगढ़ विकासखंड से मुलमुला और लोहर्सी गौठान, बम्हनीडीह विकासखंड से गोविंदा और अफरीद गौठान में स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा महिला स्व-सहायता समूहों, गांव के युवाओं को रोजगार देने लघु व मध्यम उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। ऑफसेट प्रिंटिंग, मशरूम, बेकरी, आचार, पापड़, पूजा सामग्री निर्माण कार्य, आर ओ वाटर यूनिट, गोबर से पेंट, झींगा उत्पादन, चिप्स, हेचरी आदि निर्माण हेतु गतिविधियां संचालित करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

नई दुकानों और दवाओं की उपलब्धता से बीमारी होगी दूर

राज्य शासन के मंशा के अनुरूप आम नागरिकों एवं गरीबों को सस्ती दर पर जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने जिले में धन्वंतरी मेडिकल स्टोर का संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर द्वारा इन दुकानों का निरीक्षण कर पर्याप्त मात्रा में सभी प्रकार की दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। दुकानों को अपग्रेड कर प्रमुख स्थानों पर संचालित कराया जा रहा है।

गौमूत्र खरीदी, पैरादान और छत्तीसगढ़ियां ओलम्पिक में जिला नंबर वन

वैसे तो कलेक्टर सिन्हा को जिले में पदस्थ हुए महज 6 महीने ही हुए हैं, लेकिन उन्होंने अपनी प्रशासनिक दक्षता एवं सूझबूझ से जिले में प्रशासनिक कसावट लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जिले के लगभग सभी विकासखंडो में वे न सिर्फ शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन को फील्ड में जाकर देखते हैं साथ ही उनके द्वारा ब्लाक लेबल एवं मैदानी स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों की बैठक लेकर विशेष निर्देश दिए जाते हैं। उनके प्रयास का ही परिणाम है कि जिले में अब तक 11 हजार 624 लीटर गौमूत्र को पशुपालकों से खरीदा गया। जिले में गौमूत्र की बढ़ती मांग के साथ ही इसका उत्पादन एवं विक्रय भी किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा किसानों को प्रेरित करते हुए चलाई गई मुहिम का हिस्सा बनते हुए गोठानों में किसानों ने 99 हजार 55 क्विंटल पैरादान किया। गौमूत्र खरीदी, पैरादान और छत्तीसगढ़ियां ओलम्पिक में तथा मानस मंडली पंजीयन में जिला नंबर वन पर है।

देश के पहले 'किसान स्कूल' का नामकरण वरिष्ठ पत्रकार स्व. कुंजबिहारी के नाम

No comments Document Thumbnail

जांजगीर-चाम्पा. बहेराडीह गांव में स्थित देश के पहले 'किसान स्कूल' का नामकरण वरिष्ठ पत्रकार स्व. कुंजबिहारी साहू के नाम पर किया गया. इस दौरान गोठान परिसर में राष्ट्रीय किसान दिवस के मौके पर दो दिवसीय किसान महोत्सव का शुभारम्भ छग गौसेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महन्त रामुसन्दर दास ने किया. यहां अतिथियों ने किसान स्कूल का भ्रमण किया और स्कूल में किसानों को दी जाने वाली विभिन्न जानकारी से अवगत हुए. इस दौरान किसान स्कूल का स्थापना दिवस भी मनाया गया. किसान स्कूल पहुंचने पर महिलाओं ने तिलक लगाकर अतिथियों का स्वागत किया.

इस मौके पर छग शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष रामकुमार पटेल, जैजैपुर विधायक केशव चंद्रा, छग श्रम कल्याण मंडल के सदस्य हरप्रसाद साहू, जिला साहू समाज के जिलाध्यक्ष बालेश्वर साहू, कांग्रेस नेता राइस किंग, बलौदा जनपद के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया राठौर, जांजगीर मंडी के अध्यक्ष ब्यास कश्यप समेत अन्य अतिथि मौजूद थे.

यहां कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 10 किसानों को स्मृति चिन्ह, शॉल, सम्मान पत्र भेंटकर बहेराडीह के किसान मुरितराम यादव, पचेड़ा के किसान हीरानन्द कश्यप, नवापारा कनई के किसान रामकुमार कश्यप, कोसमन्दा की महिला किसान सतरूपा यादव, जाटा की हेमकुमारी यादव, बहेराडीह की मेघा यादव, दर्राभाठा के किसान प्राणनाथ देवांगन, सिवनी के किसान भरतलाल साहू, मेंहदा के किसान संदीप तिवारी, जांजगीर-महन्त के किसान दुष्यंत सिंह का सम्मान किया गया. साथ ही, बहेराडीह गांव को गोद लेने वाली बलौदा जपं की उपाध्यक्ष नम्रता राघवेंद्र नामदेव और बिहान की एफएलसीआरपी रेवती यादव को स्मृति चिन्ह, शॉल और सम्मान पत्र भेंटकर 'नारी शक्ति सम्मान 2022' से सम्मानित किया गया. यहां कई विभागों उद्यान विभाग, पशुधन विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, केंद्रीय रेशम बोर्ड और बहेराडीह के बिहान की महिलाओं के द्वारा स्टाल लगाए गए हैं. इस मौके पर मुख्य अतिथि छग गौसेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महन्त रामसुंदर दास ने कहा कि बहेराडीह की पहचान देश भर में बन गई है और अब इस गांव को मिसाल के तौर पर पेश किया जाता है. बहेराडीह में कृषि सम्बन्धी उन्मुखी कार्यों और महिला समूह के विशेष कार्यों को देश भर में सराहा जा रहा है. 

उन्होंने कहा कि आज प्रत्यक्ष तौर पर जैविक ग्राम बहेराडीह की खासियत को देखा तो मन में आत्मीय खुशी हुई कि कृषि के क्षेत्र में विशेष कार्यों में बहेराडीह के किसान और नारी सशक्तिकरण की दिशा में महिलाएं बेहतर काम कर रही हैं. देश के पहले किसान स्कूल का नामकरण वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू के नाम पर करने को लेकर किसानों की टीम को धन्यवाद देते हुए राजेश्री ने कहा कि यह बड़ी पहल है. इस कोशिश से वरिष्ठ पत्रकार स्व. कुंजबिहारी साहू की पत्रकारिता के सद्कार्यों को पहचान मिलेगी. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार स्व. कुंजबिहारी साहू और उनके छोटे भाई पत्रकार राजकुमार साहू के परिजन से शुरू से जुड़ाव है, इसलिए आज इस खास पल में शामिल होकर बहुत खुशी हुई है.

छग शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष रामकुमार पटेल ने कहा, दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार को यही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है कि उनके नाम पर देश के पहले किसान स्कूल का नामकरण किया गया है. आज इस आयोजन में आकर बड़ी खुशी हुई है, क्योंकि बहेराडीह गांव के बारे में काफी कुछ अच्छा सुना था, आज प्रत्यक्ष देख भी लिया. उन्होंने कहा कि दो भाई में कितना प्रेम है, वह वरिष्ठ पत्रकार स्व. कुंजबिहारी साहू और उनके छोटे भाई पत्रकार राजकुमार साहू के मध्य देखा है. आज वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू हमारे बीच नहीं है, लेकिन आज जिस तरह से किसान स्कूल का नामकरण उनके नाम पर हुआ है, उससे उनकी आत्मा की सद्गति मिलेगी. नामकरण करने को लेकर उन्होंने किसानों की टीम को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि यह बड़ी मिसाल है, जिसके बाद वरिष्ठ पत्रकार स्व. कुंजबिहारी साहू हमेशा यादों में रहेंगे.

जैजैपुर विधायक केशव चन्द्रा ने कहा कि उनके लिए बहेराडीह आना गौरव का पल है. जैविक ग्राम बहेराडीह में होने वाले उन्मुखी कार्यों के बारे में काफी कुछ सुना था. किसानों के द्वारा संचालित देश के पहले किसान स्कूल में आज आने का अवसर मिला और किसानों के द्वारा की जा रही बड़ी पहल को करीब देखा, जिसके बाद बड़ी आत्मीय खुशी हुई है. उन्होंने कहा कि किसान स्कूल का नामकरण वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू के नाम से किया जाना सुखद अनुभूति है, क्योंकि उनसे आत्मीय लगाव था. किसानों ने बताया है कि वरिष्ठ पत्रकार स्व. कुंजबिहारी के द्वारा बहेराडीह गांव की हर गतिविधि को आगे बढ़ाने के लिए खबरों के माध्यम से कार्य किया जाता था और सामाजिक सरोकार की पत्रकारिता से उन्होंने जिले व प्रदेश में बड़ी पहचान बनाई थी. आज जो प्रयास हुआ है, वही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है.

कार्यक्रम का संचालन बलौदा जनपद पंचायत की उपाध्यक्ष नम्रता राघवेंद्र नामदेव और आभार प्रदर्शन किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव ने किया. कार्यक्रम में अतिथियों को भी स्मृति चिन्ह, शॉल, श्रीफल भी भेंट किया गया. इस मौके पर कमलेश सिंह, राजकपूर साहू, सुशांत सिंह, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य  रमेश चन्द्रा, सुरेश देवांगन, मोती पटेल, जनपद सदस्य संजय रत्नाकर, देवकुमार यादव, राघवेंद्र नामदेव, वरिष्ठ पत्रकार स्व. कुंजबिहारी साहू के पिता बिसम्भर प्रसाद साहू, रमेश चौहान, घनश्याम राठौर, डीएल साहू, शिव सिंह पैकरा, शिवकुमार तिवारी, रामाधार देवांगन, निर्मलदास वैष्णव, जितेंद्र यादव, राजशेखर सिंह, निखिल राठौर, पत्रकार राजकुमार साहू, प्रकाश साहू, हिमांशु साहू, राजीव लोचन साहूविकास साहू, रामकुमार मनहर, साधराम मनहर

बुड़गहन गांव की सरपंच श्रीमती अजय शशि जगत, नवल किशोर सिंह, कोसमन्दा से कृष्णा वैष्णव, मोरध्वज वैष्णव, बहेराडीह की उपसरपंच चंद्रकला कश्यप, रेवती यादव, साधना यादव, ललिता यादव, सुमित्रा यादव, पुष्पा यादव, अहिल्या यादव, लक्ष्मीन यादव, हेमकुमारी यादव, मेघा यादव, राजकुमारी यादव, कौशिल्या यादव, दीना चौहान, सतरूपा यादव, सविता चौहान, रामकली, कृतिका यादव, रामकुमारी यादव, अनिता यादव, हेमपुष्पा, कौशिल्या यादव समेत बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं उपस्थित थी

बुद्धिमान होना अच्छा, लेकिन ईमानदार होना और भी अच्छा : तारन प्रकाश सिन्हा

No comments Document Thumbnail

जांजगीर-चाम्पा। लोक सेवक पब्लिक सर्वेंट होते हैं। जनता के हितों को ध्यान रखकर, कानून के दायरे में कार्य करना ही लोक सेवक का कर्तव्य है। एक अच्छे लोक सेवक की यह पहचान भी होनी चाहिए कि वह विपरीत परिस्थितियों में सूझबूझ के साथ निर्णय ले सकें। गुस्सा या आक्रोश दिखाने के बजाय संयम व संतुलन का परिचय देते हुए चुनौतीपूर्ण कार्यों को आसान बना सकें। बड़े पदों पर आने के बाद आपकी व्यक्तिगत छवि भी मायने रखती है, इसलिये बुद्धिमान होना अच्छी बात है, लेकिन ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ होना और भी अच्छा है। यह कहते हुए कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने प्रदेश भर के भ्रमण पर निकले राज्य के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों को आज जाजंगीर-चाम्पा जिला आने पर प्रशासनिक गतिविधियों के बेहतर संचालन की सीख दी।



कलेक्टर सिन्हा ने प्रशिक्षु कलेक्टरों से परिचय प्राप्त करने के बाद उनसे प्रशासनिक सेवाओं की रूचि के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने समय के साथ प्रशासनिक सेवा तथा लोक सेवकों की जिम्मेदारी में परिवर्तन होने की बात कहते हुए बताया कि नवाचार और अच्छे कार्यों की सभी जगह प्रशंसा होती है। छत्तीसगढ़ बहुत बड़ा राज्य नहीं है। छोटे-छोटे जिले बन रहे हैं। अन्य राज्यों और जिलों की अपेक्षा यहां कार्य करना सहज और सरल तो है ही, इसके साथ ही बेहतर कार्य कर अपना अलग पहचान भी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कार्यपालिक लोक सेवक का कोइ्र जाति, धर्म या क्षेत्र नहीं होता।

इसलिए कोशिश होनी चाहिए कि हम पारदर्शी और ईमानदारी से कार्य करें। कलेक्टर ने कहा कि आपका पद ही आपका सम्मान है। आप पर सभी की नजर है। कोई ऐसा काम न करें कि जो विपरीत हो। किसी प्रकार की गड़बड़ी आपका पीछा नहीं छोड़ेगी, आपके आने से पहले आपकी सही व गलत की छवि लोगों के पास पहुच जायेगी। आप जिस पद में है, वहां न्याय दिखना ही नहीं, होना भी चाहिए। उन्होंने किसी भी कार्य को तनाव लेकर नहीं करने और असमंजस की स्थिति में अंतरात्मा की आवाज सुनने की बात कही। कलेक्टर सिन्हा ने सभी प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी छत्तीसगढ़ के हैं और यहां के विषय में भलीभांति जानते समझते हैं, इसलिए जब फील्ड पर जाएं तो अच्छे व्यवहार, उत्साह, उमंग के साथ जिम्मेदार लोक सेवक के रूप में काम करें। यहां आपकों बहुत कुछ सीखने को भी मिलता रहेगा। प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों को अपर कलेक्टर एस पी वैद्य ने भी प्रशासनिक कार्यशैली की बारीकियों को बताया।

पहले यूँ ही बह जाता था पानी, नाला बंधान से किसानों की बढ़ गई आमदनी

No comments Document Thumbnail

जांजगीर-चाम्पा। तीन साल पहले इस गांव के किसानों की तकदीर ऐसी न थीं, सब कुछ मौसम की मेहरबानी पर टिका था। कभी बारिश हुई तो ही खेतों और बाड़ी पर फसल या साग सब्जी ले पाते थे, वरना सबकुछ सूखा सूखा ही था। गांव के लोगों के पास सब्जी या फसल उत्पादन के लिए न तो पानी था और न ही उनकी आमदनी। यह किसान हितैषी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दूरदर्शी सोच ही थीं कि उन्होंने ग्राम सुराजी योजना के तहत नरवा योजना से छोटे-छोटे नदी-नालों को विकसित करने और आसपास के ग्रामीणों के लिए जल उपलब्ध कराने की कल्पना की। आखिरकार कुछ महीनों बाद उनकी यह कल्पना धरातल पर न सिर्फ साकार हुई, अपितु स्टापडेम व नाला बंधान जैसे कार्यों से ग्रामीणों को इतना पानी मिलने लगा कि वे हर मौसम में न सिर्फ अपनी बाड़ियों में सब्जी उत्पादन कर पाते हैं, धान सहित अन्य फसल लेकर अपनी आमदनी में भी इजाफा कर रहे हैं।



जांजगीर-चाम्पा जिला वैसे भी कृषि प्रधान जिला और धान उत्पादन के मामले में अपनी पहचान रखता है, लेकिन जिले में अनेक ऐसे स्थान भी है जहाँ के किसानों को सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर रहना पड़ता था। जिले के गाँव गतवा में अनेक किसान है,जिनके बाड़ी या खेतों के करीब से कर्रा नाला गुजरता है। इस नाले में बारिश के दिनों में उफान और गर्मी में सूखे की स्थिति निर्मित हो जाती थी। यहीं एक बड़ी वजह थी कि आसपास के अनेक किसानों को बारिश के दो से तीन महीनों को छोड़कर अन्य मौसम में खाली बैठना पड़ता था। यहाँ के किसान अमृत लाल ने बताया कि दो-ढाई साल पहले बहुत विकराल स्थिति निर्मित होती थी। नाला में पानी इतना नहीं रहता था कि वे फसल ले पाए।

अब स्टापडेम बन जाने के बाद वह धान के अलावा अन्य मौसम में गेहूँ के फसल भी ले पाता है। इसके साथ ही बाड़ी में सब्जी का उत्पादन भी कर लेता है। इससे उसे आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ता। गाँव की ही महिला किसान मीना बाई ने एक बड़े हिस्से में सब्जी का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि नाला का बंधान होने से साल भर लबालब पानी रहता है,जिससे वह भी साल भर सब्जी सहित फसल ले पाती है। उसने बताया कि उसे अब कभी भी सब्जियों के लिए बाजार नहीं जाना पड़ता। उन्होंने बताया कि पानी की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए अपनी बाड़ी में गोभी, पालक, बरबट्टी, टमाटर, प्याज, लाल भाजी सहित अन्य सब्जियां उगाई है। इन सब्जियों को बेचकर कुछ कमा लेती है और उनके परिवार को अनावश्यक पैसे भी खर्च नहीं करने पड़ते। मीना बाई ने बताया कि 3 साल पहले उन्हें बहुत तकलीफ उठानी पड़ती थी।



सब्जियों को खरीदने के लिए पैसे का बंदोबस्त करना बहुत ही कठिन था। उन्हें मजदूरी करनी पड़ती थी और कमाई के पैसे से घर का कुछ जरूरी सामान खरीदने की बजाय सब्जी में चला जाता था। अब ऐसा नहीं है। गांव के ही किसान पदुमन कश्यप ने बताया कि वह 30 डिसमिल क्षेत्र के बाड़ी में सब्जियां उगाता और जरूरत के हिसाब से सब्जी अपने पास रख बाकी बाजार में भी बेंच आता है। इससे उनकी कुछ आमदनी हो जाती है। यह सब कर्रा नाला के पानी से ही सम्भव हो पाया है। हमारे गांव के अनगिनत लोग इस पानी का उपयोग खेती और सब्जी उत्पादन में करते हैं। पहले स्टापडेम नहीं बनने से पानी नाले में हमेशा नहीं ठहरता था।

जिससे निस्तारी सहित अन्य कार्यों के लिए पानी की समस्याएं उत्पन्न हो जाती थी। अब नाले में पानी लबालब रहने से मवेशियों के लिए पानी,ग्रामीणों के नहाने के लिए पानी और सब्जी उत्पादन के लिए भी पानी उपलब्ध हो जाता है। ग्राम गतवा के किसानों ने वन विभाग के माध्यम से कर्रा नाले में बने स्टापडेम को अपनी आमदनी और जीवनयापन का एक बड़ा जरिया बताया। किसानों ने कहा कि नरवा-गरवा का संरक्षण और किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से हम जैसे गरीब किसानों का बहुत भला हो रहा है। कर्रानाला से किसानों के अलावा वन विभाग की नर्सरी में तैयार होने वाले पौधों के लिए भी पानी की उपलब्धता हो रही है।

कलेक्टर ने किसानों से चर्चा कर की प्रशंसा

कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने वन मंडल अधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर के साथ ग्राम गतवा के कर्रानाला स्टापडेम का निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों से चर्चा भी की तो किसानों ने उन्हें बताया कि कर्रानाला में स्टापडेम बनने का उन्हें बहुत लाभ हो रहा है। किसान अमृत लाल ने बताया कि अब साल भर पानी मिलने से सब्जी उत्पादन और फसल में भी पानी की कमी नहीं आती। कलेक्टर ने स्टापडेम के स्थल और पानी की कमी दूर होने पर इस कार्य की प्रशंसा भी की।

13 नालों में  6 लाख से अधिक संरचना

जिले में नरवा विकास कार्य के अंतर्गत 25006.006 हेक्टेयर वन क्षेत्र में 13 नालों पर कार्य स्वीकृत कर 6 लाख 22 हजार 250 नग संरचना बनाई गई है। कुल 12 हजार 617.92 हेक्टेयर क्षेत्र को उपचारित किया गया है। जिले में कर्रा नाला, गंगदेई नाला, केरवार, चौतरिया, कोतरी, कटिया नाला, गोदलिहा, मुड़ा नाला, तेवानाला, सुनबंधना, मसानिया और देवधारा नाला से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

 

आपके घर का पैसा लगता तो क्या ऐसी लापरवाही करते?, गुणवत्ताविहीन शेड निर्माण पर कलेक्टर ने जतायी नाराजगी

No comments Document Thumbnail

जांजगीर-चाम्पा। राज्य शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति जाँचने लगातार ग्रामीण इलाकों का दौरा कर रहे जिले के कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने आज बलौदा ब्लॉक के अंतिम छोर के अनेक ग्रामों का सुबह से शाम तक दौरा किया। उन्होंने बलौदा ब्लॉक में धान खरीदी केन्द्र, गौठान, आत्मानंद स्कूल, युवा महोत्सव आयोजन, सड़क निर्माण, राजस्व समाधान शिविर, मत्स्य पालन, जल जीवन मिशन के कार्यों और नरवा योजना के अंतर्गत कार्यों एवं शासन की विभिन्न योजनाओं का जायजा लिया। 

ग्राम महुदा के गौठान में स्व-सहायता समूह के सदस्यों से उनकी गतिविधियों की जानकारी लेने के साथ कलेक्टर ने जब यहाँ शेड निर्माण के कार्यों को अधूरा और गुणवत्ताविहीन देखा तो आरईएस के अधिकारियों पर खासी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इतना घटिया निर्माण हो रहा है, आप लोग देखते क्यों नहीं ? शासन का पैसा लग रहा है। आपके घर का पैसा लगता तो क्या इस तरह लापरवाही करते ? ऐसा बिल्कुल नहीं चलेगा।



कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने सबसे पहले बलौदा ब्लॉक के गतवा में वन विभाग के नर्सरी और कर्रा नाले में बने स्टॉप डेम का निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने अमरूद, कटहल सहित अन्य फलदार पौधों को मौसम अनुरूप सभी गौठानो में लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्टॉप डेम का भी अवलोकन किया और आसपास के किसानों से चर्चा की। किसानों ने बताया कि स्टॉप डेम बनने से उन्हें फसल लेने के साथ साग सब्जी उत्पादन में भी आसानी होने लगी है। कलेक्टर ने बलौदा में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय एवं युवा महोत्सव कार्यक्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान वनमंडलाधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ डॉ ज्याति पटेल, एसडीएम ममता यादव, जनपद सीईओ, तहसीलदार आदि उपस्थित थे।

नल चालू कर जानी पानी आपूर्ति की स्थिति

कलेक्टर ने कई गांवों में जल जीवन मिशन अंतर्गत बनी पानी की टंकी और ग्रामीणों के घरों में लगे नलों में पेयजलापूर्ति की स्थिति की भी जाँच की। उन्होंने अंतिम छोर के ग्राम केराकछार में पानी टंकी का निरीक्षण किया और सरपंच को गाँव में नल कनेक्शन के लिए पहल करने तथा पानी आपूर्ति के सुचारू संचालन हेतु सुविधानुसार शुल्क निर्धारित करने कहा। उन्होंने ग्राम महुदा में किसान झंगलूराम के आवास में जाकर जेजेएम अंतर्गत लगाये गये नल की टोटी को घुमाकर पानी आपूर्ति की जांच की।

गलत जानकारी पर सचिव को नोटिस जारी

कलेक्टर सिन्हा ने ग्राम महुदा में गौठान पहुंचकर स्व सहायता समूह की महिलाओं से उनके द्वारा संचालित की जा रही आजीविका गतिविधियों के संबंध में चर्चा की। मौके पर उपस्थित सचिव द्वारा गोबर खरीदी और वर्मी कम्पोस्ट बिक्री की सही जानकारी नहीं दिए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जतायी और योजनाओं की जानकारी नहीं होने तथा मुख्यालय से बाहर रहकर आना-जाना करने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। यहां उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि महुदा गौठान को ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) से जोड़ा गया है। गौठान में आयमूलक गतिविधियां संचालित करके आमदनी बढ़ाए। कलेक्टर ने यहां गोबर खरीदी बढ़ाने, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण करने

गौपालकों की एण्ट्री एप में करने, मानस मंडली का पंजीयन चिन्हारी पोर्टल में करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने कलेक्टर से महुदा-नैला सड़क मार्ग को मरम्मत करने, स्कूल भवन की मांग तथा ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब निर्माण व बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। गांवो के जमीन पर अतिक्रमण होने की शिकायत सामने आने पर कलेक्टर ने तहसीलदार को निर्देशित किया कि वे ग्रामीणों की बैठक बुलाकर प्रकरण को सुलझाए और और रिक्त भूखंड में उद्यानिकी विभाग के माध्यम से पौधा रोपण कराए। मौके पर उपस्थित डीएफओ सौरभ सिंह ने भी रेंजर को भूमि संबंधी विवाद को सुलझाने के निर्देश दिए।

युवा उद्यमी सत्येन्द्र प्रकाश के प्रयासों की सराहना की

कलेक्टर सिन्हा ने बलौदा ब्लाक के ग्राम ठड़गाबहरा में आधुनिक तकनीकों से मत्स्य पालन कर रहें युवा उद्यमी सत्येन्द्र प्रकाश के कार्यों को देखकर सराहना की। कलेक्टर ने खेत में बनाये गये तालाब और बायो फ्लॉक के माध्यम से एक बड़े क्षेत्र में किये जा रहे मछली पालन की गतिविधियों को देखा और मत्स्य पालक सत्येन्द्र प्रकाश से चर्चा भी की। सत्येन्द्र ने कलेक्टर को बताया कि उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। गांव में रहकर आधुनिक तकनीकों से वह मछली पालन कर रहा है। कलेक्टर ने सत्येन्द्र के परिश्रम और प्रयासों के प्रशंसा करते हुए कहा कि वे आने वाले युवा पीढ़ी को भी शासन की योजनाओं से आगे बढ़ने के दिशा में प्रेरित करे।

राजस्व शिविर का उठाएं लाभ, किसी को पैसे न दें

कलेक्टर सिन्हा ने जर्वे (ब) में आयोजित राजस्व शिविर पहुंचकर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने नामांतरण, बटांकन, सीमांकन, डायवर्सन, ऋण पुस्तिका सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक पैसा नहीं देने की अपील ग्रामीणों से की। कलेक्टर ने ग्रामीणों को बताया कि राजस्व शिविर का आयोजन राजस्व संबंधी विवादों का निराकरण करने के लिए किया जा रहा है। अपनी समस्याओं को वे पटवारी के माध्यम से रख सकते हैं। कलेक्टर ने राजस्व शिविर में प्राप्त आवेदनों के आधार पर तैयार ऋण पुस्तिका, आमदनी, निवास प्रमाण पत्र का वितरण संबंधित हितग्राहियों को किए। यहां उन्होंने पटवारी को मुख्यालय में रहने के निर्देश देते हुए ग्रामीणों से पीडीएस, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना अंतर्गत पात्र मजदूरों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए।

धान खरीदी में न हो गड़बड़ी, किसानों का रखे ख्याल

कलेक्टर सिन्हा ने ग्राम जावलपुर में धान उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने उपार्जन केन्द्र प्रभारी से धान खरीदी के संबंध में की गई तैयारियों की जानकारी ली। कलेक्टर ने धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करने की निर्देश देते हुए धान विक्रय करने आने वाले किसानों हेतु पेयजल एवं बैठने की व्यवस्था तथा टोकन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने धान संग्रहण हेतु प्राप्त बारदाने की जानकारी ली और धान के बोरो को चबूतरों में व्यवस्थित ढंग से रखने, बारिश की स्थिति में कैप कव्हर हेतु तिरपाल आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नायब तहसीलदार को गिरदावरी के आधार पर फसल उत्पादन तथा बिक्री की रैण्डम जांच के भी निर्देश दिए।

सड़क निर्माण कार्य में लाए प्रगति

कलेक्टर सिन्हा ने इंडस्ट्रीयल कॉरीडोर अंतर्गत निर्माणाधीन मार्ग का अवलोकन किया। बलौदा बायपास निर्माणाधीन सड़क मार्ग का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जावलपुर के ग्रामीणों द्वारा मुख्यमार्ग में भारी वाहन चलने से उड़ने वाले धूल से बचाव हेतु पानी छिड़काव की मांग को भी पूरा करने के निर्देश दिए।

ये कैसी लापरवाही है, अभी तक काम पूरा क्यों नहीं हुआ : कलेक्टर

No comments Document Thumbnail

जांजगीर-चाम्पा। जिले के विकास में अधोसंरचना के कार्यों को महत्वपूर्ण मानने वाले कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने जिले में विगत कई वर्षों से निर्माणाधीन कार्यों की न सिर्फ फ़ाइलो को निकलवाया हैअपितु समय-सीमा तय होने के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं होने पर अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी भी जताई है। उन्होंने जिले के विकास में महत्वपूर्ण कार्यों का निर्माण स्थल पर जायजा भी लिया और कहा कि यह कैसी लापरवाही चल रही है, अभी तक काम पूरा क्यों नहीं हो पाया ? आप लोग बड़े अधिकारी है। आप लोग सुपरविजन नहीं करते क्या ? अब यह सब नहीं चलेगा।


जल्दी ही गुणवत्ता के साथ काम पूरा करें। 
कलेक्टर सिन्हा ने जिला पंचायत भवन के समीप निर्माणाधीन ऑडिटोरियम भवन का निरीक्षण किया। यहाँ जिला खनिज न्यास मद से लगभग 5 करोड़ की लागत राशि से वर्ष 2017-18 से निर्माणाधीन इस ऑडिटोरियम के समय सीमा में पूर्ण नहीं होने पर विभागीय अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर नाराजगी जताते हुए इस वर्ष के अंत तक कार्य को पूर्ण कर आम नागरिको के लिए ऑडिटोरियम को शुभारंभ करने के निर्देश दिए । कलेक्टर सिन्हा ने जनता की सुविधाओं तथा जिला मुख्यालय के स्वरुप को परिवर्तित करने के लिए पूर्व में स्वीकृत किन्तु लम्बे समय से अपूर्ण योजनाओ की समीक्षा करते हुए 

ऑडिटोरियम निर्माण एवं इसमें लगे हुए सामग्रियों की गुणवत्ता से बिना समझौता किये कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के लिए कहा। इसके पश्चात् लम्बे समय से नगर में बन रहे स्वीमिंग पूल की जानकारी लेते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी जांजगीर से निर्माणाधीन कार्य को जल्द ही पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिस पर नगर पालिका अधिकारी ने बताया की पूल के टाइल्स को बदलने का कार्य अंतिम चरण में है। इसके बाद मशीनरी का परीक्षण कर इसे आम नागरिको के लिए शुरू कर दिया जायेगा। कलेक्टर ने दोनों कार्यों को इस वर्ष के अंत तक पूर्ण नही करने पर सम्बंधित अधिकारी एवं ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही करने की बात कही। 

नगर पालिका अध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल द्वारा निर्माणाधीन स्वीमिंग पुल में अहाता निर्माण की आवश्यकता से कलेक्टर को अवगत कराने पर कलेक्टर ने पूर्ण प्रस्ताव विधिवत प्रस्तुत करने के निर्देश नगर पालिका अधिकारी को दिए। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना के निर्माण को समयसीमा में पूर्ण करने पर जोर देते हुए कहा की आम नागरिको की सुविधाओं में विस्तार के लिए आवश्यकता होने पर डीएमएफ मद से राशि स्वीकृत की जा रही है, निर्माण एजेंसी का दायित्व है की वो जनता से जुड़े कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण करें। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर ज्योति पटेल,मुख्य नगर पालिका अधिकारी चन्दन शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अनुविभागीय अधिकारी एवं सम्बंधित ठेकेदार उपस्थित थे।        

सीएम के निर्देश पर जिला प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई, मजदूरों को मिली राहत

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा और सक्ती जिले के श्रमिकों के जम्मू-काश्मीर में बंधक बनाए जाने की सूचना पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिला प्रशासन को इस पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए निर्देश दिए थे। इस पर अमल करते हुए कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा द्वारा आवश्यक कार्यवाही करते हुए जम्मू-काश्मीर के स्थानीय प्रशासन को उक्त प्रकरण के संबंध में आवश्यक जांच करने संपर्क किया गया। इसके बाद जम्मू-काश्मीर के डांगरपुरा और मांगेरपुरा में फंसे श्रमिकों को राहत पहुंचाई जा सकी है। इसमें से श्रमिकों का एक दल अब छत्तीसगढ़ के लिए लौट चुका है। 



वहीं कलेक्टर सिन्हा ने तीन सदस्यीय संयुक्त टीम जिसमें कार्यपालिक दण्डाधिकारी, श्रम निरीक्षक एवं सहायक उप निरीक्षक को शिकायतों की जांच एवं आवश्यक कार्यवाही करने के लिए रवाना किया है गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के जिला जांजगीर-चांपा व जिला सक्ती के लगभग 60-65 श्रमिक जम्मू कश्मीर के डोंगारगांव चुटरू, जिला-बडगाम (श्रीनगर) के ईंट भट्ठे में अधिक आय की लालसा से कार्य करने गये थे तथा श्रमिकों को भट्ठा मालिक/जमींदार द्वारा मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिला प्रशासन जांजगीर-चांपा को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। 

इसके परिपालन मंग जिला प्रशासन जांजगीर-चांपा द्वारा बडगाम (श्रीनगर) के प्रशासन से सम्पर्क किया गया तथा उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया। जिला प्रशासन बड़गाम द्वारा एक संयुक्त टीम कार्यपालिक दण्डाधिकारी के नेतृत्व में बनायी गई। इस टीम ने श्रीनगर के डांगरपुरा में संचालित ईंट भट्ठा में शिकायत के संबंध में जांच-पड़ताल की। इस दौरान सामने आया कि उक्त मामला बंधक बनाए जाने का नहीं था, बल्कि श्रमिकों के भुगतान को लेकर था। इसका निराकरण कराते हुए श्रमिकों के लिए पहुंची राहत टीम द्वारा संबंधित श्रमिकों के एक दल को छत्तीसगढ़ के लिए रवाना कर दिया गया है। 

वहीं श्रमिकों के दूसरे दल को राहत पहुंचाने जिला प्रशासन जांजगीर-चाम्पा द्वारा स्थानीय प्रशासन बड़गाम को पुनः प्रकरण क्रमांक-02 पर जाकर आवश्यक कार्यवाही करने हेतु पत्र प्रेषित किया गया था। इसके परिपालन में संयुक्त टीम जिसमें प्रथम श्रेणी दण्डाधिकारी, सहायक श्रमायुक्त एवं पुलिस प्रशासन जिला-बड़गाम द्वारा मांगेरपुरा स्थित ईंट भट्ठा जाकर जांच की गई। यहां भी मामला बंधक श्रमिक का न होकर पैसों के लेन-देन तक ही सीमित है।

 इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर श्री तारण प्रकाश सिन्हा के द्वारा तीन सदस्यीय संयुक्त टीम जिसमें कार्यपालिक दण्डाधिकारी, श्रम निरीक्षक एवं सहायक उप निरीक्षक को शिकायतों की जांच एवं आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करने के लिए रवाना कर दिया गया है साथ ही आवश्यक कार्यवाही एवं समन्वय के लिए जिला दण्डाधिकारी बड़गाम को भी पत्र प्रेषित किया गया है।

आप लोग समझते क्यों नही..हड़ताल है क्या.. जो समय पर भी स्कूल नहीं आए..

No comments Document Thumbnail

जांजगीर-चाम्पा। जिले के शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने लगातार दौरा कर रहे कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने आज अकलतरा ब्लॉक के स्कूलों, अस्पतालों, आंगनबाड़ी का निरीक्षण किया। ग्राम तिलई में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का जब उन्होंने निरीक्षण किया तो पाया कि स्कूल खुलने के पौन घण्टे बाद भी कई शिक्षक विद्यालय नहीं पहुँचे थे। कलेक्टर ने इस पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मैं बार-बार बोल रहा हूँ, समय पर स्कूल आइए। आप लोग समझते क्यों नहीं



पौने दस बजे आना है। साढ़े दस बज गए हैं। अभी तक बहुत लोग नहीं आए हैं। खुद लापरवाह है। ऐसे में वे क्या पढ़ाते होंगे ? कोई हड़ताल है क्या? जो नहीं आए हैं। मैं कार्यवाही करूँगा। यह कहते हुए कलेक्टर ने स्कूल का रजिस्टर भी अपने साथ ले गए। उन्होंने शिक्षा अधिकारी को अनुपस्थित शिक्षकों के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर सिन्हा ने ग्राम तिलई में हायर सेकेण्डरी स्कूल का निरीक्षण किया। लगभग 10.30 बजे यहां आते ही उन्होंने देखा कि स्कूल के विद्यार्थी कमरे के बाहर है। क्लास नहीं चल रही है। 

जब उन्होंने प्राचार्य कक्ष में शिक्षकों की उपस्थिति पंजी जांच की तो प्राचार्य सहित भौतिक, रसायन, वाणिज्य, अंग्रेजी, हिन्दी सहित अन्य विषयों के लगभग 10 शिक्षकों और सहायक ग्रेड सहित दो अन्य के रजिस्टर में न तो हस्ताक्षर थे और न ही कोई आवेदन थे। कलेक्टर ने जब मौके पर उपस्थित शिक्षक से पूछताछ किया तो वे भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। 

कलेक्टर सिन्हा ने यहां कड़ी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि विद्यालय में इस तरह की अव्यवस्था और अनुपस्थिति का आलम है। मैं लगातार दौरा कर रहा हूं और आप सभी को समय पर पहुचने के लिए अपील कर रहा हूं। आपका जिला है। आपके विद्यार्थी है। अच्छे से पढ़ायेंगे तो आपका और आपके जिले का नाम रौशन करेंगे। लेकिन आप लोग समझते ही नहीं है। कलेक्टर ने अनुपस्थित शिक्षकों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने की बात कहते हुए यहां का उपस्थिति रजिस्टर को तहसीलदार के माध्यम से अपने साथ ले गए।

इतिहास और राजनीति का पाठ पढ़ाते हुए दिए पीएससी के टिप्स

कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने ग्राम तिलई के कक्षा 11वी और 12 वी में कला संकाय के विद्यार्थियों की क्लास ली। उन्होंने इतिहास और राजीनीति विषय के पाठ को पढ़ाते हुए भारतीय इतिहास मोहन जोदड़ो, हडप्पा, लोथल से संबंधित सवाल किए, वहीं भारतीय संविधान की आत्मा का जिक्र करते हुए संविधान के प्रस्तावना, हम भारत के लोग को भी उन्होंने बताया। भारतीय संविधान लागू होने की तिथि, संविधान निर्माता, न्यायपालिका, अधिकार और कर्तव्य जैसे विषयों को बताते हुए कलेक्टर ने विद्यार्थियों को बताया कि आप सभी मन लगाकर ध्यानपूर्वक पढ़ाई करेंगे तो आपको पीएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में ज्यदा तैयारी नहीं करनी पड़ेगी। कलेक्टर ने सवालों के जवाब देने वाले विद्यार्थियों को शाबासी देकर प्रोत्साहित भी किया।

बच्चों को समय पर खाना नहीं, चिकित्सक को नोटिस जारी करने के निर्देश

कलेक्टर सिन्हा ने स्वास्थ्य केंद्र तिलई, नरियरा का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में प्रसव, टीकाकरण कार्य को बढ़ाने, ओपीडी को बढ़ाने और समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए बेहतर ढंग से उपचार के निर्देश दिए। नरियरा स्वास्थ्य केंद्र में आयुर्वेद चिकित्सिका डॉ. श्रेया राजीव दीक्षित की अनुपस्थित रहने की शिकायत प्राप्त होने पर कलेक्टर ने उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। ग्राम बनाहिल में आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने रेडी टू ईट सहित अन्य पोषण आहार नहीं बटने पर नाराजगी जाहिर की और केंद्र में बच्चों को समय पर भोजन नहीं दिए जाने पर कार्यकर्ता को तत्काल भोजन बनाकर परोसने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने नरियरा और ग्राम बनाहिल स्कूल का भी निरीक्षण किया और शिक्षकों की उपस्थिति की जांच और विद्यार्थियों से सवाल-जवाब करने के साथ उन्हें शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित भी किया।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.