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बस्तर ओलंपिक-2024 : बस्तर संभाग के सभी विकासखण्ड एवं जिला स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन हेतु तिथि जारी

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रायपुर। बस्तर ओलम्पिक 2024 के तहत संभाग के सातों जिलों में खेल प्रतियोगिता आयोजन के लिए विकासखण्ड एवं जिला स्तरीय प्रतियोगिता हेतु तिथि निर्धारित किया गया है। बस्तर जिले के बकावण्ड विकासखण्ड में 06 से 12 नवम्बर तक हाई स्कूल मैदान बकावण्ड, बास्तानार विकासखण्ड में 06 से 09 नवम्बर तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मिनी स्टेडियम किलेपाल, दरभा विकासखण्ड में 07 से 12 नवम्बर तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मांझीगुड़ा छिंदपाल, तोकापाल विकासखण्ड में 07 से 11 नवम्बर तक हाई स्कूल मैदान तोकापाल में प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।


इसी तरह लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड में 07 से 11 नवम्बर तक हाई स्कूल मैदान उसरीबेड़ा, बस्तर विकासखण्ड में 08 से 12 नवम्बर तक लालबहादुर शास्त्री मैदान बस्तर और जगदलपुर विकासखण्ड के अंतर्गत 09 से 14  नवम्बर तक मिनी स्टेडियम बिलोरी में विकासखण्ड स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। बस्तर जिले में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन 21-22 नवम्बर को क्रीड़ा परिसर धरमपुरा, इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम जगदलपुर और खेलो इंड़िया हॉकी प्रशिक्षण केंद्र पंडरीपानी में आयोजित की जाएगी।

इसी तरह जिला कोंडागांव के अंतर्गत विकासखण्ड कोण्डागांव में 07 से 14 नवम्बर तक विकास नगर स्टेडियम, खेलो इंडिया सेंटर बड़े कनेरा एवं टाउनहॉल, विकासखण्ड फरसगांव में 08 से 14 नवम्बर तक आदर्श विद्यालय फरसगांव मैदान, विकासखण्ड केशकाल में 08 से 14 नवम्बर तक प्रियदर्शनी स्टेडियम सूरडोंगर केशकाल, विकासखण्ड माकड़ी में 08 से 14 नवम्बर तक आदर्श विद्यालय फरसगांव मैदान और विकासखण्ड बडे़राजपुर में 08 से 14 नवम्बर तक विश्रामपुरी खेल मैदान में खेल प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन 20-21 नवम्बर को विकास नगर स्टेडियम, खेलो इंडिया सेंटर बड़े कनेरा एवं टाउनहॉल कोंड़ागांव मुख्यालय में किया जाएगा।

जिला दंतेवाड़ा के अंतर्गत विकासखण्ड दंतेवाड़ा में 08 से 13 नवम्बर तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दंतेवाड़ा ग्राउंड, विकासखण्ड गीदम में 08 से 13 नवम्बर तक जावंगा खेल मैदान, विकासखण्ड कुआकोण्डा में 08 से 13 नवम्बर तक हितावारा खेल मैदान कुआकोण्डा और विकासखण्ड कटेकल्याण में 08 से 13 नवम्बर तक गाटम एवं परचेली खेल मैदान में आयोजित की जाएगी। साथ ही जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन 20-21 नवम्बर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दंतेवाड़ा ग्राउंड में किया जाएगा।

नारायणपुर जिले के अंतर्गत विकासखण्ड नारायणपुर में 09 से 11 नवम्बर तक क्रीड़ा परिसर मैदान तथा विकासखण्ड ओरझा में 14 से 16 नवम्बर तक क्रीड़ा परिसर मैदान परेड ग्राउंड में तथा जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 19-20 और 24 नवम्बर को क्रीड़ा परिसर मैदान, परेड  ग्राउंड, ऑफिसर्स क्लब, विश्वदिप्ती स्कूल एवं फुटबॉल ग्राउंड बंगलापारा नारायणपुर मुख्यालय में आयोजित की जाएगी। जिला सुकमा के अंतर्गत विकासखण्ड सुकमा में 10 से 15 नवम्बर तक मिनी स्टेडियम, हड़मा मिनी स्टेडियम सुकमा में, विकासखण्ड कोंटा में 10 से 15 नवम्बर तक मिनी स्टेडियम कोंटा और विकासखण्ड छिंदगंढ़ में 10 से 15 नवम्बर तक मिनी-इंडोर स्टेडियम छिंदगढ़ में आयोजित की जाएगी। जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन 21-22 नवम्बर को मिनी स्टेडियम, हड़मा मिनी स्टेडियम सुकमा में किया जाएगा।

जिला कांकेर के अंतर्गत विकासखण्ड कांकेर में 11 से 14 नवम्बर तक विष्णुप्रसाद शर्मा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान गोविंदपुर, विकासखण्ड चारामा 11 से 14 नवम्बर तक शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम चारामा, विकासखण्ड नरहरपुर में 13 से 16 नवम्बर तक उन्मुक्त खेल मैदान नरहरपुर, विकासखण्ड भानुप्रतापपुर 13 से 16 नवम्बर तक वन विद्यालय भानुप्रतापुर, विकासखण्ड दुर्गकोंदल मे 13 से 16 नवम्बर तक उन्मुक्त खेल मैदान दुर्गकोंदल, विकासखण्ड अंतागढ़ में 13 से 16 नवम्बर तक उन्मुक्त खेल मैदान अंतागढ़ और विकासखण्ड पखांजुर में 13 से 16 नवम्बर तक उन्मुक्त खेल मैदान पखांजुर में आयोजित की जाएगी। कांकेर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन 21 से 23 नवम्बर तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरहरदेव विद्यालय कांकेर, इंडोर स्टेडियम, सेंट माईकल खेल मैदान और कन्या क्रीड़ा परिसर कांकेर में आयोजित किया जाएगा।

जिला बीजापुर के अंतर्गत विकासखण्ड बीजापुर में 18 से 21 नवम्बर तक मिनी स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स-एजुकेशन सिटी बीजापुर, विकासखण्ड भोपालपटटनम में 11 से 14 नवम्बर तक मिनी स्टेडियम, हाई स्कूल मैदान बैडमिंटन क्लब भोपालपट्टनम, विकासखण्ड उसूर में 11 से 14 नवम्बर तक मिनी स्टेडियम आवापल्ली में किया जाएगा। इसी तरह विकासखण्ड भैरमगढ़ में 18 से 21 नवम्बर तक मिनी स्टेडियम-बैडमिंटन क्लब भैरमगढ़ में आयोजित की जाएगी। जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन 25-26 नवम्बर को मिनी स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स-एजुकेशन सिटी बीजापुर मुख्यालय में किया जाएगा।


वन भूमि को बेजा कब्जा से मुक्त कराने कार्रवाई जारी

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रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर राज्य में वन भूमि से बेजा कब्जा खाली कराने तथा वन्य अपराध की रोकथाम के लिए वन विभाग की उड़नदस्ता टीमों के साथ-साथ विभागीय अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई कर रहे है।

जगदलपुर के अंतर्गत वन परिक्षेत्र भानपुरी में वन भूमि में बेजा कब्जा कर खेती करने के मामले में 23 लोगों के विरूद्ध वन अपराध का मामला दर्ज करने के साथ ही 26 एकड़ 29 डिसमिल वन भूमि में विभिन्न प्रकार की खड़ी फसलों सहित चैनलिंक, फेंसिंग खुटा, बारवेेड वायर आदि जब्त किया गया है। उड़नदस्ता टीम द्वारा यह कार्रवाई भानपुरी परिक्षेत्र में वन भूमि पर बेजा खेती किए जाने की शिकायत मिलने पर जगदलपुर वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक आर.सी. दुग्गा एवं वनमण्डलाधिकारी बस्तर उत्तम गुप्ता के मार्गदर्शन में उड़नदस्ता टीमों ने दबिश दी और वन भूमि पर बेजा खेती करने का मामला सामने आने पर 23 लोगों के विरूद्ध वन अपराध का मामला कायम कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जगदलपुर के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की कार्रवाई की है।

राज्य स्तरीय उड़न दस्ता टीम ने भानपुरी वन परिक्षेत्र के चपका कक्ष में तीन व्यक्तियों द्वारा 1.81 एकड़ भूमि पर बेजा कब्जा कर मिर्ची एवं धान की खेती किए जाने का मामला पकड़ में आने पर फसल की जब्ती के साथ ही विकास देवांगन पिता अनिल देवांगन, राजू पिता सोमारू, तुलसी पिता मीठू के विरूद्ध मामला दर्ज किया गया है। उड़नदस्ता टीम ने यहां से 8 बंडल चैनलिंक एवं 73 नग बांस का फेंसिंग खुंटा भी जब्त किया है।

वृत्त स्तरीय उड़न दस्ता टीम जगदलपुर ने ग्राम मुरकुची में 20 अतिक्रमणकारी के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये 24.47 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण कर मक्का और उड़द की खड़ी करने वाले 20 लोगों के विरूद्ध वन अपराध का मामला दर्ज करने के साथ ही उनके पास से 10 बंडल फेंसिंग तार एवं 300 नग फेंसिंग खूंटा जब्त किया। वन भूमि पर बेजा कब्जा कर खेती करने के मामले में जिनके विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया हैं, उनमें ग्राम मुरूकुची निवासी डमरू, फूलसिंग एवं पांच अन्य, सुरेश एवं तीन अन्य, केलूराम एवं पांच अन्य तथा रूपनाथ एवं तीन अन्य व्यक्ति शामिल है।

वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. पनगढ़िया नारायणपाल मंदिर की वस्तुकला देखकर प्रभावित हुए

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रायपुर। केंद्रीय वित्त आयोग का दल आज जगदलपुर पहुंचने के बाद बस्तर जिले के लोहांडीगुड़ा विकासखंड में स्थित नारायणपाल मंदिर का अवलोकन करने पहुंचा।  वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया मंदिर की वस्तुकला देखकर काफी प्रभावित हुए। उन्होंने मंदिर के इतिहास के बारे में जानकारी ली, जिस पर स्थानीय गाइड धनुर्जय बघेल ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह मंदिर चक्रकोट के छिंदक नागवंशी शासकों द्वारा 11वीं शताब्दी में बनाया गया है, क्षेत्र के नागरिकों में मंदिर के प्रति गहरी आस्था है, नारायणपाल मंदिर वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन है। इस दौरान सदस्यों ने मंदिर में दर्शन कर समूह फोटो भी खिंचवाई।

ज्ञात हो कि चक्रकोट के छिंदक नागवंशी शासकों द्वारा निर्मित पूर्वाभिमुख यह प्रस्तर मन्दिर मध्यम ऊँचाई की जगति पर अवस्थित वस्तुतः शिव मन्दिर है। किन्तु परवर्ती काल में इस मन्दिर के गर्भगृह में विष्णु की प्रतिमा प्रतिष्ठापित कराई गई, जिसके कारण इसे अतीत में नारायण मन्दिर कहा जाने लगा। मंदिर की भू-संयोजना में अष्टकोणीय मण्डप, अन्तराल एवं गर्भगृह की व्यवस्था है, मंदिर का द्वार अलंकृत एवं बेसर शैली का सप्तस्थ योजना का उच्च साधारण शिखर है। मंदिर में प्रदक्षिणापथ का अभाव है। इस मंदिर में दो शिलालेख सुरक्षित हैं जिसमें प्रथम शंक संवत् 1033 (ईस्वी सन् 1110) के छिंदक नागवंशीय शासक सोमेश्वर की माता गुण्ड महादेवी का शिलालेख है, जिसमें भगवान नारायण की नारायणपुर नामक ग्राम तथा भगवान लोकेश्वर को कुछ भूमि दान करने का उल्लेख है जबकि दूसरे एक खण्डित शिलालेख में अदेश्वर (शिव) के मन्दिर का उल्लेख है। यह मन्दिर 11वीं शताब्दी के वास्तु शिल्प का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मंदिर के विभिन्न हिस्सों में शिलालेख भी हैं जिस पर संस्कृत के शब्द उकेरे गए हैं।

 


छत्तीसगढ़ की झांकी के लिए वोट कीजिए

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रायपुर आज 26 जनवरी 2024 को नई दिल्ली के कर्तव्य-पथ पर गणतंत्र-दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी बस्तर की आदिम जनसंसद मुरिया दरबार प्रदर्शित की गई। इस झांकी में जनजातीय समाज में आदिम-काल से उपस्थित लोकतांत्रिक चेतना के प्रमाण स्वरूप जगदलपुर के मुरिया दरबार और बड़े डोंगर के लिमऊ राजा को विषय-वस्तु के रूप में प्रस्तुत किया गया।

छत्तीसगढ़ के लोक-संगीत से सजी इस झांकी में परब नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। झांकी की सजावट जनजातीय शिल्पों से की गई थी, जिसमें बेलमेटल और टेराकोटा शिल्प के सौंदर्य को प्रदर्शित किया गया। कर्तव्य-पथ पर दर्शक-दीर्घा में उपस्थित विशिष्ट-जनों और आम नागरिकों ने इस झांकी की सराहना की है।

परेड में शामिल विभिन्न राज्यों की झांकियों के बारे में आम-नागरिकों की राय लेने के लिए रक्षा मंत्रालय ने आज एक पोल की शुरुआत की है। इसकी समय-सीमा कल 27 जनवरी को शाम 5.30 बजे तक है। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि कृपया छत्तीसगढ़ की झांकी के संदर्भ में अपनी राय अवश्य देवें।


बस्तर का गोंचा महापर्व छत्तीसगढ़ का गौरव: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय से बस्तर जिले के जगदलपुर स्थित सिरहासार भवन में आयोजित बस्तर गोंचा महापर्वऔर भगवान जगन्नाथ की आरती एवं 56 भोग कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री बघेल ने भगवान जगन्नाथ से प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की और सभी को गोंचा महापर्व की शुभकामनाएं दीं। गौरतलब है कि बस्तर में यह महापर्व 04 जून से 28 जून 2023 तक आयोजित हो रहा है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गोंचा पर्व के मौके पर सम्बोधित करते हुए कहा कि गोंचा पर्व छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करने वाला महापर्व है। बस्तर का दशहरा और गोंचा पर्व बहुत ही अनूठा है, जो विभिन्न संस्कृतियों के संगम का अनुपम उदाहरण है और इन पर्वों से बस्तर और छत्तीसगढ़ को जाना जाता है। उन्होंने कहा कि बस्तर का बहुत समृद्ध इतिहास है और यहां की संस्कृति की छटा बड़ी ही निराली है। बस्तर को, और बस्तर की संस्कृति को तभी अच्छी तरह समझा जा सकता है, जब बस्तर के साथ-साथ जिया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर आकर ही यहां की संस्कृति को समझा जा सकता है और इसका आनंद लिया जा सकता है।

गोंचा पर्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर के हजारों रंगों में से एक रंग गोंचा-महापर्व का भी है। यह आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तो है ही, यह बस्तर के सांस्कृतिक विकास को जानने-समझने के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंचा महापर्व का इतिहास 616 वर्षों से भी पुराना है। यह 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के बस्तर आने के इतिहास से जुड़ा हुआ है। ओडिशा का गुड़िंचा पर्व बस्तर में आकर गोंचा पर्व हो गया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमारे देव, हमारी देवगुड़ियां, हमारी मातागुड़ियां केवल आध्यात्मिक महत्व के स्थान नहीं है। ये स्थान हमारे मूल्यों से जुड़े हुए हैं।

इसीलिए हमारी सरकार इन स्थानों को सहेजने और संवारने का काम कर रही है। राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना के माध्यम से हम उत्तर से लेकर दक्षिण तक भगवान राम के वनवास से जुड़े स्थलों को चिन्हित करके उन्हें पर्यटन तीर्थों के रूप में विकसित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश के गांव-गांव में स्थानीय तीज-त्यौहार अलग-अलग अंदाज में मनाए जाते हैं। तरह-तरह की परंपराएं हैं। इन सभी को जिंदा रखना जरूरी है। आदिवासी परब सम्मान निधि योजना और छत्तीसगढ़ी पर्व सम्मान निधि योजना की शुरुआत इसी उद्देश्य से की गई है। इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को हर साल 10 हजार रुपए दिए जाने का भी प्रावधान किया है। हमारे पुरखों ने हम तक तीज-त्यौहारों के माध्यम से अपनी शिक्षा और संस्कारों को पहुंचाया है।

हमने तीजा-पोला, हरेली, छेरछेरा, कर्मा जयंती, विश्व आदिवासी दिवस और छठ पर्व पर सार्वजनिक अवकाश इसीलिए शुरू किए हैं, ताकि नयी पीढ़ी भी अपनी संस्कृति से अच्छी तरह परिचित हो पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति और परंपराओं से पूरी दुनिया को अवगत कराने के लिए राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव की शुरुआत की गई है। अपनी खेल संस्कृति को बचाए रखने के लिए हमने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के आयोजन की शुरुआत की है। हाल ही में हमने रायगढ़ में राष्ट्रीय रामायण महोत्सव का आयोजन किया। इसमें विदेशों की रामलीला मंडलियों ने भी भाग लिया।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, क्रेडा अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एमआर निषाद, इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव शर्मा, महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर निगम सभापति श्रीमती कविता साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण, 360 आरण्यक ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य, गोंचा आयोजन समिति के सदस्य सहित नागरिकगण उपस्थित थे।

सामाजिक भवन के लिए पट्टे का वितरण

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की वर्चुअल उपस्थित में 04 समाज के प्रतिनिधियों को भेंट-मुलाकात के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप सामाजिक भवन हेतु भूमि आबंटन का पट्टा वितरित किया गया। चडार बुनकर समाज, मां छिंदवाली महाकाली सेवा समिति, भुंजवा वैश्य समाज और क्षत्रिय महासभा समाज को भूमि का पट्टा प्रदान किया गया। इस दौरान समाज प्रमुखों ने पट्टा दिए जाने के साथ ही आरण्यक ब्राह्मण समाज ने सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपए प्रदान करने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आभार जताया।

भरोसे का सम्मेलन, जगदलपुर : पहले बस्तर में गोलियां चलती थीं आज नौजवानों के गीत गूंजते हैं : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित भरोसे का सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पहले बस्तर में गोलियां चलती थी, आज नौजवानों के गीत गूंजते हैं। पहले बस्तर आने से लोग डरा करते थे। आज बस्तर में रोजगार और नवाचार दिख रहा है। वहीं कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि बस्तर की संस्कृति और छत्तीसगढ़ में हो रहे नवाचार की गूंज पूरी दुनिया में है। नेहरू जी और इंदिरा जी के दिल में बस्तर के लोगांे के लिए विशेष सम्मान था। कार्यक्रम में उन्होंने धान खरीदी - लघु वनोपज के एमएसपी मॉडल और स्वास्थ्य मॉडल के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की जमकर तारीफ की। 

भरोसे का सम्मेलनकार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल ने श्रीमती प्रियंका गांधी की विशेष उपस्थिति में आदिवासियों के तीज त्यौहारों की संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित करने के उद्देश्य मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजनाका शुभारंभ किया है। जिसके तहत अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम पंचायत को प्रतिवर्ष 10,000 रुपए की अनुदान राशि दो किस्तों में दी जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने इस योजना के अन्तर्गत 1840 ग्राम पंचायतों को 5-5 हजार रूपए की राशि प्रथम किस्त के रूप मे वितरित की।

मुख्यमंत्री बघेल ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि यहां पर आदिवासियों की जमीनें छीन ली गयी थी। देश में पहला उदाहरण था, जब हमने लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की जमीनें वापस कराने का काम किया। विकास के रास्ते पर हम चल रहे हैं, बस्तर आगे बढ़ रहा है। योजनाओं का लाभ लोग ले रहे हैं। शिक्षा के माध्यम से फिर से बस्तर को आगे बढ़ाने का काम चल रहा है। श्रीमती इंदिरा गांधी आई थी, उन्होंने आदिवासियो को पट्टा दिया था। राहुल गांधी ने आदिवासियो को जमीन का पट्टा वापस दिलाया है। बस्तर के नौजवानों को रोजगार मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा में आज डेनेक्स में कपड़े बनाए जा रहे हैं, ये कपड़े देश दुनिया में जा रहे हैं। हमारी बहनें काम कर रही हैं, आगे बढ़ रही हैं। हमारी सरकार ने लाखों परिवारों को वनाधिकार पट्टा देने का काम किया। यह सम्मेलन आदिवासियों, किसानों, मजदूरों, माताओं, बच्चों, बस्तर और छत्तीसगढ़ के भरोसे का सम्मेलन है। माँ दंतेश्वरी माई, बस्तर का दशहरा, और यहां के आदिवासियों की संस्कृति बस्तर की पहचान है, बस्तर की संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में काम करते हुए हम देवगुड़ियों और घोटुलों का निर्माण कर रहे हैं। हमारी योजनाओं से वनांचल क्षेत्रों में किसानों और लघु वनोपज विक्रेताओं, तेंदूपत्ता संग्रहको में सम्पन्नता आई है।

मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि हमने लोक पर्वों पर अवकाश की घोषणा की है। हमारी कोशिश यही है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को काम दे सकें और लोगों की विकास में भागीदारी हो। हम जूते, चप्पल और मोबाइल नहीं दे रहे बल्कि आपकी जेब में सीधे पैसा डाल रहे हैं ताकि आप जो चाहें वो खरीद सकें। हमने डेढ़ लाख करोड़ रूपए लोगों की जेब में डाले हैं। बैगा, पुजारी, गुनिया और भूमिहीनों को हम 7000 रूपए प्रतिवर्ष दे रहे हैं। सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करते हुए हम लोगों को अधिकार सम्पन्न बना रहे हैं। हमारी सरकार सबको साथ लेकर चलने वाली सरकार है। हमने किसानों का कर्जा माफ किया, इनपुट सब्सिडी और समर्थन मूल्य के साथ धान का 2500 रूपए दिलाने का वादा पूरा किया है। राजीव किसान न्याय योजना से किसानों को 9000 रूपए प्रति एकड़ देने का कार्य किया है। यही कारण है कि आज प्रदेश के  लाखों परिवार उन्नति के रास्ते चल पड़ा है।

हर हाथ को मजबूत बनाने का कार्य किया: श्रीमती प्रियंका गांधी

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती प्रियंका गांधी ने भरोसे के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मैं यहां पहली बार आई हूं, आप मुझे नहीं जानते, आप इसलिए आए हैं क्योंकि आपका मेरे परिवार पर भरोसा है। यहां की कहानियों, आपकी संस्कृति, आपके संघर्ष के बारे में मैं बचपन से जानती हूं। मेरे घर के सदस्यों ने आपकी संस्कृति, संघर्षों और चुनौतियों को जाना है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा यहां के लोगों के हित में चलाई जा रही योजनाओं की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ में हर वर्ग खुशहाल है और आगे बढ़ रहा है। हमारी कांग्रेस की सरकार ने हर हाथ को मजबूत बनाने का कार्य किया है।

श्रीमती गांधी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज भरोसा होता है। यहां जब मैं आई तो एक बहन ने मेरे लिए सुबह से आइसक्रीम बना कर रखी थी, लेकिन जब मैं वहां पहुंची तो उसने मुझसे कहा कि आपको अभी मंच से बोलना है आप ठंडी आइसक्रीम मत खाइए... ये एक बहन का भरोसा है, एक पल में मेरा उनसे रिश्ता बन गया। एक जगह की पहचान तीन चीजों से होती है। संस्कृति का सम्मान, लोगों का मान और सरकार द्वारा जनता का सम्मान। मुख्यमंत्री जी ने आप सभी से कहा कि एक समय यहां लोगों को आने में डर लगता था। आज यही बस्तर एक ब्रांड बन गया है। सरकार की मदद के साथ आपकी आमदनी बढ़ रही है। 

प्रकृति का सम्मान करने के लिए मेरी दादी इंदिरा गांधी आप सभी आदिवासी भाई-बहनों का बहुत सम्मान करती थीं। यहां बेरोजगारी की दर सब कम है और सबसे ज्यादा वनोपज के लिए एमएसपी। यहां का स्वास्थ्य मॉडल देश के लिए उदाहरण है। इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उद्योग एवं बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने बस्तर अंचल के नागरिकों की ओर से श्रीमती प्रियंका गांधी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल देश के अग्रणी मुख्यमंत्री हैं। सांसद बस्तर दीपक बैज ने मां दन्तेश्वरी की पावन धरा बस्तर में पहली बार आगमन पर श्रीमती प्रियंका गांधी का स्वागत किया और कहा कि बस्तर की धरती में गांधी-नेहरू परिवार का गहरा नाता रहा है। सम्मेलन को पूर्व सांसद सुश्री शैलजा और विधायक मोहन मरकाम ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

 मुख्यमंत्री की घोषणाएं :-

 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भरोसे का सम्मेलनमें जगदलपुर के इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी स्टेडियम का उन्नयन कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के फुटबाल, हॉकी और टेनिस ग्राउंड के रूप में विकसित करने, प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति के प्रबंधकों को तीन स्तरीय संविदा वेतनमान देने, बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में इन्दिरा गांधी महिला सहकारी बैंककी स्थापना करने, शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय नारायणपुर का नामकरण वीरांगना रमोतीन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय के नाम से करने की घोषणा की।

इसी प्रकार उन्होंने कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र केरलापाल का नामकरण घोटुल के संस्थापक देव लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र केरलापाल नारायणपुरके नाम से करने, शासकीय नवीन महाविद्यालय कटेकल्याण का नामकरण हिड़मा मांझी शासकीय महाविद्यालय कटेकल्याणके नाम से करने एवं शासकीय नवीन महाविद्यालय भैरमगढ़ का नामकरण धुर्वाराव माड़िया शासकीय महाविद्यालय भैरमगढ़के नाम से करने की घोषणा की।

कार्यक्रम में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, विधानसभा उपाध्यक्ष संत कुमार नेताम, लोकसभा सांसद बस्तर दीपक बैज, राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलो देवी नेताम, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, पूर्व सांसद सुश्री कुमारी शैलजा सहित संसदीय सचिवगण, विधायक मोहन मरकाम सहित अनेक विधायकगण, अनेक जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

अग्निवीर भर्ती आवेदन के लिए केवल 06 दिन शेष

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जगदलपुर। अग्निवीर भर्ती के लिए अधिसूचना 16 फरवरी 2023 को जारी गई थी। इस भर्ती में आवेदन करने की तिथि 15 मार्च को समाप्त हो जाएगी। आकांक्षी उम्मीदवार जल्द से जल्द ज्वाइन इंडियन आर्मी की वेबसाइट-www.joinindianarmy.nic.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

पंजीकरण प्रश्नों के लिए उम्मीदवार www.joinindianarmy@gov.in  पर ईमेल कर सकते हैं और ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा’ (सीईई) प्रश्नों के लिए  jiahelpdesk2023@gmail.com  पर ईमेल और मोबाइल क्रमांक- +91-7996157222 पर संपर्क कर सकते हैं। किसी भी प्रकार अन्य जानकारी और समस्या के लिए सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर के दूरभाष क्रमांक-0771-2965213 पर संपर्क किया जा सकता है।

’’दिशा’’ स्कीम के तहत शार्ट फिल्म प्रतियोगिता

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बिलासपुर। न्याय विभाग भारत सरकार एवं नालसा के संयुक्त तत्वाधान में संचालित की जा रही ’’दिशा’’ स्कीम के अंतर्गत इस वर्ष की शार्ट फिल्म प्रतियोगिता का आयोजन आदिवासी बाहुल्य जगदलपुर में किया जावेगा। इस प्रतियोगिता में 05 से 10 मिनट की अवधि की शार्ट फिल्में न्याय विभाग एवं नालसा की दिशा स्कीम थीम पर तैयार कर 15 मार्च तक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अथवा छ.ग.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत की जा सकती हैं।

इस प्रतियोगिता में कोई भी शासकीय, अर्द्धशासकीय विभाग, निजी व्यक्ति, संगठन अथवा कोई भी संस्था भाग ले सकता है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया जावेगा। इसके अलावा कानूनी जागरूकता से संबंधित अन्य शार्ट फिल्में (दिशा एवं अन्य विषयों पर) गैर प्रतियोगिता वर्ग में जमा की जा सकती है, इनका भी प्रदर्शन किया जा सकेगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए  छ.ग.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों से कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता है।

ज्ञात हो कि दिशा स्कीम के अंतर्गत मोबाईल एवं वीडियो के माध्यम से तथा जन सूचना केन्द्र (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से विधिक सहायता उपलब्ध कराये जाने का कार्य छ.ग. राज्य के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों में किया जा रहा है तथा इसके लिए प्रत्येक जिले हेतु एक-एक टेली अधिवक्ता भी नियुक्त किया गया है। स्कीम के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए छ.ग.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाईट www.cgslsa.gov.in पर देखा जा सकता है तथा शशांक शेखर दुबे, विधिक सहायता अधिकारी, मो.नं. +91-91315-25540 से संपर्क किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रहेंगे दो दिवसीय बस्तर प्रवास पर बस्तर वासियों को देंगे लगभग 133 करोड़ रूपए के 98 विकास कार्यों की सौगात

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 25 और 26 जनवरी को अपने दो दिवसीय बस्तर प्रवास रहेंगे। जगदलपुर में गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में शामिल होने के लिए बस्तर पहुंच रहे मुख्यमंत्री बघेल अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान 25 जनवरी को गिरोला में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 133 करोड रुपए के 98 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार जगदलपुर के धरमपुरा में आयोजित छात्रावासी विद्यार्थियों के संभागीय सम्मेलन में भी शामिल होंगे। इसके पश्चात् लामनी पार्क में निर्मित पक्षी विहार तथा डोंगाघाट में बायोगैस से संचालित विद्युत निर्माण गृह का शुभारंभ करेंगे।

मुख्यमंत्री 26 जनवरी को लालबाग में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होकर ध्वजारोहण करेंगे तथा सिरहासार चौक स्थित शहीद स्मारक में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके पश्चात् आमागुड़ा चौक में पुलिस स्मारक स्थल तथा चैक के उन्नयन कार्य का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री इस दौरान तुरेनार में ग्रामीण औद्योगिक पार्क का अवलोकन भी करेंगे।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान 25 जनवरी को गिरोला में आयोजित कार्यक्रम में बस्तरवासियों को लगभग 133 करोड़ रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों की सौगात देंगे। वे इस कार्यक्रम में 68 करोड़ 42 लाख 80 हजार रुपए के 27 कार्यों का लोकार्पण और 65 करोड़ 18 लाख 40 हजार रुपए के 71 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।

मुख्यमंत्री बघेल द्वारा गिरोला में आयोजित कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित 55 करोड़ 26 लाख 36 हजार रुपए की लागत के 18 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इनमें लगभग 24 करोड़ रुपए की लागत से बकावंड से कोलावल के बीच लगभग 26 किलोमीटर लंबी सड़क और पुल के चैड़ीकरण का कार्य, 18 करोड़ 17 लाख रुपए की लागत से रायकोट से कुरेंगा के बीच निर्मित 23 किलोमीटर लंबी सड़क, 2 करोड़ 83 लाख रुपए की लागत से मारीगुड़ा से मैलबेड़ा के बीच 6 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण, 2 करोड़ 32 लाख रुपए की लागत से जेल में बैरक निर्माण कार्य, 2 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से दरभा में निर्मित 50 सीटर आईटीआई छात्रावास, 1 करोड़ 44 लाख रुपए की लागत से किलेपाल में निर्मित 50 सीटर आईटीआई छात्रावास,

 लोक निर्माण विभाग की सेतु निर्माण विभाग द्वारा 4 करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से गंजोपारा से गुड़ियापारा के बीच निर्मित सेतु, मछलीपालन विभाग द्वारा 3 करोड़ 41 लाख रुपए की लागत से कोसारटेडा जलाशय में मछलीपालन के लिए केज स्थापना व फ्लोटिंग हाउस एवं गोदाम निर्माण, जगदलपुर नगर निगम द्वारा 1 करोड़ 23 लाख 3 हजार और 2 हजार किलोग्राम क्षमता के कंपोस्ट मशीन, 1 करोड़ 9 लाख रुपए की लागत से सिटी ग्राउण्ड के सामने निर्मित 10 दुकान और 2 हाल व प्रवेश द्वार, 96 लाख रुपए की लागत से आमागुड़ा चैक में निर्मित दुकान, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1 करोड़ 26 लाख रुपए की लागत से निर्मित एफ टाईप क्वार्टर सहित अन्य कार्यों लोकार्पण करेंगे।

मुख्यमंत्री द्वारा इसके साथ ही लगभग 2 करोड़ 99 लाख रुपए की लागत से पाराकोट से सोसनपाल के बीच बनने वाली 4 किलोमीटर लंबी सड़क, लगभग 2 करोड़ 67 लाख रुपए की लागत से रानसरगीपाल से पखनारचा के बीच बनने वाली 4 किलोमीटर लंबी सड़क, लगभग सवा करोड़ रुपए की लागत से चित्रकोट मार्ग से गल्र्स पाॅलिटेक्निक काॅलेज के बीच सड़क का नवीनीकरण एवं मजबूतीकरण, लगभग 2 करोड़ 68 लाख रुपए की लागत से तिरथा चैक से सुधापाल तक बनने वाली 4 किलोमीटर लंबी सड़क, लगभग 2 करोड़ 24 लाख रुपए की लागत से बड़ांजी से कुम्हली तक पक्की सड़क का निर्माण,

1 करोड़ 79 लाख रुपए की लागत से पारापुर से मुतनपाल तक सड़क निर्माण, 1 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत से बेलर से सिरिसगुड़ा के बीच सड़क निर्माण, 1 करोड़ 2 लाख रुपए की लागत से भैंसगांव से सांवरापाल के बीच सड़क निर्माण, चिंगपाल, गारेंगा, चपका, नलपावंड, छोटे देवड़ा, राजनगर और सोनपुर में 25.56-25.56 लाख रुपए की लागत से 200-200 मैट्रिक टन क्षमता के गोदाम का निर्माण, 17 करोड़ 77 लाख 61 हजार रुपए की लागत से जुनावानी, करमरी, टिकनपाल, बोडरेपाल, पेदावाड़़ा, छिंदवाड़ा, नवागांव, बड़े मोरठपाल, बड़े मारेंगा, एर्राकोट, कलेपाल, सिलकझोड़ी, दाबपाल, सालेपाल और मारीकोड़ेर में जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्य, लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से जगदलपुर नगर निगम में सड़कों का मरम्मत कार्य, 1 करोड़ 6 लाख रुपए की लागत से भानसागर तालाब में पर्यटन व सिंचाई सुविधाओं के विकास सहित अन्य विकास कार्यों की आधारशिला रखेंगे।


गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जगदलपुर में करेंगे ध्वजारोहण

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आगामी गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत नवगठित जिला सक्ती मुख्यालय में ध्वजारोहण करेंगे। राज्य शासन ने गणतंत्र दिवस पर जिला मुख्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाले मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी है।

गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू महासमुंद, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव सरगुजा के जिला मुख्यालय अंबिकापुर, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे दुर्ग, वन मंत्री मोहम्मद अकबर कबीरधाम, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम सूरजपुर, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कवासी लखमा सुकमा, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत राजनांदगांव, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल कोरिया जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया गरियाबंद, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया बालोद, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल रायगढ़ तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार मुंगेली में ध्वजारोहण करेंगे।

गणतंत्र दिवस पर विधानसभा के उपाध्यक्ष संतराम नेताम कोण्डागांव, संसदीय सचिव गुरूदयाल सिंह बंजारे बेमेतरा, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय बिलासपुर, संसदीय सचिव चंद्रदेव प्रसाद राय जांजगीर, संसदीय सचिव चिंतामणी महराज बलरामपुर, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी कांकेर, संसदीय सचिव सुश्री शकुन्तला साहू बलौदाबाजार और संसदीय सचिव इन्द्रशाह मंडावी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के जिला मुख्यालय मोहला में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।

विधायक एवं अध्यक्ष बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण लखेश्वर बघेल दंतेवाड़ा, विधायक एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ हस्त विकास बोर्ड चंदन कश्यप नारायणपुर, विधायक श्रीमती अनिता शर्मा धमतरी, विधायक डॉ. विनय जायसवाल कोरबा, विधायक डॉ. के.के. ध्रुव गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के जिला मुख्यालय गौरेला, विधायक विनय कुमार भगत जशपुर, विधायक विक्रम मंडावी बीजापुर, विधायक श्रीमती यशोदा वर्मा खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई के जिला मुख्यालय खैरागढ़, विधायक श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े सांरगढ़-बिलाईगढ़ के जिला मुख्यालय सारंगढ़, विधायक गुलाब कमरो मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में ध्वजारोहण करेगंें।

भानुप्रतापपुर उपचुनाव: स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की तैयारी शुरू

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जगदलपुर। भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। मतदान के लिए निर्वाचन आयोग ने फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र के साथ ही बारह तरह के अन्य वैकल्पिक पहचान पत्रों को मान्य किया है। वोट डालने के लिए मतदाता, फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र नहीं होने पर वैकल्पिक पहचान पत्र दिखाकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं।



आयोग ने वैकल्पिक पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, फोटोयुक्त पासबुक, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट सहित अन्य वैकल्पिक पहचान पत्रों को मान्यता दी है।  गौरतलब है कि इस सीट पर कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी सहित सात उम्मीदवार मैदान में हैं। उपचुनाव के लिए प्रचार अभियान जोरशोर से जारी है। इस उपचुनाव के तहत पांच दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। वहीं, मतगणना और चुनाव परिणाम की घोषणा आठ दिसंबर को होगी।

एक हाथ से ‘छत्तीसगढ़िया ओलंपिक’ में अपना दमखम दिखाती गुरबारी की अनूठी है कहानी

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जगदलपुर। सपनों की उड़ान वही भरते हैं जिनके पंख उम्मीदों से बने होते हैं जरूरत सिर्फ उन्हें एक मौका देने की होती है। बस्तर के बकावंड ब्लाक के ग्राम सरगीपाल की रहने वाली गुरबारी की कहानी भी बिल्कुल ऐसी ही है। उन्हें भी बस एक मौका ही चाहिए था कि उनके हुनर को दिखाने का कोई जरिया मिले। दरअसल ग्राम सरगीपाल में आयोजित छत्तीसगढ़िया ओलंपिकमें लगभग सभी खेलों में अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करने वाली गुरबारी का एक हाथ नहीं है।



लेकिन बावजूद उसके उन्होंने राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर कई खेलों में भाग लिया साथ ही सामूहिक खेल कबड्डी और खो-खो में जीत भी दर्ज की। आदिवासी बहुल क्षेत्र के छोटे से गांव सरगीपाल में रहने वाली गुरबारी का कहना है कि वो अपने एक हाथ से ही काफी काबिल है और वे सब काम कर सकती हैं जो एक सामान्य व्यक्ति कर सकता है। उन्होंने कहा कि खेल में भाग लेने के लिए शारीरिक क्षमता तो जरूरी है लेकिन उससे से भी बढ़कर होसलों का मजबूत होना भी जरूरी है। मजबूत हौसले ही मुझे हिम्मत और आत्मविश्वास देते हैं।

जिससे मैं कोई भी काम कर सकती हूं। मैंने इस आयोजन में लंगड़ी दौड़, पिट्ठुल, 100 मीटर दौड़, कबड्डी, खो-खो और कुर्सी दौड़ खेला। छत्तीसगढ़िया ओलंपिकके बारे में बात करते हुए गुरबारी कहती हैं कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिकसरकार की एक अच्छी पहल है जिसकी वजह से हम जैसी घरेलू महिलाओं को मौका मिला है। हमें पता चला कि हम आगे भी खेलने जाएंगी तो हमें काफी खुशी हो रही है। मैं खुश हूं और प्रदेश के मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहती हूं कि उन्होंने हमारे लिए इस तरह के आयोजन की शुरूआत की।

14 समाजों को मुख्यमंत्री के हाथों मिली सामाजिक भवनों के लिए भूमि

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जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के प्रमुख रस्मों में एक मुरिया दरबार में शामिल होने जगदलपुर पहुँचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 14 विभिन्न समाजों को सामाजिक भवनों के निर्माण के लिए भूमि की सौगात दी। टॉउन क्लब मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बढ़ाई समाज, कायस्थ समाज, घसिया समाज, नाई समाज, कलार समाज, यादव समाज,  विश्वकर्मा समाज, राजपूत क्षत्रिय समाज, सुंडी समाज, उरांव(कुडुख) समाज, साहू समाज, मुंडा समाज पोटानार व सौतनार और भतरा समाज के सामाजिक भवनों के निर्माण के लिए पट्टा प्रदान किया। 



मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को भवनों के मालिकाना हक, पट्टा मिलने से सामाजिक कार्यों सहित अपने समाज के उन्नति और विकास में भवनों का उपयोग करेंगे। उन्होंने पट्टा वितरण के लिए समाज के साथ-साथ जिला प्रशासन के राजस्व विभाग को बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बस्तर  जिले के 437 ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक सुविधाओं के लिए ग्रामीण सचिवालय का शुभारंभ किया। साथ ही टी बी मुक्त्त बस्तर अभियान के लिए निःक्षय बस्तर का शुभारंभ किए। इसके अलावा स्कूलों की मॉनिटरिंग के लिए विद्या जतन एप्प का लॉच किये। मुख्यमंत्री के समक्ष जिले के 108 ग्रामों में फ्री वाई फाई सेवा के लिए जिला प्रशासन और बी एस एन एल के मध्य  एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया।

इस अवसर पर उद्योग व जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल,उपाध्यक्ष संतराम नेताम, विक्रम मंडावी, संसदीय सचिव रेखचन्द जैन, हस्त शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम,चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, महापौर श्रीमती सफीरा साह,  नगर निगम सभापति श्रीमती कविता साह, कमिश्नर श्याम धावड़े, आई जी सुंदर राज पी., कलेक्टर चंदन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि,विभिन्न समाजों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

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