Media24Media.com: छत्तीसगढ़ में बढ़ रहे किसानों के आत्महत्या के मामले

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छत्तीसगढ़ में फिर एक किसान ने की आत्महत्या, यह बनी खुदकुशी की वजह

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छत्तीसगढ़ में किसानों के आत्महत्या (Farmers' suicide in Chhattisgarh) करने की खबरें लगातार सामने आ रही है। कई किसान कर्ज के तनाव में अपनी जान दे रहे हैं तो कई फसल खराब होने के कारण मौत को गले लगा रहे हैं। ताजा मामला सरगुजा जिले का है, जहां खेती करने के लिए लोन में लिए ट्रैक्टर की किस्त नहीं चुका पाने के कारण एक किसान ने जहर खाकर खुदकुशी (Farmer committed suicide in Surguja) कर ली। किसान के जहर खाने के बाद उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।





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बता दें कि छत्तीसगढ़ में 1 दिसंबर से धान खरीदी शुरू हुई है, तब से अब तक व्यवस्था से परेशान 2 किसानों की मौत हो चुकी है। जबकि इस बार सरगुजा में ट्रैक्टर लेने के बाद उसकी किस्त और ब्याज नहीं चुका पाने से परेशान किसान ने आत्महत्या की है।





इलाज के दौरान हुई किसान की मौत





जहर खाने के बाद किसान को गंभीर हालत में इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान 14 और 15 दिसंबर के बीच की रात उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। वहीं पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।





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अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल इलाज के दौरान हुई मौत





पुलिस के मुताबिक सरगुजा जिले के धौरपुर क्षेत्र के बबोली गांव में रहने वाले 45 वर्षीय किसान डसन राम खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। वहीं 12 दिसंबर की रात परिवार के बाकी सदस्यों के साथ खाना खाने के बाद सोने चले गए। इसी बीच डसन राम ने जहर खा कर आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन उनके परिजनों को डसन राम के जहर खाने के बारे में पता चल गया, जिसके बाद परिजन किसान डसन को लेकर धौरपुर अस्पताल गए, लेकिन डसन की हालत गंभीर होने की वजह से उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।





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पिता की मौत के बारे में मृतक के बेटे ने बताया कि डसन राम ने दो साल पहले कृषि काम के लिए एक ट्रैक्टर फाइनेंस कराया था। फाइनेंस में लिए गए ट्रैक्टर की छमाही किस्त 83 हजार 150 रुपए निर्धारित की गई थी। किसान हर 6 महीने में नियमित किस्त चुका रहा था, लेकिन इसके बाद उसकी किस्त टूट गई। टूटी हुई किस्त के ब्याज की बढ़ोतरी की वजह से किसान डिप्रेशन में चला गया था, जिसकी वजह से वो शराब का सेवन भी ज्यादा करने लगा था। वहीं आखिरकार उसने जहर खाकर मौत को गले लगा लिया।





मृतक के बेटे ने दी जानकारी





मृतक के बेटे ने बताया कि फाइनेंस के ट्रैक्टर की महज 2 किस्त ही बची थी। इसी बीच परिवार की आर्थिक हालत बिगड़ गई और लगभग पौने दो लाख की किस्त में से भी उसने जैसे-तैसे 50 हजार रुपए जमा कराए थे, लेकिन फिर इन्स्टॉलमेंट का भुगतान नहीं हो पाया और ब्याज की राशि बढ़ती चली गई। ब्याज की राशि बढ़ने से किसान पर दबाव बढ़ा, जिससे वो तनाव में रहने लगा और 12 दिसंबर की रात उसने जहर खा लिया।





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सरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा ने बताया कि उन्होंने मृतक के बेटे का बयान देखा है। उसने जो बयान दिया है उसमें कुछ बातें निकलकर सामने आई हैं। जिसकी जांच के लिए एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद ही मामला साफ हो पाएगा।


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