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मंत्रि-मंडलीय उप समिति की बैठक : धान खरीदी के साथ ही धान के उठाव में तेजी लाने दिए निर्देश, अब तक 63.14 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी खरीदी

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रायपुर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल बघेल की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ विधानसभा स्थित मुख्य समिति कक्ष में मंत्री मंडलीय उप समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में धान खरीदी व्यवस्था सहित कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव, किसानों के लिए पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था, टोकन की स्थिति सहित विभिन्न किसान हित से जुड़े मुद्दे की समीक्षा की गई। बैठक में धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही किसानों को विक्रय में सहुलियत प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में मंत्री-मंडलीय उप समिति के सदस्य कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा 20 सूत्रीय कार्यान्वयन मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा शामिल हुए।

खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान खरीदने के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा की गई। बैठक में धान खरीदी सुव्यस्थित हो तथा किसानों को सरलता के साथ बारदाना उपलब्ध हो इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में धान उठाव और कस्टम मिलिंग, केन्द्रीय पूल और छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा कराने तथा परिवहन के संबंध में भी विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। वर्तमान में राज्य में 2058 सहकारी समितियां तथा 2739 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से आगामी खरीफ विपणन वर्ष में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमान लगाया गया है।

बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 14 नवम्बर 2024 से शुरू हुए धान खरीदी महाअभियान के तहत अब तक 63.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में राज्य 13.19 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 14058 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव जारी है। धान के उठाव में तेजी लाने के प्रदेश के सभी कलेक्टरों को निर्देशित किए गए हैं। अब तक कुल धान खरीदी का 50 प्रतिशत से अधिक धान के उठाव के लिए डिओ और टीओ जारी कर दिया गया है। जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा अब तक लगभग 10 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।

बैठक में खाद्य विभाग के सचिव अन्बलगन पी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती रेणु जी पिल्ले, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, सहकारिता विभाग के आयुक्त कुलदीप शर्मा, खाद्य विभाग के संचालक जितेन्द्र कुमार शुक्ला, कृषि विभाग के संचालक डॉ. सरांश मित्तल, मार्कफेड के प्रबंध संचालक रमेश शर्मा, अपेक्स बैंक के ओएसडी अविनाश कुमार श्रीवास्तव, खाद्य विभाग के संयुक्त सचिव जी.एस. सीकरवार सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शासकीय और आवासीय भूमि पर निर्मित संपत्तियों के फ्री-होल्ड की प्रक्रिया यथावत

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रायपुर। छत्तीसगढ गृह निर्माण मंडल की ऐसी भूमि जो आवासीय मद में दर्ज है, या आबंटित शासकीय भूमि के अंतर्गत आबंटित भवनों, भूखण्डों के फ्री-होल्ड की प्रक्रिया यथावत जारी है। हितग्राही को फ्री-होल्ड हेतु आवेदन मण्डल के नजदीकी संपदा कार्यालयों में कर सकते है। मंडल की ऐसी भूमि जो वर्तमान में कृषि प्रयोजनार्थ के रूप में अंकित है, उनमें डायवर्सन के बाद ही फ्री-होल्ड किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में कुछ प्रकरणों में राजस्व अभिलेख में धारणाधिकार आवासीय के स्थान पर कृषि प्रदर्शित हो रही है। भविष्य में हितग्राहियों को फ्री-होल्ड पश्चात भूमि के व्यपवर्तन हेतु कठिनाई का सामना न करना पड़े इस हेतु मण्डल द्वारा ऐसे प्रकरणों के निराकरण के लिए राजस्व विभाग से समन्वयन कर भूमि के व्यपवर्तन एंव धारणाधिकार में पहले परिवर्तन किये जाने हेतु आयुक्त, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल कुन्दन कुमार द्वारा निर्देश दिये गये हैं एवं निर्णय लिया गया है कि, कृषि प्रयोजन अंकित भूमि का डायवर्सन पश्चात ही फ्री-होल्ड किया जावें।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि, ऐसी भूमि जो आवासीय मद में दर्ज है, वहाँ फ्री-होल्ड की प्रक्रिया यथावत जारी रहेगी। जो भूमि कृषि प्रयोजनार्थ अंकित है, उन भूमियों की फ्री-होल्ड प्रक्रिया डायवर्सन पश्चात ही की जावेगी, ताकि हितग्राहियों को असुविधा ना हो। डायवर्सन की कार्यवाही त्वरित करने हेतु भी हाऊसिंग बोर्ड द्वारा प्रयास किया जा रहा है। मण्डल को आबंटित शासकीय भूमि के अंतर्गत आबंटित भवनों, भूखण्डों के फ्री-होल्ड में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आ रही है। हितग्राही बिना किसी हिचक के फ्री-होल्ड हेतु आवेदन मण्डल के नजदीकी संपदा कार्यालयों में कर सकते हैं।

उच्च न्यायालय तथा राज्य के सभी जिला न्यायालयों के लिए आनलाईन आर.टी.आई वेब पोर्टल का शुभारंभ

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रायपुर। पारदर्शिता व नागरिकों तथा वादकारियों को सुविधा प्रदान करने व सशक्त बनाने की दिशा में एक नए अध्याय की शुरूवात करते हुए छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने आज गुरूवार 05 सितम्बर 2024 को उच्च न्यायालय तथा राज्य के समस्त जिला न्यायालयों के लिए ‘आनलाईन आर.टी.आई वेब पोर्टल’ का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से सूचना के अधिकार के तहत् आवेदनों को प्रस्तुत किया जा सकता है और उन्हें रियल टाईम ट्रैक किया जा सकता है और इसके माध्यम से सूचना के अधिकार के तहत् लगने वाले शुल्क का भुगतान भी किया जा सकता है। इस आर.टी.आई. वेबपोर्टल के माध्यम से दुनिया के किसी भी स्थान से सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया जा सकेगा।

इस वेब पोर्टल के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने व्यवत किया कि यह आनलाईन पोर्टल पारदर्शिता, जवाबदेही व नागरिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्य न्यायाधिपति ने यह भी व्यवत किया कि इस वेबपोर्टल का उद्देश्य है कि नागरिकों को सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी व सुलभ बनाना है। यह वेबपोर्टल एक केन्द्रीय प्लेटफार्म की तरह कार्य करेगा जहां नागरिक सूचना के अधिकार के तहत् आवेदन को प्रस्तुत कर सकेंगे और उसके प्रगति को ट्रैक कर सकेंगे और सूचना प्रदान करने वाले अधिकारी की प्रतिक्रियाओं को तत्काल जान सकेंगे और यदि असंतुष्ट हैं तो अपील कर सकेंगे।

मुख्य न्यायाधिपति ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह वेब पोर्टल नागरिकों को सूचना प्रदाता अधिकारियों से सूचना प्राप्त करने के संबंध में आमूलचूल परिवर्तन लाने वाला होगा और यह नागरिकों को सूचना प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाएगा और लोक प्राधिकारियों को और अधिक जवाबदेह बनाते हुए एक पारदर्शी व उत्तरदायी प्रशासन को सुनिश्चित करेगा।

मुख्य न्यायाधिपति द्वारा न्यायालयीन कर्मचारियों को उचित कार्य वातावरण प्रदान करने तथा उन्हें सुविधाएं प्रदान करने व उनके कल्याण के लिए किए जाने वाले कार्यों की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक कड़ी जोड़ते हुए एक साथ 300 से अधिक न्यायिक कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया जिसमें जिला न्यायालयों में पदस्थ 11 डिप्टी क्लर्क आफ कोर्ट को प्रशासनिक अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया गया और 2008 से बहुप्रतीक्षित स्टेनोग्राफरों की पदोन्नती हुई जिसमें 168 स्टेनोग्राफर को स्टेनोग्राफर वर्ग-1, 98 स्टेनोग्राफर को स्टेनोग्राफर वर्ग-2 तथा 23 स्टेनो टायपिस्ट को स्टेनोग्राफर के रूप में पदोन्नत किया गया।

बहुप्रतीक्षित कर्मचारियों की पदोन्नति किए जाने को मुख्य न्यायाधिपति द्वारा संवेदनशीलता के साथ लिया गया और एक साथ इतने कर्मचारियों को उनके जायज हक को प्रदान किया गया जिससे सभी कर्मचारियों में हर्ष व्याप्त है। यह पदोन्नति निश्चित तौर पर कर्मचारियों के मनोबल को बढाने वाला है और यह उन्हें पूरे मनोयोग से अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित वाला साबित होगा साथ-ही-साथ एक उचित कार्य वातावरण निर्मित होगा।

बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में आगे बढ़ेगा छत्तीसगढ़ : श्याम बिहारी जायसवाल

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रायपुर। छत्तीसगढ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज IIT भिलाई में आयोजित "हेल्थ इनोवेशन केयर इन छत्तीसगढ़" के दूसरे राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।  इस कॉन्फ्रेंस में IIT, IIM, AIIMS, NIT और मल्टी नेशनल कंपनी के पदाधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचल तक बेहतर मेडिकल सुविधा कैसे पहुंचे इस पर सकारात्मक चर्चा हुई। कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए सुझाव और तकनीक को लेकर चर्चा हुई जो आने वाले दिनों में राज्य के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे।

कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य एक ऐसा विषय है जो इंसान के साथ ताउम्र जुड़ा रहता है , लिहाजा एक बीमारी को ठीक करना हे स्वास्थ्य नहीं है बल्कि व्यक्ति बीमार ही न हो यह ज्यादा आवश्यक है। ऐसी स्थिति लाने की लिए युवा पीढ़ी को शादी से पहले जन्म कुंडली ही नहीं बल्कि जेनेटिक कुंडली भी मिला लेनी चाहिए ताकि सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारी पूरी तरह से खत्म हो जाए।

जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य के क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है और इसका लाभ भी दूरस्थ अंचल के लोगों को मिल रहा है। अंबिकापुर से उदयपुर तक ड्रोन चिकित्सा सेवा और रायपुर के मेकाहारा में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत नई तकनीक का ही उदाहरण है।

जायसवाल ने भारत की अग्रणी संस्थाओं से कहा कि वो स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए तकनीक की खोज करेगें जिसके लिए राज्य सरकार का हर संभव सहयोग रहेगा। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य कर रही है जिसमें रायपुर और बिलासपुर में 700 बेड के अस्पताल तथा बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण की घोषणा शामिल हैं।

कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ धीरेंद्र तिवारी,  IIT भिलाई के निदेशक प्रो.डॉ. राजीव प्रकाश , AIIMS रायपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल , NIT रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमन्ना राव सहित  IIM रायपुर और स्टैनफोर्ड बायर्स सेंटर फॉर बायोडिजाइन के पदाधिकारी और IIT भिलाई के रिसर्च स्कॉलर्स उपस्थित थे।

सशस्त्र सेना झण्डा दिवस 7 दिसम्बर को : सैनिकों के कल्याण के लिए दान की अपील

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रायपुर। सशस्त्र सेना झंडा दिवस प्रति वर्ष भारतीय सेना की बहादुरी, त्याग व समर्पण के सम्मान में एवं वीर शहीदों की स्मृति में हमारे देश में 07 दिसम्बर को हर्ष के साथ मनाया जाता हैं। इस परिप्रेक्ष्य में सचिव, राज्य सैनिक बोर्ड एवं संचालक सैनिक कल्याण, ब्रिगेडियर विवेक शर्मा, व्ही. एस. एम (से.नि), द्वारा छत्तीसगढ के सभी नागरिक से अपील की गई है कि शहीद सैनिकों की विधवाओं, भूतपूर्व सैनिकों एवं सेना में सेवारत् सैनिकों और उनके आश्रितों के पुनर्वास तथा कल्याणकारी योजनाओं के लिये अधिक से अधिक दान देकर इस पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता प्रदान करें।

गौरतलब है कि सशस्त्र सेना झण्डा दिवस समस्त नागरिकों के लिये अपनी सेना में विषम एवं दुर्गम इलाकों में सेवारत् सैनिकों, वीर शहीदों के परिवार व भूतपूर्व सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट करने का उत्तम अवसर है, जिसमें सभी नागरिक दिल खोलकर सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में बढ़ चढ़कर योगदान दे सकते हैं। झंडा दिवस की यह राशि घायल सैनिकों के पुनर्वास, शहीद सैनिकों के परिवार को आर्थिक सहायता एवं भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों हेतु कल्याणकारी योजनाओं एवं पुनर्वास में उपयोग की जाती है।

विदित हो कि दान की गई समस्त राशि, आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 के अंतर्गत आयकर से मुक्त होगी। उपरोक्त दान राशि, ‘सचिव, छत्तीसगढ़ के पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए समामेलित विशेष निधि’’ ए/सी नंबर- 20246292607 IFSC Code&IDIB000R518 के नाम पर भेजी जा सकती है। इसके अलावा समीप के सैनिक कल्याण कार्यालय से सम्पर्क कर चेक/आरटीजीएस/ड्रॉफ्ट के माध्यम या बारकोड के व्दारा दिया जा सकता हैं।

माँ के आदर्शों पर चलकर छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास के लिए कर रहा हूं निरंतर कार्य : मुख्यमंत्री बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी माता स्वर्गीय श्रीमती बिंदेश्वरी देवी हमेशा कहा करती थी कि गांव, गरीब एवं किसानों के उन्नति से ही छत्तीसगढ़ एवं देश की उन्नति होगी। बघेल ने कहा कि माँ के आदर्शों को आत्मसात् कर वे छत्तीसगढ के चहुंमुखी विकास एवं समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम भरदा टटेंगा में आयोजित माता बिंदेश्वरी देवी बघेल पार्क के लोकार्पण एवं प्रतिमा के अनावरण समारोह के अवसर पर अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे।

बघेल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अनेक जन कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के फलस्वरूप आज छत्तीसगढ़ पूरे देश में एक आत्मनिर्भर एवं खुशहाल राज्य के रूप में उभरा है। बघेल ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को पवित्र सावन माह के पहले सोमवार के अवसर पर बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने ग्राम भरदा टटेंगा में नव निर्मित माता बिंदेश्वरी बघेल पार्क के समीप खरखरा नदी में पचरी निर्माण, बोटिंग व्यवस्था एवं सौंदर्यीकरण तथा बिंदेश्वरी बघेल पार्क में सामुदायिक हॉल के निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपये, भरदा पुल से मुख्य मार्ग जेवरतला तक 3.50 किलोमीटर सड़क निर्माण हेतु 65 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। 

इसी तरह उन्होंने ग्राम भरदा में कैलाश धाम से मुक्ति धाम मार्ग के सीमेंटीकरण तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला टटेंगा के उन्नयन करने की भी घोषणा की। उल्लेखनीय है कि ग्राम भरदा टटेंगा के ग्रामीणों द्वारा राज्य में लागू की गई किसान हितैषी एवं जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री बघेल के प्रति आभार व्यक्त करने हेतु राशि एकत्र कर माता बिंदेश्वरी बघेल पार्क एवं मूर्ति का निर्माण कराया गया है। मुख्यमंत्री बघेल ने ग्राम भरदा टटेंगा के ग्रामीणों को उनकी माता स्वर्गीय श्रीमती बिंदेश्वरी देवी के नाम से पार्क एवं प्रतिमा निर्माण करने के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। 

उन्होंने ग्राम भरदा टटेंगा में बिंदेश्वरी पार्क एवं प्रतिमा की स्थापना के लिए ग्राम वासियों के साथ-साथ जनपद सदस्य राजेश साहू के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए उन्हें हृदय से धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, संसदीय सचिव एवं क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह निषाद, संजारी बालोद की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मिथलेश निरोटी, जनपद अध्यक्ष जागृत सोनकर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चंद्रप्रभा सुधाकर एवं श्रीमती मीना सत्येंद्र साहू, नगर पालिका बालोद के अध्यक्ष विकास चोपड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पिछले साढ़े चार वर्षों से समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो वर्षों के कोरोना काल के विभीषिका के दौरान भी राज्य में विकास की गति बाधित नहीं हुई। हमारी सरकार ने अन्नदाता किसानों का सम्मान करते हुए सत्ता की बागडोर संभालने के तुरंत बाद प्रति क्विंटल 2500 रुपये में धान खरीदी करने का साहसिक निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में समर्थन मूल्य की दर बढ़ने के साथ-साथ धान खरीदी की दर में भी स्वभाविक रूप से बढ़ोतरी हो जाएगी।

बघेल ने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक भाषा अंग्रेजी की महत्ता एवं उपयोगिता को देखते हुए तथा सभी वर्गों के बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने हेतु हमारी सरकार द्वारा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना की गई है। इसके अलावा वनोपज संग्रहण के कार्य में लगे लोगों को आत्मनिर्भर बनाने एवं उन्हें उनके मेहनत का वाजिब दाम दिलाने हेतु राज्य में 65 प्रकार के लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। इसके साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा ग्रामीणों एवं स्वसहायता समूह की महिलाओं के लिए गांव में ही रोजगार की व्यवस्था कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु राज्य में महत्वाकांक्षी नरवा, गरवा, घुरूवा एवं बाड़ी योजना लागू की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य में इस योजना का क्रांतिकारी परिणाम देखने को मिल रहा है। इसके अलावा राज्य में राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना लागू कर इस योजना से लाभान्वित लोगों को प्रतिवर्ष 07 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों को उत्पादन का केंद्र बनाने हेतु धान, फल-फूल एवं शाक-सब्जियों के उत्पादन के साथ-साथ गांवों में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क की स्थापना की गई है। महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क में आधुनिक व्यापार-व्यवसाय की शुरूआत हेतु बिजली, पानी, सड़क आदि जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य के शिक्षित बेरोजगारों को मदद करने हेतु बेरोजगारी भत्ता योजना लागू की गई है।

उन्होंने कहा कि मात्र 03 महीने के अल्प अवधि में ही बेरोजगारी भत्ता योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के खाते में 80 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित कर दी गई है। बघेल ने कहा कि राज्य के नवयुवकों को शासकीय सेवा में नियुक्ति का अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने हेतु विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। बघेल ने कलेक्टर कुलदीप शर्मा की सराहना की। कार्यक्रम स्थल में पहुंचने के बाद सर्वप्रथम मुख्यमंत्री बघेल ने ग्राम भरदा टटेंगा में कार्यक्रम स्थल के समीप स्थित शिव मंदिर में पहुंचकर भगवान शंकर की पूजा-अर्चना कर प्रदेश वासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर संसदीय सचिव एवं क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह निषाद ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अंचल में हुए विभिन्न विकास कार्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा बहुत ही सहृदयता से अंचल के लगभग सभी मांगों को पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि बघेल के पिछले 04 वर्षों के सफल कार्यकाल के दौरान ग्राम जेवरतला में शासकीय महाविद्यालय के सौगात के साथ-साथ मार्री-बंगला-देवरी में नये तहसील का निर्माण ग्राम पिनकापार में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क की स्थापना आदि विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी गई है। इस अवसर पर निषाद ने अंचल की प्रमुख मांगों की ओर मुख्यमंत्री बघेल का ध्यान आकृष्ट कराया। 

कार्यक्रम का स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए डौण्डीलोहारा के जनपद अध्यक्ष जागृत सोनकर ने राज्य सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों के कल्याण हेतु राज्य में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उनकी माता स्वर्गीय श्रीमती बिंदेश्वरी देवी का स्केच भी भेंट किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं अतिथियों के द्वारा नवनिर्मित पार्क में पौधारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव, वनमण्डलाधिकारी आयुष जैन, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. रेणुका श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

दूसरा विवाह हमेशा अवैध और शून्य होता है- डॉ. किरणमयी नायक

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उत्तर बस्तर कांकेर। छत्तीसगढ राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य बालो बघेल ने आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर जन सुनवाई की। छत्तीसगढ़ महिला आयोग के अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज प्रदेश स्तर की 182 वी सुनवाई हुई कांकेर जिले में आयोजित जन सुनवाई में 17 प्रकरणों पर सुनवाई की गई। आज सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका अनावेदक की बहु है, आवेदिका के पति का मृत्यु 2021 में हुई थी आवेदिका अपने मायके में रह रही है,

जिसकी एक बेटी है। आवेदिका की मांग है कि अनावेदकगण के घर में जो समान है वह उसे दिलाया जाए, जिसने अलमारी, टेबल दियान, टी.पी. जैसे सामान है। अनावेदक पक्ष का कथन है कि सारा सामान अनावेदिका पक्ष के आमदानी से खरीदा गया है, जो उसके मायके का सामान हैं, उसे देने को तैयार है। आवेदिका अपने मृत पति का 10 लाख चेक की बात कर रही है जो अनावेदक इंकार कर रहा है। आवेदिका के घरेलू सामग्री को दिलाने के लिए आयोग की ओर से श्रीमती तुलसी मानिकपुरी को नियुक्त किया गया है,

वह खांजूर धाना से किसी पुलिस आरक्षक को लेकर अनावेदक के घर से आवेदिका को दिलाये और सूची तैयार कर सामग्री प्रदाय करावे तथा प्रदायित सामग्री को राज्य महिला आयोग को प्रेषित करने निर्देश दिया गया, पश्चात प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाने के निर्देष दिये। अन्य प्रकरण में उभयपक्ष उपस्थित दोनों की काउसलिंग किया गया न तो अनावेदक पक्ष आवेदिका को रखने को तैयार है और न ही भरण पोषण देने को तैयार है, अनावेदक द्वारा माह में एक हजार कमाने की बात कही, पूरे प्रकरण को विस्तार से सुनने पर यह प्रकरण आवेदिका के साथ प्रताड़ना से है। आवेदिका संबंधित थाना में एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार रखती है, प्रकरण को आयोग ने नस्तीबद्ध किया। अन्य प्रकरण उभ पक्ष उपस्थित आवेदिका ने बताया की अनावेदक के विरुद्ध 488 ममला का प्रकरण दर्ज कराया गया है। लेकिन न्यायालय में प्रकरण किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा है,

दोनों पक्षों ने अपने सुलह हेतु समय चाहा गया है, दोनो पक्षो को सुलह वार्ता हेतु अधिवक्ता एवं संरक्षण अधिकारी को भेजा गया है। प्रकरण थोडी देर बाद रखा जाए उभयपक्ष ने अनुरोध किया कि महिला आयोग में सलहवार्ता की कोशिश दोनों पक्षों के द्वारा की जाएगी, जुलाई माह में प्रकरण रायपुर में सुनवाई हेतु रखी जावेगी। अन्य प्रकरण उभयपक्ष उपस्थित आवेदिका ने बताया की उसकी पति आरक्षक एसटीएफ में पदस्थ है इन दोनों का बेटा उम्र 04 वर्ष है अनावेदक ने शासकीय सर्विस बुक में अपनी पत्नी का नाम दर्ज कराया है, किन्तु अपने बेटे का नाम दर्ज नहीं कराया है। दोनों पक्षों का वैधानिक तलाक नहीं हुआ है और दोनो वैधानिक रूप से पति पत्नी है। अनावेदक दुसरा विवाह किया है जो अवैध एवं शून्य विवाह किया है।

अनावेदक एसटीएफ जंगलवार में पदस्थ है और उसे बताया गया है कि सिविल सेवा आचरण के तहत कार्यवाही प्रस्तावित किया जा सकता है। उभय पक्ष को समझाइश देने पर अनावेदक अपने पत्नी को उसके बैंक खाते में अपनी वेतन से 10- हजार प्रतिमाह देने को सहमत है। आज की सुनवाई की प्रति पुलिस अधीक्षक दुर्ग एसटीएफ कार्यालय बघेरा जिला दुर्ग को पत्र प्रेषित किया जाएगा ताकि आवेदिका के बैंक खाता में अनावेदक की वेतन से 10 हजार रुपये प्रतिमाह नियमित रूप से मिलता रहेगा। अनावेदिका को समझाइश दिया गया है आवेदिका एवं उसके पति की वैवाहिक जीवन में दखलंदाजी न करें। अन्य प्रकरण उभयपक्ष उपस्थित आवेदिका ने बताया की अनावेदक बैगा का काम करता है, आवेदिका को पूजा पाठ के नाम से 80 हजार रु ठग चुका है और अश्लील हरकत भी करता था।

इस पर आवेदिका ने नरहरपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराया है, उस एफ आई आर के बाद जमानत में छूटने पर फिर से डरा धमका रहा है और फोन पर मेसेज भेज रहा है तथा जान से मरवाने की धमकी भी दे रहा है। इस पूरे प्रकरण को सुनवाई में उपस्थित ए. एस.पी. को उचित कार्यवाही हेतु सौंपा गया है उनके जाँच उपरांत अंतिम निर्णय लिया जावेगा। आवेदिका को समझाइश दिया गया है कि वह ए.एस.पी. के पास फिर से जांच करा सकती है और जमानत भी जब्त करा सकती है। आवेदिका को नोटशीट की नि शुल्क प्रति आवेदिका को प्रदाय की जावेगी। अन्य प्रकरण उभयपक्ष उपस्थित दोनो पक्ष को सुना गया। अनावेदक सुरडोगर स्कूल केशकाल में शिक्षक के पद पर कार्यरत है तथा वेतन 31 हजार रूपये है। आवेदिका अनावेदक के साथ घर में ही रहती है फिर भी एक दूसरे साथ में बातचीत नहीं करते है,

दोनो अलग-अलग रूम में रहते है।  थाना में काउंसलिंग किया गया है आवेदिका पत्नि हक पाना चाहती है, आवेदिका चूंकि इस प्रकरण में महिला प्रकोष्ठ कांकेर के द्वारा नियमित रूप से काउसलिंग किया जा रहा है। प्रकरण का अंतिम रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात् कार्यवाही किया जावेगा। अन्य प्रकरण 4 प्रकरणों को आयोग ने नस्तीबद्ध किया तथा एक प्रकरण को रायपुर ट्रांसफर किया गया है। सुनवाई में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के सदस्य बालो बघेल, जिला पंचायत सदस्य नरोत्तम पडोटी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाष ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर जीएस नाग सहित कार्यक्रम अधिकारी हरिकीर्तन राठौर सहित महिला बाल विकास के कर्मचारी उपस्थित थे।


खाद्य एवं औषधी विभाग की बड़ी कार्रवाई, शारदा मेडिकल स्टोर सिमगा से 2 करोड़ रूपये के नकली दवाइयां जब्त

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बलौदाबाजार। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ की सूचनाओं एवं कलेक्टर रजत बंसल के निर्देश पर जिले के खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग ने आयुर्वेदिक दवाई के नाम पर एलोपैथिक दवाईयों का मिश्रण कर बेचे जा रहे अवैध व्यापार का भांडाफोड़ किया है।


इसके तहत नगर पंचायत सिमगा में स्थित शारदा मेडिकल स्टोर्स एवं उसके संचालक गिरधारी देवांगन के निवास स्थान में छापा मारकर 37 बोरी सहित 13 कार्टून नकली दवाइयों का खेप जब्त किया गया है। जिसकी बाजार मूल्य लगभग 2 करोड़ रूपये आकी गई है। उक्त कार्रवाई औषधि एवं सौन्दर्य प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 नियम 1945 की धारा 18 (सी) 18 (ंए) के तहत की गई है। निरीक्षण के दौरान ही जब्त की गई औषधियों को औषधि प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया, जिसमें त्वरित रिपोर्ट प्रेषित कर आयुर्वेदिक औषधियों में एलोपैथिक औषधियो की पुष्टि की गई।

जिसके तहत आयुर्वेदिक औषधियों के नाम पर उसमें एलोपैथिक औषधियों के कन्टेन जैसे- डायक्लोफेनिक, एसायक्लोेफेनिक मिश्रण मिलाने की पुष्टि की गई है। जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद ही हानिकारक है। उक्त कार्रवाई की न्यायिक प्रकरण तैयार कर न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही औषधि विभाग के द्वारा अपील जारी की गई है.की कोई भी व्यक्ति आयुर्वेदिक दवाइयां का सेवन बिना आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह के बिना न करे। एवं संदिग्ध होने पर विभाग को अवश्य सूचित करें। उक्त निरीक्षण में औषधि विभाग से रामबृजेश प्रजापति,किशोर ठाकुर, श्रीमति नीलिमा साहू, परमांनद वर्मा औषधि निरीक्षक एवं श्रीमति रुखमणि कंवर,राजेश सोनी सह निरीक्षक उपस्थित थे।

बिहान योजना से जुड़कर दीदियों के सपनों को मिले पंख

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बिलासपुर। बिहान ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत महिलाओं एवं युवतियों को स्वयं सहायता समूह के रूप में गठित कर एवं उन्हें प्रेरित कर स्व रोजगार से जोड़े जाने की महत्वकांक्षी योजना है। आज छत्तीसगढ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की महिलाएं समूह से जुड़कर सफलता की नयी कहानियां लिख रही है तथा अपने सपने को पंख दे कर नयी उड़ान के लिए तैयार है। तीनों स्तर की पंचायतों एवं बिहान टीम की सहायता से इन महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है।



विकासखंड बिल्हा के ग्राम पंचायत रहंगी में चांदनी महिला स्वयं सहायता समूह का गठन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत किया गया। इस समूह में कुल 11 सदस्य है। इस योजना से जुड़कर समूह की महिलाओं को 2 लाख से अधिक की आमदनी हो चुकी है। इन दीदियों का परिवार व्यक्तिगत रूप से कृषि एवं गैर कृषि कार्य में संलग्न हैं एवं यह इनके परिवार की आय का एक प्रमुख स्त्रोत भी है। योजना से जुड़ने के बाद इन्हें अतिरिक्त आय का साधन मिल गया है। समाज में भी उनका मान अब बढ़ गया है। 

बिहान योजना के तहत समूह को मिलने वाले वित्तीय सहायता एवं लाभ ने इस समूह की दीदियों को अधिक प्रभावित किया और सभी दीदियों ने मिलकर एक स्वयं सहायता समूह का गठन करने एवं इसके माध्यम से मिलने वाले वित्तीय सहायता एवं लाभ लेकर आर्थिक रूप से अपने परिवार को मजबूत बनाने का निर्णय लिया। समूह की अध्यक्ष श्रीमती अंजली श्रीवास एवं सचिव श्रीमती मीना ध्रुव है। बिहान योजना से जुडने बाद समूह की सभी दीदियों को बिहान योजना के तहत 15 हजार रूपये मिले। इसके एक वर्ष के बाद समूह को सामूदायिक निवेश कोष की राशि 60 हजार प्राप्त हुए। इस राशि का उपयोग करते हुए समूह की दो दीदियों ने अपने परिवार की आय बढ़ाने के उद्देश्य से किराना दुकान और बाड़ी विकास का कार्य प्रारंभ किया। समूह ने ग्राम में ही बने तालाब में सामुहिक रूप से मछली पालन करने की योजना बनाई एवं इस हेतु आवेदन दिया।

इसके अलावा समूह की दीदियां ने अपने आय के साधन बढाने के लिए विकासखंड परियोजना प्रबंधन इकाई की टीम की मदद से लोन हेतु आवेदन बैंक में प्रस्तुत किया। जिससे समूह को लोन के रूप में बैंक से 50 हजार रूपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। इस राशि में से 17 हजार रूपये की राशि का उपयोग करते हुए समूह ने मछली पालन का कार्य प्रारंभ किया। समूह की दीदियों को मछली पालन का कार्य करते हुए तीन वर्ष से अधिक हो चुका है दीदीयों को इस कार्य से अच्छी आमदनी भी प्राप्त हो रही है। इस कार्य से समूह को अब तक 2 लाख 9 हजार रू आय प्राप्त हुई है। जिससे सभी समूह की दीदियां काफी उत्साहित है। चांदनी महिला स्वयं सहायता समूह की सभी दीदियों ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना से जुड़कर गांव की अन्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने हेतु प्रेरणा दे रही है।

फ़ासीवाद के खिलाफ सांस्कृतिक मार्च से आगाज़ होगा जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय सम्मेलन

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रायपुर. लेखक-संस्कृतिकर्मियों के सबसे महत्वपूर्ण संगठन जन संस्कृति मंच का 16 वां राष्ट्रीय सम्मेलन 8--9 अक्टूबर को रायपुर में पंजाब केसरी भवन में आयोजित हो रहा है. दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 500 से अधिक प्रतिनिधियों के अलावा जाने माने साहित्यकार, लेखक, संस्कृतिकर्मी भाग लेंगे. यह जानकारी जन संस्कृति मंच छत्तीसगढ के संयोजक सियाराम शर्मा ने एक विज्ञप्ति में दी.उन्होंने बताया कि जन संस्कृति मंच का यह सम्मेलन फ़ासीवाद के खिलाफ प्रतिराध, आजादी और लोकतंत्र की संस्कृति के लिए जैसे महत्वपूर्ण विषय पर केन्द्रित है. 



सम्मेलन में लेखक-संस्कृतिकर्मी फ़ासीवाद के खिलाफ सांस्कृतिक शक्तियों को एकजुट करने और सांस्कृतिक प्रतिरोध के रूपों पर गहनता से विचार विमर्श कर योजना व रणनीति बनाएंगे. उन्होंने बताया कि 8 अक्टूबर को सुबह ठीक आठ बजे सांस्कृतिक मार्च के साथ सम्मेलन प्रारंभ हो जाएगा. देशभर के लेखक, संस्कृतिकर्मियों और कलाकारों का यह मार्च बैरनबाजार स्थित आशीर्वाद भवन से प्रारम्भ होकर आंबेडकर चौक और फिर वहां से शंकर नगर स्थित भगत सिंह चौक तक जाएगा.इसके बाद सभी प्रतिनिधि जोरा स्थित पंजाब केसरी भवन पहुंचेंगे.

सम्मेलन के पहले दिन तीन तीन सत्र होंगे. दोपहर 12 बजे पहला सांगठनिक सत्र होगा. अपरान्ह चार बजे सम्मेलन का उद्घाटन होगा. सम्मेलन में उद्घाटन वक्तव्य प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता हिमांशु कुमार देंगे. मुख्य अतिथि के रूप में जाने माने कवि देवी प्रसाद मिश्र का वक्तव्य होगा. विशिष्ट अतिथि के बतौर जुझारू आदिवासी एक्टिविस्ट सोनी सोरी, प्रसिद्ध फिल्मकार मेघनाथ और ‘ मैं एक कारसेवक था ’ जैसी चर्चित पुस्तक के लेखक भंवर मेघवंशी और किसान आंदोलन में ट्राली टाइम्स अखबार निकालकर देश-विदेश में चर्चित हुईं युवा एक्टिविस्ट नवकिरन नट्ट सम्मेलन को सम्बोधित करेंगी.

इसी दिन शाम साढ़े छह बजे से सांस्कृतिक सत्र शुरू होगा जिसमें वसु गंधर्व और अजुल्का द्वारा हिंदी कविताओं की सांगीतिक प्रस्तुति दी जाएगी. इस सत्र में शशिकला और उनके साथी छत्तीसगढ़ी प्रतिनिधि गीतों की और निवेदिता शंकर सितार वादन की प्रस्तुति देंगी. पटना के कोरस नाट्य दल द्वारा रजिया सज्जाद जहीर की कहानी और मात्सी शरण के निर्देशन में नमक नाटक का मंचन किया जाएगा. इसी सत्र में झारखंड की सांस्कृतिक मंडली द्वारा नृत्य-गीत का कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा.

इसके अलावा विभिन्न राज्यों से आ रहे जन गायक-नीतिश राय, बाबुनी मजूमदार (पश्चिम बंगाल), अनिल अंशुमन, प्रमोद यादव, सिंहासन यादव, कृष्ण कुमार निर्माही, संतोष झा, राजू रंजन (बिहार) और बृजेश यादव (उत्तर प्रदेश) जनगीत और लोक गीत प्रस्तुत करेंगे. सम्मेलन के दूसरे दिन दोपहर 12 बजे फासीवाद के खिलाफ प्रतिरोध के रूप विषय पर वैचारिक सत्र होगा. इस सत्र में वरिष्ठ कवि लाल्टू, चर्चित उपन्यासकार रणेन्द्र, गुजराती लेखक भरत मेहता, नई पीढ़ी की सशक्त कवि रूपम मिश्र, पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक कार्यकर्ता दीपक मित्रा, तेलंगाना से के लेखक एनआर श्याम, 

उड़ीसा के राधाकांत सेठी अपनी बात रखेंगे. इस सत्र की अध्यक्षता प्रसिद्ध मार्क्सवादी चिंतक रामजी राय करेंगे. सम्मेलन के दूसरे दिन प्रतिनिधि राष्ट्रीय परिषद, कार्यकारिणी व पदाधिकारियों का चुनाव करेंगे. शाम को बिहार के बेगुसराय का नाट्य दल रंगनायक द लेफ्ट थियेटर की नाट्य प्रस्तुति अमृतसर आ गया है  के अलावा कविता पाठ और रायपुर के युवा साथियो के इंडियन रोलर बैंड का कार्यक्रम रखा गया है. सम्मेलन में चार प्रकाशकों-नवारूण, समकालीन जनमत, वैभव प्रकाशन, एकलव्य प्रकाशन व सेतु प्रकाशन द्वारा पुस्तक प्रदर्शनी लगायी जाएगी. कवि, लेखक एवं जन संस्कृति मंच के संस्थापक सदस्य अजय कुमार की चित्र प्रदर्शनी के संभावना कला मंच गाजीपुर व कोलकाता से आ रहे चर्चित युवा चित्रकार अनुपम राय अपनी कला चित्रों की प्रदर्शनी लगाएंगे.

इस मौके पर कुछ महत्वपूर्ण पुस्तकों और पत्रिकाओं का विमोचन भी होगा. सम्मेलन में भाग लेने के लिए लेखक-कलाकार छह अक्टूबर से आने लगेंगे. जसम के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र कुमार, रांची से वरिष्ठ लेखक रविभूषण, कथाकार शिवमूर्ति, आलोचक प्रणय कृष्ण, कवि बल्ली सिंह चीमा,  प्रख्यात रंगकर्मी जहूर आलम, उमा राग, शालिनी बाजपेयी, अनुपम सिंह, प्रीति प्रभा, बलभद्र, राजेश कमल, सुरेंद्र प्रसाद सुमन, दीपक सिन्हा, केके पांडेय मीना राय, समता राय, सोनी तिरिया सहित कई नामचीन लेखक-कवि-कलाकार शामिल हो रहे हैं.

आयोजन स्थल को लेखकों, कवियों, रंगकर्मियों की स्मृति में कलात्मक ढंग से सजाया जाएगा. मुक्तिबोध और प्रख्यात मजदूर नेता शंकर गुहा नियोगी की स्मृति में स्वागत द्वार बनाए जाएंगे. प्रख्यात रंगकर्मी हवीब तनवीर की स्मृति में सम्मेलन स्थल को हबीब तनवीर स्मृति परिसर, प्रसिद्ध कवि मंगलेश डबराल की स्मृति में सभागर का नाम मंगलेश डबराल सभागार, जन संस्कृति मंच के महासचिव रहे बृजबिहारी पांडेय व प्रसिद्ध रामनिहाल गुंजन की स्मृति में सभा मंच का नाम बृजबिहारी पांडेय-रामनिहाल गुंजन स्मृति मंच रखा गया है. पुस्तक प्रदर्शनी को प्रसिद्ध नारीवादी कार्यकर्ता व लेखिका कमला भसीन और चित्र-कला प्रदर्शनी को युवा चित्रकार राकेश दिवाकर की स्मृति में समर्पित किया गया है.

किसान, मजदूर और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर बीज निगम अध्यक्ष ने कलेक्टर, एसपी से की बात

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महासमुंद। छत्तीसगढ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष केबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त अग्नि चंद्राकर से बुधवार को यहां सर्किट हाउस में जिले के कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर और पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान किसान, मजदूर और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर चर्चा भी हुई। फेडरेशन में सालों से काम कर रहे श्रमिकों ने निगम अध्यक्ष चंद्राकर के माध्यम से अपनी चिंताएं और मांगें कलेक्टर और फेडरेशन के अधिकारियों के समक्ष रखी।


सर्किट हाउस में शीर्ष अधिकारियों ने अग्नि चंद्राकर से की सौजन्य मुलाकात

चंद्राकर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रमिकों का अहित नहीं होना चाहिए। वहीं कोडार जलाशय से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग को लेकर पहुंचे नांदगांव क्षेत्र के किसानों की बात प्रमुखता से रखी गई। बताया गया कि वर्षा की कमी की वजह से खेत सूखने लगे हैं, सिंचाई के लिए कोडार जलाशय से पानी छोड़ना अब जरूरी हो गया है, ताकि खेती कार्यों को गति मिल सके। निगम अध्यक्ष चंद्राकर ने नवागत पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल से चर्चा करते हुए आम जनता के बीच पुलिस की बेहतर छवि गढ़ने, नशीली वस्तुओं से संबंधित अवैध कारोबार पर अंकुश और आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रखने की बात कही।
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